Vaidik Panchang 05012026 Rashifal Samadhan

🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️  *दिनांक – 05 जनवरी 2026*
🌤️ *दिन – सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शिशिर ॠतु*
🌤️ *मास – माघ (गुजरात-महाराष्ट्र पौष)*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – द्वितीया सुबह 09:56 तक तत्पश्चात तृतीया*
🌤️ *नक्षत्र – पुष्य दोपहर 01:25 तक तत्पश्चात अश्लेशा*
🌤️ *योग – विष्कंभ रात्रि 10:47 तक तत्पश्चात प्रीति*
🌤️ *राहुकाल – सुबह 08:39 से सुबह 10:01 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 07:18*
🌤️ *सूर्यास्त –  06:09*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा  बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
             🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *विघ्नों और मुसीबते दूर करने के लिए* 🌷 
➡️ *06 जनवरी 2026 मंगलवार को संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 09:07)*
🙏🏻 *शिव पुराण में आता हैं कि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :*
🌷 *ॐ गं गणपते नमः ।*
🌷 *ॐ सोमाय नमः ।*
🙏🏻
                 🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *मंगलवार चतुर्थी* 🌷
👉 *भारतीय समय के अनुसार 06 जनवरी 2026 को (सुबह 08:01 से 07 जनवरी सुबह 06:52 तक) चतुर्थी है, इस महा योग पर अगर मंगल ग्रह देव के 21 नामों से सुमिरन करें  और धरती पर अर्घ्य देकर प्रार्थना करें,शुभ संकल्प करें तो आप सकल ऋण से मुक्त हो सकते हैं..*
*👉🏻मंगल देव के 21 नाम इस प्रकार हैं :-*
🌷 *1) ॐ मंगलाय नमः*
🌷 *2) ॐ भूमि पुत्राय नमः*
🌷 *3 ) ॐ ऋण हर्त्रे नमः*
🌷 *4) ॐ धन प्रदाय नमः*
🌷 *5 ) ॐ स्थिर आसनाय नमः*
🌷 *6) ॐ महा कायाय नमः*
🌷 *7) ॐ सर्व कामार्थ साधकाय नमः*
🌷 *8) ॐ लोहिताय नमः*
🌷 *9) ॐ लोहिताक्षाय नमः*
🌷 *10) ॐ साम गानाम कृपा करे नमः*
🌷 *11) ॐ धरात्मजाय नमः*
🌷 *12) ॐ भुजाय नमः*
🌷 *13) ॐ भौमाय नमः*
🌷 *14) ॐ भुमिजाय नमः*
🌷 *15) ॐ भूमि नन्दनाय नमः*
🌷 *16) ॐ अंगारकाय नमः*
🌷 *17) ॐ यमाय नमः*
🌷 *18) ॐ सर्व रोग प्रहाराकाय नमः*
🌷 *19) ॐ वृष्टि कर्ते नमः*
🌷 *20) ॐ वृष्टि हराते नमः*
🌷 *21) ॐ सर्व कामा फल प्रदाय नमः*
🙏 *ये 21 मन्त्र से भगवान मंगल देव को नमन करें  ..फिर धरती पर अर्घ्य देना चाहिए..अर्घ्य देते समय ये मन्त्र बोले :-*
🌷 *भूमि पुत्रो महा तेजा*
🌷 *कुमारो रक्त वस्त्रका*
🌷 *ग्रहणअर्घ्यं मया दत्तम*
🌷 *ऋणम शांतिम प्रयाक्ष्मे*
🙏 *हे भूमि पुत्र!..महा क्यातेजस्वी,रक्त वस्त्र धारण करने वाले देव मेरा अर्घ्य स्वीकार करो और मुझे ऋण से शांति प्राप्त कराओ..*
🙏
          🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

श्रीशंकर के भजन बिना भक्ति नहीं मिलती

तात्पर्य यह कि भक्त भजन के विना हम द्रवित नहीं होते। यह गुप्त मत है। नरसी आदि को शंकरजी की कृपा से भक्ति मिली। भक्ति अत्यंत दुर्लभ है बहुत प्रयास करना पड़ेगा। ऐसा विचार कर भक्ति पथ का त्याग नहीं करना चाहिए। हमसे भक्ति साधन नहीं बनेगा ऐसा समझकर निराश नहीं होना चाहिए। भक्ति प्राप्ति के योग, समाधि, यज्ञ और जप तप आदि ही साधन नहीं हैं। मात्र इन साधनों से उसकी प्राप्ति नहीं होती। ये साधन कठिन हैं सरल साधन है :-
१. स्वभाव में सरलता, मन से कुटिलता को हटाना। दूसरे का अनिष्ट करकं अपने स्वार्थ की सिद्धि मन की कुटिलता है।
२. जो कुछ भगवान ने घर, धन, परिवार दिया है, उसमें संतुष्ट रहना। अनुचित उपायों से संसारी वस्तु को प्राप्त करने की इच्छा न करना, संतुष्ट रहना।
३. भगवान का दास कहलाकर दूसरे विमुख धनीमानियों की आशा, चापलूसी नहीं करना।
४. अकारण किसी से वैर विग्रह न करना।
५. सत्संग में प्रेम, संसारी लोगों से घनिष्ठता न रखकर प्रयोजन भर का संबंध रखना।
६. भक्ति की श्रेष्ठता मानना, दुष्ट से तर्क न करना।
७. स्वर्ग मोक्ष के सुखों की भी इच्छा न करना।
८. मेरे (भगवत्) गुणानुवाद का गान करना।
इन उपदेशों को श्रीराम ने दिया। संत भी यही कहते हैं। एक-एक बात को ध्यान में लाकर उस पर विचार करना और चिंतन करके उसमें दृढ़ निष्ठा करना। जब तक मन से चिंतन नहीं होगा तब तक मन पर उसका प्रभाव नहीं होता है। अतः थोड़ा समय जितना संभव हो मन में पूजा या लीला चिंतन और सिद्धांत का निश्चय अवश्य करना चाहिए।
पूज्य गुरुदेव श्री राजेंद्र दास जी महाराज
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻🙏🏻

हर हर महादेव🙏🏻
आपका जन्मदिन: 5 जनवरी
आप बेहद भाग्यशाली हैं कि आपका जन्म 5 तारीख को हुआ है। 5 का मूलांक भी 5 ही होता है। ऐसे व्यक्ति अधिकांशत: मितभाषी होते हैं। कवि, कलाकार तथा अनेक विद्याओं के जानकार होते हैं। आपमें गजब की आकर्षण शक्ति होती है। आपमें लोगों को सहज अपना बना लेने का विशेष गुण होता है। अनजान व्यक्ति की मदद के लिए भी आप सदैव तैयार रहते हैं।

आपमें किसी भी प्रकार का परिवर्तन करना मुश्किल है। अर्थात अगर आप अच्छे स्वभाव के व्यक्ति हैं तो आपको कोई भी बुरी संगत बिगाड़ नहीं सकती। अगर आप खराब आचरण के हैं तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको सुधार नहीं सकती। लेकिन सामान्यत: 5 तारीख को पैदा हुए व्यक्ति सौम्य स्वभाव के ही होते हैं।

आपके लिए खास

शुभ दिनांक : 1, 5, 7, 14, 23

शुभ अंक : 1, 2, 3, 5, 9, 32, 41, 50

शुभ वर्ष : 2030, 2032, 2034, 2050, 2059, 2052

ईष्टदेव : देवी महालक्ष्मी, गणेशजी, मां अम्बे।

शुभ रंग : हरा, गुलाबी, जामुनी, क्रीम

आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
रिश्ते और परिवार: दाम्पत्य जीवन में मधुर वातावरण रहेगा। अविवाहित भी विवाह में बंधने को तैयार रहें। परिवारिक प्रसन्नता रहेगी। संतान पक्ष से खुशखबर आ सकती है।

कारोबार: व्यापार-व्यवसाय में प्रगति से प्रसन्नता रहेगी। यह वर्ष सफलताओं भरा रहेगा। अभी तक आ रही परेशानियां भी इस वर्ष दूर होती नजर आएंगी।

करियर: नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए यह वर्ष निश्चय ही सफलताओं भरा रहेगा।

🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🌹वर्ष 2026 का संपूर्ण वार्षिक राशिफल 🌹
मेष 🐐
(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
वर्ष 2026 आपके लिए संघर्ष, धैर्य और अंततः सफलता का वर्ष रहेगा। वर्ष की शुरुआत में पारिवारिक एवं दांपत्य जीवन में मतभेद उभर सकते हैं। किसी की बातों में आकर निर्णय लेने से हानि हो सकती है, इसलिए पूरे वर्ष स्वयं के विवेक से ही कार्य करना आपके लिए श्रेष्ठ रहेगा।
कार्य क्षेत्र में सहकर्मियों से मतभेद के बावजूद आपकी मेहनत रंग लाएगी। मध्य वर्ष से स्थितियाँ धीरे-धीरे आपके पक्ष में होने लगेंगी और वर्ष के अंतिम चरण में सम्मान व स्थायित्व प्राप्त होगा।
आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव रहेगा। अनावश्यक खर्च एवं उधार से बचना आवश्यक होगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से सिरदर्द, रक्तचाप, शरीर में जकड़न जैसी शिकायतें समय-समय पर परेशान कर सकती हैं। संयम, योग और धैर्य से वर्ष को सफल बनाया जा सकता है।
वृष 🐂
(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
वर्ष 2026 वृष राशि वालों के लिए स्थिरता, सामाजिक मान-सम्मान और आर्थिक उन्नति का संकेत दे रहा है। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से संपर्क बनेगा, जो भविष्य में लाभदायक सिद्ध होगा।
नौकरीपेशा जातकों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा तथा व्यापारियों के लिए यह वर्ष निवेश एवं विस्तार के योग बनाएगा। विशेषकर मध्य वर्ष के बाद संपत्ति, भूमि अथवा रुके हुए धन से लाभ संभव है।
पारिवारिक जीवन सामान्य रहेगा, हालांकि कभी-कभी क्रोध के कारण विवाद हो सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन अग्नि, दुर्घटना एवं लापरवाही से सावधानी आवश्यक है। कुल मिलाकर यह वर्ष आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा।
मिथुन 👫
(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
मिथुन राशि वालों के लिए यह वर्ष अस्थिरता और आत्ममंथन का रहेगा। दूसरों के कार्यों में उलझने से अपने कार्य प्रभावित हो सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में दबाव एवं असंतोष का सामना करना पड़ सकता है।
आर्थिक लाभ के लिए अत्यधिक परिश्रम करना होगा, फिर भी परिणाम अपेक्षा से कम रह सकते हैं। अनावश्यक यात्राएँ मानसिक एवं शारीरिक थकान बढ़ाएँगी।
स्वास्थ्य पर खर्च होने की संभावना है, विशेषकर नसों, थकावट या शल्य चिकित्सा से संबंधित मामलों में। पारिवारिक वातावरण कभी-कभी अस्त-व्यस्त रहेगा, लेकिन वर्ष के अंत तक परिस्थितियाँ संभलने लगेंगी।
कर्क 🦀
(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
वर्ष 2026 कर्क राशि वालों के लिए सुख, संतुलन और समझदारी का वर्ष रहेगा। आपके निर्णय विवेकपूर्ण होंगे, जिससे धोखे अथवा हानि की संभावना कम रहेगी।
व्यापार में सुधार होगा और आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर बनेगी। बेरोजगारों को प्रयास करने पर रोजगार मिल सकता है।
पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा तथा मित्रों या परिजनों के साथ यात्रा एवं मनोरंजन के अवसर मिलेंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, हालांकि रक्तचाप एवं पाचन संबंधी शिकायतों पर ध्यान देना आवश्यक होगा।
सिंह 🦁
(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
यह वर्ष सिंह राशि वालों के लिए चुनौतीपूर्ण लेकिन सीख देने वाला रहेगा। पूर्व में किए गए निवेश से संबंधित चिंता बनी रह सकती है। नए अनुबंध या बड़े निर्णय सोच-समझकर ही करें।
आत्मविश्वास में कमी के कारण कुछ कार्य अधूरे रह सकते हैं। आर्थिक लेन-देन में विशेष सावधानी आवश्यक है।
पारिवारिक जीवन में छोटे-छोटे मतभेद उभर सकते हैं। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रहेगा, अतः दिनचर्या संतुलित रखें।
कन्या 👩
(टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
वर्ष 2026 कन्या राशि वालों के लिए अनुकूल और प्रगतिदायक रहेगा। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी और आपकी बातों का प्रभाव पड़ेगा।
कार्य क्षेत्र में नई योजनाएँ बनेंगी, हालांकि आर्थिक लाभ में थोड़ी देरी हो सकती है। पारिवारिक संबंधों को प्राथमिकता देने से कई समस्याओं का समाधान स्वतः हो जाएगा।
संतान से सुख मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन खान-पान में लापरवाही से बचें।
तुला ⚖️
(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
वर्ष 2026 तुला राशि वालों के लिए शुभ और संतुलन प्रदान करने वाला रहेगा। व्यापारियों को नए अनुबंध एवं लाभ के अवसर मिलेंगे।
अधूरे कार्य पूरे करने के बाद ही नई योजनाओं पर काम करना श्रेष्ठ रहेगा। दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी।
स्वास्थ्य में गले, किडनी अथवा मूत्र संबंधी समस्या उभर सकती है, सावधानी रखें।
वृश्चिक 🦂
(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
यह वर्ष वृश्चिक राशि वालों के लिए परिश्रम और सम्मान का रहेगा। लंबे समय से चली आ रही बाधाएँ दूर होंगी।
नौकरी और व्यवसाय दोनों में मान-सम्मान बढ़ेगा। खर्च अधिक रह सकते हैं, इसलिए आर्थिक नियंत्रण आवश्यक होगा।
दांपत्य जीवन सामान्य से अच्छा रहेगा। असंतुलित खान-पान से पेट संबंधी परेशानी हो सकती है।
धनु 🏹
(ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
वर्ष 2026 धनु राशि वालों के लिए सावधानी और आत्मनियंत्रण की मांग करेगा। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ कार्यक्षेत्र को प्रभावित कर सकती हैं।
आर्थिक रूप से खर्च अधिक रहेगा। निजी संबंधों में संयम न रखने पर विवाद संभव है।
वर्ष के अंतिम महीनों में धीरे-धीरे स्थितियाँ सुधरेंगी और राहत महसूस होगी।
मकर 🐊
(भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
मकर राशि वालों के लिए यह वर्ष उन्नति और भौतिक सुख का रहेगा। व्यापार में प्रगति तथा रुका हुआ धन मिलने के योग हैं।
आप अपनी योजनाओं को साकार करने में सफल रहेंगे। निर्णय क्षमता मजबूत रहेगी।
स्वास्थ्य में पेट, गैस एवं आँखों से संबंधित समस्या उभर सकती है, सावधानी रखें।
कुंभ 🍯
(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
वर्ष 2026 कुंभ राशि वालों के लिए मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। मानसिक उलझनों के कारण कार्यों में रुकावट आ सकती है।
मध्य वर्ष के बाद आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। दांपत्य जीवन में पहले तनाव और फिर मधुरता आएगी।
परिवार में शांति बनाए रखने के लिए संयम आवश्यक होगा।
मीन 🐳
(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
यह वर्ष मीन राशि वालों के लिए लाभ, सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला रहेगा।
शुरुआत में सुस्ती रहेगी, लेकिन बाद में कार्यगति तेज होगी। अधिकारी एवं सहकर्मी आपके कार्य की सराहना करेंगे।
धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में भागीदारी से मान-सम्मान बढ़ेगा। पारिवारिक वातावरण आनंदमय रहेगा

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Quote of the week

“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton