Vaidik Panchang 21072025 Story of Selfless Devotion

हर हर भोले नमः शिवाय

*🌞~ आज का वैदिक पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक – 21 जुलाई  2025*
*⛅दिन – सोमवार*
*⛅विक्रम संवत् – 2082*
*⛅अयन – दक्षिणायण*
*⛅ऋतु – वर्षा*
*⛅मास – श्रावण*
*⛅पक्ष – कृष्ण*
*⛅तिथि – एकादशी प्रातः 09:38 तक तत्पश्चात् द्वादशी*
*⛅नक्षत्र – रोहिणी रात्रि 09:07 तक तत्पश्चात् मृगशिरा*
*⛅योग – वृद्धि शाम 06:39 तक तत्पश्चात् ध्रुव*
*⛅राहुकाल – सुबह 07:46 से सुबह 09:26 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय – 06:06*
*⛅सूर्यास्त – 07:26 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त अहमदाबाद मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 04:40 से प्रातः 05:23 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:19 से दोपहर 01:13 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:25 जुलाई 22 से रात्रि 01:08 जुलाई 22 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार)*
*⛅️व्रत पर्व विवरण – कामिक एकादशी, सर्वार्थसिद्धि योग, अमृतसिद्धि योग (अहोरात्रि)*
*⛅विशेष – एकादशी को शिम्बी (सेम) व द्वादशी को पुतिका (पोइ) खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*

*🔹वर्षा ऋतु में विशेष लाभदायी🔹*

*🔹पेट के व अन्य विकारों में लाभकारी अजवायन*

*🔸अजवायन उष्ण, तीक्ष्ण, जठराग्निवर्धक, उत्तम वायु कफनाशक, आमपाचक व पित्तवर्धक है । वर्षा ऋतु में होनेवाले पेट के विकारों, जोड़ों के दर्द, कृमि- रोग तथा कफजन्य विकारों में अजवायन खूब लाभदायी है ।*

*🔹औषधीय प्रयोग🔹*

*🔸 भोजन से आधे घंटे पहले अजवायन में थोड़ा-सा काला नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ लेने से मंदाग्नि, अजीर्ण, अफरा (gas), पेट के दर्द एवं अम्लपित्त (hyperacidity) में राहत मिलती है ।*

*🔸भोजन के पहले कौर के साथ अजवायन खाने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है ।*

*🔸अजवायन और तिल समभाग मिलाकर दिन में १-२ बार खाने से अधिक मात्रा में व बार-बार पेशाब आने की समस्या में राहत मिलती है ।*

*🔸अजवायन और एक लौंग का चूर्ण शहद मिलाकर चाटने से उलटी में लाभ होता है ।*

*🔸१५ से ३० दिनों तक भोजन के बाद या बीच में गुनगुने पानी के साथ अजवायन लेने से मासिक धर्म के समय होनेवाली पीड़ा में राहत मिलती है । (यदि मासिक अधिक आता हो, गर्मी अधिक हो तो उक्त प्रयोग न करें । सुबह खाली पेट २ से ४ गिलास पानी पीने से अनियमित मासिक स्राव में लाभ होता है ।)*

*🔹उपरोक्त सभी प्रयोगों में अजवायन की सेवन मात्रा: आधा से २ ग्राम ।*

*🔹अजवायन का तेल🔹*

*🔸लाभ: अजवायन के तेल की मालिश संधिवात (arthritis) और गठिया में खूब लाभदायी है ।*

*🔸तेल बनाने की विधि : २५० मि.ली. तिल के तेल को गरम करके नीचे उतार लें । इसमें १५ से २० ग्राम अजवायन डालकर कुछ देर ढक के रखें फिर छान लें । अजवायन का तेल तैयार ! इससे दिन में २ बार मालिश करें ।*

*🔹सावधानी : ग्रीष्म व शरद ऋतु में तथा पित्त प्रकृति वालों को अजवायन का उपयोग अत्यल्प मात्रा में करना चाहिए ।*

*🌞🚩🚩 *” ll जय श्री राम ll “* 🚩🚩🌞*


कृपादृष्टि……
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एक बार पंढरपुर के श्रीविट्ठलनाथ और रुक्मिणी के बीच एक संवाद हुआ था। रुक्मिणी जी कहती हैं- रोज-रोज इतने सारे भक्तजन आपके दर्शन के लिए आते हैं, फिर भी आप तो दृष्टि झुकाकर ही रहते हैं, किसी से भी नहीं मिलते। आखिर ऐसा क्यों?

यह सुनकर भगवान् ने कहा- जो केवल मुझे ही मिलने आते हैं, उस पर ही मैं कृपादृष्टि करता हूँ। लोग मन्दिर में कौन-कौन से भाव लेकर आते हैं, वह सब मैं जानता हूँ। मन्दिर में सभी लोग अपने लिए ही कुछ न कुछ माँगते हैं।

मुझसे मिलने के लिए तो शायद ही कभी कोई विरला आता है जो मात्र मुझसे मिलने श्रीमद्भागवत रहस्य के लिए आता है उसीसे मैं नजरें मिलाता हूँ।

भगवान् के दर्शन के लिए पंढरपुर के मन्दिर में इतनी बड़ी भीड़ इकट्ठी होती है कि सुबह वहाँ पहुंचा हुआ व्यक्ति शाम को ही दर्शन कर पाता है। एक बार लक्ष्मीजी ने भगवान् से पूछा- इतने सारे भक्त आपके दर्शनार्थ |

मचल रहे हैं, फिर भी आप उदास से क्यों नजर आ रहे हैं? भगवान ने कहा-ये जो आए हैं, सभी स्वार्थी हैं, किन्तु जिसके दर्शन करने की मेरी इच्छा है, वह तुकाराम अभी तक नहीं आया है।

अब इधर तुकाराम बीमार थे। वे बिस्तर पर सोए हुए सोच रहे थे कि विट्ठलनाथजी के दर्शन के लिए मैं तो जा नहीं पाऊँगा। क्यों न वे ही दर्शन देने के लिए मेरे घर पर ही आ जायँ। प्रेम अन्योन्य और परस्परावलम्बी होता है।

भगवान् ने लक्ष्मीजी से कहा- तुकाराम बीमार होने से इधर आ नहीं सकता तो चलो हम ही उसी के घर चलें। लाखों वैष्णव पंढरपुर के मन्दिर में विट्ठलनाथजी के दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं और विट्ठलनाथजी तो जा पहुँचे हैं। तुकाराम के घर पर। जिस प्रकार सच्चा वैष्णव ठाकुरजी के दर्शन के लिए आतुर होता है, उसी प्रकार सच्चे भक्त के दर्शन के लिए भगवान् भी आतुर होते हैं।

ध्रुवजी के समक्ष भगवान् नारायण प्रकट हुए, किन्तु ध्रुवजी ने आँखें नहीं खोलीं। भगवान् ने सोचा कि इस तरह तो मैं कब तक खड़ा रहूँगा? ध्रुवजी के हृदय में जो तेजोमय प्रकट स्वरूप था, उसको प्रभु ने अन्तर्धान कर दिया। अब ध्रुवजी व्यथित हो गए। सोचने लगे कि वह दिव्यस्वरूप कहाँ अदृश्य हो गया? ध्रुवजी ने आँखें खोलीं, तो अपने सामने चतुर्भुज नारायण को देखा। अब त ध्रुवजी मानो भगवान् का दर्शन नहीं कर रहे हैं किन्तु उनकी रूप ज्योति को पी रहे हैं। बहुत कुछ बोलने की इच्छा है किन्तु कैसे बोला जाए क्योंकि अज्ञानी जो ठहरे

अपने शंख द्वारा भगवान् ने बालक के गाल का स्पर्श किया और उस मन में सरस्वती जागृत की
फिर ध्रुव जी ने भगवान की स्तुति की ।

प्रभु ने ध्रुवजी से कहा- मैं तेरी भक्ति से प्रसन्न हुआ हूँ। तू मुझसे चाहे माँग सकता है। ध्रुवजी ने कहा- क्या माँगू और क्या नहीं, यह मेरी समझ हीं आ रहा है। आपको जो भी प्रिय हो, वही मुझे दीजिए।

आप तो मनुष्य को जन्म-मरण के चक्र से मुक्त करते हैं आपको कामादि विषयों की इच्छा से भजने वाला मूर्ख है। आप तो कल्पवृक्ष हैं। फिर भी वे मूर्खजन देहोपभोग के दर्शनार्थ हेतु ऐसे सुखों की इच्छा करते हैं कि जिन सुखों के कारण ही प्राणी को नरकलोक में जाना पड़ता है। जब आप कृपा करेंगे तभी यह जीव आपको के दर्शन पहचान सकता है। आपकी कृपा प्राप्त होने पर ही यह जीव आपका दर्शन कर सकता है, आपको प्राप्त कर सकता है।

मात्र साधना से ईश्वरदर्शन नहीं होता। कृष्ण कृपासाध्य हैं, साधना-साध्य नहीं। किन्तु इसका अर्थ यह नहीं कि तुम साधना न करो। साधना तो अवश्य करो किन्तु उस साधना पर विश्वास मत करो, अभिमान मत करो। साधना तो करनी ही है। साधना करते-करते थका हुआ जीव दीन होकर रो पड़ता है, तभी भगवान् कृपा करते हैं

ध्रुवजी से भगवान् ने कहा- तू कुछ कल्पों के लिए अपने राज्य का शासन कर। उसके पश्चात् मैं तुझे अपने धाम में ले चलूँगा ।

ध्रुवजी ने आशंका व्यक्त करते हुए कहा- मुझे अपने पूर्वजन्म की याद आ रही है। राजा-रानी के दर्शन से मेरा मन विचलित हुआ था, अतः मुझे यह जन्म लेना पड़ा। अब जो राजा बना तो फिर रानियों की माया में फँस जाऊँगा और असावधान हो जाऊँगा। मैं राजा नहीं बनना चाहता।

प्रभु ने कहा- तू चिन्ता न कर। ऐसा कभी नहीं होगा। तेरी राजा बनने की इच्छा न भी हो तो, मैं तुझे राजा बना देखना चाहता हूँ। यह माया तुझे, प्रभावित नहीं कर सकेगी।

मेरा नियम है कि जो मेरा पीछा करता है, मैं भी उसी का पीछा करता हूँ। मैं तेरी रक्षा करूँगा। छोटे बच्चों को चाहे आनन्द न होता हो किन्तु माता को तो उसका शृंगार करने में आनन्द मिलता ही है।

मैं जगत् को यह दिखाना चाहता हूँ, कि जो व्यक्ति मेरा हो जाता है, उसे लौकिक और अलौकिक, दोनों प्रकार के आनन्द प्रदान करता हूँ।

मैं अपने भक्तों को अलौकिक सुख के साथ-साथ लौकिक सुख से भी लाभान्वित करता हूँ। शबरी और मीरा जैसा अटल भक्ति भाव होने पर भगवान् कहते हैं कि मैं रक्षा करता रहूंगा! जीव की रक्षा भगवान् स्वयं करते है..!!
    *🙏🏽🙏🏿🙏जय श्री कृष्ण*🙏🏻🙏🏾🙏🏼

🙏🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष

दिनांक 21 को जन्मे व्यक्ति निष्कपट, दयालु एवं उच्च तार्किक क्षमता वाले होते हैं। अनुशासनप्रिय होने के कारण कभी-कभी आप तानाशाह भी बन जाते हैं। आप दार्शनिक स्वभाव के होने के बावजूद एक विशेष प्रकार की स्फूर्ति रखते हैं।

आप सदैव परिपूर्णता या कहें कि परफेक्शन की तलाश में रहते हैं यही वजह है कि अक्सर अव्यवस्थाओं के कारण तनाव में रहते हैं। अंक ज्योतिष के अनुसार आपका मूलांक तीन आता है। यह बृहस्पति का प्रतिनिधि अंक है। आपकी शिक्षा के क्षेत्र में पकड़ मजबूत होगी। आप एक सामाजिक प्राणी हैं।


शुभ दिनांक : 3, 12, 21, 30

शुभ अंक : 1, 3, 6, 7, 9

शुभ वर्ष : 2028, 2030, 2031, 2034, 2043, 2049, 2052


ईष्टदेव : देवी सरस्वती, देवगुरु बृहस्पति, भगवान विष्णु

शुभ रंग : पीला, सुनहरा और गुलाबी


जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :
दांपत्य जीवन में सुखद स्थिति रहेगी। घर या परिवार में शुभ कार्य होंगे। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद है। किसी विशेष परीक्षा में सफलता मिल सकती है। नौकरीपेशा के लिए प्रतिभा के बल पर उत्तम सफलता का है। नवीन व्यापार की योजना भी बन सकती है। मित्र वर्ग का सहयोग सुखद रहेगा। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे। महत्वपूर्ण कार्य से यात्रा के योग भी है।


*आज का राशिफल*

*मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)*
*आज का दिन आपके लिए अक्समात लाभ दिलाने वाला है। आपके घर किसी अतिथि का आगमन हो सकता है। आपको अपने कानूनी मामलों पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है। आप अपने किसी काम को लेकर अनदेखी न करें। संतान की पढ़ाई-लिखाई में यदि कोई समस्या आ रही थी, तब वह भी दूर होगी। आपको अपने जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करना होगा। प्रतिस्पर्धा का भाव आपके मन में बना रहेगा। राजनीति में कदम बढ़ा रहे लोगों को थोड़ा सावधान रहने की आवश्यकता है।*

*वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)*
*आज का दिन आपके लिए आत्मविश्वास से भरपूर रहने वाला है। आप अपने अच्छी सोच से कार्यक्षेत्र में अपने बॉस की आंखों का तारा बनेंगे और आपको कोई बड़ी जिम्मेदारी भी मिल सकती है। आपकी वाणी की सौम्यता आपको मान सम्मान दिलवाएगी। करियर में आपको अच्छा उछाल देखने को मिलेगा। आप अपने लेनदेन से संबंधित मामलों में लापरवाही बिल्कुल ना दिखाएं। आपकी निर्णय लेने की क्षमता भी बेहतर रहेगी।*

*मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)*
*आज का दिन आपके लिए ऊर्जावान रहने वाला है। पारिवारिक रिश्तों में आपको समानता बनाए रखनी होगी। कार्यक्षेत्र में आप छोटों की गलतियों को बड़प्पन दिखाते हुए माफ करें। प्रेम और सहयोग की भावना आपके मन में बनी रहेगी। आपका कोई नया काम करने की इच्छा जागृत हो सकती है। आपको किसी विरोधी की बातों में आने से बचना होगा। आप अपने समय का सदुपयोग करें। आपको इधर-उधर बैठकर खाली समय व्यतीत करने से बचना होगा।*

*कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)*
*आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहने वाला है। मित्रों के साथ संबंधों में सुधार आएगा। व्यापार में आपको समझदारी दिखानी होगी। विद्यार्थियों को बौद्धिक और मानसिक बोझ से छुटकारा मिलेगा। आपके धनधान्य में वृद्धि होने से खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। आपको किसी दूर रहे परिजन से कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। परिवार में किसी सदस्य के विवाह की बात पक्की होने से माहौल खुशनुमा रहेगा। आप गरीबों की सेवा के लिए कुछ धन भी लगा सकते हैं।*

*सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)*
*आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहने वाला है। आपकी साख और सम्मान में वृद्धि होगी। शासन प्रशासन का आपको पूरा सहयोग मिलेगा। आप अपने व्यापार को आगे ले जाने के लिए योजना बनानी होगी और किसी के साथ आप पार्टनरशिप करने से बचें। आपके कुछ नए शत्रु उत्पन्न हो सकते हैं, जिनको आपको पहचान की आवश्यकता है। राजनीति में कार्यरत लोगों को उनके कामों से एक नई पहचान मिलेगी और वह जी तोड़ मेहनत करेंगे। आप किसी नए वाहन की खरीदारी कर सकते हैं।*

*कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)*
*आज का दिन आपके लिए भाग्य के दृष्टिकोण से अच्छा रहने वाला है। आपकी कला कौशल में सुधार आएगा और आर्थिक स्थिति को लेकर आप कोई महत्वपूर्ण कदम उठा सकते हैं। आपकी सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। आपका कोई लंबे समय से रुका हुआ काम पूरा हो सकता है। आपको शासन सत्ता का पूरा लाभ मिलेगा। आप अपने घर के रिनोवेशन का काम शुरू कर सकते हैं। आपकी किसी पुराने मित्र से लंबे समय बाद मुलाकात होगी। धार्मिक कामों के प्रति आपकी आस्था बढ़ेगी।*

*तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)*
*आज का दिन आपके लिए अक्समात लाभ दिलाने वाला रहेगा। आपकी कोई मन की इच्छा पूरी हो सकती है, लेकिन आप अपनी शारीरिक समस्याओं को लेकर लापरवाही बिल्कुल ना दिखाएं। वाहनों का प्रयोग आपको सावधान रहकर करना होगा और आप किसी को उधार देने से बचें। जीवनसाथी का सहयोग और सानिध्य आपको भरपूर मात्रा में मिलेगा। आपको अपने महत्वपूर्ण कामों को समय से निपटाने की आवश्यकता है। आप जीवनसाथी से वाद-विवाद में ना पड़ें।*

*वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)*
*आज का दिन आपके लिए अपनी वाणी और व्यवहार पर संयम रखने के लिए रहेगा। आप अपने बिजनेस में पार्टनरशिप न करें, बहुत ही देखभाल कर करें। माताजी से आप कुछ पारिवारिक समस्याओं को लेकर बातचीत कर सकते हैं, क्योंकि वह आपकी टेंशनो को बढ़ाएंगी। आपने यदि किसी से कोई वादा किया था, तो उसे आपको समय रहते पूरा करने की आवश्यकता है। सामाजिक क्षेत्रों में कार्यरत लोगों की पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। नौकरी में आपको मनपसंद काम मिल सकता है।*

*धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)*
*आज का दिन बिजनेस कर रहे लोगों के लिए ठीक-ठाक रहने वाला है, लेकिन उसमें किसी के कहने में आकर कोई जोखिम भरा काम ना करें। विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा के मार्ग प्रशस्थ होंगे। आपका यदि कोई पहले का लेनदेन चल रहा था, तो वह भी दूर होता दिख रहा है। स्वास्थ्य के प्रति आपको थोड़ा सचेत रहने की आवश्यकता है।  आपको अपनी पारिवारिक मामलों को घर में रहकर ही निपटना बेहतर रहेगा। आप दिल से लोगों का भला सोचेंगे, लोग इसे आपका स्वार्थ समझ सकते है।*

*मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)*
*आज का दिन आपके लिए मिलेजुले परिणाम लेकर आएगा। आप किसी मनोरंजन के कार्यक्रम में सम्मिलित हो सकते हैं। आपको किसी बड़े लक्ष्य को पूरा करने की आवश्यकता है। मित्रों के साथ आपका विश्वास काफी गहरा रहेगा। परिवार में किसी सदस्य के विवाह में कोई बाधा आ रही थी, तो वह भी दूर होती दिख रही है। आप माताजी की सेहत को लेकर आप लापरवाही बिल्कुल ना करें। आप किसी यात्रा पर जाएंगे, तो वहां आप अपने कीमती सामानों की सुरक्षा अवश्य करें।*

*कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)*
*आज आपको किसी वाद-विवाद को करने से बचना होगा। आज कार्यक्षेत्र में आपके ऊपर कोई झूठा आरोप लगा सकता है, जिसमें आप अपनी बात अधिकारियों के सामने अवश्य रखें। आप कुछ नया सीखने के बाद पूरा ध्यान देंगे। भगवान की भक्ति में आपका खूब मन लगेगा। आपको किसी बात पर बहुत ही सोच विचारकर बोलने की आवश्यकता है। संतान के करियर को लेकर आप महत्वपूर्ण डिसीजन ले सकते हैं। आप जीवनसाथी से सलाह मशवरा करके चले, तो आपके लिए बेहतर रहेगा।*

*मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)*
*आज आपको परिस्थितियों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। आप किसी विपरीत परिस्थिति में भी धैर्य बनाए रखें। बेवजह किसी बात को लेकर क्रोध करने से आपकी समस्याएं बढ़ सकती है। बड़ों के प्रति आदर व सम्मान बना रहेगा। आपको वाहनों के तरफ से आपको सावधान रहने की आवश्यकता है। आपकी कोई मन की इच्छा पूरी हो सकती है। आपको अपने कामों को लेकर योजना बनाकर चलना होगा। आपको बिजनेस में मन मुताबिक लाभ न मिलने से खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा।*
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Quote of the week

“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton