🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌤️ *दिनांक – 09 सितम्बर 2025*
🌤️ *दिन – मंगलवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत – 1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शरद ऋतु*
🌤️ *मास – आश्विन (गुजरात-महाराष्ट्र भाद्रपद)*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – द्वितीया शाम 06:28 तक तत्पश्चात तृतीया*
🌤️ *नक्षत्र – उत्तरभाद्रपद शाम 06:07 तक तत्पश्चात रेवती*
🌤️ *योग – गण्ड रात्रि 11:59 तक तत्पश्चात वृद्धि*
🌤️ *राहुकाल – शाम 03:42 से शाम 05:14 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:25*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:46*
👉 *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – द्वितीया का श्राद्ध,पंचक*
💥 *विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🕉️~*वैदिक पंचांग* ~🕉️
🌷 *श्राद्ध के दिन* 🌷
🙏🏻 *जिस दिन आप के घर में श्राद्ध हो उस दिन गीता का सातवें अध्याय का पाठ करें । पाठ करते समय जल भर के रखें । पाठ पूरा हो तो जल सूर्य भगवन को अर्घ्य दें और कहें की हमारे पितृ के लिए हम अर्पण करते हें। जिनका श्राद्ध है , उनके लिए आज का गीता पाठ अर्पण।*
🙏
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *श्राद्ध कर्म* 🌷
🌞 *अगर पंडित से श्राद्ध नहीं करा पाते तो सूर्य नारायण के आगे अपने बगल खुले करके (दोनों हाथ ऊपर करके) बोलें :*
🌞 *”हे सूर्य नारायण ! मेरे पिता (नाम), अमुक (नाम) का बेटा, अमुक जाति (नाम), (अगर जाति, कुल, गोत्र नहीं याद तो ब्रह्म गोत्र बोल दे) को आप संतुष्ट/सुखी रखें । इस निमित मैं आपको अर्घ्य व भोजन कराता हूँ ।” ऐसा करके आप सूर्य भगवान को अर्घ्य दें और भोग लगायें ।*
🙏
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *तुलसी* 🌷
🌿 *श्राद्ध और यज्ञ आदि कार्यों में तुलसी का एक पत्ता भी महान पुण्य देनेवाला है | पद्मपुराण (ऋषिप्रसाद – अक्टूबर २०१४ से )*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *श्राद्ध में करने योग्य* 🌷
🙏 *श्राद्ध पक्ष में १ माला रोज द्वादश मंत्र ” ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ” की करनी चाहिए और उस माला का फल नित्य अपने पितृ को अर्पण करना चाहिए।*
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🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
बिहारी जी किसी का उधार नहीं रखते
एक बार की बात है। वृन्दावन में एक संत रहा करते थे। उनका नाम था कल्याण, वे बाँके बिहारी जी के परमभक्त थे। एक बार उनके पास एक सेठ आया, अब था तो सेठ… लेकिन कुछ समय से उसका व्यापार ठीक से नहीं चल रहा था।
उसको व्यापार में बहुत नुकसान हो रहा था। सेठ उन संत के पास गया और उनको अपनी सारी व्यथा बताई और और कहा, महाराज महाराज मेरे व्यापार में कुछ दिनों से काफी नुकसान हो रहा है आप कोई उपाय करियाँ
संत ने कहा सेठ जी अगर मैं ऐसा कोई उपाय जानता तो आपको अवश्य बता देता। लेकिन मैं ऐसी कोई विद्या नहीं जानता जिससे मैं आपके व्यापार को ठीक कर सकु, ये मेरे बस में नहीं है। हमारा तो एक ही सहारा है, बिहारी जी….
इतनी बात हो ही पाई थी, कि बिहारी जी के मंदिर खुलने का समय हो गया। संत सेठ जी को बिहारी जी के मंदिर में ले आये और अपने हाँथ को बिहारी जी की ओर करते हुए सेठ जी को बोले, आपको जो कुछ भी मांगना है… जो कुछ भी कहना है… इनसे कह दो।
ये सबकी कामनाओं को पूर्ण कर देते है। सेठ जी ने बिहारी जी से प्रार्थना की, दो चार दिन वृन्दावन में रुके और फिर चले गए। कुछ समय बाद सेठ जी का सारा व्यापार धीरे-धीरे ठीक हो गया। अब सेठ जी समय-समय पर बिहारी जी के दर्शन करने वृन्दावन आने लगे।
लेकिन कुछ समय बाद सेठ जी थोडे अस्वस्थ हो गए, वृन्दावन आने की शक्ति भी अब उनके शरीर मे नही रही। एक बार उसका एक जानकार वृन्दावन धाम की यात्रा पर जा रहा था इस बात को जानकर सेठ जी को बड़ी प्रसन्नता हुई !
सेठ जी ने उसे कुछ पैसे दिए (750 रुपये) और कहा कि ये धन तू बिहारी जी की सेवा में लगा देना और उनको पोशाक धारण करवा देना।
वो भक्त जब वृन्दावन आया तो उसने सेठ जी के कहे अनुसार बिहारी जी के लिए पोशाक बनवाई और उनको भोग भी लगवाया।
लेकिन इन सब व्यवस्था में धन थोड़ा ज्यादा खर्च हो गया। लेकिन उस भक्त ने सोचा… चलो कोई बात नही, थोड़ी सेवा बिहारी जी की हमसे भी बन गई। अब इधर मंदिर बंद हुआ तो बिहारी जी रात को सेठ जी के स्वप्न में पहुंच गए। सेठ जी को स्वप्न में ही बिहारी जी ने कहा, तुमने जो मेरे लिए सेवा भेजी थी वो मेने स्वीकार की… लेकिन उस सेवा में 249 रुपये ज्यादा लगे है, तुम उस भक्त को ये रुपय लौटा देना।
ऐसा कहकर बिहारी जी अंतर्ध्यान हो गए। सेठ जी की जब सुबह आँख खुली तो वे बिहारी जी की लीला देख कर आश्चर्य चकित रह गए। सेठ जी जल्द से जल्द तैयार हो कर उस भक्त के घर पहुंच गए और उसको सारी बात बताई। यह सब जानकर वो भक्त आश्चर्य चकित रह गया, कि ये बात तो सिर्फ मैं ही जनता था और तो मैने किसी को बताई भी नही। सेठ जी ने उनको वो 249 रुपये दिए और कहा… “मेरे सपने में श्री बिहारी जी आए थे, वो ही मुझे ये सब बात बता कर गए है….
ये लीला देखकर वो भक्त खुशी से मुस्कुराने लगा और बोला जय हो बिहारी जी की इस कलयुग में भी हमारे बिहारी जी किसी का कर्ज किसी के ऊपर नही रहने देते। जो एक बार इनकी शरण ले लेता है। फिर उसे किसी से कुछ माँगना नही पड़ता, उसको सब कुछ मिलता चला जाता है।। बोर्लो श्री वृन्दावन बिहारी लाल की जय
🙏राधे राधे🙏
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️

*हनुमान जी के 10 रहस्य !!*
हिन्दुओं के प्रमुख देवता हनुमानजी के बारे में कई रहस्य जो अभी तक छिपे हुए हैं। शास्त्रों अनुसार हनुमानजी इस धरती पर एक कल्प तक सशरीर रहेंगे।
1. हनुमानजी का जन्म स्थान : कर्नाटक के कोपल जिले में स्थित हम्पी के निकट बसे हुए ग्राम अनेगुंदी को रामायणकालीन किष्किंधा मानते हैं। तुंगभद्रा नदी को पार करने पर अनेगुंदी जाते समय मार्ग में पंपा सरोवर आता है। यहां स्थित एक पर्वत में शबरी गुफा है जिसके निकट शबरी के गुरु मतंग ऋषि के नाम पर प्रसिद्ध ‘मतंगवन’ था।हम्पी में ऋष्यमूक के राम मंदिर के पास स्थित पहाड़ी आज भी मतंग पर्वत के नाम से जानी जाती है। कहते हैं कि मतंग ऋषि के आश्रम में ही हनुमानजी का जन्म हआ था। श्रीराम के जन्म के पूर्व हनुमानजी का जन्म हुआ था। प्रभु श्रीराम का जन्म 5114 ईसा पूर्व अयोध्या में हुआ था। हनुमान का जन्म चैत्र मास की शुक्ल पूर्णिमा के दिन हुआ था।
2. कल्प के अंत तक सशरीर रहेंगे हनुमानजी : इंद्र से उन्हें इच्छा मृत्यु का वरदान मिला। श्रीराम के वरदान अनुसार कल्प का अंत होने पर उन्हें उनके सायुज्य की प्राप्ति होगी। सीता माता के वरदान अनुसार वे चिरजीवी रहेंगे। इसी वरदान के चलते द्वापर युग में हनुमानजी भीम और अर्जुन की परीक्षा लेते हैं। कलियुग में वे तुलसीदासजी को दर्शन देते हैं। ये वचन हनुमानजी ने ही तुलसीदासजी से कहे थे-
*चित्रकूट के घाट पै, भई संतन के भीर।*
*तुलसीदास चंदन घिसै, तिलक देत रघुबीर।।*
श्रीमद् भागवत अनुसार हनुमानजी
कलियुग में गंधमादन पर्वत पर निवास करते हैं।
3. कपि नामक वानर : हनुमानजी का जन्म कपि नामक वानर जाति में हुआ था। रामायणादि ग्रंथों में हनुमानजी और उनके सजातीय बांधव सुग्रीव अंगदादि के नाम के साथ ‘वानर, कपि, शाखामृग, प्लवंगम’ आदि विशेषण प्रयुक्त किए गए। उनकी पुच्छ, लांगूल, बाल्धी और लाम से लंकादहन इसका प्रमाण है कि वे वानर थे। रामायण में वाल्मीकिजी ने जहां उन्हें विशिष्ट पंडित, राजनीति में धुरंधर और वीर-शिरोमणि प्रकट किया है, वहीं उनको लोमश ओर पुच्छधारी भी शतश: प्रमाणों में व्यक्त किया है। अत: सिद्ध होता है कि वे जाति से वानर थे।
4. हनुमान परिवार : हनुमानजी की माता का अंजनी पूर्वजन्म में पुंजिकस्थला नामक अप्सरा थीं। उनके पिता का नाम कपिराज केसरी था। ब्रह्मांडपुराण अनुसार हनुमानजी सबसे बड़े भाई हैं। उनके बाद मतिमान, श्रुतिमान, केतुमान, गतिमान, धृतिमान थे। कहते हैं कि जब वर्षों तक केसरी से अंजना को कोई पुत्र नहीं हुआ तो पवनदेव के आशिर्वाद से उन्हें पुत्र प्राप्त हुआ। इसीलिए हनुमानजी को पवनपुत्र भी कहते हैं। कुंति पुत्र भीम भी पवनपुत्र हैं। हनुमानजी रुद्रावतार हैं। पराशर संहिता अनुसार सूर्यदेव की शिक्षा देने की शर्त अनुसार हनुमानजी को सुवर्चला नामक स्त्री से विवाह करना पड़ा था।
5. इन बाधाओं से बचाते हैं हनुमानजी : रोग और शोक, भूत-पिशाच, शनि, राहु-केतु और अन्य ग्रह बाधा, कोर्ट-कचहरी-जेल बंधन, मारण-सम्मोहन-उच्चाटन, घटना-दुर्घटना से बचना, मंगल दोष, पितृदोष, कर्ज, संताप, बेरोजगारी, तनाव या चिंता, शत्रु बाधा, मायावी जाल आदि से हनुमानजी अपने भक्तों की रक्षा करते हैं।
6. हनुमानजी के पराक्रम : हनुमान सर्वशक्तिमान, सर्वज्ञ और सर्वत्र हैं। बचपन में उन्होंने सूर्य को निकल लिया था। एक ही छलांक में वे समुद्र लांघ गए थे। उन्होंने समुद्र में राक्षसी माया का वध किया। लंका में घुसते ही उन्होंने लंकिनी और अन्य राक्षसों के वध कर दिया। अशोक वाटिका को उजाड़कर अक्षय कुमार का वध कर दिया। जब उनकी पूछ में आग लगाई गई तो उन्हों लंका जला दी। उन्होंने सीता को अंगुठी दी, विभिषण को राम से मिलाया। हिमालय से एक पहाड़ उठाकर ले आए और लक्ष्मण के प्राणों की रक्षा की। इस बीच उन्होंने कालनेमि राक्षस का वध कर दिया। पाताल लोक में जाकर राम-लक्ष्मण को छुड़ाया और अहिरावण का वध किया। उन्होंने सत्यभामा, गरूढ़, सुदर्शन, भीम और अर्जुन का घमंड चूर चूर कर दिया था।
हनुमानजी के ऐसे सैंकड़ों पराक्रम हैं।
7. हनुमाजी पर लिखे गए ग्रंथ : तुलसीदासजी ने हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, हनुमान बहुक, हनुमान साठिका, संकटमोचन हनुमानाष्टक, आदि अनेक स्तोत्र लिखे। तुलसीदासजी के पहले भी कई संतों और साधुओं ने हनुमानजी की श्रद्धा में स्तुति लिखी है। इंद्रादि देवताओं के बाद हनुमानजी पर विभीषण ने हनुमान वडवानल स्तोत्र की रचना की। समर्थ रामदास द्वारा मारुती स्तोत्र रचा गया। आनंद रामायण में हनुमान स्तुति एवं उनके द्वादश नाम मिलते हैं। इसके अलावा कालांतर में उन पर हजारों वंदना, प्रार्थना, स्त्रोत, स्तुति, मंत्र, भजन लिखे गए हैं। गुरु गोरखनाथ ने उन पर साबर मंत्रों की रचना की है।
8. माता जगदम्बा के सेवक हनुमानजी : रामभक्त हनुमानजी माता जगदम्बा के सेवक भी हैं। हनुमानजी माता के आगे-आगे चलते हैं और भैरवजी पीछे-पीछे। माता के देशभर में जितने भी मंदिर है वहां उनके आसपास हनुमानजी और भैरव के मंदिर जरूर होते हैं। हनुमानजी की खड़ी मुद्रा में और भैरवजी की मुंड मुद्रा में प्रतिमा होती है। कुछ लोग उनकी यह कहानी माता वैष्णोदेवी से जोड़कर देखते हैं।
9. सर्वशक्तिमान हनुमानजी : हनुमानजी के पास कई वरदानी शक्तियां थीं लेकिन फिर भी वे बगैर वरदानी शक्तियों के भी शक्तिशाली थे। ब्रह्मदेव ने हनुमानजी को तीन वरदान दिए थे, जिनमें उन पर ब्रह्मास्त्र बेअसर होना भी शामिल था, जो अशोकवाटिका में काम आया। सभी देवताओं के पास अपनी अपनी शक्तियां हैं। जैसे विष्णु के पास लक्ष्मी, महेश के पास पार्वती और ब्रह्मा के पास सरस्वती। हनुमानजी के पास खुद की शक्ति है। इस ब्रह्मांड में ईश्वर के बाद यदि कोई एक शक्ति है तो वह है हनुमानजी। महावीर विक्रम बजरंगबली के समक्ष किसी भी प्रकार की मायावी शक्ति ठहर नहीं सकती।
10. इन्होंने देखा हनुमानजी को : 13वीं शताब्दी में माध्वाचार्य, 16वीं शताब्दी में तुलसीदास, 17वीं शताब्दी में रामदास, राघवेन्द्र स्वामी और 20वीं शताब्दी में स्वामी रामदास हनुमान को देखने का दावा करते हैं। हनुमानजी त्रेता में श्रीराम, द्वापर में श्रीकृष्ण और अर्जुन और कलिकाल में रामभक्तों की सहायता करते हैं।
*जय श्री राम*
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जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
अंक ज्योतिष का सबसे आखरी मूलांक है नौ। आपके जन्मदिन की संख्या भी नौ है। यह मूलांक भूमि पुत्र मंगल के अधिकार में रहता है। आप बेहद साहसी हैं। आपके स्वभाव में एक विशेष प्रकार की तीव्रता पाई जाती है। आप सही मायनो में उत्साह और साहस के प्रतीक हैं। मंगल ग्रहों में सेनापति माना जाता है। अत: आप में स्वाभाविक रूप से नेतृत्त्व की क्षमता पाई जाती है। लेकिन आपको बुद्धिमान नहीं माना जा सकता। मंगल के मूलांक वाले चालाक और चंचल भी होते हैं। आपको लड़ाई-झगड़ों में भी विशेष आनंद आता है। आपको विचित्र साहसिक व्यक्ति कहा जा सकता है।
शुभ दिनांक : 9, 18, 27
शुभ अंक : 1, 2, 5, 9, 27, 72
शुभ वर्ष : 2026, 2036, 2045
ईष्टदेव : हनुमान जी, मां दुर्गा।
शुभ रंग : लाल, केसरिया, पीला
जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :
अपनी शक्ति का सदुपयोग कर प्रगति की और अग्रसर होंगे। पारिवारिक विवाद सुलझेंगे। महत्वपूर्ण कार्य योजनाओं में सफलता मिलेगी। अधिकार क्षेत्र में वृद्धि संभव है। नौकरी में आ रही बाधा दूर होगी। स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। राजनैतिक व्यक्ति सफलता का स्वाद चख सकते हैं। मित्रों स्वजनों का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी।
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन आपको सावधानी से प्रत्येक कार्य देखभाल कर करने की सलाह है। मध्यांन तक कार्य क्षेत्र से अथवा किसी अन्य माध्यम से धन प्राप्ति के सपने देखेंगे। लेकिन इनसे निराश होना पड़ेगा। व्यवसायी वर्ग आज थोड़ा थोड़ा लाभ कमाने का प्रयास करें इकट्ठा धन मिलना आज संभव नहीं है। जोखिम वाले कार्यों में निवेश निकट भविष्य में दोगुना होकर मिल सकता है। इसके अतिरिक्त अन्य किसी भी कार्य में निवेश ना करें। सार्वजनिक क्षेत्र पर बुद्धिजीवियों से जान पहचान बनेगी लेकिन आपके अंदर अहम रहने से इनसे कोई विशेष लाभ नहीं उठा पाएंगे। धन की आमद किसी की दया दृष्टि पड़ने पर ही होगी। लेकिन व्यवहारिकता की कमी इसमें भी कुछ ना कुछ बाधा डालेगी। माता पिता अथवा जीवनसाथी से किसी बात को लेकर वैचारिक मतभेद भी उत्पन्न होंगे। बेवजह उलझने की जगह आज शांत रहने का प्रयास करें। आने वाले दिन से स्थिति में सुधार आने लगेगा। आज शरीर में दर्द अकड़न की शिकायत के चलते स्वास्थ्य में कुछ समय के लिए नरमी बनेगी।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन आपको आकस्मिक लाभ के योग बन रहे हैं। लेकिन आज परिवार में किसी के असंतुष्ट रहने के चलते दिनभर मानसिक क्लेश बना रहेगा। परिवार का कोई सदस्य अनैतिक मांग को लेकर परेशान कर सकता है। आज आपकी कार्यशैली धीमी रहेगी लेकिन वचन के पक्के रहेंगे। सार्वजनिक क्षेत्र पर आपकी छवि ईमानदार एवं बुद्धिमान जैसी बनेगी। आज आप कार्य क्षेत्र पर कम समय में अधिक लाभ कमाने वाले कार्यों को करने में रुचि लेंगे। लेकिन धन अथवा सहयोग की कमी इसे पूरा होने में विलंब कराएगी। संध्या के आस-पास कोई पुराना कार्य पूर्ण होने से आर्थिक लाभ होगा निकट भविष्य के लिए भी लाभ के मार्ग खुलेंगे। बौद्धिक कार्य से जुड़े लोगों को अपने कार्य में सफलता मिलेगी। संध्या बाद फरमाइश पूरी करने पर पारिवारिक सुख उत्तम रहेगा। सेहत में थोड़ी बहुत नरमी रहने पर भी इसकी परवाह नहीं करेंगे।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन वैसे तो आपके लिए कार्य सफलता वाला है लेकिन आज किसी कारण से शंकालु प्रवृत्ति रहेगी। लाभ के अवसर भी ज्यादा सोच विचार करने के चक्कर में हाथ से निकल सकते हैं इसका ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र पर आज किसी नई योजना पर कार्य आरंभ करने का अवसर मिलेगा पुराने अनुभवों से सीख लेकर कार्य करें निकट भविष्य में वृद्धि के योग बनेंगे। आज भी धन लाभ आशाजनक तो नहीं फिर भी काम चलाऊ हो ही जाएगा। अपनी किसी गलती का गुस्सा परिजन अथवा सहकर्मियों पर उतारने पर कुछ समय के लिए माहौल गर्म होगा लेकिन अपनी सूझबूझ से स्थिति को संभाल भी लेंगे। नौकरीपेशा जातक महत्वपूर्ण कार्य के सफल होने पर प्रसन्न होंगे व्यवसायी वर्ग को आज थोड़े से समय के लिए ही भविष्य बनाने का अवसर मिलेगा सतर्क रहें अन्यथा हाथ से निकल भी सकता है। घरेलू वातावरण में भी पहले की अपेक्षा शांति अनुभव करेंगे सर्दी जुखाम की शिकायत हो सकती है।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन आपके लिए विविध उलझन से भरा रहेगा। प्रातः काल से ही मन में निराशाजनक विचार आएंगे। आर्थिक अथवा किसी अन्य विषय को लेकर किसी से किया वादा पूरा ना कर पाने का अफसोस मन में रहेगा। इसके बाद भी आप झमेलों में पड़ना पसंद नही करेंगे किसी स्वजन के दवाब डालने पर ही दोपहर के बाद मन अनैतिक कार्यों के प्रति आकर्षित होगा धन कमाने के लिए गलत मार्ग भी अपना सकते हैं। इस वजह से अपमानजनक स्थिति का भी सामना करना पड़ेगा। कार्य क्षेत्र पर संघर्ष रहेगा। धन लाभ के लिए कई युक्तियां लगाएंगे लेकिन सफलता मिलना आज मुश्किल ही है। आज विशेषकर सरकार विरोधी गतिविधियो एवं विपरीतलिंगी आकर्षण से दूर ही रहे। आज उधारी के व्यवहार करने से बचें। पारिवारिक वातावरण में भी ग़लतफ़हमियां पनपेगी। घर मे संतान को छोड़कर अन्य सुख न्यून ही रहेंगे। माता की बातों को अनदेखा ना करें अन्यथा किसी मुसीबत में फंस सकते हैं। छाती से ऊपर के अंगों में कष्ट हो सकता है विशेषकर नेत्रज्योति संबंधित परेशानी बनेगी।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज भी दिन भर कोई ना कोई शारीरिक कष्ट बना रहेगा। सेहत को लेकर पूर्व में बरती लापरवाही भी शारीरिक शीतलता का कारण बनेगी। वैसे तो परिश्रम वाले कार्यों को करने का सामर्थ्य नहीं रहेगा फिर भी परिस्थितियों को देखकर थोड़ी बहुत भागदौड़ करनी ही पड़ेगी। शारीरिक एवं आर्थिक किसी भी प्रकार का जोखिम लेने से बचें। कार्यक्षेत्र पर सामान्य व्यवसाय रहेगा थोड़े बहुत लाभ के अवसर भी मिलेंगे लेकिन प्रतिस्पर्धा अधिक रहने के चलते ले देकर काम बनाना पड़ेगा। धन की आमद कामचलाऊ होगी। किसी से किया वादा पूरा ना करने का बोझ मन पर रहेगा। सरकारी अथवा राजनीतिक लोगों से मिलने के प्रसंग बनेंगे। इनसे ज्यादा अपेक्षाएं ना रखें दूरी बनाकर ही रखें तो ज्यादा बेहतर है। लाभ लेने की जगह कुछ ना कुछ देना पड़ सकता है। किसी परिचित रिश्तेदार के सहयोग से प्रॉपर्टी आदि से लाभ हो सकता है। आज उदर से निचले हैं अंगों में निष्क्रियता अनुभव करेंगे।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन वैसे तो आपके अनुकूल ही रहेगा लेकिन जल्दबाजी में अथवा किसी से प्रतिस्पर्धा के चलते स्वयं को श्रेष्ठ दिखाने की होड़ में हास्य के पात्र तो बनेंगे ही थोड़ी बहुत हानि भी करवाएंगे। आज आप घरेलू संबंधित मामलों में अथवा व्यवसाय में जो भी रणनीति बनाएंगे उसमें आरंभ में किसी न किसी के विरोध का सामना करना पड़ेगा। विशेषकर आज ननिहाल पक्ष से अपनी बात मनवा पाएंगे। लेकिन इनकी कहीं बातों को अनदेखा करें। परिवार में कोई पैतृक अथवा अन्य प्रॉपर्टी बेचने का विचार बनेगा। लेकिन किसी सदस्य की सहमति ना मिलने पर लटक भी सकता है। मध्यान्ह के आसपास कार्य क्षेत्र पर चोरी अथवा अन्य कारणों से नुकसान होने का भय है। सतर्क रहकर कार्य करें सरकारी उलझन में फसलें की संभावना है। आंख बंद कर किसी पर भरोसा ना करें। पेट को ठंडा रखने के उपाय करें अन्यथा समस्या होगी।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन आपको मिला जुला फल प्रदान करेगा। दिन के आरंभ में कोई छोटी बड़ी हानि की संभावना बनेगी। किसी महत्वपूर्ण विषय में जानकर भी अनजान बनने पर किसी प्रियजन से बहस भी हो सकती है। कार्यक्षेत्र पर आज आपकी आंखों के सामने से लाभ के सौदे निकल जाएंगे लेकिन कुछ कर नहीं पाने का दुख होगा। कुछ दिनों से अटके आर्थिक मामले अपनी व्यवहारिकता के बल पर बना लेंगे। अति महत्वपूर्ण कार्य संध्या से पहले पूर्ण करने का प्रयास करें इसके बाद परिस्थितियां हानिकारक बनने वाली है। घरेलू सुख सुविधाएं आज भी ठीक-ठाक ही रहेंगी लेकिन इन में वृद्धि नहीं कर पाएंगे। घर में शांति बनी रहेगी परिजनों के साथ भावनात्मक संबंध बने रहेंगे। संध्या के समय परेशान करने वाली खबर मिल सकती है। सेहत में थोड़ी बहुत नरमी रहने के बाद भी काम चलता रहेगा।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन आपके व्यक्तित्व में विकास होगा। समाज के वरिष्ठ व्यक्तियों से नए अनुभव सीखने को मिलेंगे। स्वभाव में थोड़ा सी अकड जरूर रहेगी जिसके चलते हर किसी से तालमेल नहीं बना पाएंगे। आज आध्यात्म अथवा शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े जातक एवं संतानों की प्रगति में अवरोध आएंगे हतोत्साहित ना हो परिश्रम में लगे रहे शीघ्र ही शुभ फल भी देखने को मिलेंगे। कार्य व्यवसाय का भी यही हाल रहेगा किसी बड़ी योजना के आरंभ में लोगों का गलत मार्गदर्शन मिलने से दिशा भ्रम की स्थिति बनेगी। यहां परिजनों की सलाह अवश्य काम आएगी। मध्यान्ह बाद कुछेक कार्यों के बनने से धन की आमद होगी। आज लॉटरी सट्टे अथवा अन्य जोखिम वाले कार्य में निवेश निकट भविष्य के लिए लाभदायक हो सकता है। अन्य कार्यों में भी निवेश कर सकते हैं। लेकिन लाभ कि तुरंत आशा न रखें किसी परिजन कि उद्दंडत आदत के चलते कुछ समय के लिए माहौल गर्म होगा सुख भी मिलेगा। हड्डियों संबंधित समस्या अथवा गिरने से चोट आदि का भय।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन आपको घर एवं कार्यक्षेत्र पर प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। दिन के आरंभिक भाग में सेहत में भी थोड़ी बहुत नरमी रहेगी जिसके चलते दैनिक कार्य में विलंब होगा। आज घर एवं कार्यक्षेत्र पर वाणी का सोच-समझकर प्रयोग करें लापरवाही में बोली गई बातें सामने वाले कि कष्ट पहुचायेगी जिससे किसी भी कार्य मे अड़चन आ सकती है। आज विद्या, माता संबंधी, पशुपालन, कृषि कर्म, संपत्ति निर्माण संबंधित कोई भी नया कार्य आरंभ ना करें अन्यथा धन हानि के साथ मानसिक क्लेश का कारण भी बनेगा। कार्यक्षेत्र से धन की आमद खर्च की तुलना में बहुत धीमी रहेगी व्यापार-व्यवसाय से जितना पैसा कमाएंगे तुरंत ही अन्य कार्यों में खर्च हो जाएगा। परिवार में छोटी मोटी खींचतान बनी रहेगी। घर के सदस्य स्वयं को एक दूसरे की तुलना में बेहतर दिखाने का प्रयास करेंगे। गले संबंधित व्याधि परेशान कर सकती है।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन भी आपको किसी न किसी रूप में आर्थिक लाभ कराएगा। लेकिन आज इसके लिए बेवजह की सरदर्दी भी मौज लेनी पड़ेगी। सेहत रहेगी स्वभाव में भी तेजी रहेगी लेकिन कार्य करने की शैली धीमी रहने के कारण किसी आवश्यक कार्य में विलंब होगा इस वजह से इसके पूर्ण होने में भी संदेह रहेगा। आज कोई पुराना कार्य जिससे आप लाभ की संभावना लगाए हुए थे उसके अक्समात बिगड़ने से मन निराश होगा। लेकिन तुरंत ही कोई अन्य कार्य अथवा सौदा मिलने से राहत भी मिलेगी आज विनम्रता से धन लाभ प्राप्त किया जा सकता है इसका ध्यान रखें। परिवार में कुछ समय के लिए अशांति का वातावरण बनेगा परिजनों की धैर्य हीनता के कारण आपस में टकराव की स्थिति बनेगी। सर्द गर्म, मूत्राशय में विकार एवं गला बैठने से परेशानी हो सकती है। आकस्मिक यात्रा लाभदायक रहेगी।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन आपके लिए सामान्य फलदायक रहेगा। दिन के आरंभ से ही सोची गई योजनाओं में विपरीत प्रतिक्रिया देखने को मिलेगी। आज बौद्धिक कार्य संबंधित रोजगार से जुड़े जातकों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। लेकिन यहां अति आत्मविश्वास से बचें अन्यथा सम्मान मिलने की जगह अपमानित भी होना पड़ेगा। सहज होकर कार्य करें तो सम्मान के साथ धन लाभ होगा। अन्य क्षेत्र से जुड़े जातक विशेषकर सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को आज पूर्व में बरती लापरवाही अथवा गलत आचरण के चलते प्रतिष्ठा में हानी उठानी पड़ेगी। कृषि कर्म से जुड़े जातकों को भी अक्समात धन लाभ होने की संभावना है। अन्य लोगों के लिए दिन सामान्य से कम ही फल देगा। घर परिवार का वातावरण झूठे दिलासे देने तक की सामान्य रहेगा। आज शरीर में एलर्जी के कारण परेशानी हो सकती है।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन आपके स्वभाव एवं व्यवहार में काफी परिवर्तन देखने को मिलेगा। कुछ समय के लिए परिजनों को भी आश्चर्यचकित करेंगे। आज आप निजी स्वार्थों को छोड़ अन्य लोगों का सहयोग एवं अन्य परोपकार के कार्यों में तत्पर रहेंगे। आप के विरोध में बोलने वाले लोग भी आज आपके किसी विशिष्ट कार्य की प्रशंसा करेंगे। कार्य क्षेत्र एवं सामाजिक क्षेत्र में भी अपने व्यवहार के बल पर विशिष्ट लोगों से संपर्क बनाएंगे। लेकिन रोजगार के मामले में आज अन्य सहकर्मियों की तुलना में पीछे ही रहेंगे। जिस भी कार्य को करेंगे उसमें कोई ना कोई झंझट पड़ेगा। जिसके चलते धन की आमद होते-होते आगे के लिए टलेगी। जितना धन लाभ होगा वह खर्चों को देखते हुए कम ही रहेगा। दांपत्य एवं पारिवारिक जीवन में सुखद अनुभव होंगे मूत्राशय अथवा अन्य गुप्त रोग हो सकते हैं।

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