सनातन पंचांग — 20 अक्टूबर 2026
आज का नवीन मनोवैज्ञानिक विचार | सुख, शांति एवं समृद्धि
आज की प्रेरणा: Dr. Lara B. Aknin — कनाडा की Simon Fraser University में सामाजिक मनोविज्ञान की प्रतिष्ठित शोधकर्ता, जो उदारता, दूसरों की सहायता और खुशी के संबंध पर शोध करती हैं।
English Thought (शोध से प्रेरित मौलिक विचार, शब्दशः उद्धरण नहीं):
“Happiness becomes more meaningful when we use our strengths to serve others, find purpose in our daily duties, and create peace through thoughtful actions.”
हिंदी अनुवाद:
“खुशी तब अधिक सार्थक बनती है, जब हम अपनी क्षमताओं से दूसरों की सेवा करते हैं, दैनिक कर्तव्यों में उद्देश्य खोजते हैं और सोच-समझकर किए गए कर्मों से शांति का निर्माण करते हैं।”
भावार्थ: सच्ची समृद्धि केवल धन-संपत्ति का नाम नहीं है। मन का संतोष, परिवार में प्रेम, संबंधों में विश्वास और जरूरत के समय किसी के काम आना भी जीवन की बड़ी उपलब्धियाँ हैं। जब हम अपनी सफलता के साथ दूसरों के कल्याण का भी ध्यान रखते हैं, तो जीवन अधिक अर्थपूर्ण बन सकता है।
मनोवैज्ञानिक व्याख्या: अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन (APA) की 2026 की एक शोध-आधारित रिपोर्ट में बताया गया है कि दूसरों की सहायता, स्वयंसेवा और दयालु व्यवहार का संबंध बेहतर मानसिक स्वास्थ्य, खुशी और सामाजिक जुड़ाव से पाया गया है। इसका अर्थ यह नहीं कि सेवा हर कठिनाई दूर कर देती है, बल्कि यह कि सार्थक मदद हमें दूसरों से जुड़ाव और उद्देश्य का अनुभव करा सकती है।
भारतीय आध्यात्मिक संदर्भ: श्रीमद्भगवद्गीता का निष्काम कर्मयोग हमें फल के अहंकार से मुक्त होकर कर्तव्य निभाने की प्रेरणा देता है। सनातन परंपरा में सेवा, दया, संतोष और धर्मसम्मत कर्म जीवन को सही दिशा देने वाले मूल्य हैं। घर के बुज़ुर्गों की सहायता करना, किसी जरूरतमंद को भोजन देना, परिवार की बात धैर्य से सुनना और ईमानदारी से अपना काम करना—ये सभी दैनिक जीवन में आध्यात्मिकता के व्यावहारिक रूप हैं।
आज के लिए उत्तम सलाह: आज बिना किसी प्रतिफल की अपेक्षा के एक अच्छा काम करें। किसी परेशान व्यक्ति की बात ध्यान से सुनें, किसी जरूरतमंद की यथासंभव मदद करें और अपने कर्तव्य को ईमानदारी से पूरा करें। रात को स्वयं से पूछें—“क्या आज मेरे किसी कर्म से किसी के जीवन में थोड़ी खुशी या राहत आई?”
आज का चिंतन: क्या मेरी सफलता के साथ-साथ मेरे व्यवहार से दूसरों को भी सुख और सम्मान मिलता है?
आज का संकल्प: “मैं संतोष को अपनी शांति, सेवा को अपना धर्म और ईमानदार कर्म को अपनी समृद्धि का आधार बनाऊँगा।”
आज का सनातन संदेश: धन जीवन को सुविधा दे सकता है, लेकिन सदाचार, करुणा और आत्मसंयम उसे वास्तविक अर्थ देते हैं।
बॉलीवुड एस्ट्रोवास्तू 9835071205
9431848786✓
साम्ब सदाशिव हरे हरे

🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🌤️ दिनांक – 20 अक्टूबर 2026
🌤️ दिन – मंगलवार
🌤️ विक्रम संवत – 2083 (गुजरात अनुसार 2082)
🌤️ शक संवत – 1948
🌤️ अयन – दक्षिणायन
🌤️ ऋतु – शरद ऋतु
🌤️ मास – आश्विन
🌤️ पक्ष – शुक्ल
🌤️ तिथि – नवमी दोपहर 12:50 तक तत्पश्चात दशमी
🌤️ नक्षत्र – श्रवण शाम 06:02 तक तत्पश्चात धनिष्ठा
🌤️ योग – शूल रात्रि 12:50 तक तत्पश्चात गण्ड
🌤️राहुकाल – शाम 03:17 से शाम 04:44 तक
🌤️ सूर्योदय – 06:37
🌤️ सूर्यास्त – 06:09
👉 दिशाशूल – उत्तर दिशा में
🚩व्रत पर्व विवरण – दुर्गा विसर्जन, शारदीय नवरात्र समाप्त, दशहरा, विजयादशमी (पूरा दिन शुभ मुहूर्त), विजय मुहूर्त (दोपहर 02:07 से दोपहर 02:53 तक), (संकल्प शुभारंभ, नूतन कार्य, सीमोल्लंघन के लिए), अपराजिता-शमी वृक्ष-अस्त्र-शस्त्र-आयुध-वाहन पूजन, गुरू-पूजन
विशेष – नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।
🚩~सनातन पंचांग ~🚩
🌷 बिना मुहूर्त के मुहूर्त (दशहरा) 🌷
➡ 20 अक्टूबर 2026 मंगलवार को विजयादशमी (दशहरा) है।
👉🏻 विजयादशमी का दिन बहुत महत्त्व का है और इस दिन सूर्यास्त के पूर्व से लेकर तारे निकलने तक का समय अर्थात् संध्या का समय बहुत उपयोगी है। रघु राजा ने इसी समय कुबेर पर चढ़ाई करने का संकेत कर दिया था कि ‘सोने की मुहरों की वृष्टि करो या तो फिर युद्ध करो।’ रामचन्द्रजी रावण के साथ युद्ध में इसी दिन विजयी हुए। ऐसे ही इस विजयादशमी के दिन अपने मन में जो रावण के विचार हैं काम, क्रोध, लोभ, मोह, भय, शोक, चिंता – इन अंदर के शत्रुओं को जीतना है और रोग, अशांति जैसे बाहर के शत्रुओं पर भी विजय पानी है। दशहरा यह खबर देता है।
👉🏻 अपनी सीमा के पार जाकर औरंगजेब के दाँत खट्टे करने के लिए शिवाजी ने दशहरे का दिन चुना था – बिना मुहूर्त के मुहूर्त ! (विजयादशमी का पूरा दिन स्वयंसिद्ध मुहूर्त है अर्थात इस दिन कोई भी शुभ कर्म करने के लिए पंचांग-शुद्धि या शुभ मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं रहती।) इसलिए दशहरे के दिन कोई भी वीरतापूर्ण काम करने वाला सफल होता है।
👉🏻 वरतंतु ऋषि का शिष्य कौत्स विद्याध्ययन समाप्त करके जब घर जाने लगा तो उसने अपने गुरुदेव से गुरूदक्षिणा के लिए निवेदन किया। तब गुरुदेव ने कहाः वत्स ! तुम्हारी सेवा ही मेरी गुरुदक्षिणा है। तुम्हारा कल्याण हो।’
👉🏻 परंतु कौत्स के बार-बार गुरुदक्षिणा के लिए आग्रह करते रहने पर ऋषि ने क्रुद्ध होकर कहाः ‘तुम गुरूदक्षिणा देना ही चाहते हो तो चौदह करोड़ स्वर्णमुद्राएँ लाकर दो।”
👉🏻 अब गुरुजी ने आज्ञा की है। इतनी स्वर्णमुद्राएँ और तो कोई देगा नहीं, रघु राजा के पास गये। रघु राजा ने इसी दिन को चुना और कुबेर को कहाः “या तो स्वर्णमुद्राओं की बरसात करो या तो युद्ध के लिए तैयार हो जाओ।” कुबेर ने शमी वृक्ष पर स्वर्णमुद्राओं की वृष्टि की। रघु राजा ने वह धन ऋषिकुमार को दिया लेकिन ऋषिकुमार ने अपने पास नहीं रखा, ऋषि को दिया।
👉🏻 विजयादशमी के दिन शमी वृक्ष का पूजन किया जाता है और उसके पत्ते देकर एक-दूसरे को यह याद दिलाना होता है कि सुख बाँटने की चीज है और दुःख पैरों तले कुचलने की चीज है। धन-सम्पदा अकेले भोगने के लिए नहीं है। तेन त्यक्तेन भुंजीथा….। जो अकेले भोग करता है, धन-सम्पदा उसको ले डूबती है।
👉🏻 भोगवादी, दुनिया में विदेशी ‘अपने लिए – अपने लिए….’ करते हैं तो ‘व्हील चेयर’ पर और ‘हार्ट अटैक’ आदि कई बीमारियों से मरते हैं। अमेरिका में 58 प्रतिशत को सप्ताह में कभी-कभी अनिद्रा सताती है और 35 प्रतिशत को हर रोज अनिद्रा सताती है। भारत में अनिद्रा का प्रमाण 10 प्रतिशत भी नहीं है क्योंकि यहाँ सत्संग है और त्याग, परोपकार से जीने की कला है। यह भारत की महान संस्कृति का फल हमें मिल रहा है।
👉🏻 तो दशहरे की संध्या को भगवान को प्रीतिपूर्वक भजे और प्रार्थना करें कि ‘हे भगवान ! जो चीज सबसे श्रेष्ठ है उसी में हमारी रूचि करना।’ संकल्प करना कि’आज प्रतिज्ञा करते हैं कि हम ॐकार का जप करेंगे।’
👉🏻 ‘ॐ’ का जप करने से देवदर्शन, लौकिक कामनाओं की पूर्ति, आध्यात्मिक चेतना में वृद्धि, साधक की ऊर्जा एवं क्षमता में वृद्धि और जीवन में दिव्यता तथा परमात्मा की प्राप्ति होती है।
🙏🏻
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🌷 गुस्सा बहुत आता हो तो 🌷
😡 गुस्सा बहुत आता हो तो धरती माता को अर्घ्य देना चाहिये कि माँ मै भी सहनशील बनूँ ….बात बात में गुस्सा न करूँ |
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
।। हर हर महादेव ।।
।। हवनकर्ता के 9 नियम, जिनका रखें विशेष ध्यान ।।
गायत्री यज्ञ एवं किसी भी शुभ हवन में बैठने से पहले जानें ये आवश्यक बातें

सनातन धर्म में हवन केवल अग्नि में आहुति देने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, मन की पवित्रता, ईश्वर के प्रति समर्पण और वातावरण की शुद्धि का एक पवित्र माध्यम है। हवन के समय व्यक्ति का आचरण, श्रद्धा, संयम और भाव अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
गायत्री यज्ञ हो या कोई अन्य शुभ हवन, उसमें सम्मिलित होते समय कुछ पारंपरिक नियमों का ध्यान रखना चाहिए। इन नियमों का उद्देश्य व्यक्ति को अनुशासन, पवित्रता और श्रद्धाभाव के साथ यज्ञ में सहभागी बनाना है।
।। आइए जानते हैं हवनकर्ता के 9 महत्वपूर्ण नियम।।
1. स्नान करके ही हवन में बैठें
हवन में सम्मिलित होने से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करना उचित माना जाता है। बाहरी स्वच्छता के साथ-साथ मन की शुद्धता भी आवश्यक है। हवन में बैठते समय क्रोध, ईर्ष्या, द्वेष और नकारात्मक विचारों को त्यागकर मन को शांत रखने का प्रयास करें।
2. उचित आसन पर बैठें
परंपरागत रूप से हवन में पालथी मारकर या सुखासन में बैठना अच्छा माना जाता है। इससे व्यक्ति स्थिर होकर मंत्रोच्चार और आहुति की प्रक्रिया में ध्यान लगा सकता है। यदि किसी को घुटनों, कमर या अन्य शारीरिक समस्याओं के कारण पालथी मारकर बैठने में कठिनाई हो, तो वह अपनी सुविधा के अनुसार उचित आसन या कुर्सी का उपयोग कर सकता है। श्रद्धा का संबंध मन से है, केवल बैठने की मुद्रा से नहीं।
3. चमड़े की वस्तुओं को यज्ञस्थल से दूर रखें
धार्मिक परंपराओं में यज्ञस्थल की पवित्रता बनाए रखने के लिए चमड़े की वस्तुओं को दूर रखने की सलाह दी जाती है। इसलिए संभव हो तो चमड़े के जूते, बेल्ट, बैग और अन्य वस्तुओं को यज्ञस्थल के बाहर रखें। इससे धार्मिक मर्यादा और स्वच्छता का ध्यान रखा जा सकता है।
4. पीला अंगोछा या दुपट्टा धारण करें
पीला रंग भारतीय धार्मिक परंपराओं में ज्ञान, शुभता, सात्त्विकता और मंगल का प्रतीक माना जाता है। गायत्री यज्ञ में पीला अंगोछा, दुपट्टा या अन्य स्वच्छ वस्त्र धारण करना कई स्थानों पर परंपरा का हिस्सा है। हालांकि, वस्त्रों का रंग हर यज्ञ में अनिवार्य हो, ऐसा आवश्यक नहीं है। अपने यज्ञ की परंपरा और आयोजकों के निर्देशों का पालन करें।
5. सिर ढकने की परंपरा का सम्मान करें
कुछ धार्मिक परंपराओं में हवन या पूजा के समय सिर पर अंगोछा, दुपट्टा अथवा वस्त्र रखना सम्मान और विनम्रता का प्रतीक माना जाता है। यदि आपके यहां ऐसी परंपरा है, तो उसका पालन करें। इसका मूल भाव श्रद्धा, मर्यादा और ईश्वर के प्रति समर्पण है।
6. छोटे बच्चों को लाने से पहले उनकी सुरक्षा का ध्यान रखें
हवन में अग्नि, गर्म पात्र और जलती हुई सामग्री का उपयोग होता है। इसलिए छोटे बच्चों को हवनकुंड के पास ले जाने से बचना चाहिए। यदि बच्चों को साथ लाना आवश्यक हो, तो किसी जिम्मेदार वयस्क की निगरानी में उन्हें सुरक्षित दूरी पर रखें। बच्चों को धार्मिक संस्कारों से परिचित कराना अच्छा है, लेकिन उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है।
7. श्रद्धा और शांत भाव से बैठें
हवन के समय अनावश्यक बातचीत, हंसी-मजाक, मोबाइल फोन का प्रयोग और दूसरों का ध्यान भंग करने वाली गतिविधियों से बचें। मंत्रोच्चार को ध्यानपूर्वक सुनें और अपनी क्षमता के अनुसार मंत्रों का जाप करें। मन को शांत रखकर यज्ञ में सहभागी बनें।
याद रखें, मौन का अर्थ केवल बोलना बंद करना नहीं, बल्कि मन को अनावश्यक विचारों से हटाकर शुभ संकल्पों की ओर ले जाना भी है।
8. दक्षिणा अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार दें
सनातन परंपरा में यज्ञ के बाद दक्षिणा देने का विशेष महत्व बताया गया है। दक्षिणा के माध्यम से यज्ञ कराने वाले आचार्य, पुरोहित या सेवा करने वाले लोगों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की जाती है।
दक्षिणा धन, वस्तु या अपनी सामर्थ्य के अनुसार सेवा के रूप में दी जा सकती है। इसे अपनी क्षमता और श्रद्धा के अनुरूप देना चाहिए। किसी व्यक्ति को आर्थिक स्थिति के कारण हवन में भाग लेने से वंचित करना उचित नहीं है। दान का वास्तविक मूल्य उसकी राशि से अधिक उसके पीछे की भावना में होता है।
9. आहुति, आरती और प्रसाद की परंपरा का सम्मान करें
हवन के दौरान आचार्य के निर्देशानुसार आहुति दें। यज्ञ की समाप्ति पर आरती में सहभागी बनें और प्रसाद ग्रहण करें। यदि किसी कारणवश पहले जाना आवश्यक हो, तो आयोजकों को सूचित करके शांतिपूर्वक प्रस्थान करें।
हवन में सहभागिता केवल शुरुआत से अंत तक उपस्थित रहने का नाम नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया के प्रति श्रद्धा और सम्मान बनाए रखने का भाव भी है।
सबसे महत्वपूर्ण बात: =अहंकार नहीं, समर्पण रखें।
हवन करते समय इस बात का ध्यान रखें कि धार्मिक कर्मकांड का उद्देश्य दूसरों को छोटा दिखाना, स्वयं को श्रेष्ठ बताना या अपनी धार्मिकता का प्रदर्शन करना नहीं है।
सच्ची पूजा वही है, जिसमें मन में विनम्रता, वाणी में मधुरता और व्यवहार में करुणा हो। यदि व्यक्ति हवन तो करता है, लेकिन उसके मन में अहंकार, द्वेष और दूसरों के प्रति तिरस्कार भरा रहता है, तो उसे अपने आचरण पर भी विचार करना चाहिए।
हवन का वास्तविक संदेश क्या है?
हवन हमें सिखाता है कि जिस प्रकार अग्नि में आहुति समर्पित की जाती है, उसी प्रकार हमें अपने भीतर के अहंकार, क्रोध, लोभ, ईर्ष्या और नकारात्मक विचारों को भी त्यागने का प्रयास करना चाहिए।
हवन की अग्नि के सामने लिया गया संकल्प तभी सार्थक बनता है, जब उसका प्रभाव हमारे दैनिक जीवन में दिखाई दे।
अपने व्यवहार में सत्य, सेवा, दया, संयम और सद्भाव को स्थान दें। दूसरों की सहायता करें, बड़ों का सम्मान करें और सभी प्राणियों के प्रति करुणा रखें।
अंत में एक बात सदैव याद रखें।
हवन की पवित्रता केवल वस्त्रों, आसन, नियमों या बाहरी व्यवस्था तक सीमित नहीं है। श्रद्धा, सद्भाव, शुद्ध संकल्प और सदाचरण भी उसके महत्वपूर्ण अंग हैं।
ये नौ नियम अलग-अलग धार्मिक परंपराओं में भिन्न हो सकते हैं। इसलिए अपने यज्ञ के आचार्य और स्थानीय परंपरा के निर्देशों का सम्मान करें, लेकिन किसी भी नियम को लेकर दूसरों का अपमान न करें।
ईश्वर के समक्ष सबसे मूल्यवान है आपका निर्मल मन, सच्ची श्रद्धा और निःस्वार्थ भाव।
गायत्री माता सभी के जीवन में सद्बुद्धि, शांति, सुख, समृद्धि और कल्याण का प्रकाश फैलाएं।
जय माँ गायत्री।
हर हर महादेव। 🙏🚩🙏
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🌷🙏🏻
🌹 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष 🌹
आपका जन्मदिन: 20 अक्टूबर
दिनांक 20 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 2 होगा। आप अत्यधिक भावुक होते हैं। आप स्वभाव से शंकालु भी होते हैं। दूसरों के दु:ख-दर्द से आप परेशान हो जाना आपकी कमजोरी है। ग्यारह की संख्या आपस में मिलकर दो होती है इस तरह आपका मूलांक दो होगा। इस मूलांक को चंद्र ग्रह संचालित करता है। चंद्र ग्रह मन का कारक होता है।
चंद्र के समान आपके स्वभाव में भी उतार-चढ़ाव पाया जाता है। आप अगर जल्दबाजी को त्याग दें तो आप जीवन में बहुत सफल होते हैं। आप मानसिक रूप से तो स्वस्थ हैं लेकिन शारीरिक रूप से आप कमजोर हैं। चंद्र ग्रह स्त्री ग्रह माना गया है। अत: आप अत्यंत कोमल स्वभाव के हैं। आपमें अभिमान तो जरा भी नहीं होता।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 2, 11, 20, 29
शुभ अंक : 2, 11, 20, 29, 56, 65, 92
शुभ वर्ष : 2027, 2029, 2036
ईष्टदेव : भगवान शिव, बटुक भैरव
शुभ रंग : सफेद, हल्का नीला, सिल्वर ग्रे
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: लेखन से संबंधित मामलों में सावधानी रखना होगी। किसी नवीन कार्य योजनाओं की शुरुआत करने से पहले बड़ों की सलाह लें। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति ठीक-ठीक रहेगी।
परिवार: पारिवारिक विवाद आपसी मेलजोल से ही सुलझाएं। दखलअंदाजी ठीक नहीं रहेगी।
सेहत: स्वास्थ्य की दृष्टि से संभल कर चलने का वक्त होगा।
सलाह: बगैर देखे किसी कागजात पर हस्ताक्षर ना करें।
🌹 आज का राशिफल 🌹
दिनांक : 20 अक्टूबर 2026
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन सुख शान्ति से बितायेंगे लेकिन स्वभाव में ईर्ष्या की भावना रहेगी अन्य लोगो के कामो में मीन मेख निकालने से विवाद भी हो सकता है। कार्य व्यवसाय में मध्यान तक का परिश्रम संध्या के बाद फल देने लगेगा आज आकस्मिक रूप से किसी शुभ समाचार की प्राप्ति उत्साहित करेगी धन लाभ भी निश्चित समय पर ना होकर आकस्मिक ही होगा। अधिकारियों का स्वभाव आज संदिग्ध रहेगा सतर्क रहें। धार्मिक कार्यो के लिए कम ही समय निकाल पाएंगे। सरकारी कार्यो में ढील ना दे अन्यथा बाद में लंबित रहेंगे। प्रेम प्रसंगों में नजदीकियां बढ़ेंगी। संताने संध्या के समय अपने व्यवहार से परेशान करेंगी।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन मिश्रित फल देने वाला रहेगा। दिन के आरंभ में थोड़ी सुस्ती रहने के कारण कार्यो में विलंब होगा। कार्यो में भी अधिक परिश्रम के बाद ही सफलता मिलेगी। महिलाओं को भी घरेलू कार्यो के लिए दौड़-धूप करनी पड़ेगी फिर भी लोग आपके कार्यो में नुक्स निकालेंगे। व्यवसाय से थोड़े इंतजार के बाद आवश्यकता अनुसार धन लाभ हो जाएगा। मध्यान के बाद कार्यो से उबन होने पर मनोरंजन के अवसर तलाशेंगे। आर्थिक रूप से परिस्तिथि अनुकूल ना होने पर भी खर्च करने के कारण धन की कमी बनेगी। धार्मिक क्षेत्र की लघु यात्रा हो सकती है। उदर शूल की संभावना है।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन आपको शारीरिक रूप से अत्यंत सावधानी बरतने की आवश्यकता है। आकस्मिक दुर्घटना अथवा अन्य कारणों से शारीरिक कष्ट पहुँच सकता है। हाथ पैरों में भी शिथिलता रहेगी जिससे दैनिक कार्य कुछ प्रभावित होंगे। व्यावसायिक कार्यो में भी आज दौड़ धूप अधिक रहेगी इसका उचित लाभ विलंब से ही मिल सकेगा। पारिवारिक वातावरण आज अधिक भावुक रहेगा। घर के सदस्य आपसी परेशानी को समझेंगे फिर भी अधिक बोलने की आदत से बचें। आर्थिक रूप से दिन उत्तम रहने के कारण आकस्मिक खर्च विचलित नही कर सकेंगे। स्त्री सुख मिलेगा।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन धन-धान्य वृद्धि कारक रहेगा। विरोधी भी नतमस्तक रहेंगे आज आप महत्त्वपूर्ण घरेलु अथवा व्यावसायिक निर्णय लेंगे। स्वतंत्र विचार रहने से लोगो के मन की बात आसानी से जान लेंगे। व्यवहार कुशलता से नए लाभदायक संबंध बनाएंगे। शेयर अथवा अन्य जोखिम के कार्यो में निवेश का शीघ्र फल मिलेगा। कई दिनों से निरस्त यात्रा आज बेमन से करनी पड़ सकती है। मित्र रिश्तेदारो से नजदीकियां बढ़ेंगी। घरेलू वातावरण सामान्य रहेगा फिर भी महिलाओं की आवश्यकता का विशेष ध्यान रखें अन्यथा बेवजह कलह के प्रसंग बन सकते है।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन आप धैर्य धारण करने पर उम्मीद से अधिक लाभ कमा सकते है। आपकी दिनचर्या भी धीमी ही रहेगी प्रत्येक कार्य धीमी गति से करेंगे जिस कारण लोगो से आलोचना सुननी पड़ेगी। आज आप यथार्थ को छोड़ काल्पनिक दुनिया मे अधिक रहेंगे जिस वजह से लोग आपकी हंसी उड़ाएंगे। आज आय की अपेक्षा व्यय अधिक रहेगा घरेलू सुख के साधन एवं मौज शौक पर केवल दिखावे के लिए खर्च करेंगे जिससे बाद में आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी। घर मे किसी ना किसी से रूठना मनना चलता रहेगा फिर भी शान्ति भंग नही होगी। महिलाओ में आत्मबल अधिक रहेगा आलस्य के कारण प्रदर्शित नही कर सकेंगी।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज के दिन आप स्वयं को अन्य लोगो से श्रेष्ठ आंकेंगे मनमाना व्यवहार करने से आस पास रहने वालों को असुविधा होगी व्यर्थ की बहस भी होगी। घर एवं बाहर आज संतुलित व्यवहार रखें लोग आपकी सही बातों को भी गलत बना कर विवाद खड़ा करेंगे। सेहत आज ठीक रहेगी लेकिन कलह-क्लेश के कारण मानसिक रूप से बेचैन रहेंगे। जिस भी कार्य का मन बनाएंगे उसमे कोई ना कोई व्यवधान आने से मन खिन्न होगा। धन संबंधित लेन-देन में स्पष्टता रखें लिख कर ही करें भूल होने की आशंका है। आकस्मिक यात्रा हो सकती है। जोड़ तोड़ की नीति से धन लाभ होगा।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज के दिन आप ना चाहकर भी व्यर्थ के झगड़ो में पड़ेंगे सेहत में भी उतार-चढ़ाव लगा रहेने से कार्य क्षेत्र पर अव्यवस्था फैलेगी। छाती में संक्रमण अथवा मासपेशियो में खिंचाव आने से पीड़ा होगी। जिम्मेदारी ठीक से नही संभालने पर बड़े लोग नाराज होंगे। धन लाभ की उम्मीद नही होने पर भी अचानक होने से आश्चर्यचकित होंगे। फिर भी खर्च आय की तुलना में अधिक ही रहेंगे। घर अथवा रिश्तेदारी मे पूजा पाठ के आयोजन में भाग ले सकते है। महिलाये जल्दबाजी में गलत निर्णय लेने से परेशान हो सकती है। लंबी यात्रा आज ना करें ठंडे प्रदार्थो से परहेज रखें।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आपका आज का दिन आर्थिक रूप से पहले की अपेक्षा बेहतर रहेगा। आज जिस भी कार्य मे हाथ डालेंगे देर-अबेर उससे धन प्राप्ति होकर ही रहेगी। नए कार्य अनुबंध अथवा व्यवसाय की शुरुआत आज करना शुभ रहेगा परन्तु अधूरे कार्यो में ढील ना दें हानि भी हो सकती है। भविष्य के लिए आज संचय भी कर सकेंगे। गृहस्थ में आज कुछ ना कुछ कारण से भाग-दौड़ लगी रहेगी। महिलाये अतिरिक्त कार्य आने से असहज रहेंगी स्वभाव भी चिड़चिड़ा रहेगा। व्यर्थ में किसी से बहस ना करें सरकारी कार्य मे उलझन बढ़ेगी आज निरस्त रखें। महिला वर्ग आज विशेष खर्चीली सिद्ध होंगी।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज आपको किसी भी कार्य में मध्यान के बाद असुविधा नही होगी व्यावसायिक स्थल पर भी कार्य सरलता से चलने लगेंगे। पूर्व की गलतियों से मार्गदर्शन मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। उधार की वसूली कर सकेंगे। सरकारी अथवा पैतृक कार्यो को आज पूर्ण करने का प्रयास करे लाभदायक रहेगा। घर के बुजुर्गो से किसी बात पर मतभेद खड़ा होगा पर कुछ समय मे स्थिति सामान्य भी हो जाएगी। सामाजिक आयोजनों में भाग लेंगे। आपकी कार्य कुशलता की घर को छोड़ सर्वत्र प्रशंशा होगी। महिलाये स्वभाव से थोड़ी जिद्दी फिर भी गृहस्थ के लिए सहायक रहेंगी।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज के दिन आप मन ही मन आंनदित रहेंगे। लापरवाही व्यवहार में रहने से दिन में कई बार कलह का कारण बनेगी। असंयमित दिनचर्या के कारण शारीरिक रूप से भी थकान एवं अस्वस्थ्यता अनुभव होगी। आज आप किसी भी एक निर्णय पर नही टिकेंगे अपनी बातों से पलटने के कारण व्यावसायिक स्थल एवं गृहस्थ में झगड़े होने की संभावना है। मौज शौक को कार्यो से ज्यादा महत्त्व देने के कारण हानि हो सकती है। धन संबंधित योजनाए मन मे चलती रहेंगी वर्जित कार्यो से शीघ्र पैसा कमाने का प्रयास भी करेंगे परन्तु सफलता में संदेह रहेगा। आज महिला वर्ग अधिक चंचल रहेंगी।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)आज के दिन आप सभी कार्यो को देख परख कर ही करेंगे फिर भी कार्य सफलता में विलंब अथवा कार्य हानि होगी। मन के नकारात्मक भाव शारीरिक एवं मानसिक रूप से विचलित करेंगे। आपके अंदर विवेकि भरा रहेगा भले-बुरे का पूर्व ज्ञान भी कर सकेंगे इसके बावजूद मन अनैतिक कार्यो में भटक सकता है। प्रतिकूल स्वास्थ्य कार्यो में विघ्न डालेगा। सामाजिक क्षेत्र एवं घर मे धैर्य का परिचय दें किसी की बातों पर शीघ्र प्रतिक्रिया माहौल खराब करेगी मामूली बाते भी दिल को चुभेगी। महिला वर्ग अतिआत्मविश्वास की भावना से ग्रस्त रहेंगी जिससे मान भंग के प्रसंग बन सकते है।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन आपको सामाजिक क्षेत्र से मान-सम्मान दिलाएगा परन्तु घरेलू माहौल किसी गलतफहमी के कारण खराब होगा फिर भी स्थिति आज हर प्रकार से आपके पकड़ में रहेगी। शारीरिक स्वास्थ्य उत्तम रहेगा आज की दिनचर्या से लाभ पाने के लिए आलस्य से बचना अधिक आवश्यक है। व्यवसायी वर्ग भगीदारो से पुरानी खट-पट भुला कर नए सिरे से कार्य करने का प्रयास करेंगे इसमें सफल भी रहेंगे। सहकर्मी भी आपके व्यवहार से प्रसन्न रहेंगे जिससे अपने कार्य निश्चित अवधि में पूर्ण कर सकेंगे। दोपहर के बाद किसी शुभसमाचार की प्राप्ति हर्षित करेगी। महिलाये शारीरिक कमजोरी महसूस करेंगी।

Leave a Reply