Vaidik Panchang 08082025 Jwaladevi Mata Story

🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌤️ *दिनांक – 08 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन – शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत – 1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – वर्षा ऋतु*
🌤️ *मास – श्रावण*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – चतुर्दशी दोपहर 02:12 तक तत्पश्चात पूर्णिमा*
🌤️ *नक्षत्र – उत्तराषाढा दोपहर 02:28 तक तत्पश्चात श्रवण*
🌤️ *योग – आयुष्मान 09 अगस्त प्रातः 04:09 तक तत्पश्चात सौभाग्य*
🌤️ *राहुकाल – सुबह 11:07 से दोपहर 12:44 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:16*
🌤️ *सूर्यास्त – 07:12*
👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – हरियाली पूर्णिमा, वरद लक्ष्मी व्रत*
💥 *विशेष – चतुर्दशी व पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
         🕉️ ~*वैदिक पंचांग* ~ 🕉️

🌷 *लक्ष्मी पूजन तिथि* 🌷
🙏🏻 *स्कंद पुराण में लिखा है पौष मास की शुक्ल पक्ष की दसमी तिथि, चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की और सावन महिने की पूनम (श्रावणी पूनम- 09 अगस्त 2025 शनिवार) ये दिन लक्ष्मी पूजा के खास उपाय  बताये गये हैं | इन दिनों में अगर कोई आर्थिक कष्ट से जूझ रहा है | पैसों की बहुत तंगी है घर में तो 12 मंत्र लक्ष्मी माता के बोलकर, शांत बैठकर मानसिक पूजा करें और उनको नमन करें तो उसको भगवती लक्ष्मी की प्राप्ति होती है, लाभ होता है, घर में लक्ष्मी स्थायी हो जाती है | उसके घर से आर्थिक समस्याएं धीरे धीरे किनारा करती हैं  | बारह मंत्र इसप्रकार हैं –*
🌷  *ॐ ऐश्‍वर्यै नम:*
🌷 *ॐ कमलायै नम:*
🌷 *ॐ लक्ष्मयै नम:*
🌷 *ॐ चलायै नम:*
🌷 *ॐ भुत्यै नम:*
🌷 *ॐ हरिप्रियायै नम:*
🌷 *ॐ पद्मायै नम:*
🌷 *ॐ पद्माल्यायै नम:*
🌷 *ॐ संपत्यै नम:*
🌷 *ॐ ऊच्चयै नम:*
🌷 *ॐ श्रीयै नम:*
🌷 *ॐ पद्मधारिन्यै नम:*
🙏🏻  *सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्ति प्रदायिनि | मंत्रपूर्ते सदा देवि महालक्ष्मी नमोस्तुते ||*
*द्वादश एतानि नामानि लक्ष्मी संपूज्यय पठेत | स्थिरा लक्ष्मीर्भवेतस्य पुत्रदाराबिभिस: ||*
🙏🏻 *उसके घर में लक्ष्मी स्थिर हो जाती है | जो इन बारह नामों को इन दिनों में पठन करता है |*
🙏🏻
           🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️

🌷 *रक्षाबंधनः संकल्पशक्ति का प्रतीक* 🌷
🙏🏻 *रक्षाबंधन के दिन बहन भैया के ललाट पर तिलक-अक्षत लगाकर संकल्प करती है कि ‘मेरा भाई भगवत्प्रेमी बने। जैसे शिवजी त्रिलोचन हैं, ज्ञानस्वरूप हैं, वैसे ही मेरे भाई में भी विवेक-वैराग्य बढ़े, मोक्ष का ज्ञान, मोक्षमय प्रेमस्वरूप ईश्वर का प्रकाश आये। मेरा भाई धीर-गम्भीर हो। मेरे भैया की सूझबूझ, यश, कीर्ति और ओज-तेज अक्षुण्ण रहे।’ भाई सोचे कि ‘हमारी बहन भी चरित्रप्रेमी, भगवत्प्रेमी बने।’*
🙏🏻 *इस पर्व पर धारण किया हुआ रक्षासूत्र सम्पूर्ण रोगों तथा अशुभ कार्यों का विनाशक है। इसे वर्ष में एक बार धारण करने से वर्ष भर मनुष्य रक्षित हो जाता है। (भविष्य पुराण)*
🙏🏻 *रक्षाबंधन के पर्व पर बहन भाई को आयु, आरोग्य  पुष्टि की बृद्धि की भावना से राखी बाँधती है। अपना उद्देश्य ऊँचा बनाने काn संकल्प लेकर ब्राह्मण लोग जनेऊ बदलते हैं।*
🙏🏻 *समुद्र का तूफानी स्वभाव श्रावणी पूनम के बाद शांत होने लगता है। इससे जो समुद्री व्यापार करते हैं, वे नारियल फोड़ते हैं।*
🙏🏻 *
          🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
पंचक शुरू- 10 अगस्त 2025, रविवार को रात 02:11 बजे

पंचक खत्म- 14 अगस्त 2025, बृहस्पतिवार को सुबह 09:06 बजे
         🕉️ ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🕉️

*मां ज्वाला देवी मंदिर: अनंतकाल से प्रज्वलित ज्वालाएँ, अकबर ने जिसे हिंदू घृणा के कारण बुझाने की कोशिश की, हुई थी हार !!*

चमत्कार कभी तर्कों और तथ्यों के मोहताज नहीं होते। जिनकी आस्था धर्म में होती है वो इसे स्वीकार कर लेते हैं और जिन्हें विज्ञान में भरोसा है वो कोई न कोई कारण ढूँढ ही लेते हैं, चमत्कारों को परिभाषित करने का। हालाँकि भारत के कई ऐसे मंदिर हैं, जिनके चमत्कार आज भी रहस्य ही बने हुए हैं। ऐसा ही एक मंदिर हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा जिले में स्थित है, जहाँ अनंत काल से अग्नि की ज्वालाएँ प्रज्वलित हैं लेकिन इसके पीछे का कोई पुख्ता कारण किसी को ज्ञात नहीं है।

इसी चमत्कार के कारण यह ज्वाला देवी जी मंदिर मुगल आक्रांताओं और अंग्रेजों की नजर में चढ़ा जिन्होंने हिन्दू घृणा के चलते इन ज्वालाओं को बुझाने की बहुत कोशिश की लेकिन हर बार असफल रहे और हिन्दुओं की आस्था की यह ज्योति आज भी जल रही है।

*ज्वाला जी का इतिहास :* काँगड़ा जिले के ज्वालामुखी कस्बे में स्थित ज्वाला देवी जी मंदिर का इतिहास माता सती के अग्निदाह और भगवान शिव के क्रोध से जुड़ा हुआ है। अपने पिता महाराजा दक्ष के द्वारा जब भगवान शिव का अपमान किए जाने के बाद जब माता सती ने अग्निदाह कर लिया तब उनकी मृत देह को लेकर भगवान शिव क्रोध में आकर तांडव करने लगे।

भगवान शिव के क्रोध को शांत करने के लिए भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से माता की मृत देह को कई भागों में विभक्त कर दिया था तब माता सती की जीभ इस स्थान पर गिरी थी। माना जाता है कि जीभ के साथ माता की दिव्य ज्योति भी इस स्थान पर गिरी, इसी कारण है कि यहाँ 9 ज्वालाएँ प्रकट हुईं, जो आज भी निरंतर प्रज्ज्वलित हैं।

इस मंदिर का वर्णन महाभारत समेत कई अन्य हिन्दू ग्रंथों में किया गया है। मंदिर के गर्भगृह में कुल 9 ज्वालाएँ प्रज्वलित हैं, जिनमें से सबसे बड़ी ज्योति माँ ज्वाला देवी के नाम से जानी जाती हैं। इसके अलावा 8 अन्य ज्वालाएँ माँ अन्नपूर्णा, माँ विध्यवासिनी, माँ चण्डी देवी, माँ महालक्ष्मी, माँ हिंगलाज माता, माँ सरस्वती, माँ अम्बिका देवी एवं माँ अंजी देवी हैं।

माँ ज्वाला देवी के इस मंदिर का सर्वप्रथम निर्माण  राजा भूमिचंद के द्वारा कराया गया। इसके बाद 1835 में महाराजा रणजीत सिंह और कांगड़े के राजा संसार चंद ने इस मंदिर का निर्माण कराया। माँ ज्वाला देवी लखनपाल, शांडिल्य, ठाकुर, गुजराल और भाटिया समुदाय की कुलदेवी मानी जाती हैं, ऐसे में इन सभी के द्वारा भी मंदिर में लगातार निर्माण कार्य कराए जाते रहे हैं।

*चमत्कार को झुठलाने के प्रयास :* यह हम सभी जानते हैं कि हजारों वर्षों से भारत विदेशी आक्रांताओं का गुलाम रहा, जिनके मन में हिन्दू धर्म के प्रति मात्र घृणा का भाव ही था। इसी भाव से ग्रसित होकर मुस्लिम आक्रांताओं ने हजारों हिन्दू मंदिरों को नुकसान पहुँचाने का कार्य किया। इसी क्रम में ये आक्रांता ज्वाला जी मंदिर भी पहुँचे।

मुगल शासक अकबर तो अपनी सेना लेकर ज्वाला जी मंदिर पहुँचा, जिसने मंदिर में सहस्त्राब्दियों से प्रज्वलित इन ज्वालाओं को पानी डालकर बुझाने की कोशिश की। इसके अलावा इन ज्वालाओं को लोहे के तवे से भी ढका गया लेकिन ज्वाला के प्रभाव से तवे में भी छेद हो गया, अंततः उसे हार मान कर ज्वाला जी मंदिर से वापस लौटना पड़ा।

ब्रिटिश काल में अंग्रेजों ने भी उस ऊर्जा का पता लगाने का बहुत प्रयास किया जिसके कारण ये ज्वालाएँ कई वर्षों से लगातार प्रज्वलित हैं लेकिन वो भी असफल रहे।
हालाँकि बाद में कई भू-गर्भ विशेषज्ञों ने भी जमीन के अंदर किसी ऊर्जा के भंडार की संभावना जताते रहे लेकिन वो भी कभी इसका पुख्ता प्रमाण नहीं दे सके। ऐसे ही कई प्रयास लगातार किए जाते रहे लेकिन विज्ञान के इस युग में हिन्दुओं की आस्था आज भी ज्वाला जी मंदिर में उसी प्रकार बनी हुई है, जैसे सदियों पहले हुआ करती थी।

*बाबा गोरखनाथ का संबंध :* मंदिर का संबंध बाबा गोरखनाथ से भी है, और मंदिर परिसर में एक “गोरख डिब्बी” भी है।

         🕉️ ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🕉️
🙏🏻🌷🌻🌹🍀🌺🌸🍁💐🌷🙏🏻
जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष

दिनांक 8 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 8 होगा। इस दिन जन्मे व्यक्ति धीर गंभीर, परोपकारी, कर्मठ होते हैं। आपकी वाणी कठोर तथा स्वर उग्र है। आप भौतिकतावादी है। आप अदभुत शक्तियों के मालिक हैं। यह ग्रह सूर्यपुत्र शनि से संचालित होता है। आप अपने जीवन में जो कुछ भी करते हैं उसका एक मतलब होता है। कई बार आपके कार्यों का श्रेय दूसरे ले जाते हैं। आपके मन की थाह पाना मुश्किल है। आपको सफलता अत्यंत संघर्ष के बाद हासिल होती है।

शुभ दिनांक : 8, 17, 26

शुभ अंक : 8, 17, 26, 35, 44

शुभ वर्ष : 2042

ईष्टदेव : हनुमानजी, शनि देवता


शुभ रंग : काला, गहरा नीला, जामुनी

जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :
व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। नौकरीपेशा व्यक्ति प्रगति पाएंगे। बेरोजगार प्रयास करें, तो रोजगार पाने में सफल होंगे। सभी कार्यों में सफलता मिलेगी। जो अभी तक बाधित रहे है वे भी सफल होंगे। राजनैतिक व्यक्ति भी समय का सदुपयोग कर लाभान्वित होंगे। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे, स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अनुकूल ही रहेगा।


मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आपका आज का दिन साधारण रहेगा। आज आप चाहकर भी अपनी दिनचार्य को व्यवस्थित नही कर सकेंगे। प्रातः काल के समय कोई शुभ समाचार मिल सकता है परन्तु इसके बाद का समय उदासीन रहेगा। कार्य व्यवसाय में परिश्रम का फल आशाजनक नही मिलने पर निराशा होगी। नौकरी पेशा जातक भी व्यर्थ की भागदौड़ में लगे रहेंगे। आर्थिक रूप से आज मध्यान के बाद ही थोड़ा बहुत लाभ हो सकेगा। घरेलू वातावरण आपकी अथवा किसी अन्य सदस्य की टालने की प्रवृति से बिगड़ सकता है। क्रोध पर नियंत्रण आवश्यक है।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन आपके लिए मिश्रित फलदायी रहेगा। आज धार्मिक भावनाएं बढ़ने से मानसिक रूप से राहत अनुभव करेंगे मन मे अवश्य उथल पुथल लगी रहेगी फिर भी जाहिर नही होने देंगे। कार्य क्षेत्र पर मेहनत तो करेंगे परन्तु लाभ उचित मात्रा में नही हो सकेगा। कुछ महत्त्वपूर्ण विषयो को लेकर किसी प्रतिद्वन्दी से समझौता करना पड़ सकता है। धन लाभ मध्यान बाद थोड़े अंतराल पर होता रहेगा परन्तु खर्च की तुलना में पर्याप्त नही होगा। गृहस्थ में कुछ ना कुछ उलझनों के बाद भी स्थिति सामान्य बनी रहेगी।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन प्रतिकूल फलदायी रहेगा। सेहत का आज विशेष ध्यान रखें। आकस्मिक चोटादि लगने का भय है। दिन शारीरिक रूप से कष्टदायक रहेगा। व्यर्थ के खर्च रहने से ज्यादा परेशानी बनेगी। आज आवश्यकता पड़ने पर किसी सहकर्मी का सहयोग नही मिलेगा। कार्य व्यवसाय में आज महत्त्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें हानि हो सकती है। घरवाले थोड़ी बहुत मदद करने का प्रयास करेंगे परन्तु स्वभाव में अहम की भावना रहने से आपको पसंद नही होगा। आर्थिक रूप से भी दिन परेशानी वाला रहेगा। उधार लेने की नौबत आ सकती है। दाम्पत्य जीवन में नीरसता का अहसास होगा।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज दिन के पहले भाग को छोड़ शेष भाग कुछ ना कुछ लाभ अवश्य कराएगा। दिन के आरंभ में कही से धन लाभ की उम्मीद जागेगी लेकिन इसमे विलम्ब किया तो निराश हो सकते है। व्यवसायी वर्ग व्यवसाय के सिलसिले से यात्रा करेंगे इससे भी कोई ज्यादा लाभ की आशा ना रखें उल्टे सेहत संबंधित अथवा कुछ अन्य कष्ट हो सकता है। सार्वजनिक क्षेत्र पर नई जान पहचान होगी परन्तु इनसे लाभ भविष्य मे ही उठा पाएंगे। परिवार में आज आकस्मिक चोट अथवा अन्य शारीरिक कष्ट लगा रहेगा। आज अल्प धन लाभ होगा वह भी खर्च रहने से चला जायेगा।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन आपके लिए सुख-समृद्धि दायक रहेगा। पूर्व में की गई मेहनत का फल आज अवश्य धन अथवा अन्य लाभो के रूप में मिलेगा। जमीन संबंधित एवं भागीदारी के कार्यो से आय होगी। थोक अथवा शेयर के कारोबारी निवेश का भरपूर लाभ ले सकेंगे। आज आपका सार्वजिक जीवन ठाठ बाट वाला रहेगा। किसी भी कार्य मे खर्च करने से पीछे नही हटेंगे इससे बीच मे थोड़ी आर्थिक विषमताएं भी आ सकती है। रहन-सहन में आडम्बर की झलक दिखेगी। गृहस्थ सुख आज उत्तम रहेगा परिजनो से पूर्ण स्नेह मिलेगा।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज के दिन आपमें वैचारिक शक्ति अधिक रहेगी सोच समझ कर ही कोई निर्णय लेंगे परन्तु आज किसी की जमानत अथवा अन्य भरोसे वाले कार्य मे ना पढ़ें स्वयं के साथ परिजनों के सम्मान को ठेस लग सकती है। दिन के आरंभ में सेहत नरम रहेगी धीरे धीरे सुधार आ जायेगा। कार्यो के प्रति गंभीर रहने पर भी व्यवसाय में मंदी के कारण ज्यादा लाभ नही कमा सकेंगे। बुद्धि बल से ही आज आशाजनक लाभ प्राप्त किया जा सकता है परन्तु आज धन खर्च करने पर ही धन की प्राप्ति संभव है। संध्या के समय किसी परिचित से उपहार मिल सकता है। परिवार में थोड़ी अशांति रहेगी।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन आपके लिए कलहकारी रहेगा। घर के सदस्यों में आपसी तालमेल की कमी रहेगी। एक दूसरे के प्रति गलतफहमियां ना पाले अन्यथा बाद में पछतावा होगा। कार्य क्षेत्र पर भी सहकर्मियों से विचार मेल ना खाने से काम की गति प्रभावित हो सकती है। अधिकारियों से आज बच कर रहना होगा लोग आपकी गलती करने की प्रतीक्षा में रहेंगे। घर मे भी महत्त्वपूर्ण कार्य सबकी सलाह लेकर ही करें अन्यथा रूठने मनाने में ही दिन निकल जायेगा। धन का खर्च बचाते भी अनर्गल वस्तुओं पर होगा। संतानो के विषय मे राहत रहेगी।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज दिन का आरंभ किसी से कलह क्लेश से होगा इसका असर मध्यान तक दिमाग मे रहेगा मध्यान के बाद ही स्थिति सम्भलेगी लेकिन आज मतिभ्रम के कारण उचित निर्णय लेने की स्थिति में नही रहेंगे। आज आपके हिस्से का लाभ किसी अन्य की झोली में जा सकता है प्रत्येक कार्यो में गंभीरता दिखाये वरना खर्च चलाना भी मुश्किल होगा। आध्यात्म एवं पूजा पाठ में रुचि होने पर भी मन एकाग्र नही रख सकेंगे। संध्या के समय से लाभ की स्थिति बनने लगेगी लेकिन हाथ मे आने में समय लग सकता है। पारिवारिक वातावरण में स्वार्थ की भावना दिखेगी।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन सामान्य फलदायी रहेगा फिर भी व्यवहारों में अधिक सतर्कता बरते आपका गलत आचरण किसी के दिल को ठेस पहुचायेगा। लोग आपके सामने नही बोल सकेंगे परन्तु पीछे से सारी कसर निकाल लेंगे। झूठी चुगली के कारण अपमानित होना पड़ सकता है जिससे कलह के भी प्रसंग बनेंगे। आर्थिक रूप से भी आज का दिन सामान्य ही रहेगा काम धंदे से खर्च की अपेक्षा कम ही आय होगी। संचित धन के ऊपर ज्यादा निर्भर रहना पड़ेगा। नौकरी पेशा जातक कार्यो के प्रति ज्यादा गंभीर नही रहेंगे। घरेलू कार्यो की अनदेखी बाद में भारी पड़ेगी।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आपका आज का दिन ठीक ठाक ही रहेगा। मन की इच्छा आज आसानी से पूरी कर सकेंगे। घर एवं बाहर के लोग आपसे आशाएं रखेंगे आर्थिक रूप से स्थिति सुधरने से आज किसी को निराश नही करेंगे। कार्य व्यवसाय में आज आपके निर्णय सही साबित होंगे आज अकस्मात लिया गया कोई निर्णय धन लाभ कराएगा। प्रतिस्पर्धी सडयंत्र अवश्य रचेंगे परन्तु आपको हानि पहुचाने में सफल नही हो सकेंगे। व्यापार में निवेश निसंकोच होकर करें। घर के सदस्यों को स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। पारिवारिक स्थिति मजबूत रहेगी। पति- पत्नी एक दूसरे की भावनाओ को समझेंगे।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन का आरंभ सामान्य रहेगा लेकिन धीरे धीरे प्रतिकूलता आती जाएगी पूर्वनिर्धारित कार्य मे विघ्न आने से आरंभ करने में परेशानी होगी। कार्य क्षेत्र पर आज लगभग सभी कार्यो में कुछ ना कुछ त्रुटि रहेगी। किसी अन्य के भरोसे रहने से हानि उठानी पड़ेगी। आज स्वयं के बल पर ही लाभ की संभावना रहेगी। परिवार में किसी सदस्य का गलत आचरण आपको आहत करेगा। थोड़ा बहुत मानसिक क्लेश दिन भर बना रहेगा। आज आप जैसा औरो के लिए सोचेंगे वैसी ही प्रतिक्रिया आपको मिलेगी। धन लाभ भागदौड़ के बाद भी सीमित रहेगा।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन आप सभी क्षेत्रों से ज्यादा ही उम्मीद लगाए रहेंगे परन्तु सफलता कुछ एक मे ही मिल सकेगी। सरकारी कार्य भी आज कुछ कमी रहने से अपूर्ण रह सकते है । नौकरी-व्यवसाय में कार्य विलम्ब से आरंभ करने के कारण पूर्ण होने में भी विलम्ब होगा। आर्थिक दृष्टिकोण से कुछ ना कुछ कमी बनी रहेगी धन की कमी रहने से महत्त्वपूर्ण कार्य की योजना बनी बनाई रह जायेगी। संध्या के समय से स्थिति सुधरेगी लाभ की संभावना बनेगी परन्तु समय की कमी भी रहने से लाभ सीमित रहेगा। पारिवारिकजन का सहयोग मिलने पर भी मानसिक उद्वेग रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Quote of the week

“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton