🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक – 25 दिसम्बर 2025*
🌤️ *दिन – गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शिशिर ॠतु*
🌤️ *मास – पौष*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – पंचमी दोपहर 01:42 तक तत्पश्चात षष्ठी*
🌤️ *नक्षत्र – धनिष्ठा सुबह 08:18 तक तत्पश्चात शतभिषा*
🌤️ *योग – वज्र शाम 03:14 तक तत्पश्चात सिद्धि*
🌤️ *राहुकाल – दोपहर 02:00 से शाम 03:22 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 07:14*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:03*
👉 *दिशाशूल – दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- तुलसी पूजन दिवस,विश्व गुरू भारत सप्ताह (25 से 31 दिसंबर तक),पंचक*
💥 *विशेष – पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *व्यतिपात योग* 🌷
🙏🏻 *व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।*
🙏🏻 *वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।*
🙏🏻 *व्यतिपात योग माने क्या कि देवताओं के गुरु बृहस्पति की धर्मपत्नी तारा पर चन्द्र देव की गलत नजर थी जिसके कारण सूर्य देव अप्रसन्न हुऐ नाराज हुऐ, उन्होनें चन्द्रदेव को समझाया पर चन्द्रदेव ने उनकी बात को अनसुना कर दिया तो सूर्य देव को दुःख हुआ कि मैने इनको सही बात बताई फिर भी ध्यान नही दिया और सूर्यदेव को अपने गुरुदेव की याद आई कि कैसा गुरुदेव के लिये आदर प्रेम श्रद्धा होना चाहिये पर इसको इतना नही थोडा भूल रहा है ये, सूर्यदेव को गुरुदेव की याद आई और आँखों से आँसु बहे वो समय व्यतिपात योग कहलाता है। और उस समय किया हुआ जप, सुमिरन, पाठ, प्रायाणाम, गुरुदर्शन की खूब महिमा बताई है वाराह पुराण में।*
💥 *विशेष ~ व्यतिपात योग – 26 दिसम्बर 2025 शुक्रवार को दोपहर 02:01 से 27 दिसम्बर, शनिवार को दोपहर 12:22 व्यतिपात योग है।*
🙏🏻 दुकान में गाय का चित्र या कुछ अन्य शुभ चित्र/प्रतिमाएँ लगाने से धार्मिक, मानसिक और व्यावसायिक—तीनों स्तरों पर सकारात्मक प्रभाव माना जाता है।
दुकान में गाय का चित्र लगाने के फायदे
1. बरकत और समृद्धि
गाय को कामधेनु कहा गया है। माना जाता है कि इससे दुकान में धन की आवक बनी रहती है।
2. सकारात्मक ऊर्जा
गाय का चित्र नकारात्मक ऊर्जा को कम करता है और वातावरण को शांत बनाता है।
3. ग्राहकों की संख्या में वृद्धि
शांत और पवित्र वातावरण से ग्राहक सहज महसूस करते हैं, जिससे व्यापार बढ़ता है।
4. व्यवसाय में स्थिरता
उतार-चढ़ाव कम होते हैं और नुकसान की संभावनाएँ घटती हैं।
कैसा चित्र लगाएँ?
गाय के साथ बछड़ा हो तो बहुत शुभ
गाय चरती हुई या खड़ी शांत मुद्रा में हो
स्थान: उत्तर या पूर्व दिशा, आँखों के सामने
गंदा या फटा चित्र न लगाएँ
दुकान में लगाने योग्य अन्य शुभ चित्र और उनके लाभ
सफेद घोड़े का चित्र
तरक्की, गति और नए अवसर
व्यापार में तेजी और रुकावटें दूर
लक्ष्मी–गणेश का चित्र
धन, सफलता और बुद्धि का आशीर्वाद
कैश काउंटर के पास शुभ
उगते सूर्य का चित्र
नई शुरुआत, सम्मान और ऊर्जा
रुका हुआ काम आगे बढ़ता है
हाथी (जल अभिषेक करता हुआ)
राजयोग, स्थायित्व और बड़ा लाभ
बड़ा व्यापार या होलसेल के लिए शुभ
कमल का फूल
शुद्ध धन, प्रतिष्ठा और सौम्यता
विशेष रूप से फाइनेंस/मेडिकल दुकानों के लिए अच्छा
दुकान में क्या न लगाएँ
डूबता सूर्य
युद्ध, हिंसा या उदासी वाले चित्र
टूटी मूर्तियाँ या फटे फोटो
अकेला रोता जानवर
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
दान करना हमारे समाज में अति शुभ माना गया है लेकिन कई बार यह दान दुःख का कारण भी बन जाता है। हमारे आसपास ऐसे कई व्यक्ति है जो कि ज्यादा दान या ज्यादा धर्म में लीन रहते है ;
फिर भी कष्ट उनका व उनके परिवार का पीछा नहीं छोड़ता *तब हम अपने को सांत्वना स्वरूप यह कह कर संतोष करते है कि भगवान शायद हमारी परीक्षा ले रहा है*।
अरे भाई भगवान् कोई परीक्षा वरीक्षा नहीं ले रहा,*बल्कि वो तो तुम्हारे ही कर्मो का फल तुम्हे दे रहा है*।
*बहुत दान धर्म करने के बाद भी सुख नहीं मिलता क्योकि तुम्हारे द्वारा दिया दान ही दुःख का कारण बन जाता है।*
एक समय की बात है। एक बार एक गरीब आदमी एक सेठ के पास जाता है और भोजन के लिए सहायता मांगता है।
सेठ बहुत ही धर्मात्मा था वो उसे पैसे देता है। पैसे लेकर व्यक्ति भोजन करता है, और उसके पास कुछ पैसे बचते है जिससे वो शराब पी लेता है शराब पीकर घर जाता है और अपनी पत्नी को मारता है ;पत्नी दुखी होकर अपने दो बच्चो के साथ तालाब में कूद कर आत्म हत्या कर लेती है।
कुछ समय बाद उस सेठ की भी असाध्य रोग से मृत्यु हो जाती है मरने के बाद सेठ जब ऊपर जाता है तब यमराज बोलते है कि इसको नरक में फेंक दो। सेठ यह सुनकर यमराज से कहता है कि आपसे गलती हुई है, मैने तो कभी कोई पाप भी नही किया है, बल्कि जब भी कोई मेरे पास आया है मेने उसकी हमेशा मदद ही की है इसलिये मुझे एक बार भगवान् से मिला दो। तब यमराज उसे बोलते है कि हमारे यहाँ तो गलती की कोई संभावना नही है, गलतिया तो तुम लोग ही करते हो। पर सेठ के बहुत कहने पर यमराज उसे भगवान् के समक्ष ले जाते है।सेठ बोलता हे प्रभु मैने तो कोई पाप किया ही नही है तो मुझे नरक क्यों दिया जा रहा है। तब भगवान् उसे उस गरीब व्यक्ति को पैसे देने वाली बात बताते है कि *उस व्यक्ति की पत्नी और दो बच्चो की जीव हत्या का कारण तू है। तू उसे पैसे न देता तो वो शराब पीकर अपनी पत्नी को दुःख नही देता*।
सेठ बोलता है प्रभु मैने तो एक गरीब को दान दिया है और शास्त्रों में भी दान देने की बात लिखी है।
*भगवान् ने कहा कि दान देने से पहले पात्र की योग्यता परखनी चाहिए की वो दान लेने के योग्य है या नहीं,या उसे किस प्रकार के दान की जरुरत है*। तुमने धन देकर उसकी मदद क्यों की, तुम उसको भोजन भी करा सकते थे।
और रही बात उसकी दरिद्रता की तो उसे देना होता तो मैं ही दे देता, वो जिस योग्य था उतना मैने उसे दिया, जब मैने ही उसकी अयोग्यता के कारण उससे सब कुछ नहीं दिया तो तुम्हें उसे क्या जरुरत थी धन देने की, तुम उसे भोजन भी करवा सकते थे। और तुम्हारे दिये हुए धन-दान के कारण तीन जीवों हत्याए हुई है और इन हत्याओं के पाप का फल अब तुम्हे भुगतना पड़ेगा अर्थात *दान देना बुरी बात नही लेकिन देने से पहले ये परख ले की आप जो दान कर रहे है उसका उपयोग किसी पाप कर्म में तो नही हो रहा है* अक्सर लोग भगवान के नाम पर चन्दा एकत्रित कर अपना घर भर लेते हैं अतः पहले देखें कि आपका दान किसी का भला करने से सार्थक हो भी रहा है या नही ।
*भले ही दान हेतु आपके भाव श्रेष्ठ हो , लेकिन अगर आपके द्वारा दिये दान से कोई पाप कर्म फलित होता है, तो आपको उस दिए दान के पुण्य के साथ-साथ उसके पाप का फल भी भोगना होगा*।
क्योकि इस कर्म को फलित करने के लिए पानी सीचने का काम तो आप ही ने किया..!!
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*🚩🕉️प्रेम: एक आध्यात्मिक गुरुत्वाकर्षण*
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*🚩🕉️जैसे दो निर्जीव वस्तुओं को गुरुत्वाकर्षण बल एक दूसरे को अपनी तरफ आकर्षित करता है , उसी प्रकार प्राणियों को प्रेम रूपी आकर्षण बल अपनी तरफ खींचता है।*
*🚩🕉️है प्रेम जगत में सार और कोई सार नहीं*
*🚩🕉️जैसे निर्जीव वस्तुओं को गुरुत्वाकर्षण अपनी ओर आकर्षित करता है, वैसे ही प्राणियों को प्रेम रूपी शक्ति परमात्मा की ओर खींचती है। सनातन धर्म में प्रेम को जीवन का सार माना गया है, जो भक्ति के रूप में परम सत्य तक ले जाता है।*
*🚩🕉️सनातन ग्रंथों में प्रेम को एक अपरिहार्य आकर्षण बल के रूप में वर्णित किया गया है, ठीक वैसे ही जैसे भौतिक जगत में गुरुत्वाकर्षण निर्जीव पदार्थों को एकत्रित करता है। नारद भक्ति सूत्र में भक्ति को ‘अमृतस्वरूपा चेति’ कहा गया है, अर्थात् प्रेम रूपी भक्ति अमृत के समान है, जो जीव को परमात्मा की ओर अनिवार्यतः आकर्षित करती है।*
*🚩🕉️यह आकर्षण स्वाभाविक है—जैसे पृथ्वी अपनी कक्षा में चंद्रमा को बांधे रखती है, वैसे ही प्रेम जीवात्मा को परमात्मा से जोड़ता है। भगवद्गीता में श्रीकृष्ण कहते हैं, ‘प्रियो हि ज्ञानिनोऽत्यर्थमहं स च मम प्रियः’, अर्थात् ज्ञानी भक्त को मैं अत्यंत प्रिय हूं और वह मुझे प्रिय है। इस प्रकार प्रेम द्वंद्वातीत एकता का सूत्र है, जो संसार की माया से ऊपर उठाकर दिव्य आनंद प्रदान करता है।*
*🚩🕉️नारद भक्ति सूत्र: प्रेम का दर्शन*
*🚩🕉️देवर्षि नारद द्वारा रचित भक्ति सूत्र प्रेम को भक्ति का पर्याय मानते हैं, जिसमें 84 सूत्रों के माध्यम से इसका सार निकाला गया है। सूत्र 19 में कहा गया—’नारदस्तु तदर्पिताखिलाचारता तद्विस्मरणे परमव्याकुलतेति’, अर्थात् समस्त कर्मों को भगवान को अर्पित कर उनके स्मरण मात्र से व्याकुल होना ही प्रेम है।*
*🚩🕉️यह प्रेम गुरुत्वाकर्षण की भांति अनिवार्य है; बिना इसके जीवन शून्य है, जैसा संस्कृत श्लोक में कहा—’प्रेम्णा विहीनो नरः पशुसम एव सः’। नारद जी इसे ‘प्रेम सूत्र’ कहते हैं, क्योंकि भक्ति प्रेमरूपा है और जीव को भगवान की ओर खींचती है, जैसे धागा मोतियों को एकत्र करता है। अंतिम सूत्र 84 में विश्वास रखने वालों को प्रियतम की प्राप्ति का वचन है, जो प्रेम की विजय का प्रमाण है।*
*🚩🕉️भगवद्गीता: निष्काम प्रेम का उपदेश*
*🚩🕉️भगवद्गीता प्रेम को निष्काम भक्ति के रूप में स्थापित करती है, जहां आकर्षण स्वार्थरहित होता है। अध्याय 9 श्लोक 26 में श्रीकृष्ण कहते हैं—’पत्रं पुष्पं फलं तोयं यो मे भक्त्या प्रयच्छति’, अर्थात् भक्ति से पत्र-पुष्प आदि अर्पित करने वाला मुझे प्रिय है। यह प्रेम गुरुत्वाकर्षण सा सहज है, जो भक्त को ईश्वर से जोड़ता है बिना किसी अपेक्षा के। गीता सिखाती है कि अत्यधिक लगाव दुख का कारण है, किंतु शुद्ध प्रेम विनम्रता से आत्मा को शुद्ध करता है। जैसे निर्जीव वस्तुएं गुरुत्वाकर्षण से संचालित होती हैं, वैसे प्रेमी भक्त ‘भक्त्या मामभिजानाति’ के माध्यम से परम सत्य को जान लेते हैं।*
*🚩🕉️अन्य ग्रंथों में प्रेम का सार*
*🚩🕉️सनातन ग्रंथ प्रेम को नैतिकता का आधार मानते हैं। संस्कृत श्लोक कहते हैं—’ददाति प्रतिगृह्णाति गुह्यमाख्याति पृच्छति… षड्विधं प्रीतिलक्षणम्’, अर्थात् देना, लेना, रहस्य साझा करना आदि प्रेम के छह लक्षण हैं।*
*🚩🕉️भागवत पुराण में राधा-कृष्ण का प्रेम आत्मा-परमात्मा का मिलन दर्शाता है, जो शुद्ध आकर्षण है। उपनिषदों में प्रेम को सत्य का स्वरूप कहा गया—’प्रेम सत्यमस्ति’, जो जीवन का आधार है। यह बल प्राणियों को सामाजिक एकता भी प्रदान करता है, जैसे ‘प्रेम एव हि मनुष्यस्य जीवनस्य आधारः’।*
*🚩🌺प्रेम ही जगत का सार*
*🚩🌺है प्रेम जगत में सार और कोई सार नहीं’—यह कथन सनातन दर्शन का मूल है। प्रेम के बिना सब शून्य है, और यह गुरुत्वाकर्षण सा सबको एक सूत्र में बांधता है। नारद सूत्र के अनुसार, प्रेम से ही भगवान प्राप्ति होती है।*
*🚩🌺आज के कलियुग में यह आध्यात्मिक बल आवश्यक है, जो भौतिकता से ऊपर उठाकर अमरत्व प्रदान करता है। सनातन ग्रंथ प्रेम को अपनाने का संदेश देते हैं, जो जीव को परम पद तक ले जाता है।*
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जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
आपका जन्मदिन: 25 दिसंबर
दिनांक 25 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 7 होगा। यह अंक वरूण ग्रह से संचालित होता है। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति अपने आप में कई विशेषता लिए होते हैं। आप खुले दिल के व्यक्ति हैं। आप पैनी नजर के होते हैं। किसी के मन की बात तुरंत समझने की आपमें दक्षता होती है। आपकी प्रवृत्ति जल की तरह होती है। जिस तरह जल अपनी राह स्वयं बना लेता है वैसे ही आप भी तमाम बाधाओं को पार कर अपनी मंजिल पाने में कामयाब होते हैं।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 7, 16, 25
शुभ अंक : 7, 16, 25, 34
शुभ वर्ष : 2026
ईष्टदेव : भगवान शिव तथा विष्णु
शुभ रंग : सफेद, पिंक, जामुनी, मेहरून
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए समय सुखकर रहेगा। अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा। आपके कार्य में तेजी का वातावरण रहेगा।
सलाह: नवीन कार्य-योजना शुरू करने से पहले केसर का लंबा तिलक लगाएं। मंदिर में पताका चढ़ाएं।
कारोबार: व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। आपको प्रत्येक कार्य में जुटकर ही सफलता मिलेगी।
🌹 आज का राशिफल 🌹
*दिनांक : 25 दिसम्बर 2025*
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज आप आस-पास बन रहे वातावरण से क्षुब्ध होकर एकांतवास करना पसंद करेंगे। परन्तु सांसारिक मोह अधिक रहने के कारण ज्यादा समय एक निर्णय पर नहीं टिक पाएंगे। समाज एवं परिवार में एक समय अपने आप को अलग थलग पाएंगे। क्रोध भी अधिक रहेगा फिर भी थोड़ा संयम विवेक रहने से किसी को परेशान नहीं करेंगे। संतान आपकी भावनाओं की कद्र करेगी परन्तु अहम् के कारण किसी का सहयोग नहीं लेंगे। आर्थिक कारणों से महत्त्वपूर्ण यात्रा अथवा अन्य व्यवहार प्रभावित रहेंगे।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन आप तन मन से एकदम चुस्त रहेंगे। मानसिक प्रसन्नता रहने से कार्यो को बेहतर ढंग से कर पाएंगे अपने आस-पास का वातावरण विनोदी स्वभाव से हास्यमय बनाएंगे लेकिन ध्यान रहे आपकी हास्य भरी बातें किसी के दिल को चुभ भी सकती है। कार्य क्षेत्र से आशा के अनुसार लाभ नही होने पर भी परेशांन नहीं होंगे। अधिकारी वर्ग आज आपको कोई महत्त्वपूर्ण कार्य सौप सकते है जिसपर आप खरे उतरेंगे। परिवार में भी आप सक्रीय रहेंगे परिजनों की।परेशानियों को गंभीर लेकर तुरंत समाधान करेंगे।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन आप में परोपकार की भावना अधिक रहेगी। अपने कार्यो को छोड़ दुसरो के कार्य करने के कारण परेशानी होगी परन्तु मानसिक संतोष भी रहेगा। दो पक्षो के विवाद के बीच व्यर्थ में फंस सकते है किसी की मध्यस्थता आज भूल कर भी ना करें। परिश्रम वाले कार्यो को करने में शारीरिक रूप से अक्षम रहेंगे। अर्थ एवं परिवारिक कारणों से चिंता रहेगी। किसी से मदद लेना चाहेंगे उसमे भी निराशा ही मिलेगी। लोग आपकी मदद करने की जगह आपकी बातों को हास्य में लेंगे।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन कार्यो में निरंतर मिल रही असफलता के कारण नकारात्मक विचार मन को परेशान करेंगे। शारीरिक रूप से भी शिथिल रहेंगे। व्यवसाय सम्बंधित आयोजन अधूरे रहने से कार्य क्षेत्र पर आपकी आलोचना भी हो सकती है। व्यवहारिकता की कमी के कारण लाभदायक सम्बन्ध टूट सकते है। नौकरी पेशा जातक काम से मन चुरायेंगे इसलिए अधिकारियो का कोप भाजन बनना पडेगा। संध्या के समय किसी स्त्री के सहयोग से धन लाभ की सम्भवना है। परिजनों से सम्बन्ध ठीक नहीं रहेंगे।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन आपके लिए शुभ रहेगा। आज कार्यो को काफी सोच विचारने के बाद ही करेंगे। कार्य क्षेत्र पर निर्णय लेने में थोड़ी परेशानी भी रह सकती है फिर भी सोची गयी योजनाएं अवश्य फलीभूत होंगी। धन लाभ थोड़े इन्तजार के बाद होगा। शारीरिक स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। घर में पूजा पाठ का आयोजन करवा सकते है। नए कार्यो की शुरुआत फिलहाल टालें। सुख के साधनों में वृद्धि होगी। विरोधी परास्त होंगे। परिवार में शांति रहेगी।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज दिन का पूर्वार्द्ध पहले की भांति शांति से व्यतीत करेंगे परन्तु इसके बाद का समय थोड़ा कष्टदायक रहने वाला है सभी महत्त्वपूर्ण कार्य आलस्य छोड़ जल्दी निपटाने का प्रयास करें। इस अवधि में धन लाभ भी होगा। मध्यान के बाद स्थिति बदलने से आकस्मिक खर्च बढ़ेंगे संकलित पूँजी खर्च हो सकती है। व्यापार में निवेश एवं धन की उधारी के व्यवहार सोच समझ कर ही करें। परिवार में किसी महिला के रूठने पर खुशामद करनी पड़ सकती है।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज के दिन आप स्वार्थ सिद्धि के कारण आपसी मनमुटाव भुलाकर नए सिरे से कार्य करेंगे। परन्तु अधिकारियो से कार्य निकालना आसान नहीं रहेगा। कार्य क्षेत्र अथवा घर पर किसी अन्य व्यक्ति के कारण हंगामा खड़ा हो सकता है फिर भी पारिवारिक सदस्यों के एकजुट होने से समस्या का समाधान निकाल लेंगे। आर्थिक दृष्टिकोण से दिन परिश्रम वाला रहेगा परिश्रम के बाद ही निर्वाह योग्य आय बना पाएंगे। विरोधी चाह कर भी आपका बुरा नहीं कर पाएंगे। लंबी दूरी की यात्रा की योजना बनेगी भविष्य की योजनाओं पर खर्च होगा।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन की शुरुआत में किसी से विवाद हो सकता है जिस के कारण मध्यान तक मन अशांत रहेगा। कार्य व्यवसाय में भी दिन उदासीन रहेगा परिश्रम का उचित फल नहीं मिलेगा। हाथ आये अनुबंध भी निरस्त हो सकते है। नौकरी पेशा जातक अधिक कार्य भार के कारण थकान अनुभव करेंगे। परिवार में किसी के स्वास्थ्य खराब होने अथवा महत्त्वपूर्ण कार्य निकलने से दिनचर्या में परिवर्तन करना पड़ेगा। आकस्मिक खर्च भी परेशान करेंगे। संतान आपकी अवहेलना करेगी।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन धन लाभ के अवसर मिलेंगे। कार्यो में गति आने एवं घर एवं कार्य क्षेत्र पर अव्यवस्था में सुधार होगा। भविष्य के प्रति निश्चिन्त रहेंगे। पारिवारिक सदस्य आपको पूरा सहयोग करेंगे। बीच-बीच में किसी पुराने विवाद के कारण अशांति बनेगी फिर भी स्थिति नियंत्रण में रहेगी। व्यवसाय में समय से पहले महत्त्वपूर्ण कार्य पूर्ण होने से धन की आमद सुनिश्चित होगी। बड़े बुजुर्ग आपकी प्रगति से प्रसन्न रहेंगे। आज अतिआत्मविश्वास की भावना भी रहेगी जिससे सम्मान हानि भी हो सकती है।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज आपका ध्यान कार्य क्षेत्र पर कम ही रहेगा फलस्वरूप लाभ की आशा भी छोड़नी पड़ेगी। परन्तु फिर भी आज आकस्मिक रूप से धन की आमद होने से आप स्वयं भी आश्चर्य चकित रह जाएगे। भोग विलास की प्रवृति में अधिक समय देंगे। सामाजिक कार्यो की अनदेखी करने से व्यवहारों में कमी आएगी। गृहस्थ सुख उत्तम बना रहेगा। रिश्तेदारी में उपहारों का आदान प्रदान होगा। अविवाहित अथवा बेरोजगारों के लिए परिस्थिति सहायक बनेगी। यात्रा में चोटादि का भय है सतर्क रहें।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन आप आनंद से बितायेंगे। किसी मनोकामना अथवा बनाई योजना में सफलता मिलने की ख़ुशी दिन भर रहेगी। सेहत थोड़ी असामान्य रह सकती है स्वसन क्रिया सम्बंधित परेशानी बनेगी। कार्य क्षेत्र से आशा से अधिक लाभ कमा सकेंगे। यात्रा पर जाने का विचार होगा जिसमे थकान भी रहेगी परन्तु उत्साह के आगे अनुभव नहीं होगी। आस पड़ोसियों से ईर्ष्या युक्त सम्बन्ध रहेंगे। आप किसी से भी मदद लेने में सफल रहेंगे परन्तु किसी की मदद करने में आनाकानी कर सकते है। परिजन आपकी बात मानेंगे।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन सभी कार्यो में आशा के विपरीत फल रहेगा। विशेष कर धन सम्बंधित कार्य अनुभवी व्यक्ति की सलाह के बाद ही करें। कार्य क्षेत्र पर गलत निर्णय लेने से धन के साथ मान हानि भी हो सकती है। पारिवारिक वातावरण भी कुछ ऐसा ही रहेगा। कार्य क्षेत्र की खींज घर में निकालने से वातावरण अशान्त बनेगा। पत्नी अथवा संतान से तकरार हो सकती है। बड़े बुजुर्ग अथवा अधिकारी भी आपसे नाराज रहेंगे। अनैतिक साधनों से धन कमाने की योजना में लाभ हो होगा परन्तु जोखिम भी अधिक रहेगा।

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