Vaidik Panchang 17102025 Rashifal Samadhan

🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌤️ *दिनांक – 17 अक्टूबर 2025*
🌤️ *दिन – शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत – 1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शरद ऋतु*
🌤️ *मास – कार्तिक (गुजरात-महाराष्ट्र आश्विन*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – एकादशी सुबह  11:12 तक तत्पश्चात द्वादशी*
🌤️ *नक्षत्र – मघा दोपहर 01:57 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी*
🌤️ *योग – शुक्ल 18 अक्टूबर रात्रि 01:49 तक तत्पश्चात ब्रह्म*
🌤️ *राहुकाल  – सुबह 10:57 से दोपहर 12:24 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:36*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:11*
👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – रमा एकादशी, ब्रह्मलीन मातुश्री श्री माॅ महॅगीबाजी का महानिर्वाण दिवस, गोवत्स द्वादशी, तुला संक्रांति, (पुण्यकाल: सुबह 10:02 से शाम 05:46 तक*
💥 *विशेष – हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l   राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता हैl*
💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*
💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*
         🕉️~*वैदिक पंचांग* ~

🌷 *रमा एकादशी* 🌷
➡️ *17 अक्टूबर, शुक्रवार को रमा एकादशी है।*
🙏🏻 *रमा एकादशी ( यह व्रत बड़े – बड़े पापों को हरनेवाला, चिन्तामणि तथा कामधेनु के समान सब मनोरथों को पूर्ण करनेवाला है |*
🙏🏻
          🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️

🌷 *धनतेरस* 🌷
➡ *18 अक्टूबर 2025 शनिवार को धनतेरस है ।*
🙏🏻 *कार्तिक कृष्ण (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार अश्विन) त्रयोदशी के दिन को धनतेरस कहते हैं । भगवान धनवंतरी ने दुखी जनों के रोग निवारणार्थ इसी दिन आयुर्वेद का प्राकट्य किया था । इस दिन सन्ध्या के समय घर के बाहर हाथ में जलता हुआ दीप लेकर भगवान यमराज की प्रसन्नता हेतु उन्हे इस मंत्र के साथ दीप दान करना चाहिये-*
🌷 *मृत्युना पाशदण्डाभ्याम्  कालेन श्यामया सह ।*
*त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम ॥*
🔥 *(त्रयोदशी के इस दीपदान के पाश और दण्डधारी मृत्यु तथा काल के अधिष्ठाता देव भगवान देव यम, देवी श्यामला सहित मुझ पर प्रसन्न हो।)*
           🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️

🌷 *गोवत्स द्वादशी* 🌷
🙏🏻 *कार्तिक मास (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार अश्विन मास) की द्वादशी को गोवत्स द्वादशी कहते हैं । इस दिन यानी 17 अक्टूबर 2025 शुक्रवार को दूध देने वाली गाय को उसके बछड़े सहित स्नान कराकर वस्त्र ओढाना चाहिये, गले में पुष्पमाला पहनाना , सींग मढ़ना, चन्दन का तिलक करना तथा ताम्बे के पात्र में सुगन्ध, अक्षत, पुष्प, तिल, और जल का मिश्रण बनाकर निम्न मंत्र से गौ के चरणों का प्रक्षालन करना चाहिये ।*
🌷 *क्षीरोदार्णवसम्भूते सुरासुरनमस्कृते ।*
*सर्वदेवमये मातर्गृहाणार्घ्य नमो नमः ॥*
🙏🏻 *(समुद्र मंथन के समय क्षीरसागर से उत्पन्न देवताओं तथा दानवों द्वारा नमस्कृत, सर्वदेवस्वरूपिणी माता तुम्हे बार बार नमस्कार है।)*
🐄 *पूजा के बाद गौ को उड़द के बड़े खिलाकर यह प्रार्थना करनी चाहिए-*
🌷 *“सुरभि त्वं जगन्मातर्देवी विष्णुपदे स्थिता ।*
*सर्वदेवमये ग्रासं मया दत्तमिमं ग्रस ॥*
*ततः सर्वमये देवि*                 
   *मातर्ममाभिलाषितं सफलं कुरू नन्दिनी ॥“*
🙏🏻 *(हे जगदम्बे ! हे स्वर्गवासिनी देवी ! हे सर्वदेवमयी ! मेरे द्वारा अर्पित इस ग्रास का भक्षण करो । हे समस्त देवताओं द्वारा अलंकृत माता ! नन्दिनी ! मेरा मनोरथ पूर्ण करो।) इसके बाद रात्रि में इष्ट , ब्राम्हण, गौ तथा अपने घर के वृद्धजनों की आरती उतारनी चाहिए।*

          🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🙏🍀🌷🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
आपका जन्मदिन: 17 अक्टूबर
दिनांक 17 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 8 होगा। आप अपने जीवन में जो कुछ भी करते हैं उसका एक मतलब होता है। आपके मन की थाह पाना मुश्किल है। आपको सफलता अत्यंत संघर्ष के बाद हासिल होती है। कई बार आपके कार्यों का श्रेय दूसरे ले जाते हैं। यह ग्रह सूर्यपुत्र शनि से संचालित होता है। इस दिन जन्मे व्यक्ति धीर गंभीर, परोपकारी, कर्मठ होते हैं। आपकी वाणी कठोर तथा स्वर उग्र है। आप भौतिकतावादी है। आप अदभुत शक्तियों के मालिक हैं।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 8, 17, 26
शुभ अंक : 8, 17, 26, 35, 44
शुभ वर्ष : 2042
ईष्टदेव : हनुमानजी, शनि देवता
शुभ रंग : काला, गहरा नीला, जामुनी
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे, नौकरीपेशा व्यक्ति प्रगति पाएंगे। सभी कार्यों में सफलता मिलेगी। जो अभी तक बाधित रहे है वे भी सफल होंगे। बेरोजगार प्रयास करें, तो रोजगार पाने में सफल होंगे। राजनैतिक व्यक्ति भी समय का सदुपयोग कर लाभान्वित होंगे।
स्वास्थ्य: स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अनुकूल ही रहेगा।
कारोबार: व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी।


🌹आज का राशिफल 🌹
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आपका आज का दिन अत्यन्त खर्चीला रहेगा। आज पारिवारिक आवश्यकताओ की पूर्ति करते-करते धन कम पड़ जाएगा। परंतु कार्य क्षेत्र पर आज लाभ के सौदे होने से आर्थिक स्थिति बराबर रहेगी। अतरिक्त आय के प्रयास भी सफल होंगे लेकिन अनैतिक कार्यो में मां हानि के योग भी है इसका विशेष ध्यान रखें। अविवाहितो को योग्य साथी की तलाश पूरी होगी। सामाजिक क्षेत्र पर परिजनों का मान बढ़ाने के अवसर मिलेंगे। घरेलू वातावरण कुछ समय के लिये अशांत होगा गलतफहमियां दूर होने पर स्वतः ही शान्त हो जाएगा। सेहत लगभग ठीक ही रहेगी।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आपका आज का दिन स्वास्थ्य के लिए हानिकर रहेगा। मौसमी बीमारियों का प्रकोप रहने से शरीर शिथिल रहेगा। आज शल्य चिकित्सा भी करवानी पड़ सकती है। वाहन से दुर्घटना का भय है सावधानी रखें। कार्य क्षेत्र पर आज किसी के बहकावे में आकर धन की हानि हो सकती है। आज किसी से ना उलझें अन्यथा बात बढ़ सकती है। परिजनों के साथ अधिक समय बिताएं लेकिन मर्यादा में रहकर ही। मित्र परिचितों से छोटी सी बात पर संबंधों में खटास आने की संभावना है आज के दिन मौन का अधिकाधिक प्रयोग करना ही बेहतर रहेगा।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन आप के मन के अनुरूप रहेगा। आज दिखावे आडंबर पर अधिक खर्च करेंगे। मौज-शौक मनोरंजन में दिन का अधिकांश समय व्यतीत होगा। कार्य व्यवसाय में ज्यादा समय नही देंगे फिर भी आज आशा से अधिक धन लाभ होगा। प्रतिस्पर्धा कम रहने के बाद भी ज्यादातर कामो में दिमागी कसरत करनी पड़ेगी। सामाजिक स्तर पर आज आपकी छवि धनी लोगो की तरह बनेगी। बुजुर्गो को सम्मान दें बहुत गहरा ज्ञान मिल सकता है। सेहत आपकी ही लापरवाही से नरम हो सकती है।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आपका आज का दिन प्रतिकूल रहने वाला है। सेहत में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे। कार्य क्षेत्र के साथ घर पर भी आज आपके विचारों की अनदेखी हो सकती है। एक तो दिनचर्या धीमी रहेगी ऊपर से कार्य प्रयत्न करने पर भी विलम्ब से बनेंगे। आज मन में अहम् की भावना अधिक रहने से किसी की आगे झुकना पसंद नहीं करेंगे। हतोत्साहित ना हो दोपहर के बाद धन लाभ के प्रयत्न सफल होंगे। छोटी बड़ी किसी भी यात्रा से बचें।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन कार्य क्षेत्र पर कुछ ज्यादा करने के लिये नही रहेगा फिर भी मध्याह्न का समय महत्त्वपूर्ण निर्णय लेने वाला रहेगा आपके कार्य कुशलता की सर्वत्र प्रशंसा होगी। परन्तु अतिआत्मविश्वास आज नुक्सान भी करा सकता है। किसी कार्य में उलझने की अपेक्षा स्वतः ही होने दे लाभ अवश्य होगा। धार्मिक यात्रा होने की सम्भवना रहेगी। परिवार में वातावरण शांत रहेगा। व्यवसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। नौकरी पेशाओ को विविध घरेलू झंझटों का सामना करना पड़ेगा। सेहत अनुकूल रहेगी।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन भी आपको अशुभ फलदायक रहेगा। दिन के आरंभ में ही कुछ न कुछ उल्टा होने की भनक लग जायेगी परिजनों के विपरीत व्यवहार से मन दुखी होगा। किसी गुप्त चिंता के कारण अंदर ही अंदर घुटेंगे। भावुकता भी आज अधिक रहने से हास्य की बाते भी मन को चुभ सकती है। सामाजिक व्यवहार आज कम रखें मान हानि की संभावना है। व्यर्थ के विवादों से खुद को दूर रखें भलाई करने पर बुराई ही मिलेगी। शांति से आज का दिन व्यतीत करें। सेहत का विशेष ख्याल रहे।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन भी आपके लिए अधिक परिश्रम वाला रहेगा। घरेलु कार्यो एवं व्यवसाय के बीच आज तालमेल बैठाना परेशानी भरा रहेगा। दैनिक कार्यो में विलंब होने से सारे दिन की बनी बनाई योजना चौपट हो सकती है। आलस्य को त्याग लक्ष्य पर ध्यान लगाए थोडे विलम्ब से ही सही सफलता अवश्य मिलेगी। धन की आमद आज अनिश्चित रहेगी।  परिजनों के साथ नरमी बरतें अन्यथा छोटी सी बात का बतंगड़ बनते देर नही लगेगी। सेहत में थोड़े बहुत उतार चढ़ाव लगे रहेंगे आप इनकी परवाह भी नही करेंगे।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन भी मन में दुविधा रहेगी। आज मन में संदिग्ध विचार आएंगे। गलत व्यवहार अथवा आचरण के कारण घर अथवा समाज में छवि खराब हो सकती है। कार्य क्षेत्र पर आज कोई भी नए प्रयोग ना करें हानि उठानी पड़ सकती है। किसी भी कार्य मे जबरदस्ती ठीक नही अपने आप जो मिल जाये उसी में सन्तोष करें अन्यथा हाथ आया भी निकल सकता है। प्रेम-प्रसंगों के कारण आज मन व्याकुल रहेगा। व्यसनों के ऊपर धन खर्च होगा। फिजूल खर्ची से बचें। परिजनों के परामर्श से ही कार्य करें। ठंडी वस्तुओ के सेवन से बचें।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन आप आनंद मनोरंजन में बितायेंगे। पूर्व में किये गए प्रयास आज सफल होने से मानसिक शांति मिलेगी धन की आमद भी अकस्मात होने से दिनभर प्रसन्न रहेंगे। नए कार्य अनुबंधों की योजना तैयार रखें शीघ्र ही इसपर कार्य आरम्भ कर सकते है। आज किया गया पूँजी निवेश भविष्य के लिए उत्तम रहेगा। स्त्री एवं प्रेम प्रसंगों में निकटता का अनुभव होगा। संध्या बाद का समय परिजनों के साथ शांति से व्यतीत होगा। आज कुछ न कुछ शारीरिक समस्या पर खर्च होने की संभावना है सतर्क रहें।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज के दिन का अधिकांश समय आशाओं के विपरीत रहेगा। आर्थिक एवं पारिवारिक कारणों से मन में बेचैनी रहेगी किसी से आज कोई उम्मीद लगाकर ना रखें निराश होना पड़ेगा। परिजनों की आवश्यकता पूर्ती ना होने पर घर में विवाद की स्थिति बन सकती है। कार्य क्षेत्र पर भी आज का दिन सावधानी से बिताएं गलत निर्णय लेने से अधिक हानि उठानी पड़ सकती है। जोखिम के कार्यो में निवेश से बचें। धन लाभ की जगह व्यर्थ के खर्च परेशान करेंगे। सिर, गला या छाती संबंधित समस्या हो सकती है।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के आप शांति से दिन बिताने की योजना बनाएंगे लेकिन पूरे दिन घरेलु कार्यो में फंसे रहेंगे। कार्य क्षेत्र पर आज ज्यादा ध्यान नहीं दे पाने से सीमित संसाधनों से ही निर्वाह करना होगा। धन की आमद भी कम ही रहेगी। परिजनों के साथ किसी महत्त्वपूर्ण विषय अथवा आयोजन की रूपरेखा बनेगी। किसी पुराने रुके हुए कार्यो में मध्यान के बाद सफलता मिलने की संभावना है। दूर रहने वाले प्रियजनों से शुभ समाचार मिलेंगे। सेहत उत्तम रहेगी फिर भी खान पान का ध्यान रखें।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन आपके लिए सफलता देने वाला रहेगा। कार्य क्षेत्र पर आज कम।समय देंगे फिर भी जितना समय देंगे वह आपके अनुकूल रहेगा। थोड़े प्रयास से बडा लाभ कमा सकते है धन की आमद कही न कही से हो ही जाएगी। परंतु इसके लिए व्यवहार में नरमी रखना भी आवश्यक है। नौकरी पेशा जातको की पदोन्नति में आ रही बाधा शांत होगी। सामाजिक कार्यो में रूचि लेने से मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। विरोधी आज शांत रहेंगे। घर की जगह बाहर का वातावरण अधिक भायेगा यह कलह की वजह भी बन सकता है ध्यान दें।

🌷 श्री रमा/रंभा एकादशी व्रत🌷
{आज 17 अक्टूबर 2025, शुक्रवार}

कार्तिक महीने के कृष्णपक्ष में ( गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार आसो कृष्ण ) आने वाली एकादशी को ‘ श्री रमा एकादशी‘ कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान कृष्ण की उपासना करने और व्रत रखने से मनवांछित कामना पूरी होती है। रमा एकादशी को रम्भा एकादशी भी कहते हैं । इस दिन वासुदेव श्री कृष्ण के केशव रूप की उपासना की जाती है। कहते हैं कि इस दिन की पूजा से कान्हा से साक्षात्कार भी संभव हैं। इस एकादशी का व्रत रखने से पापों का नाश तो होता ही है, साथ में महिलाओं को सुखद वैवाहिक जीवन का वरदान भी मिलता है।

मान्यता है कि इस दिन से शुरू होकर के दीपावली तक धन की देवी माता लक्ष्मी जी का प्रभु श्री विष्णु जी के साथ पूजन किया जाता है क्योंकि ” रमा” माता लक्ष्मी जी का ही एक नाम है और माता लक्ष्मी जी के पूजन से सुख समृद्धि,धन ~ वैभव,ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है🙏

👉 एकादशी तिथि प्रारंभ 👇

कल 16 अक्टूबर 2025,गुरुवार सुबह 10:35 मिनट से

👉 एकादशी तिथि समाप्त 👇

परसों 17 अक्टूबर 2025, शुक्रवार सुबह 11:12 मिनट पे

👉 एकादशी तिथि पारण 👇

नरसों 18 अक्टूबर 2025, शनिवार सुबह 06:24 मिनट से 08:41 के मध्य

श्री रमा एकादशी व्रत परसों 17 अक्टूबर 2025, शुक्रवार के दिन ही रखें🙏

कल गुरुवार को एवं परसों शुक्रवार व्रत के पूरे दिन खाने में चावल या चावल से बनी हुई चीज वस्तु का प्रयोग बिल्कुल भी ना करें अगर आप व्रत नहीं रखते हैं तो भी🙏

👉 एकादशी माहात्म्य 👇

जो मनुष्य इस व्रत को करता हैं, उनके ब्रह्महत्यादि समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष दोनों की एका‍दशियाँ समान हैं, इनमें कोई भेदभाव नहीं है । दोनों समान फल देती हैं। जो मनुष्य इस माहात्म्य को पढ़ते अथवा सुनते हैं, वे समस्त पापों से छूटकर विष्णुलोक को प्राप्त होता हैं🙏

कार्तिक मास में तो प्रात: सूर्योदय से पूर्व उठने, स्नान करने और दानादि करने का विधान है। इसी कारण प्रात: उठकर केवल स्नान करने मात्र से ही मनुष्य को जहां कई हजार यज्ञ करने का फल मिलता है, वहीं इस मास में किए गए किसी भी व्रत का पुण्यफल हजारों गुणा अधिक है। रमा एकादशी व्रत में भगवान विष्णु के पूर्णावतार भगवान जी के केशव रूप की विधिवत धूप, दीप, नैवेद्य, पुष्प एवं मौसम के फलों से पूजा की जाती है🙏

व्रत में एक समय फलाहार करना चाहिए तथा अपना अधिक से अधिक समय प्रभु भक्ति एवं हरिनाम संकीर्तन में बिताना चाहिए🙏

शास्त्रों में विष्णुप्रिया तुलसी की महिमा अधिक है इसलिए व्रत में तुलसी पूजन करना और तुलसी की परिक्रमा करना अति उत्तम है🙏 ऐसा करने वाले भक्तों पर प्रभु अपार कृपा करते हैं जिससे उनकी सभी मनोकामनाएं सहज ही पूरी हो जाती हैं।

वैसे तो किसी भी व्रत में श्रद्धा और आस्था का होना अति आवश्यक है परंतु भगवान सदा ही अपने भक्तों के पापों का नाश करने वाले हैं इसलिए कोई भी भक्त यदि अनायास ही कोई शुभ कर्म करता है तो प्रभु उससे भी प्रसन्न होकर उसके किए पापों से उसे मुक्त करके उसका उद्धार कर देते हैं। जो भक्त प्रभु की भक्ति .. श्रद्धा और आस्था के साथ करते हैं उनके सभी कष्टों का निवारण प्रभु अवश्य करते हैं🙏 क्योंकि इस दिन किए गए पुण्य कर्म में श्रद्धा, भक्ति एवं आस्था से ही मनुष्य को स्थिर पुण्य फल की प्राप्ति होती है

👉 रमा एकादशी पूजा विधि 👇

1 . सुबह उठकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान कृष्ण या केशव का पूजन करें।

2 . पूजा करने के बाद मस्तक पर सफेद चन्दन लगाएं। इससे मस्तिष्क शांत रहेगा।

3 . भगवान कृष्ण को पंचामृत, फूल और मौसमी फल अर्पित करें।

4 . प्रभु श्री कृष्ण के मन्त्रों का जाप करें।

5 . पूजा के दौरान गीता का पाठ भी अवश्य करें।

6 . रात को चंद्रोदय के बाद दीपदान करें।

7 . एकादशी के दिन रात्रि में सोने का विधान नहीं है। कहा जाता है कि एकादशी का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए रात्रि में जागरण करें।

8 . एकादशी के अगले दिन यानी द्वादशी के दिन दान करें। खासतौर से जूते, छाते और वस्त्रों का दान श्रेष्ठ माना जाता है।

9 . द्वादशी के दिन दान करने के बाद व्रत का पारण करें।

👉 लक्ष्मी प्राप्ति की इच्छा रखते हो

👉रमा एकादशी के दिन आँवले से स्नान करें एवं लक्ष्मी नारायण को आँवला अर्पित करें ।

👉आँवले से स्नान का तात्पर्य आँवले के रस से है ।

👉अगर आपको हरा आँवला ना मिले तो आँवले का मुरब्बा भी अर्पित कर सकते हैं ।

👉आँवला अर्पित करने के बाद उसको प्रसाद के रूप में खाना होता है🙏

👉अगर आपको आँवले का मुरब्बा भी ना मिले तो आँवले की कैंडी या सूखा आँवला ले सकते हैं ।

👉 आँवले के स्मरणमात्र से मनुष्य को गोदान का फल, स्पर्श से दुगना और फल खाने से तिगुना पुण्य प्राप्त होता है ।

🙏 ओम नमो नारायणाय 🙏

आज के विशेष उपाय –

धनतेरस के दिन ये चीजें घर पर अवश्य लाएं घर में होगी पूरे साल धन की वर्षा

1. मिट्टी की मूर्ति – मिट्टी को पांच तत्वों का प्रतीक माना जाता है, मिट्टी की मूर्ति की पूजा करने से आपके घर में सुख-समृद्धि आती है और धन-धान्य में वृद्धि होती है, धनतेरस के दिन  लक्ष्मी की मूर्ति के साथ भगवान कुबेर की मिट्टी की मूर्ति भी घर लाएं, ऐसा करने से धन की देवी और धन के देवता का आपके घर में वास होता है और पूरे वर्ष धन की कमी नहीं होती।

2. साबुत धनिया – धनतेरस के दिन घर में साबुत खड़ा धनिया लाना बहुत शुभ होता है, धनतेरस और दीवाली की शाम को पूजा के वक्त मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर को धनिया जरूर अर्पित करें, ऐसा करने से मां लक्ष्मी सदैव आपसे प्रसन्न रहेंगी और आपके घर में पैसों की कमी नहीं होगी।

3. झाड़ू – धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और पूरे साल घर में बरकत बनी रहती है, मान्यता है धनतेरस के दिन नई झाड़ू लाने से घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है।

4. बर्तन – भगवान धन्वंतरि की धातु पीतल की मानी गई है इसलिए धनतेरस के दिन पीतल के बर्तन खरीदना बेहद शुभ माना जाता है, पीतल के अलावा इस दिन सोना, चांदी, तांबे आदि के बर्तन/ सामान खरीद सकते हैं, धनतेरस के दिन ये चीजें घर में लाने से भगवान धन्वंतरि और मां लक्ष्मी की कृपा से आरोग्यता व सुख-समृद्धि आती है।

5. नमक – खरीदने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और आर्थिक लाभ होता है, आपके घर में सुख-समृद्धि और जीवन में खुशहाली आती है और राहु के अशुभ प्रभाव भी दूर होते हैं।

6. शंख – माता लक्ष्मी और नारायण दोनों को ही प्रिय है, धनतेरस के दिन घर में शंख खरीदकर लाना काफी शुभ माना जाता है, दीवाली की रात माता लक्ष्मी की पूजा के साथ इस शंख की भी पूजा करें।

7. गोमती चक्र – माता लक्ष्मी को बहुत प्रिय है, धनतेरस के दिन गोमती चक्र खरीदकर लाएं और दीवाली की रात को जब माता लक्ष्मी की पूजा करें तो गोमती चक्र की भी पूजा करें बाद में इसे धन की तिजोरी में रख दें इससे आपका धन स्थान हमेशा रुपए-पैसों से भरा रहता है।

8. चावल – धनतेरस के दिन घर में थोड़े चावल जरूर खरीद कर लाएं, चावल को समृद्धि का प्रतीक माना गया है, दीवाली के दिन इन चावलों का इस्तेमाल माता लक्ष्मी की पूजा में करें, बाद में थोड़े से चावल एक लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख दें, चढ़े हुए थोड़े चावल को घर के अनाज में मिला दें, इससे आपके घर में समृद्धि बनी रहेगी, ध्यान रखें चावल टूटे हुए न हों, साबुत हों।

9. हल्दी – धनतेरस के दिन हल्दी की गांठ जरूर खरीद कर लाएं, हल्दी को मां लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु से संबंधित माना जाता है, दीवाली की शाम हल्दी को मां लक्ष्मी को चढ़ा दें और विधिवत पूजा करें, इसके बाद हल्दी को एक पीले या लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख दें, तिजोरी में हल्दी की गांठ रखने से माता लक्ष्मी आकर्षित होती हैं और इससे घर में धन का आगमन बना रहता है।

10. चांदी या सोने के सिक्के – धनतेरस के दिन चांदी और सोने के सिक्के घर लाना बेहद शुभ माना जाता है।

11. कुबेर यंत्र – धनतेरस पर कुबेर यंत्र खरीदकर घर लाने से सुख-सौभाग्य बढ़ता है।

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Quote of the week

“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton