Vaidik Panchang 21102025 Rashifal Samadhan

🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌤️ *दिनांक – 21 अक्टूबर 2025*
🌤️ *दिन – मंगलवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत – 1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शरद ऋतु*
🌤️ *मास – कार्तिक (गुजरात-महाराष्ट्र आश्विन*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – अमावस्या शाम 05:54 तक तत्पश्चात प्रतिपदा*
🌤️ *नक्षत्र – चित्रा रात्रि 10:59 तक तत्पश्चात स्वाती*
🌤️ *योग – विष्कंभ 22 अक्टूबर रात्रि 03:17 तक तत्पश्चात प्रीति*
🌤️ *राहुकाल – शाम 03:16 से शाम 04:43 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:37*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:08*
👉 *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – दर्श अमावस्या, कार्तिक अमावस्या, दीपावली*
💥 *विशेष – अमावस्या एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास करना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
         🕉️~*वैदिक पंचांग* ~🕉️
🌷 *अन्नकूट दिवस / गोवर्धन-पूजा* 🌷
➡️ *22 अक्टूबर 2025 बुधवार को अन्नकूट दिवस एवं गोवर्धन-पूजा है ।*
🙏🏻 *धर्मसिन्धु आदि शास्त्रों के अनुसार गोवर्धन-पूजा के दिन गायों को सजाकर, उनकी पूजा करके उन्हें भोज्य पदार्थ आदि अर्पित करने का विधान है। इस दिन गौओ को सजाकर उनकी पूजा करके यह मंत्र करना चाहिये, गौ-पूजन का मंत्र –*
🌷 *लक्ष्मीर्या लोकपालानां धेनुरूपेण संस्थिता ।*
*घृतं वहति यज्ञार्थ मम पापं त्यपोहतु ॥*
🐄 *(धेनु रूप में स्थित जो लोकपालों की साक्षात लक्ष्मी है तथा जो यज्ञ के लिए घी देती है , वह गौ माता मेरे पापों का नाश करें । रात्रि को गरीबों को यथा सम्भव अन्न दान करना चाहिये ।*
           🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *कैसे करें नूतन वर्ष का स्वागत – पुण्यमय दर्शन व बलि प्रतिपदा*
➡ *बलि प्रतिपदा (वर्ष के प्रथम दिन)*
🌿 *पहले के जमाने में गाँवों में दीपावली के दिनों में वर्ष के प्रथम दिन नीम और अशोक वृक्ष के पत्तों के तोरण (बंदनवार) बाँधते थे, जिससे कि वहाँ से लोग गुजरें तो वर्ष भर प्रसन्न रहें, निरोग रहें । अशोक और नीम के पत्तों में रोगप्रतिकारक शक्ति होती है । उस तोरण के नीचे से गुजरकर जाने से वर्ष भर रोगप्रतिकारक शक्ति बनी रहती है । वर्ष के प्रथम दिन आप भी अपने घरों में तोरण बाँधो तो अच्छा है ।*
🌷 *नूतन वर्ष पर पुण्यमय दर्शन*
🙏🏻
🎇 *दीपावली का दिन वर्ष का आखिरी दिन है और बाद का दिन वर्ष का प्रथम दिन है, विक्रम सम्वत् के आरम्भ का दिन है (गुजराती पंचांग अनुसार) । उस दिन जो प्रसन्न रहता है, वर्ष भर उसका प्रसन्नता से जाता है ।*
🙏🏻 *’महाभारत’  में भगवान व्यास जी कहते हैं-*
*यो यादृशेन भावेन तिष्ठत्यस्यां युधिष्ठिर।*
*हर्षदैन्यादिरूपेण तस्य वर्षं प्रयाति वै।।*
🙏🏻 *’हे युधिष्ठिर ! आज नूतन वर्ष के प्रथम दिन जो मनुष्य हर्ष में रहता है, उसका पूरा वर्ष हर्ष में जाता है और जो शोक में रहता है, उसका पूरा वर्ष शोक में व्यतीत होता है।’*
🎇 *नूतन वर्ष के दिन मंगलमय चीजों का दर्शन करना भी शुभ माना गया है, पुण्य-प्रदायक माना गया है। जैसेः*
➡ *उत्तम ब्राह्मण, तीर्थ, वैष्णव, देव-प्रतिमा, सूर्यदेव, सती स्त्री, संन्यासी, यति, ब्रह्मचारी, गौ, अग्नि, गुरु, गजराज, सिंह, श्वेत अश्व, शुक, कोकिल, खंजरीट (खंजन), हंस, मोर, नीलकंठ, शंख पक्षी, बछड़े सहित गाय, पीपल वृक्ष, पति-पुत्रवती नारी, तीर्थयात्री, दीपक, सुवर्ण, मणि, मोती, हीरा, माणिक्य, तुलसी, श्वेत पुष्प, फ़ल, श्वेत धान्य, घी, दही, शहद, भरा हुआ घड़ा, लावा, दर्पण, जल, श्वेत पुष्पों की माला, गोरोचन, कपूर, चाँदी, तालाब, फूलों से भरी हुई वाटिका, शुक्ल पक्ष का चन्द्रमा, चंदन, कस्तूरी, कुम- कुम, पताका, अक्षयवट (प्रयाग तथा गया स्थित वटवृक्ष) देववृक्ष (गूगल), देवालय, देवसंबंधी जलाशय, देवता के आश्रित भक्त, देववट, सुगंधित वायु शंख, दुंदुभि, सीपी, मूँगा, स्फटिक मणि, कुश की जड़, गंगाजी मिट्टी, कुश, ताँबा, पुराण की पुस्तक, शुद्ध और बीजमंत्रसहित भगवान विष्णु का यंत्र, चिकनी दूब, रत्न, तपस्वी, सिद्ध मंत्र, समुद्र, कृष्णसार (काला) मृग, यज्ञ, महान उत्सव, गोमूत्र, गोबर, गोदुग्ध, गोधूलि, गौशाला, गोखुर, पकी हुई फसल से भरा खेत, सुंदर (सदाचारी) पद्मिनी, सुंदर वेष, वस्त्र एवं दिव्य आभूषणों से विभूषित सौभाग्यवती स्त्री, क्षेमकरी, गंध, दूर्वा, चावल औऱ अक्षत (अखंड चावल), सिद्धान्न (पकाया हुआ अन्न) और उत्तम अन्न – इन सबके दर्शन से पुण्य लाभ होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्णजन्म खंड, अध्यायः 76 एवं 78)*
🌷 *कैसे करें नूतन वर्ष का स्वागत*
🙏🏻 *नूतन वर्ष के दिन सुबह जगते ही बिस्तर पर बैठे-बैठे चिंतन करना कि ‘आनंदस्वरूप परमात्मा मेरा आत्मा है । प्रभु मेरे सुहृद हैं, सखा हैं, परम हितैषी हैं, ॐ ॐ आनंद ॐ… ॐ ॐ माधुर्य ॐ…। वर्ष शुरू हुआ और देखते-देखते आयुष्य का एक साल बीत जायेगा फिर दीपावली आयेगी । आयुष्य क्षीण हो रहा है । आयुष्य क्षीण हो जाय उसके पहले मेरा अज्ञान क्षीण हो जाय । हे ज्ञानदाता प्रभु ! मेरा दुःख नष्ट हो जाय, मेरी चिंताएँ चूर हो जायें । हे चैतन्यस्वरूप प्रभु ! संसार की आसक्ति से दुःख, चिंता और अज्ञान बढ़ता है और तेरी प्रीति से सुख, शांति और माधुर्य का निखार होता है । प्रभु ! तुम कैसे हो तुम्हीं जानो, हम जैसे-तैसे हैं तुम्हारे हैं देव ! ॐ ॐ ॐ…*
🙏🏻 *फिर बिस्तर पर तनिक शांत बैठे रहकर अपनी दोनों हथेलियों को देखना -*
🌷 *कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती ।*
*करमूले तु गोविंदः प्रभाते करदर्शनम् ।।*
🙏🏻 *अपने मुँह पर हाथ घुमा लेना । फिर दायाँ नथुना चलता हो तो दायाँ पैर और बायाँ चलता हो तो बायाँ पैर धरती पर पहले रखना ।*
🙏🏻 *इस दिन विचारना कि “जिन विचारों और कर्मों को करने से हम मनुष्यता की महानता से नीचे आते हैं उनमें कितना समय बरबाद हुआ ? अब नहीं करेंगे अथवा कम समय देंगे और जिनसे मनुष्य-जीवन का फायदा होता है – सत्संग है, भगवन्नाम सुमिरन है, सुख और दुःख में समता है, साक्षीभाव है… इनमें हम ज्यादा समय देंगे, आत्मज्योति में जियेंगे । रोज सुबह नींद में से उठकर ५ मिनट शिवनेत्र पर ॐकार या ज्योति अथवा भगवान की भावना करेंगे…।”*
          🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️

*🙏आज का अमृत🙏*
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*हरिजन गांठ न बांधिये, उदर समाना लेय।*
*आगे पीछे हरि खड़े, जो मांगे सो देय।*
*अर्थ:* प्रभु का भक्त संग्रह करने हेतू कुछ भी नहीं लेता है। वह मात्र पेट भरने की याचना करता है। ईश्वर सदा उसके पीछे खड़े रहते है तथा भक्त जो भी मांगता है _ प्रभु उसे पूरा करते है।

*भगवान उनके भक्त और प्रेम*
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*बहुत सुंदर भाव,,, बड़े प्यार से पढ़े*

एक गांव में भोली-भाली गरीब लड़की पंजिरी रहती थी। वह भगवान मदनमोहन जी की अनन्य भक्त थी। भगवान मदनमोहन भी उससे बहुत प्रसन्न रहते थे।वे उसे स्वप्न में दर्शन देते और उससे कभी कुछ खाने को माँगते, कभी कुछ।

वह दूसरे दिन ही उन्हें वह चीज भेंट कर आती, पर वह उनकी दूध की सेवा नित्य करती। वह रोज उनके दर्शन करने जाती और दूध दे आती।सबसे पहले उनके लिए प्रसाद निकालती।

दूध वह नगर में दूसरे लोगों को भी देती। लेकिन मदनमोहन जी को दूध अपनी ओर से देती।उसके पैसे न लेती।

इस प्रकार वह दूध बेच कर अपनी जीवन नैय्या चलाती थी। लेकिन वह गरीब पंजिरी को चढ़ावे के बाद बचे दूध से इतने पैसे मिलते कि दो वक्त का खाना भी खा पाये।

अतः मंदिर जाते समय पास की नदी से थोड़ा सा जल  दूध में सहज रुप से मिला लेती । फिर लौटकर अपने प्रभु की आराधना में मस्त बाकी समय अपनी कुटिया में बाल गोपाल के भजन कीर्तन करके बिताती।

कृष्ण कन्हैया तो अपने भक्तों की टोह में रहते ही हैं ,नित नए रुप में प्रकट होते,कभी प्रत्यक्ष में और वह पंजिरी संसार की सबसे धनी स्त्री हो जाती।

लेकिन एक दिन उसके सुंदर जीवन क्रम में रोड़ा आ गया। दूध में जल के साथ-साथ एक छोटी मछली दूध में आ गई और संयोगवश वह मदनमोहन जी के चढ़ावे में चली गई।

दूध डालते समय मंदिर के गोसाई की दृष्टि पड़ गई। गोसाईं जी को बहुत गुस्सा आया और उन्होंने दूध वापस कर पंजिरी को खूब डांटा फटकारा और मंदिर में उस का प्रवेश निषेध कर दिया।

पंजिरी पर तो आसमान टूट पड़ा ।रोती-बिलखती घर पहुंची-” ठाकुर मुझसे बड़ा अपराध हो गया ।क्षमा करो ,पानी तो रोज मिलाती हूं ,तुमसे कहां छिपा है ।ना मिलाओ तो गुजारा कैसे हो।

लेकिन, प्रभु आज तक तो तुमने कोई आपत्ति कि नहीं प्रेम से पीते रहे ,हां मेरा दोष था कि पानी छानकर नहीं मिलाया । लेकिन दुख इसलिए है कि तुम्हारे मंदिर के गोसाई ने पानी मिलाने पर मुझे इतनी खरी खोटी सुनाई और तुम कुछ ना बोले।

ठाकुर अगर यही मेरा अपराध है तो में प्रतिज्ञा करती हूं कि ऐसा काम आगे ना करूंगी और अगर रूठे रहोगे, मेरा चढ़ावा स्वीकार न करोगे तो मैं यहीं प्राण त्याग दूंगी।

तभी पंजिरी के कानों में एक मधुर कंठ सुनाई दिया-“माई ओ माई ।उठी दरवाजे पर देखा तो द्वार पर एक सुदर्शन किंतु थका-हारा भूखा-प्यासा एक युवक कुटिया में झांक रहा है।

“कौन हो बालक”

मैया बृजवासी हूं मदन मोहन के दर्शन करने आया था। बड़ी भूख लगी है कुछ खाने का मिल जाए और रात भर सोने की जगह दे दो तो बड़ा आभारी रहूंगा।”

पंजिरी के शरीर में प्रसन्नता की लहर दौड़ गई। “कोई पूछने की बात है बेटा, घर तुम्हारा है। ना जाने तुम कौन हो जिसने आते ही मेरे जीवन में ऐसा जादू बिखेर दिया।दूर से आए हो क्या भोजन करोगे।”

“दूध के सिवा कुछ लेता नहीं ।तनिक दूध दे दो वही पी कर सो जाऊंगा।” दूध की बात सुनते ही पंजिरी की आंखें डबडबा आयी, फिर अपने आप को संभालते हुए बोली-
“पुत्र दूध तो है पर सवेरे का बासी है, जरा ठहरो अभी गाय को सेहला कर थोड़ा ताजा दूध दूह लेती हूं।”

“अरे मैया नहीं नहीं ।उसमें समय लगेगा। सवेरे का भूखा प्यासा हूं दूध का नाम लेकर तूने मुझे अधीर बना दिया ।अरे वही सुबह का दे दो, तुम बाद में दूहते रहना।”

डबडबायीआंखों से बोली” थोडा पानी मिला हुआ दूध है, पर उसमें मछली आ गई थी।” “अरे मैया तुम मुझे भूखा मारोगी क्या? जल्दी से कच्चा दूध छान कर ऐसे ही दे दो वरना मैं यही दम तोड़ दूंगा।”

पंजिरी को आश्चर्य हुआ कि कैसी बात कर बैठा यह युवक,दौड़ी-दौड़ी गई झटपट दूध दे दिया। इधर दूध पीकर युवक का चेहरा खिल उठा।                         

“मैया कितना स्वादिष्ट दूध है। तू तो यूं ही ना जाने क्या-क्या कह रही थी ,अब तो मेरी आंखों में नींद उतर आई है इतना कहकर युवक वही सो गया।

पंजिरी अकेली हो गई है तो दिन भर की कांति, दुख और अवसाद ने उसे फिर घेर लिया।जाड़े के दिन थे ,भूखे पेट उसकी आंखों में नींद कहां।

जाडा़ बढ़ने लगा तो अपनी ओढ़नी बालक को ओढा दी।
रात के अंतिम प्रहर जो आंख लगी कि कृष्ण कन्हैया को सामने खड़ा पाया।

मदन मोहन भगवान ने आज फिर से स्वप्न मे दर्शन दिए और बोले,”यह क्या मैया, मुझे को मारेगी क्या?

गोसाई की बात का बुरा मान कर रूठ गयी। खुद पेट में अन्न का एक दाना तक न डाला और मुझे दूध पीने का कह रही हो।

मैंने तो आज तुम्हारे घर आकर दूध पी लिया अब तू भी अपना व्रत तोड़ कर के कुछ खा पी ले और देख दूध की प्रतीक्षा में व्याकुल रहता हूं, उसी से मुक्ति मिलती है। अपना नियम कभी मत तोड़ना।

गोसाईं भी अब तेरे को कुछ ना कहेंगे। दूध में पानी मिलाती हो, तो, क्या हुआ?वह तो जल्दी हज़म हो जाता है।अब उठो और भोजन करो। पंजिरी हड़बड़ाकर के उठी देखा बालक तो कुटिया में कहीं नहीं था।

सचमुच भेस बदल कर कृष्ण कन्हैया ही कुटिया में पधारे थे। पंजिरी का रोम-रोम हर्षोल्लास का सागर बन गया। झटपट दो टिक्कड़ बनाए और मदन मोहन को भोग लगाकर के साथ आनंदपूर्वक खाने लगी। उसकी आंखों से अश्रुधारा बह रही थी।

थोड़ी देर में सवेरा हो गया पंजिरी ने देखा कि कृष्ण कन्हैया उसकी ओढ़नी ले गये हैं और अपना पीतांबर कुटिया में ही छोड़ गए हैं।

इधर मंदिर के पट खुलते ही पुजारी ने मदन मोहनजी को देखा तो पाया की प्रभु फटी ओढ़नी ओडे़ आनंद के सागर में डूबे हैं। पुजारी समझ गये कि  प्रभु तुमने अवश्य फिर कोई लीला की है, लेकिन इसका रहस्य मेरी समझ में नहीं आ रहा है।

लीलाउद्घाटन के लिए पंजिरी मंदिर के द्वार पर पहूंची। खड़ी होकर पुजारी जी से कह रही थी,”गुसाई महाराज देखो तो प्रभु की लीला और माया,पीतांबर मेरे घर छोड़ आये  है और मेरी फटी ओढ़नी ले आये।

कल सवेरे आपने मुझे भगा दिया था ,लेकिन भूखा प्यासा मेरा कन्हैया दूध के लिये घर आ गया।”

पुजारी देवी के सामने बैठ गए। “भक्त और भगवान के बीच मेंने क्या कर डाला ,भक्ति बंधन को ठेस पहुंचा कर मैंने कितना बड़ा अपराध कर डाला देवी मुझे क्षमा कर दो “पंजिरी के चरणों में रो-रो कर कह रहे थे पुजारी।

लेकिन उनका भक्ति सागर था जो भक्त में भगवान के दर्शन पाकर निर्बाध बह चला था।पंजिरी भी क्या कम भावावेश मे थी ।आनंद भक्ति के सागर मे हिलोरे लेती हुई कह रही थी।

“गुसाई जी देखी तुमने बाल गोपाल की चतुराई अपना पीतांबर मेरी कुटिया मे जानबूझकर छोड मेरी फटी-चिथड़ी ओढ़नी उठा लाये।लो भक्तों को सम्मान देना तो इनकी पुरानी आदत है।”

मूर्ति में विराजमान कन्हैया धीरे-धीरे मुस्कुरा कर कह रहे थे अरे मैया तू क्या जाने कि तेरे प्रेम से भरी ओढ़नी ओड़ने में जो सुख है वो पीतांबर में कहां!!

🌺🙏🌺 जय श्री राधे 🌺🙏🌺
🙏🌹🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🌷🙏

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनायें बधाई ओर शुभ आशीष
आपका जन्मदिन: 21 अक्टूबर

दिनांक 21 को जन्मे व्यक्ति निष्कपट, दयालु एवं उच्च तार्किक क्षमता वाले होते हैं। अनुशासनप्रिय होने के कारण कभी-कभी आप तानाशाह भी बन जाते हैं। आप दार्शनिक स्वभाव के होने के बावजूद एक विशेष प्रकार की स्फूर्ति रखते हैं। आप सदैव परिपूर्णता या कहें कि परफेक्शन की तलाश में रहते हैं यही वजह है कि अक्सर अव्यवस्थाओं के कारण तनाव में रहते हैं। अंक ज्योतिष के अनुसार आपका मूलांक तीन आता है। यह बृहस्पति का प्रतिनिधि अंक है। आपकी शिक्षा के क्षेत्र में पकड़ मजबूत होगी। आप एक सामाजिक प्राणी हैं।

आपके लिए खास

शुभ दिनांक : 3, 12, 21, 30

शुभ अंक : 1, 3, 6, 7, 9


शुभ वर्ष : 2028, 2030, 2031, 2034, 2043, 2049, 2052

ईष्टदेव : देवी सरस्वती, देवगुरु बृहस्पति, भगवान विष्णु


शुभ रंग : पीला, सुनहरा और गुलाबी

आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल


परिवार: दांपत्य जीवन में सुखद स्थिति रहेगी। घर या परिवार में शुभ कार्य होंगे। महत्वपूर्ण कार्य से यात्रा के योग भी है।

करियर: नौकरीपेशा के लिए प्रतिभा के बल पर उत्तम सफलता का है। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद है। किसी विशेष परीक्षा में सफलता मिल सकती है।


कारोबार: नवीन व्यापार की योजना भी बन सकती है। मित्र वर्ग का सहयोग सुखद रहेगा। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे।

🌹आज का राशिफल 🌹
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज दिन के आरंभिक भाग में सेहत प्रतिकूल रहेगी छाती से निचले हिस्से में गड़बड़ रहने के कारण मानसिक तनाव बनेगा लेकिन दोपहर के बाद सुधार आने लगेगा गलत दवा के सेवन से एलर्जी अथवा अन्य समस्या बन सकती है देखभालकर ही इलाज करें। कार्य व्यवसाय में आज जो भी निर्णय लेंगे उसकी सफलता संदिग्ध रहेगी अन्य लोगो का दखल देना अखरेगा फिर भी व्यवहारिकता के कारण सहन करना ही पड़ेगा। निवेश करने से बचे धन फंस सकता है नौकरी पेशा भी आज प्रयोग करने से बचे अन्यथा अन्य लोगो की गलती आपके सिर आएगी। धन की आमद आज न्यून लेकिन खर्च कल की तुलना में कम होंगे। पारिवारिक वातावरण में विरोधाभास का अनुभव होगा जिससे सहयोग की आशा करेंगे वही अपना स्वार्थ सिद्ध करने के प्रयास में रहेगा। यात्रा से कोई लाभ नही मिलने वाला सम्भव हो तो टाले।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज दिन के आरंभिक भाग में पेट संबंधित समस्या परेशान करेगी पूर्व में बरती अनियमितता के कारण आज मध्यान तक सेहत में उतार चढ़ाव लगा रहेगा इसके बाद भी स्थिति यथावत बनी रहेगी लेकिन व्यवस्तता के चलते अनुभव नही होगी। कार्य क्षेत्र पर अतिमहत्त्वपूर्ण निर्णय दोपहर से पहले ले अधूरे कार्य भी शीघ्र पूर्ण करने का प्रयास करने इसके बाद परिस्थिति हानिकारक बनने वाली है जहाँ से लाभ की उम्मीद रहेगी वहां से खाली हाथ आएंगे। धन लाभ अंत समय मे आगे के लिए निरस्त हो सकता है। सहकर्मियो का सहयोग भी अन्य दिनों की तुलना में कम ही मिलेगा। दाम्पत्य जीवन मे बाहर की तुलना में शांति रहेगी परिजन आज आपसे सुख की कामना करेंगे लेकिन ना मिलने पर परिस्थिति अनुसार स्वयं को ढाल भी लेंगे। यात्रा में चोटादि का भय है सतर्क रहें अथवा निरस्त करें।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन आपके लिये बीते दिनों से अच्छा रहने वाला है लेकिन आज आपका स्वभाव पल पल में बदलने से आसपास का वातावरण भी कभी प्रसन्न कभी उदास बनेगा। बीते दिनों से मन मे भरी बातें आज एकदम से बाहर आने पर सामने वाले को परेशानी होगी लेकिन मन का बोझ हल्का होने से कुछ ही देर में स्थिति स्पष्ट हो जायेगी साथ ही आपके प्रति लोगो की सहानुभूति भी बढ़ेगी। कार्य व्यवसाय में कुछ समय के लिये निराशाजनक परिणाम मिलने से उदास होंगे लेकिन फिर भी परिस्थिति अनुसार स्वयं को ढाल कर कही ना कही से लाभ अवश्य उठाएंगे। धन की आमद में व्यवधान आएंगे फिर भी खर्च निकालने लायक सहज हो जाएगी ज्यादा पाने के प्रयास में गलती कर सकते है धैर्य से काम करें आगे का समय ठीक ही बना रहेगा। दाम्पत्य जीवन मे राग द्वेष लगा रहेगा जिस कारण घर की जगह बाहर का वातावरण अधिक पसंद करेंगे।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन मिश्रित फलदायक रहेगा। सेहत छोटी मोटी बातो को छोड़ लगभग सामान्य ही रहेगी स्वास्थ्य की चिंता भी आज कम ही करेंगे। आज आपका मन दो तरफा रहने से भ्रम की स्थिति बनेगी। कार्य क्षेत्र पर नए लाभ के अनुबंध मिल सकते है पुराणों से भी आकस्मिक धन की प्राप्ति होने से उत्साह बढेगा। सहकर्मियो के ऊपर खर्च करने पर काम निकलना आसान होगा लेकिन आज दाम्पत्य जीवन मे सुख की कमी अनुभव होगी पति पत्नी में किसी न किसी बात को लेकर नए मतभेद बनेंगे संतान का भी सहयोग केवल इच्छा पूर्ति होने तक ही मिलेगा। घर के अपेक्षा बाहर सुख की तलाश में रहेंगे लेकिन आपका भावुक व्यवहार घर के सदस्यों के साथ बाहरी लोगो को भी बोझ जैसा लगेगा मन की बात किसी को ना बताये अन्यथा अन्य लोग अनुचित लाभ उठा सकते है। कार्य क्षेत्र पर नौकर सहकर्मी की गतिविधि पर नजर रखें।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन आपके लिए मिला जुला फल देगा सेहत आज ठीक ठाक ही रहेगी आर्थिक विषयो की परवाह भी आज कम ही करेंगे। दिन के आरंभिक भाग में आध्यात्म एवं परोपकार में रुचि रहेगी लेकिन मन मे कोई न कोई उलझन रहने से  ठीक से ध्यान नही दे पाएंगे। आज फिजूल की बातों पर ध्यान ना दे अपने कार्य को योजना बनाकर करे मध्यान के बाद अवश्य ही कोई सकारात्मक खबर मिल सकती है। नौकरी वालो के लिये आज दिन थोड़ा अधिक परिश्रम वाला रहेगा लेकिन इसका परिणाम अंत मे सुखद अनुभूति कराएगा। धन की आमद प्रयास करने पर आवश्यकता अनुसार हो जाएगी। दाम्पत्य जीवन एवं पैतृक कार्यो से आज उलझन के बाद भी सुख मिलेगा। तीखे वचन बोलने से बचे दिन आनददायक सिद्ध होगा। व्यावसायिक अथवा अन्य कारणों से पूर्व निर्धारित यात्रा हो सकती है।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज दिन आरम्भ में आपके स्वभाव में आलस्य भरा रहेगा कार्य एकदम सर पर आने पर ही करेंगे सेहत लगभग सामान्य रहने के बाद भी कार्य करने का उत्साह नही बन पाएगा जिसके परिणाम स्वरूप घर मे परिजन एवं कार्य क्षेत्र पर सहकर्मी अधिकारी की खरी खोटी सुन्नी पड़ेगी। दोपहर के बाद स्वभाव में एकदम से परिवर्तन आएगा जो लोग आपके विपरीत थे उन्हें गलती का अहसास कराएंगे लेकिन लोगो के मन में शक फिर भी बना रहेगा। कार्य व्यवसाय में आज कोई भी बड़ा निर्णय दोपहर के बाद ही ले अथवा कल ले लिए टालना भी बेहतर रहेगा। धन लाभ की संभावनाए बनेंगी लेकिन अंत चरण में पहुचकर या तो निरस्त होंगी या बहुत कम होने से मन निराश होगा। घर मे दोपहर तक मौन रहने का प्रयास करें खासकर महिलाए पुरानी बातों को भूलकर नए कार्यो पर ध्यान दें। यात्रा ये किसी न किसी रूप में लाभ होगा।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन बीते दिनों की तुलना में बेहतर रहने वाला है लेकिन इसको बेहतर बनाने के लिये दिन के आरम्भ से ही स्वभाव में नरमी और जिद को त्यागना पड़ेगा तभी दिन का आनंद उठा पाएंगे। सेहत आज ठीक ठाक ही रहेगी कार्य क्षेत्र पर व्यवस्तता के बाद भी थकान अनुभव नही करेंगे रोजगार के संबंध में छोटी बड़ी यात्रा भी हो सकती है इससे लाभ के साथ ही नई जगह देखने को मिलेगी। कार्य क्षेत्र पर पूर्व में की मेहनत दोपहर के बाद फल देने लगेगी लेकिन आर्थिक मामलों में जल्दबाजी ना करें संतोषि व्यवहार रखने पर धन के साथ सम्मान भी बढ़ेगा। नौकरी पेशाओ को जिस कार्य मे उत्साह नही रहेगा उसे करने पर प्रशंसा के साथ आय के स्त्रोत्र भी बन सकते है। घर परिवार का वातावरण आज सुखद रहेगा दाम्पत्य सुख भी उत्तम मिलेगा। विपरीत लिंगीय आकर्षण बढ़ने के कारण ख्याली पुलाव पकाएंगे।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन का आरंभ शांति प्रद रहेगा लेकिन जैसे जैसे दिन चढ़ेगा घरेलू एवं व्यावसायिक उलझने भी बढ़ती जाएंगी। आपका स्वभाव दिन के आरंभ में अत्यंत स्वार्थी रहेगा आपने लाभ के लिये किसी अन्य का नुकसान करने से भी नही चूकेंगे फिर भी जिस भी चीज अथवा कार्य से लाभ पाना चाहेंगे वह किसी अन्य को मिलने की संभावना है आपको मिलने पर भी कुछ कमी रहेगी। दोपहर के बाद किसी भी कार्य को लेकर ज्यादा भागदौड़ करने से बचेंगे। कार्य व्यवसाय में धन लाभ दिन के पहले भाग में होगा इस समय अधिक सतर्कता बरते दोपहर बाद भी धन प्राप्ति के संयोग बनेंगे लेकिन कछ कमी के कारण निरस्त भी हो सकते है। घरेलू जिम्मेदारी बढ़ने पर कुछ समय के लिये असहजता होगी फिर भी निष्ठा से निभायेंगे। यात्रा से आज लाभ की उम्मीद ना रखें।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज दिन के आरंभिक भाग में सेहत चुस्त रहेगी लेकिन मन मे कोई चिंता भी बनी रहेगी। अतिआवश्यक कार्य दोपहर से पहले पूर्ण करने का प्रयास करें इसके बाद  बनते कार्य बिगड़ने लगेंगे आपसी संबंधों में भी भावनाओ की कमी आएगी हर कोई अपने स्वार्थ के लिये ही व्यवहार करेगा। घर मे गकतफहमी अथवा किसी पुरानी गलती के चलते तीखी झड़प होने की संभावना है आज राह चलते लोग भी आपको बुरा भला कह सकते है प्रतिक्रिया देने से पहले आगे होने वाले नुकसान को अवश्य ध्यान में रखें। कार्य क्षेत्र पर लाभ के अवसर मिलते रहेंगे लेकिन कलह क्लेश के कारण आज कोई भी लाभ मन को लुभा नही पायेगा। नौकरी पेशाओ को कार्य क्षेत्र पर नए अनुभव मिलेंगे लापरवाही ना करें अन्यथा लंबे समय तक उन्नति को तरसेंगे। आज प्रत्येक कार्य दूरदृष्टि रखकर ही करना हितकर रहेगा।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज दिन के आरंभिक भाग में आर्थिक एवं पारिवारिक कारणों से मन मे बेचैनी बानी रहेगी सेहत भी थोड़ी नरम रहने के कारण कार्यो में ढील देंगे। दोपहर के बाद स्थिति एकदम उलट होने लगेगी स्वभाव में हल्कापन अनुभव करेंगे विपरीत परिस्थिति में भी मनोरंजन के अवसर तलाशेंगे आप स्वयं अंदर से चिंताग्रस्त होने के बाद भी आस पास के लोगो को अपने मजाकिया व्यवहार से हंसने पर मजबूर कर देंगे। कार्य व्यवसाय में दोपहर तक अतिरिक्त परिश्रम करना पड़ेगा इसका फल निश्चित रूप से धन लाभ के रूप में मिलेगा परन्तु थोड़ा इंतजार करने के बाद ही। निवेश का जोखिम आज की जगह कल लेना ज्यादा बेहतर रहेगा। गृहस्थ में प्रातः जैसा तनाव अनुभव होगा संध्या के समय उससे अधिक आनंद मिलेगा। पति पत्नी में नोकझोंक के बाद भी आवश्यक कार्यो को लेकर एकमत हो जाएंगे।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन आपका भविष्य बनाने में सहयोग करेगा सेहत में आज कल की अपेक्षा सुधार अनुभव होगा लेकिन चुस्ती की कमी दिन के आरंभ में रहेगी बाद में धीरे धीरे सामान्य हो जाएगी। मध्यान से पहले किसी आवश्यक कार्य के लिये भागदौड़ करनी पड़ेगी लेकिन कोई न कोई अड़चन आने से तुरंत सफलता नही मिल पाएगी मन मे कुछ देर के लिए विपरीत खयाल आएंगे परन्तु धैर्य से काम लें मध्यान के बाद किसी बाहरी व्यक्ति का सहयोग समर्थन मिलने से अपनी योजनाओं में सफलता पा लेंगे। आज व्यवसाय में निवेश करने से पहले बाजार की मांग का अवश्य ख्याल करें जल्दबाजी में हानि हो सकती है। पारिवारिक वातावरण में शांति रहेगी मित्र परिचित स्वार्थ के लिये अधिक मीठे बनेंगे। आज आर्थिक कारणों से होने वाली यात्रा टालना ही बेहतर रहेगा लाभ की जगह खर्च ही होगा।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन आप मन ही मन किसी बात को लेकर चिंतित रहेंगे लेकिन अन्य लोगो के लिये अच्छे मार्गदर्शक सिद्ध होंगे। सेहत पेट संबंधित छोटी मोटी संमस्या को छोड़ उत्तम रहेगी खाने पीने में संयम रखें अन्यथा बेकार में दवाइयां खानी पड़ेंगी। कार्यक्षेत्र पर आपके धैर्य और नियंत्रण क्षमता की तारीफ होगी। प्रलोभन भी दिए जाएंगे इनसे दूर रहे अन्यथा भविष्य में ठगी का शिकार हो सकते है। दिन के आरंभ में बुद्धि विवेक से काम लेना मध्यान के बाद लाभ के मार्ग खोलेगा। धन की आमद आज आशाजनक नही होगी फिर भी कामचलाऊ आय आसानी से प्राप्त कर लेंगे। नौकरी पेशाओ को सहकर्मी द्वारा धमकी अथवा गलत आचरण का सामना करना पड़ेगा जिससे कुछ समय के लिये मानसिक दबाव अनुभव होगा। पारिवारिक वातावरण में आपसी समझ और तालमेल बना रहेगा। यात्रा की योजना बनते बनते अंत समय मे टल सकती है।

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“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton