🙏🏻 हर हर महादेव 🙏🏻
ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते।
पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते॥
(ईशावास्य उपनिषद्)
हिंदी अर्थ:
यह सम्पूर्ण (ब्रह्म) पूर्ण है, यह जगत भी पूर्ण है। उस पूर्ण से यह पूर्ण उत्पन्न हुआ है। उस पूर्ण में से पूर्ण को निकाल लेने पर भी वह पूर्ण ही शेष रहता है।
वर्तमान संदर्भ में विस्तृत अर्थ:
यह उपनिषद् मंत्र हमें सिखाता है कि इस ब्रह्मांड में हर चीज अपने आप में पूर्ण है। आज के समय में मनुष्य अक्सर कमी, असंतोष और तुलना में जीता है—कभी धन की कमी, कभी सम्मान की कमी, कभी सुख की कमी महसूस करता है। लेकिन यह श्लोक हमें बताता है कि वास्तविकता में जीवन पहले से ही पूर्ण है, केवल हमारी दृष्टि अधूरी है।
आज की भागदौड़ भरी दुनिया में लोग सफलता, भौतिक सुख और बाहरी उपलब्धियों को ही पूर्णता मानते हैं, जबकि उपनिषद् हमें भीतर झांकने की प्रेरणा देता है। जब व्यक्ति अपने अंदर संतोष, कृतज्ञता और आत्मज्ञान विकसित करता है, तब वह समझ पाता है कि पूर्णता बाहर नहीं, भीतर है।
इसका आधुनिक जीवन में प्रयोग यह है कि हमें अपनी परिस्थितियों को स्वीकार करते हुए उनमें संतुलन और संतोष ढूंढना चाहिए। चाहे कार्यक्षेत्र हो, परिवार हो या व्यक्तिगत जीवन—यदि हम “पूर्णता” के भाव से जीते हैं, तो तनाव कम होता है और जीवन में शांति, स्थिरता और आनंद बढ़ता है।
इस मंत्र का संदेश है: कमी नहीं, दृष्टिकोण बदलो—जीवन पहले से ही पूर्ण है।
🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🌤️ दिनांक – 24 मार्च 2026
🌤️ दिन – मंगलवार
🌤️ विक्रम संवत – 2083 (गुजरात अनुसार 2082)
🌤️ शक संवत – 1948
🌤️ अयन – उत्तरायण
🌤️ ऋतु – वसंत ऋतु
🌤️ मास – चैत्र
🌤️ पक्ष – शुक्ल
🌤️ तिथि – षष्ठी शाम 04:07 तक तत्पश्चात सप्तमी
🌤️ नक्षत्र – रोहिणी शाम 07:04 तक तत्पश्चात मृगशिरा
🌤️ योग – प्रीति सुबह 09:07 तक तत्पश्चात आयुष्मान
🌤️ राहुकाल – शाम 03:48 से शाम 05:19 तक
🌤️ सूर्योदय – 06:40
🌤️ सूर्यास्त – 06:49
👉 दिशाशूल – उत्तर दिशा में
🚩 व्रत पर्व विवरण –
💥 विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
🚩~ सनातन पंचांग ~🚩
🌷 बुधवारी अष्टमी 🌷
➡ 25 मार्च 2026 बुधवार को दोपहर 01:50 से 26 मार्च सूर्योदय तक बुधवारी अष्टमी है ।
👉🏻 मंत्र जप एवं शुभ संकल्प हेतु विशेष तिथि
🙏🏻 सोमवती अमावस्या, रविवारी सप्तमी, मंगलवारी चतुर्थी, बुधवारी अष्टमी – ये चार तिथियाँ सूर्यग्रहण के बराबर कही गयी हैं।
🙏🏻 इनमें किया गया जप- ध्यान, स्नान, दान व श्राद्ध अक्षय होता है। (शिव पुराण, विद्यश्वर संहिताः अध्याय 10)
🚩~ सनातन पंचांग ~🚩
🌷 नवरात्रि के आखिरी 3 दिन 🌷
👉🏻 अगर कोई पूरे नौ दिनों का व्रत नवरात्रि में नहीं रख सकता, तो कम से कम आखिरी तीन दिनों का व्रत रखना चाहिए। उससे 9 दिन के नवरात्रि का फल प्राप्त कर होता हैं । अंतिम तीन दिन का उपवास करने से संपूर्ण नवरात्रि का उपवास माना जाता है सप्तमी 25 मार्च बुधवार अष्टमी 26 मार्च गुरुवार और नवमी 27 मार्च शुक्रवार को है
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🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🌷 चैत्र नवरात्रि 🌷
🙏🏻 नवरात्रि की सप्तमी तिथि यानी सातवें दिन माता दुर्गा को गुड़ का भोग लगाएं ।इससे हर मनोकामना पूरी हो सकती है।
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🌷 चैत्र नवरात्रि 🌷
🙏🏻 शत्रुओं का नाश करती हैं मां कालरात्रि
महाशक्ति मां दुर्गा का सातवां स्वरूप हैं कालरात्रि। मां कालरात्रि काल का नाश करने वाली हैं, इसी वजह से इन्हें कालरात्रि कहा जाता है। मां कालरात्रि की आराधना के समय भक्त को अपने मन को भानु चक्र जो ललाट अर्थात सिर के मध्य स्थित करना चाहिए। इस आराधना के फलस्वरूप भानु चक्र की शक्तियां जागृत होती हैं। मां कालरात्रि की भक्ति से हमारे मन का हर प्रकार का भय नष्ट होता है। जीवन की हर समस्या को पल भर में हल करने की शक्ति प्राप्त होती है। शत्रुओं का नाश करने वाली मां कालरात्रि अपने भक्तों को हर परिस्थिति में विजय दिलाती हैं ।
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩

ॐ जय मां कामाख्या !!
जय श्री महाकाल !!
अंबुबाची मेला : मां कामाख्या की रहस्यमयी शक्ति !!
असम के नीलांचल पर्वत पर स्थित मां कामाख्या का मंदिर न केवल भारत के 51 शक्तिपीठों में प्रमुख है अपितु तांत्रिक साधना, स्त्री शक्ति और महाविद्याओं के केंद्र के रूप में भी यह स्थान विशिष्ट है। यहां प्रतिवर्ष आषाढ़ मास में मनाया जाने वाला अंबुबाची मेला महाशक्ति के रजस्वला होने की अवस्था का उत्सव है।
अंबुबाची : शब्द और तात्पर्य : अंबु का अर्थ है जल, और ‘बाची’ का तात्पर्य है निकलना या प्रवाह। अंबुबाची का शाब्दिक अर्थ है “जल का बहना।” यह पर्व इसलिए मनाया जाता है क्योंकि माना जाता है कि इन दिनों मां कामाख्या, जिन्हें साक्षात देवी योनिपीठ के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है, मासिक धर्म (रजस्वला) में होती हैं। इस दौरान मंदिर के गर्भगृह के पट तीन दिनों तक बंद रहते हैं और चौथे दिन पूजा-अर्चना पुनः आरंभ होती है।
कालिका पुराण में अंबुबाची का उल्लेख : कालिका पुराण, जो कि 10वीं शताब्दी के आसपास रचित माना जाता है, मां कामाख्या की महिमा, तांत्रिक प्रक्रियाओं और देवी के योनिपीठ रूप की विस्तार से चर्चा करता है। कालिका पुराण में वर्णन है:
“योनि स्थलम पवित्रं वै, तत्रैव सृष्टिहेतवः।
नीलाचले महाशक्तिर्यास्या योनिर्विलक्षणा॥”
-कालिका पुराण, अध्याय 62
इस श्लोक में देवी की योनि को सृष्टि का मूल बताया गया है। देवी का मासिक धर्म सृष्टि-चक्र का प्रतीक है, और अंबुबाची काल इस चक्र की पावन अभिव्यक्ति है। यहीं से यह सिद्ध होता है कि प्राचीन भारत में रजस्वला स्त्री को अशुद्ध नहीं, बल्कि सृष्टि की शक्ति और धर्म का वाहक माना गया।
तांत्रिक परंपरा और अंबुबाची : कामाख्या मंदिर केवल वैदिक पूजा का स्थल नहीं बल्कि यह तांत्रिक परंपरा का जीवंत केंद्र भी है। अंबुबाची पर्व के दौरान हजारों साधक, विशेषकर अघोरी, कौलाचार्य, वामाचारी तांत्रिक यहां साधना हेतु एकत्र होते हैं। यह साधना कामिनी-कांचन को त्यागकर केवल शक्ति के आह्वान हेतु होती है।
अंबुबाची और स्त्री शरीर का गौरव: जहां आज भी कई समाजों में रजस्वला स्त्री को अपवित्र समझा जाता है, वहीं अंबुबाची महोत्सव स्त्री शरीर की जैविक प्रक्रियाओं को दैवीय और पूजनीय मानता है। कामाख्या मंदिर में मासिक धर्म को देवी के सृजन-तत्व के रूप में पूजा जाता है जो आधुनिक स्त्री विमर्श के लिए एक सशक्त सांस्कृतिक संदेश है।
अंबुबाची और आधुनिक संदर्भ : आज अंबुबाची मेला अंतरराष्ट्रीय तीर्थ यात्रियों, शोधकर्ताओं और साधकों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। यह पर्व आध्यात्मिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन देता है। सरकार द्वारा इस मेले को संगठित और सुव्यवस्थित किया जा रहा है किंतु इसकी तांत्रिक गरिमा और सांस्कृतिक गूढ़ता को यथावत बनाए रखना आवश्यक है।
अंबुबाची केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है बल्कि यह स्त्री शक्ति, सृष्टि, तांत्रिक परंपरा, और प्राचीन भारतीय ज्ञान की जीवंत धरोहर है। कालिका पुराण इसका शास्त्रीय आधार प्रस्तुत करता है, वहीं कामाख्या की परंपरा इसे संस्कृतिक रूप से अमर करती है। इस पर्व के माध्यम से हम यह समझ सकते हैं कि भारतीय संस्कृति में स्त्री और उसकी जैविकता को कितना उच्च स्थान प्राप्त था ।
तिथि और अवधि : तीन दिन के लिए मंदिर के गर्भगृह के द्वार बंद किए जाते है, जो देवी के “रजस्वला होने” का प्रतीक है।
यह बंदी तीन दिन तक बनी रहती है। इन दिनों मंदिर में पूजा नहीं होती और साधारण दर्शन भी अवरुद्ध रहता है।
तीन दिन के बाद मंदिर शुद्धिकरण और स्नान के बाद पुनः खोला जाता है और फिर मंदिर नियमित रूप से सुबह से जनता के लिए खुलता है।
महत्व : ये चार दिन देवी कामाख्या के वार्षिक मासिक धर्म (रजस्वला) की अवधि का प्रतीक हैं।
अंबुबाची के दौरान साधु-संत, तपस्वी, और लाखों श्रद्धालु तीर्थ और तांत्रिक गतिविधियों हेतु यहां आते हैं।
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जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष🙏🏻
आपका जन्मदिन: 24 मार्च
दिनांक 24 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 6 होगा। आपमें गजब का आत्मविश्वास है। इसी आत्मविश्वास के कारण आप किसी भी परिस्थिति में डगमगाते नहीं है। आपको सुगंध का शौक होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति आकर्षक, विनोदी, कलाप्रेमी होते हैं। आप अपनी महत्वाकांक्षा के प्रति गंभीर होते हैं। अगर आप स्त्री हैं तो पुरुषों के प्रति आपकी दिलचस्पी होगी। लेकिन आप दिल के बुरे नहीं है। 6 मूलांक शुक्र ग्रह द्वारा संचालित होता है। अत: शुक्र से प्रभावित बुराई भी आपमें पाई जा सकती है। जैसे स्त्री जाति के प्रति आपमें सहज झुकाव होगा।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 6, 15, 24
शुभ अंक : 6, 15, 24, 33, 42, 51, 69, 78
शुभ वर्ष : 2029
ईष्टदेव : मां सरस्वती, महालक्ष्मी
शुभ रंग : क्रीम, सफेद, लाल, बैंगनी
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: नौकरीपेशा व्यक्ति अपने परिश्रम के बल पर उन्नति के हकदार होंगे। बैक परीक्षाओं में भी सफलता अर्जित करेंगे। लेखन संबंधी मामलों के लिए।
उत्तम होती है। जो विद्यार्थी सीए की परीक्षा देंगे उनके लिए शुभ रहेगा।
परिवार: दाम्पत्य जीवन में मिली जुली स्थिति रहेगी। विवाह के योग भी बनेंगे। स्त्री पक्ष का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी।
कारोबार: आर्थिक मामलों में सभंलकर चलना होगा। व्यापार-व्यवसाय में भी सफलता रहेगी।
🔻🔻🔻 राशिफल 🔻🔻🔻
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन आपके स्वभाव में आलस्य अधिक रहेगा। लापरवाही में लाभ के अवसर हाथ से निकल सकते है सतर्क रहें। कार्य व्यवसाय में आज बीते कल की अपेक्षा तेजी रहेगी धन कमाने के मौके मिलते रहेंगे आवश्यकता अनुसार लाभ आसानी से हो जाएगा लेकिन लालच में ज्यादा कमाने की वृत्ति कुछ ना कुछ कमी ही करेगी। संतोषी वृति अपनाकर ही आज प्रत्येक कार्य निर्विघ्न सम्पन्न किया जा सकता है इसका विशेष ध्यान रखें। हर में मांगलिक कार्यक्रम होने से वातावरण शांत रहेगा। विपरीत लिंगीय आकर्षण भी कुछ अधिक रहेगा इसके कारण परिवार में गलतफहमी पनपने से खींच तान हो सकती है। सेहत बनी रहेगी।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन आप लापरवाहि ज्यादा करेंगे। छोटी-छोटी गलती भी आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती है इसका विशेष ध्यान रखना होगा। किसी भी कार्य को दिमाग की जगह दिल से करने के कारण सफलता में संशय रहेगा। धन संबंधित उलझने दिन के आरंभ से ही खड़ी होंगी जो कि संध्या तक यथावत बनी रहेगी संध्या के आस-पास कही से थोड़ा बहुत धन मिलने से दैनिक खर्च निकल जाएंगे। आर्थिक मामलों को लेकर आज ज्यादा तामझाम में ना पढ़ें अन्यथा छोटे लाभ से भी वंचित रहना पडेगा। मित्र रिश्तेदारों के आगे भी धन संबंधित कार्यो को लेकर शर्मिंदा होना पड़ सकता है। उधार किसी से भी ना करे चुकाने में परेशानी आएगी। सेहत में छोटी मोटी व्याधी लगी रहेगी।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन भी संघर्ष से भरा रहेगा। दिन के आरंभ में ही कोई दुखद घटना से मन बेचैन रहेगा। दिनचार्य आज अस्त-व्यस्त ही रहेगी। जिस कार्य को करने का मन बनाएंगे उसमे अनिर्णय की स्थिति रहने के कारण विलम्ब होगा हानि के डर से आज कोई जोखिम लेने से बचेंगे केवल यही निर्णय आज सही रहेगा अन्य में कुछ ना कुछ उलझन ही बनेगी। अकस्मात धन क्षय के योग बन रहे है नए कार्यो में धन ना लगाए पहले अधूरे कार्य पूर्ण करें अन्यथा निरस्त किये जा सकते है। पारिवारिक वातावरण में विवेक की कमी रहेगी छोटी-छोटी बात पर आपस में उलझेंगे। शारीरिक दृष्टिकोण से भी आज दिन प्रतिकूल रहेगा।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन भी आपके अनुकूल बना रहेगा लेकिन आज स्वभाव में थोड़ी तल्खी रहने से आपसी व्यवहारिकता में कमी आएगी। लोग आपसे अपेक्षाये लेकर आएंगे परन्तु निराश होना पड़ेगा। दैनिक कार्य के अतिरिक्त कार्य आने से कुछ समय के लिए असहजता बनेगी। व्यक्तिगत व्यस्तता के कारण सामाजिक कार्यो में बेमन से भाग लेना पड़ेगा फिर भी सम्मान पाने के अधिकारी बनेंगे। काम-धंधे में सुधार आयेगा लेकिन रुके कार्य आज भी पूर्ण होने में संदेह रहेगा। नौकरी पेशाओ एवं महिलाओ का आस-पड़ोसियों से झगड़ा होने की संभावना है। परिवार में किसी से बीमार होने पर चिंता होगी धन खर्च के साथ अतिरिक्त भाग-दौड़ करनी पड़ेगी। अपनी सेहत का भी ख्याल रखें।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आपके लिये आज का दिन आशा से कम लाभदायक लेकिन फिर भी संतोषजनक रहेगा। संतोषी प्रवृति रहने के कारण व्यर्थ की उलझनों से बचे रहेंगे। आज आपको आर्थिक विषमताओं का सामना करना पड़ेगा कार्य क्षेत्र अथवा घर मे कोई ना कोई आपके व्यवहार से असंतोष जतायेगा लेकिन आप जानकर भी अनजान बनेंगे। धार्मिक पूजा पाठ में सम्मिलित होने के अवसर मिलेंगे परन्तु ध्यान एकाग्र नही रहने के कारण आध्यात्म लाभ नही मिल पायेगा। नौकरी वाले लोग आज कार्य भार कम रहने से शांति अनुभव करेंगे फिर भी अधिकारी वर्ग से आज कम ही बनेगी। बुजुर्गो का आशीर्वाद और मार्गदर्शन मिलेगा।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज आप धार्मिक कार्यो के लिये अपने नियत कार्यक्रम को रद्द करेंगे जिससे बाद में अधिकांश कार्य अस्त-व्यस्त होंगे। धार्मिक भावनाएं आज बलवती रहेंगी लेकिन परोपकार के कार्य स्वार्थ पूर्ति के लिये ही करेंगे। दिन के आरम्भ में स्वास्थ्य संबंधित शिकायत रहेगी मध्यान तक धीरे धीरे सुधार आने लगेगा दवाओं पर खर्च करना पड़ेगा। व्यवसाय में आज आश्वासनों से ही काम चलाना पड़ेगा। नए अनुबंध हाथ लगेंगे लेकिन आज इनपर कार्य आरम्भ नही कर पाएंगे। गृहस्थ में आज शांति स्थापित होगी फिर भी बुजुर्गो को संतुष्ट रखना नामुमकिन होगा। आय की अपेक्षा खर्च अधिक रहेगा।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन भी प्रतिकूल रहेगा। शारीरिक रूप से असमर्थ रहने के कारण आवश्यक कार्यो में विलंब होगा स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहेगा। मन मे नकारत्मक भाव आएंगे किसी की हित मे कही बाते भी उल्टी लगेंगी। कार्य व्यवसाय में आज किसी के सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी वो भी समय पर नही मिलेगा। धन की आमद अनिश्चित रहेगी खर्च निकालने के लिये भी जोड़-तोड़ करना पड़ेगा। उधार के व्यवहार से बचे अन्यथा बाद में परेशानी होगी। पारिवारिक वातावरण में विरोधाभास लगा रहेगा घर के सदस्य एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करेंगे। घर के बुजुर्ग वर्ग दुखी होंगे।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन विजय दिलाने वाला रहेगा। स्वभाव में थोड़ी तेजी रहने के कारण किसी के मार्गदर्शन को भी अहम से जोड़ेंगे आज आप किसी अन्य के आधीन होकर काम करना पसंद नही करेंगे। मनमौजी व्यवहार अन्य लोगो के लिए परेशानी खड़ी करेगा लेकिन आपके लिये शांति दायक रहेगा। जिस कार्य को करेंगे उसमे ही विलम्ब होगा फिर भी अपनी सूझ बूझ से लाभ बना ही लेंगे। व्यवसायी वर्ग जोखिम वाले कार्य शेयर सट्टे आदि से लाभ कमाएंगे। नौकरी वाले लोग भी कार्य कुशलता के बल पर सम्मान के अधिकारी बनेंगे। परिवार का वातावरण आपसी समझ की कमी के कारण कुछ समय के लिये गरम होगा। पित्त, कफ से परेशानी होगी।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज आप अपने अभिमानी स्वभाव के कारण घर मे बैठे बिठाये झगड़ा मोल लेंगे इसके विपरीत कार्य अथवा सामाजिक क्षेत्र पर ऐश्वर्य वृद्धि होगी। घर से ज्यादा बाहर का वातावरण भायेगा। कार्य व्यवसाय में सोची योजनाए धीमी गति से चलेंगी आज जहां से लाभ की उम्मीद रहेगी वहां की जगह अन्य साधनों से अक्समात होगा। विरोधी आपके खिलाफ षड्यंत्र रचेंगे लेकिन कामयाब नही हो पाएंगे फिर भी मीठा बोलने वालों से सतर्क रहें। अधिकारी वर्ग से नोकझोंक होगी जिससे कागजी कार्य अधूरे रह सकते है। स्वास्थ्य मध्यान बाद नरम रहेगा भागदौड़ के कारण थकान बनेगी।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज के दिन आप अपनी बात मनवाने के लिये सामने वाले पर नाजायज दबाव बनाएंगे जिससे आपसी संबंध खराब होने का भय रहेगा फिर भी देर अबेर अपना काम बना ही लेंगे। नौकरी पेशा जातक अधिकारियों के ऊपर आवश्यकता से अधिक विश्वासः करेंगे जिसका परिणाम आज निराश ही करेगा। व्यवसायी वर्ग धन को लेकर थोड़े चिंतित रहेंगे उधारी के कारण कार्य क्षेत्र पर गरमा गरमी हो सकती है। आध्यात्मिक कार्यो में भी समय निकाल सम्मिलित होंगे लेकिन आज मन अन्यत्र ही भटकेगा। बाहर घूमने की योजना अंत समय मे निरस्त करनी पड़ेगी। सुख सुविधा मिलने पर भी मानसिक रूप से अशान्त रहेंगे।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन आपका स्वभाव बात-बात पर गरम होगा। किसी से किया वादा पूर्ण ना करने पर अपमानित होना पड़ेगा। जल्दबाजी में कार्य करेंगे त्रुटि होने पर बाद में अफसोस होगा। आज धन संबंधित व्यवहार अधिक आवश्यकता पडने पर ही लिख कर ही करें भूल होने की संभावना हैं। धन लाभ को लेकर मध्यान तक चिंतित रहेंगे मध्यान बाद आवश्यकता अनुसार होने से राहत मिलेगी। घर का वातावरण भी आपके रूखे व्यवहार से अशान्त रहेगा। बड़े-बुजुर्गों की बात ना मानने पर कुछ ना कुछ हानि होगी। आज शांति बनाए रखने के लिये मौन रहना ही बेहतर रहेगा। सर-बदन दर्द रक्त चाप संबंधित परेशानी होगी।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन भी भाग-दौड़ में बीतेगा। दिन के आरम्भ से ही किसी कार्य को करने के लिए व्यस्त हो जाएंगे। कार्य व्यवसाय में आज अधूरे कार्य पूर्ण करने की जल्दबाजी रहेगी फिर भी समय से पूर्ण नही हो पाएंगे। व्यवसायी वर्ग धन सम्बन्धीत व्यवहार के कारण चिंतित रहेंगे समय पर कार्य पूर्ण ना होने कारण खरी-खोटी सुन्नी पड़ेगी। मध्यान बाद का समय राहत वाला रहेगा। धन संबंधित समस्या किसी की सहायता से सुलझेंगी लेकिज आज आर्थिक कारणों से किसी से पुराना संबंध टूटने की संभावना है। परिवार के बीच आप ज्यादा शांत एवं सुरक्षित अनुभव करेंगे। पेट खराब होने पर अन्य व्याधियां बनेगी।

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