Sanatan Panchang 27032026 Rashifal Samadhan

🙏🏻 हर हर महादेव 🙏🏻

🚩 सनातन पंचांग 🚩

🌟 प्रेरणादायक उद्धरण: 
“धर्म की राह पर चलने वाला कभी अकेला नहीं होता, क्योंकि सत्य और न्याय स्वयं उसका साथ देते हैं। श्रीराम की तरह, जीवन में कर्तव्य और सत्य का पालन करो — विजय अवश्य मिलेगी।”

यह उद्धरण हमें याद दिलाता है कि जैसे भगवान श्रीराम ने कठिन परिस्थितियों में भी धर्म का मार्ग नहीं छोड़ा, वैसे ही हमें भी चुनौतियों में सत्य, करुणा और कर्तव्य निभाते हुए आगे बढ़ना चाहिए। इससे जीवन में शांति, सफलता और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।

दिनांक – 27 मार्च 2026 
दिन – शुक्रवार 
विक्रम संवत – 2083 (गुजरात अनुसार 2082) 
शक संवत – 1948 
अयन – उत्तरायण 
ऋतु – वसंत ऋतु 
मास – चैत्र 
पक्ष – शुक्ल 
तिथि – नवमी सुबह 10:06 तक तत्पश्चात दशमी 
नक्षत्र – पुनर्वसु शाम 03:24 तक तत्पश्चात पुष्य 
योग – अतिगण्ड रात्रि 10:10 तक तत्पश्चात सुकर्मा 
राहुकाल – सुबह 11:12 से दोपहर 12:44 तक 
सूर्योदय – 06:37 
सूर्यास्त – 06:50 
दिशाशूल – पश्चिम दिशा में 

व्रत पर्व विवरण – श्रीराम नवमी, चैत्री-वासंती नवरात्र समाप्त 

विशेष – नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) 

🚩 सनातन पंचांग 🚩 

🌷 श्री राम नवमी 🌷 
जो श्रीराम नवमी का व्रत करता है, उसकी अनेक जन्मार्जित पापों की राशि भस्मीभूत हो जाती है। 

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🚩 सनातन पंचांग 🚩 

🌷 धर्मराज दशमी 🌷 
विष्णु धर्मोत्तर ग्रंथ में बताया है कि जिनके परिवार में ज्यादा बीमारी…..जल्दी-जल्दी किसी की मृत्यु हो जाती है वे लोग शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन (दशमी तिथि के स्वामी यमराज है मृत्यु के देवता) यानी 27 मार्च 2026 शुक्रवार को भगवान धर्मराज यमराज का मानसिक पूजन कर और हो सके तो घी की आहुति दे। 

एक दिन पहले से हवन की छोटी सी व्यवस्था कर लेना घी से आहुति डाले इससे दीर्घायु, आरोग्य और ऐश्वर्य तीनों की वृद्धि होती है विष्णु धर्मोत्तर ग्रंथ में बताया है। आहुति डालते समय ये मंत्र बोले– 

[ध्यान रखे जिसके घर में तकलीफे है वो जरुर आहुति डाले और डालते समय स्वाहा बोले और जो आहुति न डाले तो वो नम: बोले।] 

🌷 ॐ यमाय नम: 
🌷 ॐ धर्मराजाय नम: 
🌷 ॐ मृत्यवे नम: 
🌷 ॐ अन्तकाय नम: 
🌷 ॐ कालाय नम: 

ये पाँच मंत्र बोले ज्यादा देर तक आहुति डाले तो भी अच्छा है। 

नवरात्री के नवें दिन आदिशक्ति माँ दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की उपासना विधि
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माँ सिद्धिदात्री का स्वरूप
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नवरात्र-पूजन के नौवें दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। नवमी के दिन सभी सिद्धियों की प्राप्ति होती है। सिद्धियां हासिल करने के उद्देश्य से जो साधक भगवती सिद्धिदात्री की पूजा कर रहे हैं उन्हें नवमी के दिन इनका पूजन अवश्य करना चाहिए।

सिद्धि और मोक्ष देने वाली दुर्गा को सिद्धिदात्री कहा जाता है। नवरात्र के नौवें दिन जीवन में यश बल और धन की प्राप्ति हेतु इनकी पूजा की जाती है। तथा नवरात्रों का की नौ रात्रियों का समापन होता है। माँ दुर्गा की नौवीं शक्ति सिद्धिदात्री हैं, इन रूपों में अंतिम रूप है देवी सिद्धिदात्री का होता है। देवी सिद्धिदात्री का रूप अत्यंत सौम्य है, देवी की चार भुजाएं हैं दायीं भुजा में माता ने चक्र और गदा धारण किया है, मां बांयी भुजा में शंख और कमल का फूल है। प्रसन्न होने पर माँ सिद्धिदात्री सम्पूर्ण जगत की रिद्धि सिद्धि अपने भक्तों को प्रदान करती हैं।

माँ की सिद्धियां
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मां दुर्गा की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री है। वे सिद्धिदात्री, सिंह वाहिनी, चतुर्भुजा तथा प्रसन्नवदना हैं। मार्कंडेय पुराण में अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व एवं वशित्व- ये आठ सिद्धियां बतलाई गई हैं। इन सभी सिद्धियों को देने वाली सिद्धिदात्री मां हैं। मां के दिव्य स्वरूप का ध्यान हमें अज्ञान, तमस, असंतोष आदि से निकालकर स्वाध्याय, उद्यम, उत्साह, क‌र्त्तव्यनिष्ठा की ओर ले जाता है और नैतिक व चारित्रिक रूप से सबल बनाता है। हमारी तृष्णाओं व वासनाओं को नियंत्रित करके हमारी अंतरात्मा को दिव्य पवित्रता से परिपूर्ण करते हुए हमें स्वयं पर विजय प्राप्त करने की शक्ति देता है। देवी पुराण के अनुसार, भगवान शिव ने इन्हीं शक्तिस्वरूपा देवी जी की उपासना करके सभी सिद्धियां प्राप्त की थीं, जिसके प्रभाव से शिव जी का स्वरूप अ‌र्द्धनारीश्वर का हो गया था।

इसके अलावा ब्रह्ववैवर्त पुराण में अनेक सिद्धियों का वर्णन है
जैसे
1. सर्वकामावसायिता
2. सर्वज्ञत्व
3. दूरश्रवण
4. परकायप्रवेशन
5. वाक्‌सिद्धि
6. कल्पवृक्षत्व
7. सृष्टि
8. संहारकरणसामर्थ्य
9. अमरत्व
10 सर्वन्यायकत्व।
कुल मिलाकर 18 प्रकार की सिद्धियों का हमारे शास्त्रों में वर्णन मिलता है। यह देवी इन सभी सिद्धियों की स्वामिनी हैं। इनकी पूजा से भक्तों को ये सिद्धियां प्राप्त होती हैं।

माँ सिद्धिदात्री की पूजा विधि
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सिद्धियां हासिल करने के उद्देश्य से जो साधक भगवती सिद्धिदात्री की पूजा कर रहे हैं। उन्हें नवमी के दिन निर्वाण चक्र का भेदन करना चाहिए। दुर्गा पूजा में इस तिथि को विशेष हवन किया जाता है। हवन से पूर्व सभी देवी दवाताओं एवं माता की पूजा कर लेनी चाहिए। हवन करते वक्त सभी देवी दवताओं के नाम से हवि यानी अहुति देनी चाहिए. बाद में माता के नाम से अहुति देनी चाहिए। दुर्गा सप्तशती के सभी श्लोक मंत्र रूप हैं अत:सप्तशती के सभी श्लोक के साथ आहुति दी जा सकती है। देवी के बीज मंत्र “ऊँ ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे नमो नम:” से कम से कम 108 बार अहुति दें।

माँ सिद्धिदात्री का ध्यान मंत्र
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वन्दे वांछित मनोरथार्थ चन्द्रार्घकृत शेखराम्।
कमलस्थितां चतुर्भुजा सिद्धीदात्री यशस्वनीम्॥
स्वर्णावर्णा निर्वाणचक्रस्थितां नवम् दुर्गा त्रिनेत्राम्।
शख, चक्र, गदा, पदम, धरां सिद्धीदात्री भजेम्॥
पटाम्बर, परिधानां मृदुहास्या नानालंकार भूषिताम्।
मंजीर, हार, केयूर, किंकिणि रत्नकुण्डल मण्डिताम्॥
प्रफुल्ल वदना पल्लवाधरां कातं कपोला पीनपयोधराम्।
कमनीयां लावण्यां श्रीणकटि निम्ननाभि नितम्बनीम्॥

माँ सिद्धिदात्री का स्तोत्र पाठ
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कंचनाभा शखचक्रगदापद्मधरा मुकुटोज्वलो।
स्मेरमुखी शिवपत्नी सिद्धिदात्री नमोअस्तुते॥
पटाम्बर परिधानां नानालंकारं भूषिता।
नलिस्थितां नलनार्क्षी सिद्धीदात्री नमोअस्तुते॥
परमानंदमयी देवी परब्रह्म परमात्मा।
परमशक्ति, परमभक्ति, सिद्धिदात्री नमोअस्तुते॥
विश्वकर्ती, विश्वभती, विश्वहर्ती, विश्वप्रीता।
विश्व वार्चिता विश्वातीता सिद्धिदात्री नमोअस्तुते॥
भुक्तिमुक्तिकारिणी भक्तकष्टनिवारिणी।
भव सागर तारिणी सिद्धिदात्री नमोअस्तुते॥
धर्मार्थकाम प्रदायिनी महामोह विनाशिनी।
मोक्षदायिनी सिद्धीदायिनी सिद्धिदात्री नमोअस्तुते॥

  माँ सिद्धिदात्री कवच
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ओंकारपातु शीर्षो मां ऐं बीजं मां हृदयो।
हीं बीजं सदापातु नभो, गुहो च पादयो॥
ललाट कर्णो श्रीं बीजपातु क्लीं बीजं मां नेत्र घ्राणो।
कपोल चिबुको हसौ पातु जगत्प्रसूत्यै मां सर्व वदनो॥

उपाय
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मेहनत और परिश्रम के उपरांत भी धन लाभ नहीं हो रहा, मां लक्ष्मी की प्राप्ति नहीं हो रही हो तो यह उपाय करें

मां भगवती सिद्घदात्री को हर रोज भगवती का ध्यान करते हुए पीले पुष्प अर्पित करें। मोती चूर के लड्डुओं का भोग लगाएं ओर श्री विग्रह के सामने घी का दीपक जलाएं। ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै: ऊँ सिद्घिदात्री विच्चै: नम:। मंत्र का जाप करें। धन की कमी नहीं रहेगी। धन लाभ के लिए मां भगवती के मंदिर में गुलाब की सुगंधित धूपबत्ती शुक्रवार के दिन दान करें। प्रत्येक शुक्लपक्ष की नवमी को 7 मुट्ठी काले तिल पारिवारिक सदस्यों के ऊपर से 7 बार उसार कर उत्तर दिशा में फेंक दे। धन हानि नहीं होगी।

माँ सिद्धिदात्री जी की आरती
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जै सिद्धि दात्री मां तूं है सिद्धि की दाता|
तूं भक्तों की रक्षक तूं दासों की माता||

तेरा नाम लेटे ही मिलती है सिद्धि|
तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि||

कठिन काम सिद्ध करती हो तुम|
जभी हाथ सेवक के सिर धरती हो तुम||

तेरी पूजा में तो न कोई विधि है|
तूं जगदम्बे दाती तूं सर्व सिद्धि है||

रविवार को तेरा सुमिरन करे जो|
तेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो||

तूं सब काज उसके करती हो पूरे|
कभी काम उसके रहे न अधूरे||

तुम्हारी दया और तुम्हारी है माया|
रखे जिसके सिर पर मैया अपनी छाया||

सर्व सिद्धि दाती वह है भाग्य शाली|
जो है तेरे दर का ही अम्बे सवाली||

हिमाचल है पर्वत जहां वास तेरा|
महा नन्दा मंदिर में है वास तेरा||

मुझे आसरा है तुम्हारा ही माता|
चमन है सवाली तूं जिसकी दाता||

माँ दुर्गा की आरती
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जय अंबे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी ।
तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ ॐ जय…
मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को ।
उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको ॥ ॐ जय…
कनक समान कलेवर, रक्तांबर राजै ।
रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजै ॥ ॐ जय…
केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी ।
सुर-नर-मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी ॥ ॐ जय…
कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती ।
कोटिक चंद्र दिवाकर, राजत सम ज्योती ॥ ॐ जय…
शुंभ-निशुंभ बिदारे, महिषासुर घाती ।
धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मदमाती ॥ॐ जय…
चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे ।
मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भय दूर करे ॥ॐ जय…
ब्रह्माणी, रूद्राणी, तुम कमला रानी ।
आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी ॥ॐ जय…
चौंसठ योगिनी गावत, नृत्य करत भैंरू ।
बाजत ताल मृदंगा, अरू बाजत डमरू ॥ॐ जय…
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता ।
भक्तन की दुख हरता, सुख संपति करता ॥ॐ जय…
भुजा चार अति शोभित, वरमुद्रा धारी ।
मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी ॥ॐ जय…
कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती ।
श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योती ॥ॐ जय…
श्री अंबेजी की आरति, जो कोइ नर गावे ।
कहत शिवानंद स्वामी, सुख-संपति पावे ॥ॐ जय…
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जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष 🌹 

आपका जन्मदिन: 27 मार्च 

अंक ज्योतिष का सबसे आखरी मूलांक है नौ। आप बेहद साहसी हैं। आपके स्वभाव में एक विशेष प्रकार की तीव्रता पाई जाती है। आप सही मायनों में उत्साह और साहस के प्रतीक हैं। मंगल ग्रहों में सेनापति माना जाता है। अत: आप में स्वाभाविक रूप से नेतृत्त्व की क्षमता पाई जाती है। लेकिन आपको बुद्धिमान नहीं माना जा सकता। आपके जन्मदिन की संख्या आपस में जुड़ कर नौ होती है। यह मूलांक भूमि पुत्र मंगल के अधिकार में रहता है। मंगल के मूलांक वाले चालाक और चंचल भी होते हैं। आपको लड़ाई-झगड़ों में भी विशेष आनन्द आता है। आपको विचित्र साहसिक व्यक्ति कहा जा सकता है। 

आपके लिए खास 

शुभ दिनांक : 9, 18, 27 

शुभ अंक : 1, 2, 5, 9, 27, 72 

शुभ वर्ष : 2027, 2036, 2045 

ईष्टदेव : हनुमान जी, मां दुर्गा। 

शुभ रंग : लाल, केसरिया, पीला 

आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल 
करियर: अधिकार क्षेत्र में वृद्धि संभव है। नौकरी में आ रही बाधा दूर होगी। महत्वपूर्ण कार्य योजनाओं में सफलता मिलेगी। राजनैतिक व्यक्ति सफलता का स्वाद चख सकते हैं। 

सेहत: स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। 

परिवार: मित्रों स्वजनों का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी। आप अपनी शक्ति का सदुपयोग कर प्रगति की और अग्रसर होंगे। पारिवारिक विवाद सुलझेंगे। 

मेष 🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) 
आज के दिन आप व्यर्थ की बयानबाजी से बचें स्वभाव में भी राशि अनुसार अहम कुछ अधिक ही रहेगा गलती करके भी उद्दंडता दिखाना आज भारी पड़ सकता है। घर एवं बाहर कलह के प्रसंग बनेंगे। आज आप स्वयं तो बेपरवाह रहेंगे परन्तु घर के सदस्य एवं अन्य लोगो को परेशान करेंगे। कार्य क्षेत्र में भी आपकी गलती से आर्थिक नुकसान हो सकता है सहकर्मियों से आज बना कर रहे अन्यथा किसी बड़ी मुश्किल में फंसने की सम्भवना है। आय की अपेक्षा खर्च अधिक होगा। सरकारी एवं अन्य उलझनों वाले कार्य आज टालना ही बेहतर है। 

वृष 🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) 
आज का दिन आपके अनुकूल रहेगा लेकिन आज आपके बनते कार्यो में कोई ना कोई टांग अवश्य अड़ाएगा इसे अनदेखा कर अपने कार्यो में लगे रहे अगर विरोध किया तो लाभ से वंचित रह जाएंगे। मित्रो खास कर प्रेम प्रसंगों के कारण आज अधिक खर्च होगा फिर भी सुख की प्राप्ति आशानुकूल नही होगी। धन लाभ थोड़े विलम्ब से लेकिन आवश्यकतानुसार हो जाएगा। सार्वजनिक कार्यो में दिखावे के लिए भाग लेंगे फिर भी सम्मान मिलेगा। सेहत में थोड़ा बहुत उतार चढ़ाव रहने पर भी दैनिक कार्य प्रभावित नही होंगे। 

मिथुन 👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा) 
आपका आज का दिन कुछ विशेष नही रहेगा कल की ही भांति आज भी कारोबार अथवा अन्य धन संबंधित कार्य बाधा आने से अटके रहेंगे फिर भी आज खर्च लायक आमद जोड़ तोड़ करने से हो ही जाएगी। पारिवारिक अथवा अन्य कारणों से यात्रा करनी पड़ेगी आज धन खर्च के साथ आकस्मिक दुर्घटना अथवा चोटादि लग्ने का भी भय है सावधानी रखें। स्वभाव में स्वार्थ सिद्धि दिखेगी इस कारण अन्य लोग भी आज आपसे मतलब से ही बात करेंगे। धार्मिक कार्य मे अरुचि रहेगी फिर भी आज किये गए पूण्य कर्म शीघ्र फलदायी रहेंगे। घर का वातावरण अस्तव्यस्त रहेगा आज का दिन धैर्य से बिताएं। 

कर्क 🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) 
आज के दिन आपकी रुचि धर्म-कर्म में अधिक रहेगी फिर भी कोई ना कोई व्यवधान आने से इसके लिए समय कम ही निकाल पाएंगे। आलसी प्रवृति के कारण कार्य क्षेत्र पर आलोचना होगी अधिकारी वर्ग आपकी गलती पकड़ने में लगे रहेंगे सतर्क रहें। आज आपका मन कार्य क्षेत्र पर कम मौज-शौक की ओर ज्यादा भटकेगा। काम वासना भी अधिक रहेगी। व्यर्थ के खर्च भी आज अधिक करेंगे। पारिवारिक वातावरण उथल-पुथल रहने पर भी दिनचर्या सामान्य रूप से चलती रहेगी। तीर्थ यात्रा के प्रसंग बनेंगे। सेहत आज ठीक ठाक ही रहेगी। 

सिंह 🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) 
आज का दिन आपको प्रतिकूल फल देने वाला है। आज भला करने पर भी बुराई ही मिलेगी गृहस्थ में भी वैर-विरोध अधिक रहने से मानसिक रूप से हताश रहेंगे। कार्य व्यवसाय में आकस्मिक हानि हो सकती है देख परख कर ही कोई कार्य हाथ मे लें। नए अनुबंध और उधारी के व्यवहार से बचें। नौकरी पेशा जातक एवं व्यापारी भी किसी सरकारी उलझन में फंस सकते है। आज लाभ कमाने के लिए स्वभाव में सरलता ही एकमात्र रास्ता है। भाई बंधुओ से कोई मामूली बात निकट भविष्य में गहरा सकती है स्वभाव में अधिक खुलापन आज ठीक नही। फिजूल खर्ची अधिक रहेगी। 

कन्या 👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) 
आज का दिन आपके लिए लाभदायी रहेगा लेकिन मन की चंचलता बने बनाये लाभ पर पानी भी फेर सकती है। दिन के आरंभ में कार्यो में सहज सफलता मिलने से अतिआत्मविश्वाश की भावना अन्य कार्यो को बिगाड़ सकती है विवेक से काम लें आज लाभ अवश्य होकर रहेगा। सौंदर्य प्रसाधन अथवा अन्य सुखोपभोग की वस्तुओं पर खर्च करेंगे। विपरीत लिंगीय के प्रति आज आकर्षण अधिक रहने से शीघ्र समर्पण कर देंगे। लघु यात्रा हो सकती है। स्वास्थ्य आज ठीक रहेगा फिर भी चोट आदि से परेशानी हो कि सम्भवना है सतर्क रहें। 

तुला ⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) 
आज का दिन भी आपके लिए शुभ बना रहेगा कुछ मामूली उलझनों को छोड़ दैनिक कार्य सामान्य गति से चलते रहेंगे। नौकरी धंधे से अपेक्षित लाभ कमाने के लिए आज किसी के सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी लेकिन आपके उदासीन व्यवहार के कारण सहयोग प्राप्त करने में थोड़ा विलंब हो सकता है। व्यवसायी वर्ग दिन के आरंभ में परेशान रहेंगे लेकिन बाद में आर्थिक समस्या का समाधान होने से शांति मिलेगी। पारिवारिक सुख आज सामान्य रहेगा। कुछ समय के लिये शारीरिक स्फूर्ति खत्म जैसी लगेगी दवा लेने पर सामान्य हो सकती है। 

वृश्चिक 🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) 
आज आपकी दिनचर्या आडम्बर युक्त अधिक रहेगी। लेकिन आज किसी भी बात को बढ़ा चढ़ा कर पेश करना आपको ही मुश्किल में डालेगा। सरकार संबंधित कागजी कार्य आज आसानी से पूर्ण हो सकेंगे लेकिन धन खर्च भी होगा। व्यवसाय में ले देकर काम चलाने की प्रवृति शुरू में हानि लेकिन बाद में लाभदायक सिद्ध होगी। आज किसी के मनमाने व्यवहार के कारण तीखी बहस भी हो सकती है जिसमे विजय आपकी ही होगी आपका सामाजिक व्यक्तित्त्व निखरेगा। परिवार के बीच मौन रहने से कई समस्याओं के समाधान स्वतः ही हो जायेगा। प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलेगी। आरोग्य बना रहेगा। 

धनु 🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे) 
आज के दिन आप किसी कार्य को लेकर कुछ ज्यादा ही मानसिक बोझ लेंगे जिससे सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। सर अथवा शरीर के अन्य अंगों में दर्द की शिकायत रह सकती है। कार्य क्षेत्र पर सामान्य से कम व्यवसाय रहेगा फिर भी बुद्धिबल से कठिन परिस्थिति में भी हार नही मानेंगे धन की आमद आज अकस्मात होने वाली है। सरकारी कार्य आज करने से शीघ्र सफल हो सकते है। घर मे किसी की जिद के कारण माहौल कुछ समय के लिये थोड़ा अस्त व्यस्त बनेगा। बड़े बुजुर्गों का मार्गदर्शन मिलेगा। 

मकर 🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी) 
आज की परिस्थिति आपके लिए अनुकूल बनी रहेगी आज आलस्य ना करें समय का लाभ उठाएं धन लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे। व्यवसाय से अगर चाहे तो मनचाहा लाभ अर्जित किया जा सकता है इसके लिए दृढ़ संकल्प शक्ति की आवश्यकता है। धन लाभ आज हर परिस्थिति में होकर ही रहेगा। शारीरिक रूप से कुछ सुस्ती रहेगी नसों में दुर्बलता रहने से कमजोरी अनुभव करेंगे। पारिवारिक स्थिति में आर्थिक उलझने कम होने से कुछ सुधार आएगा। घर बाहर के लोगो से सम्मान मिलेगा नए संबंध बनेंगे। धर्म मे निष्ठा बढ़ेगी। 

कुंभ 🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) 
आज के दिन आप धन लाभ के साथ ही घरेलू सुख के साधनों में भी वृद्धि कर सकेंगे। भोजन अथवा अन्य खाद्य सामग्री पर खर्च भी करना होगा। मितव्ययता से चलने पर भी कुछ अनावश्यक खर्च परेशान कर सकते है। व्यापार में आज आशा से थोड़ी कम बिक्री रहेगी फिर भी दैनिक खर्च आसानी से निकल जाएंगे। गृहस्थ की जिम्मेदारी में कमी आने से महिलाये राहत में रहेंगी। आज मामूली बात पर क्रोध आएगा इससे बचने का प्रयास करें वार्ना किसी के अपशब्द सुनने पड़ेंगे। मध्यान बाद संताने शुभ समाचार देंगी। 

मीन 🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) 
आज के दिन विवेकी व्यवहार अपनाएंगे जिससे व्यर्थ के झगड़ो से बचे रहेंगे। कार्य व्यवसाय में आज कुछ विशेष सफलता नही मिलेगी फिर भी जितना मिले उसी में संतोष का परिचय देंगे। लेकिन परिवार में आज किसी सदस्य की इच्छा पूर्ति ना होने पर वातावरण खराब हो सकता है। नए कार्य की योजना बना रहे है तो अभी रुके वार्ना धन संबंधित उलझनों में फंस सकते है। नौकरी पेशा जातक काम मे ऊबन अनुभव करेंगे। मनोरंजन के अवसर नही मिलने से निराशा बढ़ेगी। संध्या का समय दिन की तुलना में मानसिक रूप से शांति दिलाएगा। सेहत लगभग ठीक ही रहेगी। 

🚩 हर हर महादेव 🚩 
जय श्री राम 🙏🏻

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Quote of the week

“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton