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उपनिषद का एक शक्तिशाली उद्धरण: “आत्मना लभते बलं, विद्यायामृतमश्नुते” (केनोपनिषद् २.४ से प्रेरित भावार्थ) हिंदी में व्याख्या: आत्मा की प्राप्ति… READ MORE
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ब्रह्म (परम सत्य) ही सब कुछ का आधार है। जगत् उसके प्रतिबिंब मात्र—जैसे समुद्र की लहरें समुद्र ही हैं, वैसे… READ MORE
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जीवन में कोई कमी या अभाव नहीं है—सब कुछ पहले से ही पूर्ण और संपूर्ण है। जैसे अनंत सागर से… READ MORE
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संस्कृत में उदाहरण (छांदोग्य उपनिषद् ६.८.७): तत् त्वम् असि। (उच्चारण: तत् त्वम् असि) हिंदी अनुवाद: तुम वही हो। सरल शब्दों… READ MORE
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मान लीजिए कोई दीपक है। उसकी लौ अलग-अलग दिखती है, लेकिन प्रकाश का स्रोत एक ही है। उसी तरह हर… READ MORE
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सफलता केवल भाग्य से नहीं मिलती, बल्कि धैर्य, परिश्रम और ईश्वर पर अटूट विश्वास से प्राप्त होती है READ MORE
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300 बार हनुमान चालीसा पढ़ने से आपमें आध्यात्मिक बल, आत्मिक बल और मनोबल बढ़ता है। इससे पवित्रता की भावना महसूस… READ MORE
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होली के बाद खजूर नहीं खाना चाहिए, ये पचने में भारी होते है, इन दिनों में सर्दियों का जमा हुआ… READ MORE
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हिंदू देववाद पर वैदिक, पौराणिक, तांत्रिक और लोकधर्म का प्रभाव है। वैदिक धर्म में देवताओं के मूर्तग रूप की कल्पना… READ MORE
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सर्वप्रथम शिव ने ही धरती पर जीवन के प्रचार-प्रसार का प्रयास किया इसलिए उन्हें ‘आदिदेव’ भी कहा जाता है। ‘आदि’… READ MORE
“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”
~ Richie Norton
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