🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक – 15 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन – शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास – भाद्रपद ( गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार श्रावण)*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – सप्तमी रात्रि 11:49 तक तत्पश्चात अष्टमी*
🌤️ *नक्षत्र – अश्विनी सुबह 07:36 तक तत्पश्चात भरणी*
🌤️ *योग – गण्ड सुबह 10:17 तक तत्पश्चात वृद्धि*
🌤️ *राहुकाल – सुबह 11:07 से दोपहर 12:43 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:18*
🌤️ *सूर्यास्त – 07:07*
👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – शीतला सप्तमी,श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (स्मार्त),स्वतंत्रता दिवस*
💥 *विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *जन्माष्टमी व्रत की महिमा* 🌷
➡ *15 अगस्त 2025 शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (स्मार्त) एवं 16 अगस्त 2025 शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (भागवत)*
➡ *१] भगवान श्रीकृष्ण युधिष्ठिरजी को कहते हैं : “२० करोड़ एकादशी व्रतों के समान अकेला श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत हैं |”*
➡ *२] धर्मराज सावित्री से कहते हैं : “ भारतवर्ष में रहनेवाला जो प्राणी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करता है वह १०० जन्मों के पापों से मुक्त हो जाता है |”*
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🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *चार रात्रियाँ विशेष पुण्य प्रदान करनेवाली हैं*
🙏 *१ )दिवाली की रात २) महाशिवरात्रि की रात ३) होली की रात और ४) कृष्ण जन्माष्टमी की रात इन विशेष रात्रियों का जप, तप , जागरण बहुत बहुत पुण्य प्रदायक है |*
🙏 *श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात्रि को मोहरात्रि कहा जाता है। इस रात में योगेश्वर श्रीकृष्ण का ध्यान,नाम अथवा मन्त्र जपते हुए जागने से संसार की मोह-माया से मुक्ति मिलती है। जन्माष्टमी का व्रत व्रतराज है। इस व्रत का पालन करना चाहिए।*
🙏 *(शिवपुराण, कोटिरूद्र संहिता अ. 37)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *जन्माष्टमी व्रत-उपवास की महिमा* 🌷
🙏🏻 *जन्माष्टमी का व्रत रखना चाहिए, बड़ा लाभ होता है ।इससे सात जन्मों के पाप-ताप मिटते हैं ।*
🙏🏻 *जन्माष्टमी एक तो उत्सव है, दूसरा महान पर्व है, तीसरा महान व्रत-उपवास और पावन दिन भी है।*
🙏🏻 *‘वायु पुराण’ में और कई ग्रंथों में जन्माष्टमी के दिन की महिमा लिखी है। ‘जो जन्माष्टमी की रात्रि को उत्सव के पहले अन्न खाता है, भोजन कर लेता है वह नराधम है’ – ऐसा भी लिखा है, और जो उपवास करता है, जप-ध्यान करके उत्सव मना के फिर खाता है, वह अपने कुल की 21 पीढ़ियाँ तार लेता है और वह मनुष्य परमात्मा को साकार रूप में अथवा निराकार तत्त्व में पाने में सक्षमता की तरफ बहुत आगे बढ़ जाता है । इसका मतलब यह नहीं कि व्रत की महिमा सुनकर मधुमेह वाले या कमजोर लोग भी पूरा व्रत रखें ।*
💥 *बालक, अति कमजोर तथा बूढ़े लोग अनुकूलता के अनुसार थोड़ा फल आदि खायें ।*
🙏🏻 *जन्माष्टमी के दिन किया हुआ जप अनंत गुना फल देता है ।*
🙏🏻 *उसमें भी जन्माष्टमी की पूरी रात जागरण करके जप-ध्यान का विशेष महत्त्व है। जिसको क्लीं कृष्णाय नमः मंत्र का और अपने गुरु मंत्र का थोड़ा जप करने को भी मिल जाय, उसके त्रिताप नष्ट होने में देर नहीं लगती ।*
🙏🏻 *‘भविष्य पुराण’ के अनुसार जन्माष्टमी का व्रत संसार में सुख-शांति और प्राणीवर्ग को रोगरहित जीवन देनेवाला, अकाल मृत्यु को टालनेवाला, गर्भपात के कष्टों से बचानेवाला तथा दुर्भाग्य और कलह को दूर भगानेवाला होता है।*
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🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

*।।🕉️ स्वास्तिक ।।*
स्वास्तिक एक ऐसा प्रतीक चिन्ह है जिसे आदिकाल से सनातन धर्म में बहुत महत्व प्राप्त है। हमारे हर त्यौहार और उत्सवों पर हम स्वास्तिक चिन्ह जरूर लगाते हैं। स्वास्तिक की इतनी महिमा है कि इसे कई देशों और धर्मों के लोग प्रयोग में लेते हैं।
प्रस्तुत है इसे पूजने के कुछ कारण-
अनादिकाल से ऋषि-महर्षि, शास्त्रों के मर्मज्ञ विद्वान पूर्वाचार्य प्रत्येक कार्य का शुभारंभ ‘स्वस्ति’ वाचन से ही कराते चले आ रहे हैं। आज भी स्वस्तिवाचन से ही समस्त मांगलिक कार्य को शुरू किया जाता है।
स्वास्तिक चिह्न का सभी धर्मावलम्बी समान रूप से आदर करते हैं। बर्मा, चीन, कोरिया, अमेरिका, जर्मनी, जापान आदि अन्यान्य देशों में इसे सम्मान प्राप्त है। यह चिह्न र्जमन राष्ट्र ध्वज में भी सगौरव फहराता’ है।
पूजन हेतु थाली के मध्य में रोली के स्वास्तिक बनाकर अक्षत रखकर श्री गणेशजी का पूजन कराया जाता है। कलश में भी स्वास्तिक अंकित किया जाता है। भवन द्वार (चैखट) पर सतिया अंकित किया जाता है। जहां ऊँ, श्री, ऋद्धि-सिद्धि, शुभ-लाभ लिखा जाता है वहीं सतिया भी अपना विशेष स्थान रखता है।
बच्चे के जन्मोत्सव पर आचार्य से पूछकर सद्गृहस्थों में विदूषी महिलायें सतियो रखने के पश्चात ही गीतादि मांगलिक कार्यों को शुरु करती हैं। सतिया श्री, ऋद्धि- सिद्धि, शुभ-लाभ, श्रीगणेश अनुपूरक सुखस्वरूप हैं।
ऊँ श्री स्वस्तिक सकल, मंगल मूल अधार।
ऋद्धि-सिद्धि शुभ लाभ हो, श्री गणेश सुखसार।।
‘स्वस्तिक’ संस्कृत भाषा का अव्यय पद है। पाणिनी व्याकरण के अनुसार इसे व्याकरण कौमुदी में अव्यय के पदों में गिनाया जाता है यह ‘स्वस्तिक’ पद ‘सु’ उपसर्ग तथा ‘अस्ति’ अव्यय (क्रम ६१) के संयोग से बना है, यथा सु$अस्ति=स्वस्ति। इसमें ‘इकोयविच’ सूत्र के उकार के स्थान में वकार हुआ है। स्वस्ति में भी ‘अस्ति’ को अव्यय माना गया है और ‘स्वस्ति’ अव्यय पद का अर्थ कल्याण, मंगल, शुभ आदि के रूप में किया गया है जब ‘स्वस्ति’ अव्यय से स्वार्थ में ‘क’ प्रत्यय हो जाता है तब यही ‘स्वस्ति’ स्वस्तिक नाम पा जाता है। परंतु अर्थ में कोई भेद नहीं होता। सारांश यह है कि ‘ऊँ’ और ‘स्वस्तिक’ दोनों ही मंगल, क्षेत्र, कल्याण रूप, परमात्मा वाचक हैं। इनमें कोई संदेह नहीं।
ऊँ स्वस्ति न: इन्द्रो वृद्धश्रवाः स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदः।
स्वस्ति नस्ताक्ष्र्यों अरिष्टनेमिः स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातुः।।
महान यशस्वी प्रभु हमारा कल्याण करें, सबके पालक सर्वज्ञ प्रभु हमारा कल्याण करें। सबके प्रकाशक विघ्नविनाशक प्रभु हमारा कल्याण करें। सबका पिता ज्ञानप्रदाता प्रभु वेदज्ञान देकर हम सबका कल्याण करें। चारों वेदों में वर्णित उपरोक्त वेदमंत्र ऊँ स्वस्ति न इन्द्रो …. इसमें इन्द्र, वृद्धश्रवा, पूषा, विश्ववेदा, ताक्ष्र्यो अरिष्टनेमि, बृहस्पति से मानव चराचर में व्याप्त प्राणियों के कल्याण की कामना की गई है। ध्यान दें: अंतरिक्ष में गतिशील ग्रहों के भ्रमणमार्ग पर जिसमें आने वाले अश्विनी, भरणी, कृतकादि नक्षत्र राशि समूह और असंख्य तारा पुंज हैं।
यह तो सर्वविदित है कि अपने सौर परिवार की नाभि में सूर्य स्थित है जिसके इर्द-गिर्द ‘नाक्षरन्ति नाम नक्षत्र’ नक्षत्र भी स्थित है। राशि चक्र के चैदहवें नक्षत्र चित्रा का स्वामी वृद्धश्रवा (इन्द्र) है। त्वष्टा ने सूर्य को खराद कर कम तेजयुक्त करके प्राणियों को जीवन दान दिया था। पू.षा. रेवती के स्वामी हैं, जो कि एक दूसरे के आमने- सामने हैं। इसी प्रकार उत्तराषाढ़ा 21 वां नक्षत्र होने से पुष्य के सम्मुख है।
अंतरिक्ष में बनने वाले इस प्राकृतिक चतुष्पाद चैराहे के केंद्र में सूर्य है। जिसकी चारों भुजायें परिक्रमा क्रम से फैली हुयी हैं। इस प्राकृतिक नक्षत्र रचना स्वस्तिक में आने वाले अनेक तारा समूहों के देवतागणों से भी मंगलकाममनाएं वेदों में की गई है।
स्वास्तिक मात्र कल्पना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित समस्त सुखों का मूल है। स्वास्तिक आर्यों का पवित्र शुभ एवं सौभाग्य चिह्न है। इसमें समस्त देवताओं का प्रतिनिधित्व निहित है ‘अक्षरांकज्योतिष’ के रचयिता डाॅ. गणेशदत्त जी के अनुसार सतिया में उपभुजायें लगाना अनुचित है लेकिन अन्यान्य विद्वान उपभुजायें बनाना उचित कहते हैं। स्वास्तिक चिह्न पर अभी खोज जारी है।
स्वस्तिक पोषक अन्य वेद मंत्रों में विशद् वर्णन मिलता है। यथा-
स्वस्ति मित्रावरूणा स्वस्ति पथ्ये रेवंति।
स्वस्तिन इन्द्रश्चग्निश्च स्वस्तिनो अदिते कृषि।।
*🙏🏻🙏🙏🏽जय श्री कृष्ण*🙏🏿🙏🏼🙏🏾
🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏
*आज का राशिफल*
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*मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)*
*आज का दिन आपके लिए तनाव से भरा रहने वाला है। आपके बढ़ते खर्च आपको टेंशन दे सकते हैं। किसी विपरीत परिस्थिति में भी आपको धैर्य बनाए रखने की आवश्यकता है। निजी जीवन में चल रही समस्याएं आज फिर से सिर उठाएंगी जिनको आप मिल बैठकर दूर करने की कोशिश करें। परिवार में किसी नए मेहमान का आगमन हो सकता है। आपको ससुराल पक्ष के किसी व्यक्ति से बातचीत बहुत ही संभलकर करनी होगी, नहीं तो आपके ऊपर कोई झूठा आरोप लग सकता है।*
*वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)*
*आज का दिन आपके लिए कामकाज के मामलों पर ध्यान देने के लिए रहेगा। आपका वैवाहिक जीवन बढ़िया रहेगा। आपकी कोई पुरानी समस्या उभर सकती हैं। नौकरी में भी आपके शत्रु आपकी चुगली लगा सकते हैं, जिससे आपको बेवजह डांट खानी पड़ सकती है। आपका मन परेशान रहेगा। आपको किसी काम को लेकर थोड़ा धैर्य बनाए रखना होगा। वैवाहिक जीवन में आपको तालमेल बनकर चलना होगा। आप अपनी कला और कौशल से आज एक अच्छा मुकाम हासिल करेंगे।*
*मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)*
*आज का दिन आपके लिए धन के मामले में अच्छा रहने वाला है, क्योंकि आपकी बिजनेस की योजनाएं आपको बेहतर लाभ देंगी। आप किसी अच्छी स्कीम में धन लगाने की सोच सकते हैं, लेकिन आप किसी को उधार देने से बचे्। आपकी कोई प्रॉपर्टी को लेकर डील यदि अटकी हुई थी, तो वह भी आज फाइनल होगी। परिवार में किसी सदस्य के विवाह में आ रही बाधा भी दूर होगी। आपको अपने अपनी वाणी पर थोड़ा संयम रखना होगा, नहीं तो आपका कोई बनता हुआ काम बिगड़ सकता है।*
*कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)*
*आज का दिन आपके लिए सुख साधनों में वृद्धि लेकर आने वाला है। परिवार के सदस्यों के साथ आप कुछ समय मौज-मस्ती करने में व्यतीत करेंगे, जिससे आपकी पुरानी यादें ताजा होंगी। संतान के मन में किसी बात को लेकर शक पैदा हो सकता है। आप अपने जीवनसाथी से कोई वाद-विवाद में ना पड़ें। आप पार्टनरशिप में किसी काम को करने की आप शुरुआत कर सकते हैं। आप परोपकार के कार्यों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे और यदि किसी जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करने का मौका मिले, तो अवश्य करें।*
*सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)*
*आज का दिन आपके लिए कुछ नया करने के लिए रहेगा। आपका कोई परिवार से जुड़ा मुद्दा आपको परेशान कर सकता है। रोजगार को लेकर परेशान चल रहे लोगों को कोई खुशखबरी सुनने को मिलेगी। आपको जिस काम में हाथ डालेंगे, उसमें आपको सफलता अवश्य मिलेगी। जीवनसाथी को तरक्की करते देख आपका मन काफी खुश रहेगा। आप किसी धार्मिक यात्रा पर जाने की तैयारी कर सकते हैं। आप अपने आर्थिक मामलों को लेकर योजना बनाएं तभी आगे बढ़ें।*
*कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)*
*आज का दिन आपके लिए कारोबार के मामले में अच्छा रहने वाला है। यदि आपके आस पड़ोस में कोई वाद-विवाद की स्थिति उत्पन्न हो, तो आप उसे अपने विचारों से सामान्य बनाने की पूरी कोशिश करेंगे। आपको एक साथ काफी काम हाथ लग सकते हैं। आपको अपनी भावनाओं में बेहतर किसी से कोई वादा करने से बचना होगा। आपको किसी बात को लेकर धैर्य बनाएं रखना होगा। घूमने-फिरने की आप योजना बनाएंगे। संतान पक्ष की ओर से आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है।*
*तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)*
*आज का दिन आपके लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। आप अपनी मेहनत से एक अच्छा मुकाम हासिल करेंगे, लेकिन आपकी कुछ नई समस्याएं बढ़ेंगी, जो आपको आने वाले समय में टेंशन देंगी। दोस्तों तो आपको पूरा सहयोग मिलेगा। आप किसी अजनबी से सलाह लेने से बचें, नहीं तो बाद में आपको पछतावा होगा। कार्यक्षेत्र में आपको कोई जिम्मेदारी मिल सकती है, तो उसको लेकर आप ढील बिल्कुल ना दें। आज माता जी की सेहत में गिरावट आ सकती है।*
*वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)*
*आज का दिन आपके लिए सुख-सुविधाओं में वृद्धि लेकर आने वाला है। निजी मामलों पर आप पूरा ध्यान दें। आपको अपने बॉस की कोई बात बुरी लग सकती है। नौकरी में आपको कोई नया ऑफर मिल सकता है। आप अपने घर-परिवार के कामों को कल पर टालने से बचें। व्यापार की योजना में आप अच्छा खासा धन खर्चा करेंगे। आप किसी काम को लेकर कोई जान जोखिम न उठाएं। आपकी कला कौशल में सुधार आएगा। आप सिर्फ मनोरंजन के कार्यक्रम में सम्मिलित हो सकते हैं।*
*धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)*
*आज का दिन आपके लिए आनंदमय रहने वाला है। आपको कुछ विशेष व्यक्तियों से मिलने का मौका मिलेगा। परिवार में दोस्तों के साथ आप कुछ समय व्यतीत करेंगे। आप किसी छोटी दूरी की यात्रा पर जाने के प्लानिंग कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपके विरोधी आपको परेशान करने की कोशिश करेंगे। आपकी निर्णय लेने की क्षमता भी बेहतर रहेगी, लेकिन फिर भी आप किसी काम को लेकर जल्दबाजी न दिखाएं। आपके घर किसी अतिथि का आगमन हो सकता है। आपकी प्रॉपर्टी को लेकर कोई बात बिगड़ सकती है।*
*मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)*
*आज का दिन आपके लिए उलझनों से भरा रहने वाला है। दोस्तों के साथ आप कुछ समय दोस्ती करने में व्यतीत करेंगे। आपका किसी नए वाहन को खरीदने का सपना पूरा हो सकता है। आप दिल से लोगों का भला सोचेंगे, लेकिन लेकिन लोग इसे आपका स्वार्थ समझ सकते हैं। राजनीति से आप जुड़े रहें, तो आपके लिए बेहतर रहेगा। जीवनसाथी का आपको पूरा साथ मिलेगा। आपकी कोई मन की इच्छा पूरी हो सकती है। माता-पिता के आशीर्वाद से आपका कोई रुका हुआ काम पूरा होगा। विद्यार्थियों को बौद्धिक और मानसिक बोझ से छुटकारा मिलेगा।*
*कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)*
*आज का दिन आपके लिए उतार-चढ़ाव से भरा रहने वाला है। आप दोस्तों के साथ कुछ समय बाद मौज-मस्ती करने में व्यतीत करेंगे। आर्थिक मामलों को लेकर आप थोड़ा सावधान रहें, आपके लिए बेहतर रहेगा। आप अपने डेली रूटीन में कोई बदलाव न करें, नहीं तो आने वाले समय में आपकी समस्या बढ़ सकती हैं। भाई बहन से आपकी खूब जमेगी। आपके कुछ नए प्रयास रंग लाएंगे। वरिष्ठ सदस्यों का काम को लेकर आपका मार्गदर्शन मिलेगा। घूमने-फिरने के दौरान आपको कोई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी।*
*मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)*
*आज का दिन आपके लिए बाकी दिनों की तुलना में अच्छा रहने वाला है। कामकाज के मामले में आप अच्छा महसूस करेंगे, जिससे आपके रुके हुए काम आसानी से पूरे होंगे। जीवनसाथी से आप संतान के करियर को लेकर बातचीत कर सकते हैं। आपकी निर्णय लेने की क्षमता ही बेहतर रहेगी। नौकरी में कार्यरत लोगों के अधिकारी उनका काम में पूरा साथ देंगे। आपका कोई लंबे समय से रुका हुआ काम आपको परेशान कर रहा था, तो वह भी दूर होता दिख रहा है।*

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