Sanatan Panchang 22102026 Rashifal Samadhan

सनातन पंचांग — आज का मनोवैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक विचार

22 अक्टूबर 2026 | मानसिक स्वास्थ्य, आत्मकरुणा और मन की शांति

आज का संदेश: अपने मन की देखभाल करना कमजोरी नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, विवेक और जीवन के प्रति जिम्मेदारी का संकेत है। जिस प्रकार हम शरीर को आराम और भोजन देते हैं, उसी प्रकार मन को भी विश्राम, करुणा और सकारात्मक दिशा की आवश्यकता होती है।

आज का मनोवैज्ञानिक विचार — Mental Health & Inner Peace

प्रेरणा-स्रोत: डॉ. क्रिस्टिन डी. नेफ (Kristin D. Neff), अमेरिका की प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक शोधकर्ता एवं आत्मकरुणा (Self-Compassion) पर विशेषज्ञ।

“When life becomes difficult, treat yourself with the same kindness and understanding that you would offer to someone you love.”

हिंदी अनुवाद: “जब जीवन कठिन हो जाए, तो अपने साथ भी उतनी ही दयालुता और समझदारी से पेश आएँ, जितनी आप किसी प्रिय व्यक्ति के साथ रखते हैं।”

नोट: यह डॉ. नेफ के आत्मकरुणा संबंधी शोध से प्रेरित विचार है, उनका शब्दशः उद्धरण नहीं। उनके शोध में कठिन परिस्थितियों के दौरान स्वयं के प्रति दयालुता, सजगता और मानवीय अनुभवों की साझी प्रकृति को मानसिक कल्याण से जोड़ा गया है।

1. सरल हिंदी में अर्थ

जीवन में असफलता, आर्थिक चिंता, पारिवारिक तनाव या निराशा आने पर स्वयं को दोष देना और कठोर शब्द कहना हमारी परेशानी बढ़ा सकता है। इसके बजाय अपनी भावनाओं को समझना, गलतियों से सीखना और सुधार के लिए छोटे कदम उठाना अधिक उपयोगी है।

मानसिक स्वास्थ्य का अर्थ हमेशा प्रसन्न रहना नहीं है। इसका अर्थ है—दुख और तनाव के समय भी अपनी भावनाओं को समझने, सहायता लेने और जीवन की चुनौतियों का सामना करने का प्रयास करना।

2. प्राचीन भारतीय आध्यात्मिक संदर्भ

* भगवद्गीता — आत्मसंयम: अध्याय 6, श्लोक 5 में मनुष्य को अपने उत्थान का प्रयास करने और अपने मन को अपना मित्र बनाने का संदेश मिलता है।

* उपनिषदों की आत्मचिंतन परंपरा: स्वयं को समझना, विचारों का निरीक्षण करना और विवेक से निर्णय लेना आंतरिक विकास के महत्वपूर्ण मार्ग हैं।

* बौद्ध परंपरा की करुणा और सजगता: अपनी पीड़ा को बिना अनावश्यक आत्म-दोष के पहचानना और वर्तमान क्षण पर ध्यान देना मन को अधिक संतुलित रखने में सहायक हो सकता है।

* सनातन धर्म का व्यावहारिक संदेश: जैसे हम दूसरों के दुख में सहानुभूति रखते हैं, वैसे ही कठिन समय में अपने प्रति भी करुणा रखें।

आध्यात्मिक साधना और आधुनिक मनोविज्ञान का एक उपयोगी साझा संदेश है—अपने विचारों और भावनाओं को समझें, लेकिन हर विचार को अंतिम सत्य न मानें।

3. भारतीय जीवन से उदाहरण

मान लीजिए, कोई व्यक्ति अपने काम में असफल हो गया। वह बार-बार सोचता है, “मैं किसी काम का नहीं हूँ।”

ऐसी स्थिति में वह अपने विचार को इस तरह बदल सकता है:

“मुझसे गलती हुई है, लेकिन मैं अपनी गलती से सीख सकता हूँ। मुझे अपनी परिस्थिति सुधारने के लिए अगला सही कदम उठाना है।”

इसी प्रकार, परिवार की जिम्मेदारियों से थका हुआ व्यक्ति कुछ समय शांत बैठकर श्वास पर ध्यान दे सकता है, किसी विश्वसनीय व्यक्ति से अपनी परेशानी साझा कर सकता है और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सहायता ले सकता है।

अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन भी तनाव से निपटने के लिए सजगता, सामाजिक सहयोग और स्वस्थ आदतों को उपयोगी उपायों में शामिल करती है।

4. आज का उत्तम विचार (Aaj Ka Uttam Quote)

### “मन को हर समय मजबूत दिखाने की आवश्यकता नहीं; कभी-कभी स्वयं को समझना, विश्राम देना और सहायता स्वीकार करना ही वास्तविक मानसिक शक्ति है।”

— आज का मौलिक चिंतन

5. आज की उत्तम सलाह

आज अपने मानसिक स्वास्थ्य के लिए तीन छोटे संकल्प लें:

* पाँच मिनट का मौन: शांत बैठें, सहज श्वास लें और अपने विचारों को बिना निर्णय किए देखें।

* आत्मकरुणा का अभ्यास: गलती होने पर स्वयं को अपमानित करने के बजाय उससे सीखने का प्रयास करें।

* सहायता लेने में संकोच न करें: यदि उदासी, चिंता, नींद की समस्या या मानसिक परेशानी लगातार बनी रहे और दैनिक जीवन प्रभावित हो, तो योग्य मनोवैज्ञानिक या चिकित्सक से सलाह लें। आध्यात्मिक अभ्यास पेशेवर उपचार का विकल्प नहीं है।

आज का संकल्प: “मैं अपने मन को समझूँगा, अपने प्रति करुणा रखूँगा और कठिन परिस्थितियों में विवेकपूर्ण कदम उठाऊँगा।”

साम्ब सदाशिव हरे हरे

बॉलीवुड एस्ट्रोवास्तू 9835071205 9431848786✓

🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🌤️ दिनांक – 22 अक्टूबर 2026
🌤️ दिन – गुरूवार
🌤️ विक्रम संवत – 2083 (गुजरात अनुसार 2082)
🌤️ शक संवत – 1948
🌤️ अयन – दक्षिणायन
🌤️ ऋतु – शरद ऋतु
🌤️ मास – आश्विन
🌤️ पक्ष – शुक्ल
🌤️ तिथि – एकादशी दोपहर 02:47 तक तत्पश्चात द्वादशी
🌤️ नक्षत्र – शतभिषा रात्रि 08:49 तक तत्पश्चात पूर्वभाद्रपद
🌤️ योग – वृद्धि रात्रि 11:40 तक तत्पश्चात ध्रुव
🌤️राहुकाल – दोपहर 01:50 से शाम 03:16 तक
🌤️ सूर्योदय – 06:37
🌤️ सूर्यास्त – 06:08
👉 दिशाशूल – दक्षिण दिशा में
🚩व्रत पर्व विवरण – पापांकुशा-पाशांकुशा एकादशी
विशेष – हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l  राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।
💥 आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l
💥 एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।
💥 एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।
💥 जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।
💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है। 
             🚩~सनातन पंचांग ~🚩

🌷 पापांकुशा एकादशी 🌷
➡️ 22 अक्टूबर 2026 गुरूवार को पापांकुशा एकादशी है।
🙏🏻 पापांकुशा एकादशी का उपवास करने से कभी यम-यातना नहीं प्राप्त होती | यह पापों को हरनेवाला, स्वर्ग, मोक्ष, आरोग्य, सुंदर स्त्री, धन एवं मित्र देनेवाला व्रत है | इसका उपवास और रात्रि में जागरण माता, पिता व स्त्री के पक्ष की दस – दस पीढ़ियों का उद्धार कर देता है |
पापांकुशा एकादशी व्रत आज
पापांकुशा एकादशी आश्विन मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली एक पवित्र तिथि है, जिसमें भगवान विष्णु (पद्मनाभ रूप) की पूजा की जाती है। वर्ष 2026 में पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार को रखा जाएगा।
पापांकुशा एकादशी का अर्थ
• पापांकुशा शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है—‘पाप’ और ‘अंकुश’।
• इसका अर्थ है—पापों को नियंत्रित करने या रोकने वाला अंकुश।
• यह व्रत मनुष्य के जाने-अनजाने किए गए सभी पापों को नष्ट कर देता है।
पापांकुशा एकादशी का महत्व
• पापों से मुक्ति: इस व्रत को करने से व्यक्ति को इस जन्म और पिछले जन्मों के पापों से छुटकारा मिलता है।
• मोक्ष प्राप्ति: महाभारतकाल में भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को बताया था कि यह व्रत अंत में बैकुंठ धाम (विष्णु लोक) की प्राप्ति करवाता है।
• दान का फल: इस दिन स्वर्ण (सोना), तिल, भूमि, गौ, अन्न, जल, छतरी और जूतों का दान करने से यमराज के कष्टों का सामना नहीं करना पड़ता।
पौराणिक व्रत कथा और पाप क्षय की प्रक्रिया
अज्ञानता और पाप कर्म: प्राचीन काल में विंध्याचल पर्वत पर क्रोधन (या महाक्रूर) नाम का एक अत्यंत क्रूर बहेलिया (शिकारी) रहता था। उसने अपना पूरा जीवन हिंसा, झूठ, लूटपाट और अधर्म के कामों में बिताया था, जिसके कारण उसके खाते में भयंकर पाप जमा हो चुके थे।
मृत्यु का भय और पश्चाताप: जब उसकी आयु समाप्त होने लगी और मृत्यु का समय निकट आया, तो यमराज ने अपने दूतों को उसे लाने का आदेश दिया। यमदूतों के भयानक रूप को देखकर बहेलिया अंदर से कांप उठा। उसे अपने किए गए बुरे कर्मों का अहसास हुआ और वह यमलोक की यातनाओं के डर से तड़प उठा।
संत की शरण में जाना: डर से व्याकुल होकर वह तुरंत महर्षि अंगिरा के आश्रम में जाकर उनके चरणों में गिर पड़ा। उसने रोते हुए प्रार्थना की, “हे ऋषिवर! मैंने जीवन भर केवल पाप किए हैं। कृपा करके मुझे कोई ऐसा उपाय बताइए जिससे मैं यमराज के दंड से बच सकूं और मेरे पापों का नाश हो जाए।“
संकल्प और पापांकुशा एकादशी का व्रत: महर्षि अंगिरा ने उस पर दया करते हुए कहा कि यदि तुम आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पापांकुशा एकादशी का पूर्ण श्रद्धा, उपवास और भगवान विष्णु (पद्मनाभ रूप) की भक्ति के साथ  करोगे, तो तुम्हारे जीवन भर के पाप नष्ट हो जाएंगे।
पापों का पूरी तरह नाश (क्षय): बहेलिए ने महर्षि के कहे अनुसार पूरी निष्ठा से एकादशी तिथि को अन्न का त्याग किया, भगवान का पूजन किया और रात में जागरण किया। इस एक व्रत के प्रभाव से उसके हृदय का शुद्धिकरण हुआ और उसके जीवन के समस्त भयंकर पाप जलकर भस्म हो गए। अंत समय में यमदूत उसे छू भी नहीं पाए और भगवान विष्णु के दूत उसे ससम्मान दिव्य विमान में बैठकर बैकुंठ लोक ले गए।
           🚩 ~ सनातन पंचाग ~ 🚩
🌷 प्रदोष व्रत 🌷
🙏🏻 सनातन पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 23 अक्टूबर, शुक्रवार को प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है, जानिए…
👉🏻 ऐसे करें व्रत व पूजा
🙏🏻 – प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं।
🙏🏻 – इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं।
🙏🏻 – पूरे दिन निराहार (संभव न हो तो एक समय फलाहार) कर सकते हैं) रहें और शाम को दुबारा इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें।
🙏🏻 – भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं।
🙏🏻 – भगवान शिवजी की आरती करें। भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और उसी से अपना व्रत भी तोड़ें। उस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।
👉🏻 ये उपाय करें
सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े के फूल जरूर मिलाएं। आंकड़े के फूल भगवान शिवजी  को विशेष प्रिय हैं । ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिवजी  की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है।
           🚩 ~ सनातन पंचाग ~
🚩अक्टूबर 2026 में पंचक
पंचक शुरू: बुधवार, 21 अक्टूबर 2026, सुबह 7:00 बजे
पंचक समाप्त: रविवार, 25 अक्टूबर 2026, शाम 7:22 बजे
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🌹 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष 🌹
आपका जन्मदिन: 22 अक्टूबर
दिनांक 22 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 4 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति जिद्दी, कुशाग्र बुद्धि वाले, साहसी होते हैं। ऐसे व्यक्ति को जीवन में अनेक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है। जैसे तेज स्पीड से आती गाड़ी को अचानक ब्रेक लग जाए ऐसा उनका भाग्य होगा। लेकिन यह भी निश्चित है कि इस अंक वाले अधिकांश लोग कुलदीपक होते हैं। आपका जीवन संघर्षशील होता है। इनमें अभिमान भी होता है। ये लोग दिल के कोमल होते हैं किन्तु बाहर से कठोर दिखाई पड़ते हैं। इनकी नेतृत्व क्षमता के लोग कायल होते हैं।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 4, 8, 13, 22, 26, 1
शुभ अंक : 4, 8,18, 22, 45, 57
शुभ वर्ष : 2031, 2040, 2060
ईष्टदेव : श्री गणेश, श्री हनुमान,
शुभ रंग : नीला, काला, भूरा
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: यह वर्ष पिछले वर्ष के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम है। आपको सजग रहकर कार्य करना होगा। नौकरीपेशा प्रयास करें तो उन्नति के चांस भी है।
परिवार: पारिवारिक मामलों में सहयोग के द्वारा सफलता मिलेगी। मान-सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं मित्र वर्ग का सहयोग मिलेगा। विवाह के मामलों में आश्चर्यजनक परिणाम आ सकते हैं।
बिजनेस: नवीन व्यापार की योजना प्रभावी होने तक गुप्त ही रखें। शत्रु पक्ष पर प्रभावपूर्ण सफलता मिलेगी।
🌹 आज का राशिफल 🌹
दिनांक : 22 अक्टूबर 2026
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज भी दिन में कई बार लाभ के अवसर मिलेंगे। परन्तु आलस्य प्रमाद के कारण कार्यो को गंभीरता से नहीं लेंगे फलस्वरूप उम्मीद से कम में ही संतोष करना पड़ेगा। गुप्त शत्रु पीठ पीछे हानि पंहुचाने का हर संभव प्रयास करेंगे जान कर भी अनजान बनने के कारण आगे दुष्परिणाम हो सकते है सतर्क रहें। मौज-शौक में अधिक व्यय करने के कारण आर्थिक संतुलन बिगड़ सकता है। सेहत की लापरवाही करना ठीक नहीं ख़राब पेट के कारण कई बीमारियां बन सकती है। घर में शांति रहेगी फिर भी ज्यादा बोलने से बचे लोग सही बात का भी गलत अर्थ निकाल झगड़ा करेंगे।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज दिन शुभ फलदायक रहने से मनचाहा कार्य कर सकेंगे। बड़े लोगो से भी आज आसानी से अपना स्वार्थ सिद्ध कर सकते है। दिन के प्रथम भाग में मानसिक रूप से चंचलता रहेगी बचकानी हरकतों से घर के लोगो को हंसने पर मजबूर करेंगे। कार्य क्षेत्र पर माथा पच्ची करनी पड़ेगी लेकिन सकारत्मक परिणाम भी मिलेंगे विदेशी वस्तुओ के व्यापार अथवा शेयर सम्बंधित कारोबार में निवेश का निकट भविष्य में लाभ मिलेगा। महिला के सहयोग से भाग्योन्नति के मार्ग खुलेंगे। लेन-देन में अधिक सावधानी बरतें। घर में पैतृक संपत्ति के बंटवारे अथवा अन्य समस्याओं को लेकर आपस में चर्चा हो सकती है। संतान से सुख मिलेगा। सेहत ठंड में लापरवाही के कारण नरम रहेगी।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
कार्य क्षेत्र की कुछ परेशानियों को छोड़ अन्य सभी कार्यो के लिए आज दिन शुभ रहेगा। धार्मिक कार्यो में रुचि रहेगी लेकिन व्यस्तता के कारण ठीक से समय नही दे पाएंगे। व्यावसायिक स्थल पर अधिकारी वर्ग प्रसन्न रहेंगे परन्तु नौकरों अथवा सहकर्मियों का मनमाना व्यवहार रहने से परेशानी खड़ी हो सकती है अन्य व्यक्तियों का कार्य भी आपके जिम्मे आने से असहजता रहेगी। धन लाभ के प्रयासों में दोपहर तक सफलता मिल जायेगी लेकिन रुक रुक कर ही होगा। व्यापारी वर्ग कार्य क्षेत्र पर विस्तार की योजना बनाएंगे परन्तु आज इसकी सफलता संदिग्ध रहेगी। संध्या बाद परिजनों के साथ शांति से समय कटेगा। सेहत को लेकर थोड़े आशंकित रहेंगे लेकिन छोटी मोटी व्याधि होकर स्वतः शांत हो जाएगी।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज दिन के आरम्भ में आपके विचारे सभी कार्य ठीक से सिरे चढ़ेंगे धन लाभ की भी सम्भावना जगेगी परन्तु अकस्मात किसी अतिआवश्यक कार्य के आने से पूर्व नियोजित कार्यो को बीच में छोड़ना पड़ेगा मध्यान तक दिनचार्य अस्त व्यस्त होगी इसके बाद ही पुनः स्थिर हो सकेगी। आज धन लाभ तो अवश्य होगा परन्तु धन आने से पहले जाने का मार्ग बना लेगा मित्रो के साथ दुर्व्यसनो पर भी खर्च करेंगे किसी मित्र के साथ अप्रिय स्थल की यात्रा अथवा कार्य को करना पड़ेगा। संध्या के समय खर्च अधिक रहेंगे। घर के सदस्य आपसे डर के कारण मन के भेद बताने में संकोच करेंगे। परिजन की सेहत संध्या के आस पास अचानक खरब होने से भागदौड़ करनी पड़ेगी आपकी सेहत आज ठीक ठाक ही रहेगी।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज दिन भर आपके लिए शुभ योग बने रहेंगे। आपके विचारो में आत्मविश्वास एवं दया रहेगी परोपकार के कार्यो को बिना बोले करेंगे छोटे-बड़ो सबका साथ मिलने से कठिन कार्य भी आसन बनेंगे। गलत माध्यम से धन कमाने की सोच भी रहेगी इसमें पहले लाभ होगा बाद में हानि निश्चित रहेगी सोच समझ कर ही निर्णय लें। धन लाभ दोपहर के समय होने की सम्भवना है लापरवाही में टल भी सकता है। नौकरी पेशा एवं थोक के व्यापारी आज खुल कर कार्य नही कर पाएंगे कुछ सौदे हानि उठा कर भी करने पड़ेंगे इसके बाद भी लाभ के लिये इंतजार करना पड़ेगा। संतान के कारण चिंता रह सकती है। आरोग्य पेट अथवा सर्दी संबंधित कारणों से प्रतिकूल रहेगा।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज ग्रह स्थिति में परिवर्तन होने से दिन दिन उठा पटक में बीतेगा। बने बनायी योजनाओं में व्यवधान आएंगे। किसी परिजन की जिद के कारण नई परेशानी खड़ी होगी। महिलाओ की जुबान फिसलने के कारण बैठे बिठाये आफत मोल लेने वाली स्थिति बनेगी। मध्यान बाद सामाजिक कार्य- क्रम में उपस्थिति देने के कारण मन मारके पूर्व नियोजित कार्यक्रम रद्द करना पड़ेगा। कार्य व्यवसाय में थोड़े समय के लिए ही आकस्मिक लाभ बनेगा इसके बाद उदासीनता रहेगी। सेहत लगभग सामान्य रहेगी। घरेलु सुख-सुविधा में वृद्धि होगी। पति – पत्नी में थोड़ी बहुत नोक-झोंक लगी रहेगी। संध्या बाद सेहत का ध्यान रखे लापरवाही बाद में भारी पड़ सकती है।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आपका आज का दिन मिश्रित फलदायक रहेगा। कार्य क्षेत्र पर दोपहर तक ही स्थिति आपके पक्ष में रहेगी इसके बाद धीरे-धीरे व्यवधान आने से धन की भी आमद रुकेगी निवेश से आज बचे अन्यथा फंस सकता है। आज विरोधी आपकी एक गलती के इन्तजार में बैठे है दिन भर संयम एवं विवेक का परिचय दें अन्यथा बिना बात मान हानि हो सकती है। प्रेम-प्रसंगों में अधिक निकटता रहने से थोड़ा मन शांत रहेगा। किसी पुराने विवाद के कारण गृहस्थ में तालमेल की कमी रहेगी घरेलू कार्यो में सहयोग भी कम ही करेंगे लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र पर बिना मांगे सलाह और सहायता देने के लिये तैयार रहेंगे। सेहत में थोड़ा बहुत उतार चढ़ाव लगा रहेगा।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन का पूर्वार्ध आपको बेचैन कर सकता है। कुटुंब में अहम् को लेकर टकराव होने से वातावरण कलुषित होगा भाई बंधुओ में बचने पर भी किसी बात को टकराव होने की संभावना है ना चाहकर भी बीच बचाव में पड़ने से आपको भी पिसना पड़ेगा। आज जल्दबाजी में किसी की जिम्मेदारी ना लें अन्यथा परेशानी में पड़ सकते है। कार्य क्षेत्र पर भी जल्दबाजी के कारण गलत निर्णय नुक्सान कराएगा। सरकारी कार्य आज ना करें धन और समय व्यर्थ होंगे।आवश्यकता के अनुसार खर्च करें। मानसिक अशांति का असर सेहत पर भी देखने को मिलेगा थोड़े से परिश्रम में अधिक थकान हाथ पैर में शिथिलता आएगी। घर मे किसी स्त्री के कारण कोई नई समस्य बनेगी। आज धैर्य धारण करें कल से स्थिति में सुधार आएगा।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन भाग्योदय करने वाला रहेगा शरीर भी साथ देने से कार्यो को निष्ठां से करेंगे। किसी प्रतिष्ठित संस्था अथवा सरकारी क्षेत्र से लाभ के कार्यानुबंध मिल सकते है। विरोधी भी शांत रहने से सफलता सुनिश्चित रहेगी। परन्तु पारिवारिक वातावरण उथल पुथल वाला रहेगा। परिजन की सेहत पर खर्च करना पड़ेगा अधिक भागदौड़ के कारण आयवश्यक कार्यो में विलम्ब होगा परन्तु हानि से बचे रहेंगे। आज किसी भी कार्य में आलस्य ना करें अन्यथा भविष्य में इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। आज किये कार्यो की पुनरावृत्ति शीघ्र ही देखने को मिलेगी जिससे जैसा व्यवहार करेंगे वैसा ही आपके साथ घटित होगा इसलिये सभी से प्रेम व्यवहार रखें।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आपका आज का दिन मिश्रित फलदायक रहेगा। किसी अन्य व्यक्ति के कारण सरकारी उलझनों में फंसने की संभावना है किसी की जमानत लेनी पड़ेगी सम्भव हो तो बचने का प्रयास करे। अनैतिक कार्य भी ध्यान आकर्षित करेंगे लेकिन इनसे दूरी बनाए रखें आज भी वाद-विवाद के साथ मान-हानि के प्रबल योग बन रहे है। नौकरी पेशा जातक अपने कार्य से असंतुष्ट रहेंगे लेकिन अधिकारी अथवा सहकर्मी फिर भी कुछ न कुछ नुक्स निकालेंगे जिससे क्रोध आएगा थोड़ी बहुत बहस भी होगी। अधिकारी वर्ग से की मामूली गलती बखेड़ा खड़ा कर सकती है। सावधान रहें। गृहस्थ में थोड़े उतारचढ़ाव के बाद स्थिति आज नियंत्रण में रहेगी।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आपका आज का दिन बीते कल से काफी बेहतर रहेगा। आज आप नीतिपूर्वक कार्य करना पसंद करेंगे जिससे धन मिले या न मिले सम्मान अवश्य बढेगा। सामाजिक कार्यो में अधिक समय देंगे। धार्मिक क्षेत्र पर दान-पुण्य के अवसर भी मिलेंगे। ज्योतिष अथवा तंत्र मंत्र आध्यात्म के गूढ़ रहस्यों को जानने की उत्सुकता रहेगी। संध्या के आस-पक़स आकस्मिक धन लाभ से उत्साह बढेगा। कार्य क्षेत्र पर सहकर्मी एवं नौकरों के मनमाने व्यवहार के कारण थोड़ी असुविधा हो सकती है । पति पत्नी के बीच थोड़े बहुत मतभेद को छोड़ घर में शांति रहेगी। उदर शूल एवं हड्डियों संबंधित समस्या हो सकती है।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
कुछ परेशानियों के साथ आज के दिन की शुरुआत होगी। सेहत हल्की सी नरम रहेगी फिर भी कार्य व्यवसाय में जल्दी ही लग जाएंगे प्रातः काल ही छोटी यात्रा के योग भी बनेंगे इससे कुछ ना कुछ लाभ ही मिलेगा व्यवसाय में नए अनुबंध मिलने की संभावनाएं जगेगी परन्तु मध्यान के बाद ही मिलेंगी। गृहणियां मायके या अन्य रिश्तेदारी में जाने की योजना बनाएंगी खर्च पर नियंत्रण रखने में आज सफ़ल रहेंगी पर मितव्ययता आगे के खर्च को देखकर ही बरतेंगी। आर्थिक रूप से दिन मध्यम फिर भी संतोषजनक रहेगा दैनिक खर्च आसानी से निकल जाएंगे। अधिकारी वर्ग से मेलजोल होने से सरकारी कार्य आगे बढ़ेंगे। संध्या बाद का समय व्यर्थ की चिंताओं में खराब करेंगे

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