Vaidik Panchang 23122025 Rashifal Samadhan

🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️  *दिनांक – 23 दिसम्बर 2025*
🌤️ *दिन – मंगलवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शिशिर ॠतु*
🌤️ *मास – पौष*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – तृतीया दोपहर 12:12 तक तत्पश्चात चतुर्थी*
🌤️ *नक्षत्र – श्रवण 24 दिसंबर सुबह 07:07 तक तत्पश्चात धनिष्ठा*
🌤️ *योग – व्याघात शाम 04:30 तक तत्पश्चात हर्षण*
🌤️ *राहुकाल – शाम 03:21 से शाम 04:42 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 07:13*
🌤️ *सूर्यास्त –  06:01*
👉 *दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- मंगलवारी चतुर्थी,(दोपहर 12:12 से 24 दिसंबर सूर्योदय तक)*
💥 *विशेष – तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
             🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *तुलसी को पानी अर्पण से पुण्य* 🌷
🌿 *अपने घर में तुलसी का पौधा अवश्य लगाना चाहिए उसकी हवा से भी बहुत लाभ होते हैं और तुलसी को एक ग्लास पानी अर्पण करने से सवा मासा सुवर्ण दान का फल मिलता है।*
🙏🏻
               🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *वास्तु दोष* 🌷
🏡 *जिन के घर का मुख दक्षिण में हो, वे अपने घर के दरवाजे के बाहर एक गमले में आम का पौधा लगायें और गुरुमंत्र का जप करें ।*
🙏🏻
          🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *गंगा स्नान का फल* 🌷
🙏🏻 *”जो मनुष्य आँवले के फल और तुलसीदल  से मिश्रित जल से स्नान करता है, उसे गंगा स्नान का फल मिलता है ।” (पद्म पुराण , उत्तर खंड)*
             🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
*‼️🎍🎍हरि शरणं 🎍🎍‼️*
                  🌞🌞🌞
                        🌹
    *लक्ष्मी जी ने श्राप क्यों दिया?*
                   🟰〰️🟰
*भगवान विष्णु जी के वक्षस्थल* पर पैर पड़ते ही माता लक्ष्मी का चेहरा क्रोध से काल हो गया।क्योंकि वहां श्री वत्स हैं उनका अपना निवास स्थान है। *माता ने भृगु ऋषि से कहा* तुमने केवल मेरे प्रभु का ही नहीं बल्कि मेरा भी अपमान किया है।इसलिए तुम्हें श्राप देती हूं कि ब्राह्मण जाती हमेशा धन सम्मति से वंंचित रहेगी…..!

इसके बाद माता क्रोधित होकर विष्णु लोक छोड़ कर पृथ्वी लोक न आ गई,और राजा आकाशराज के घर पद्मावती के रूप में जन्म लिया।माता से बिछड़कर भगवान विष्णु भी धरती पर आए और वेक्टाद्रि पर्वत पर वेंकटेश्वर के रूप में निवाश करने लगे।

और जब पद्मावती से विवाह का समय आया,तो कुबेर से श्रृण लिया इसलिए आज भी तिरुपति बाला जी में चढ़ने वाला हर दान,उसी कुबेर उसी ऋण को चुकाने के लिए किया जाता है।

          *‼️जय माता लक्ष्मी‼️*
                      🙏🌹🙏

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*।। भगवान शिव की पूजा और पञ्चाक्षर मंत्र ।।*

इस कलयुग के समय में अगर किसी व्यक्ति से बोला जाए कि भगवान शिव की पूजा किया करो तो वह साफ बोलता है कि यार कुछ मिलना तो है नहीं, इसलिए हम बिना पूजा किये हुए ही सही हैं।

वह इंसान ये नहीं जानता कि वो किसकी पूजा से आलस कर रहा है। अगर महादेव की कृपा हो जाए तो रंक अगले ही पल राजा बन जाएगा। भगवान शिव की पूजा करने से व्यक्ति के पास कई तरह की शक्तियां आ जाती हैं किन्तु उन शक्तियों को बहुत ही कम लोग महसूस कर पाते हैं। तो आइये आज हम आपको बताते हैं कि भगवान शिव की पूजा करने से व्यक्ति के पास कौन-सी शक्तियां आ जाती हैं-

भगवान शिव की पूजा-
हर इंसान अपनी मृत्यु से डरता है। जीवन के अंतिम समय से हर कोई डरता है। आप खुद एक बार को सोचिये कि आपको भी एक दिन मरना है और यही सोचते ही आप डरने लगेंगे। लेकिन जो शिव का भक्त होता है उसको कभी भी मृत्यु का डर नहीं लगता है। यह खास शक्ति आज के समय में कुछ ही लोगों के पास होती है।

ऐसा व्यक्ति जो शिव का परम भक्त होता है उसके पास ऐसी शक्ति होती है कि वह किसी भी हालात में सफलता को प्राप्त कर सकता है। यदि शिव भक्त के सामने पहाड़ भी होगा तो वह चुटकियों में उसको भी पार कर सकता है।

इंसान की जब इच्छायें खत्म होने लगती हैं तो वह वाकई एक खुशहाल इंसान बनने लगता है। शिव के भक्त ही यही सबसे बड़ी ताकत बनने लगती है कि वह हमेशा खुश रहने लगता है। दुनिया में एक तरफ जहाँ सब दुखी हैं वहीं दूसरी तरफ शिव के भक्त हमेशा खुश रहते हैं।

शिव के भक्त के पास सबसे बड़ी शक्ति यही आ जाती है कि वह सामने वाले इंसान को अच्छी तरह से पहचानने लगता है। कौन व्यक्ति किस तरह के भाव मन में रखता है यह शिव का भक्त तुरंत जानने लगता है. ऐसा जब होता है तो फिर कभी शिव का भक्त बेवकूफ नहीं बन पाता है। इसके लिए आपको- ‘ऊं महारुद्राय, त्रियंकम्बकेश्वराय नम:।’ का जाप करना होगा।

ऐसा नहीं है कि शिव भक्त के जीवन में दुःख नहीं आता है. यह सुख और दुःख तो जीवन की सच्चाई है। बस शिव की भक्ति करने वाला अपने बुरे समय को पहले ही भांप लेता है और वह उस दुःख के लिए तैयार हो जाता है। साथ ही साथ शिव भक्त को हमेशा फांसी जैसे दुःख की सजा कंकड़ में बदलकर दी जाती है।

इस तरह से आप यह देख सकते हैं कि भगवान शिव की पूजा करने से किस तरह की शक्तियों से मालामाल किया जाता है शिव भक्त। आप भी यदि भगवान शिव की पूजा बिना किसी पाप और मतलब के करते हैं तो एक निश्चित समय बाद आपके पास भी इस तरह की शक्तियाँ आने लगती हैं।

शिव पञ्चाक्षर मंत्र एक ऐसा मंत्र है कि जिसका १०८ बार जाप करने से इंसान को दैवीय शक्तियां मिल जाती हैं।

नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नम: शिवाय:।।

मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय।
मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मे म काराय नम: शिवाय:।।

शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय।
श्री नीलकंठाय वृषभद्धजाय तस्मै शि काराय नम: शिवाय:।।

अवन्तिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम्।
वसिष्ठ कुम्भोद्भव गौतमार्य, मुनीन्द्र देवार्चित शेखराय।
चन्द्राक वैश्वा नरलोचनाय, तस्मै “व” काराय नमः शिवाय।।

यक्षस्वरूपाय जटाधराय पिनाक हस्तायसनातनाय।
दिव्याय देवाय दिगंबराय, तस्मै “य” काराय नमः शिवाय।।

पञ्चाक्षर इदं पुण्यं य: पठैच्छि व सन्निधौ।
शिवलोक मवापनोति शिवेन सह मोदते।।

      ।। ॐनम:शिवाय ।।

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।।शिव षडक्षरी स्तोत्रम् ।।

“ॐ ॐ”
ॐकारबिंदु संयुक्तं नित्यं ध्यायंति योगिनः।
कामदं मोक्षदं तस्मादोंकाराय नमोनमः।।१।।

“ॐ नं”
नमंति मुनयः सर्वे नमंत्यप्सरसां गणाः।
नराणामादिदेवाय नकाराय नमोनमः।।२।।

“ॐ म”
महातत्वं महादेव प्रियं ज्ञानप्रदं परं।
महापापहरं तस्मान्मकाराय नमोनमः।।३।।

“ॐ शिं”
शिवं शांतं शिवाकारं शिवानुग्रहकारणं।
महापापहरं तस्माच्छिकाराय नमोनमः।।४।।

“ॐ वा”
वाहनं वृषभोयस्य वासुकिः कंठभूषणं।
वामे शक्तिधरं देवं वकाराय नमोनमः।।५।।

“ॐ य”
यकारे संस्थितो देवो यकारं परमं शुभं।
यं नित्यं परमानंदं यकाराय नमोनमः।।६।।

षडक्षरमिदं स्तोत्रं यः पठेच्छिव सन्निधौ।
तस्य मृत्युभयं नास्ति ह्यपमृत्युभयं कुतः।।७।।

शिवशिवेति शिवेति शिवेति वा भवभवेति भवेति भवेति वा।
हरहरेति हरेति हरेति वा भुजमनश्शिवमेव निरंतरम्।।८।।

।। इति श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य श्रीमच्छंकर भगवत्पादपूज्य कृत शिवषडक्षरी स्तोत्रं संपूर्णम् ।।

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*🚩🕉️कैसे करें अपनी माला की ऊर्जा को सक्रिय?*

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*🚩🕉️जब लोग माला से जाप करना चुनते हैं या धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए उसका प्रयोग करना सीखते हैं, तो उसकी ऊर्जा को सक्रिय करते हैं और उसे अपनी ऊर्जा से जोड़ते हैं। तभी वो माला सिर्फ एक माला नहीं रह जाता बल्कि एक माध्यम बन जाता है। लेकिन माला को सक्रिय कैसे करते हैं, चलिए ये जानते हैं…*

*🚩🕉️जिस प्रकार मंदिर में सिर्फ पत्थर की मूर्ति स्थापित नहीं की जाती बल्कि उसकी प्राण प्रतिष्ठा भी की जाती है ताकि वो मूर्ति सिर्फ पत्थर की मूर्ति ना रहे बल्कि उसमें भगवान् का भी अंश आ जाए, उसी प्रकार माला (जपमाला) को सक्रिय करने का मतलब है उसे अपनी ऊर्जा और आध्यात्मिक उद्देश्य से जोड़ना। इसे “माला प्राण प्रतिष्ठा” भी कहते हैं। यह प्रक्रिया आपकी माला को जप और साधना के लिए तैयार करती है, जिससे वह सकारात्मक ऊर्जा से भर जाए। लेकिन माला को सक्रिय करने की प्रक्रिया क्या है, चलिए ये जानते हैं…*

*🚩🕉️माला को सक्रिय कैसे करें*

*🚩🕉️सबसे पहले अपनी साधना के उद्देश्य के अनुसार माला चुनें। जैसे कि, शिव साधना और शक्ति के लिए रुद्राक्ष की मला चुनें, भगवान् विष्णु और कृष्ण भक्ति के लिए तुलसी की माला चुनें, सकारात्मकता और मानसिक शांति के लिए स्फटिक की माला और पवित्रता और आध्यात्मिकता के लिए चन्दन की माला।उसके बाद माला को गंगाजल, साफ पानी, या दूध में कुछ देर डुबोकर शुद्ध करें। इसे सुखा लें और धूपबत्ती या दीपक से उसकी पवित्रता बनाए रखें। जिस देवता या गुरु को आप मानते हैं, उनकी मूर्ति, चित्र या ध्यान करके उनकी कृपा प्राप्त करें। माला को उनके चरणों में समर्पित करें और आशीर्वाद मांगे। फिर अपने मन में एक संकल्प लेकर अपने माला को उस संकल्प से जोड़ते हुए मंत्र से माला को जागृत करें। माला को हाथ में लेकर अपनी तर्जनी उंगली को छोड़कर, अपनी उंगलियों के बीच से माला को घुमाएँ। ॐ ह्रीं नमः शिवाय ओम माला में ऊर्जा को सक्रिय करने और सील करने के लिए एक पारंपरिक मंत्र है। इसे कम से कम तीन बार जपें। प्रार्थना करें कि यह माला आपके ध्यान, जप, और साधना में सहायक हो। कम से कम पाँच मिनट तक बैठकर अपनी माला के साथ ऊर्जा का बंधन मजबूत करें। अपनी माला को अपने इष्टदेव को समर्पित करें।*

*🚩🕉️सक्रिय माला को केवल जप के लिए उपयोग करें। इसे अपने शरीर के ऊपरी हिस्से यानि गले या हाथ में पहनें। माला को पवित्र स्थान पर रखें और इसे अशुद्ध स्थानों पर न रखें।*

*🚩🕉️कौन सी माला जप के लिए अच्छी है?*

*🚩🕉️आमतौर पर देखने में आता है कि जातक तुलसी की माला या फिर रुद्राक्ष की माला से जाप करते हैं. मगर पीले रंग के मोती की माला से जाप करने से मन शांत रहता है और दिमाग फोकस रहता है. पीले रंग की माला में आप मूंगे के मोती की माला से भी जाप कर सकते हैं.*

*🚩🕉️माला फेरने का सही तरीका क्या है?*

*🚩🕉️आप किसी भी माला से जाप करें लेकिन माला से जाप करते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि माला को आपने अपने हाथों में सही से पकड़ा हो. आपकी माला नाभि से नीचे नहीं जानी चाहिए और नाक के ऊपर भी माला नहीं रखी जानी चाहिए. इतना ही नहीं माला को सीने से चिपका कर जाप बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए.*

*🚩🕉️– यदि आप आंखें खोलकर के जाप कर रहे हैं तो आपको परमात्मा पर आंखें टिका कर रखनी चाहिए. यदि आप आंखें मूंदकर जाप कर रहे हैं तो आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि परमात्मा की छवि आपकी आंखों में केंद्रित हो.*

*🚩🕉️– जाप करते समय भूल से भी माला को हाथों से नीचे नहीं गिरने देना है. इतना ही नहीं आपको जमीन पर भी माला बिल्कुल नहीं रखनी है. आप माला को किसी आसन या डिब्बे में ही रखें.*

*🚩🕉️माला से जाप करने से पहले उसे शुद्ध करना जरूरी है. इसलिए जब भी आप जाप करना शुरू करें उससे पहले खुद पर गंगाजल छिड़क दें और साथ ही माला को भी जंगा गंगाजल से अवश्य शुद्ध करें. जहां पर आपको बैठकर जप करना है उस स्थान को भी साफ स्वच्छ रखना बहुत जरूरी है.इसके बाद आप उस स्थान पर एक स्वच्छ आसान बिछाकर उस पर बैठकर जाप करें.*

*🚩🕉️ज्यादातर मालाओं में 108 मनके होते हैं, हालांकि कुछ मालाएं ऐसी भी होती हैं जिनमें 21 अथवा 51 मनके पिरोए जाते हैं. आप जितनी बार माला से जाप करना चाहते हैं. उतने मनके वाली माला बाजार से खरीद सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि जब आप एक माला से किसी एक मंत्र का जप कर रहे हैं, तो दूसरे मंत्र का जप उस माला से बिल्कुल भी ना करें.*

*🚩🕉️ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, माला के मनकों की संख्या बिल्कुल सही होनी चाहिए। माला में मनकों की संख्या 27, 54 या 108 ही होना चाहिए। ब्रहमांड में कुल 27 नक्षत्र होते हैं। इन्हीं नक्षत्रों से सृष्टि का संचालन होता है। हर ग्रह किसी न किसी नक्षत्र में होता है, जिसका प्रभाव हमारे व्यक्ति के जीवन में पड़ता है। हर नक्षत्र में चार चरण बताए गए है, जिनके हिसाब से ही माला जाप किया जाता है।*

*🚩🕉️शास्त्रों में बताया गया है कि जिस माला से आप जाप कर रहे हैं, उसका कोई भी मनका टूटा नहीं होना चाहिए। टूटी मनके वाली माला से जाप करने पर आपके जीवन में बुरा प्रभाव पड़ सकता है। टूटी हुई माला को सही करके या मनका को बदलकर ही जाप करें।*

*🚩🕉️कहा जाता है कि आप जिस भी माला से जाप कर रहे हैं, उसमें दो मनकों के बीच एक गांठ जरूर होना चाहिए। बिना गांठ वाली माला शुभ फल नहीं देती है और इसके अशुभ परिणाम भी मिल सकते हैं।*

*🚩🕉️शास्त्रों के मुताबिक, ध्यान रखें कि धारण की हुई माला से कभी जाप न करें। साथ ही जाप करने वाली माला को धारण भी नहीं करना चाहिए।*
🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏
🌹 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष 🌹
आपका जन्मदिन: 23 दिसंबर

23 का अंक देखने पर ॐ का आभास देता है। जो कि भारतीय परंपरा में शुभ प्रतीक है। आप बेहद भाग्यशाली हैं कि आपका जन्म 23 को हुआ है। 23 का अंक आपस में मिलकर 5 होता है। जबकि 5 का अंक बुध ग्रह का प्रतिनिधि करता है। ऐसे व्यक्ति अधिकांशत: मितभाषी होते हैं। कवि, कलाकार, तथा अनेक विद्याओं के जानकार होते हैं।

आपमें किसी भी प्रकार का परिवर्तन करना मुश्किल है। अर्थात अगर आप अच्छे स्वभाव के व्यक्ति हैं तो आपको कोई भी बुरी संगत बिगाड़ नहीं सकती। अगर आप खराब आचरण के हैं तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको सुधार नहीं सकती। लेकिन सामान्यत: 23 तारीख को पैदा हुए व्यक्ति सौम्य स्वभाव के ही होते हैं। आपमें गजब की आकर्षण शक्ति होती है। आपमें लोगों को सहज अपना बना लेने का विशेष गुण होता है। अनजान व्यक्ति की मदद के लिए भी आप सदैव तैयार रहते हैं।


आपके लिए खास

शुभ दिनांक : 1, 5, 7, 14, 23

शुभ अंक : 1, 2, 3, 5, 9, 32, 41, 50


शुभ वर्ष : 2030, 2032, 2034, 2050, 2059, 2052

ईष्टदेव : देवी महालक्ष्मी, गणेशजी, मां अम्बे।


शुभ रंग : हरा, गुलाबी जामुनी, क्रीम

आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए यह वर्ष निश्चय ही सफलताओं भरा रहेगा। वर्ष आपके लिए सफलताओं भरा रहेगा। अभी तक आ रही परेशानियां भी इस वर्ष दूर होती नजर आएंगी।

परिवार: पारिवारिक प्रसन्नता रहेगी। संतान पक्ष से खुशखबर आ सकती है। दाम्पत्य जीवन में मधुर वातावरण रहेगा। अविवाहित भी विवाह में बंधने को तैयार रहें।


कारोबार: व्यापार-व्यवसाय में प्रगति से प्रसन्नता रहेगी।


मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन आपको व्यवसाय से लाभ दिलाएगा एक से अधिक कार्यो में निवेश करने से लाभ की संभावना अधिक रहेगी परन्तु जल्दबाजी ना करें अन्यथा हानि भी हो सकती है। नए कार्य की रूप रेखा अवश्य बनाये पर आरम्भ करने के लिए थोड़ा और इन्तजार करें। धार्मिक कार्यो में रूचि लेंगे तंत्र-मंत्र के प्रयोग, ज्योतिष अथवा अन्य गूढ़ विषयो को जानने की लालसा बढ़ेगी। आज परिजनो से मन की कोई बात ना छुपाए अन्यथा आने वाले समय में इसकी ग्लानि होगी। संताने आपके अनुसार व्यवहार करेंगी। मानसिक शांति मिलेगी।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आप आज का दिन सुख शांति से व्यतीत करेंगे फिर भी छोटी-मोटी घटनाएं मन को दुखी कर सकती है। किसी व्यक्ति के गलत व्यवहार के कारण क्रोध आयेगा इससे सावधान रहें अन्यथा अपना ही नुक्सान कर लेंगे। व्यवसाय में आमदनी तो होगी परन्तु उगाही करने में परेशानी रहेगी। सहकर्मियो से किसी बात पर वैमनस्य रह सकता है फिर भी कार्य समय पर पूर्ण कर लेंगे। सामाजिक जीवन आज पहले से भी बेहतर बनेगा। मित्र रिश्तेदारो के साथ आनंद के पल बिताने के अवसर मिलेंगे। दाम्पत्य जीवन में भी खुशियां बनी रहेंगी लेकिन कोई आपके व्यवहार से नाराज भी हो सकता है।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन प्रातः काल से ही शारीरिक तंदुरुस्ती में गिरावट आएगी जिसके कारण कार्यो में मन नहीं लगा पाएंगे। स्वभाव भी चिड़चिड़ा रहने से मामूली बातो पर अकारण ही झगड़ा करेंगे। कार्य क्षेत्र पर आज अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है व्यवहार में रूखापन रहने से लोग आपसे कटने लगेंगे। व्यापारी वर्ग व्यवसाय की बिक्री को लेकर चिंतित रहेंगे। पुराने अनुबंध समय पर पूर्ण नहीं कर पाएंगे। पारिवारिक वातावरण सामान्य रहेगा बीच-बीच में मतभेद उभरने से सदस्यों में बोल-चाल बंद हो सकती है। धैर्य से समय व्यतीत करें धन की आमद न्यून रहेगी।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन आप अपनी योजनाओं को साकार रूप दे पाएंगे। आर्थिक दृष्टिकोण से दिन लाभदायक रहेगा फिर भी आज किसी को उधार देने से बचे वापसी में परेशानी होगी। व्यवसाय में आकस्मिक लाभ रोमांचित करेगा। आलस्य भी रहने के कारण कार्य विलम्ब से शुरू एवं पूर्ण होंगे। सामाजिक कार्यो के पीछे धन खर्च होगा पारिवारिक आयवश्यक वस्तुओ पर भी खर्च रहेगा। स्वास्थ्य अनुकूल बना रहेगा केवल आँखों सम्बंधित शिकायत रह सकती है। घर में अविवाहितो के रिश्ते की बात चलेगी परन्तु पक्की होने में संदेह रहेगा। घरेलु शांति बनी रहेगी।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन आपको सोची गई योजनाओं में सफलता पाने के लिए अधिक परिश्रम करना पड़ेगा फिर भी कार्य सफलता के प्रति आशंकित रहेंगे। सामाजिक क्षेत्र पर भी आज व्यवहार बनाये रखने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। नौकरी पेशा जातक तय सीमा से भी अधिक कार्य करेंगे उसके बाद भी आपके कार्यो की आलोचना ही होगी। कार्य क्षेत्र का गुस्सा घर पर निकालने के कारण आपसी तालमेल बिगाड़ेगा। धन लाभ मुश्किल से ही और अल्प मात्रा में होगा। धार्मिक स्थल पर किसी आयोजन में सम्मिलित हो सकते है। सरकारी कार्य लंबित रहेंगे। अधिक परिश्रम के कारण थकान रहेगी।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज परिस्थितियों में सुधार आने से अटके कार्य आगे बढ़ेंगे। अपनी गलती मान लेने से लोगो का वैर-विरोध दूर होगा। शारीरिक रूप से चुस्त रहेंगे परन्तु धन सम्बंधित मामलो को लेकर परेशानी रहेगी धन की कमी के कारण किसी महत्त्वपूर्ण कार्य में विघ्न आएंगे। आज आपको कोई भी उधार देने में असमर्थता दिखायेगा। सामाजिक एवं पारिवारिक वातावरण में पहले से सुधार आएगा लेकिन वर्तमान स्थिति के लिए सहायक नहीं बनेगा। घर के बुजुर्गो के साथ कुछ समय अवश्य बिताएं उचित मार्गदर्शन मिलेगा। संध्या के समय स्त्री सन्तान से शुभ समाचार राहत प्रदान करेंगे।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज के दिन आपके असंयमित व्यवहार के कारण आस-पास रहने वाले लोग नाराज हो सकते है। ना चाहकर भी कटु वचन बोलने पड़ेंगे जिसके कारण बाद में आत्मग्लानि रहेगी। कार्य क्षेत्र पर उधार वाले परेशांन कर सकते है आज किसी से भी उधार के व्यवहार ना करें अन्यथा हानि में रहेंगे। असंयमित दिनचर्या के कारण शारीरिक स्वास्थ्य भी कार्यो में बाधक बनेगा रक्त-पित्त सम्बंधित समस्या रहेगी। विरोधी आपकी बातों को बढ़ा चढ़ा कर पेश करेंगे जिस वजह से मान हानि होगी। भाई-बंधुओ से वैर-विरोध रहने के कारण पारिवारिक वातावरण अशान्त रहेगा।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन आपको आश्चर्यजनक फल प्राप्त होंगे जहाँ से उम्मीद नहीं होगी वहां से भी धन लाभ होगा। परन्तु लोभी प्रवृति के कारण घर एवं बाहर के लोग आंतरिक रूप से आपसे परेशान रह सकते है व्यवहारिक रूप से इसका प्रदर्शन नहीं करेंगे। आज पारिवारिक आवश्यकताओ को ध्यान में रख कर दिनचर्या सुनिश्चित करें। नौकरी पेशा जातक दिन के आरम्भ में कार्य बोझ कम रहने से थोड़ा राहत महसूस करेंगे परन्तु दोपहर के बाद आकस्मिक कार्य आने से व्यस्तता बढ़ेगी। धन सम्बंधित कार्य अंत समय में टालने पड़ सकते है। घर के बुजुर्गो की दया दृष्टि आज भी बनी रहेगी लेकिन इनकी मनमानी से परेशानी भी होगी।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन आप कई कार्यो को एकसाथ करने के कारण दुविधा में फंस सकते है। घर एवं व्यवसाय के कार्यो में तालमेल बैठाने के चक्कर में असहजता रहेगी। परन्तु फिर भी धन लाभ निश्चित समय पर होने से कार्यो में अड़चन नहीं आएगी। परिवार की महिलाओं से आर्थिक सहयोग मिल सकता है। सरकारी कार्य थोड़ी शिफारिश के बाद आगे बढ़ेंगे। शेयर सट्टे में आज निवेश से बचे हानि हो सकती है। अन्य दैनिक उपभोग के व्यावसायिक कार्यो में निवेश उत्तम रहेगा। गृहस्थ जीवन में कोई चमत्कार होने से आश्चर्य में पड़ेंगे।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आपका दिन आज भी लाभदायक रहेगा परन्तु क्रोध को वश में रखना भी जरूरी है वरना बना बनाया काम बिगड़ सकता है। लोग आपको किसी ना किसी कारण क्रोध दिलाएंगे परन्तु अपने काम से काम रखें। समय धन के साथ साथ मान सम्मान में भी वृद्धि करने वाला है। विदेशी व्यापार अथवा जमीन सम्बंधित कार्यो में अधिक लाभ की संभावना है। आकस्मिक यात्रा आने से जरूरी कार्य निरस्त करने पड़ सकते है। रिश्तेदारो के द्वारा लाभ के मार्ग प्रशस्त होंगे। पारिवारिक वातावरण शांत बना रहेगा।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन आप धन प्राप्ति के लिए सभी प्रकार की जोड़-तोड़ वाली नीति अपनायेंगे फिर भी सफलता दूर तक नजर नहीं आएगी। पारिवारिक भविष्य को लेकर चिंता रहेगी। किसी की उधार चुकाने में भी असमर्थ रहने से बहस हो सकती है। सेहत भी असामान्य रहेगी परंतु कार्यो में व्यस्तता के कारण अनदेखी करेंगे जिसका परिणाम आगे ख़राब रहेगा। दाम्पत्य जीवन भी नीरसता से भरा रहेगा स्त्री वर्ग से विचारो में मेल ना रहने के कारण अनबन रहेगी। संतान का व्यवहार भी आपके विपरीत रहेगा। दूर रहने वाले रिश्तेदारो से शुभ समाचार थोड़ी शान्ति देंगे।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन आप धन सम्बंधित मामलो को लेकर अत्यन्त संवेदनशील रहेंगे। अधिक कंजूसी करने पर भी खर्चो पर नियंत्रण नहीं रख सकेंगे। धन को लेकर आज किसी से विवाद भी हो सकता है परन्तु संबंधो से ज्यादा धन को महत्त्व ना दे अन्यथा अकेले पड़ सकते है। परिवार अथवा कार्य क्षेत्र पर भी विरोध का सामना करना पड़ेगा। कार्यो में थोड़े प्रयत्न के बाद सफलता मिल जायेगी। पारिवारिक वातावरण आवश्यकताओ की पूर्ति ना होने पर अशान्त बनेगा। आज आप धार्मिक कार्यो में भी स्वार्थ से भाग लेंगे। संतान के कारण परेशानी हो सकती है।

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Quote of the week

“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton