🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक – 10 जुलाई 2025*
🌤️ *दिन – गुरूवार*
🌤️ *विक्रत संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास – आषाढ*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – पूर्णिमा 11 जुलाई रात्रि 02:06 तक तत्पश्चात प्रतिपदा*
🌤️ *नक्षत्र – पूर्वाषाढा 11 जुलाई प्रातः 05: 56 तक तत्पश्चात उत्तराषाढ़ा*
🌤️ *योग – इन्द्र रात्रि 09:38 तक तत्पश्चात वैधृति*
🌤️ *राहुकाल – दोपहर 02:24 से शाम 04:04 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:04*
🌤️ *सूर्यास्त – 07:23*
👉 *दिशाशूल – दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – व्रत पूर्णिमा,आषाढी पूर्णिमा,व्यास पूर्णिमा,गुरू पूर्णिमा,ऋषिप्रसाद जयंती,संयासी चतुर्मास आरंभ*
💥 *विशेष – पूर्णिमा एवः व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *गुरु पूजन* 🌷
🌷 *गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः |*
*गुरुर्साक्षात परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ||*
*ध्यानमूलं गुरुर्मूर्ति पूजामूलं गुरोः पदम् |*
*मंत्रमूलं गुरोर्वाक्यं मोक्षमूलं गुरोः कृपा ||*
*अखंडमंडलाकारं व्याप्तं येन चराचरम् |*
*तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्री गुरवे नमः ||*
*त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बंधुश्च सखा त्वमेव |*
*त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव, त्वमेव सर्वं मम देव देव ||*
*ब्रह्मानंदं परम सुखदं केवलं ज्ञानमूर्तिं |*
*द्वन्द्वातीतं गगनसदृशं तत्त्वमस्यादिलक्षयम् ||*
*एकं नित्यं विमलं अचलं सर्वधीसाक्षीभूतम् |*
*भावातीतं त्रिगुणरहितं सदगुरुं तं नमामि ||*
🙏🏻 *ऐसे महिमावान श्री सदगुरुदेव के पावन चरणकमलों का षोड़शोपचार से पूजन करने से साधक-शिष्य का हृदय शीघ्र शुद्ध और उन्नत बन जाता है | मानसपूजा इस प्रकार कर सकते हैं |*
🙏🏻 *मन ही मन भावना करो कि हम गुरुदेव के श्री चरण धो रहे हैं … सर्वतीर्थों के जल से उनके पादारविन्द को स्नान करा रहे हैं | खूब आदर एवं कृतज्ञतापूर्वक उनके श्रीचरणों में दृष्टि रखकर … श्रीचरणों को प्यार करते हुए उनको नहला रहे हैं … उनके तेजोमय ललाट में शुद्ध चन्दन से तिलक कर रहे हैं … अक्षत चढ़ा रहे हैं … अपने हाथों से बनाई हुई गुलाब के सुन्दर फूलों की सुहावनी माला अर्पित करके अपने हाथ पवित्र कर रहे हैं … पाँच कर्मेन्द्रियों की, पाँच ज्ञानेन्द्रियों की एवं ग्यारहवें मन की चेष्टाएँ गुरुदेव के श्री चरणों में अर्पित कर रहे हैं …*
🌷 *कायेन वाचा मनसेन्द्रियैवा बुध्यात्मना वा प्रकृतेः स्वभावात् |*
*करोमि यद् यद् सकलं परस्मै नारायणायेति समर्पयामि ||*
🙏🏻 *शरीर से, वाणी से, मन से, इन्द्रियों से, बुद्धि से अथवा प्रकृति के स्वभाव से जो जो करते हैं वह सब समर्पित करते हैं | हमारे जो कुछ कर्म हैं, हे गुरुदेव, वे सब आपके श्री चरणों में समर्पित हैं … हमारा कर्त्तापन का भाव, हमारा भोक्तापन का भाव आपके श्रीचरणों में समर्पित है |*
🙏🏻 *इस प्रकार ब्रह्मवेत्ता सदगुरु की कृपा को, ज्ञान को, आत्मशान्ति को, हृदय में भरते हुए, उनके अमृत वचनों पर अडिग बनते हुए अन्तर्मुख हो जाओ … आनन्दमय बनते जाओ …*
*ॐ आनंद ! ॐ आनंद ! ॐ आनंद !*
🙏🏻


*।। ऊँ श्री गुरवे नमः ।।*
*।। ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय ।।*
माँ जन्म देती है और सद्गुरु जीवन देते हैं। माँ व्यक्ति को जन्म देती है और सद्गुरु व्यक्तित्व को जन्म देते हैं। सद्गुरु तो उन भगवान भुवन भास्कर की तरह हैं जिनके आते ही जीवन की सारी कालिमा मिट जाती है और जीवन में सत्य का प्रकाश फैल जाता है।
जीवन में श्रेष्ठत्व, जीवन के दैवत्व को बिना गुरु के मार्गदर्शन के कभी भी प्राप्त नहीं किया जा सकता है। सद्गुरु भगवान की वाणी शिल्पी की छैनी के समान है, जिसके एक-एक प्रहार से पत्थर को भी ईश्वर के रूप में गढ़ा जाता है। जो हमारे रूप और स्वरूप दोनों को निखारकर नाशवान जीवन को भी प्रतिष्ठावान जीवन बना देती है।
गुरु कृपा के बिना कोई भी विद्या फलित नहीं होती है। गुरु चरणों के आश्रय से ही अर्जुन और एकलव्य जैसे शिष्यों का निर्माण सम्भव हो पाता है। हम उन्हीं सद्गुरु देव भगवान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।
अंत में केवल इतना ही
*किमत्र बहुनोत्तेण शास्त्रकोटी शतेन च*
*दुर्लभा चित विश्रन्तिः विना गुरुकृपा परम्।।*
बहुत कहने से क्या होगा ? करोड़ों शास्त्रों के अध्ययन से भी क्या होगा ? क्योंकि चित की परम शांति गुरु के बिना मिलना दुर्लभ है। गुरु की परम कृपा ही जीवन उत्थान एवं जीवन कल्याण का मूल है।।
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*II गुरु की महिमा II*
एक पंडित रोज रानी के पास कथा करता था। कथा के अंत में सबको कहता कि ‘राम कहे तो बंधन टूटे।” तभी पिंजरे में बंद तोता बोलता, “यूं मत कहो रे पंडित झूठे।”
पंडित को क्रोध आता कि ये सब क्या सोचेंगे, रानी क्या सोचेगी। पंडित अपने गुरु के पास गया। गुरु को सब हाल बताया। गुरु तोते के पास गया और पूछा तुम ऐसा क्यों कहते हो ?
तोते ने कहा, “मैं पहले खुले आकाश में उड़ता था। एक बार मैं एक आश्रम में जहां सब साधू-संत राम-राम-राम बोल रहे थे, वहां बैठा तो मैंने भी राम-राम बोलना शुरू कर दिया। एक दिन मैं उसी आश्रम में राम-राम बोल रहा था, तभी एक संत ने मुझे पकड़ कर पिंजरे में बंद कर लिया, फिर मुझे एक-दो श्लोक सिखाये। आश्रम में एक सेठ ने मुझे संत को कुछ पैसे देकर खरीद लिया। अब सेठ ने मुझे चांदी के पिंजरे में रखा, मेरा बंधन बढ़ता गया। निकलने की कोई संभावना न रही। एक दिन उस सेठ ने राजा से अपना काम निकलवाने के लिए मुझे राजा को गिफ्ट कर दिया। राजा ने खुशी-खुशी मुझे ले लिया क्योंकि मैं राम-राम बोलता था। रानी धार्मिक प्रवृत्ति की थी तो राजा ने रानी को दे दिया। अब मैं कैसे कहूं कि “राम-राम कहे तो बंधन छूटे।”
तोते ने गुरु से कहा आप ही कोई युक्ति बताएं जिससे मेरा बंधन छूट जाए।
गुरु बोले, “आज तुम चुपचाप सो जाओ, हिलना भी नहीं। रानी समझेगी मर गया और छोड़ देगी।”
ऐसा ही हुआ। दूसरे दिन कथा के बाद जब तोता नहीं बोला, तब संत ने आराम की सांस ली। रानी ने सोचा तोता तो गुमसुम पढ़ा है, शायद मर गया। रानी ने पिंजरा खोल दिया।
तभी तोता पिंजरे से निकलकर आकाश में उड़ते हुए बोलने लगा “सतगुरु मिले तो बंधन छूटे।”
अतः शास्त्र कितना भी पढ़ लो, कितना भी जाप कर लो, लेकिन सच्चे गुरु के बिना बंधन नहीं छूटता।
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*☔वर्षा ऋतु में क्या करें ?, क्या न करें ?☔*
*✅क्या करें ?✅*
*🔹१] भोजन में मधुर, खट्टे व लवण रसवाले, चिकनाईयुक्त, वातशामक, जठराग्निरक्षक द्रव्यों की प्रधानता हो । ( चरकसंहिता, भावप्रकाश)*
*🔹२] पुराने जौ, गेहूँ, चावल, काला नमक युक्त मूँग का सूप, शहद व अन्य सुपाच्य पदार्थों का सेवन करें । ( चरक संहिता, अष्टांगह्रदय )*
*🔹३] सोंठ, काली मिर्च, तेजपत्ता, दालचीनी, जीरा, धनिया, अजवायन, राई, हींग, पपीता, नाशपाती, सूरन, परवल, तोरई, बैंगन, सहजन, मूँग दाल, कुलथी, नींबू, करेला, पुनर्नवा, पुदीना, आँवला व तुलसी का सेवन लाभदायी है ।*
*🔹४] पहले का खाया हुआ पच जाने पर जब खुलकर भूख लगे व शरीर में हलकापन लगे तभी दूसरा भोजन करें । (अष्टांगह्रदय आदि )*
*🔹५] गर्म करके ठंडा या गुनगुना किया हुआ पानी पीना चाहिए । (अष्टांगह्रदय, चरक संहिता )*
*🔹६] सूखे स्थान पर रहें । घर में नमी न रहे इसका ध्यान रखें ।*
*🔹७] हलके, सूती कपड़े पहने । सफेद वस्त्र विशेष लाभदायी है ।*
*❌क्या न करें ? ❌*
*🔹१] हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे पालक, पत्तागोभी, मेथी आदि तथा पचने में भारी, वातवर्धक एवं बासी पदार्थ का सेवन न करें ।*
*🔹२] उड़द, चना, अरहर, चौलाई, आलू, केला, आम, अंकुरित अनाज, मैदा, मिठाई, शीतल पेय, आइसक्रीम, दही व सत्तू का सेवन न करें ।*
*🔹३] दिन में सोना, ओस गिरते समय उसमें बैठना या घूमना, बारिश में भीगना, अधिक व्यायाम एवं मैथुन छोड़ देना चाहिए । ( चरक संहिता आदि )*
*🔹४] रात्रि में खुले आकाश के नीचे न सोयें ।*
*🔹५] स्नान के बाद या बारिश में भीगने के बाद गीले शरीर कपड़े न पहनें । शरीर को अच्छे से पोछकर ही कपड़े पहने ।*
*🔹६] खुले बदन न घूमें ।*
*🔹७] देर रात को भोजन न करें ।*
*🔹८] रात्रि जागरण न करें ।*
जुलाई पंचक 2025 तिथि
पंचक आरंभ: जुलाई 13, 2025, रविवार को शाम 06:53 बजे
पंचक अंत: जुलाई 18, 2025, शुक्रवार को तड़के सुबह 03:39 बजे
🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🌞
🙏🏻🌷🌻🌹🍀🌺🌸🍁💐🙏🏻जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
दिनांक 10 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 1 होगा। आप राजसी प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। आपको अपने ऊपर किसी का शासन पसंद नहीं है। आप साहसी और जिज्ञासु हैं। आपका मूलांक सूर्य ग्रह के द्वारा संचालित होता है।
आप सौन्दर्यप्रेमी हैं। आपमें सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला आपका आत्मविश्वास है। इसकी वजह से आप सहज ही महफिलों में छा जाते हैं। आप अत्यंत महत्वाकांक्षी हैं। आपकी मानसिक शक्ति प्रबल है। आपको समझ पाना बेहद मुश्किल है। आप आशावादी होने के कारण हर स्थिति का सामना करने में सक्षम होते हैं।
शुभ दिनांक : 1, 10, 20, 28
शुभ अंक : 1, 10, 20, 28, 37, 46, 55, 64, 73, 82
शुभ वर्ष : 2026, 2044, 2053, 2062
ईष्टदेव : सूर्य उपासना तथा मां गायत्री
शुभ रंग : लाल, केसरिया, क्रीम,
जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :
स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा। पारिवारिक मामलों में महत्वपूर्ण कार्य होंगे। अविवाहितों के लिए सुखद स्थिति बन रही है। विवाह के योग बनेंगे। नौकरीपेशा के लिए समय उत्तम हैं। पदोन्नति के योग हैं। बेरोजगारों के लिए भी खुशखबर है इस वर्ष आपकी मनोकामना पूरी होगी। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद रहेगा। अधूरे कार्यों में सफलता मिलेगी।
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन आपकी रुचि धर्म-कर्म में अधिक रहेगी। फिर भी कोई ना कोई व्यवधान आने से इसके लिए समय कम ही निकाल पाएंगे। आलसी प्रवृति के कारण कार्य क्षेत्र पर आलोचना होगी अधिकारी वर्ग आपकी गलती पकड़ने में लगे रहेंगे सतर्क रहें। आज आपका मन कार्य क्षेत्र पर कम मौज-शौक की ओर ज्यादा भटकेगा। काम वासना भी अधिक रहेगी। व्यर्थ के खर्च भी आज अधिक करेंगे। पारिवारिक वातावरण उथल-पुथल रहने पर भी दिनचर्या सामान्य रूप से चलती रहेगी। तीर्थ यात्रा के प्रसंग बनेंगे। सेहत आज ठीक ठाक ही रहेगी।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आपका आज का दिन भी कुछ विशेष नही रहेगा कल की ही भांति आज भी कारोबार अथवा अन्य धन संबंधित कार्य बाधा आने से अटके रहेंगे फिर भी आज खर्च लायक आमद जोड़ तोड़ करने से हो ही जाएगी। पारिवारिक अथवा अन्य कारणों से यात्रा करनी पड़ेगी आज धन खर्च के साथ आकस्मिक दुर्घटना अथवा चोटादि लग्ने का भी भय है सावधानी रखें। स्वभाव में स्वार्थ सिद्धि दिखेगी इस कारण अन्य लोग भी आज आपसे मतलब से ही बात करेंगे। धार्मिक कार्य मे अरुचि रहेगी फिर भी आज किये गए पूण्य कर्म शीघ्र फलदायी रहेंगे। घर का वातावरण अस्तव्यस्त रहेगा आज का दिन धैर्य से बिताएं।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज की परिस्थिति भी आपके लिए अनुकूल बनी रहेगी आज आलस्य ना करें समय का लाभ उठाएं धन लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे। व्यवसाय से अगर चाहे तो मनचाहा लाभ अर्जित किया जा सकता है इसके लिए दृढ़ संकल्प शक्ति की आवश्यकता है। धन लाभ आज हर परिस्थिति में होकर ही रहेगा। शारीरिक रूप से कुछ सुस्ती रहेगी नसों में दुर्बलता रहने से कमजोरी अनुभव करेंगे। पारिवारिक स्थिति में आर्थिक उलझने कम होने से कुछ सुधार आएगा। घर बाहर के लोगो से सम्मान मिलेगा नए संबंध बनेंगे। धर्म मे निष्ठा बढ़ेगी।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन आप धन लाभ के साथ ही घरेलू सुख के साधनों में भी वृद्धि कर सकेंगे। भोजन अथवा अन्य खाद्य सामग्री पर खर्च भी करना होगा। मितव्ययता से चलने पर भी कुछ अनावश्यक खर्च परेशान कर सकते है। व्यापार में आज आशा से थोड़ी कम बिक्री रहेगी फिर भी दैनिक खर्च आसानी से निकल जाएंगे। गृहस्थ की जिम्मेदारी में कमी आने से महिलाये राहत में रहेंगी। आज मामूली बात पर क्रोध आएगा इससे बचने का प्रयास करें वार्ना किसी के अपशब्द सुनने पड़ेंगे। मध्यान बाद संताने शुभ समाचार देंगी।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन विवेकी व्यवहार अपनाएंगे जिससे व्यर्थ के झगड़ो से बचे रहेंगे। कार्य व्यवसाय में आज कुछ विशेष सफलता नही मिलेगी फिर भी जितना मिले उसी में संतोष का परिचय देंगे। लेकिन परिवार में आज किसी सदस्य की इच्छा पूर्ति ना होने पर वातावरण खराब हो सकता है। नए कार्य की योजना बना रहे है तो अभी रुके वार्ना धन संबंधित उलझनों में फंस सकते है। नौकरी पेशा जातक काम मे ऊबन अनुभव करेंगे। मनोरंजन के अवसर नही मिलने से निराशा बढ़ेगी। संध्या का समय दिन की तुलना में मानसिक रूप से शांति दिलाएगा। सेहत लगभग ठीक ही रहेगी।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज के दिन आप व्यर्थ की बयानबाजी से बचें स्वभाव में भी अहम कुछ अधिक ही रहेगा गलती करके भी उद्दंडता दिखाना आज भारी पड़ सकता है। घर एवं बाहर कलह के प्रसंग बनेंगे। आज आप स्वयं तो बेपरवाह रहेंगे परन्तु घर के सदस्य एवं अन्य लोगो को परेशान करेंगे। कार्य क्षेत्र में भी आपकी गलती से आर्थिक नुकसान हो सकता है सहकर्मियों से आज बना कर रहे अन्यथा किसी बड़ी मुश्किल में फंसने की सम्भवना है। आय की अपेक्षा खर्च अधिक होगा। सरकारी एवं अन्य उलझनों वाले कार्य आज टालना ही बेहतर है।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज आपकी दिनचर्या आडम्बर युक्त अधिक रहेगी। लेकिन आज किसी भी बात को बढ़ा चढ़ा कर पेश करना आपको ही मुश्किल में।डालेगा। सरकार संबंधित कागजी कार्य आज आसानी से पूर्ण हो सकेंगे लेकिन धन खर्च भी होगा। व्यवसाय में ले देकर काम चलाने की प्रवृति शुरू में हानि लेकिन बाद में लाभदायक सिद्ध होगी। आज किसी के मनमाने व्यवहार के कारण तीखी बहस भी हो सकती है जिसमे विजय आपकी ही होगी आपका सामाजिक व्यक्तित्त्व निखरेगा। परिवार के बीच मौन रहने से कई समस्याओं के समाधान स्वतः ही हो जायेगा। प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलेगी। आरोग्य बना रहेगा।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन आप किसी कार्य को लेकर कुछ ज्यादा ही मानसिक बोझ लेंगे जिससे सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। सर अथवा शरीर के अन्य अंगों में दर्द की शिकायत रह सकती है। कार्य क्षेत्र पर सामान्य से कम व्यवसाय रहेगा फिर भी बुद्धिबल से कठिन परिस्थिति में भी हार नही मानेंगे धन की आमद आज अकस्मात होने वाली है। सरकारी कार्य आज करने से शीघ्र सफल हो सकते है। घर मे किसी की जिद के कारण माहौल कुछ समय के लिये थोड़ा अस्त व्यस्त बनेगा। बड़े बुजुर्गों का मार्गदर्शन मिलेगा।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन भी आपके लिए शुभ बना रहेगा कुछ मामूली उलझनों को छोड़ दैनिक कार्य सामान्य गति से चलते रहेंगे। नौकरी धंधे से अपेक्षित लाभ कमाने के लिए आज किसी के सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी लेकिन आपके उदासीन व्यवहार के कारण सहयोग प्राप्त करने में थोड़ा विलंब हो सकता है। व्यवसायी वर्ग दिन के आरंभ में परेशान रहेंगे लेकिन बाद में आर्थिक समस्या का समाधान होने से शांति मिलेगी। पारिवारिक सुख आज सामान्य रहेगा। कुछ समय के लिये शारीरिक स्फूर्ति खत्म जैसी लगेगी दवा लेने पर सामान्य हो सकती है।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन भी आपको प्रतिकूल फल देने वाला है। आज भला करने पर भी बुराई ही मिलेगी गृहस्थ में भी वैर-विरोध अधिक रहने से मानसिक रूप से हताश रहेंगे। कार्य व्यवसाय में आकस्मिक हानि हो सकती है देख परख कर ही कोई कार्य हाथ मे लें। नए अनुबंध और उधारी के व्यवहार से बचें। नौकरी पेशा जातक एवं व्यापारी भी किसी सरकारी उलझन में फंस सकते है। आज लाभ कमाने के लिए स्वभाव में सरलता ही एकमात्र रास्ता है। भाई बंधुओ से कोई मामूली बात निकट भविष्य में गहरा सकती है स्वभाव में अधिक खुलापन आज ठीक नही। फिजूल खर्ची अधिक रहेगी।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन आपके लिए लाभदायी रहेगा लेकिन मन की चंचलता बने बनाये लाभ पर पानी भी फेर सकती है। दिन के आरंभ में कार्यो में सहज सफलता मिलने से अतिआत्मविश्वाश की भावना अन्य कार्यो को बिगाड़ सकती है विवेक से काम लें आज लाभ अवश्य होकर रहेगा। सौंदर्य प्रसाधन अथवा अन्य सुखोपभोग की वस्तुओं पर खर्च करेंगे। विपरीत लिंगीय के प्रति आज आकर्षण अधिक रहने से शीघ्र समर्पण कर देंगे। लघु यात्रा हो सकती है। स्वास्थ्य आज ठीक रहेगा फिर भी चोट आदि से परेशानी हो कि सम्भवना है सतर्क रहें।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन आपके अनुकूल रहेगा लेकिन आज आपके बनते कार्यो में कोई ना कोई टांग अवश्य अड़ाएगा इसे अनदेखा कर अपने कार्यो में लगे रहे अगर विरोध किया तो लाभ से वंचित रह जाएंगे। मित्रो खास कर प्रेम प्रसंगों के कारण आज अधिक खर्च होगा फिर भी सुख की प्राप्ति आशानुकूल नही होगी। धन लाभ थोड़े विलम्ब से लेकिन आवश्यकतानुसार हो जाएगा। सार्वजनिक कार्यो में दिखावे के लिए भाग लेंगे फिर भी सम्मान मिलेगा। सेहत में थोड़ा बहुत उतार चढ़ाव रहने पर भी दैनिक कार्य प्रभावित नही होंगे।

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