*प्रतिदिन का वैदिक पंचांग स्वयं भी पढ़े एवं अपने सभी शुभचिन्तकों को भी भेज कर के पुण्य का लाभ अर्जित करें..धन्यवाद… SMS Bollywood AstroVastu 9431848786।*🙏🚩
🌞~ *सूर्य पुत्र कर्मफलदाता शनिदेव की जय*~🌞
*!!श्री कष्ट भंजन बालाजी!!*
🌞~ *आज का वैदिक पंचाग*~🌞
🌤️ *दिनांक – 18 अक्टूबर 2025*
🌤️ *दिन – शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शरद ॠतु*
🌤️ *मास – कार्तिक (गुजरात-महाराष्ट्र आश्विन*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – द्वादशी दोपहर 12:18 तक तत्पश्चात त्रयोदशी*
🌤️ *नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी शाम 05:41 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी*
🌤️ *योग – ब्रह्म 19 अक्टूबर रात्रि 01:48 तक तत्पश्चात इन्द्र*
🌤️ *राहुकाल – सुबह 09:29 से सुबह 10:57 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:36*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:10*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – शनिप्रदोष,व्रत,धनतेरस,यम दीपदान,भगवान धन्वंतरि जयंती आयुर्वेद दिवस*
💥 *विशेष द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
👉🏻 *धनतेरस पर लक्ष्मी प्राप्ति का विशेष उपाय सिर्फ तीन दिन करे समृद्धि की वृद्धि हमेशा होगी*⤵️
🌷 *नरक चतुर्दशी* 🌷
➡ *19 अक्टूबर 2025 रविवार को नरक चतुर्दशी, काली चौदस गुजरात), नरक चतुर्दशी (रात्रि में मंत्रजप से मंत्रसिद्धि), 20 अक्टूबर, सोमवार को नरक चतुर्दशी (तैलाभ्यंग स्नान) ।*
🙏🏻 *नरक चतुर्दशी के दिन चतुर्मुखी दीप का दान करने से नरक भय से मुक्ति मिलती है । एक चार मुख ( चार लौ ) वाला दीप जलाकर इस मंत्र का उच्चारण करना चाहिये –*
🌷 *” दत्तो दीपश्वचतुर्देश्यां नरकप्रीतये मया ।*
*चतुर्वर्तिसमायुक्तः सर्वपापापनुत्तये ॥“*
👉🏻 *( नरक चतुर्दशी के दिन नरक के अभिमानी देवता की प्रसन्नता के लिये तथा समस्त पापों के विनाश के लिये मै चार बत्तियों वाला चौमुखा दीप अर्पित करता हूँ।)*
🙏🏻 *यद्यपि कार्तिक मास में तेल नहीं लगाना चाहिए, फिर भी नरक चतुर्दशी के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर तेल-मालिश (तैलाभ्यंग) करके स्नान करने का विधान है। ‘सन्नतकुमार संहिता’ एवं धर्मसिन्धु ग्रन्थ के अनुसार इससे नारकीय यातनाओं से रक्षा होती है। जो इस दिन सूर्योदय के बाद स्नान करता है उसके शुभकर्मों का नाश हो जाता है।*
🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🌞
*दिवाली में करने योग्य* 🌷
➡ *१. श्री सुरेशानंदजी ने कहा है की दीपावली के दिन श्री राम अयोध्या आए थे, तो हमारे जीवन में भी श्री राम (ज्ञान), सीताजी (भक्ति) और लक्ष्मणजी (वैराग्य) आए |*
➡ *२. दीपावली के दिन रात भर घी का दिया जले सूर्योदय तक, तो बड़ा शुभ माना जाता है |*
➡ *३. दीपावली के दिन चांदी की कटोरी में अगर कपूर को जलायें, तो परिवार में तीनों तापों से रक्षा होती |*
➡ *४. हर अमावस्या को (और दिवाली को भी) पीपल के पेड़ के नीचे दिया जलाने से पितृ और देवता प्रसन्न होते हैं, और अच्छी आत्माएं घर में जन्म लेती हैं.*
➡ *५. नूतन वर्ष के दिन (दीपावली के अगले दिन ), गाय के खुर की मिट्टी से, अथवा तुलसीजी की मिट्टी से तिलक करें, सुख-शान्ति में बरकत होगी |*
➡ *६. दीपावली की शाम को अशोक वृक्ष के नीचे घी का दिया जलायें, तो बहुत शुभ माना जाता है |*
🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🌞
🌷 *काली चौदसः नारकीय यातनाओं से रक्षा* 🌷
▪ *नरक चतुर्दशी (काली चौदस) के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर तेल-मालिश (तैलाभ्यंग) करके स्नान करने का विधान है। ‘सनत्कुमार संहिता’ एवं ‘धर्मसिंधु’ ग्रंथ के अनुसार इससे नारकीय यातनाओं से रक्षा होती है।*
▪ *काली चौदस और दीपावली की रात जप-तप के लिए बहुत उत्तम मुहूर्त माना गया है। नरक चतुर्दशी की रात्रि में मंत्रजप करने से मंत्र सिद्ध होता है।*
▪ *इस रात्रि में सरसों के तेल अथवा घी के दिये से काजल बनाना चाहिए। इस काजल को आँखों में आँजने से किसी की बुरी नजर नहीं लगती तथा आँखों का तेज बढ़ता है।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🙏🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏
*🪷 धनतेरस/ धन्वंतरि जयंती 🪷*
*(18 अक्टूबर 2025 शनिवार)*
धनतेरस कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाने वाला पर्व है। धन तेरस को धन त्रयोदशी व धन्वंतरि जंयती के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के जनक धन्वंतरि देव समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए धन तेरस को धन्वंतरि जयंती भी कहा जाता है। धन्वंतरि देव जब समुद्र मंथन से प्रकट हुए थे उस समय उनके हाथ में अमृत से भरा कलश था। इसी वजह से धन तेरस के दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, भगवान धन्वंतरि विष्णुजी के अंशावतार हैं। ऐसे में धनतेरस के दिन धन्वंतरि भगवान, विष्णुजी, माता लक्ष्मी, कुबेर देवता और यमराज की पूजा करने का महत्व होता है। धनतेरस के दिन बर्तन, चांदी, सोना, झाड़ू आदि खरीदना बेहद शुभ माना गया है। इस दिन खरीदारी करने से धन में 13 गुना वृद्धि हो सकती है। धनतेरस पर्व से ही दीपावली की शुरुआत हो जाती है। इस बार धनतेरस का पर्व 18 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा।
18 अक्टूबर, शनिवार के दिन त्रयोदशी तिथि का आरंभ दोपहर में 12 बजकर 20 मिनट से होगा। वहीं, 19 अक्टूबर, रविवार को दोपहर के 1 बजकर 52 मिनट पर त्रयोदशी तिथि समाप्त होगी। शास्त्रों के अनुसार, जिस दिन प्रदोष काल में कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि लगती है। उसी दिन धनतेरस का त्योहार मनाने की परंपरा है। ऐसे में 18 अक्टूबर के दिन यह त्योहार मनाया जाएगा। वहीं, 19 अक्टूबर को भी त्रयोदशी तिथि व्याप्त हो रही है। ऐसे में जो लोग 18 तारीख को खरीदारी न कर पाएं वे 19 तारीख को दोपहर के 1 बजकर 52 मिनट पर भी खरीदारी कर सकते हैं। यानी इस बार आप धनतेरस 18 और 19 अक्टूबर दो दिन मना सकते हैं।
*धनतेरस पूजा मुहूर्त समय-:*
18 अक्टूबर, शनिवार को प्रदोष काल का मुहूर्त शुभ रहेगा। इस दिन शाम के 4 बजकर 48 मिनट से लेकर शाम के 6 बजकर 18 मिनट तक का समय सबसे उत्तम रहेगा।
*18 अक्टूबर, धनतेरस के शुभ मुहूर्त*
*दिन का चौघड़िया*
चल चौघड़िया : दिन के 12 बजकर 6 मिनट से 1 बजकर 31 मिनट तक
लाभ चौघड़िया : दिन के 1 बजकर 31 मिनट से 2 बजकर 57 मिनट तक
अमृत चौघड़िया : दिन के 2 बजकर 57 मिनट से लेकर 4 बजकर 22 मिनट तक।
*शाम का चौघड़िया*
लाभ चौघड़िया : शाम के 5 बजकर 48 मिनट से 7 बजकर 23 मिनट तक
शुभ चौघड़िया : रात के 8 बजकर 58 मिनट से 10 बजकर 33 मिनट तक
चल चौघड़िया : रात में 12 बजकर 4 मिनट से लेकर मध्य रात्रि 1 बजकर 39 मिनट तक।
*19 अक्टूबर, धनतेरस के शुभ मुहूर्त*
चल चौघड़िया : सुबह के 7 बजकर 49 मिनट से 9 बजकर 15 मिनट तक।
लाभ चौघड़िया : सुबह के 9 बजकर 15 मिनट से लेकर 10 बजकर 40 मिनट तक।
अमृत चौघड़िया : सुबह के 10 बजकर 40 मिनट से दिन के 12 बजकर 6 मिनट तक।
शुभ चौघड़िया : दोपहर के 1 बजकर 31 मिनट से 1 बजकर 52 मिनट तक
*धनतेरस की पूजा विधि और धार्मिक कर्म-:*
* मानव जीवन का सबसे बड़ा धन उत्तम स्वास्थ है, इसलिए आयुर्वेद के देव धन्वंतरि के अवतरण दिवस यानि धन तेरस पर स्वास्थ्य रूपी धन की प्राप्ति के लिए यह त्यौहार मनाया जाना चाहिए/
* धनतेरस पर धन्वंतरि देव की षोडशोपचार पूजा का विधान है। षोडशोपचार यानि विधिवत 16 क्रियाओं से पूजा संपन्न करना। इनमें आसन, पाद्य, अर्घ्य, आचमन (सुगंधित पेय जल), स्नान, वस्त्र, आभूषण, गंध (केसर-चंदन), पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, आचमन (शुद्ध जल), दक्षिणायुक्त तांबूल, आरती, परिक्रमा आदि है/
* इस दिन संध्या के समय घर के मुख्य द्वार और आंगन में दीये जलाने चाहिए। क्योंकि धनतेरस से ही दीपावली के त्यौहार की शुरुआत होती है/
* धनतेरस के दिन शाम के समय यम देव के निमित्त दीपदान किया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से मृत्यु के देवता यमराज के भय से मुक्ति मिलती है/
*धनतेरस पर क्या खरीदना चाहिए..?*
* धनतेरस के दिन नई चीज़ें जैसे सोना, चाँदी, पीतल, तांबा इत्यादि के बर्तन व सोने चांदी के सिक्के- आभूषण इत्यादि भी खरीदने की प्राचीन परंपरा है। इसके अलावा इस दिन धनिया खरीदना और झाड़ू इत्यादि खरीदना भी बेहद शुभ होता है।
*धनतेरस के दिन झाड़ू क्यों खरीदा जाता है.?*
* धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने के पीछे जुड़ी मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि, इससे घर में माँ लक्ष्मी का आगमन होता है, घर से नकारात्मकता दूर होती है, और माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं/धनतेरस के दिन फूल वाली झाड़ू यानि जिससे घर में झाड़ू लगाया जाता है उसे खरीदें।
_*🪷 “जय जय श्री राधे कृष्ण” 🪷*_
🕉️💖 आज का विचार 💖🕉️
अच्छा स्वभाव आपकी सुन्दरता की कमी को भी पूरा कर देता है। जिसका स्वभाव मधुर है, उसका जीवन भी मधुर बन जाता है। स्वभाव की मधुरता ही जीवन को सुखमय बनाती है। अच्छा स्वभाव व्यक्ति को किसी के दिल में उतार देता है तो बुरा स्वभाव व्यक्ति को किसी के दिल से भी उतार देता है। इसलिए अपने स्वभाव को मृदु बनाओ ताकि आपका पूरा जीवन मधुरता से भर सके।आज मनुष्य दु:खी रहता है, क्योंकि वो मकान, शहर, देश, मित्र, संबंध सब कुछ बदलता है, लेकिन अपना स्वभाव नहीं बदल पाता।
🙏💚🍁 सुप्रभात 🍁💚
🕉️💖 आज की प्रेरक जानकारी💖🕉️
⚛️🏵️🪔दिवाली 2025: 20 या 21 अक्तूबर कब है दिवाली ? यहां जानें धनतेरस से लेकर भाई दूज की तारीख🪔🏵️⚛️
🪔दीपों और खुशियों का पर्व दिवाली हर साल कार्तिक अमावस्या पर मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक माना जाता है।
इस अवसर पर घर-आंगन से लेकर मंदिरों को दीपों की रोशनी से रौशन करते हुए मां लक्ष्मी व भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि दीपावली हर व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि, नई ऊर्जा और खुशियों का संचार करती हैं। यही कारण है कि इसे केवल एक पर्व नहीं बल्कि पांच दिनों तक चलने वाला भव्य उत्सव कहा जाता है। इसका प्रारंभ धनतेरस से होता है और भाई दूज तक बना रहता है। इस बार दिवाली पांच दिवसीय उत्सव कब से प्रारंभ होगा,आइए जानते हैं।
🪔धनतेरस पूजा का शुभ मुहुर्त 2025🪔
कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 18 अक्तूबर को दोपहर 12:18 मिनट पर आरंभ होगी। इसका समापन 19 अक्तूबर को रविवार दोपहर 1:51 मिनट पर होगा। `प्रदोष काल को देखते हुए इस बार 18 अक्तूबर 2025 को धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा।`
🪔छोटी दिवाली 2025🪔🚥
इस साल 19 अक्तूबर 2025 को छोटी दिवाली मनाई जाएगी। इसे नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है। इस दिन शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर यम देव के लिए चार मुखी दीपक जलाया जाता है। इसके अलावा घर की सकारात्मक ऊर्जा के लिए दीप दान करने का भी विधान है।
🪔दिवाली 2025 तिथि और मुहूर्त🪔
हर साल कार्तिक अमावस्या पर दिवाली मनाई जाती है। इस वर्ष कार्तिक अमावस्या की तिथि 20 अक्तूबर दोपहर 3 बजकर 44 मिनट से प्रारंभ होगी। इस तिथि का समापन 21 अक्तूबर को शाम 5 बजकर 54 मिनट पर है। चूंकि दिवाली पर लक्ष्मी पूजन सूर्यास्त के बाद किया जाता है,इसलिए इस साल दिवाली 20 अक्तूबर 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन शाम 7 बजकर 8 मिनट से रात 8 बजकर 18 मिनट तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा।
🪴गोवर्धन पूजा 2025🪴
* पंचांग के मुताबिक कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 21 अक्तूबर को शाम 05 बजकर 54 मिनट पर होगी।
* इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 22 अक्तूबर को रात 8 बजकर 16 मिनट पर है।
`ऐसे में गोवर्धन पूजा का पर्व 22 अक्तूबर को मनाया जाएगा।`
🏵️भाई दूज 2025🏵️
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज मनाया जाता है। इस वर्ष इस तिथि का प्रारंभ 22 अक्तूबर 2025, को रात 08 बजकर 16 मिनट पर होगा। इसका समापन 23 अक्तूबर 2025, को रात 10 बजकर 46 मिनट पर है। ऐसे में 23 अक्तूबर को भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा। इसके अलावा इस दिन दोपहर 01 बजकर 13 मिनट से 03 बजकर 28 मिनट तक तिलक का शुभ मुहूर्त रहने वाला है।
🙏🪔🪔 जय श्री राम 🪔🪔🙏

*।। श्री सीताराम जी की जय ।।*
*।। श्री हनुमान जी की जय ।।*
*।। श्री शनिदेव महाराज की जय।।*
*II धनतेरस की मंगल बधाई II*
*मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये।।*
अर्थात्: हे कृपालु, जो हवा में, तेज में, ज्ञान में रहता है। हे वायु सेनापति, हे वन कमांडर, श्री रामदूत, हम सब आपकी दया पर हैं।
*नीलान्जनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम।*
*छायामार्तडसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।।*
अर्थात : मैं भगवान श्री शनिदेव को नमन करता हूँ, जो नीले और काले रंग के मिश्रण के समान हैं, सूर्यदेव के पुत्र और यमराज के भाई हैं, छाया और सूर्यपुत्र शनिदेव को मैं प्रणाम करता हूँ, जो बहुत ही धीरे-धीरे चलते हैं।
शनिवार के लिए कुछ महत्वपूर्ण मंत्र निम्नलिखित हैं:
1. ॐ शनैश्चराय नमः
2. ॐ शनये नमः
3. ॐ राम रामाय पतये नमः
4. ॐ कृष्णाय वासुदेवाय नमः
5. ॐ शनि शनैश्चराय नमः
6. ॐ शनि देवाय नमः
7. ॐ शनि राजाय नमः
8. ॐ शनि भगवान नमः
9. ॐ शनि शांति दाताय नमः
10. ॐ शनि सर्वार्थ सिद्धि करय नमः
11. शनि मंत्र: ॐ शनैश्चराय विद्महे विश्वकर्मणे धीमहि तन्नो शनिः प्रचोदयात्
इन मंत्रों का जाप शनिवार के दिन करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है।
*आप सभी परिवारजनों पर प्रभु श्रीराम, आञ्जनेय हनुमान जी व न्यायदेव सूर्यपुत्र श्री शनिदेव जी की कृपा निरंतर बनी रहे, इसी मंगल कामना सहित आप सभी को सप्ताहांत पर सुबह की राम-राम/ गुड मॉर्निंग जी।*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *नरक चतुर्दशी* 🌷
➡ *19 अक्टूबर 2025 रविवार को नरक चतुर्दशी, काली चौदस गुजरात), नरक चतुर्दशी (रात्रि में मंत्रजप से मंत्रसिद्धि), 20 अक्टूबर, सोमवार को नरक चतुर्दशी (तैलाभ्यंग स्नान) ।*
🙏🏻 *नरक चतुर्दशी के दिन चतुर्मुखी दीप का दान करने से नरक भय से मुक्ति मिलती है । एक चार मुख ( चार लौ ) वाला दीप जलाकर इस मंत्र का उच्चारण करना चाहिये –*
🌷 *” दत्तो दीपश्वचतुर्देश्यां नरकप्रीतये मया ।*
*चतुर्वर्तिसमायुक्तः सर्वपापापनुत्तये ॥“*
👉🏻 *( नरक चतुर्दशी के दिन नरक के अभिमानी देवता की प्रसन्नता के लिये तथा समस्त पापों के विनाश के लिये मै चार बत्तियों वाला चौमुखा दीप अर्पित करता हूँ।)*
🙏🏻 *यद्यपि कार्तिक मास में तेल नहीं लगाना चाहिए, फिर भी नरक चतुर्दशी के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर तेल-मालिश (तैलाभ्यंग) करके स्नान करने का विधान है। ‘सन्नतकुमार संहिता’ एवं धर्मसिन्धु ग्रन्थ के अनुसार इससे नारकीय यातनाओं से रक्षा होती है। जो इस दिन सूर्योदय के बाद स्नान करता है उसके शुभकर्मों का नाश हो जाता है।*
🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🌞
*दिवाली में करने योग्य* 🌷
➡ *१. दीपावली के दिन श्री राम अयोध्या आए थे, तो हमारे जीवन में भी श्री राम (ज्ञान), सीताजी (भक्ति) और लक्ष्मणजी (वैराग्य) आए |*
➡ *२. दीपावली के दिन रात भर घी का दिया जले सूर्योदय तक, तो बड़ा शुभ माना जाता है |*
➡ *३. दीपावली के दिन चांदी की कटोरी में अगर कपूर को जलायें, तो परिवार में तीनों तापों से रक्षा होती |*
➡ *४. हर अमावस्या को (और दिवाली को भी) पीपल के पेड़ के नीचे दिया जलाने से पितृ और देवता प्रसन्न होते हैं, और अच्छी आत्माएं घर में जन्म लेती हैं.*
➡ *५. नूतन वर्ष के दिन (दीपावली के अगले दिन ), गाय के खुर की मिट्टी से, अथवा तुलसीजी की मिट्टी से तिलक करें, सुख-शान्ति में बरकत होगी |*
➡ *६. दीपावली की शाम को अशोक वृक्ष के नीचे घी का दिया जलायें, तो बहुत शुभ माना जाता है |*
🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🌞
🌷 *काली चौदसः नारकीय यातनाओं से रक्षा* 🌷
▪ *नरक चतुर्दशी (काली चौदस) के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर तेल-मालिश (तैलाभ्यंग) करके स्नान करने का विधान है। ‘सनत्कुमार संहिता’ एवं ‘धर्मसिंधु’ ग्रंथ के अनुसार इससे नारकीय यातनाओं से रक्षा होती है।*
▪ *काली चौदस और दीपावली की रात जप-तप के लिए बहुत उत्तम मुहूर्त माना गया है। नरक चतुर्दशी की रात्रि में मंत्रजप करने से मंत्र सिद्ध होता है।*
▪ *इस रात्रि में सरसों के तेल अथवा घी के दिये से काजल बनाना चाहिए। इस काजल को आँखों में आँजने से किसी की बुरी नजर नहीं लगती तथा आँखों का तेज बढ़ता है।*
🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🙏🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏
जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
आपका जन्मदिन: 18 अक्टूबर
अंक ज्योतिष का सबसे आखरी मूलांक है नौ। आपके जन्मदिन की संख्या भी नौ है। आप सही मायनों में उत्साह और साहस के प्रतीक हैं। मंगल ग्रहों में सेनापति माना जाता है। अत: आप में स्वाभाविक रूप से नेतृत्त्व की क्षमता पाई जाती है। लेकिन आपको बुद्धिमान नहीं माना जा सकता। मंगल के मूलांक वाले चालाक और चंचल भी होते हैं। आपको लड़ाई-झगड़ों में भी विशेष आनंद आता है। आपको विचित्र साहसिक व्यक्ति कहा जा सकता है। यह मूलांक भूमि पुत्र मंगल के अधिकार में रहता है। आप बेहद साहसी हैं। आपके स्वभाव में एक विशेष प्रकार की तीव्रता पाई जाती है।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 9, 18, 27
शुभ अंक : 1, 2, 5, 9, 27, 72
शुभ वर्ष : 2027, 2036, 2045
ईष्टदेव : हनुमान जी, मां दुर्गा।
शुभ रंग : लाल, केसरिया, पीला
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: राजनैतिक व्यक्ति सफलता का स्वाद चख सकते हैं। अधिकार क्षेत्र में वृद्धि संभव है। आप अपनी शक्ति का सदुपयोग कर प्रगति की और अग्रसर होंगे। नौकरी में आ रही बाधा दूर होगी।
सेहत: स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा।
परिवार: पारिवारिक विवाद सुलझेंगे। मित्रों स्वजनों का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी। महत्वपूर्ण कार्य योजनाओं में सफलता मिलेगी।
मेष (Aries)
स्वभाव: उत्साही
राशि स्वामी: मंगल
शुभ रंग: लाल
आज का दिन आपके लिए किसी कानूनी मामले में अच्छा रहने वाला है। आपकी बॉस से खूब पटेगी। विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा के मार्ग प्रशस्त होंगे। आपको आज किसी दूसरे के मामले में बोलने से बचना होगा। आप किसी वाहन की खरीदारी बहुत ही सोच समझकर करें और किसी परिवार के सदस्य की सेहत में गड़बड़ी हो सकती है। ऑफिस में आपको मनपसंद काम मिलने से खुशी होगी।
वृषभ (Taurus)
स्वभाव: धैर्यवान
राशि स्वामी: शुक्र
शुभ रंग: सफेद
आज का दिन बिजनेस कर रहे लोगों के लिए बढ़िया रहेगा। आपको अपनी किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा और आपकी मेहनत अधिक रहेगी। संतान की संगति गलत होने के कारण आपको टेंशन भी अधिक रहेगी, लेकिन आपको अपने शारीरिक समस्याओं को नजरअंदाज करने से बचना होगा, नहीं तो वह बढ़ सकती है। घूमने फिरने की आप योजना बनाएंगे।
मिथुन (Gemini)
स्वभाव: जिज्ञासु
राशि स्वामी: बुध
शुभ रंग: पीला
आज का दिन आपके लिए ठीक-ठाक रहने वाला है। माता जी को ननिहाल पक्ष के लोगों से मेल मिलाप करने लेकर जा सकती हैं। सांसारिक सुख भोग के साधनों में वृद्धि होगी। आप बिजनेस में कुछ बदलाव करने की कोशिश करेंगे, जो आपके लिए अच्छे रहेंगे, लेकिन आपको जीवनसाथी से कोई बात गुप्त रखी थी, तो वह उनके सामने उजागर हो सकती है।
कर्क (Cancer)
स्वभाव: भावुक
राशि स्वामी: चंद्र
शुभ रंग: गुलाबी
आज का दिन आपके लिए उत्तम रूप से फलदायक रहने वाला है। आपकी बिजनेस में पार्टनरशिप अच्छी रहेगी। आपकी परिवार में किसी सदस्य के विवाह में आ रही बाधा भी दूर होगी। रोजगार को लेकर भटक रहे लोगों को कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। आपको अपनी किसी बात को लेकर अपने पिताजी से बातचीत करनी होगी। आप कहीं घूमने फिरने की योजना बना सकते हैं।
सिंह राशि (Leo)
स्वभाव: आत्मविश्वासी
राशि स्वामी: सूर्य
शुभ रंग:लाल
आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है। आप अपने जिम्मेदारियों को लेकर थोड़ा सतर्क रहें। आपके रिश्ते बेहतर रहेंगे। बिजनेस में भी आप अपने कामों को लेकर योजना बनाकर चलेंगे। आपका किसी बात को लेकर मन परेशान रहेगा। आपको किसी से कुछ जरूरी जानकारी शेयर करने से बचना होगा। कुछ कर्ज आपको परेशान करेंगे, जिन्हें आप उतारने की पूरी कोशिश करें।
कन्या (Virgo)
स्वभाव: मेहनती
राशि स्वामी: बुध
शुभ रंग: नीला
आज आपके चारों ओर का वातावरण खुशनुमा रहेगा। आपकी अपनी संतान से खूब पटेगी। आप उनके लिए कोई सरप्राइज गिफ्ट भी लेकर आ सकते हैं, लेकिन आप अपने पारिवारिक मामलों को मिल बैठकर निपटाएं, जिसमें आपको वरिष्ठ सदस्य से बातचीत करने की आवश्यकता है। यदि आप किसी काम को लेकर कोई लोन अप्लाई कर रहे थे, तो उसे मिलने में भी आसानी होगी।
तुला (Libra)
स्वभाव: संतुलित
राशि स्वामी: शुक्र
शुभ रंग: ग्रे
आज आपका भगवान की भक्ति में खूब मन लगेगा। आपकी कोई मन की इच्छा पूरी हो सकती हैं। परिवार में किसी अतिथि का आगमन होने से माहौल खुशनुमा रहेगा, लेकिन आप किसी मामले में धैर्य व संयम बनाए रखें, इसलिए आप अपने कामों को कल पर ना टालें। यदि आपने किसी से कुछ कर्ज लिया था, तो उसे भी आप काफी हद तक उतारने की कोशिश करेंगे, जिसके साथ आप कुछ मौज मस्ती भरे पल व्यतीत करेंगे।
वृश्चिक (Scorpio)
स्वभाव: रहस्यमय
राशि स्वामी: मंगल
शुभ रंग: सफेद
आज का दिन आपके लिए आय और व्यय में बजट बनाकर चलने के लिए रहेगा। आपके खर्च अधिक रहेंगे। आज आपके सामने कुछ ऐसे खर्च होंगे, जो आपको मजबूरी में ना चाहते हुए भी करने पड़ेंगे। आपको किसी पुरस्कार के मिलने से आपका मन खुश रहेगा। आपको किसी से कोई बात सोच समझ कर बोलनी होगी। आपको अपनी मेहनत का पूरा फल मिलेगा। सामाजिक कार्यक्रमों से आपको जुड़ने का मौका मिलेगा।
धनु (Sagittarius)
स्वभाव: दयालु
राशि स्वामी: गुरु
शुभ रंग: हरा
आज का दिन आपके लिए आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए रहेगा। आपको अपने खर्चों का लेखा-जोखा रखना होगा। संतान को तरक्की करते देख आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। आप अपने मनमौजी स्वभाव के कारण कामों में कुछ गड़बड़ी कर सकते हैं और आप किसी योजना में भी धन लगाएंगे, जो आपके लिए अच्छी रहेगी। किसी मकान दुकान आदि की खरीदारी करना भी आपके लिए अच्छा रहेगा।
मकर (Capricorn)
स्वभाव: अनुशासित
राशि स्वामी: ग्रे
शुभ रंग: आसमानी
आज का दिन विद्यार्थियों के लिए बढ़िया रहने वाला है, उन्हें किसी मनचाहे कोर्स में दाखिला मिलेगा और अध्यापकों का भी पूरा साथ मिलेगा। राजनीति में कार्यरत लोगों को उनके कामों से एक नयी पहचान मिलेगी। आपके रहन सहन के स्तर में सुधार आएगा, लेकिन आपको अपने किसी विरोधी से कोई लेनदेन करने से बचना होगा और आप अनजान लोगों से दूरी बनाकर रखें, क्योंकि वह आपको धोखा देने की कोशिश कर सकते हैं।
कुंभ ( Aquarius)
स्वभाव: मानवतावादी
राशि स्वामी: शनि
शुभ रंग: ग्रे
आज आपकी कुछ खास लोगों से मुलाकात होगी, जो आपके लिए अच्छी रहेगी और आपको नौकरी में भी प्रमोशन आदि मिल सकता है। आपको अपने किसी मित्र से लंबे समय बाद मिलने का मौका मिलेगा। माताजी की सेहत को लेकर आप थोड़ा एहतियात बरते और किसी से वाद विवाद में ना ही पड़े, तो आपके लिए बेहतर रहेगा। आप अच्छे खान-पान का आनंद लेंगे, जिससे कोई शारीरिक समस्या भी समाप्त होगी।
मीन (Pisces)
स्वभाव: संवेदनशील
राशि स्वामी: बृहस्पति
शुभ रंग: नीला
आज आपकी आर्थिक स्थिति थोड़ी कमजोर रहेगी, जिससे आपकी टेंशन भी बढ़ेंगी, लेकिन आप बेफिजूल के खर्च करने से बचे। आपकी किसी बात को लेकर परिवार के सदस्यों मे आपसी मतभेद को स्थिति उत्पन्न हो सकती हैं। आपके मन में काम को लेकर नये-नये आईडिया आएंगे। सरकारी योजनाओं का आपको लाभ मिलेगा। आपको अपनी मेहनत से बिल्कुल भी पीछे नहीं हटना है।

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