Vaidik Panchang 22122025 Rashifal Samadhan

🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️  *दिनांक – 22 दिसम्बर 2025*
🌤️ *दिन – सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शिशिर ॠतु*
🌤️ *मास – पौष*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – द्वितीया सुबह 10:51 तक तत्पश्चात तृतीया*
🌤️ *नक्षत्र – उत्तराषाढ़ा 23 दिसंबर प्रातः 05:32 तक तत्पश्चात श्रवण*
🌤️ *योग – ध्रुव शाम 04:41 तक तत्पश्चात व्याघात*
🌤️ *राहुकाल – सुबह 08:33 से सुबह 09:55 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 07:13*
🌤️ *सूर्यास्त –  06:01*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष – *द्वितीया को बृहती (छोटा  बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *मंगलवारी चतुर्थी* 🌷
➡️ *23 दिसम्बर 2025 मंगलवार को दोपहर 12:12 से 24 दिसम्बर सूर्योदय तक मंगलवारी चतुर्थी है ।*
🌷 *मंत्र जप व शुभ संकल्प की सिद्धि के लिए विशेष योग*
🙏🏻 *मंगलवारी चतुर्थी को किये गए जप-संकल्प, मौन व यज्ञ का फल अक्षय होता है ।*
👉🏻 *मंगलवार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना … जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है…*
  🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *मंगलवारी चतुर्थी* 🌷
🙏 *अंगार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना …जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है…*
🌷 *> बिना नमक का भोजन करें*
🌷 *> मंगल देव का मानसिक आह्वान करो*
🌷 *> चन्द्रमा में गणपति की भावना करके अर्घ्य दें*
💵 *कितना भी कर्ज़दार हो ..काम धंधे से बेरोजगार हो ..रोज़ी रोटी तो मिलेगी और कर्जे से छुटकारा मिलेगा |*
🙏🏻 घर में नकारात्मक ऊर्जा / नज़र दोष के संकेत
अगर नीचे के 3–4 लक्षण बार-बार हों तो समझिए—
संकेत:
पूजा शुरू होते ही झगड़ा
बिना कारण चिड़चिड़ापन
छोटी बात पर बड़ा विवाद
नींद के बाद भी थकान
घर में टिककर बैठने का मन न होना
घबराएँ नहीं, समाधान सरल है 👇
5-दिवसीय शांति उपाय
शाम को
सरसों के तेल का दीपक
उसमें 1 लौंग
दीपक के सामने 11 बार बोलें:
“ॐ हनुमते नमः”
✔️ घर की भारी ऊर्जा हल्की होने लगती है
✔️ झगड़े का कारण कम होता है
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *मंगलवार चतुर्थी* 🌷
👉 *भारतीय समय के अनुसार 23 दिसम्बर 2025 को (दोपहर 12:12 से 24 दिसम्बर सूर्योदय तक) चतुर्थी है, इस महा योग पर अगर मंगल ग्रह देव के 21 नामों से सुमिरन करें  और धरती पर अर्घ्य देकर प्रार्थना करें,शुभ संकल्प करें तो आप सकल ऋण से मुक्त हो सकते हैं..*
*👉🏻मंगल देव के 21 नाम इस प्रकार हैं :-*
🌷 *1) ॐ मंगलाय नमः*
🌷 *2) ॐ भूमि पुत्राय नमः*
🌷 *3 ) ॐ ऋण हर्त्रे नमः*
🌷 *4) ॐ धन प्रदाय नमः*
🌷 *5 ) ॐ स्थिर आसनाय नमः*
🌷 *6) ॐ महा कायाय नमः*
🌷 *7) ॐ सर्व कामार्थ साधकाय नमः*
🌷 *8) ॐ लोहिताय नमः*
🌷 *9) ॐ लोहिताक्षाय नमः*
🌷 *10) ॐ साम गानाम कृपा करे नमः*
🌷 *11) ॐ धरात्मजाय नमः*
🌷 *12) ॐ भुजाय नमः*
🌷 *13) ॐ भौमाय नमः*
🌷 *14) ॐ भुमिजाय नमः*
🌷 *15) ॐ भूमि नन्दनाय नमः*
🌷 *16) ॐ अंगारकाय नमः*
🌷 *17) ॐ यमाय नमः*
🌷 *18) ॐ सर्व रोग प्रहाराकाय नमः*
🌷 *19) ॐ वृष्टि कर्ते नमः*
🌷 *20) ॐ वृष्टि हराते नमः*
🌷 *21) ॐ सर्व कामा फल प्रदाय नमः*
🙏 *ये 21 मन्त्र से भगवान मंगल देव को नमन करें  ..फिर धरती पर अर्घ्य देना चाहिए..अर्घ्य देते समय ये मन्त्र बोले :-*
🌷 *भूमि पुत्रो महा तेजा*
🌷 *कुमारो रक्त वस्त्रका*
🌷 *ग्रहणअर्घ्यं मया दत्तम*
🌷 *ऋणम शांतिम प्रयाक्ष्मे*
🙏 *हे भूमि पुत्र!..महा क्यातेजस्वी,रक्त वस्त्र धारण करने वाले देव मेरा अर्घ्य स्वीकार करो और मुझे ऋण से शांति प्राप्त कराओ..*
https://chat.whatsapp.com/CPmIom0f5xmGZoH4IJTkjV

‘उत्तरायण’ व ‘दक्षिणायण’ एवं संक्रांति
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सूर्यदेव ‘दक्षिणायण’ हो गए हैं। हमारे शास्त्रों में सूर्य के ‘दक्षिणायण’ व ‘उत्तरायण’ होने का विशेष महत्त्व होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार महाभारत में इच्छा-मृत्यु का वरदान प्राप्त होने पर भी पितामह भीष्म ने अपनी देहत्याग कर मृत्युलोक से प्रस्थान करने के लिए सूर्य के ‘उत्तरायण’ होने की प्रतीक्षा की थी। ऐसी मान्यता है कि सूर्य के ‘उत्तरायण’ रहते देहत्याग होने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है जबकि ‘दक्षिणायण’ के समय मृत्यु होने पर जीव को पुन: इस नश्वर संसार में लौटना पड़ता है।

क्या है ‘उत्तरायण’ व ‘दक्षिणायण’
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शास्त्रानुसार एक सौर वर्ष में दो अयन होते हैं।

1👉 उत्तरायण
2👉 दक्षिणायण

1. उत्तरायण
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सूर्य की उत्तर गति अर्थात् चलन को सूर्य का ‘उत्तरायण’ ( सौम्यायन ) होना कहा जाता है। गोचरवश जब सूर्य मकर राशि से मिथुन राशि तक गोचर करता है तब इस अवधि को सूर्य का ‘उत्तरायण’ होना कहा जाता है। ‘उत्तरायण’ का प्रारंभ ‘मकर-संक्रांति’ से होता है। उत्तरायण को देवताओं का दिन माना गया है। यह अत्यंत शुभ व सकारात्मक होता है। अत: समस्त शुभ एवं मांगलिक कार्य जैसे विवाह, मुंडन, दीक्षा, गृहप्रवेश, व्रतोद्यापन, उपनयन संस्कार (जनेऊ), देव-प्रतिष्ठा आदि सूर्य के ‘उत्तरायण’ रहते ही अधिक श्रेयस्कर माने गए हैं। उत्तरायण में शिशिर, वसंत एवं ग्रीष्म ऋतु आती हैं।

2. दक्षिणायण
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सूर्य की दक्षिण गति अर्थात् चलन को सूर्य का ‘दक्षिणायन’ (याम्यायन) होना कहा जाता है। गोचरवश जब सूर्य कर्क राशि से धनु राशि तक गोचर करता है तब इस अवधि को सूर्य का ‘दक्षिणायण’ कहा जाता है। ‘दक्षिणायण’ का प्रारंभ कर्क-संक्रांति से होता है। दक्षिणायण को देवताओं की रात्रि माना गया है। यह काल अत्यंत नकारात्मक व निर्बल होता है। अत: समस्त शुभ एवं मांगलिक कार्यों जैसे विवाह, मुंडन, दीक्षा, गृहप्रवेश, व्रतोद्यापन, उपनयन संस्कार (जनेऊ), देव-प्रतिष्ठा आदि का सूर्य के ‘दक्षिणायण’ रहते निषेध होता है किंतु अत्यावश्यक होने पर यथोचित वैदिक पूजन कर इन्हें संपन्न किया जा सकता है। दक्षिणायण में वर्षा, शरद एवं हेमंत ऋतु आती हैं।

क्या होती है संक्रांति
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शास्त्रानुसार सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में गोचरवश प्रवेश करने को ‘संक्रांति’ कहा जाता है। एक सौर वर्ष में बारह संक्रांतियां आती हैं। सूर्य गोचरवश एक राशि में एक माह तक रहते है अत: संक्रांति प्रतिमाह आती है। गोचरवश सूर्य जिस राशि में प्रवेश करते हैं उसी राशि के नाम के अनुसार संक्रांति का नाम होता है। जैसे सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश को ‘कर्क संक्रांति’ व मकर राशि में प्रवेश को ‘मकर संक्रांति’ कहते हैं। इन समस्त बारह संक्रांतियों में ‘मकर संक्रांति’ का विशेष महत्व होता है क्योंकि इसी दिन से सूर्य ‘उत्तरायण’ होते हैं।
साभार~ पं देव शर्मा💐
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(द्वितीया) चंद्रदर्शन पौराणिक और ज्योतिषीय महत्त्व
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चंद्रदर्शन का पौराणिक काल से हिंदु धर्म में काफी महत्व रहा है क्योंकि चद्रंमा को देवता समान माना जाता है। चंद्र दर्शन का अर्थ चन्द्रमा का दर्शन करना। इसे चंद्र दर्शन इसलिये कहा जाता है क्योंकि इसे प्रायः अमावस्या के बाद की द्वितीया के दिन देखा जाता है। भगवान शंकर की जटाओं में भी द्वितीया का चंद्र विराजमान होने से इसका आध्यात्मिक और शारीरिक रूप से महत्त्व बढ़ जाता है।

क्या करते हैं इस दिन
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हिंदू धर्म में चंद्र दर्शन एक बहुत ही आवश्यक महत्व रखता है। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन का एक धार्मिक महत्व है। इस विशेष दिन भगवान चंद्रमा की पूजा पूरी श्रद्धा के साथ की जाती है। हिंदू धर्म के अनुसार इस दिन चंद्रमा का दर्शन करना बहुत ही फलदायी होता है। साथ-ही-साथ इसे भाग्यशाली और समृद्धि का घोतक भी माना जाता है।

चंद्र दर्शन को हिंदुं धर्म में भगवान चंद्रमा की तरह माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि चंद्रमा की पूजा करने से घर में सुख-शांति व स्मृद्धि आती है और अन्य देवता भी प्रसन्न होते हैं। भगवान चंन्द्रमा की पूजा घर में सफलता और सौभाग्य लाती है।

चंद्र दर्शन से संबंधित अनुष्ठान
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कई प्रांतों खासकर दक्षिण भारतीय महिलाएं इस दिन व्रत रखती हैं ताकि अपने पति और बच्चों की लंबी उम्र के लिये ईश्वर का आशीर्वाद मिल सके। इस दिन हिंदू संस्कृति से जुड़े लोग चंद्रमा देव की पूजा पूरी श्रद्धा के साथ की जाती है और उनका आशीर्वाद लिया जाता हैं। चंद्र देव जी को प्रसन्न करने के लिए पूरे मन से उपवास भी रखा जाता है। उपवास के दौराना भक्त पूरे दिन किसी भी प्रकार का भोजन ग्रहण नहीं करते हैं। चांद दिखने के बाद ही उपवास समाप्त किया जाता है और साथ ही पूरी श्रद्धा भाव के साथ प्रार्थना की जाती हैं
ऐसा माना जाता है चंद्रमा की पूजा करना बहुत ही अधिक शुभ होता है और घर में सौभाग्य और समृद्धि लेकर आती है। इस दिन दान देने को बहुत ही अधिक अच्छा माना जाता है। इसके साथ ही ब्राह्मणों को चीनी,चावल और सफेद कपड़े दान करना और भी अधिक अच्छा माना जाता हैं।

चन्द्र दर्शन का महत्व
〰️〰️〰️〰️〰️〰️चांद को देवता समान उपाधि दी गई है। इसके अतिरिक्त चंद्रमाको नौ ग्रहों में से एक बहुत ही विशेष माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि चंद्रमा का पृथ्वी पर मनुष्यों जीवन पर एक बहुत ही विशेष प्रभाव होता है। चंद्र दर्शन करने से और इस दिन व्रत करने से सभी प्रकार की नकारात्मकता से छुटकारा मिलता है। जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है। इस विशेष दिन पर भगवान चंद्रमा की पूजा करने से भक्तों के जीवन में पवित्रता और ज्ञान का अद्भुद् संचार होता है। जीवन में नकारात्मक विचारों से मुक्ति मिलती है। व्रत के दौरान चंद्र मंत्रों का जाप किया जाता है ताकि अच्छे परिणाम प्राप्त किये जा सके।

स्वास्थय के लिये भी लाभदायक
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चंद्र दर्शन का ना केवल धार्मिक महत्व होता है बल्कि यह शरीर को स्वस्थ रखने में भी सहायक है। ऐसा कहा जाता है इस दिन उपवास रखने से मानव शरीर में वात, पित्त और कफ के तत्वों में अच्छा संतुलन पैदा होता है ताकि रोग ना हो। यानि चंद्र दर्शन स्वास्थय के संबंध में भी काफी लाभदायक है।

ज्योतिष शास्त्र में चन्द्र दर्शन
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इस दिवस की गणना चुनौतीपूर्ण होती है। क्यूँकि, इस दिन सूर्यास्त के तत्काल बाद चन्द्रमा मात्र कुछ समय के लिए ही दिखाई देता है। चन्द्र दर्शन वाले दिन चन्द्रमा और सूर्य दोनों समान क्षितिज पर स्थित होते हैं इस कारण चन्द्र दर्शन सूर्यास्त के बाद ही सम्भव होता है, जब चन्द्रमा स्वयं ही अस्त होने वाला होता है।

द्वितीया तिथि चंद्रमा की दूसरी कला है। इस कला का अमृत कृष्ण पक्ष में स्वयं सूर्यदेव पी कर स्वयं को ऊर्जावान रखते हैं व शुक्ल पक्ष में पुनः चंद्रमा को लौटा देते हैं।

यदि किसी जातक की जन्मपत्री में चंद्रमा नीच का है तो उसे गुस्सा जल्दी आता है इस कारण जातक मानसिक तनाव में रहता है. ऐसे लोगों की मां को भी कई परेशानियां होती हैं साथ ही पैसा भी पानी की तरह खर्च होता है. ऐसे लोग यदि इस दिन चंद्र भगवान की पूजा-अर्चना कर उनके दर्शन करते हैं तो उन्हें कई प्रकार के मानसिक रोगों से मुक्ति मिलती है और उनपर मां लक्ष्मी की भी कृपा बनी रहती है।

शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भगवान शंकर गौरी के समीप होते हैं, अतः शिवपूजन, रुद्रभिषेक, पार्थिव पूजन व विशेष रूप से चंद्र दर्शन व पूजन अति शुभ माना गया है। चंद्र दर्शन हर महीने अमावस्या के बाद जब पहली बार चंद्रमा आकाश पर दिखता है उसे चंद्र दर्शन कहते है। शास्त्रनुसार इस समय चंद्र दर्शन करना अत्यंत फलदायक होता है। ज्योतिषशास्त्र अनुसार चंद्रमा मन व ज्ञान का स्वामी माना जाता है। कुंडली में अशुभ चंद्रमा होने से मानसिक विकार, माता को कष्ट, धन हानि की संभावना रहती है। अतः दूज पर चंद्र दर्शन और विधिवत चंद्रदेव के पूजन से मानसिक शांति व स्थिरता, धन लाभ, माता को स्वास्थ्य लाभ व ज्ञान में वृद्धि मिलती है। साथ ही सौभाग्य व संपत्ति की प्राप्ती होती है।

पूजन विधि:👉 संध्या के समय चंद्र देव का दशोपचार पूजन करें। गौघृत का दीपक करें, कर्पूर जलाकर धूप करें, सफेद फूल, चंदन, चावल, व इत्र चढ़ाएं, खीर का भोग लगाएं व पंचामृत से चंद्रमा को अर्घ्य दे तथा सफेद चंदन की माला से 108 बार इस विशिष्ट मंत्र जपें। पूजन के बाद भोग किसी स्त्री को भेंट करें।

चंद्र दर्शन मुहूर्त: शाम 08:33 से शाम 09:05 तक।

चंद्र पूजन मुहूर्त: शाम 08:35 से शाम 08:55 तक।

पूजन मंत्र: ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृत तत्वाय धीमहि, तन्नो चन्द्र: प्रचोदयात॥

उपाय
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मानसिक विकार से मुक्ति हेतु जल में अपनी छाया देखकर चंद्र देव पर चढ़ाएं।

माता के स्वास्थ्य में सुधार के लिए चंद्र देव पर चढ़ी शतावरी माता को भेंट करें।

सौभाग्य की प्राप्ति के लिए चंद्र देव पर चढ़ा चांदी का सिक्का तिजोरी में रखें।
साभार~ पं देव शर्मा💐
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जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
आपका जन्मदिन: 22 दिसंबर

दिनांक 22 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 4 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति जिद्दी, कुशाग्र बुद्धि वाले, साहसी होते हैं। ऐसे व्यक्ति को जीवन में अनेक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है। जैसे तेज स्पीड से आती गाड़ी को अचानक ब्रेक लग जाए ऐसा उनका भाग्य होगा। लेकिन यह भी निश्चित है कि इस अंक वाले अधिकांश लोग कुलदीपक होते हैं। आपका जीवन संघर्षशील होता है। इनमें अभिमान भी होता है। ये लोग दिल के कोमल होते हैं किन्तु बाहर से कठोर दिखाई पड़ते हैं। इनकी नेतृत्व क्षमता के लोग कायल होते हैं।

आपके लिए खास

शुभ दिनांक : 4, 8, 13, 22, 26, 1

शुभ अंक : 4, 8,18, 22, 45, 57

शुभ वर्ष : 2031, 2040, 2060

ईष्टदेव : श्री गणेश, श्री हनुमान,

शुभ रंग : नीला, काला, भूरा

आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: यह वर्ष पिछले वर्ष के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम है। आपको सजग रहकर कार्य करना होगा। नौकरीपेशा प्रयास करें तो उन्नति के चांस भी है।

परिवार: पारिवारिक मामलों में सहयोग के द्वारा सफलता मिलेगी। मान-सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं मित्र वर्ग का सहयोग मिलेगा। विवाह के मामलों में आश्चर्यजनक परिणाम आ सकते हैं।

बिजनेस: नवीन व्यापार की योजना प्रभावी होने तक गुप्त ही रखें। शत्रु पक्ष पर प्रभावपूर्ण सफलता मिलेगी।

मेष (Aries)
स्वभाव: उत्साही
राशि स्वामी: मंगल
शुभ रंग: लाल
आज का दिन आपकी लिए कुछ समस्याएं लेकर आएगा, क्योंकि आपको बिजनेस में भी नुकसान होने की संभावना है। आपको किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा और किसी दूसरे के मामले में ज्यादा ना बोलें। कोई कानूनी मामला भी आपकी समस्याओं को बढ़ाएगा, इसलिए आप उसमें अपनी आंख और कान खुले रखकर आगे बढें। जीवनसाथी से यदि अनबन चल रही थी, तो वह बातचीत के जरिए दूर करने की कोशिश करनी होगी।

वृषभ (Taurus)
स्वभाव:  धैर्यवान
राशि स्वामी: शुक्र
शुभ रंग: हरा
आज का दिन आपके लिए आय और व्यय में तालमेल बनाकर चलने के लिए रहेगा। आपको किसी सहयोगी की कोई बात बुरी लग सकती है। विद्यार्थी पढ़ाई-लिखाई पर पूरा ध्यान देंगे। आपको अपने आसपास रह रहे लोगों को समझना होगा। भाई- बहनों का आपका पूरा सपोर्ट मिलेगा और किसी वेकेशन पर भी जाने की प्लानिंग हो सकती है। आपकी कोई मन की इच्छा के पूर्ति होने से खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। पिताजी की ओर से आपको कोई सरप्राइज गिफ्ट मिल सकता है।

मिथुन (Gemini)
स्वभाव:  जिज्ञासु
राशि स्वामी: बुध
शुभ रंग: पीला
आज आपको किसी पैतृक संपत्ति के मिलने की संभावना है। आपको अपने बिजनेस में यदि कुछ समस्याएं आ रही थी, तो उसके लिए आप अपने भाइयों से बातचीत कर सकते हैं। आपने किसी से धन उधार लिया था, तो आप उसे भी उतराने की पूरी कोशिश करेंगे। आपका किसी आस-पड़ोस में कोई वाद-विवाद होने की संभावना है। जीवनसाथी आपके काम में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देंगे। आपने यदि किसी प्रॉपर्टी को लेकर सौदा किया है, तो वह बेहतर रहेगा।

कर्क (Cancer)
स्वभाव:  भावुक
राशि स्वामी: चंद्र
शुभ रंग: सफेद
आज का दिन आपके लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। आपको गलत तरीके से धन कमाने से बचना होगा और पिताजी यदि आपको कोई जिम्मेदारी दे, तो उसको लेकर आप लापरवाही बिल्कुल ना करें। परिवार के सदस्यों के साथ आप किसी मांगलिक उत्सव में सम्मिलित हो सकते हैं। आपको अपने संतान से किए हुए वादे को पूरा करने की आवश्यकता है। कोई पुराना मित्र आपसे लंबे समय बाद मिलने आ सकता है। आज आपकी अपने साथी से खूब पटेगी।

सिंह राशि (Leo)
स्वभाव:  आत्मविश्वासी
राशि स्वामी: सूर्य
शुभ रंग: ग्रे
आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है। आपको किसी दूसरे के मामले में बेवजह बोलने से बचना होगा। आप यदि किसी काम को लेकर लंबे समय से परेशान चल रहे थे, तो आपका वह काम पूरा हो सकता है। संतान का मन पढ़ाई-लिखाई से भटकेगा जो आपकी मुश्किलों को बढ़ाएगा। आपके घर किसी धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन होने की संभावना है। परिवार में बड़े बुजुर्गों की सेहत का ख्याल रखें। यदि कोई समस्या हो, तो उसे छोटा ना समझें।

कन्या (Virgo)
स्वभाव:  मेहनती
राशि स्वामी: बुध
शुभ रंग: लाल
आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहने वाला है। आज आप जीवनसाथी आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे और उनका कार्यक्षेत्र में प्रमोशन आदि मिलता दिख रहा है। पार्टनरशिप में कोई काम करना आपके लिए बेहतर रहेगा। आप अपनी संतान के लिए कुछ नई चीजों को लेकर आ सकते हैं और दोस्तों के साथ आप किसी पार्टी आदि को करने की योजना बनाएंगे। आपको अपने पिताजी की कोई बात बुरी लग सकती है।

तुला (Libra)
स्वभाव:  संतुलित
राशि स्वामी: शुक्र
शुभ रंग: पीला
आज आपको वाहनों का प्रयोग थोड़ा सावधान रहकर करने की आवश्यकता है, क्योंकि अकस्मात खराबी के कारण आपका खर्च बढ़ेगा। आपको किसी लिए गए निर्णय के लिए पछतावा होगा और संतान पढ़ाई लिखाई के लिए कहीं बाहर जा सकती हैं। आप जिस काम में हाथ डालेंगे, उसमें आपको सफलता अवश्य मिलेगी, लेकिन राजनीति में कार्यरत लोगों के कुछ नए शत्रु हो सकते हैं, जो उनके कामों में रोड़ा अटकाने की कोशिश करेंगे।

वृश्चिक (Scorpio)
स्वभाव:  रहस्यमय
राशि स्वामी: मंगल
शुभ रंग: ग्रे
आज का दिन आपके लिए सामान्य रहने वाला है। आपकी मेहनत तो रंग लाएगी, लेकिन आप आलस्य के कारण कामों को कल पर डालेंगे, जो आपके लिए समस्या बनेगी। परिवार के किसी सदस्य की कोई बात बुरी लगने से आपका मन परेशान रहेगा और जीवनसाथी की फरमाइश पर आप किसी नए वाहन को अपने घर लेकर आ सकते हैं। आप किसी से कोई जरूरी जानकारी शेयर करने से बचें, नहीं तो आपकी मुश्किलें बढ़ेंगी।

धनु (Sagittarius)
स्वभाव:  दयालु
राशि स्वामी: गुरु
शुभ रंग: गोल्डन
आज का दिन आपके लिए मौज-मस्ती भरा रहने वाला है। भाई-बहनों का आपको पूरा साथ मिलेगा और धन-धान्य में भी वृद्धि होगी, जिससे आपके रुके हुए काम भी आसानी से पूरे होंगे। किसी मित्र से आप अपने बिजनेस को लेकर बातचीत कर सकते हैं। आप अपनी योजनाओं पर अच्छा खासा खर्चा करेंगे, जो भविष्य में आपको अच्छा लाभ देंगे और आप आय और व्यय मे भी संतुलन बनाकर चले, इसीलिए बेफिजूल के खर्च करने से बचें।

मकर (Capricorn)
स्वभाव:  अनुशासित
राशि स्वामी:  शनि
शुभ रंग: बैंगनी
आज का दिन आपके लिए स्वास्थ्य के लिहाज से कमजोर रहने वाला है। आपको उतार-चढ़ाव लगे रहेंगे, लेकिन फिर भी आप काम के साथ-साथ सेहत पर भी पूरा ध्यान दें और यदि कोई समस्या छोटी लगे, तो उसके लिए तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। किसी सामाजिक आयोजन में जुड़कर नाम कमाने का आपको मौका मिलेगा। आपकी माताजी से किसी बात को लेकर खटपट होने की संभावना है। आप जीवनसाथी को कहीं घूमाने-फिराने लेकर जा सकते हैं।

कुंभ ( Aquarius)
स्वभाव:  मानवतावादी
राशि स्वामी: शनि
शुभ रंग: लाल
आज का दिन आपके लिए बाकी दिनों की तुलना में बढ़िया रहने वाला है। आपको एक साथ कई काम हाथ लगेंगे, जिससे आप अच्छा धन कमाने में भी कामयाब रहेंगे। आप अपनी इन्कम को बढ़ाने के सोर्सो पर पूरा ध्यान देंगे और आपकी कोई मन की इच्छा पूरी हो सकती है, जो आपको खुशी देगी। पठन पाठन में आपका खूब मन लगेगा और आपका किसी पुरानी गलती से पर्दा उठा सकता है। परिवार में किसी नए मेहमान का आगमन हो सकता है।

मीन (Pisces)
स्वभाव: संवेदनशील
राशि स्वामी: बृहस्पति
शुभ रंग: गुलाबी
आज आपका मन इधर-उधर के कामों में ज्यादा लगेगा, जिससे आपका काम लटकने की संभावना है और परिवार में चल रही समस्याएं भी फिर से सिर उठायेगी। जो आपकी टेंशनों को बढ़ाएंगी आपको अपने आसपास रह रहे लोगों को पहचान कर चलने की आवश्यकता है। घूमने फिरने के दौरान कोई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी। आप राजनीति में बहुत ही सोच समझकर कदम बढ़ाएं। यदि आप किसी से धन उधार लेंगे, तो वह भी आपको आसानी से मिल जाएगा।

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Quote of the week

“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton