🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌤️ *दिनांक – 13 अक्टूबर 2025*
🌤️ *दिन – सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत – 1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शरद ऋतु*
🌤️ *मास – कार्तिक (गुजरात-महाराष्ट्र आश्विन*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – सप्तमी दोपहर 12:24 तक तत्पश्चात अष्टमी*
🌤️ *नक्षत्र – आर्द्रा दोपहर 12:26 तक तत्पश्चात पुनर्वसु*
🌤️ *योग – परिघ सुबह 08:10 तक तत्पश्चात शिव*
🌤️ *राहुकाल – सुबह 08:01 से सुबह 09:29 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:34*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:14*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – कालाष्टमी*
💥 *विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🕉️~*वैदिक पंचांग* ~🕉️
🌷 *धनतेरस के दिन यमदीपदान* 🌷
➡ *18 अक्टूबर 2025 शनिवार को धनतेरस है ।*
🙏🏻 *इस दिन यम-दीपदान जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है। पूरे वर्ष में एक मात्र यही वह दिन है, जब मृत्यु के देवता यमराज की पूजा सिर्फ दीपदान करके की जाती है। कुछ लोग नरक चतुर्दशी के दिन भी दीपदान करते हैं।*
👉🏻 *स्कंदपुराण में लिखा है*
🌷 *कार्तिकस्यासिते पक्षे त्रयोदश्यां निशामुखे ।*
*यमदीपं बहिर्दद्यादपमृत्युर्विनिश्यति ।।*
➡ *अर्थात कार्तिक मासके कृष्णपक्ष की त्रयोदशी के दिन सायंकाल में घर के बाहर यमदेव के उद्देश्य से दीप रखने से अपमृत्यु का निवारण होता है ।*
👉🏻 *पद्मपुराण में लिखा है*
🌷 *कार्तिकस्यासिते पक्षे त्रयोदश्यां तु पावके।*
*यमदीपं बहिर्दद्यादपमृत्युर्विनश्यति।।*
➡ *कार्तिक कृष्णपक्ष की त्रयोदशी को घर से बाहर यमराज के लिए दीप देना चाहिए इससे दुर्गम मृत्यु का नाश होता है।*
🔥 *यम-दीपदान सरल विधि*
*यमदीपदान प्रदोषकाल में करना चाहिए । इसके लिए आटे का एक बड़ा दीपक लें। गेहूं के आटे से बने दीप में तमोगुणी ऊर्जा तरंगे एवं आपतत्त्वात्मक तमोगुणी तरंगों (अपमृत्यु के लिए ये तरंगे कारणभूत होती हैं) को शांत करने की क्षमता रहती है । तदुपरान्त स्वच्छ रुई लेकर दो लम्बी बत्तियॉं बना लें । उन्हें दीपक में एक -दूसरे पर आड़ी इस प्रकार रखें कि दीपक के बाहर बत्तियों के चार मुँह दिखाई दें । अब उसे तिल के तेल से भर दें और साथ ही उसमें कुछ काले तिल भी डाल दें । प्रदोषकाल में इस प्रकार तैयार किए गए दीपक का रोली , अक्षत एवं पुष्प से पूजन करें । उसके पश्चात् घर के मुख्य दरवाजे के बाहर थोड़ी -सी खील अथवा गेहूँ से ढेरी बनाकर उसके ऊपर दीपक को रखना है । दीपक को रखने से पहले प्रज्वलित कर लें और दक्षिण दिशा (दक्षिण दिशा यम तरंगों के लिए पोषक होती है अर्थात दक्षिण दिशा से यमतरंगें अधिक मात्रा में आकृष्ट एवं प्रक्षेपित होती हैं) की ओर देखते हुए चार मुँह के दीपक को खील आदि की ढेरी के ऊपर रख दें । ‘ॐ यमदेवाय नमः ’ कहते हुए दक्षिण दिशा में नमस्कार करें ।*
🔥 *यम दीपदान का मन्त्र :*
*मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन श्यामया सह |*
*त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम ||*
➡ *इसका अर्थ है, धनत्रयोदशीपर यह दीप मैं सूर्यपुत्रको अर्थात् यमदेवताको अर्पित करता हूं । मृत्युके पाशसे वे मुझे मुक्त करें और मेरा कल्याण करें ।*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
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एक ब्राह्मण था, वह घरों पर जाकर पूजा-पाठ कर अपना जीवन यापन करता था ; एक बार उस ब्राह्मण को नगर के राजा के महल से पूजा के लिये बुलावा आया, ब्राह्मण राजमहल से पूजा सम्पन्न कराकर जब ब्राह्मण घर आने लगा,तब राजा ने ब्राह्मण से एक सवाल किया,*हे ब्राह्मण देव ! आप भगवान की पूजा करते हैं तो यह बताये की भगवान कहाँ रहते हैं ; उनकी नजर किस ओर है और वो क्या कर सकते हैं*।
राजा के प्रश्न सुन ब्राह्मण अचम्भित हो गया और कुछ समय विचार करने के बाद राजा से कहा,*हे राजन ! इस सवाल के जवाब के लिए मुझे समय दीजिए*।
राजा ने ब्राह्मण को एक माह का समय दिया वह प्रतिदिन इसी सोच में उलझा रहता कि इसका जवाब क्या होगा समय बीतता गया और कुछ ही दिन शेष रह गये समय बीतने के साथ ब्राह्मण की चिंता बढ़ने लगी और जवाब ना मिलने के कारण ब्राह्मण उदास रहने लगा।
एक दिन ब्राह्मण को चिंतित देख ब्राह्मण के पुत्र ने कहा पिता जी आप इतने उदास क्यों हैं। तब ब्राह्मण ने कहा,*बेटा ! कुछ दिनों पहले में पूजा कराने राजमहल गया था, पूजा सम्पन्न कराकर जब मैं वापस आ रहा था तब राजा ने मुझसे सवाल पूछा कि *भगवान कहाँ रहते हैं ; भगवान क्या कर सकते हैं और भगवान की नजर किस ओर है*। राजा के सवाल का जवाब नही सुझा तो मैने उनसे कुछ समय मांगा जिसके लिये *राजा ने मुझे एक माह का समय दिया और वह एक माह बीतने वाला है लेकिन इसका जवाब मेरे पास नही है, इसलिए मैं चिंतित हूँ*। ब्राह्मण की बात सुनकर उनका पुत्र बोला,पिताजी ! इसका जवाब मैं राजा को दूँगा आप मुझे साथ ले चलिये।
एक माह पूरा हुआ तब ब्राह्मण अपने पुत्र को राजमहल ले गया और राजा से कहा हे राजन ! आपके सवाल का जवाब मेरा पुत्र देगा।
*राजा ने ब्राह्मण के पुत्र से वही सवाल पूछा बताओ भगवान कहाँ रहते हैं, भगवान की नजर किस ओर है तथा भगवान क्या कर सकते हैं* उस ब्राह्मण पुत्र ने राजा से कहा,*हे राजन ! क्या आपके राज्य मे पहले अतिथि का आदर सम्मान नही किया जाता*। यह सुनकर राजा थोड़ा लज्जित हुआ। पहले उस बालक को आदर सत्कार के साथ स्थान दिया गया फिर पीने हेतु सेवक दूध का गिलास लाया गया *वह बालक दूध का गिलास पकड़कर दूध में अंगुली डालकर घुमाकर बार-बार दूध को बाहर निकाल कर देखने लगा* यह देख राजा ने पूछा,*ये क्या कर रहे हो*।
बालक ने कहा,*सुना है दूध में मक्खन होता है वही देख रहा हूँ कि दूध में मक्खन कहाँ है*
राजा ने कहा,*दूध में मक्खन होता है,पर ऐसे दिखाई नहीं देता जब दूध को जमाकर दही बनाया जाता है,फिर मथा जाता हैं तब जाकर मक्खन प्राप्त होता है*।
ब्राह्मण के पुत्र ने कहा,*राजन ! यह पहले सवाल का जवाब है जिस तरह दूध से दही और फिर दही को मथने से मक्खन प्राप्त होता है, उसी प्रकार परमात्मा प्रत्येक जीव के अन्दर विद्यमान होते है परन्तु उन्हें पाने के लिये सच्ची भक्ति की आवश्यकता होती है मन से ध्यानपूर्वक भक्ति करने पर आत्मा में छुपे हुए परमात्मा का आभास होता है*।
राजा खुश हुआ और कहा अब दूसरे सवाल का जवाब दो,
*भगवान किस ओर देखते हैं* उस बालक ने कहा *मुझे इसके लिये एक मोमबत्ती की जरुरत है* राजा ने तुरन्त मोमबत्ती मंगाकर उस बालक को दे दी। *उस बालक ने मोमबत्ती को जला कर कहा, राजन ! आप बताये, इस मोमबत्ती की रोशनी किस ओर है* राजा ने कहा, *इसकी रोशनी चारों दिशा में एक समान है*। तब बालक ने कहा,*हे राजन ! यही दूसरे सवाल का जवाब है क्योंकि परमात्मा सर्वदृष्टा हैं और उनकी नजर सभी प्राणियों के कर्मों की ओर परस्पर रहती है*। राजा अत्यधिक प्रसन्न हो गये अब तो वे अन्तिम प्रश्न के उत्तर दे लिये और भी उत्सुक हो उठे। राजा ने कहा,*मेरे अन्तिम सवाल का जवाब दो कि भगवान क्या कर सकते हैं* बालक ने कहा,*हे राजन ! मैं इस सवाल का उत्तर अवश्य दूँगा पर इसके लिये मुझे आपकी जगह पर और आपको मेरी जगह पर आना होगा*।
राजा को उत्तर की उत्सुकता थी तो अपनी सहमति दे दी *वह बालक राजा के सिहासन पर जा बैठा* और कहा,*राजन ! आपके अन्तिम सवाल का जवाब यह है, आपने कहा था कि भगवान क्या कर सकते हैं* तो *भगवान यह कर सकते कि मुझ जैसे रंक को राज सिंहासन पर बैठा सकते हैं और आप जैसे राजा को मुझ जैसे सवाली के स्थान पर, अर्थात राजा को रंक और रंक को राजा बना सकते हैं यह आपके अन्तिम सवाल का जवाब है*।
राजा उस ब्राह्मण पुत्र के जवाब से अत्यधिक प्रसन्न हुए और उसे अपना सलाहकार बना लिया। भगवान हर एक जीव के ह्रदय में निवास करते हैं परमात्मा के साथ प्रेम करेंगे तो वह आपको सही मार्ग दिखाएंगे इसलिए हर जीव को पूजा-पाठ करना चाहिए जिससे आप अपने अन्दर की उस शक्ति से जुड़ सकें जो आपके भीतर ही मौजूद है लेकिन आप उसे पहचान नहीं पा रहे हैं।
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जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
दिनांक 13 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 4 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति जिद्दी, कुशाग्र बुद्धि वाले, साहसी होते हैं। आपका जीवन संघर्षशील होता है। इनमें अभिमान भी होता है। ऐसे व्यक्ति को जीवन में अनेक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है। जैसे तेज स्पीड से आती गाड़ी को अचानक ब्रेक लग जाए ऐसा उनका भाग्य होगा। लेकिन यह भी निश्चित है कि इस अंक वाले अधिकांश लोग कुलदीपक होते हैं। ये लोग दिल के कोमल होते हैं किन्तु बाहर से कठोर दिखाई पड़ते हैं। इनकी नेतृत्त्व क्षमता के लोग कायल होते हैं।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 4, 8, 13, 22, 26, 31,
शुभ अंक : 4, 8,18, 22, 45, 57,
शुभ वर्ष : 2031, 2040, 2060
ईष्टदेव : श्री गणेश, श्री हनुमान
शुभ रंग : नीला, काला, भूरा
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: नवीन व्यापार की योजना प्रभावी होने तक गुप्त ही रखें। यह वर्ष पिछले वर्ष के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम है। आपको सजग रहकर कार्य करना होगा। नौकरीपेशा प्रयास करें तो उन्नति के चांस भी है।
शत्रु पक्ष पर प्रभावपूर्ण सफलता मिलेगी।
परिवार: मान-सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं मित्र वर्ग का सहयोग मिलेगा। विवाह के मामलों में आश्चर्यजनक परिणाम आ सकते हैं। परिवारिक मामलों में सहयोग के द्वारा सफलता मिलेगी।
🌹आज का राशिफल 🌹
*दिनांक : 13 अक्टूबर 2025*
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज दिन के आरम्भ में धन लाभ की सम्भावना है किस पुराने झगडे के ख़तम होने से भी राहत मिलेगी। मानसिक चिंताएं आज कम ही रहेंगी। परिवार में स्त्री पक्ष से ग़लतफ़हमी के कारण झगड़ा होने के कारण कुछ समय ख़राब हो सकता है। आज होने वाली निश्चित आय में मिलने से आर्थिक स्थिति सुधरेगी। दिन के दूसरे भाग में पारिवारिक वातावरण में शांति आएगी। साथ ही कही से अकस्मात धन मिलने से रुके कार्य पूर्ण कर सकेंगे। कार्य क्षेत्र पर भी थोड़ी बिक्री होने से धन की आमद होगी। सेहत को जरूर संभालें।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन प्रातः काल किसी आस पडोसी अथवा परिजन के मनमाने व्यवहार के चलते विवाद हो सकता है। गुस्से को नियंत्रित रखें अन्यथा विवाद ज्यादा गहरा सकता है। कार्य क्षेत्र पर आज उधारी वालो के कारण परेशानी होगी आवश्यकता के समय धन ना मिलने पर क्रोध आएगा। दोपर से स्थिति आपके पक्ष में आने लगेगी जिससे उम्मीद नही उससे भी लाभ हो सकता है लेकिन स्वभाव में नरमी रखना बहुत जरूरी है। संध्या के समय अचानक कोई मनोरंजन का कार्यक्रम बन सकता है। जिस पर खर्च भी होगा। स्त्री से सुख मिलेगा। सेहत उत्तम रहेगी।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन अनर्गल प्रवृतियों में समय एवं धन नष्ट करेंगे। जिस कार्य को आज करने का मन करेगा वह किसी अन्य के हाथ में जा सकता है। शारीरिक एवं मानसिक रूप से सामान्य रहेंगे। कार्य व्यवसाय में किसी जानकार के हस्तक्षेप से लाभदायक स्थिति बनेगी। आज जिस भी कार्य को हाथ मे लेंगे किसी न किसी कारण से उसमे विलंब हो सकता है।मध्यान के बाद सभी कार्य धीरे-धीरे पूर्ण होने से राहत मिलेगी। प्रेम-रोमांस में दूरियां आ सकती है। आज गिरने अथवा जलने से शारीरिक कष्ट हो सकता है सेहत का ध्यान रखना जरूरी है।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज दिन का आधा भाग लगभग विपरीत फलदायक ही रहेगा। सेहत सामान्य रहने पर भी मेहनत करने का मन नही करेगा आलस्य एवं शीघ्र थकावट भी अनुभव होगी। कार्य क्षेत्र पर आज आपके दयालु स्वाभाव के कारण प्रतिस्पर्धी हावी रहेंगे। लेन-देन का व्यवहार आज सोच समझ कर ही करें धन अटक सकता है बेहतर रहेगा आज इससे बचें। नौकरो से मीठा बोल कर कार्य निकाले अन्यथा नुकसान कर सकते है। परिवार में उग्र वातावरण आवश्यकता की पूर्ति समय पर करने पर ही शांत रहेगा अन्यथा गरमा गर्मी हो सकती है।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन का पूर्वार्ध पहले की भांति ही आनंददायक रहेगा। मानसिक रूप से प्रसन्न रहेंगे। कार्यो में थोड़े प्रयत्न से लाभ होगा। प्रियजनों से उपहार-भेंट मिलेगी। नौकरी पेशा जातको को दिन के उत्तरार्ध में काम का बोझ बढेगा। दोपहर के बाद का समय एकदम् विपरीत रहेगा। बनते कार्यो में विघ्न आएंगे। लाभ के अनुबंध निरस्त होने से हानि होगी। फिर भी आज आवश्यकता से अधिक धन लाभ किसी न किसी रूप में हो ही जायेगा चाहे फिर हाथ मे ज्यादा देर ना रुके खर्च अधिक रहेंगे। सेहत को लेकर कुछ समय समस्या हो सकती है।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन बड़े बुजुर्गों अथवा वरिष्ठ अधिकारियों के कृपा पात्र बनने से समाज में सम्मानजनक स्थिति बनाएंगे। जिद्दी व्यवहार से बचें अन्यथा लाभ की संभावनाएं हानि में बदल सकती है। अधिक लाभ के लिये संतोषी वृति से कार्य करते रहे धन लाभ की प्रबल संभावना है। मध्यान तक का समय थोड़ा उदासीनता वाला रहेगा इसके बाद का समय काफी व्यस्त रहने वाला है आज किसी की उधार धन ना दें साथ ही चोरी आदि का भय भी है सतर्क रहना होगा। परिजनों की आवश्यकताओं पर ध्यान दें। सेहत कुछ समय के लिये विपरीत हो सकती है फिर भी चिंताजनक नही।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज दिन का आधा भाग मानसिक रूप से परेशान कर सकता है। आपकी इच्छाओं की पूर्ति में विघ्न आने से आवेश से भरे रह सकते है। आज मन की भड़ास किसी निर्दोष पर उतारने से ग्लानि होगी। अधिकारियों से बात मनवाने के लिए बौद्धिक परिश्रम करना पड़ेगा। आवश्यकता के समय धन ना मिलने पर जरूरी कार्य अटक सकते है। सरकार सम्बंधित कार्य आज ना ही करे तो बेहतर रहेगा। यात्रा अथवा किसी आयोजन में बेमन से जाना पड सकता है। घर में धैर्य का परिचय दें। सेहत भी नरम गरम रहने की संभावना है।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आपका आज का दिन प्रतिकूल परिस्थिति वाला रहेगा। आज स्वयं अथवा घर के सदस्य की चिकित्सा पर अकस्मात अधिक खर्च होने से आर्थिक हालात असामान्य बनेंगे उधार भी लेना पड़ सकता है यथा संभव आज उधार ना लें। कार्य क्षेत्र पर आज कुछ समय के लिये दुसरो के ऊपर निर्भर रहना पड़ सकता है। अधिक भाग दौड़ रहने के कारण थकान एवं स्वाभाव में रूखापन आने से प्रेम संबंध बिगड़ सकते है। धन की आमद आज अकस्मात ही होगी इसलिये लापरवाही ना करें। पेट से निचले भाग में समस्या हो सकती है।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज दिन में मध्यान से पहले का भाग आपको सभी क्षेत्रो से लाभ कराएगा परन्तु इसके लिए आलस्य की प्रवृति को त्यागना पड़ेगा। आवश्यक कार्यो को प्रातः ही पूरा करले इसके बाद दैनिक कार्यो के अतिरिक्त कार्यो में सफलता संदिग्ध रहेगी। आज यात्रा में चोटादि का भी भय है वाहन सावधानी से चलाएं। कार्य क्षेत्र से सामान्य से अधिक धन लाभ होगा लेकिन किसी पुराने धन अथवा कीमती वस्तु के डूबने की संभावना है। परिचित आज स्वार्थी व्यवहार करेंगे। संध्या बाद का समय थकान वाला लेकिन संतोषजनक रहेगा।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन आपके लाभ-हानि बराबर रहेगें। दिन के आरम्भ में मानसिक रूप से गंभीर रहेंगे लेकिन मध्यान बाद कार्यो के प्रति उदासीनता बरतने से लाभ से वंचित अथवा कम लाभ से संतोष करना पड़ सकता है। काम-धंधे की अपेक्षा आज धार्मिक गतिविधियों में अधिक समय देंगे। ज्योतिष, तन्त्र एवं अन्य पारलौकिक विज्ञानं को जानने एवं प्रयोग करने की अभिलाषा रहेगी। धन लाभ के लिए आज शारीरिक एवं दिमागी परिश्रम अधिक करना पड़ेगा परन्तु सफलता अवश्य मिलेगी। सीने अथवा पेट मे विकार होने की संभावना है।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन परिस्थितियां आपके बौद्धिक एवं शारीरिक श्रम के अनुरूप रहेंगी। कार्य क्षेत्र पर आज स्वयं के निर्णय में सफलता की संभावना अधिक रहेगी। सहयोगी आपसे कुछ अपेक्षाएं रखेंगे पूर्ण करने पर प्रसन्न भी रखेंगे। भागीदारी के कार्यो में हानि हो सकती है सोच समझ कर ही कोई निर्णय लें। भूमि भवन के करकय विक्रय से बचें हानि हो सकती है। घर अथवा बाहर धन अथवा किसी वस्तु को लेकर किसी से तीखी झड़प होने की संभावना है। आज धन की अपेक्षा संबंधो को अधिक महत्त्व दे भविष्य के लिए हितकर रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन का पूर्वार्ध परिवार में कलह रहने के कारण अशान्त रहेगा इसका कारण भी आप ही रहेंगे। सेहत भी आज असामान्य रहने से कार्य क्षेत्र पर बेहतर अनुभव नहीं करेंगे। अधिकारी वर्ग भी छोटी छोटी बातों में कमियां निकालेंगे। धन लाभ के लिए आज चाटुकारिता का सहारा लेना पड़ सकता है। धार्मिक स्थानों पर दान पुण्य के अवसर मिलेंगे। स्त्री मित्रो से संबंधो में कड़वाहट आ सकती है। दिनचर्या असंयमित रहने के कारण शारीरिक शिथिलता अनुभव होगी। आज यात्रा लाभदायक तो रहेगी लेकिन शारीरिक रूप से कष्टकारी भी।

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