Vaidik Panchang 13062025

🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️  *दिनांक – 13 जून 2025*
🌤️ *दिन –  शुक्रवार*
🌤️ *विक्रत संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास – आषाढ (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार ज्येष्ठ)*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – द्वितीया शाम 03:18 तक तत्पश्चात तृतीया*
🌤️ *नक्षत्र – पूर्वाषाढा रात्रि 11:21 तक तत्पश्चात उत्तराषाढा*
🌤️ *योग – शुक्ल दोपहर 01:48 तक तत्पश्चात ब्रह्म*
🌤️ *राहुकाल – सुबह 10:58 से दोपहर 12:39 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 05:57*
🌤️ *सूर्यास्त –  07:19*
👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण –
💥 *विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा  बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
          🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *विघ्नों और मुसीबते दूर करने के लिए* 🌷
👉 *14 जून 2025 शनिवार को संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 10:01)* 
🙏🏻 *शिव पुराण में आता हैं कि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :*
🌷 *ॐ गं गणपते नमः ।*
🌷 *ॐ सोमाय नमः ।*
🙏🏻
           🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

‪🌷 *चतुर्थी‬ तिथि विशेष* 🌷
🙏🏻 *चतुर्थी तिथि के स्वामी ‪भगवान गणेश‬जी हैं।*
📆 *हिन्दू कैलेण्डर में प्रत्येक मास में दो चतुर्थी होती हैं।*
🙏🏻 *पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्ट चतुर्थी कहते हैं।अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं।*
🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार “महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्षके। पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा ॥*
➡ *“ अर्थात प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली और एक पक्षतक उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है ।*
           🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *कोई कष्ट हो तो* 🌷
🙏🏻 *हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |*
👉🏻 *छः मंत्र इस प्रकार हैं –*
🌷 *ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।*
🌷 *ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।*
🌷 *ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।*
🌷 *ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और  जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।*
🌷 *ॐ अविघ्नाय नम:*
🌷 *ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:*
🙏🏻

।। 🕉️वेद ही सनातन धर्म एवं विज्ञान ।।

वेद हर सृष्टि के आदि में चार ऋषियों के मन में स्वयं ईश्वर द्वारा प्रगट किये जाते हैं। और वेद सब मनुष्यों के लिए हैं, सब वर्गो के लिये हैं। वेद संस्कृत भाषा में हैं जिसे सीखने के लिए सबको एक जैसा परिश्रम करना पडता है। वेद में सब प्रकार का ज्ञान विज्ञान सूत्र रुप में हैं।

वेद में सब बातें ईश्वर के गुण कर्म स्वभाव अनुसार हैं। वेद में सब बातें सृष्टि नियमों के अनुसार हैं। वेद में राजा महाराजाओं वा काल्पनिक देवी देवता का इतिहास व किस्से कहानियां नहीं है।

वेद ही ईश्वरीय वाणी है- इसका साक्ष्य स्वयं ईश्वर ने वेदों में किया है। वेद सब प्रकार के अन्धविश्वास, पाखंड, पशुबलि, पाषाण पूजा, मांसाहार, भूतप्रेत, जादूटोना आदि का समर्थक नहीं है। वेद में शारिरिक आत्मिक व सामाजिक उन्नति के उपाय बताए गए हैं।

वेद में कोई परिवर्तन नहीं-  वेद शाश्वत एकरस हैं। वेद में ईश्वर जीव प्रकृति व सृष्टि का यथार्थ ज्ञान है। वेद सब सत्य विद्या और जो पदार्थ विद्या से जाने जाते हैं उनका आदि मूल है। वेद पूरी मानव जाति का संविधान है। वेद का पढना पढाना सुनना सुनाना व तदनुसार आचरण करना सब मनुष्यों का परम धर्म है। वेद मनुर्भव, वसुधैवकुटुम्बकम्, कृण्वन्तोविश्वार्यम्, प्रेम, सदाचार, परोपकार,यज्ञ व योग का संदेश देता है।

संक्षेप में ईश्वरीय ज्ञान सृष्टि के आरम्भ में आना चाहिए, इसमें किसी देश का भूगोल इतिहास न हो, किसी देश विदेश की भाषा में नहीं आना चाहिए, इसे बार बार बदलने की आवश्यकता न हो, यह सृष्टि क्रम के विपरीत न हो, इसमें विविध प्रकार का ज्ञान विज्ञान हो, यह ईश्वर के गुण,कर्म और स्वभाव के अनुकूल हो, यह ऋषि मुनियों की कसौटी पर खरा उतरता हो, इसमें किसी  प्रकार का विरोधाभास न हो, यह प्राणी मात्र के लिए कल्याणकारी हो।

ऋषि दयानन्द ने सत्यार्थप्रकाश के तृतीय समुल्लास में पांच-परीक्षाओं का वर्णन किया है जिनसे आर्ष-ज्ञान को परखा जा सकता है‌ कि कौन-सी पुस्तक ईश्वर कृत है और कौन-सी नहीं। ऋषि का अर्थ परमात्मा भी होता है। हम पंच-परीक्षाओं की कसौटी पर परख कर यह भी जान सकते हैं, कि कौन-सा ग्रंथ परमेश्वर-रूप ऋषि का है और कौन सा नहीं। वे पंच-परीक्षायें ये हैं- ईश्वर के गुण, कर्म, स्वभाव के अनुकूल होना, सृष्टि क्रम के अनुकूल होना, आप्त पुरुषों की अनुकूलता, आत्मा की पवित्रता और आठ प्रमाण जैसे प्रत्यक्ष अनुमान‌ उपमान, शब्द ऐतिह्य अर्थापत्ति संभव और अभाव।

वेदों की उत्पत्ति परमेश्वर द्वारा ही होना वेदों में भी उल्लखित है-

तस्माद यज्ञात सर्वहुतः ऋचः सामानि जज्ञिरे।
छन्दांसि जज्ञिरे तस्माद यज्ञुस्तस्मादजायत।।
                (यजुर्वेद ३१ / ७)

अर्थात उस सच्चिदानंद, जो सब स्थानों में परिपूर्ण, जो सब मनुष्यों द्वारा उपास्य और सब सामर्थ्य से युक्त है, उस परब्रह्म से ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और छन्दांसि/अथर्ववेद ये चारों वेद उत्पन्न हुए।

यस्मादृचो अपातक्षन् यजुर्यस्मादपकशन।
सामानि यस्य लोमानी अथर्वांगिरसो मुखं।
स्कम्भं तं ब्रूहि कतमःस्विदेव सः।।
          (अथर्व० १० / ४ / २०)

अर्थात जो सर्वशक्तिमान परमेश्वर है, उसी से (ऋचः) ऋग्वेद (यजुः) यजुर्वेद (सामानि) सामवेद (अंगिरसः) अथर्ववेद, ये चारों उत्पन्न हुए है।

यथेमां वाचं कल्याणीमावदानि जनेभ्यः।
ब्रह्मराजन्याभ्या शूद्राय चार्याय च स्वाय चारणाय।।
            (यजुर्वेद २६ / २)

अर्थात परमेश्वर स्वयं कहता है कि मैने ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र, अपने भृत्य वा स्त्रियादि के लिये भी वेदों का प्रकाश किया है; सब मनुष्य वेदों को पढ़ पढ़ा और सुन सुनाकर विज्ञान को बढ़ा के अच्छी बातों का ग्रहण और बुरी बातों का त्याग करके दुःखों से छूट कर आनन्द को प्राप्त हों।

वेद चार हैं- ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद। वेद को सभी विद्वान  एकमत से सबसे प्राचीन मानते हैं। दुनिया में जितने भी पुराण कुरान बाईबल आदि धर्म ग्रन्थ माने जाते हैं वे सभी चार हजार वर्ष से पुराने नहीं है, लेकिन वेद हर सृष्टि के आदि में ईश्वर द्वारा प्रगट किये जाते हैं। वर्तमान सृष्टि में वेद लगभग १,९६,०८,५३१२१ वर्ष पूर्व प्रगट हुये।

वेदों में सम्पूर्ण ज्ञान है- गणित विद्या, विमान विद्या, खगोल विद्या, आध्यात्मिक विद्या, संगीत विद्या, चिकित्सा विज्ञान, पारिवारिक, सामाजिक, वैश्विक व्यवहार का ज्ञान, मनुष्य के सम्पूर्ण कर्तव्य – अकर्तव्य का ज्ञान,  सम्पूर्ण पदार्थ विद्या, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान आदि। सभी विषयों का सम्पूर्ण ज्ञान अल्पज्ञ मनुष्य को नहीं हो सकता। ज्ञान विज्ञान से ओतप्रोत वेदमंत्रो की अद्भुत रचना सर्वज्ञ ईश्वर ही कर सकता है।

सृष्टि के प्रारंभ में सबसे पुण्यशाली आत्माओं अग्नि, वायु, आदित्य, अंगिरा नामक मनुष्यों को ईश्वर ने अपनी प्रेरणा शक्ति के माध्यम से उनके हृदयों में  वेदों का ज्ञान दिया। जैसे चींटी को मीठा और नमकीन को पहचानने का ज्ञान, चिड़िया को घोंसला बनाने का ज्ञान, गाय के नवजात बछड़े को तैरने का ज्ञान, पक्षियों को उड़ने का ज्ञान, सभी पशु-पक्षी को ईश्वर ने प्रेरणा शक्ति से स्वाभाविक ज्ञान दिया हुआ है वैसे ही ईश्वर ने चार ऋषियों को वेदों का ज्ञान दिया। उन चारों ने दूसरों को सुनाया, और ऐसे सुनते-सुनाते ज्ञान आज लिपिबद्ध हो गया है।

वेद ईश्वर कृत है इसका सबसे बड़ा प्रमाण है कि दुनियां में जितना भी विज्ञान सम्मत अच्छा व सच्चा ज्ञान है वह सभी वेद से ही लिया गया है। अतः यह निर्विवाद रुप से सत्य है कि सृष्टि के आदि में सर्वशक्तिमान, सर्वव्यापक, ज्ञानस्वरूप परमेश्वर ने अपने शाश्वत ज्ञान- ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद को क्रमश: अग्नि, वायु, आदित्य और अंगिरा के हृदयों में जनकल्याण हेतू प्रकाशित किया। सृष्टि की उत्पत्ति से लेकर आज तक आर्य लोग दिन दिन गिनते और प्रसिद्ध करते चले आ रहे हैं और हर याज्ञिक कार्य में संकल्प कथन करते लिखते लिखाते रहे हैं जो बही खाते की तरह मान्य है।

भिन्न-भिन्न धर्मों को मानने वाले लोग अपनी-अपनी मान्य धर्म पुस्तकों को ईश्वरीय-ज्ञान बताते हैं, ऐसी अवस्था में किसको ईश्वरीय-ज्ञान माना जाये और किसको नहीं ? इसका उत्तर यह है कि किसी भी पुस्तक को उस के अनुयायियों के दावे मात्र से ईश्वरीय ज्ञान नहीं माना जा सकता। हमें उस के दावे की परीक्षा करनी होगी। परीक्षा की कसौटी पर जो ग्रंथ सही उतरे उसी को हमें ईश्वरीय-जान मानना चाहिये, अन्यों को नहीं। वेद की शिक्षाओं को सरल सरस भाषा व सार रुप में जानने के लिए महर्षि दयानंद कृत ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका व सत्यार्थप्रकाश बहुत सहायक है।

               ।।आचार्य डॉ0 विजय शंकर मिश्र:।।


           🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞पंचक
16 जून, सोमवार 1:06 अपराह्न 20 जून, शुक्रवार 9:45 बजे
🙏🏻🌷🌸🌼💐☘🌹🌻🌺🙏🏻 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
दिनांक 13 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 4 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति जिद्दी, कुशाग्र बुद्धि वाले, साहसी होते हैं। आपका जीवन संघर्षशील होता है। इनमें अभिमान भी होता है। ऐसे व्यक्ति को जीवन में अनेक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है। जैसे तेज स्पीड से आती गाड़ी को अचानक ब्रेक लग जाए ऐसा उनका भाग्य होगा। लेकिन यह भी निश्चित है कि इस अंक वाले अधिकांश लोग कुलदीपक होते हैं। ये लोग दिल के कोमल होते हैं किन्तु बाहर से कठोर दिखाई पड़ते हैं। इनकी नेतृत्त्व क्षमता के लोग कायल होते हैं।

शुभ दिनांक : 4, 8, 13, 22, 26, 31,

शुभ अंक : 4, 8,18, 22, 45, 57,

शुभ वर्ष : 2031, 2040, 2060

ईष्टदेव : श्री गणेश, श्री हनुमान

शुभ रंग : नीला, काला, भूरा

जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :


मान-सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं मित्र वर्ग का सहयोग मिलेगा। नवीन व्यापार की योजना प्रभावी होने तक गुप्त ही रखें। यह वर्ष पिछले वर्ष के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम है। आपको सजग रहकर कार्य करना होगा। शत्रु पक्ष पर प्रभावपूर्ण सफलता मिलेगी। नौकरीपेशा प्रयास करें तो उन्नति के चांस भी है। विवाह के मामलों में आश्चर्यजनक परिणाम आ सकते हैं। परिवारिक मामलों में सहयोग के द्वारा सफलता मिलेगी



मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज आपके मन में कामनायें तो बहुत रहेंगी लेकिन इनको साकार करने में कुछ ना कुछ व्यवधान अवश्य आएगा। प्रातः से मध्यान तक शरीर कार्य करने के लिये तैयार नहीं रहेगा फिर भी जबरदस्ती करना पड़ेगा। मध्यान बाद व्यवसाय में कुछ लाभ की संभावना बनेगी लाभ होगा परन्तु खर्च अधिक रहने के कारण कोई आवश्यक कार्य निरस्त करना पड़ेगा। परिजनों का सहयोग बराबर मिलते रहने से मानसिक रूप से शान्ति रहेगी। मित्रों का भी साथ मिलेगा। नौकरी वालो को कार्य बोझ जैसे लगेंगे। दाम्पत्य जीवन में सरसता बनी रहेगी। परिजनों के साथ भावनात्मक संबंध रहेंगे आवश्यकता पूर्ति समय पर करें अन्यथा गरमा गर्मी हो सकती है।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आप दिन के आरंभ से किसी दुविधा में रहेंगे कोई वरिष्ठ व्यक्ति इससे बाहर निकालने में सहयोग करेगा। कार्य व्यवसाय से लाभ अवश्य होगा लेकिन जब संभावना नही रहेगी तब होने पर आश्चर्य चकित होंगे। मध्यान बाद आलस्य बढेगा आवश्यक कार्यो को भी टालने के प्रयास करेंगे लेकिन घरेलू कार्य समय पर पूरा करें अन्यथा कलह हो सकती है। व्यवसायी वर्ग उन्नति होने से प्रसन्न रहेंगे लेकिन कार्य क्षेत्र पर आज किसी भी प्रकार के बदलाव से बचें।  पारिवारिक वातावरण परिवर्तनशील रहेगा। महिलाये खरीददारी की जिद पर अड़ेंगी मांग पूरी होने पर ही शांत बैठेंगी। घर मे सुख के साधनों की वृद्धि पर खर्च भी करना पड़ेगा। संध्या के समय शुभ समाचार की प्राप्ति प्रसन्न करेगी।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज दिन की शुरुआत से ही आपके मन मे कुछ विशेष योजना बनेगी इसको साकार रूप देने में मध्यान बाद तक सफल हो जाएंगे। कार्य क्षेत्र पर नए लाभ के अनुबंध मिलेंगे परन्तु आज इनपर कार्यारम्भ ना करें धन की आमद कही ना कही से हो जाएगी इसके लिए ज्यादा माथा पच्ची नही करनी पड़ेगी। दिन भाग्योदय कारक रहेगा व्यवहार के बल पर अन्य लोगो की अपेक्षा ज्यादा फल पाने के हकदार रहेंगे आप हाथ आये काम को किसी भी प्रकार जाने नही देंगे। नौकरी पेशा भी लेदेकर काम पूरा करने के पक्ष में रहेंगे। मध्यान बाद भविष्य के खर्चो को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा लाभ कमाने की मानसिकता रहेगी। कामना पूर्ति से महिलाए अधिक उत्साहित रहेंगी। सेहत उत्तम रहेगी।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन आपका ध्यान इधर उधर की बातों पर अधिक रहेगा दिन का कोई लक्ष्य निर्धारित ना कोने के कारण लक्ष्य से भटक सकते है। आज अपने कार्यो को छोड़ अन्य लोगो को सलाह देंगे सार्वजनिक क्षेत्र पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा लेकिन इसमें  आंशिक सफलता मिलेगी। मध्यान बाद मेहनत के अनुपात में अधिक लाभ मिलने के योग है व्यवहारिकता पर अधिक ध्यान दें आपके हिस्से का लाभ कोई अन्य ना ले जाये। धन की आमद आज निश्चित नही रहेगी फिर भी खर्च अनुसार हो जाएगी। धार्मिक कार्यो में रुचि बढ़ेगी लेकिन व्यस्तता के चलते ज्यादा समय नही दे सकेंगे। घर मे मंगल कार्य होंगे परिजन आपका ख्याल रखेंगे लेकिन बदले में कुछ अधिक मांग भी की जा सकती है।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन आप अपनी उटपटांग हरकतों से आस पास का वातावरण हास्यास्पद बनाएंगे स्वयं को अन्य लोगो की तुलना में अधिक बुद्धिमान दर्शाना अनचाही परेशानी खड़ी कर सकता है। कार्य क्षेत्र से आज ज्यादा संभावनाए ना लगाए सुविधाओ की कमी के कारण सीमित साधनों से ही काम चलाना पड़ेगा धन की आमद होते ही हाथ से निकल जायेगी। परिवार में आज कुछ ना कुछ अभाव अनुभव करेंगे किसी परिजन की कमी भी खलेगी। संध्या का समय दिन की अपेक्षा शान्ति से बीतेगा। महिलाओं के लिये दिन किसी ना किसी रूप में लाभ ही कराएगा। सेहत स्वयं की गलती से खराब होगी।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन भी उतार-चढ़ाव वाला रहेगा दिन के आरंभ से ही घरेलू वातावरण को सुधारने का प्रयास करेंगे इसमें आंशिक सफलता मिल भी जाएगी लेकिन आपका व्यवहार रूखा रहेगा बाहर से हमदर्दी दिखाएंगे लेकिन मन मे ईर्ष्या का भाव रखेंगे संपर्क में रहने वाले लोग आपकी भावनाओं को तुरंत समझ लेंगे। घर में किसी ना किसी से व्यर्थ की बातों में उलझने पर शांत वातावरण फिर से अशान्त होगा। कार्य क्षेत्र पर धन की कमी अनुभव होगी मन की भड़ास किसी ना किसी पर निकलने से स्नेह संबंधों में कड़वाहट आएगी। धन की आमद परिश्रम अनुसार होगी। मानसिक दबाव बढ़ेगा।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन शुभ फलदायक है दिन के आरंभ से ही मन अकारण ही प्रसन्न रहेगा। घर मे किसी विशेष कार्य को लेकर चहल पहल रहेगी। कार्य क्षेत्र पर आज कारोबार संतोषजनक रहेगा आर्थिक रूप से सम्पन्नता आएगी खर्च भी आज अतिरिक्त होंगे लेकिन परिजनों की खुशी के आगे बुरे नही लगेंगे। नौकरी वाले लोग अधिकांश कार्य बाद के लिए टालेंगे। बड़े कार्यो को मध्यान पूर्व ही निपटाने के प्रयास करें इसके बाद कार्य तो चलते रहेंगे लेकिन संतोष कम ही होगा। कार्य क्षेत्र पर सहकर्मियों की कमी खलेगी फिर भी विलम्ब नही होने देंगे। घरेलू वातावरण मध्यान तक ठीक रहेगा इसके बाद किसी गलतफहमी अथवा मांग पूरी ना होने पर अशांति हो सकती है। संध्या के आसपास सेहत में नरमी आएगी किसी भी कार्य मे उत्साह नही रहेगा।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन आपकी मानसिकता शांति से दिन बिताने की रहेगी लेकिन घर एवं बाहर कुछ ऐसी परिस्थितियां बनेंगी जिनसे क्रोध आएगा। घर में सुबह शांति रहेगी लेकिन संध्या के समय कलह होने की आशंका बेचैन रखेगी। कार्य व्यवसाय से मध्यान तक लाभ कमाया जा सकता हैं। मध्यान बाद से कार्य क्षेत्र पर सहयोगियो की कमी रहेगी ज्यादा काम ना बढ़ाये कम में ही संतोष करें अन्यथा बेवजह की मुसीबत बनेगी। धन लाभ भाग दौड़ के बाद खर्च लायक हो जाएगा। सामाजिक कार्यो में भी रुचि लेंगे इसके कारण अपने कार्यो में भी बदलाव करना पड़ेगा। पारिवारिक वातावरण में स्वार्थसिद्धि की भावना अधिक रहेगी। मौसम जनित बीमारी की संभावना है।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन आप जल्दी से किसी कार्य को करने के लिए तैयार नही होंगे लेकिन  बचते बचते दोपहर बाद व्यस्तता बढ़ेगी। कार्य व्यवसाय की स्थिति सामान्य रहेगी आकस्मिक खर्च बढ़ने के कारण थोड़ी चिंता होगी फिर भी किसी खास व्यक्ति के लिये बजट से बाहर खर्च करने से पीछे नही हटेंगे। मानसिक संतुलन बढ़िया रहेगा फिर भी परिस्थिति के अनुसार स्वयं को ढाल नही पाएंगे। धन की आमद निश्चित कार्यो से ही होगी। संध्या बाद अकस्मात उपहार अथवा अन्य लाभ मिलने की संभावना है। कार्य क्षेत्र पर विरोधी आज कम ही रहेंगे लेकिन परिवार में पैतृक संबंधित विषयो को लेकर स्वयंजन ही वैर भाव रखेंगे। शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ्य रहेंगे।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज के दिन भी परिस्थितियां उलझन में डालने वाली रहेंगी। दिन के आरंभ से ही मन में कोई डर रहेगा आर्थिक उलझने सुलझने की संभावना नही दिखने से मन मे नकारत्मक विचार आएंगे। आप अपनी पूर्व की गलतियों की समीक्षा करेंगे किसी आवश्यक कार्य को लेकर मध्यान तक व्यस्त रहेंगे यात्रा भी हो सकती है। कार्य व्यवसाय में आज स्थिरता नही रहेगी फिर भी काम चलाऊ धनलाभ हो ही जायेगा। मध्यान बाद परिस्थिति में सुधार आने लगेगा। किसी परिचित की सहायता से आर्थिक मसले कुछ हद तक सुलझेंगे। संध्या का समय पिछले कुछ दिनों से बेहतर रहेगा घर में सुख की अनुभूति होगी।मनोरंजन के अवसर मिलने से मानसिक अशांति दूर होगी लेकिन आपके कृपण व्यवहार से कोई नाराज भी हो सकता है।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन किसी ना किसी रूप में लाभ दिलाएगा। दिन के आरंभ से ही कामना पूर्ति को लेकर उत्साहित रहेंगे। कार्य व्यवसाय में आज समय कम ही देंगे फिर भी दिन भर की पूर्ति किसी काम के बनने से हो जाएगी। सामाजिक गतिविधियों में जाने से कतराएंगे लेकिन मन मारकर जाना ही पड़ेगा। छोटे मोटे खर्चो लगे रहेंगे लेकिन किसी की इच्छा पूर्ति के लिये बजट से बाहर खर्च करना अखरेगा। नौकरी पेशाओ को अचानक काम आने से परेशानी होगी लेकिन अधिकारी वर्ग को प्रसन्न कर अपनी बात मनवा लेंगे। मध्यान बाद का समय मित्र परिजनो के साथ आनंद से व्यतीत करेंगे  स्वभाव में थोड़ा अहम रहने से माहौल बिगड़ सकता है। संध्या बाद किसी समाचार से बेचैनी रहेगी।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज भी दिन आपके अनुकूल बना है लेकिन आज आपको किसी अनचाही परिस्थिति से भी गुजरना पड़ेगा। मध्यान तक कि दिनचार्य सामान्य रहेगा इसके बाद कुछ बदलाव आने लगेगा। परिजन अपने मतलब से बात करेंगे लेकिन आज धन संबंधित परेशानी कम ही रहेगी। व्यवसाय में आशा से कम कारोबार रहेगा फिर भी धन को लेकर ज्यादा तामझाम में नही पड़ेंगे। खर्च अन्य दिनों की तुलना में आज अधिक रहेंगे। वाणी पर नियंत्रण रखें आपके मुख से निकली चुभने वाली बात रंग में भंग ना डाल दें। महिलाए कुछ समय के लिए अशान्त रहेंगी लेकिन संध्या बाद सामान्य हो जाएंगी। घरेलू कार्यो को लेकर भागदौड़ करनी पड़ेगी। सेहत आज सामान्य रहेगी।

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Quote of the week

“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton