Vaidik Panchang 15102025 Rashifal Samadhan

🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️  *दिनांक – 15 अक्टूबर 2025*
🌤️ *दिन – बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शरद ॠतु*
🌤️ *मास – कार्तिक (गुजरात-महाराष्ट्र आश्विन*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – नवमी सुबह 10:33 तक तत्पश्चात दशमी*
🌤️ *नक्षत्र – पुष्य दोपहर 12:00 तक तत्पश्चात अश्लेशा*
🌤️ *योग – साध्य 16 अक्टूबर रात्रि 02:57 तक तत्पश्चात शुभ*
🌤️ *राहुकाल  – दोपहर 12:24 से दोपहर 01:52 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:35*
🌤️ *सूर्यास्त –  06:13*
👉 *दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण –
💥 *विशेष – नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
             🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞

🌷 *दीपावलीः लक्ष्मीप्राप्ति की साधना* 🌷
🎆 *दीपावली के दिन घर के मुख्य दरवाजे के दायीं और बायीं ओर गेहूँ की छोटी-छोटी ढेरी लगाकर उस पर दो दीपक जला दें। हो सके तो वे रात भर जलते रहें, इससे आपके घर में सुख-सम्पत्ति की वृद्धि होगी।*
🔥 *मिट्टी के कोरे दिये  में कभी भी तेल-घी नहीं डालना चाहिए। दिये 6 घंटे पानी में भिगोकर रखें, फिर इस्तेमाल करें। नासमझ लोग कोरे दिये में घी डालकर बिगाड़ करते हैं।*
🙏🏻 *लक्ष्मीप्राप्ति की साधना का एक अत्यंत सरल और केवल तीन दिन का प्रयोगः दीपावली के दिन से तीन दिन तक अर्थात् भाईदूज तक एक स्वच्छ कमरे में अगरबत्ती या धूप (केमिकल वाली नहीं-गोबर से बनी) करके दीपक जलाकर, शरीर पर पीले वस्त्र धारण करके, ललाट पर केसर का तिलक कर, स्फटिक मोतियों से बनी माला द्वारा नित्य प्रातः काल निम्न मंत्र की दो मालायें जपें।*
🌷 *ॐ नमो भाग्यलक्ष्म्यै च विद् महै।*
*अष्टलक्ष्म्यै च धीमहि। तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्।।*
🍃 *अशोक के वृक्ष और नीम के पत्ते में रोगप्रतिकारक शक्ति होती है। प्रवेशद्वार के ऊपर नीम, आम, अशोक आदि के पत्ते को तोरण (बंदनवार) बाँधना मंगलकारी है।*
🙏🏻
             🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *धनतेरस* 🌷
➡ *18 अक्टूबर 2025 शनिवार को धनतेरस हैं |*
*‘स्कंद पुराण’ में आता है कि धनतेरस को दीपदान करनेवाला अकाल मृत्यु से पार हो जाता है | धनतेरस को बाहर की लक्ष्मी का पूजन धन, सुख-शांति व आंतरिक प्रीति देता है | जो भगवान की प्राप्ति में, नारायण में विश्रांति के काम आये वह धन व्यक्ति को अकाल सुख में, अकाल पुरुष में ले जाता है, फिर वह चाहे रूपये – पैसों का धन हो, चाहे गौ – धन हो, गजधन हो, बुद्धिधन हो या लोक – सम्पर्क धन हो | धनतेरस को दिये जलाओगे …. तुम भले बाहर से थोड़े सुखी हो, तुमसे ज्यादा तो पतंगे भी सुख मनायेंगे लेकिन थोड़ी देर में फड़फड़ाकर जल – तप के मर जायेंगे | अपने – आपमें, परमात्मसुख में तृप्ति पाना, सुख – दुःख में सम रहना, ज्ञान का दिया जलाना – यह वास्तविक धनतेरस, आध्यात्मिक धनतेरस है |*
🙏🏻
           🌞 *~ वैदिक पंचाग ~* 🌞

*II ॐ श्री गणेशाय नमः II*
*II श्रीगणेश वन्दना II*

*वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।*
*निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥*

अर्थात : घुमावदार सूंड वाले, विशाल शरीर काय, करोड़ सूर्य के समान महान प्रतिभाशाली। मेरे प्रभु, हमेशा मेरे सारे कार्य बिना विघ्न के पूरे करने की कृपा करें॥

*विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय* *लम्बोदराय सकलाय जगद्धितायं।*
*नागाननाथ श्रुतियज्ञविभूषिताय गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते॥*

अर्थात : विघ्नेश्वर, वर देनेवाले, देवताओं को प्रिय, लम्बोदर, कलाओंसे परिपूर्ण, जगत् का हित करनेवाले, गजके समान मुखवाले और वेद तथा यज्ञ से विभूषित पार्वतीपुत्र को नमस्कार है; हे गणनाथ ! आपको नमस्कार है।

*गजाननं भूतगणादिसेवितम् कपित्थजम्बू फल चारू भक्षणं।*
*उमासुतम शोक विनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वर पादपंकजम्।‌।*

*आज गजानन भगवान के प्रसिद्ध बारह नामों के बारे मैं चर्चा करेंगे। जीवन का रक्षा कवच हैं श्री गणेश जी के यह 12 पवित्र नाम !!!!*

भगवान गणेश जी के 12 नाम लेने से सभी प्रकार की मनोकामना पूर्ण होती है। यह 12 नाम सुनकर श्री गणेश जी विशेष प्रसन्न होते हैं। वास्तव में जीवन रक्षा कवच हैं ये 12 पवित्र नाम।

*गणपर्तिविघ्रराजो लम्बतुंड्डो गजानन:। द्वेमातुरश्च हेरम्ब एकदन्तो गणाधिप:।। विनायकश्चारुकर्ण: पशुपालो भवात्मज:। द्वाद्वशैतानि नामानि प्रातरुतथाय य: पठेत।। विश्वं तस्य भवे नित्यं न च विघ्नमं भवेद क्वचित।*

*सुमुख, एकदन्त, कपिल, गजकर्णक, लम्बोदर, विकट, विघ्ननाश-विघ्नों, विनायक विनिष्ट नायक, धूम्रकेतु, गणाध्यक्ष, भाल चन्द्र, और गजाजन।*

🌷🌻🌷🌻🌷🌻🌷

*कार्तिक माहात्म्य*

    एक बार सागर पुत्र जलन्धर अपनी पत्नी वृन्दा सहित असुरों से सम्मानित हुआ सभा में बैठा था तभी गुरु शुक्राचार्य का वहाँ आगमन हुआ। उनके तेज से सभी दिशाएँ प्रकाशित हो गई।
     गुरु शुक्राचार्य को आता देखकर सागर पुत्र जलन्धर ने असुरों सहित उठकर बड़े आदर से उन्हें प्रणाम किया। गुरु शुक्राचार्य ने उन सबको आशीर्वाद दिया। फिर जलन्धर ने उन्हें एक दिव्य आसन पर बैठाकर स्वयं भी आसन ग्रहण किया।
       *सागर पुत्र जलन्धर ने उनसे विनम्रतापूर्वक पूछा:–*
‘हे गुरुजी! आप हमें यह बताने की कृपा करें कि राहु का सिर किसने काटा था ?’
      इस पर दैत्य गुरु शुक्राचार्य ने विरोचन पुत्र हिरण्यकश्यपु और उसके धर्मात्मा पौत्र का परिचय देकर देवताओं और असुरों द्वारा समुद्र मंथन की कथा संक्षेप में सुनाते हुए बताया–‘जब समुद्र से अमृत निकला तो उस समय देवरूप बनाकर राहु भी पीने बैठ गया। इस पर इन्द्र के पक्षपाती भगवान विष्णु ने राहु का सिर काट डाला।’
    अपने गुरु के मुख से इस प्रकार के वचन सुनकर जलन्धर के क्रोध की सीमा न रही, उसके नेत्र लाल हो गये फिर उसने अपने धस्मर नामक दूत को बुलाया और उसे शुक्राचार्य द्वारा सुनाया गया वृत्तान्त सुनाया।
     तत्पश्चात उसने धस्मर को आज्ञा दी कि ‘तुम शीघ्र ही इन्द्रपुरी में जाकर इन्द्र को मेरी शरण में लाओ।’
    धस्मर जलन्धर का बहुत आज्ञाकारी एवं निपुण दूत था। वह जल्द ही इन्द्र की सुधर्मा नामक सभा में जा पहुँचा और जलन्धर के शब्दों में इन्द्र से बोला–‘हे देवताधाम! तुमने समुद्र का मन्थन क्यों किया और मेरे पिता के समस्त रत्नों को क्यों ले लिया ?
  ऐसा करके तुमने अच्छा नहीं किया। यदि तू अपना भला चाहता है तो उन सब रत्नों एवं देवताओं सहित मेरी शरण में आजा अन्यथा मैं तेरे राज्य का ध्वंस कर दूँगा, इसमें कुछ भी मिथ्या नहीं है।’
     *इन्द्र बहुत विस्मित हुआ और कहने लगा:–*
‘पहले मेरे भय से सागर ने सब पर्वतों को अपनी कुक्षि में क्यों स्थान दिया और उसने मेरे शत्रु दैत्यों की क्यों रक्षा की ? इसी कारण मैंने उनके सब रत्न हरण किये हैं। मेरा द्रोही सुखी नहीं रह सकता, इसमें सन्देह नहीं।’
      इन्द्र की ऐसी बात सुनकर वह दूत शीघ्र ही जलन्धर के पास आया और सब बातें कह सुनाई। उसे सुनते ही वह दैत्य मारे क्रोध के अपने ओष्ठ फड़फड़ाने लगा और देवताओं पर विजय प्राप्त करने के लिए उसने उद्योग आरम्भ किया फिर तो सब दिशाओं, पाताल से करोड़ों-करोड़ों दैत्य उसके पास आने लगे।
     शुम्भ-निशुम्भ आदि करोड़ो सेनापतियों के साथ जलन्धर इन्द्र से युद्ध करने लगा। शीघ्र ही इन्द्र के नन्दन वन में उसने अपनी सेना उतार दी। वीरों की शंखध्वनि और गर्जना से इन्द्रपुरी गूंज उठी।
    अमरावती छोड़ देवता उससे युद्ध करने चले। भयानक मारकाट हुई। असुरों के गुरु आचार्य शुक्र अपनी मृत संजीवनी विद्या से और देवगुरु बृहस्पति द्रोणागिरि से औषधि लाकर जिलाते रहे।
      इस पर जलन्धर ने क्रुद्ध होकर कहा कि मेरे हाथ से मरे हुए देवता जी कैसे जाते हैं ? जिलाने वाली विद्या तो आपके पास है।
     इस पर शुक्राचार्य ने देवगुरु द्वारा द्रोणाचार्य से औषधि लाकर देवताओं को जिलाने की बात कह दी। यह सुनकर जलन्धर और भी कुपित हो गया फिर शुक्राचार्य जी ने कहा–‘यदि शक्ति हो तो द्रोणागिरि को उखाड़कर समुद्र में फेंक दो तब मेरे कथन की सत्यता प्रमाणित हो जाएगी।
     इस पर जलन्धर कुपित होकर जल्द ही द्रोनागिरि पर्वत के पास पहुंचा और अपनी भुजाओं से पकड़कर द्रोणागिरि पर्वत को उखाड़कर समुद्र में फेंक दिया। यह तो भगवान शंकर का तेज था इसमें जलन्धर की कोई विचित्रता नहीं थी।
    तत्पश्चात यह सागर पुत्र युद्धभूमि में आकर बड़े तीव्र गति से देवताओं का संहार करने लगा। जब द्रोनाचार्य जी औषधि लेने गये तो द्रोणाचल को उखड़ा हुआ शून्य पाया। वह भयभीत हो देवताओं के पास आये और कहा कि युद्ध बन्द कर दो। जलन्धर को अब नहीं जीत सकोगे।
    पहले इन्द्र ने शिवजी का अपमान किया था, यह सुन सेवता युद्ध में जय की आशा त्याग कर इधर-उधर भाग गये। सिन्धु-सुत निर्भय हो अमरावती में घुस गया, इन्द्र आदि सब देवताओं ने गुफाओं में शरण ली।जो भी कार्तिक महात्म्य को नित्य नियम पूर्वक पढ़ते है वो इसे लाइक करें और जय श्रीराधे कृष्णा जरूर लिखें🙏
      
*🚩जय श्रीराधे कृष्णा🚩*
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जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
आपका जन्मदिन: 15 अक्टूबर

दिनांक 15 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 6 होगा। आपमें गजब का आत्मविश्वास है। इसी आत्मविश्वास के कारण आप किसी भी परिस्थिति में डगमगाते नहीं है। आपको सुगंध का शौक होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति आकर्षक, विनोदी, कलाप्रेमी होते हैं। आप अपनी महत्वाकांक्षा के प्रति गंभीर होते हैं। 6 मूलांक शुक्र ग्रह द्वारा संचालित होता है। अत: शुक्र से प्रभावित बुराई भी आपमें पाई जा सकती है। जैसे स्त्री जाति के प्रति आपमें सहज झुकाव होगा। अगर आप स्त्री हैं तो पुरुषों के प्रति आपकी दिलचस्पी होगी। लेकिन आप दिल के बुरे नहीं है।

आपके लिए खास

शुभ दिनांक : 6, 15, 24

शुभ अंक : 6, 15, 24, 33, 42, 51, 69, 78

शुभ वर्ष : 2026

ईष्टदेव : मां सरस्वती, महालक्ष्मी

शुभ रंग : क्रीम, सफेद, लाल, बैंगनी

आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: नौकरीपेशा व्यक्ति अपने परिश्रम के बल पर उन्नति के हकदार होंगे। आर्थिक मामलों में सभंलकर चलना होगा। व्यापार-व्यवसाय में भी सफलता रहेगी।

परिवार: दाम्पत्य जीवन में मिली जुली स्थिति रहेगी। विवाह के योग भी बनेंगे। स्त्री पक्ष का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी।

शिक्षा: लेखन संबंधी मामलों के लिए उत्तम होती है। बैक परीक्षाओं में भी सफलता अर्जित करेंगे। जो विद्यार्थी सीए की परीक्षा देंगे उनके लिए शुभ रहेगा।

मेष (Aries)
स्वभाव: उत्साही
राशि स्वामी: मंगल
शुभ रंग: लाल
आज का दिन आपके लिए परोपकार के कार्यों से जुड़कर नाम कमाने के लिए रहेगा। आप कुछ नया करने की कोशिश में लगे रहेंगे और अपने अधूरे कामों को पूरा करने के लिए भी समय निकालेंगे। आपको अपनी संतान की संगति पर विशेष ध्यान देना होगा। आपको अपने आत्मविश्वास को मजबूत करके आगे बढ़ना होगा। संतान पक्ष की ओर से आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। विद्यार्थियों को बौद्धिक और मानसिक बोझ से छुटकारा मिलेगा।
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वृषभ (Taurus)
स्वभाव:  धैर्यवान
राशि स्वामी: शुक्र
शुभ रंग: हरा
आज का दिन आपके लिए अचानक लाभ दिलाने वाला रहेगा। आपको किसी वाद-विवाद को मिल बैठकर सुलझाने की आवश्यकता है। आप अपने मनमौजी स्वभाव के कारण कामों में कोई गड़बड़ी कर सकते हैं। यदि आप किसी यात्रा पर जाएंगे, तो उसमें परिवार के सदस्यों को साथ लेकर जाना बेहतर रहेगा, जिससे आपके रक्त संबंधी रिश्तों में भी मजबूती आएगी। जीवनसाथी के लिए आप कोई सरप्राइज गिफ्ट लेकर आ सकते हैं। संतान को कोई पुरस्कार मिलने से माहौल खुशनुमा रहेगा।

मिथुन (Gemini)
स्वभाव:  जिज्ञासु
राशि स्वामी: बुध
शुभ रंग: सफेद
आज का दिन आपके लिए सामान्य रहने वाला है। व्यापार कर रहे लोगों को कुछ बड़े लोगों से मिलने का मौका मिलेगा। आपकी किसी पुरानी गलती से पर्दा उठ सकता है। यदि आपने बिना सोचे समझे धन का लेनदेन किया, तो इससे आपका धन फंसने की संभावना है। शेयर मार्केट में भी आप बहुत ही सोच विचार पर धन लगाएं। आपको अपनी माताजी की सेहत को लेकर टेंशन रहेगी। आप अपने कामों को पूरा करने की कोशिश में काफी मेहनत करेंगे।

कर्क (Cancer)
स्वभाव:  भावुक
राशि स्वामी: चंद्र
शुभ रंग: आसमानी
आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है। यदि आपकी कोई डील लंबे समय से अटकी हुई थी, तो वह फाइनल हो सकती है।  डिजाइनिंग से जुड़े लोगों को कोई अच्छा मौका मिलेगा। आप अपने व्यापार को संभालने की कोशिश में लगे रहेंगे। पिताजी से आपकी किसी बात को लेकर खटपट हो सकती है। आप अपनी वाणी और व्यवहार में मधुरता बनाए रखें। कुछ नए लोगों से मिलना जुलना आपके लिए बेहतर रहेगा।

सिंह राशि (Leo)
स्वभाव:  आत्मविश्वासी
राशि स्वामी: सूर्य
शुभ रंग: ग्रे
आज आपकी नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी। संतान को नौकरी से संबंधित किसी काम के लिए कहीं बाहर जाना पड़ सकता है। भाई- बहनों का आपको पूरा साथ मिलेगा। आप किसी यात्रा पर जाएं, तो उसमें वाहनों का प्रयोग सावधान रहकर करें। कार्य क्षेत्र में आपको किसी काम के लिए पुरस्कार मिल सकता है। विद्यार्थियों की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। आपको किसी पुराने लेनदेन से छुटकारा मिलेगा। प्रॉपर्टी की खरीद -फरोख्त की योजना बना रहे थे, उसमें भी आपको थोड़ा ध्यान देना होगा।

कन्या (Virgo)
स्वभाव:  मेहनती
राशि स्वामी: बुध
शुभ रंग: हरा
आज का दिन आपके लिए व्यस्तता से भरा रहने वाला है। आपको छोटी-छोटी बातों पर बेवजह उलझनें से बचना होगा और आप अपनी सेहत के प्रति लापरवाही बिल्कुल ना दिखाएं। सिंगल लोगों की अपने साथी से मुलाकात हो सकती है। परिवार में समस्याएं फिर से सिर उठाएंगी,  लेकिन टीम वर्क के जरिए काम करने में कामयाब रहेंगे। कार्यक्षेत्र में आप अपने कामों को कल पर ना टालें। विद्यार्थियों को बौद्धिक और मानसिक बोझ से छुटकारा मिलेगा।

तुला (Libra)
स्वभाव:  संतुलित
राशि स्वामी: शुक्र
शुभ रंग: पीला
आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है। आज के दिन की शुरुआत थोड़ा कमजोर रहेगी। पारिवारिक मामलों को आप मिल बैठकर निपटाएं, तो ही आपके लिए बेहतर रहने वाला है। आपको किसी से कोई बात बहुत ही सोच समझकर बोलनी होगी। आपके घर किसी अतिथि का आगमन होने से माहौल खुशनुमा रहेगा। आप किसी पूजा-पाठ के आयोजन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। जीवनसाथी को आप कहीं घूमाने-फिराने लेकर जा सकते हैं।

वृश्चिक (Scorpio)
स्वभाव:  रहस्यमय
राशि स्वामी: मंगल
शुभ रंग: गुलाबी
आज का दिन आपके लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। आपको समझदारी से काम लेने की आवश्यकता है। आप बेवजह बातों को लेकर क्रोध न करें। आपको किसी जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करने का मौका मिल सकता है। घूमने-फिरने के दौरान आपको कोई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी। माता-पिता के आशीर्वाद से आपका कोई रुका हुआ काम पूरा हो सकता है। आप अपने कामों को लेकर बुद्धि और विवेक से निर्णय लेंगे, तो किसी काम को लेकर जल्दबाजी न दिखाएं।

धनु (Sagittarius)
स्वभाव:  दयालु
राशि स्वामी: गुरु
शुभ रंग: ग्रे
आज का दिन आपके लिए कुछ विशेष करने के लिए रहेगा। आप किसी लंबी दूरी की यात्रा पर जाने के प्लानिंग कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपको कुछ नए अनुभवों से लाभ मिलेगा। अध्ययन और आध्यात्म के प्रति आपकी काफी रुचि रहेगी। पारिवारिक मामलों को आप मिल बैठकर दूर करने की कोशिश करें। विद्यार्थियों की अपनी पढ़ाई-लिखाई में लापरवाही करने से बचना होगा। यदि आपने किसी को धन उधार दिया था, तो वह आपको वापस मिल सकता है। आपका कोई कानूनी मामला सुलझेगा।

मकर (Capricorn)
स्वभाव:  अनुशासित
राशि स्वामी: शनि
शुभ रंग: लाल
आज का दिन आपके लिए अपने खर्चों पर नियंत्रण रखने के लिए रहेगा। आपको अपने कामों को लेकर जल्दबाजी दिखाने से बचना होगा। माता-पिता के आशीर्वाद से आपका कोई रुका हुआ काम पूरा होगा। आपके कुछ नए विरोधी उत्पन्न हो सकते हैं। आप किसी अजनबी पर भरोसा करने से बचें और यदि आप काम को लेकर कोई लोन लेना चाहते थे, तो वह भी आपका आसानी से मिल जाएगा। संतान के शिक्षा में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए आप उनके गुरुजनों से बातचीत कर सकते हैं।

कुंभ ( Aquarius)
स्वभाव:  मानवतावादी
राशि स्वामी: शनि
शुभ रंग: गोल्डन
आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है। आपको अपने कामों को लेकर कुछ नए-नए आईडिया आएंगे, जिन्हें आप तुरंत अपने व्यवसाय में लगाएं। सेहत में यदि कोई समस्या चल रही थी, तो आप उसे यदि नजरअंदाज करेंगे, तो ही वह बढ़ सकती है। माताजी आपको कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकती हैं। कार्यक्षेत्र में आपके बॉस आपके दिए गए सुझावों से काफी खुश रहेंगे और आपके प्रमोशन की बात भी पक्की हो सकती है।

मीन (Pisces)
स्वभाव: संवेदनशील
राशि स्वामी: बृहस्पति
शुभ रंग: आसमानी
आज का दिन नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए बेहतर रहने वाला है। आपको अपने रिश्तों में समानता लाने की कोशिश करनी होगी। आपको कोई काम को पूरा करने में यदि समस्या रही थी, तो वह भी दूर होती दिख रही है। आप  अनजान लोगों से दूरी बनाकर रखें। कार्यक्षेत्र में आपको टीम वर्क के जरिए काम करने का मौका मिलेगा, लेकिन आपके कुछ विरोधी आपके कामों को बिगाड़ने की कोशिश करेंगे, जिनसे आपको बचने की आवश्यकता है।

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Quote of the week

“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton