Vaidik Panchang 16112025 Rashifal Samadhan

🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️  *दिनांक – 16 नवम्बर 2025*
🌤️ *दिन – रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – हेमंत ॠतु*
🌤️ *मास – मार्गशीर्ष (गुजरात-महाराष्ट्र कार्तिक)*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – द्वादशी 17 नवम्बर प्रातः 04:47 तक तत्पश्चात त्रयोदशी*
🌤️ *नक्षत्र – हस्त 17 नवम्बर रात्रि 02:11 तक तत्पश्चात चित्रा*
🌤️ *योग – प्रीति पूर्ण रात्रि तक*
🌤️ *राहुकाल – शाम 04:33 से शाम 05:57 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:51*
🌤️ *सूर्यास्त –  05:55*
👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- विष्णुपदी-वृश्चिक संक्रांति (पुण्यकाल: सुबह 07:53 से दोपहर 01:45 तक)*
💥 *विशेष – द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*💥 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*
💥 *रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*
💥 *स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।*
             🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *सोमप्रदोष व्रत* 🌷
🙏🏻 *हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 17 नवम्बर, सोमवार को सोमप्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है, जानिए…*
👉🏻 *ऐसे करें व्रत व पूजा*
🙏🏻 *- प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं।*
🙏🏻 *- इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं।*
🙏🏻 *- पूरे दिन निराहार (संभव न हो तो एक समय फलाहार) कर सकते हैं) रहें और शाम को दुबारा इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें।*
🙏🏻 *- भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं।*
🙏🏻 *- भगवान शिवजी  की आरती करें। भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और उसीसे अपना व्रत भी तोड़ें।उस दिन  ब्रह्मचर्य का पालन करें।*
👉🏻 *ये उपाय करें*
*सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े के फूल जरूर मिलाएं। आंकड़े के फूल भगवान शिवजी  को विशेष प्रिय हैं । ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिवजी  की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है।*
               🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

*सूर्य आराधना का अद्भुत फल !!*

महाराज सत्राजित का भगवान भास्कर में स्वाभाविक अनुराग था। उनके नेत्र कमल तो केवल दिन में भगवान सूर्य पर टकटकी लगाये रहते हैं, किंतु सत्राजित की मनरूपी आंखें उन्हें दिन- रात निहारा करती थीं।
भगवान सूर्य ने भी महाराज को निहाल कर रखा था। उन्होंने ऐसा राज्य दिया था, जिसे वे अपनी प्यार भरी आंखों से दिन रात निहारा करते थे। इतना वैभव दे दिया था, जिसे देखकर सबको विस्मय होता था औऱ स्वयं महाराज भी विस्मित रहते थे।
इसी विस्मय ने उनमें यह जिज्ञासा जगा दी थी कि “वह कौन सा पुण्य है, जिसके कारण यह वैभव उन्हें मिला है। यदि उस पुण्यकर्म का पता लग जाएं तो उसका फिर से अनुष्ठान कर अगले जन्म में इस वैभव को स्थिर बना लिया जाएं।’’
उन्होंने ऋषि- मुनियों की एक सभा एकत्र की। महारानी विमलवती ने भी इस अवसर से लाभ उठाना चाहा। उन्होंने महाराज से कहा, ‘’नाथ ! मैं भी जानना चाहती हूं कि मैंने ऐसा कौन सा शुभ कर्म किया है जिससे मैं आपकी पत्नी बन सकी हूं।’’
महाराज ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘’पूज्य महर्षियों ! मैं और मेरी पत्नी दोनों यह जानना चाहते हैं कि पूर्वजन्म में हम दोनों कौन थे ? और किस कर्म के अनुष्ठान से यह वैभव प्राप्त हुआ है ? यह रूप और यह कांति भी कैसे प्राप्त हुई है ?’’
महर्षि परावर्तन ने ध्यान से देखकर कहा, ‘’राजन ! पहले जन्म में आप शूद्र थे और ये महारानी उस समय भी आपकी ही भार्या थीं। उस समय आपका स्वभाव और कर्म दोनों आज से विपरीत थे। प्रत्येक को पीड़ित करना आपका काम था। किसी प्राणी से आप स्नेह नहीं कर पाते थे। उत्कट पाप से आपको कोढ़ भी हो गया था। आपके अंग कट- कट कर गिरने लगे थे। उस समय आपकी पत्नी मलयवती ने आपकी बहुत सेवा की। आपके प्रेम में मग्न रहने के कारण वह भूखी- प्यासी रहकर भी आपकी सेवा किया करती थी।
आपके बंधु बांधवों ने आपको पहले से ही छोड़ रखा था, क्योंकि आपका स्वभाव बहुत ही क्रूर था। आपने क्रूरतावश अपनी पत्नी का भी परित्याग कर दिया था, किंतु उस साध्वी ने आपका त्याग कभी नहीं किया। वह छाया की तरह आपके साथ लगी रही। अंत में इसी पत्नी के साथ आपने सूर्यमंदिर की सफाई आदि का कार्य आरंभ कर दिया। धीरे- धीरे आप दोनों ने अपने को सूर्यभगवान को अर्पित कर दिया।
आप दोनों के सेवाकार्य उत्तरोत्तर बढ़ते गये। झाड़ू – बुहारू, लीपना, पोतना आदि कार्य करके शेष समय दोनों इतिहास पुराण के श्रवण में बिताने लगे। एक दिन आपकी पत्नी ने अपने पिता की दी हुई अंगूठी वस्त्र के साथ कथा वाचक को दे दी। इस तरह सूर्य की सेवा से आप दोनों के पाप जल गये। सेवा में दोनों को रस मिलने लगा था, अत: दिन- रात का भान ही नहीं होता था।’’
एक दिन महाराज कुवलाश्व उस मंदिर में आये। उनके साथ बहुत बड़ी सेना भी थी। राजा के उस ऐश्वर्य को देखकर आप में राजा बनने की इच्छा जाग उठी। यह जानकर भगवान सूर्य ने उससे भी बड़ा वैभव देकर आपकी इच्छा की पूर्ति कर दी है। यह तो आपके वैभव प्राप्त करने का कारण हुआ। अब आप में जो इतना तेज है और आपकी पत्नी में जो इतनी कांति आ गयी है, इनका रहस्य सुनें।
एक बार सूर्य मंदिर का दीपक तैल न रहने से बुझ गया। तब आपने अपने भोजन के लिए रखे हुए तैल में से दीपक में तैल डाला और आपकी पत्नी ने अपनी साड़ी फाड़कर बत्ती लगा दी थी। इसी से आप में इतना तेज और आपकी पत्नी में इतनी कांति आ गयी है।
आपने उस जन्म में जीवन की संध्यावेला में तन्मयता के साथ सूर्य की आराधना की थी। उसका फल जब इतना महान है तब जो मनुष्य दिन रात भक्ति भाव से दत्तचित्त होकर जीवनपर्यन्त सूर्य की उपासना करता है, उसके विशाल फल को कौन माप सकता है ?”
महाराज सत्राजित ने पूछा, ‘‘भगवान सूर्य को क्या क्या प्रिय है ? मैं चाहता हूं कि उनके प्रिय फूलों और पदार्थों का उपयोग करुं।’’
परावसु ने कहा, ‘’भगवान को घृत का दीप बहुत पसंद है।”
इतिहास पुराणों के वाचक की जो पूजा की जाती है, उसे भगवान सूर्य की ही पूजा समझो। वेद और वीणा की ध्वनि भगवान को उतना पसंद नहीं है, जितनी ‘कथा’। फूलों में करवीर (कनेर) का फूल और चंदनों में रक्त चंदन भगवान सूर्य को बहुत प्रिय है..!!’

*जय भास्कर भगवान*
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻🌹

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनायें बधाई ओर शुभ आशीष 🌹
आपका जन्मदिन: 16 नवंबर
दिनांक 16 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 7 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति अपने आप में कई विशेषता लिए होते हैं। यह अंक वरूण ग्रह से संचालित होता है। आप खुले दिल के व्यक्ति हैं। आपकी प्रवृत्ति जल की तरह होती है। जिस तरह जल अपनी राह स्वयं बना लेता है वैसे ही आप भी तमाम बाधाओं को पार कर अपनी मंजिल पाने में कामयाब होते हैं। आप पैनी नजर के होते हैं। किसी के मन की बात तुरंत समझने की आपमें दक्षता होती है।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 7, 16, 25
शुभ अंक : 7, 16, 25, 34
शुभ वर्ष : 2029
ईष्टदेव : भगवान शिव तथा विष्णु
शुभ रंग : सफेद, पिंक, जामुनी, मेहरून
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: आपके कार्य में तेजी का वातावरण रहेगा। अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा। नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए समय सुखकर रहेगा। आपको प्रत्येक कार्य में जुटकर ही सफलता मिलेगी।
कारोबार: व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी।
उपाय: नवीन कार्य-योजना शुरू करने से पहले केसर का लंबा तिलक लगाएं व मंदिर में पताका चढ़ाएं।


मेष (Aries)
स्वभाव: उत्साही
राशि स्वामी: मंगल
शुभ रंग: हरा
आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहने वाला है। पारिवारिक जीवन में आपको सावधानी बरतनी होगी। बिजनेस को लेकर कोई अच्छी डील आपको मिल सकती हैं। किसी जोखिम भरे काम में आपको सावधानी बरतनी होगी। आप किसी की कहीसुनी बातों पर भरोसा न रखें। कार्यक्षेत्र में आपकी अपने बॉस से किसी बात को लेकर खटपट हो सकती हैं।  सरकारी योजनाओं का आपको पूरा लाभ मिलेगा।

वृषभ (Taurus)
स्वभाव:  धैर्यवान
राशि स्वामी: शुक्र
शुभ रंग: लाल
आज का दिन आपके लिए उत्तम संपत्ति के संकेत दे रहा है। अधिकारी आपसे खुश रहेंगे। नौकरी में आपको प्रमोशन आदि मिल सकता है, लेकिन किसी दूर रहने पर परिजन से कोई निराशाजनक  सूचना सुनने को मिलेगी। आप कोई प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट करने की सोचेंगे। संतान को आप कहीं बाहर पढ़ाई के लिए भेज सकते हैं। आपका मन इधर-उधर के कामों में लगेगा जो बाद में आपकी मुश्किलों को बढ़ा सकता है।

मिथुन (Gemini)
स्वभाव:  जिज्ञासु
राशि स्वामी: बुध
शुभ रंग: सफेद
आज का दिन आपके लिए धन संबंधित मामलों में अच्छा रहने वाला है, लेकिन आपने यदि किसी अजनबी पर भरोसा किया, तो वह आपको धोखा दे सकता है, इसलिए आप किसी को धन उधार देने से बचें। जीवनसाथी के साथ कुछ समय बिताएंगे और आप उनके मन में चल रही कुछ उलझनों को भी दूर करने की कोशिश करेंगे। आप किसी अजनबी से कोई बात गुप्त न रखें, तो वह उनके सामने उजागर हो सकती है। प्रतिस्पर्धा का भाव आपके मन में बना रहेगा।

कर्क (Cancer)
स्वभाव:  भावुक
राशि स्वामी: चंद्र
शुभ रंग: ग्रे
आज का दिन आपके लिए सुखमय  रहने वाला है। दांपत्य जीवन में खुशियां भरपूर रहेंगी और आपका कोई काम यदि पेंडिंग पड़ा हुआ था, उसे भी पूरा करने की कोशिश करेंगे। आपके अंदर आज एक्स्ट्रा एनर्जी रहने से आप प्रत्येक कामों को आसानी से कर पाएंगे। आपकी निर्णय लेने की क्षमता भी बेहतर रहेगी। यदि किसी जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करने का मौका मिले, तो अवश्य करें। माताजी से किए हुए वादे को आप समय रहते पूरा करें।

सिंह राशि (Leo)
स्वभाव:  आत्मविश्वासी
राशि स्वामी: सूर्य
शुभ रंग: गुलाबी
आज आप उन्नति की राह पर आगे बढ़ेंगे और अपने घर की साज-सज्जा पर पूरा ध्यान देंगे। धर्म-कर्म के कार्यो में भी आपके काफी रुचि रहेगी और आपको अपनी शौक-मौज की चीजों की खरीदारी पर भी अच्छा खर्चा करेंगे। आपको किसी सहयोगी की कोई बात बुरी लग सकती है। सरकारी नौकरी की तैयारी में लगे लोगों को सावधान रहना होगा। मित्रों का आपको पूरा साथ मिलेगा। आप किसी यात्रा पर जाने की प्लानिंग कर सकते हैं।

कन्या (Virgo)
स्वभाव:  मेहनती
राशि स्वामी: बुध
शुभ रंग: नीला
आज का दिन आपके लिए यश और कीर्ति को बढ़ाने वाला रहेगा। आपको जरूरत के हिसाब से खर्च करना बेहतर रहेगा। संतान आपसे किसी चीज की फरमाइश कर सकती है, जिसे आप पूरा अवश्य करेंगे। आप नए मकान आदि की खरीदारी की योजना बनाएंगे, जिसके लिए आप कोई लोन आदि अप्लाई कर सकते हैं। वाहनों का प्रयोग सावधान रहकर करें। आप किसी भी शारीरिक समस्या को छोटा ना समझें। रचनात्मक कार्यों में आपकी काफी रुचि रहेगी।

तुला (Libra)
स्वभाव:  संतुलित
राशि स्वामी: शुक्र
शुभ रंग: पीला
आज का दिन आपके लिए बढ़िया रहने वाला है। विद्यार्थियों को शिक्षा में अच्छी सफलता मिलेगी और पार्टनरशिप में काम करना भी आपके लिए अच्छा रहेगा। आप एक बजट प्लान करके चलेंगे, जिससे आप किसी सेविंग को करने में भी सफल रहेंगे। आपके प्रभाव और प्रताप में वृद्धि होगी। आप अपने जरूरी कामों को समय से निपटने की कोशिश करेंगे। भाई-बहनों का आपको पूरा सपोर्ट मिलेगा। आपके मन में काम को लेकर नए-नए आइडिया आएंगे।

वृश्चिक (Scorpio)
स्वभाव:  रहस्यमय
राशि स्वामी: मंगल
शुभ रंग: केसरी
आज का दिन आपके लिए खुशनुमा रहने वाला है, उच्च अधिकारियों की कृपा आप पर बनी रहेगी। आपको कुछ और खर्चे पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। आपको किसी निवेश को बहुत ही सोच समझकर करना होगा। पार्टनरशिप में कोई काम करना आपके लिए अच्छा रहेगा। आपको मन मुताबिक काम मिलने से आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। आपको कहीं बाहर जाने से बचना होगा। राजनीति में कार्यरत लोगों के विरोधी उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर सकते हैं।

धनु (Sagittarius)
स्वभाव:  दयालु
राशि स्वामी: गुरु
शुभ रंग: हरा
आज का दिन आपके लिए मेहनत से काम करने के लिए रहेगा। किसी सामाजिक आयोजन में आपको सम्मिलित होने का मौका मिलेगा। आपका प्रॉपर्टी को लेकर कोई वाद-विवाद चल रहा था, तो आप उसे बातचीत के जरिए दूर करने की कोशिश करेंगे। आपको किसी नए काम की शुरुआत करना अच्छा रहेगा। आप अपने माता-पिता से काम को लेकर कोई सलाह ले सकते हैं। वरिष्ठ सदस्यों का आपको पूरा सहयोग मिलेगा।

मकर (Capricorn)
स्वभाव:  अनुशासित
राशि स्वामी: ग्रे
शुभ रंग: नीला
आज आपको अपने आसपास रह रहे शत्रुओं से सजग रहने की आवश्यकता है। कुछ अनचाहे खर्च हो सकते हैं, जो आपको मजबूरी में ना चाहते हुए भी करने पड़ेंगे। प्रेम जीवन जी रहे लोगों के लिए दिन अच्छा रहने वाला है। आज आप किसी  मांगलिक कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे, जिससे आपकी कुछ नये लोगों से जान पहचान बढे़गी। आप अपने बिजनेस में योजनाओं को लेकर कुछ फेरबदल कर सकते हैं। परिवार में किसी सदस्य की ओर से कोई सरप्राइज गिफ्ट मिल सकता है।

कुंभ ( Aquarius)
स्वभाव:  मानवतावादी
राशि स्वामी: शनि
शुभ रंग: सफेद
आज का दिन बिजनेस कर रहे लोगों के लिए बढ़िया रहने वाला है। रोजगार के भी नए अवसर प्राप्त होंगे और आपको अपनी सेहत को लेकर एतियात बरतनी होगी। किसी से आप कोई बात बहुत ही सोच समझकर बोले। आपको अपने दोस्तों का पूरा सहयोग मिलेगा। जो विद्यार्थी पढ़ाई-लिखाई को लेकर परेशान थे, तो उनकी वह इच्छा पूरी होगी। आपको किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा। आप अपने परिवार के सदस्यों को कहीं घूमाने-फिराने लेकर जा सकते हैं।

मीन (Pisces)
स्वभाव: संवेदनशील
राशि स्वामी: बृहस्पति
शुभ रंग: गुलाबी
आज का दिन आपके लिए धन-धान्य में वृद्धि लेकर आने वाला है। कारोबार में स्थिति पहले से बेहतर रहेगी, लेकिन आप किसी से पार्टनरशिप थोड़ा सोच समझकर करें और जीवनसाथी से चल रही अनबन भी दूर होगी। आपको किसी काम के चलते अकस्मात यात्रा पर जाना पड़ सकता है। आप अपने घर परिवार के कामो में कोई बदलाव न करें। पिताजी यदि काम को लेकर कोई सलाह देंगे, तो वह आपके लिए अच्छी रहेगी। आपके सुख-साधनों में भी वृद्धि होगी।

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Quote of the week

“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton