🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌤️ *दिनांक – 19 अक्टूबर 2025*
🌤️ *दिन – रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत – 1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शरद ऋतु*
🌤️ *मास – कार्तिक (गुजरात-महाराष्ट्र आश्विन*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – त्रयोदशी दोपहर 01:51 तक तत्पश्चात चतुर्दशी*
🌤️ *नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी शाम 05:49 तक तत्पश्चात हस्त*
🌤️ *योग – इन्द्र 20 अक्टूबर रात्रि 02:05 तक तत्पश्चात वैधृति*
🌤️ *राहुकाल – शाम 04:44 से शाम 06:11 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:36*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:10*
👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – मासिक शिवरात्रि, नरक चतुर्दशी (रात्रि मे मंत्रजप से मंत्रसिद्धि), काली चौदस (गुजरात अनुसार)*
💥 *विशेष – त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🕉️~*वैदिक पंचांग* ~🕉️
🌷 *सोमवती अमावस्या पर विशेष मंत्र* 🌷
➡️ *20 अक्टूबर 2025 सोमवार को दोपहर 03:44 से 21 अक्टूबर सूर्योदय तक सोमवती अमावस्या है।*
💵 *जिनको पैसो की कमजोरी है तो तुलसी माता को १०८ प्रदिक्षणा करें | और श्री हरि…. श्री हरि…. श्री हरि…. श्री हरि…. ‘श्री’ माना सम्पदा, ‘हरि’ माना भगवान की दया पाना | तो गरीबी चली जायेगी |*
🕉️~*वैदिक पंचांग* ~🕉️
🌷 *दिवाली के दिन* 🌷
🎆 *दिवाली के दिन घर के पहले द्वार पर चावल का आटा और हल्दी का मिश्रण करके स्वस्तिक अथवा ॐ लगा देना, ताकि गृह दोष दूर हों और लक्ष्मी की स्थिति हो ।*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *लक्ष्मी प्राप्ति के उपाय* 🌷
🎆 *दीपावली (20 अक्टूबर 2025) सोमवार की रात मुख्य दरवाजे के बाहर दोनों तरफ १-१ दिया गेहूँ के ढेर पे जलाएं और कोशिश करें की दिया पूरी रात जले| आपके घर में सुख समृद्धि की वृद्धि होगी|*
🙏🏻 *जिनके घर में आर्थिक परेशानी हो वो घर में भगवती लक्ष्मी का पूजन करें|*
🌷 *ॐ महालक्ष्मऐ नमः*
🌷 *ॐ विष्णुप्रियाऐ नमः*
🌷 *ॐ श्रीं नमः*
🙏🏻 *इन मन्त्रों में से किसी एक मंत्र का जप करें|*
🌙 *रात को चंद्रमा को अर्घ्य दें |*
👉🏻 *अर्घ्य देते समय :*
🌷 *ॐ सोमाय नमः |*
🌷 *ॐ चन्द्रमसे नमः |*
🌷 *ॐ रोहिणी कान्ताय नमः |*
🌷 *ॐ सोमाय नमः |*
🌷 *ॐ चन्द्रमसे नमः |*
🌷 *ॐ रोहिणी कान्ताय नमः |*
👉🏻 *इन मन्त्रों से पूजन करें |*
🎆 *दिवाली की रात को चाँदी की छोटी कटोरी या दिये में कपूर जलने से दैहिक दैविक और भौतिक परेशानी/कष्टों से मुक्ति होती है| दिवाली के दिन स्फटिक की माला से*
👉🏻 *इन मन्त्रों के जप करने से लक्ष्मी आती हैं*
🌷 *ॐ महालक्ष्मऐ नमः*
🌷 *ॐ विष्णुप्रियाऐ नमः*
🌷 *ॐ श्रीं नमः*
🎆 *दिवाली की रात गणेशजी को लक्ष्मी जी के बाएं रख कर पूजा की जाये तो कष्ट दूर होते हैं. अगर घर में खींचातानी हो या दुकान में बरकत नहीं हो तो हर रविवार को एक लोटे में जल भर कर २१ बार गायत्री मन्त्र (ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यम भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात)* *का जप करके जल को दीवारों पर छाँट दे पर ध्यान रहे की पैरों के नीचे जल ना आये इसलिए दीवारों पर ही छाँटना है|*
🕉️ ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🕉️
🌷 *दिवाली में* 🌷
🎆 *दीपावली की सुबह तेल से मालिश करके स्नान करना चाहिए l*
🕉️ ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🕉️
🌷 *भूत प्रेत से रक्षा*
🎆 *दिवाली के दिन सरसों के तेल का या शुध्द घी का दिया जलाकर काजल बना ले…ये काजल लगाने से भूत प्रेत पिशाच, डाकिनी से रक्षा होती है…और बुरी नजर से भी रक्षा होती है।*
🕉️ ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🕉️
🌷 *माँ लक्ष्मी मन्त्र* 🌷
🎆 *दिवाली की रात कुबेर भगवान ने लक्ष्मी जी की आराधना की थी तो कुबेर बन गए ,जो धनाढ्य लोगो से भी बड़े धनाढ्य हैं..सभी धन के स्वामी हैं..ऐसा इस काल का महत्त्व है.. दिया जला के जप करने वाले को धन, सामर्थ्य , ऐश्वर्य पाए…ध्रुव , राजा प्रियव्रत ने भी आज की रात को लक्ष्मी प्राप्ति का , वैभव प्राप्ति का जप किया था…मन्त्र बहुत सरल है…मन्त्र का फल प्राप्त करने के लिए श्रद्धा से मंत्र सुने -*
🌷 *माँ लक्ष्मी मन्त्र*
*ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमलवासिन्यै स्वाहा*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
दिवाली के दिन (ओल) सुरन की सब्जी खाना क्यों अनिवार्य है? तो मेरा मानना था की पहले के समय में सब्जियों के विकल्प बहुत सीमित हुआ करते थे,और ऐसे मसाले वाली सब्जियां केवल त्योहारों के दिन या किसी खास दिन ही बनते थे, जैसे आज कल पूड़ी — कचोरी बनना आम बात है, और पनीर वगेरह के विकल्प पहले नही हुआ करते थे। इसलिए हो सकता है की ऐसा बनाया गया होगा।
लेकिन बड़े लोगो से पूछने पे पता चला की पहले के समय में जो चीज़े बनाई गई थी उसके पीछे कारण हुआ करते थे। समस्या बस यह है की हमे चीज़े करने के लिए कहा जाता है लेकिन उसके कारण नही बताए जाते, इसके वजह से हम ऐसी चीजों को अंध श्रद्धा के साथ जोड़ देते है।
तो मित्रों अब जानते हैं दिवाली के दिन सूरन की सब्जी खाने व खिलाने के मुख्य कारण – दरअसल सूरन को अपने देश में कई नामो से जाना जाता है, जैसे सूरन,जिमीकन्द (कहीं कहीं ओल) और कांद भी बोलते हैं, आजकल तो बाजार में हाईब्रीड सूरन आ गया है,, कभी-कभी देशी वाला सूरन भी मिल जाता है , दीपावली के 3-4 दिन पहले से ही बाजार में हर सब्जी वाला (खास कर के उत्तर भारत में) सूरन जरूर रखता है,और मजे की बात है कि इसकी लाइफ भी बहुत होती है।
सब्जियो में सूरन ही एक ऐसी सब्जी है जिसमें फास्फोरस अत्यधिक मात्रा में पाया जाता है, और अब तो मेडिकल साइंस ने भी मान लिया है कि इस एक दिन यदि हम देशी सूरन की सब्जी खा ले तो स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में महीनों फास्फोरस की कमी नही होगी,,
यह बवासीर से लेकर कैंसर जैसी भयंकर बीमारियों से बचाए रखता है। इसमें फाइबर, विटामिन सी, विटामिन बी6, विटामिन बी1 और फोलिक एसिड होता है,साथ ही इसमें पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम और कैल्शियम भी पाया जाता है ।
मुझे नही पता कि ये परंपरा कब से चल रही है लेकिन सोचीए तो सही कि हमारे लोक मान्यताओं में भी वैज्ञानिकता छुपी हुई होती थी।
धन्य हों हमारे पूर्वज जिन्होंने विज्ञान को हमारी परम्पराओं, रीतियों और संस्कारों में पिरो दिया
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
*।। दीये की बाती जैसा है जीवन ।।*
दीपावली के दिन जिस प्रकार श्रीराम विजयी होकर अयोध्या वापस आए, वैसे ही यह उत्सव स्वयं के पास लौटने का प्रतीक है।
यह दर्शाता है कि कैसे कोई आत्म-चेतना के स्त्रोत पर लौटता है, जिसके बाद सभी इंद्रियों में आनन्द का अनुभव होता है।
जब आप केन्द्रित होते हैं, अपने अस्तित्व से संयुक्त रहते है, तब हर कोशिका सुख का अनुभव करती है। जब आप अपने भीतर गहराई में शांत होते है, तब उत्सव के अलावा कुछ नहीं रहता।
जब आप स्वयं से दूर हो जाते है, तो मन में नकारात्मक तथा भ्रम बना रहता है। तब आपको लगता है कि हर व्यक्ति बुरा है। सब कुछ निराशाजनक प्रतीत होता है।
यदि आप तेल का दीपक जलाना चाहते हैं तो बाती को पूरी तरह तेल में भीगा होना चाहिए, साथ ही तेल से बाहर होना चाहिए। तेल में पूरी तरह डूबी हुई बाती नहीं जलेगी।
*जीवन दीये की बाती की तरह है, आपको दुनिया में रहना है, फिर भी इससे अछूते रहना है। यदि आप जगत की भोतिकता में डूबे हुए हैं, तो आप अपने जीवन में आनन्द और ज्ञान नहीं ला सकते। यही दीपावली का संदेश है।* *~~~श्री श्री रविशंकर*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~*
जब हनुमान जी ने सूर्य भगवान को अपना गुरु बनाया, तो उन्हें कई महत्वपूर्ण शिक्षाएं मिलीं। सूर्य भगवान ने हनुमान जी को वेदों, शास्त्रों, और जीवन के मूल्यों की शिक्षा दी।
*सूर्य भगवान ने हनुमान जी को निम्नलिखित शिक्षाएं दीं:*
1. ज्ञान की महत्ता: सूर्य भगवान ने हनुमान जी को ज्ञान की महत्ता के बारे में बताया और उन्हें वेदों और शास्त्रों की शिक्षा दी।
2. धर्म और न्याय: सूर्य भगवान ने हनुमान जी को धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की शिक्षा दी।
3. शक्ति का सही उपयोग: सूर्य भगवान ने हनुमान जी को अपनी शक्ति का सही उपयोग करने की शिक्षा दी।
4. भक्ति और समर्पण: सूर्य भगवान ने हनुमान जी को भगवान के प्रति भक्ति और समर्पण की शिक्षा दी।
5. जीवन के मूल्य: सूर्य भगवान ने हनुमान जी को जीवन के मूल्यों की शिक्षा दी, जैसे कि सत्य, अहिंसा, और धर्म।
इन शिक्षाओं के साथ, हनुमान जी ने अपना जीवन भगवान राम की सेवा में समर्पित कर दिया और उन्होंने अपनी शक्ति का उपयोग भगवान राम की रक्षा और सेवा के लिए किया।
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~*
एक पुरानी कहावत है – पहला सुख निरोगी काया
यह भगवत्कृपा से प्राप्त हमारा मानव-शरीर स्वस्थ रहे, तभी किसी पुरूषार्थ की सिद्धि हो सकती है। अन्यथा तो दूसरों पर प्रायः परिवारजनों पर, बोझ बनकर ही जीवन बिताना पड़ता है।
हमारा शरीर जिन पांच तत्वों से बना है, वे हैं पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश। ये पांचों प्रभुकृपा से हमें सदा सुलभ हैं।
यदि हम अपनी काल्पनिक आधुनिक जीवन-पद्धति में स्वयं ही इनका असन्तुलित उपभोग या बहिष्कार न कर दें। शास्त्रों में एक वचन आया है –
आरोग्यम् भास्करात् इच्छेत्
अर्थात हमें अपने स्वास्थ्य की कामना सूर्यनारायण से करनी चाहिए। अधिकांश आस्तिक परिवारों में प्रातःकाल सूर्य भगवान को जल चढ़ा कर प्रणाम करने की परम्परा रही है सूर्य भगवान को जल चढ़ाकर प्रणाम करने मात्र से निरोगी काया का प्रमाण अनेक आस्तिक जन देते हैं। इस सुलभ निरापद प्रयोग को करने में कल्याण ही कल्याण है।iजीवन को निरोगी काया प्रदान करने वाले भगवान सूर्यदेव को हम सादर प्रणाम करते हैं।
सत् चित् आनंद
ऊं सूर्यदेवाय नम:
कर्म बीज की तरह होता है, जैसा हम बोयेंगे वैसा ही फल हम पाएंगे।
हर व्यक्ति के पास मनचाहा कर्म करने की पूरी आजादी है लेकिन उस कर्म के अनुरूप परिणाम के लिए भी तैयार रहना चाहिए।
इंसान जन्म से भाग्यशाली नहीं होता हैं। वह अपने कर्म से महान बनता है।
चाहे रास्ते पर लाख कठिनाइयां आए, लेकिन आप कर्म करना मत छोड़िए।
भगवान भी उसी की सहायता करता है जो खुद की सहायता करते हैं। इसलिए कर्म करने में कंजूसी न करे।
केवल भाग्य के सहारे आप मुसीबतों से छुटकारा नहीं पा सकते। इसके लिए आपको कर्म की सहायता लेनी पड़ेगी।
इस सृष्टि का सबसे बड़ा धर्म है: अपने कर्म अच्छे रखना। भगवान सूर्य नारायण जी का आशीर्वाद सदैव आप सभी परिवारजनों पर सदैव बना रहे, इसी मंगल कामना सहित आप सभी को सुबह की राम राम
*कार्तिक माहात्म्य*
*अध्याय:–15*
*राजा पृथु ने नारद जी से पूछा:–*
‘हे मुनिश्रेष्ठ! तब दैत्यराज ने क्या किया? वह सब मुझे विस्तार से सुनाइए।’
*नारद जी बोले:–*
‘मेरे (नारद जी के) चले जाने के बाद जलन्धर ने अपने राहु नामक दूत को बुलाकर आज्ञा दी कि कैलाश पर एक जटाधारी शम्भु योगी रहता है उससे उसकी सर्वांग सुन्दरी भार्या को मेरे लिए माँग लाओ।
तब दूत शिव के स्थान में पहुंचा परन्तु नन्दी ने उसे भीतर सभा में जाने से रोक दिया। किन्तु वह अपनी उग्रता से शिव की सभा में चला ही गया और शिव के आगे बैठकर दैत्यराज का सन्देश कह सुनाया।
उस राहु नामक दूत के ऐसा कहते ही भगवान शूलपानि के आगे पृथ्वी फोड़कर एक भयंकर शब्दवाला पुरुष प्रकट हो गया जिसका सिंह के समान मुख था। वह नृसिंह ही राहु को खाने चला।
राहु बड़े जोर से भागा परन्तु उस पुरुष ने उसे पकड़ लिया। उसने शिवजी की शरण ले अपनी रक्षा माँगी। शिवजी ने उस पुरुष से राहु को छोड़ देने को कहा परन्तु उसने कहा मुझे बड़ी जोर की भूख लगी है, मैं क्या खाऊँ?
महेश्वर ने कहा–‘यदि तुझे भूख लगी है तो शीघ्र ही अपने हाथ और पैरों का माँस भक्षण कर ले और उसने वैसा ही किया। अब केवल उसका सिर शेष मात्र रह गया तब उसका ऐसा कृत्य देख शिवजी ने प्रसन्न हो उसे अपना आज्ञापालक जान अपना परम प्रिय गण बना लिया। उस दिन से वह शिव जी के द्वार पर ‘स्वकीर्तिमुख’ नामक गण होकर रहने लगा। जो भी कार्तिक महात्म्य को नियम पूर्वक नित्य पढ़ते है वह इसे लाइक करें और जय श्रीराधे कृष्णा जरूर लिखें
*🚩जय श्रीराधे कृष्णा🚩*
🙏🏻🌷🌻☘🌸🌹🌼🌺💐🌷🙏🏻
जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
आपका जन्मदिन: 19 अक्टूबर
दिनांक 19 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 1 होगा। आप साहसी और जिज्ञासु हैं। आपका मूलांक सूर्य ग्रह के द्वारा संचालित होता है। आप अत्यंत महत्वाकांक्षी हैं। आपकी मानसिक शक्ति प्रबल है। आपको समझ पाना बेहद मुश्किल है। आप आशावादी होने के कारण हर स्थिति का सामना करने में सक्षम होते हैं। आप सौन्दर्यप्रेमी हैं। आपमें सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला आपका आत्मविश्वास है। इसकी वजह से आप सहज ही महफिलों में छा जाते हैं। आप राजसी प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। आपको अपने ऊपर किसी का शासन पसंद नहीं है।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 1, 10, 20, 28
शुभ अंक : 1, 10, 20, 28, 37, 46, 55, 64, 73, 82
शुभ वर्ष : 2026, 2044, 2053, 2062
ईष्टदेव : सूर्य उपासना तथा मां गायत्री
शुभ रंग : लाल, केसरिया, क्रीम,
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: नौकरीपेशा के लिए समय उत्तम हैं।पदोन्नति के योग हैं। बेरोजगारों के लिए भी खुशखबर है इस वर्ष आपकी मनोकामना पूरी होगी। अधूरे कार्यों में सफलता मिलेगी।
स्वास्थ्य: स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा।
परिवार: यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद रहेगा। विवाह के योग बनेंगे। पारिवारिक मामलों में महत्वपूर्ण कार्य होंगे। अविवाहितों के लिए सुखद स्थिति बन रही है।
मेष (Aries)
स्वभाव: उत्साही
राशि स्वामी: मंगल
शुभ रंग: हरा
आज का दिन आपके लिए व्यवसाय में नई-नई योजनाओं को बनाने के लिए रहेगा। वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। आपको कोई जिम्मेदारी भरा काम सौंपा जाए, तो आप उसे समय रहते पूरा करने की कोशिश करें। विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी में जमकर मेहनत करेंगे। ससुराल पक्ष से आपको किसी बात को लेकर खटपट हो सकती है। सिंगल लोगों की अपने साथी से मुलाकात होगी। आप अपने पिताजी से काम को लेकर कोई सलाह ले सकते हैं।
वृषभ (Taurus)
स्वभाव: धैर्यवान
राशि स्वामी: शुक्र
शुभ रंग: नीला
आज का दिन आपके लिए सुख-सुविधाओं में वृद्धि लेकर आने वाला है। आप मौज-मस्ती के मूड में रहेंगे। आप किसी भी काम को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं लेंगे। आपको किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा। जल्दबाजी के कारण आपका कोई भारी नुकसान हो सकता है। आप अपने धन का को लेकर कोई बड़ा इन्वेस्टमेंट करने के बारे में सोचेंगे। आपको अपनी संतान को नौकरी के लिए कहीं बाहर भेजना पड़ सकता है। विद्यार्थियों की किसी नए विषय के प्रति रुचि जागृत हो सकती है।
मिथुन (Gemini)
स्वभाव: जिज्ञासु
राशि स्वामी: बुध
शुभ रंग: लाल
आज आपको अपनी सेहत पर थोड़ा ध्यान देना होगा, क्योंकि आपको अत्यधिक तले भुने खाने से परहेज हो सकता है। जीवनसाथी को करियर में कोई बड़ी उपलब्धि हासिल होगी। आपको अपनी संतान से किए हुए वादे को पूरा करना होगा। आपको कोई महत्वपूर्ण काम मिल सकता है। गरीबों की सेवा के लिए आप काफी मेहनत करेंगे। नौकरी में कार्यरत लोगों के लिए दिन काफी व्यस्त रहेगा, क्योंकि आपको कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। आपको किसी काम के चलते अकस्मात यात्रा पर जाना पड़ सकता है।
कर्क (Cancer)
स्वभाव: भावुक
राशि स्वामी: चंद्र
शुभ रंग: सफेद
आज का दिन आपके लिए किसी शुभ व मांगलिक कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए रहेगा। सामाजिक क्षेत्रों में कार्यरत लोगों का मान-सम्मान मिलने से खुशियां बढ़ेंगी। आपको किसी सरप्राइज पार्टी के भी मिलने की संभावना है। परिवार में किसी सदस्य के भविष्य को लेकर आप कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं। आपको अपने किसी पुराने लेनदेन से छुटकारा मिलेगा। आपको यदि कोई आंखों से संबंधित समस्या थी, तो उसके बढ़ने से आप परेशान रहेंगे। आपको किसी अच्छे डॉक्टर से परामर्श लेना होगा।
सिंह राशि (Leo)
स्वभाव: आत्मविश्वासी
राशि स्वामी: सूर्य
शुभ रंग:पीला
आज का दिन आपके लिए आर्थिक दृष्टिकोण से अच्छा रहने वाला है। मामा पक्ष की तरफ से आपको धन लाभ मिलता दिख रहा है। भाई-बहनों का आपको पूरा सहयोग मिलेगा। आप परिवार के सदस्यों को लेकर कहीं घूमने- जाने की योजना बना सकते हैं। आप बिना सोचे समझे किसी काम में हाथ ना डालें और कचहरी से संबंधित मामला आपको समस्या देगा। सामाजिक क्षेत्रों में कार्यरत लोगों की सक्रियता बढ़ेगी। आपको काम अधिक रहने के कारण सिरदर्द और थकान आदि जैसी समस्या रहेगी।
कन्या (Virgo)
स्वभाव: मेहनती
राशि स्वामी: बुध
शुभ रंग: गोल्डन
आज का दिन नौकरी में कार्यरत लोगों के लिए अच्छा रहेगा, उन्हें किसी दूसरी नौकरी का भी ऑफर आने की संभावना है। पारिवारिक मामलों को आप घर में रहकर निपटाएंगे, तो आपके लिए बेहतर रहेगा। विद्यार्थियों की पढ़ाई-लिखाई के प्रति रुचि जागृत हो सकती है। संतान पक्ष की ओर से आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। माता-पिता के आशीर्वाद से आपका कोई रुका हुआ काम पूरा हो सकता है। आपको किसी पैतृक संपत्ति के मिलने की भी संभावना है।
तुला (Libra)
स्वभाव: संतुलित
राशि स्वामी: शुक्र
शुभ रंग: हरा
आज आपको कार्यक्षेत्र में अपने कामों पर पूरा ध्यान देना होगा और अपनी जिम्मेदारियों को लेकर भी ढील ना बरतें। जीवनसाथी के मनमाने व्यवहार के कारण आप टेंशन में रहेंगे। परिवार के सदस्यों की जरूरतों को पूरा करने में आप काफी व्यस्त रहेंगे। आपको अपनी आय और व्यय पूरा ध्यान दें और अपने भविष्य को लेकर भी कोई अच्छा इन्वेस्टमेंट करने के बारे में सोचें। मामा पक्ष से आपको धन लाभ मिलता दिख रहा है।
वृश्चिक (Scorpio)
स्वभाव: रहस्यमय
राशि स्वामी: मंगल
शुभ रंग: नीला
आज का दिन आपके लिए मध्यम रूप से फलदायक रहने वाला है। आपको किसी नई वस्तु की प्राप्ति होगी। आपका कोई पुराना लेनदेन आपके लिए सिरदर्द बन सकता है। आप अपने किसी मित्र के कहने में आकर कोई बड़ा इन्वेस्टमेंट करने से बचें। किसी नए घर और मकान आदि की आप खरीदारी कर सकते हैं। आप अपने घर किसी पूजा-पाठ का आयोजन करेंगे, जिसमें परिजनों का आना-जाना लगा रहेगा। विधार्थियों ने यदि किसी परीक्षा को दिया था, तो उसके परिणाम आ सकते हैं।
धनु (Sagittarius)
स्वभाव: दयालु
राशि स्वामी: गुरु
शुभ रंग: लाल
आज का दिन आपके लिए समस्याओं से भरा रहने वाला है। आपको कोई अजनबी आपको धोखा दे सकता है। आपको अपने किसी सहयोगी से कोई बात सोच समझकर कहनी होगी। आप किसी प्रॉपर्टी के काम में अच्छा लाभ लेंगे। आपको किसी अजनबी पर भरोसा करना नुकसान देगा, नहीं तो आपको धोखा मिल सकता है। आपके परिवार के किसी सदस्य से किए हुए वादे को समय रहते पूरा करना होगा। आप अपने मनमौजी स्वभाव के कारण कामों को कल पर टाल सकते हैं।
मकर (Capricorn)
स्वभाव: अनुशासित
राशि स्वामी: ग्रे
शुभ रंग: लाल
आज आपको आपका रुका हुआ धन मिलने से खुशी होगी। आपको अत्यधिक मात्रा में धन मिलने से आपकी खुशियों को चार चांद लगेंगे, लेकिन आप अपने खर्चों को कंट्रोल करें। वाहनों का प्रयोग भी आपको थोड़ा सावधान रहकर करना होगा। आप अपने खाने-पीने की जरूरतों पर पूरा ध्यान देंगे। सरकारी योजनाओं का आपको पूरा लाभ मिलेगा। किसी सरकारी काम में आपको अच्छी सफलता मिलेगी। आपको किसी पुराने लेनदेन से छुटकारा मिलेगा।
कुंभ ( Aquarius)
स्वभाव: मानवतावादी
राशि स्वामी: शनि
शुभ रंग: पीला
आज का दिन आपके लिए मेहनत से काम करने के लिए रहेगा। प्रेम जीवन जी रहे लोग साथी के बातों में आकर कोई बड़ा इन्वेस्टमेंट करने के बारे में सोचेंगे। पारिवारिक मामलों में आप ढील बिल्कुल ना दें। आपको किसी पुराने मित्र की याद सता सकती हैं। माताजी आपके लिए कोई सरप्राइस लेकर आएंगी। आपको अपनी जरूरत को हिसाब से खर्च करना बेहतर रहेगा। आप दिखावे में ना आएं। आपके सुख साधनों में भी वृद्धि होगी। आप अपने पिताजी से व्यापार को लेकर सलाह ले सकते हैं।
मीन (Pisces)
स्वभाव: संवेदनशील
राशि स्वामी: बृहस्पति
शुभ रंग: हरा
आज का दिन आपके लिए भाग्य के दृष्टिकोण से अच्छा रहने वाला है। उच्च अधिकारियों की कृपा आप पर बनी रहेगी। परिवार के सदस्यों के साथ आप कुछ मौजमस्ती भरे पल व्यतीत करेंगे। संतान को कोई सेहत से जुड़ी समस्या हो सकती है। आपको अपने कामों पर पूरा ध्यान देना होगा। आपका कोई विरोधी आपको परेशान करने की कोशिश करेगा। आपका कोई पुराना लेनदेन चुकाना होगा। आपको अपने व्यवसाय की डील को पार्टनरशिप में फाइनल करना होगा।

Leave a Reply