🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🌞वैदिक पंचांग 🌞
⛅दिनांक – 08 दिसम्बर 2024
⛅दिन – रविवार
⛅विक्रम संवत् – 2081
⛅अयन – दक्षिणायन
⛅ऋतु – हेमन्त
⛅मास – मार्गशीर्ष
⛅पक्ष – शुक्ल
⛅तिथि – सप्तमी प्रातः 09:44 तक तत्पश्चात अष्टमी
⛅नक्षत्र – शतभिषा शाम 04:03 तक तत्पश्चात पूर्व भाद्रपद
⛅योग – वज्र प्रातः 03:54 दिसम्बर 09 तक तत्पश्चात सिद्धि
⛅राहु काल – शाम 04:34 से शाम 05:55 तक
⛅सूर्योदय – 07:12
⛅सूर्यास्त – 05:50
⛅दिशा शूल – पश्चिम दिशा में
⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:23 से प्रातः 06:16 तक
⛅अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:10 से दोपहर 12:53 तक
⛅निशिता मुहूर्त- रात्रि 12:06 दिसम्बर 09 से रात्रि 12:59 दिसम्बर 09 तक
⛅ व्रत पर्व विवरण – भानु सप्तमी (सूर्योदय से प्रातः 09:44 तक), मासिक दुर्गाष्टमी
⛅विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ते हैं और शरीर का नाश होता है व अष्टमी को नारियल फल खाने से बुद्धि का नाश होता है। इस दिन तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

🔹रविवार विशेष🔹

🔹रविवार के दिन तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

🔹रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)

🔹रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)

🔹रविवार सूर्यदेव का दिन है, इस दिन क्षौर कराने से धन, बुद्धि और धर्म की क्षति होती है ।

🔹रविवार को आँवले का सेवन नहीं करना चाहिए ।

🔹स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए । इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं ।

🔹रविवार के दिन पीपल के पेड़ को स्पर्ष करना निषेध है ।

🔹रविवार के दिन तुलसी पत्त्ता तोड़ना वर्जित है ।

🔹कोई आपको शत्रु मान के परेशान करता हो तो …

🔹कोई आपको शत्रु मान के परेशान करता हो तो प्रतिदिन प्रात:काल पीपल के नीचे वृक्ष के दक्षिण की ओर अरंडी के तेल का दीपक जलायें तथा थोड़ी देर गुरुमंत्र या भगवन्नाम जपें और उस व्यक्ति को भगवान सद्बुद्धि दें तथा मेरा, उसका-सबका मंगल हो ऐसी प्रार्थना करें । कुछ दिनों तक ऐसा करने से शत्रु शनै: शनै : दब जाते हैं व शत्रु पीड़ा धीरे-धीरे दूर हो जाती है ।

👉🏻 खरमास कब से कब तक रहेंगे 2024 में, खरमास के दौरान भूल से भी यह कार्य नहीं करें⤵️

🌷 व्यतिपात योग 🌷
🙏🏻 व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।
🙏🏻 वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।
🙏🏻 व्यतिपात योग माने क्या कि देवताओं के गुरु बृहस्पति की धर्मपत्नी तारा पर चन्द्र देव की गलत नजर थी जिसके कारण सूर्य देव अप्रसन्न हुऐ नाराज हुऐ, उन्होनें चन्द्रदेव को समझाया पर चन्द्रदेव ने उनकी बात को अनसुना कर दिया तो सूर्य देव को दुःख हुआ कि मैने इनको सही बात बताई फिर भी ध्यान नही दिया और सूर्यदेव को अपने गुरुदेव की याद आई कि कैसा गुरुदेव के लिये आदर प्रेम श्रद्धा होना चाहिये पर इसको इतना नही थोडा भूल रहा है ये, सूर्यदेव को गुरुदेव की याद आई और आँखों से आँसु बहे वो समय व्यतिपात योग कहलाता है। और उस समय किया हुआ जप, सुमिरन, पाठ, प्रायाणाम, गुरुदर्शन की खूब महिमा बताई है वाराह पुराण में।
💥 विशेष ~ व्यतिपात योग – 09 दिसम्बर 2024 सोमवार को रात्रि 01:06 यानि (10 दिसम्बर 01:06 AM) से 10 दिसम्बर, मंगलवार को रात्रि 10:03 तक व्यतिपात योग है।

🌷 मंत्र जप एवं शुभ संकल्प हेतु विशेष तिथि
➡️ 08 दिसम्बर 2024 रविवार को (सूर्योदय से सुबह 09:44 तक) रविवारी सप्तमी है।
🙏🏻 सोमवती अमावस्या, रविवारी सप्तमी, मंगलवारी चतुर्थी, बुधवारी अष्टमी – ये चार तिथियाँ सूर्यग्रहण के बराबर कही गयी हैं।
🌷 इनमें किया गया जप-ध्यान, स्नान, दान व श्राद्ध अक्षय होता है।
🙏🏻 (शिव पुराण, विद्येश्वर संहिताः अध्याया (10)

श्रीविष्णु सहस्त्रनाम के पाठ की महिमा व लाभ

जिन पापों की शुद्धि के लिए कोई उपाय नहीं, उनके लिए भगवान के सहस्त्रनामों का पाठ सर्वोत्तम उपाय माना जाता है । सहस्त्रनामों के पाठ से स्वाध्याय का व मंत्र-जप करने का पुण्य प्राप्त हो जाता है; साथ ही मनुष्य के सभी दु:ख-दारिद्रय, ऋण आदि दूर हो जाते हैं।

सहस्त्रनाम का पाठ रोग हरने वाला, राज्य-सुख देने वाला, पुत्र-पौत्र देने वाला, आयुप्रद और सभी मंगलों को देने वाला माना जाता है । सहस्त्रनाम के एक-एक अक्षर की महिमा का वर्णन नहीं किया जा सकता है।

वैसे तो सभी देवताओं के सहस्त्रनाम का अति महत्व है; किन्तु सात्विकता की दृष्टि से ‘विष्णु सहस्त्रनाम’ के पाठ की विशेष महिमा है; क्योंकि भगवान विष्णु सत् गुण के अधिष्ठातृ देवता और संसार का पालन करने वाले हैं ।

वामन पुराण में कहा गया है- नारायणो नाम नरो नराणा…

वीर हनुमान स्तोत्र के कई फ़ायदे

हनुमान जी की कृपा पाने में मदद मिलती है.
भक्तों को हनुमान जी की दिव्य शक्तियों का अनुभव होता है.
भक्तों के जीवन में सुख, शांति, और समृद्धि आती है.
यह स्तोत्र हनुमान जी के महत्वपूर्ण गुणों की महिमा का वर्णन करता है. 
विचित्र वीर हनुमान का पाठ करने से कोर्ट कचहरी के मामलों में विजय प्राप्त होती है साथ ही अगर कोई अदृश्य शत्रु है तो उसमें भी लाभ मिलता है । किसी भी प्रकार के अनिष्ट से रक्षा होती है
 शनि मंगल के उपाय 
किसी की कुंडली में  शनि और मंगल कुपित है बार बार परेशानी खासकर बीमारी हो रही है और काफी दवा कराने के बाद भी बीमारी नही पिच छोड़ रही है तो हनुमान जी की बिशेष आराधना विचित्र वीर हनुमान स्त्रोत का पाठ करने से बीमारी ठीक हो जाती है और जो दवा पहले की जा रही थी और फायदा नही मिल पा रहा था अब वही दवा अब फायदा करने लगेगा
विचित्र वीर हनुमान का पाठ प्रतिदिन शनिवार को 11 बार किया जा सकता है परंतु  यदि बीमारी गंभीर है तो 108 बार पाठ करने के बाद हवन किया जाना चाहिए जिससे बीमारी ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है ।
विचित्र वीर हनुमान पाठ के लाभ
विचित्र वीर हनुमान का पाठ करने से कोर्ट कचहरी के मामलों में विजय प्राप्त होती है साथ ही अगर कोई अदृश्य शत्रु है तो उसमें भी लाभ मिलता है । किसी भी प्रकार के अनिष्ट से रक्षा होती है ।”
श्री विचित्रवीर हनुमान मारुति स्तोत्रम्

ॐ नमो भगवते विचित्रवीरहनुमते प्रलयकालानलप्रभाप्रज्वलनाय।

प्रतापवज्रदेहाय। अंजनीगर्भसंभूताय।
प्रकटविक्रमवीरदैत्यदानवयक्षरक्षोगणग्रहबंधनाय।

भूतग्रहबंधनाय। प्रेतग्रहबंधनाय। पिशाचग्रहबंधनाय।
शाकिनीडाकिनीग्रहबंधनाय। काकिनीकामिनीग्रहबंधनाय।

ब्रह्मग्रहबंधनाय। ब्रह्मराक्षसग्रहबंधनाय। चोरग्रहबंधनाय।

मारीग्रहबंधनाय। एहि एहि। आगच्छ आगच्छ। आवेशय आवेशय।

मम हृदये प्रवेशय प्रवेशय। स्फुर स्फुर। प्रस्फुर प्रस्फुर। सत्यं कथय।
व्याघ्रमुखबंधन सर्पमुखबंधन राजमुखबंधन नारीमुखबंधन सभामुखबंधन

शत्रुमुखबंधन सर्वमुखबंधन लंकाप्रासादभंजन। अमुकं मे वशमानय।
क्लीं क्लीं क्लीं ह्रुीं श्रीं श्रीं राजानं वशमानय।

श्रीं हृीं क्लीं स्त्रिय आकर्षय आकर्षय शत्रुन्मर्दय मर्दय मारय मारय

चूर्णय चूर्णय खे खे
श्रीरामचंद्राज्ञया मम कार्यसिद्धिं कुरु कुरु
ॐ हृां हृीं ह्रूं ह्रैं ह्रौं ह्रः फट् स्वाहा
विचित्रवीर हनुमत् मम सर्वशत्रून् भस्मीकुरु कुरु।
हन हन हुं फट् स्वाहा॥
एकादशशतवारं जपित्वा सर्वशत्रून् वशमानयति नान्यथा इति॥

पीपल के पेड़ की पूजा विधि

पीपल के पेड़ की पूजा करना एक प्राचीन और पवित्र परंपरा है जो हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यहाँ पीपल के पेड़ की पूजा करने के बारे में कुछ जानकारी दी गई है:

पूजा का समय:
पीपल के पेड़ की पूजा करने का सबसे अच्छा समय सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक है।

पूजा की विधि:

  1. पीपल के पेड़ के पास जाएं और उसकी जड़ों में जल चढ़ाएं।
  2. पेड़ की परिक्रमा करें और उसकी पूजा करें।
  3. पेड़ के नीचे दीपक जलाएं और भगवान ब्रह्मा की पूजा करें।
  4. पेड़ को जल, दूध, और फल चढ़ाएं।
  5. पेड़ की पूजा करने के बाद, उसके नीचे बैठकर ध्यान करें और भगवान को धन्यवाद दें।

पूजा के लाभ:

  1. पीपल के पेड़ की पूजा करने से भगवान ब्रह्मा की कृपा प्राप्त होती है।
  2. यह पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि, और शांति आती है।
  3. पीपल के पेड़ की पूजा करने से पापों का नाश होता है और आत्मा को शुद्धि मिलती है।

शनि देव की पूजा करना कई लोगों के लिए लाभकारी हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों को शनि देव की पूजा करने से बचना चाहिए। यहाँ कुछ लोगों के समूह हैं जिन्हें शनि देव की पूजा करने से बचना चाहिए:

  1. मेष और सिंह राशि के लोग: शनि देव मेष और सिंह राशि के लिए प्रतिकूल माने जाते हैं, इसलिए इन राशि के लोगों को शनि देव की पूजा करने से बचना चाहिए।
  2. शनि देव के शत्रु ग्रहों के प्रभाव में आने वाले लोग: जिन लोगों की कुंडली में शनि देव के शत्रु ग्रहों जैसे कि मंगल, सूर्य, और चंद्र का प्रभाव अधिक होता है, उन्हें शनि देव की पूजा करने से बचना चाहिए।
  3. जिन लोगों को शनि देव की पूजा करने से नुकसान होता है: जिन लोगों को शनि देव की पूजा करने से नुकसान होता है, उन्हें शनि देव की पूजा करने से बचना चाहिए।
  4. जिन लोगों की कुंडली में शनि देव का प्रभाव कम होता है: जिन लोगों की कुंडली में शनि देव का प्रभाव कम होता है, उन्हें शनि देव की पूजा करने से बचना चाहिए।
  5. जो लोग शनि देव की पूजा करने में असमर्थ हैं: जो लोग शनि देव की पूजा करने में असमर्थ हैं, उन्हें शनि देव की पूजा करने से बचना चाहिए।

यह ध्यान रखें कि शनि देव की पूजा करने से पहले किसी ज्योतिषी या पंडित से परामर्श करना आवश्यक है।

शनि देव के कुछ महत्वपूर्ण मंत्र यहाँ दिए गए हैं:

  1. ॐ शनैश्चराय नमः: यह मंत्र शनि देव को प्रसन्न करने के लिए उपयोग किया जाता है।
  2. ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः: यह मंत्र शनि देव की कृपा प्राप्त करने के लिए उपयोग किया जाता है।
  3. ॐ शनि देवाय नमः: यह मंत्र शनि देव की पूजा और आराधना के लिए उपयोग किया जाता है।
  4. ॐ शनैश्चराय विद्महे चाया पुत्राय धीमहि तन्नो शनि प्रचोदयात्: यह मंत्र शनि देव की स्तुति और पूजा के लिए उपयोग किया जाता है।

इन मंत्रों का जाप करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, समृद्धि और शांति प्राप्त होती है।

शनि देव की पूजा करना कई लोगों के लिए लाभकारी हो सकता है, खासकर जिन लोगों पर शनि देव का प्रभाव अधिक होता है। यहाँ कुछ लोगों के समूह हैं जिन्हें शनि देव की पूजा करनी चाहिए:

  1. मकर और कुंभ राशि के लोग: शनि देव मकर और कुंभ राशि के स्वामी हैं, इसलिए इन राशि के लोगों को शनि देव की पूजा करनी चाहिए।
  2. शनि दोष वाले लोग: जिन लोगों की कुंडली में शनि दोष होता है, उन्हें शनि देव की पूजा करनी चाहिए।
  3. व्यापारी और उद्योगपति: शनि देव व्यापार और उद्योग के देवता हैं, इसलिए व्यापारी और उद्योगपतियों को शनि देव की पूजा करनी चाहिए।
  4. सरकारी नौकरी वाले लोग: शनि देव सरकारी नौकरी के देवता हैं, इसलिए सरकारी नौकरी वाले लोगों को शनि देव की पूजा करनी चाहिए।
  5. जो लोग साढ़े सती के प्रभाव से गुजर रहे हैं: जो लोग साढ़े सती के प्रभाव से गुजर रहे हैं, उन्हें शनि देव की पूजा करनी चाहिए।
  6. जो लोग धैर्य और संयम की कमी से जूझ रहे हैं: जो लोग धैर्य और संयम की कमी से जूझ रहे हैं, उन्हें शनि देव की पूजा करनी चाहिए।
  7. जो लोग अपने जीवन में संघर्ष और कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं: जो लोग अपने जीवन में संघर्ष और कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, उन्हें शनि देव की पूजा करनी चाहिए।

शनि देव की पूजा करने से कई प्रकार के रोग दूर होते हैं। यहाँ कुछ प्रमुख रोग हैं जो शनि देव की पूजा से दूर होते हैं:

  1. गठिया और जोड़ों के दर्द: शनि देव की पूजा करने से गठिया और जोड़ों के दर्द से मुक्ति मिलती है।
  2. मानसिक तनाव और चिंता: शनि देव की पूजा करने से मानसिक तनाव और चिंता से मुक्ति मिलती है।
  3. नींद की कमी और अनिद्रा: शनि देव की पूजा करने से नींद की कमी और अनिद्रा से मुक्ति मिलती है।
  4. पाचन संबंधी समस्याएं: शनि देव की पूजा करने से पाचन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं।
  5. त्वचा संबंधी समस्याएं: शनि देव की पूजा करने से त्वचा संबंधी समस्याएं दूर होती हैं।
  6. अस्थमा और श्वसन संबंधी समस्याएं: शनि देव की पूजा करने से अस्थमा और श्वसन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं।
  7. मधुमेह और रक्तचाप: शनि देव की पूजा करने से मधुमेह और रक्तचाप से मुक्ति मिलती है।

यह ध्यान रखें कि शनि देव की पूजा करने से रोगों से मुक्ति मिलने के लिए नियमित पूजा और आराधना करना आवश्यक है। इसके अलावा, रोगों के इलाज के लिए चिकित्सक की सलाह लेना भी आवश्यक है।

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष

दिनांक 8 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 8 होगा। इस दिन जन्मे व्यक्ति धीर गंभीर, परोपकारी, कर्मठ होते हैं। आपकी वाणी कठोर तथा स्वर उग्र है। आप भौतिकतावादी है। आप अदभुत शक्तियों के मालिक हैं। यह ग्रह सूर्यपुत्र शनि से संचालित होता है। आप अपने जीवन में जो कुछ भी करते हैं उसका एक मतलब होता है। कई बार आपके कार्यों का श्रेय दूसरे ले जाते हैं। आपके मन की थाह पाना मुश्किल है। आपको सफलता अत्यंत संघर्ष के बाद हासिल होती है।

शुभ दिनांक : 8, 17, 26

शुभ अंक : 8, 17, 26, 35, 44

शुभ वर्ष : 2027, 2042

ईष्टदेव : हनुमानजी, शनि देवता

शुभ रंग : काला, गहरा नीला, जामुनी

जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :
व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। नौकरीपेशा व्यक्ति प्रगति पाएंगे। बेरोजगार प्रयास करें, तो रोजगार पाने में सफल होंगे। सभी कार्यों में सफलता मिलेगी। जो अभी तक बाधित रहे है वे भी सफल होंगे। राजनैतिक व्यक्ति भी समय का सदुपयोग कर लाभान्वित होंगे। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे, स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अनुकूल ही रहेगा।

मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज आपको आर्थिक लाभ होगा। सुख साधनों पर धन खर्च होगा। कुछ जातक के यात्रा के प्रबल योग हैं। व्यापारिक नई योजना आज शुरू हो सकती है। शारीरिक, कठिनाइयां देखने को मिल सकती है। आप बातचीत में सावधानी रखें। रोमांस के लिए बढ़ाए गए कदम आज असर कम दिखाएंगे। धार्मिक कार्यों में रूचि और बढेगी। विचारों की शुद्धता निखरती जाएगी। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। रिस्तेदारों से मिलन सम्भव। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी , वु , वे, वो)
आज मनचाहा साथी मिलने या बात होने से आप प्रसन्न रहेंगे। पुराने वादे पूरे करने का समय है। अपनी निजी जिन्दगी में दूसरों को दखल न दें। निवेश फायदेमंद रहेगा और समृद्धि लेकर आएगा। मानसिक परेशानियों में कुछ कमी आ सकती है तथा आज प्रसन्न रहेंगें। विरोधियों का प्रभाव कम होगा। अटके कार्य पूर्ण हो सकते हैं। व्यवसायिक लाभ के भी योग बन रहे हैं।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
अधिकारियों से संबंध मजबूत होंगे। आज भावुकता में कोई भी फैसला लेने से बचें। सुख साधनों पर धन खर्च होगा। व्यापारिक नई योजना आज शुरू हो सकती है। बहनों से विवाद हो सकता है। सूझबूझ से मामला निपटा लें, संबंध टूट सकते हैं। कामकाज में व्यस्तता के चलते रोमांस को दरकिनार होना पड़ेगा।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज आपको कोई अप्रत्याशित खुशखबरी मिलेगी। यह आपके करियर या निजी जीवन से जुडी हो सकती है। लेकिन इससे आपको वित्तीय लाभ भी होंगे। इससे आपको भविष्य में भी इसी प्रकार के लाभ उठाने का रास्ता दिखाई देगा। आज का दिन आपके लिए सुगम रह सकता है। व्यस्तता के बावजूद प्रसन्न रहेंगे। पार्टनर से नोंकझोंक संभव है।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
प्रेम के नजरिए से आज का दिन आपके लिए खुशियों से भरा रहेगा। अपने व्यवहार से परिजनों का दिल जीत लेंगे। परिवार में तनाव की स्थिति निर्मित हो सकती है। कार्यक्षेत्र में आपकी उन्नति कुछ बाधाओं के चलते अटक सकती है। अगर आज आप किसी सामाजिक समारोह में जाने की सोच रहे हैं तो अवश्य जाएं और इसका फायदा अपने आप को खुश रखने में उठाएं।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज आप बड़े निर्णय को सोच-समझकर लें। स्वास्थ्य में सुधार होगा। व्यवसाय में हानि होने की संभावना है, इसलिए सतर्क रहें। अगर आप अपना नजरिया आस-पास के ऐसे लोगों को बताएँ जो महत्वपूर्ण निर्णय लेते हों, तो आपको लाभ होगा। साथ ही आपको काम के प्रति अपने समर्पण और निष्ठा के लिए शाबाशी भी मिलने की संभावना है।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहेगा। प्रशासनिक अधिकारी आज सम्मान प्राप्त कर सकते हैं। विवाह कार्यों में शामिल होंगे। समय रहते अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करें। आज आपका स्वार्थी स्वभाव देखने को मिलेगा। अटके हुए कार्य बन सकते हैं। वित्तीय स्थिति में सुधार भी संभव है। निजी संबंध सहायक रह सकते हैं। दिन प्रसन्नता पूर्वक बीतेगा।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन आपके लिए विशेष रूप से अच्छा है। कीर्ति यश में वृद्धि होगी। नए मित्र बनेंगे। मौज मस्ती में समय व्यतीत होगा। आप अपना कुछ नया शुरू कर सकते हैं ,काफी समय लेने वाला अपना कोई अधूरा काम पूरा कर सकते हैं यात्रा के योग हैं। अगर कोई नया कार्य शुरू करना चाहते हैं आज का दिन बहुत अ’छा है। आज आपके कार्य में उन्नति होगी।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज आपका दिन अच्छा रहेगा। व्यवसाय में लाभ हो सकता है तथा नौकरी में उन्नति भी संभव है। आप व्यापार में मंदी से परेशान रहेंगे। पुराने पैसों का लेनदेन आज भी लंबित रहेगा। अपना ही आपके साथ विश्वासघात कर सकता है। जिन क्षेत्रों में प्रयास करेंगे उसमें पूर्ण सफलता मिल सकती है। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिल सकती है।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
किसी कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। धन लाभ के योग बन रहे हैं। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। रोजगार के अवसर विकसित होंगे। साझेदारी में लाभ होगा। मेहमानों आएंगे। आज का दिन कुछ अनिश्चित सा है ,आपको संवेदनशील लोगो से बात करते हुए अधिक सावधान रहना होगा । खर्च पर नियंत्रण रखें। सामाजिक कार्यों में सहभागिता हो सकती है।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
राजनैतिक क्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ सकता है। कार्यक्षेत्र में अनुकूलता बनी रहेगी, अधिकारी पक्ष से सहयोग मिल सकता है। दूसरों के निजी मामलों में दखल न दें। अपने क्रोध पर अंकुश रखें। आपकी अपने पिछले समय में से किसी पुराने व्यक्ति से मिलने की सम्भावना है और यह व्यक्ति आपके भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज आप किसी खास व्यक्ति से मिल सकते हैं। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। बहुत से अ’छे मौके आपका इन्तजार कर रहे हैं लेकिन आपको उनके लिए पूरे तौर पर समर्पित कोशिशें करनी होंगी,जोकि इस समय आपके लिए कुछ मुश्किल लग रहा है। सहकर्मियों से बातों में नर्मी लाएं। आज का दिन आपके लिए प्रगतिशील रह सकता है।

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Quote of the week

“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton