🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌤️ *दिनांक – 29 अक्टूबर 2025*
🌤️ *दिन – बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2082*
🌤️ *शक संवत – 1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – हेमंत ऋतु*
🌤️ *मास – कार्तिक*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – सप्तमी सुबह 09:23 तक तत्पश्चात अष्टमी*
🌤️ *नक्षत्र – उत्तराषाढा शाम 05:29 तक तत्पश्चात श्रवण*
🌤️ *योग – धृति सुबह 07:51 तक तत्पश्चात शूल*
🌤️ *राहुकाल – दोपहर 12:22 से दोपहर 01:48 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:41*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:03*
👉 *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – संतजलारामजी जयंती,बुधवारी अष्टमी (सुबह 09:23 से 30 अक्टूबर सूर्योदय तक)*
💥 *विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🕉️~*वैदिक पंचांग* ~🕉️
🌷 *गोपाष्टमी विशेष* 🌷
➡️ *30 अक्टूबर 2025 गुरुवार को गोपाष्टमी है।*
🐄 *गौ माता धरती की सबसे बड़ी वैद्यराज*
🐄 *भारतीय संस्कृति में गौमाता की सेवा सबसे उत्तम सेवा मानी गयी है, श्री कृष्ण गौ सेवा को सर्व प्रिय मानते हैं ..*
🐄 *शुद्ध भारतीय नस्ल की गाय की रीढ़ में सूर्यकेतु नाम की एक विशेष नाढ़ी होती है जब इस नाढ़ी पर सूर्य की किरणे पड़ती हैं तो स्वर्ण के सूक्ष्म काणों का निर्माण करती हैं , इसीलिए गाय के दूध, मक्खन और घी में पीलापन रहता है , यही पीलापन अमृत कहलाता है और मानव शरीर में उपस्थित विष को बेअसर करता है l*
🐄 *गाय को सहलाने वाले के कई असाध्य रोग मिट जाते हैं क्योंकि गाय के रोमकोपों से सतत एक विशेष ऊर्जा निकलती है ..*
🐄 *गाय की पूछ के झाडने से बच्चों का ऊपरी हवा एवं नज़र से बचाव होता है ..*
🐄 *गौमूत्र एवं गोझारण के फायदे तो अनंत हैं , इसके सेवन से केंसर व् मधुमय के कीटाणु नष्ट होते हैं ..*
🐄 *गाय के गोबर से लीपा पोता हुआ घर जहाँ सात्विक होता है वहीँ इससे बनी गौ-चन्दन जलाने से वातावरण पवित्र होता है इसीलिए गाय को पृथ्वी पर सबसे बड़ा वैद्यराज माना गया है, सत्पुरुषो का कहना है की गाय की सेवा करने से गाय का नहीं बल्कि सेवा करने वालो का भला होता है ..*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *आँवला (अक्षय) नवमी है फलदायी* 🌷
➡️ *31 अक्टूबर 2025 शुक्रवार को आँवला नवमी है।*
🙏🏻 *भारतीय सनातन पद्धति में पुत्र रत्न की प्राप्ति के लिए महिलाओं द्वारा आँवला नवमी की पूजा को महत्वपूर्ण माना गया है। कहा जाता है कि यह पूजा व्यक्ति के समस्त पापों को दूर कर पुण्य फलदायी होती है। जिसके चलते कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को महिलाएं आँवले के पेड़ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपनी समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करती हैं।*
🍏 *आँवला नवमी को अक्षय नवमी के रूप में भी जाना जाता है। इस दिन द्वापर युग का प्रारंभ हुआ था। कहा जाता है कि आंवला भगवान विष्णु का पसंदीदा फल है। आंवले के वृक्ष में समस्त देवी-देवताओं का निवास होता है। इसलिए इसकी पूजा करने का विशेष महत्व होता है।*
🌷 *व्रत की पूजा का विधान* 🌷
👉🏻 *नवमी के दिन महिलाएं सुबह से ही स्नान ध्यान कर आँवला के वृक्ष के नीचे पूर्व दिशा में मुंह करके बैठती हैं।*
👉🏻 *इसके बाद वृक्ष की जड़ों को दूध से सींच कर उसके तने पर कच्चे सूत का धागा लपेटा जाता है।*
👉🏻 *तत्पश्चात रोली, चावल, धूप दीप से वृक्ष की पूजा की जाती है।*
👉🏻 *महिलाएं आँवले के वृक्ष की १०८ परिक्रमाएं करके ही भोजन करती हैं।*
🍏 *आँवला नवमी की कथा* 🍏
*वहीं पुत्र रत्न प्राप्ति के लिए आँवला पूजा के महत्व के विषय में प्रचलित कथा के अनुसार एक युग में किसी वैश्य की पत्नी को पुत्र रत्न की प्राप्ति नहीं हो रही थी। अपनी पड़ोसन के कहे अनुसार उसने एक बच्चे की बलि भैरव देव को दे दी। इसका फल उसे उल्टा मिला। महिला कुष्ट की रोगी हो गई।*
🍏 *इसका वह पश्चाताप करने लगे और रोग मुक्त होने के लिए गंगा की शरण में गई। तब गंगा ने उसे कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आँवला के वृक्ष की पूजा कर आँवले के सेवन करने की सलाह दी थी।*
🍏 *जिस पर महिला ने गंगा के बताए अनुसार इस तिथि को आँवला की पूजा कर आँवला ग्रहण किया था, और वह रोगमुक्त हो गई थी। इस व्रत व पूजन के प्रभाव से कुछ दिनों बाद उसे दिव्य शरीर व पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई, तभी से हिंदुओं में इस व्रत को करने का प्रचलन बढ़ा। तब से लेकर आज तक यह परंपरा चली आ रही है।*
पंचक
प्रारंभ: 31 अक्टूबर 2025 (शुक्रवार) सुबह 6:48 बजे
समाप्ति (उस काल की): 4 नवंबर 2025 (मंगलवार) दोपहर 12:34 बजे
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~*
*नक्षत्रों के नाम और देवता*
१-अश्विनी नक्षत्र के देवता अश्विनी कुमार जी और स्वामी केतु हैं !
२-भरणी नक्षत्र के देवता यमराज जी और स्वामी शुक्र हैं !
3-कृत्तिका नक्षत्र के देवता अग्नि देव जी और स्वामी सूर्य है !
४-रोहिणी नक्षत्र के देवता ब्रह्मा जी और स्वामी चन्द्रमा है !
५-मृगशिरा नक्षत्र के देवता चन्द्रमा जी और स्वामी मंगल है !
६-आर्द्रा नक्षत्र के देवता शिव जी और स्वामी राहु हैं !
७-पुनर्वसु नक्षत्र के देवता अदिति माता जी और स्वामी गुरु हैं !
८-पुष्य नक्षत्र के देवता बृहस्पति देव जी और स्वामी शनि हैं !
९-आश्लेषा नक्षत्र के देवता नागदेव जी और स्वामी बुध हैं !
१०-मघा नक्षत्र के देवता पितृदेव जी और स्वामी केतु हैं
११-पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के देवता भग देव जी और स्वामी शुक्र हैं !
१२-उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के देवता अर्यमा देव जी और स्वामी सूर्य हैं !
१३-हस्त नक्षत्र के देवता सूर्य देव जी और स्वामी चन्द्रमा हैं !
१४-चित्रा नक्षत्र के देवता विश्वकर्मा जी और स्वामी मंगल हैं !
१५-स्वाति नक्षत्र के देवता पवन देव जी और स्वामी राहु हैं !
१६-विशाखा नक्षत्र के देवता इन्द्र देव एवं अग्नि देवजी और स्वामी गुरु हैं !
१७-अनुराधा नक्षत्र के देवता मित्र देव जी और स्वामी शनि हैं !
१८-ज्येष्ठा नक्षत्र के देवता इन्द्र देव जी और स्वामी बुध हैं !
१९-मूल नक्षत्र के देवता निरिती देव जी और स्वामी केतु हैं !
२०-पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के देवता जल देव जी और स्वामी शुक्र हैं !
२१-उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के देवता विश्वेदेव जी और स्वामी सूर्य हैं !
२२-श्रवण नक्षत्र के देवता विष्णु जी और स्वामी चन्द्र हैं !
२३-धनिष्ठा नक्षत्र के देवता अष्टवसु जी और स्वामी मंगल हैं !
२४-शतभिषा नक्षत्र के देवता वरुण देव जी और स्वामी राहु हैं !
२५-पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के देवता अजैकपाद देव जी और स्वामी गुरु हैं !
२६-उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के देवता अहिर्बुध्न्य देवजी और स्वामी शनि हैं !
२७-रेवती नक्षत्र के देवता पूषा [सूर्य ]देव जी और स्वामी बुध है !
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~*
*_*मंदिर जाना जरूरी है_*
*1.पहला कारण—–:*
*मंदिर जाना इसलिए जरूरी है कि वहां जाकर आप यह सिद्ध करते हैं कि आप देव शक्तियों में विश्वास रखते हैं तो देव शक्तियां भी आपमें विश्वास रखेंगी। यदि आप नहीं जाते हैं तो आप कैसे व्यक्त करेंगे की आप परमेश्वर या देवताओं की तरफ है.? यदि आप देवताओं की ओर देखेंगे तो देवता भी आपकी ओर देखेंगे। और यह भाव मंदिर में देवताओं के समक्ष जाने से ही आते हैं।*
*2.दूसरा कारण—–:*
*अच्छे मनोभाव से जाने वाले की सभी तरह की समस्याएं प्रतिदिन मंदिर जाने से समाप्त हो जाती है। मंदिर जाते रहने से मन में दृढ़ विश्वास और उम्मीद की ऊर्जा का संचार होता है। विश्वास की शक्ति से ही समृद्धि, सुख, शांति और कल्याण की प्राप्ति होती है।।*
*3.तीसरा कारण—–:*
*यदि आपने कोई ऐसा अपराध किया है कि जिसे आप ही जानते हैं तो आपके लिए प्रायश्चित का समय है। आप क्षमा प्रार्थना करके अपने मन को हल्का कर सकते हैं। इससे मन की बैचेनी समाप्त होती है और आप का जीवन फिर से पटरी पर आ जाता है।।*
*4.चौथा कारण—–:*
*मंदिर में शंख और घंटियों की आवाजें वातावरण को शुद्ध कर मन और मस्तिष्क को शांत करती हैं। धूप और दीप से मन और मस्तिष्क के सभी तरह के नकारात्मक भाव हट जाते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।।*
*5.पांचवां कारण—–:*
*मंदिर के वास्तु और वातावरण के कारण वहां सकारात्मक उर्जा ज्यादा होती है। प्राचीन मंदिर* *ऊर्जा और प्रार्थना के केंद्र थे।*
*हमारे प्राचीन मंदिर* *वास्तुशास्त्रियों ने ढूंढ-ढूंढकर धरती पर ऊर्जा के सकारात्मक केंद्र ढूंढे और वहां मंदिर बनाए। मंदिर में शिखर होते हैं।शिखर की भीतरी सतह से टकराकर ऊर्जा तरंगें व ध्वनि तरंगें व्यक्ति के ऊपर पड़ती हैं। ये परावर्तित किरण तरंगें मानव शरीर आवृत्ति बनाए रखने में सहायक होती हैं।व्यक्ति का शरीर इस तरह से धीरे-धीरे मंदिर के भीतरी वातावरण से सामंजस्य स्थापित कर लेता है। इस तरह मनुष्य असीम सुख का अनुभव करता है।।
*6.छटा कारण——:*
मंदिर में उपस्थित व्यक्ति के मन में चंचलता चपलता कम होती है, और पवित्रता के विचार ज्यादा प्रबल होते हैं, चाहे वह ईश्वर के डर से या फिर ईश्वर के प्रति प्रेम व श्रद्धा के कारण। लेकिन इस तरह का निश्चल मन अपने आसपास के वातावरण को पवित्र बनाता है, इसलिए मंदिर में स्वत ही सकारात्मकता पवित्रता वाली ऊर्जा कुछ ज्यादा होती है जिसका लाभ वहां जाने वाले प्रत्येक व्यक्तियों को मिलता है।।अतः मंदिर जरूर जाएं और अपने साथ अपने बच्चों को भी लेकर जाएं, उन्हें भी अपनी संस्कृति व परंपराओं से अवगत कराएं।।
🙏🌹🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🌷🙏🌹✨
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगलकामनाएं ✨🌹
जिनका आज जन्मदिन है, उन्हें हमारी ओर से हृदय की गहराइयों से शुभकामनाएं, बधाइयाँ और शुभ आशीष 💐
ईश्वर आपको जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और अपार सफलता प्रदान करें। 🌸
आपका जन्मदिन : 29 अक्टूबर
इस दिन जन्मे जातकों का मूलांक 2 होता है।
2 अंक का स्वामी चंद्र ग्रह है, जो मन, कोमलता, भावनाओं और शुद्धता का प्रतीक माना गया है।
इस कारण आप स्वभाव से अत्यंत संवेदनशील, सरल, कोमल हृदय और सौम्य व्यक्तित्व वाले हैं।
आपमें दया, करुणा और परोपकार की भावना कूट-कूट कर भरी हुई है।
दूसरों के दुःख से व्यथित हो जाना आपकी महानता है, पर यही संवेदनशीलता कभी-कभी आपको मानसिक थकान भी देती है।
चंद्र की भाँति आपके जीवन में भावनाओं का ज्वार-भाटा आता-जाता रहता है —
कभी आप अत्यंत प्रसन्न और उत्साही, तो कभी गंभीर और चिंतनशील हो जाते हैं।
आपमें कलात्मकता और कल्पनाशीलता की अद्भुत प्रतिभा होती है।
आप अपने कार्यों में सृजनशीलता और भावनाओं का सुंदर मेल रखते हैं।
✨ आपके लिए शुभ संकेत ✨
🔹 शुभ दिनांक: 2, 11, 20, 29
🔹 शुभ अंक: 2, 11, 20, 29, 56, 65, 92
🔹 शुभ वर्ष: 2027, 2029, 2036
🔹 शुभ रंग: सफेद, हल्का नीला, सिल्वर ग्रे
🔹 ईष्ट देव: भगवान शिव एवं बटुक भैरव 🙏
🌿 आपके भविष्यफल के अनुसार:
सेहत: शारीरिक रूप से थोड़ी कोमलता रहेगी, अतः स्वास्थ्य की उपेक्षा न करें। योग, ध्यान और सादा भोजन आपके लिए लाभदायक रहेगा।
परिवार: संबंधों में प्रेम और समझदारी रखें। किसी तीसरे की बातों में आकर मतभेद न बढ़ाएँ।
करियर: लेखन, कला, संगीत, अनुसंधान और परामर्श जैसे क्षेत्रों में सफलता संभव है। नए कार्य या अनुबंध से पहले पूर्ण सावधानी रखें।
🌷 विशेष सलाह:
बिना पढ़े या समझे किसी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर न करें।
अपने विचारों और योजनाओं को शांत मन से तय करें।
आपका सौम्य स्वभाव और चंद्र जैसी शीतलता आपको हर परिस्थिति में सफल बनाएगी।
💫 ईश्वर से प्रार्थना है कि आपके जीवन में सदा खुशियों की चाँदनी बनी रहे,
हर दिन नया उजास और हर रात नई उम्मीद लेकर आए। 🌕🌸
🌹आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई और अनंत शुभकामनाएँ🌹
जय शिव शंकर 🙏✨
राशिफल
मेष (Aries)
स्वभाव: उत्साही
राशि स्वामी: मंगल
शुभ रंग: हरा
आज का दिन आपके लिए बाकी दिनों की तुलना में बेहतर रहने वाला है। आपको किसी नए पद की प्राप्ति होने से आपका मन काफी खुश रहेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई-लिखाई में एकाग्र होकर जुटना होगा, तभी उन्हें कोई अच्छी सफलता हासिल होती दिख रही है। आप किसी विरोधी के बातों में ना आएं। आपको छोटी-छोटी लाभ की योजनाओं से भी बेहतर लाभ मिलेंगे। बिजनेस में आपको अच्छी सफलता मिलेगी, लेकिन प्रॉपर्टी को लेकर कोई बवाल खड़ा हो सकता है।
वृषभ (Taurus)
स्वभाव: धैर्यवान
राशि स्वामी: शुक्र
शुभ रंग: नीला
आज आपके मन में प्रतिस्पर्धा का भाव बना रहेगा। आप अपने वाणी की सौम्यता से लोगों का दिल जीतने में कामयाब रहेंगे। सामाजिक कार्यक्रमों से जुड़कर आप अच्छा नाम कमाएंगे। कोई राजनीतिक मामला आपको समस्या दे सकता है। आप किसी लंबी दूरी पर की यात्रा पर जाने की प्लानिंग कर सकते हैं। विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा के मार्ग प्रशस्त होंगे। आप किसी मनोरंजन के कार्यक्रम में सम्मिलित हो सकते हैं।
मिथुन (Gemini)
स्वभाव: जिज्ञासु
राशि स्वामी: बुध
शुभ रंग: लाल
आज का दिन आपके लिए धैर्य और संयम से काम लेने के लिए रहेगा। कारोबार में आप कोई बड़ा जोखिम उठाने से बचें। आपको अपने कामों में स्पष्टता बनाए रखनी होगी। सरकारी योजनाओं का आपको पूरा लाभ मिलेगा। आपको काम को लेकर यदि कोई समस्या थी, तो वह भी दूर होती दिख रही है। आपको अपने माता-पिता की सेवा करने से सुकून मिलेगा, जिससे आपके काम भी पूरे होंगे।
कर्क (Cancer)
स्वभाव: भावुक
राशि स्वामी: चंद्र
शुभ रंग: सफेद
आज आपकी नेतृत्व क्षमता बढ़ने से खुशी होगी और कार्यक्षेत्र में आपको टीमवर्क के जरिए काम करने का मौका मिलेगा। दांपत्य जीवन आनंदमय रहेगा। छोटे बच्चों के लिए आज आप कोई उपहार लेकर आ सकते हैं। धन-धान्य में वृद्धि होने से आज आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। आपकी यदि कोई प्रिय वस्तु खो गई थी, तो उसके भी आपको मिलने की पूरी संभावना है। आप अपने घर किसी नए वाहन को लेकर आ सकते हैं।
सिंह राशि (Leo)
स्वभाव: आत्मविश्वासी
राशि स्वामी: सूर्य
शुभ रंग: पीला
आज का दिन नौकरी में कार्यरत लोगों के लिए बढ़िया रहने वाला है, जिसमें आपको मनपसंद काम मिलेगा और आप मेहनत से काम करके एक अच्छा मुकाम हासिल करेंगे। आज आपकी कुछ नए लोगों से मुलाकात होगी, जो आपके शुभचिंतक हो सकते हैं। आपको अपने कामों में स्पष्टता बनाए रखनी होगी। आप किसी विरोधी की बातों में ना आएं। कोई सरकारी मामला आपको टेंशन दे सकता है, इसलिए उसे समय से निपटाने की पूरी कोशिश करें।
कन्या (Virgo)
स्वभाव: मेहनती
राशि स्वामी: बुध
शुभ रंग: गोल्डन
आज का दिन आपके कार्यों में सफलता लेकर आएगा। प्रेम और सहयोग की भावना आपके मन में बनी रहेगी। आपका कोई पुराना लेनदेन चुकता करना होगा, लेकिन आप अपने खर्चों को लेकर बजट बनाकर ही आगे बढ़े, नहीं तो आप बेफिजूल के खर्चों को पहले करेंगे। परिवार में किसी मांगलिक कार्यक्रम की तैयारी शुरू हो सकती है। आपकी कोई मन की इच्छा पूरी होने से खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा।
तुला (Libra)
स्वभाव: संतुलित
राशि स्वामी: शुक्र
शुभ रंग: हरा
आज का दिन आपके लिए करियर के लिहाज से अच्छा रहने वाला है। आपको डूबा हुआ धन मिलने से आज आपको खुशी होगी। आपकी कोई मन की इच्छा की पूर्ति होने से आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। आपको अपनी जरूरत के हिसाब से कामों को करना बेहतर रहेगा। परिवार में सदस्यों में यदि किसी बात को लेकर अनबन चल रही थी, तो वह भी बातचीत के जरिए दूर होगी।
वृश्चिक (Scorpio)
स्वभाव: रहस्यमय
राशि स्वामी: मंगल
शुभ रंग: नीला
आज आपके चारों ओर का वातावरण खुशनुमा रहेगा। आप सबको साथ लेकर चलने की कोशिश में कामयाब रहेंगे। आपको किसी की सलाह पर ना चले और आपका कोई सहयोगी आपकी मदद के लिए आगे आएगा। आपका कोई पुराना रोग उभर सकता है, जो आपकी टेंशनों को बढ़ाएगा। आपके सामने आज कुछ ऐसे खर्च आएंगे, जो आपको मजबूरी में ना चाहते हुए भी करने पड़ेंगे। आप अपने परिवार के मामलों को मिल बैठकर आसानी से निपटा लें।
धनु (Sagittarius)
स्वभाव: दयालु
राशि स्वामी: गुरु
शुभ रंग: लाल
आज का दिन आपके लिए बढ़िया रहने वाला है। आपको कार्यक्षेत्र में भी कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। आपका पद भी ऊंचा होगा और आपको इंक्रीमेंट भी मिल सकता है। आपका कोई मित्र आपके कामों में बाधा अटकाने की कोशिश करेगा। आपको किसी बड़े काम की शुरुआत करना बेहतर रहेगा, लेकिन फिर भी आपको भाई-बहनों से बातचीत करके कोई फैसला लेना बेहतर रहेगा। अविवाहित जातकों के जीवन में किसी उनके साथी की दस्तक हो सकती है।
मकर (Capricorn)
स्वभाव: अनुशासित
राशि स्वामी: ग्रे
शुभ रंग: लाल
आज का दिन आपके लिए रचनात्मक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने के लिए रहेगा। आज आपका आत्मविश्वास भी मजबूत रहेगा। आप किसी गरीब की मदद के लिए आगे आएंगे। राजनीति में आपको कोई सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। आपको अपनी किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा, उसे बिल्कुल दोबारा ना दोहराएं और परिवार में सदस्यों से बातचीत करने के लिए समय निकाले, जिससे उनके मन में चल रही दुविधा को खत्म करने की कोशिश करें।
कुंभ ( Aquarius)
स्वभाव: मानवतावादी
राशि स्वामी: शनि
शुभ रंग: पीला
आज का दिन आपके लिए बढ़ते खर्चो पर लगाम लगाने के लिए रहेगा और आपको अपने आसपास रह रहे विरोधियों को पहचानने की आवश्यकता है। किसी अजनबी की बातों में आकर कोई इंवेस्टमेंट ना करें। संतान पक्ष की ओर से आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। आपका कोई सरकारी काम यदि लंबे समय से रुका हुआ था, तो उसके पूरे होने की संभावना है। माता-पिता के आशीर्वाद से आपका कोई रुका हुआ काम पूरा होगा।
मीन (Pisces)
स्वभाव: संवेदनशील
राशि स्वामी: बृहस्पति
शुभ रंग: हरा
आज का दिन आपके लिए कोई बड़ी उपलब्धि लेकर आने वाला है। आपकी पद और प्रतिष्ठा बढ़ने से आपको काम को लेकर कोई बेहतर अवसर हाथ लगेगा। आपके सहयोगी कामों में पूरा साथ देंगे, लेकिन आपकी वाणी पर आपको थोड़ा संयम रखने की आवश्यकता है। आप किसी की कही सुनी बातों पर बिल्कुल भरोसा ना करें। परिवार में किसी सदस्य के विवाह में आ रही बाधा भी दूर होगी। वैवाहिक जीवन खुशनुमा रहेगा।

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