🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🕉️ वैदिक पंचांग 🕉️
⛅दिनांक – 25 अक्टूबर 2025
⛅दिन – शनिवार
⛅विक्रम संवत् – 2082
⛅अयन – दक्षिणायण
⛅ऋतु – शरद
⛅मास – कार्तिक
⛅पक्ष – शुक्ल
⛅ तिथि – चतुर्थी रात्रि 03:48 अक्टूबर 26 तक तत्पश्चात् पञ्चमी
⛅नक्षत्र – अनुराधा सुबह 07:51 तक तत्पश्चात् ज्येष्ठा
⛅योग – शोभन पूर्ण रात्रि तक
⛅राहुकाल – सुबह 09:20 से सुबह 10:45 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅सूर्योदय – 06:28
⛅सूर्यास्त – 05:53 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में
⛅ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 04:48 से प्रातः 05:38 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11:48 से दोपहर 12:34 (उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 11:46 से रात्रि 12:36 अक्टूबर 26 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅व्रत पर्व विवरण – विनायक चतुर्थी, नागुला चविथी, रवि योग
🌥विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)
🔹अशुभ क्या है एवं शुभ क्या है ?🔹
🔸 बिल्ली की धूलि शुभ प्रारब्ध का हरण करती है । (नारद पुराण, पूर्व भाग : 26.32)
🔸 कुत्ता रखने वालों के लिए स्वर्गलोक में स्थान नहीं है । उनका पुण्य क्रोधवश नामक राक्षस हर लेते हैं । (महाभारत, महाप्रयाण पर्व : 3.10)
🔸 ‘महाभारत’ में यह भी आया है कि ‘घर में टूटा-फूटा बर्तन, सामान (फर्नीचर), मुर्गा, कुत्ता, बिल्ली होना अच्छा नहीं है । ये शुभ गुणों को हरते हैं ।’
🔸 दूसरे का अन्न, दूसरे का वस्त्र, दूसरे का धन, दूसरे की शय्या, दूसरे की गाड़ी, दूसरे की स्त्री का सेवन और दूसरे के घर में वास – ये इन्द्र के भी ऐश्वर्य को नष्ट कर देते हैं । (शंखलिखित स्मृति : 17)
🔸 जिस तरह शरीर में जीवन न हो तो वह मुर्दा शरीर अशुभ माना जाता है । इसी तरह खाली कलश भी अशुभ है । दूध, घी, पानी अथवा अनाज से भरा हुआ कलश कल्याणकारी माना जाता है । भरा हुआ घड़ा मांगलिकता का प्रतीक है ।
🔸 वास्तुशास्त्र के अनुसार घर की पश्चिम दिशा में पीपल का वृक्ष होना शुभ है । इसके विपरीत पूर्व दिशा में होना विशेष अशुभ है ।
🔸 आँवला, बिल्व, नारियल, तुलसी और चमेली सभी दिशाओं में शुभ हैं । कुछ अन्य वृक्षों के लिए शुभ दिशाओं की सूचिः
जामुन – दक्षिण, पूर्व, उत्तर
अनार – आग्नेय, नैर्ऋत्य कोण
केला – तुलसी के साथ सभी दिशाओं में
चंदन – पश्चिम, दक्षिण (पूर्व विशेष अशुभ)
बड़ – पूर्व (पश्चिम विशेष अशुभ)
कनेर – पूर्व, उत्तर (पश्चिम विशेष अशुभ)
नीम – वायव्य कोण (आग्नेय विशेष अशुभ)
🔸 घर में बाँस, बेर, पपीता, पलाश और बबूल के वृक्ष सभी दिशाओं में अशुभ माने जाते हैं । आम पूर्व में, सीताफल व गुलाब ईशान कोण में विशेष अशुभ हैं ।
🔸 अशुभ वस्तुएँ जैसे कि मांस, दुर्घटना का दृश्य, मृतक जीव-जन्तु दिखायी देने पर उसी समय सूर्यनारायण के दर्शन कर लेने चाहिए ।
🌞मेरे श्रीराम आए है तो द्वारिकाधीश भी आयेंगे🌞
दिन का चौघड़िया
१ – काल २ – शुभ
३ – रोग ४ – उद्वेग
५ – चल ६ – लाभ
७ – अमृत ८ – काल
रात्रि का चौघड़िया
१ – लाभ २ – उद्वेग
३ – शुभ ४ – अमृत
५ – चल ६ – रोग
७ – काल ८ – लाभ
नोट:- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि लगभग डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
भद्रा वास एवम् फल:–
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं पाताले च धनागमः।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्व कार्य विनाशिनि
शनि की न्यायप्रियता की पौराणिक कहानी
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एक बार भगवान विष्णु, शंकर और ब्रह्मा के बीच एक संवाद शुरू हुआ। यह संवाद था संसार में एक न्याय अधिकारी को जन्म देने का। यह संवाद तब शुरू हुआ जब देवों और असुरों के बीच लगातार युद्ध हो रहा था। असुरों को लगता था कि जब न्याय की बात आती है तो फैसला देवों के हक में सुनाया जाता है। परंतु असुरों के गुरु शुक्राचार्य को भगवान शंकर पर पूर्ण विश्वास था कि वह देवों के साथ असुरों के हितों की भी रक्षा करेंगे। भगवान शंकर ने अपने परम भक्त शुक्राचार्य को निराश नहीं किया। भगवान् शंकर ही थे जिन्होंने शनिदेव के जन्म की पटकथा लिखी। शनिदेव का जन्म सूर्य पुत्र के रूप में हुआ जिनकी मां का नाम छाया था। एक पौराणिक कथा के अनुसार छाया ने शनि को एक जंगल में छुपा के रख उनका वही पालन-पोषण किया। यम के अलावा शनि भी एक पुत्र है। शनि देव को भी नहीं मालूम था उनके पिता स्वयं सूर्य देव है।
लेकिन यह राज बहुत दिनों तक छुप ना सका। क्योंकि संसार को उसका न्याय अधिकारी मिलना था जो कर्मों के आधार पर लोगों को न्याय और दंड देगा। इधर देवाधिपति इंद्र देव और शुक्राचार्य के बीच न्याय अधिकारी के अस्तित्व को जानने के लिए खलबली मची हुई थी। इसी खलबली का नतीजा एक चक्रवात के रूप में आया जिसका संचालन शुक्राचार्य कर रहे थे।
शुक्राचार्य को मोहरा बनाते हुए इंद्र देव ने एक षड्यंत्र रचा था। सही मायनों में इस चक्रवात के लिए इंद्रदेव जिम्मेदार थे जिन्होंने असुरों के गुरु शुक्राचार्य को उकसाया। इस चक्रवात की चपेट में शनि की माता छाया आ गई जिससे शनि देव नाराज हो गए और शंकर भगवान की कृपा से उन्हें अपनी शक्तियों का बोध हो गया और उन्होंने अपनी मां छाया को बचा लिया। इसके बाद सूर्य देव चक्रवात से क्रोधित हो गए और उन्होंने शुक्राचार्य और इंद्र देव को सूर्य लोक में बुलाया। जहां पर चक्रवात के दोषी को दंड दे कर न्याय दिया जाना था। लेकिन शुक्राचार्य की बात सुने बिना सूर्यदेव ने शुक्राचार्य को दोषी करार दे दिया इसको देखते हुए वहां शनि देव प्रकट हो गए उन्होंने न्याय अधिकारी के रूप में उचित न्याय किया।
उन्होंने सभी को बताया कि चक्रवात के असली दोषी शुक्राचार्य नहीं अपितु इंद्रदेव हैं। शनिदेव की यह बात सुनकर वहां मौजूद सभी देवता (उनके पिता सूर्यदेव) और शुक्राचार्य चकित रह गए। लेकिन शनिदेव ने कहा कि न्याय सबके लिए बराबर होता है चाहे वह देव हो या असुर। अंत में देवताओं को शनि देव के आगे झुकना ही पड़ा क्योंकि न्याय विश्व के न्याय अधिकारी के द्वारा हो रहा था। इंद्र देव को सजा के तौर पर अपना मुकुट धरती पर उतार कर रखना पड़ा।
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कौआ चींटी ओर कुत्ते का महत्व
प्राचीन समय के ऋषियों मुनियों ने अपने शोध में बताया था की प्रत्येक जानवर के विचित्र व्यवहार एवं हरकतों का कुछ न कुछ प्रभाव अवश्य होता है. जानवरों के संबंध में अनेको बाते हमारे पुराणों एवं ग्रंथो में भी विस्तार से बतलाई गई है।
हमारे सनातन धर्म में माता के रूप में पूजनीय गाय के संबंध में तो बहुत सी बाते आप लोग जानते है होंगे परन्तु आज हम जानवरों के संबंध में पुराणों से ली गई कुछ ऐसी बातो के बारे में बतायेंगे जो आपने पहले कभी भी किसी से नहीं सुनी होगी. जानवरों से जुड़े रहस्यों के संबंध में पुराणों में बहुत ही विचित्र बाते बतलाई गई जो किसी को आश्चर्य में डाल देंगी।
कौए का रहस्य :-
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कौए के संबंध में पुराणों बहुत ही विचित्र बाते बतलाई गई है मान्यता है की कौआ अतिथि आगमन का सूचक एवं पितरो का आश्रम स्थल माना जाता है।
हमारे धर्म ग्रन्थ की एक कथा के अनुसार इस पक्षी ने देवताओ और राक्षसों के द्वारा समुद्र मंथन से प्राप्त अमृत का रस चख लिया था. यही कारण है की कौआ की कभी भी स्वाभाविक मृत्यु नहीं होती. यह पक्षी कभी किसी बिमारी अथवा अपने वृद्धा अवस्था के कारण मृत्यु को प्राप्त नहीं होता. इसकी मृत्यु आकस्मिक रूप से होती है।
यह बहुत ही रोचक है की जिस दिन कौए की मृत्यु होती है उस दिन उसका साथी भोजन ग्रहण नहीं करता. ये आपने कभी ख्याल किया हो तो यह बात गौर देने वाली है की कौआ कभी भी अकेले में भोजन ग्रहण नहीं करता यह पक्षी किसी साथी के साथ मिलकर ही भोजन करता है।
कौआ की लम्बाई करीब 20 इंच होता है, तथा यह गहरे काले रंग का पक्षी है. जिनमे नर और मादा दोनों एक समान ही दिखाई देते है. यह बगैर थके मिलो उड़ सकता है. कौए के बारे में पुराण में बतलाया गया है की किसी भविष्य में होने वाली घटनाओं का आभास पूर्व ही हो जाता है।
पितरो का आश्रय स्थल :- श्राद्ध पक्ष में कौए का महत्व बहुत ही अधिक माना गया है . इस पक्ष में यदि कोई भी व्यक्ति कौआ को भोजन कराता है तो यह भोजन कौआ के माध्यम से उसके पीतर ग्रहण करते है. शास्त्रों में यह बात स्पष्ट बतलाई गई है की कोई भी क्षमतावान आत्मा कौए के शरीर में विचरण कर सकती है।
भादौ महीने के 16 दिन कौआ हर घर की छत का मेहमान बनता है. ये 16 दिन श्राद्ध पक्ष के दिन माने जाते हैं. कौए एवं पीपल को पितृ प्रतीक माना जाता है. इन दिनों कौए को खाना खिलाकर एवं पीपल को पानी पिलाकर पितरों को तृप्त किया जाता है।
कौवे से जुड़े शकुन और अपशकुन :-
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1 . यदि आप शनिदेव को प्रसन्न करना चाहते हो कौआ को भोजन करना चाहिए
2 . यदि आपके मुंडेर पर कोई कौआ बोले तो मेहमान अवश्य आते है।
3 . यदि कौआ घर की उत्तर दिशा से बोले तो समझे जल्द ही आप पर लक्ष्मी की कृपा होने वाली है।
4 . पश्चिम दिशा से बोले तो घर में मेहमान आते है।
5 . पूर्व में बोले तो शुभ समाचार आता है।
6 . दक्षिण दिशा से बोले तो बुरा समाचार आता है।
7 . कौवे को भोजन कराने से अनिष्ट व शत्रु का नाश होता है।
चीटियों का रहस्य :-
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चीटियों को हम एक बहुत तुच्छ एवं छोटा जानवर समझते है, परन्तु चीटियां बहुत ही मेहनती और एकता से रहने वाला जीव है. सामूहिक प्राणी होने के कारण चींटी सभी कार्यों को बांटकर करती है.
विश्वभर में लगभग 14000 से अधिक प्रजाति की चीटियां है।
चींटी के बारे में वैज्ञानिकों ने कई रहस्य उजागर किए हैं. चींटियां आपस में बातचीत करती हैं, वे नगर बनाती हैं और भंडारण की समुचित व्यवस्था करना जानती हैं. हमारे इंजीनियरों से कहीं ज्यादा बेहतर होती हैं चींटियां. चींटियों का नेटवर्क दुनिया के अन्य नेटवर्क्स से कहीं बेहतर होता है. ये मिलकर एक पहाड़ को काटने की क्षमता रखती है।
चींटियां शहर को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं. चींटियां खुद के वजन से 100 गुना ज्यादा वजन उठा सकती हैं. मानव को चींटियों से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है।
चीटियों दो प्रकार की होती है लाल चीटियां एवं काली चीटियां. शास्त्रों के अनुसार लाल चीटियां को शुभ तथा काली चीटियों को अशुभ माना गाय है. दोनों ही तरह की चींटियों को आटा डालने की परंपरा प्राचीनकाल से ही विद्यमान है. चींटियों को शकर मिला आटा डालते रहने से व्यक्ति हर तरह के बंधन से मुक्त हो जाता है।
हजारों चींटियों को प्रतिदिन भोजन देने से वे चींटियां उक्त व्यक्ति को पहचानकर उसके प्रति अच्छे भाव रखने लगती हैं और उसको वे दुआ देने लगती हैं. चींटियों की दुआ का असर आपको हर संकट से बचा सकता है।
- यदि आप कर्ज से परेशान है तो चीटियों को शक़्कर और आता डाले. ऐसा करने पर कर्ज की समाप्ति जल्द हो जाती है।
- जो प्रत्येक दिन चीटियों को आता देता है वह वैकुंठ धाम को प्रस्थान करता है।
- यदि आप लाल चीटियों को मुंह में अंडे दबाए देखते हो यह भी शुभ माना जाता है तथा परिवार में सुख समृद्धि बढ़ती है।
कुत्ते का रहस्य :-
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हमारे पुराणों में यह बतलाया गया है की कुत्ता यमराज दूत है . कुत्ते को भैरव देवता का सेवक भी कहा जाता है. भैरव देवता को प्रसन्न करने के लिए कुत्ते को भोजन करना चाहिए. यदि भैरव देवता अपने भक्त से प्रसन्न रहते है तो किसी भी प्रकार की समस्या एवं रोग उसे छू नहीं सकता।
मान्यता है की यदि आप कुत्ते को प्रसन्न रखते है तो वह आपके सामने किसी भी तरह की आत्माओं को फटकने नहीं देता. आत्माएं कुत्ते से दूर भागती है।
कुत्ते की क्षमता के बारे में पुराण में बतलाया गया है की दरअसल कुत्ता एक ऐसा प्राणी है जिसे भविष्य में होने वाली घटनाओं का पूर्व आभास होता है तथा वह सूक्ष्म जगत को यानि की आत्माओं को देख सकता है।
हिन्दू धर्म में कुत्ते को एक रहस्मयी प्राणी माना गया है, परन्तु इसे भोजन कराने से हर प्रकार के संकट से बचा जा सकता है।
कुत्ते से जुड़े शकुन एवं अपशकुन :-
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1 . कुत्ते की रोने की आवाज को अपशकुन माना जाता है. जब भी कुत्ता कराहता है तो समझ लीजिए की नकरात्मक शक्तियां आस पास है।
2 . शस्त्रों में कुत्ते के संबंध में यह बात कहि गई की यदि किसी परिवार में रोगी हो तो कुत्ता पालने से वह रोगी की बिमारी को अपने उपार ले लेता है।
3 . यदि किसी शुभ कार्य के दौरान कुत्ता आपका मार्ग रोके तो इसे विषमता या अनिश्चय प्रकट होती है।
4 . यदि संतान की प्राप्ति न हो रही हो तो काले कुत्ते को पालना चाहिए।
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आज का राशिफल:
🦌मेष
आज आप पूरी मेहनत व लग्न से कामों में जुटेंगे, जिससे आपके सभी काम आसानी से पूरे होंगे और संतान की संगति पर आप थोड़ा ज्यादा ध्यान दें। काम को लेकर बाहर आना जाना लगा रहेगा। सरकारी नौकरी की तैयारी में लगे लोग अपने कामों पर पूरा ध्यान देंगे। पारिवारिक बिजनेस में थोड़ा नुकसान हो सकता है। आपको कोई दूसरी नौकरी का बुलावा सकता है, जिसमें आपका प्रमोशन भी होगा।
🐂वृष
आज का दिन आपके लिए जीवन स्तर में सुधार लेकर आएगा। ऑफिस में आपको काम को लेकर अपने जूनियर से कोई मदद लेनी पड़ सकती है। आप अच्छे खान-पान का आनंद लेंगे, लेकिन कोई पेट संबंधित समस्या आएगी। आप अपने घर किसी नए इलेक्ट्रॉनिक समान को लेकर आ सकते हैं। आपको अच्छे काम के लिए किसी सम्मान की प्राप्ति भी हो सकती हैं।
👬मिथुन
आज का दिन आपके लिए आर्थिक दृष्टिकोण से अच्छा रहने वाला है, क्योंकि आपके लाभ के रास्ते खुलेंगे और आपके मन में काम को लेकर नए-नए आइडिया आएंगे। आपको फालतू के मामले में बोलने से बचना होगा। पारिवारिक जीवन में खुशियां रहेगी। जीवनसाथी आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे, लेकिन किसी बात को लेकर मतभेद हो सकता है। यदि ऐसा हो, तो आप उन्हें मनाने की पूरी कोशिश करें।
🦀कर्क
आज का दिन आपके लिए चिंताग्रस्त रहने वाला है। आप अपने कामों में यदि कोई बदलाव करेंगे, तो वह आपके लिए कमजोर रहेंगे। आपको अपने बढ़ते खर्चों पर कंट्रोल करने की आवश्यकता है। दोस्तों के साथ आपका अच्छा समय व्यतीत करेगें, क्योंकि वह बिजनेस को लेकर आपको कुछ टिप्स दे सकते हैं। आप ससुराल पक्ष के किसी व्यक्ति से धन का लेनदेन करने से बचे।
🦁सिंह
आज का दिन आपके लिए कामों में एकाग्र होकर जुटने के लिए रहेगा। आपकी कुछ निकटतम लोगों से मुलाकात होगी, लेकिन आप अपनी वाणी पर संयम रखें। घर में बड़े सदस्यों का आपको पूरा साथ मिलेगा। आप किसी सरकारी योजना में भी इन्वेस्टमेंट करने की प्लानिंग कर सकते हैं। आज आपको कार्यक्षेत्र में किसी की कोई बात बुरी लगने से आपका काम करने में मन थोड़ा कम लगेगा।
👰♀कन्या
आज का दिन आपके लिए व्यस्तता भरा रहने वाला है। आपको एक साथ कई काम हाथ लगने से आपकी व्याग्रता बढ़ेगी। दोस्तों के साथ आप किसी पार्टी आदि को करने की योजना बना सकते हैं। आप किसी काम को लेकर जल्दबाजी दिखाएंगे, जिससे आपके परिवार में किसी सदस्य से बहसबाजी होने की संभावना है। आपको अपने बिजनेस को लेकर डिसीजन थोड़ा सोच समझ कर लेने होगे।
⚖तुला
आज आपके विरोधी आपको परेशान करने की कोशिश करेंगे। आपकी इनकम के सोर्स बढ़ेंगे और आपका कोई काम बनते बनते बिगड़ सकता है, इसलिए आप अपने कामों पर ही फोकस करें, तो आपके लिए बेहतर रहेगा। परिवार में किसी मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है, जिसमें परिवार के सभी सदस्य व्यस्त रहेंगे। आपकी निर्णय लेने की क्षमता भी बेहतर रहेगी।
🦂वृश्चिक
आज का दिन आपके लिए उन्नति की राह पर आगे बढ़ने के लिए रहेगा। आपको एक के बाद एक खुशखबरी सुनने को मिलेगी और आप अपने बिजनेस की योजनाएं को लेकर लापरवाही बिल्कुल नहीं करेंगे। आपको पुरानी समस्याओं से छुटकारा मिलेगा और आप अपनी संतान को संस्कारों व परंपराओं पाठ पढ़ाएंगे।आपको कुछ नए कपड़े गैजेट आदि की खरीदारी करना भी आपके लिए अच्छा रहेगा।
🏹धनु
आज का दिन आपके लिए खर्चों भरा रहने वाला है। यदि आपका धन कहीं फंसा हुआ था तो उसके आपको मिलने की संभावना है और प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। माता-पिता से आपको पारिवारिक मामले को लेकर बातचीत करनी होगी। आपको घूमने फिरने के दौरान कोई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी। यदि आप किसी लंबी दूरी की यात्रा पर जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपको उसमें माता-पिता से परमिशन लेकर जाना बेहतर रहेगा।
🐊मकर
व्यापार कर रहे लोगों के लिए आज दिन बढ़िया रहने वाला है। आपको किसी दूर रह रहे परिजन से कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। आपकी संतान आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी, लेकिन आपको किसी से कोई जरूरी जानकारी शेयर नहीं करनी है। यदि आपको पढ़ाई लिखाई तो लेकर कोई समस्या थी, तो वह भी दूर होगी। आप किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर जा सकते हैं। आपको अपने निजी मामलों को भी मिल बैठकर निपटाना होगा।
🏺कुंभ
आज आपका कोई काम यदि लंबे समय से रुका हुआ था, तो उसे पूरा करने में समस्या आएगी और नौकरी में भी कुछ समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। आप अपने परिवार में किसी सदस्य की ओर वादे को भी पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगे। आपको अपने समय का सदुपयोग करना होगा, इसलिए आवश्यक कामो में ढील देने से बचे। घूमने फिरने के दौरान आपको कोई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी।
🐬मीन
आज का दिन आपके लिए अध्यात्म के कार्यों से जुड़कर नाम कमाने के लिए रहेगा। आपको अपने आसपास रह रहे शत्रुओं को पहचानने की आवश्यकता है। आप अपने मन में किसी के प्रति ईर्ष्या द्वेष की भावना न रखे। आप अपने शौक मौज की खरीददारी पर अच्छा खासा पैसा खर्च करेंगे। जीवन साथी आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे, इसलिए आपको उनकी भावनाओं का सम्मान करना होगा।

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