🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक – 24 दिसम्बर 2025*
🌤️ *दिन – बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शिशिर ॠतु*
🌤️ *मास – पौष*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – चतुर्थी दोपहर 01:11 तक तत्पश्चात पंचमी*
🌤️ *नक्षत्र – धनिष्ठा पूर्ण रात्रि तक*
🌤️ *योग – हर्षण शाम 04:02 तक तत्पश्चात वज्र*
🌤️ *राहुकाल – दोपहर 12:38 से दोपहर 02:00 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 07:14*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:02*
👉 *दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- विनायक चतुर्थी,पंचक (आरंभ:रात्रि 07:46)*
💥 *विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *तुलसी पूजन विधि व तुलसी – नामाष्टक* 🌷
🌿 *तुलसी पूजन विधि* 🌿
🙏🏻 *25 दिसम्बर को सुबह स्नानादि के बाद घर के स्वच्छ स्थान पर तुलसी के गमले को जमीन से कुछ ऊँचे स्थान पर रखें | उसमें यह मंत्र बोलते हुए जल चढायें :*
🌷 *महाप्रसाद जननी सर्वसौभाग्यवर्धिनी*
*आधि व्याधि हरा नित्यम् तुलसी त्वाम् नमोस्तुते*
🌿 *फिर ‘तुलस्यै नम:’ मंत्र बोलते हुए तिलक करें, अक्षत (चावल) व पुष्प अर्पित करें तथा वस्त्र व कुछ प्रसाद चढायें | दीपक जलाकर आरती करें और तुलसीजी की ७, ११, २१,५१ व १०८ परिक्रमा करें | उस शुद्ध वातावरण में शांत हो के भगवत्प्रार्थना एवं भगवन्नाम या गुरुमंत्र का जप करें | तुलसी के पास बैठकर प्राणायाम करने से बल, बुद्धि और ओज की वृद्धि होती है |*
🌿 *तुलसी – पत्ते डालकर प्रसाद वितरित करें | तुलसी के समीप रात्रि १२ बजे तक जागरण कर भजन, कीर्तन, सत्संग-श्रवण व जप करके भगवद-विश्रांति पायें | तुलसी – नामाष्टक का पाठ भी पुण्यदायक है | तुलसी – पूजन अपने नजदीकी आश्रम या तुलसी वन में अथवा यथा–अनुकूल किसी भी पवित्र स्थान में कर सकते हैं |*
🌷 *तुलसी – नामाष्टक* 🌷
*वृन्दां वृन्दावनीं विश्वपावनी विश्वपूजिताम् |*
*पुष्पसारां नन्दिनी च तुलसी कृष्णजीवनीम् ||*
*एतन्नामाष्टकं चैतत्स्तोत्रं नामार्थसंयुतम् |*
*य: पठेत्तां च संपूज्य सोऽश्वमेधफलं लभेत् ||*
🌿 *भगवान नारायण देवर्षि नारदजी से कहते हैं : “वृन्दा, वृन्दावनी, विश्वपावनी, विश्वपूजिता, पुष्पसारा, नंदिनी, तुलसी और कृष्णजीवनी – ये तुलसी देवी के आठ नाम हैं | यह सार्थक नामावली स्तोत्र के रूप में परिणत है |*
🌿 *जो पुरुष तुलसी की पूजा करके इस नामाष्टक का पाठ करता है, उसे अश्वमेध यज्ञ का फल प्राप्त होता है | ( ब्रह्मवैवर्त पुराण, प्रकृति खण्ड :२२.३२-३३)*
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🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞🌹

*शुभ बुधवार-शुभ पौष शुक्ल विनायक चतुर्थी*
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*शुक्लाम्बरधरं देवं शशिवर्णं चतुर्भुजम् ।*
*प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये ।।*
अर्थात् सभी विघ्नोंके निवारण हेतु श्वेत वस्त्र धारण करनेवाले, शशि वर्णयुक्त (श्वेतवर्ण), प्रसन्न चित्त, चतुर्भुज श्रीगणेशका ध्यान करना चाहिए ।
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*वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।*
*निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥*
अर्थात – घुमावदार सूंड वाले, विशाल शरीर काय, करोड़ सूर्य के समान महान प्रतिभाशाली।
मेरे प्रभु, हमेशा मेरे सारे कार्य बिना विघ्न के पूरे करें (करने की कृपा करें)॥
*विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय* *लम्बोदराय सकलाय जगद्धितायं।*
*नागाननाथ श्रुतियज्ञविभूषिताय गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते॥*
अर्थात – विघ्नेश्वर, वर देनेवाले, देवताओं को प्रिय, लम्बोदर, कलाओंसे परिपूर्ण, जगत् का हित करनेवाले, गजके समान मुखवाले और वेद तथा यज्ञ से विभूषित पार्वतीपुत्र को नमस्कार है ; हे गणनाथ ! आपको नमस्कार है ।
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*यौवनं धनसम्पत्तिः प्रभुत्वमविवेकता।*
*एकैकमप्यनर्थाय किमु यत्र चतुष्टयम् ॥*
👉 चाणक्य नीति अध्याय-१७(२०)
*अर्थात्*- जवानी, धन-सम्पत्ति की अधिकता, अधिकार और विवेकहीनता इन चारों में से प्रत्येक बात अकेली ही मनुष्य को नष्ट करने के लिए पर्याप्त है। परन्तु यदि कहीं ये चारों इकट्ठे हों अर्थात् मनुष्य युवा भी हो, उसके पास पैसा भी हो और वह अपनी इच्छानुसार काम करने वाला भी हो अर्थात् उसके काम में उसे टोकने वाला भी कोई न हो और फिर दुर्भाग्यवश उसमें विचारबुद्धि भी न हो तो मनुष्य के विनाश होने में एक पल भी नहीं लगता।
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*अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविनः।*
*चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्धर्मो यशो बलम्*
अर्थात् जो सदा नम्र, सुशील, विद्वान् और वृद्धों की सेवा करता है उसकी आयु, विद्या, कृति और बल इन चारों में वृद्धि होती है।
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*आपको और समस्त स्वजनों को पौष शुक्ल चतुर्थी विक्रम संवत २०८२ तदनुसार दिनांक 24 दिसम्बर 2025 ईस्वी -बुधवार “विनायक चतुर्थी” की हार्दिक शुभकामनाएं और कोटि-कोटि अभिनन्दन*
*आपके दिवस वर्ष मंगलमय हों*
*सादर सुप्रभातवन्दनम्*
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हनुमान जी की आठ प्रमुख सिद्धियाँ
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*अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता*
सिद्धि अर्थात पूर्णता की प्राप्ति होना व सफलता की अनुभूति मिलना. सिद्धि को प्राप्त करने का मार्ग एक कठिन मार्ग हो ओर जो इन सिद्धियों को प्राप्त कर लेता है वह जीवन की पूर्णता को पा लेता है. असामान्य कौशल या क्षमता अर्जित करने को ‘सिद्धि’ कहा गया है।
चमत्कारिक साधनों द्वारा ‘अलौकिक शक्तियों को पाना जैसे – दिव्यदृष्टि, अपना आकार छोटा कर लेना, घटनाओं की स्मृति प्राप्त कर लेना इत्यादि. ‘सिद्धि’ इसी अर्थ में प्रयुक्त होती है।
शास्त्रों में अनेक सिद्धियों की चर्चा की गई है और इन सिद्धियों को यदि नियमित और अनुशासनबद्ध रहकर किया जाए तो अनेक प्रकार की परा और अपरा सिद्धियाँ प्राप्त कि जा सकती है।
सिद्धियाँ दो प्रकार की होती हैं, एक परा और दूसरी अपरा. यह सिद्धियां इंद्रियों के नियंत्रण और व्यापकता को दर्शाती हैं।
सब प्रकार की उत्तम, मध्यम और अधम सिद्धियाँ अपरा सिद्धियांकहलाती है।
मुख्य सिद्धियाँ आठ प्रकार की कही गई हैं. इन सिद्धियों को पाने के उपरांत साधक के लिए संसार में कुछ भी असंभव नहीं रह जाता.सिद्धियां क्या हैं व इनसे क्या हो सकता है ।
इन सभी का उल्लेख मार्कंडेय पुराण तथा ब्रह्मवैवर्तपुराण में प्राप्त होता है जो इस प्रकार है:-
*अणिमा लघिमा गरिमा प्राप्ति: प्राकाम्यंमहिमा तथा। ईशित्वं च वशित्वंच सर्वकामावशायिता:।।*
*यह आठ मुख्य सिद्धियाँ इस प्रकार हैं:-*
*अणिमा सिद्धि* -👇
अपने को सूक्ष्म बना लेने की क्षमता ही अणिमा है. यह सिद्धि यह वह सिद्धि है, जिससे युक्त हो कर व्यक्ति सूक्ष्म रूप धर कर एक प्रकार से दूसरों के लिए अदृश्य हो जाता है. इसके द्वारा आकार में लघु होकर एक अणु रुप में परिवर्तित हो सकता है. अणु एवं परमाणुओं की शक्ति से सम्पन्न हो साधक वीर व बलवान हो जाता है. अणिमा की सिद्धि से सम्पन्न योगी अपनी शक्ति द्वारा अपार बल पाता है.
*महिमा सिद्धि* 👇
अपने को बड़ा एवं विशाल बना लेने की क्षमता को महिमा कहा जाता है. यह आकार को विस्तार देती है विशालकाय स्वरुप को जन्म देने में सहायक है. इस सिद्धि से सम्पन्न होकर साधक प्रकृति को विस्तारित करने में सक्षम होता है. जिस प्रकार केवल ईश्वर ही अपनी इसी सिद्धि से ब्रह्माण्ड का विस्तार करते हैं उसी प्रकार साधक भी इसे पाकर उन्हें जैसी शक्ति भी पाता है.
*गरिमा सिद्धि* 👇
इस सिद्धि से मनुष्य अपने शरीर को जितना चाहे, उतना भारी बना सकता है. यह सिद्धि साधक को अनुभव कराती है कि उसका वजन या भार उसके अनुसार बहुत अधिक बढ़ सकता है जिसके द्वारा वह किसी के हटाए या हिलाए जाने पर भी नहीं हिल सकता .
*लघिमा सिद्धि* 👇
स्वयं को हल्का बना लेने की क्षमता ही लघिमा सिद्धि होती है. लघिमा सिद्धि में साधक स्वयं को अत्यंत हल्का अनुभव करता है. इस दिव्य महासिद्धि के प्रभाव से योगी सुदूर अनन्त तक फैले हुए ब्रह्माण्ड के किसी भी पदार्थ को अपने पास बुलाकर उसकोलघु करके अपने हिसाब से उसमें परिवर्तन कर सकता है.
*प्राप्ति सिद्धि* 👇
कुछ भी निर्माण कर लेने की क्षमता इस सिद्धि के बल पर जो कुछ भी पाना चाहें उसे प्राप्त किया जा सकता है. इस सिद्धि को प्राप्त करके साधक जिस भी किसी वस्तु की इच्छा करता है, वह असंभव होने पर भी उसे प्राप्त हो जाती है. जैसे रेगिस्तान में प्यासे को पानी प्राप्त हो सकता है या अमृत की चाह को भी पूरा कर पाने में वह सक्षम हो जाता है केवल इसी सिद्धि द्वारा हीवह असंभव को भी संभव कर सकता है.
*प्राकाम्य सिद्धि* 👇
कोई भी रूप धारण कर लेने की क्षमता प्राकाम्य सिद्धि की प्राप्ति है. इसके सिद्ध हो जाने पर मन के विचार आपके अनुरुप परिवर्तित होने लगते हैं. इस सिद्धि में साधक अत्यंत शक्तिशाली शक्ति का अनुभव करता है. इस सिद्धि को पाने के बाद मनुष्य जिस वस्तु कि इच्छा करता है उसे पाने में कामयाब रहता है. व्यक्ति चाहे तो आसमान में उड़ सकता है और यदि चाहे तो पानी पर चल सकता है.
*ईशिता सिद्धि*👇
हर सत्ता को जान लेना और उस पर नियंत्रण करना ही इस सिद्धि का अर्थ है. इस सिद्धि को प्राप्त करके साधक समस्त प्रभुत्व औरअधिकार प्राप्त करने में सक्षम हो जाता है. सिद्धि प्राप्त होने पर अपने आदेश के अनुसार किसी पर भी अधिकार जमाय अजा सकता है. वह चाहे राज्यों से लेकर साम्राज्य ही क्यों न हो.इस सिद्धि को पाने पर साधक ईश रुप में परिवर्तित हो जाता है.
*वशिता सिद्धि* 👇
जीवन और मृत्यु पर नियंत्रण पा लेने की क्षमता को वशिता या वशिकरण कही जाती है. इस सिद्धि के द्वारा जड़, चेतन, जीव-जन्तु,पदार्थ- प्रकृति, सभी को स्वयं के वश में किया जा सकता है।
साभार~ पं देव शर्मा💐
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जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष 🌹
आपका जन्मदिन: 24 दिसंबर
दिनांक 24 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 6 होगा। आपमें गजब का आत्मविश्वास है। इसी आत्मविश्वास के कारण आप किसी भी परिस्थिति में डगमगाते नहीं है। आपको सुगंध का शौक होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति आकर्षक, विनोदी, कलाप्रेमी होते हैं। आप अपनी महत्वाकांक्षा के प्रति गंभीर होते हैं। अगर आप स्त्री हैं तो पुरुषों के प्रति आपकी दिलचस्पी होगी। लेकिन आप दिल के बुरे नहीं है। 6 मूलांक शुक्र ग्रह द्वारा संचालित होता है। अत: शुक्र से प्रभावित बुराई भी आपमें पाई जा सकती है। जैसे स्त्री जाति के प्रति आपमें सहज झुकाव होगा।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 6, 15, 24
शुभ अंक : 6, 15, 24, 33, 42, 51, 69, 78
शुभ वर्ष : 2026
ईष्टदेव : मां सरस्वती, महालक्ष्मी
शुभ रंग : क्रीम, सफेद, लाल, बैंगनी
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: नौकरीपेशा व्यक्ति अपने परिश्रम के बल पर उन्नति के हकदार होंगे। बैक परीक्षाओं में भी सफलता अर्जित करेंगे। लेखन संबंधी मामलों के लिए उत्तम होती है। जो विद्यार्थी सीए की परीक्षा देंगे उनके लिए शुभ रहेगा।
परिवार: दाम्पत्य जीवन में मिली जुली स्थिति रहेगी। विवाह के योग भी बनेंगे। स्त्री पक्ष का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी।
कारोबार: आर्थिक मामलों में सभंलकर चलना होगा। व्यापार-व्यवसाय में भी सफलता रहेगी।
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज आपके सोचे कार्य प्रारंभिक गतिरोध के बाद सफल बंनेगे। व्यवसायी लोग उचित निर्णय क्षमता का लाभ अवश्य पाएंगे। नौकरी वाले जातक भी अधिकारियों के नरम व्यवहार का लाभ उठा सकते है। महिलाएं आज प्रत्येक क्षेत्र में अधिक सक्रिय एवं सफल रहेंगी। सामाजिक आयोजनों में भागीदारी की पहल करना सम्मान बढ़ायेगा। बेरोजगारों को रोजगार एवं अविवाहितो के लिए रिश्ते की बात बनने की अधिक सम्भावना है हार ना मान प्रयास जारी रखें। धन लाभ आंशिक परंतु तुरंत होगा। दाम्पत्य में थोड़े उतार-चढ़ाव के साथ शांति बनी रहेगी। सेहत सामान्य रहेगी।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन व्यवस्थाओं में सुधार आने से आय की संभावनाएं बढ़ेंगी। व्यवहार में भी शालीनता रहने से सभी लोग आपसे प्रसन्न रहेंगे। आज आप कार्यो को आत्मविश्वास से करेंगे जिससे सफलता निश्चित रहेगी परन्तु ध्यान रहे अतिआत्मविश्वास के कारण हास्य के पात्र भी बन सकते है। परिवार की महिलाओं का व्यवहार थोड़ा असमंजस में डाल सकता है फिर भी स्थित नियंत्रण में ही रहेगी। स्वास्थ्य बेहतर बना रहेगा। दिन भर व्यस्तता के बाद भी आप मानसिक रूप से प्रसन्न रहेंगे। कार्य क्षेत्र पर अधिक बोलने से अवश्य बचे मान हानि हो सकती है।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आपका आज का दिन अत्यन्त थकान वाला रहेगा। कार्य की भरमार रहने से शारीरिक एवं मानसिक रूप से परेशान रह सकते है। कार्य क्षेत्र से आज आशा के अनुसार लाभ होने की संभावना भीं है। आकस्मिक यात्रा की भी सम्भवना बनी रहेगी। दिनचर्या में कई बदलाव करने पड़ेंगे। आपकी सामाजिक छवि निखरेगी। संध्या के समय धन लाभ अवश्य होगा। परिजनों को आज आपकी आवश्यकता पड़ेगी परन्तु घरेलु कार्यो में टालमटोल ना करें अन्यथा वातावरण ख़राब हो सकता है। संध्या के समय उत्तम भोजन सुख मिलेगा। गृहस्थ सुख आज सामान्य से कम ही रहेगा।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज आपका पारिवारिक जीवन उत्तम रहेगा व्यवसाय में भी आकस्मिक लाभ होने से उत्साहित रहेंगे। पारिवारिकजन किसी महत्त्वपूर्ण कार्य को लेकर इकट्ठे होंगे फिर भी आगे से अपनी राय ना देकर मौन होकर अन्य लोगो की बात सुने शांति बनी रहेगी। कार्य क्षेत्र का वातावरण इसके उलट रहेगा वर्चस्व को लेकर किसी से तू-तू मैं-मै होने की संभावना है परंतु फिर भी धन के दृष्टिकोण से दिन लाभदायक रहेगा। उधारी की वसूली होने से आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनेगी परिवार में खर्च भी लगे रहेंगे। भविष्य की योजनाओं पर भी धन खर्च कर सकते है।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज भी परिस्थितियों में उतार चढ़ाव लगा रहेगा इसलिए प्रत्येक कार्य को देख भाल कर ही करें। स्वभाव में जल्दबाजी रहने के कारण आपके कुछ निर्णय गलत साबित हो सकते है फिर भी प्रयास जारी रखें आशानुकूल ना सही कुछ लाभ अवश्य होगा। खर्च पर नियंत्रण ना रहने से आय व्यय का संतुलन बिगड़ सकता है। संताने आज अधिक जिद्दी व्यवहार करेंगी गुस्सा ना करें। पूर्व नियोजित नए कार्य एवं धन सम्बंधित सरकारी कार्य आज ना करें। मध्यान के आस-पास सेहत प्रतिकूल बनेगी पेट अथवा वायु सम्बंधित व्याधि एवं शक्ति हीनता अनुभव कर सकते है। परिवार में शांति रखने के लिए आवश्यकताओ की पूर्ति समय पर करें।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन आपकी बुद्धि एवं विचार शक्ति में विकास कराएगा फिर भी घर एवं बाहर विरोध का सामना करना पड़ सकता है। लोग आपकी बातों में नुक्स निकालने के लिए आतुर रहेंगे। परिजनों का रूखा व्यवहार मानसिक रूप से आहत करेगा। सरकारी नतीजे भी विपक्ष में होंगे। प्रतिस्पर्धी आपकी दशा देखकर प्रसन्न रहेंगे परन्तु आज के दिन धैर्य धारण करें शीघ्र ही समय अनुकूल बनेगा। धार्मिक एवं सामाजिक कार्यो में सम्मिलित होने के अवसर मिलेंगे लेकिन बेमन से भाग लेंगे। घर में किसी बाहरी व्यक्ति की दखल होने से वातावरण अशान्त रहेगा। धन सम्बंधित व्यवहार देखभाल कर करें।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज प्रातः काल में किसी आवश्यक कार्य में विलम्ब होने अथवा बिगड़ने के कारण दिन भर क्रोध से भरे रहेंगे फिर भी व्यवहार में नरमी रखें अन्यथा अन्य लाभों से भी हाथ धो बैठेंगे। परिवार के बुजुर्गो की सलाह आज बहुत काम आने वाली है इसलिए सम्बन्ध ना बिगड़े इसका ध्यान रखें। नौकरी पेशा जातक सामान्य रूप से कार्यो में सक्रिय रहेंगे दफ्तर के कार्य से यात्रा करनी पड़ सकती है। संध्या के समय आलस्य थकान रहने से एकान्त वास पसंद करेंगे। परिजन कुछ मतभेद के बाद भी सहयोग को तत्पर रहेंगे। धन आगम मध्यम रहेगा। ठंडी वस्तुओ का प्रयोग ना करें।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आपका आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा। व्यवसायिक एवं पारिवारिक उलझने कम होने से आज आपकी योजना सफल बनेगी। परिजनों का व्यवहार भी आपके अनुकूल रहेगा सहयोग की उम्मीद भी रख सकते है। लेकिन आज यथार्थ पर ज्यादा ध्यान रखें स्वप्न लोक की सैर ना करें। कार्य व्यवसाय स्थल पर लोगो की सहानुभूति मिलेगी। धन लाभ आशानुकूल नहीं फिर भी कार्य चलने लायक अवश्य होगा। प्रेम प्रसंगों में कई दिन से चल रही कड़वाहट ख़त्म होगी। कार्यो की थकान मिटाने के लिए मनोरंजन के अवसर तलाशेंगे इन पर खर्च भी करेंगे।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन लाभ की संभावनाएं बनते बनते बिगड़ सकती है आलस्य की प्रवृति इसका कारण बनेगी। परन्तु फिर भी कार्य क्षेत्र पर सम्मानजनक स्थित बनी रहेगी। प्रतिस्पर्धी भी आपकी कार्य शैली से प्रभावित रहेंगे। जिस कार्य में हाथ डालेंगे सफलता सुनिश्चित रहेगी लेकिन धन लाभ को लेकर स्थिति गंभीर रहेगी धन सम्बंधित कार्यो के प्रति लापरवाह भी रहेंगे जिसका लाभ कोई अन्य व्यक्ति उठा सकता है। सेहत भी लगभग सामान्य बनी रहेगी परन्तु फिर भीं कार्यो के प्रति अधिक गंभीर नहीं रहेंगे। पारिवारिक वातावरण बीच बीच में उग्र बन सकता है। शांति बनाए रखें।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज भी दिन आपकी अपेक्षाओं पर खरा उतरेगा परन्तु आकस्मिक खर्च आज अधिक रहने से परेशानी भी होगी। व्यापारी एवं नौकरी पेशा वर्ग आज अधूरे कार्य पूर्ण करने के कारण जल्दी जुट जाएंगे। लाभ की संभावना भी यथावत बनी रहेगी धन लाभ थोड़े थोड़े अंतराल पर होता रहेगा। अनैतिक कार्यो से भी लाभ होने की संभावना है परंतु सावधानी भी अपेक्षित है। धार्मिक कार्य क्रमो के प्रसंग अचानक बनेंगे धार्मिक क्षेत्र की यात्रा भी कर सकते है। स्त्री वर्ग आज आप पर हावी रहेंगी फिर भी असहजता नहीं मानेंगे। घर में शांति बनी रहेगी।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आपकी आज की दिनचर्या भी संघर्ष वाली रहेगी। परिश्रम अधिक करने पर भी अल्प लाभ होने से मन दुःख होगा। सरकारी कार्यो में भी किसी की सहायता की आवश्यकता पड़ेगी। उधार लिया धन अथवा अन्य वस्तु आज वापस करना लाभदायक रहेगा। फिर भी घर के सदस्य आपसी सम्बन्धो को अधिक महत्त्व देंगे रिश्तों में भावुकता अधिक रहेगी। नौकरी पेशा जातक व्यवहार शून्यता के कारण अपमानित हो सकते है सतर्क रहें। धन लाभ आशा के विपरीत रहने से कार्यो में बाधा आएगी। खर्च बराबर रहेंगे। शेयर सम्बंधित कार्यो में धन अटक सकता है। घर में मौन रहें।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज आप प्रातः काल से ही यात्रा की योजना बनाएंगे परन्तु अंतिम समय में किसी कार्य के आने से विघ्न आ सकते है। मन इच्छित कार्य ना होने से दिन भर क्षुब्ध रहेंगे। घर एव बाहर आपका व्यवहार विपरीत रहने के कारण विवाद हो सकता है। आज आप अपने आगे किसी की नहीं चलने देंगे। सहकर्मी आपसे परेशान रह सकते है परन्तु जाहिर नहीं करेंगे। लोगो की भावनाओं को ध्यान में रख व्यवहार करें शांति बनी रहेगी। आज किसी गुप्त रोग होने से नई परेशानी खड़ी हो सकती है। धन सम्बंधित मामलो को लेकर चिंता बढ़ेगी। गृहस्थ जीवन में नीरसता बढ़ने से बाहर का। वातावरण ज्यादा पसंद आएगा।

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