Sanatan Panchang 20092026 Rashifal Samadhan

🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🌤️ दिनांक – 20 सितंबर 2026
🌤️ दिन – रविवार
🌤️ विक्रम संवत – 2083 (गुजरात अनुसार 2082)
🌤️ शक संवत – 1948
🌤️ अयन – दक्षिणायन
🌤️ ऋतु – शरद ऋतु
🌤️ मास – भाद्रपद
🌤️ पक्ष – शुक्ल
🌤️ तिथि – नवमी शाम 05:51 तक तत्पश्चात दशमी
🌤️ नक्षत्र – पूर्वाषाढा 21 सितंबर प्रातः 04:34 तक तत्पश्चात उत्तराषाढ़ा
🌤️ योग – सौभाग्य शाम 03:23 तक तत्पश्चात शोभन
🌤️राहुकाल – शाम 05:06 से शाम 06:37 तक
🌤️ सूर्योदय – 06:28
🌤️ सूर्यास्त – 06:35
👉 दिशाशूल – पश्चिम दिशा में
🚩व्रत पर्व विवरण –
विशेष- नवमी को लौकी खाना गोमांस के `समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।
🚩~सनातन पंचांग ~🚩

🌷 भगवान श्रीगणेश 🌷
🙏🏻 27 अगस्त से दस दिवसीय गणेशोत्सव प्रारंभ हो चुका है। इन दस दिनों में गणेशजी की पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व होता है। श्रीगणेश अंक में भगवान गणेश के 12 नामों का वर्णन किया गया हैं, जिनको बोलकर श्रीगणेश की पूजा करने से मनुष्य के सभी दुखों का नाश हो जाता है और उसकी सभी इच्छा पूरी होती हैं।
ये 12 नाम बोलकर करें श्रीगणेश की पूजा, हर काम में मिलेगा किस्मत का साथ
🌷 श्लोक-
प्रथमं वक्रतुण्ड च एकदन्तं द्वितीयकम्, तृतीयं कृष्णपिड्गाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम्।।
लम्बोदरं पंचमं च षष्ठं विकटमेव च, सप्तमं विघ्नराजेन्द्रं धूम्रवर्ण तथाष्टमम्।।
नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम्, एकादशं गणपतिं द्वादर्श तु गजाननम्।।
द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्यं यः पठेन्नरः, न च विध्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं परम्।।

🙏🏻 श्लोक का अर्थ-
पहला नाम है वक्रतुण्ड, दूसरा एकदन्त, तीसरा कृष्णपिड्गाक्ष, चौथा गजवक्त्र, पांचवां लम्बोदर, छठा विकट, सातवां विघ्नराजेन्द्र, आठवां धूमवर्ण, नौवां भालचन्द्र, दसवां विनायक, ग्यारहवां गणपति और बारहवां नाम गजाजन है। जो मनुष्य प्रतिदिन भगवान गणेश के इन बारह नामों का जप करता है, उसके सभी विघ्न (परेशानियां) खत्म हो जाती हैं।
🌷 इन 12 नामों का पाठ करने से मिलते हैं कौन-से लाभ-
🌷 श्लोक-
विद्यार्थी लभते विद्यां, धनार्थी लभते धनम्।
पुत्रार्थी लभते पुत्रान्, मोक्षार्थी लभते गतिम्।।
🙏🏻 अर्थात- भगवान गणेश के इन बारह नामों का पाठ करने से विद्या चाहने वाले को विद्या, धन चाहने वाले को धन, पुत्र चाहने वाले को पुत्र और मोक्ष की इच्छा रखने वाले को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
➡ 1. विद्या की प्राप्ति
भगवान गणेश को बुद्धि का देवता माना जाता है। अच्छी बुद्धि और विद्या के लिए श्रीगणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। श्रीगणेश-अंक के अनुसार, जिस भी मनुष्य को अच्छी विद्या पाने की इच्छा हो, उसे भगवान गणेश के इन 12 नामों का पाठ करना चाहिए। नियमित रूप से इनका जप करने से भगवान गणेश की कृपा हमेशा बनी रहती है और मनुष्य की हर मनोकामना पूरी होती है।
➡ 2. धन की प्राप्ति
भगवान गणेश को सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। जिस भी मनुष्य को धन-संपत्ति पाने की इच्छा हो, उसे पूरी श्रद्धा के साथ भगवान गणेश के इन बारह नामों का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से घर से दरिद्रता कम होती है और धन-धान्य में वृद्धि होती है।
➡ 3. संतान की प्राप्ति
भगवान गणेश के इन बारह नामों को चमत्कारी माना जाता है। इनके जप से मनुष्य की हर मनोकामना जरूर ही पूरी होती है। संतान चाहने वाले दंपत्ति को रोज सुबह और शाम इनका पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से उनकी संतान पाने की इच्छा पूरी होती है।
➡ 4. मोक्ष की प्राप्ति
भगवान गणेश प्रथम पूज्य माने जाते है। किसी भी काम की शुरुवात में सबसे पहले उनका पूजन किया जाता है। भगवान गणेश की आराधना करने से मनुष्य को अपने पापों से मुक्ति मिलती हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। भगवान गणेश के इन बारह नामों का पाठ करने से मनुष्य को धरती पर ही स्वर्ग के समान सुख मिलते है।

आज का नवीन मनोवैज्ञानिक विचार

“A moment of self-compassion can change your entire day. A string of such moments can change the course of your life.”

— Christopher K. Germer, PhD

Professional Background:

Christopher K. Germer एक अमेरिकी clinical psychologist हैं, Harvard Medical School में part-time lecturer on psychiatry रहे हैं और Mindful Self-Compassion program के co-developer हैं। वे The Mindful Path to Self-Compassion के लेखक तथा mindfulness और psychotherapy के क्षेत्र में लंबे समय से कार्यरत हैं।

मूल English Quote:

“A moment of self-compassion can change your entire day. A string of such moments can change the course of your life.”

हिंदी अनुवाद:

“आत्म-करुणा का एक क्षण आपका पूरा दिन बदल सकता है। ऐसे आत्म-करुणा से भरे क्षणों की एक श्रृंखला आपके जीवन की दिशा बदल सकती है।”

सरल हिंदी अर्थ:

जब हम गलती, असफलता, तनाव या दुख के समय स्वयं को कठोर शब्दों से दोष देने के बजाय समझ और करुणा के साथ देखते हैं, तो हमारी मानसिक स्थिति बदल सकती है।

Self-compassion का अर्थ स्वयं को अपनी गलतियों के लिए छूट देना नहीं है। इसका अर्थ है अपनी कठिनाई को स्वीकार करना, स्वयं को अपमानित किए बिना उससे सीखना और सुधार के लिए आगे बढ़ना।

मनोवैज्ञानिक व्याख्या:

मुश्किल समय में हमारा inner voice अक्सर बहुत कठोर हो जाता है:

“मैं हमेशा गलत करता हूँ।”

“मुझसे कुछ नहीं हो सकता।”

“मैं इतना कमजोर क्यों हूँ?”

ऐसी self-criticism व्यक्ति को समस्या समझने के बजाय शर्म, अपराधबोध और निराशा के चक्र में डाल सकती है।

Germer के self-compassion approach में व्यक्ति अपनी पीड़ा को पहचानता है, उसे बिना अतिशयोक्ति के देखता है और स्वयं के प्रति वही समझदारी अपनाने का प्रयास करता है जो वह किसी अच्छे मित्र के कठिन समय में करता।

Self-compassion के तीन महत्वपूर्ण पहलुओं को आधुनिक research में mindfulness, self-kindness और common humanity के रूप में समझाया जाता है।

अर्थात:

मैं कठिनाई को पहचानता हूँ।

मैं स्वयं को अनावश्यक रूप से दोष नहीं देता।

मैं समझता हूँ कि संघर्ष और असफलता मानव जीवन का हिस्सा हैं।

फिर मैं पूछता हूँ:

“अब मैं अपने लिए और अपनी स्थिति के लिए सबसे स्वस्थ अगला कदम क्या उठा सकता हूँ?”

दैनिक भारतीय जीवन का उदाहरण:

मान लीजिए किसी व्यक्ति से घर में कोई महत्वपूर्ण गलती हो गई और उसे परिवार के सामने शर्मिंदगी महसूस हुई।

पहली प्रतिक्रिया हो सकती है:

“मैं कितना बेवकूफ हूँ। मैं हमेशा सब बिगाड़ देता हूँ।”

Self-compassion की दृष्टि से वह स्वयं से कह सकता है:

“मुझसे गलती हुई है। मुझे इसका अफसोस है। लेकिन गलती मेरी पूरी पहचान नहीं है। मैं इसे सुधारने के लिए क्या कर सकता हूँ?”

इसके बाद वह माफी मांगता है, गलती सुधारता है और अगली बार अधिक सावधानी बरतने का निर्णय करता है।

यह self-compassion है — गलती को छिपाना नहीं, बल्कि बिना आत्म-अपमान के उससे सीखना।

सनातन धर्म और आध्यात्मिक संदर्भ:

भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में करुणा केवल दूसरों के प्रति नहीं, बल्कि अपने मन को समझने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण भाव हो सकती है।

ध्यान में जब कोई नकारात्मक विचार उठता है, तो हम उसे तुरंत दबाने या उसके साथ बहने के बजाय साक्षीभाव से देख सकते हैं:

“यह दुख का विचार है।”

“यह भय है।”

“यह अपराधबोध है।”

“यह आत्म-आलोचना है।”

फिर स्वयं को याद दिला सकते हैं:

“यह अनुभव अभी मेरे भीतर है, लेकिन यह मेरी संपूर्ण पहचान नहीं है।”

भगवद्गीता में श्रीकृष्ण कहते हैं:

“उद्धरेदात्मनात्मानं नात्मानमवसादयेत्।”

अर्थात मनुष्य को अपने द्वारा स्वयं को ऊपर उठाना चाहिए, स्वयं को नीचे नहीं गिराना चाहिए।

इस संदर्भ में self-compassion को आत्म-अनुशासन के विपरीत नहीं समझना चाहिए। बल्कि अपने मन को अपमानित किए बिना सही दिशा में ले जाना भी एक प्रकार की सजगता है।

कर्म के स्तर पर इसका अर्थ है:

गलती को देखना → जिम्मेदारी स्वीकार करना → उससे सीखना → सुधार करना → आगे का कर्म अधिक सजग होकर करना।

यही साक्षीभाव और आत्म-संयम का व्यावहारिक रूप बन सकता है।

आज का चिंतन:

“जिस तरह हम अपने प्रिय व्यक्ति की गलती पर उसे समझने का प्रयास करते हैं, उसी तरह कठिन समय में अपने मन के साथ भी थोड़ी करुणा रख सकते हैं।”

आज का सनातन संदेश:

अपने प्रति करुणा का अर्थ अपनी कमियों को स्वीकार करके वहीं रुक जाना नहीं है। सच्ची आत्म-करुणा हमें अपनी वास्तविक स्थिति देखने, उससे सीखने और बेहतर कर्म की ओर बढ़ने की शक्ति दे सकती है।

आज का संकल्प:

“आज जब मुझसे कोई गलती होगी, मैं स्वयं को अपमानित करने के बजाय उसे समझूँगा, उसकी जिम्मेदारी लूँगा और सुधार का अगला कदम उठाऊँगा।”

आज का सूत्र:

“अपने प्रति कठोर होना परिवर्तन की एकमात्र राह नहीं है; सजग करुणा भी परिवर्तन की शक्ति बन सकती है।”

महत्वपूर्ण Disclaimer:

यह quote Christopher K. Germer को व्यापक रूप से attributed है और उनके self-compassion work से स्पष्ट रूप से जुड़ा है। University of California, Santa Barbara इसे Germer के नाम से प्रकाशित करता है, जबकि अन्य educational sources इसे उनकी पुस्तक The Mindful Path to Self-Compassion से जोड़ते हैं। अलग-अलग स्रोतों में “string of such moments” और कुछ छोटे wording variations दिखाई देते हैं, इसलिए ऊपर widely documented wording दी गई है।

Self-compassion, meditation और आध्यात्मिक चिंतन सामान्य wellbeing और आत्मचिंतन में सहायक हो सकते हैं, लेकिन वे professional psychologist, psychiatrist या अन्य qualified mental-health professional की diagnosis या treatment का विकल्प नहीं हैं।

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🌹 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष 🌹

आपका जन्मदिन: 20 सितंबर

दिनांक 20 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 2 होगा। आप अत्यधिक भावुक होते हैं। आप स्वभाव से शंकालु भी होते हैं। दूसरों के दु:ख-दर्द से आप परेशान हो जाना आपकी कमजोरी है। ग्यारह की संख्या आपस में मिलकर दो होती है इस तरह आपका मूलांक दो होगा। इस मूलांक को चंद्र ग्रह संचालित करता है। चंद्र ग्रह मन का कारक होता है।

चंद्र के समान आपके स्वभाव में भी उतार-चढ़ाव पाया जाता है। आप अगर जल्दबाजी को त्याग दें तो आप जीवन में बहुत सफल होते हैं। आप मानसिक रूप से तो स्वस्थ हैं लेकिन शारीरिक रूप से आप कमजोर हैं। चंद्र ग्रह स्त्री ग्रह माना गया है। अत: आप अत्यंत कोमल स्वभाव के हैं। आपमें अभिमान तो जरा भी नहीं होता।

आपके लिए खास

शुभ दिनांक : 2, 11, 20, 29

शुभ अंक : 2, 11, 20, 29, 56, 65, 92

शुभ वर्ष : 2027, 2029, 2036

ईष्टदेव : भगवान शिव, बटुक भैरव

शुभ रंग : सफेद, हल्का नीला, सिल्वर ग्रे

आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: लेखन से संबंधित मामलों में सावधानी रखना होगी। किसी नवीन कार्य योजनाओं की शुरुआत करने से पहले बड़ों की सलाह लें। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति ठीक-ठीक रहेगी।

परिवार: पारिवारिक विवाद आपसी मेलजोल से ही सुलझाएं। दखलअंदाजी ठीक नहीं रहेगी।

सेहत: स्वास्थ्य की दृष्टि से संभल कर चलने का वक्त होगा।

सलाह: बगैर देखे किसी कागजात पर हस्ताक्षर ना करें।

🌹 आज का राशिफल ⚜🌹
दिनांक : 20 सितंबर 2026

मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज भी दिन का अधिकांश समय शांति से व्यतीत होगा। थोड़ी आर्थिक परेशानियां रह सकती है परंतु मानसिक रूप से दृढ़ रहेंगे। जिस भी कार्य को करने की ठानेंगे उसे हानि-लाभ की परवाह किये बिना पूर्ण करके छोड़ेंगे। कार्य क्षेत्र पर अन्य व्यक्ति अथवा भगीदारो की दखलंदाजी से थोड़ी परेशानी एवं बहस हो सकती है। किसी मांगलिक आयोजन में सम्मिलित होने का अवसर भी मिलेगा। बाहर की अपेक्षा घर में समय बिताना पसंद करेंगे। संध्या के समय धन लाभ हो सकता है।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन आप व्यापारिक गतिविधियों की व्यस्तता के चलते परिवार के लिए ज्यादा समय नहीं निकाल पाएंगे। वाणी एवं व्यवहार के बल पर कार्यो में थोड़े परिश्रम से अधिक सफलता मिल सकेगी। मनोबल भी आज बढ़ा हुआ रहेगा। परंतु आज आपको कोई ना कोई कमी भी अनुभव होगी। धन का आगमन होने से थकान भूल जाएंगे। संतानों पर ध्यान देंने की आवश्यकता है। स्त्री से सम्बन्ध भावनात्मक रहेंगे। सुख के साधनों पर खर्च करेंगे।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन ग्रह स्थिति में थोड़ा बदलाव आने से आपको घरेलु मामलो में सफलता मिलेगी। परन्तु आज कार्य क्षेत्र पर अन्य व्यक्ति आपकी कमजोरी का फायदा उठा सकता है। आज किसी के आगे समर्पण कर सकते है इसका फल शुभ ही रहेगा। बाहरी स्थान के कार्यो में सफलता की संभावना ज्यादा रहेगी। नए अनुबंध भी मिल सकते है। पत्नी अथवा किसी अन्य महिला के भाग्य से लाभ होगा। अविवाहितो कि लिए नए रिश्ते आएंगे। मानसिक रूप से संतोषी रहेंगे।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन मिश्रित फल देगा पूर्वार्ध में सेहत थोड़ी नरम रह सकती है जिसके कारण आलस्य भी रहेगा। काम बेमन से करने पड़ेंगे व्यवहार में भी रुखापन रहने से संबंधो में खटास रहेगी। धीरे धीरे स्थिति में सुधार होगा कार्य स्थल पर महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से व्यस्तता बढ़ेगी। अधिकारी वर्ग आज आप पर ज्यादा भरोसा दिखाएँगे। व्यवसायी वर्ग आज चाह कर भी बेहतर सेवा नहीं दे पाएंगे जिस कारण आलोचना हो सकती है। पुराने कार्यो को पूर्ण करने के बाद ही नए कार्य हाथ लें। परिवार में तनाव रह सकता है।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन आपको सुख शांति प्रदान करेगा। कुछ दिनों से चल रही मानसिक खींच तान कम होने से राहत अनुभव होगी। कार्य क्षेत्र पर केवल धन लाभ पाने के उद्देश्य से कार्य ना करे व्यवहार में कुशलता एवं मिठास रखने से अप्राप्त लक्ष्मी भी प्राप्त कर सकते है। पारिवारिक जीवन में आनंद रहेगा। मित्र रिश्तेदारो से घर में चहल पहल बनेगी कही घूमने की योजना बन सकती है। धन लाभ में विलम्ब होगा परन्तु कार्य रुकेंगे नहीं। सेहत में थोड़ा उतार-चढ़ाव लगा रहेगा।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज के दिन आप भावनाओ में बहकर अनुचित कदम उठा सकते है। लोगो के बहकावे में ना आये अन्यथा मान हानि कोर्ट-कचहरी की नौबत आ सकती है। प्रेम प्रसंगों से आज दूरी बनाना ही बेहतर रहेगा। आलसी प्रवृति का लाभ प्रतिस्पर्धी उठा सकते है सावधान रहें। धन लाभ के लिये आज विशेष परिश्रम करना पड़ेगा फिर भी संतोष जनक लाभ हो जाएगा। घर में भाई बंधू अथवा स्त्री से अनबन हो सकती है। सरकारी कार्यो में सफलता मिलेगी। जोड़ो सम्बन्धित समस्या रह सकती है।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन पिछले कुछ दिनों से बेहतर रहेगा। कार्य क्षेत्र पर अतिरिक्त आय के साधन बनेंगे। रुके हुए कार्य पूर्ण होने से भी धन लाभ होगा। सामाजिक गतिविधियों में पूरा समय ना दे पाने से लोगो से किसी से नाराजगी रहेगी। संध्या का समय मनोरंजन वाला रहेगा। उत्तम भोजन के साथ गृहस्थ का सुख मिलेगा। सन्तानो के ऊपर खर्च करना पड़ेगा। किसी गुप्त चिंता के कारण बेचैनी भी रह सकती है। सेहत आज अच्छी बनी रहेगी।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन मिला-जुला रहेगा। सेहत लगभग सामान्य रहेगी। आज किसी अनुबंध के आगे रुकने से धन लाभ की कामना अधूरी रहेगी। व्यवसाय के ऊपर अधिक ध्यान देने के बाद भी कार्य विलम्ब से पूर्ण होंगे लाभ के कई अवसर मिलेंगे परन्तु धनागम के लिए थोड़ी प्रतीक्षा करनी पड़ेगी। अधिकारी वर्ग भी गर्म हो सकते है। सफ़ेद वस्तुओ के कार्य से जुड़े जातको को आकस्मिक धन लाभ अथवा नए अनुबंध मिल सकते है। परिवार के लिए आप महत्त्वपूर्ण रहेंगे। व्यर्थ की यात्रा हो सकती है।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन आप कार्य क्षेत्र से कुछ समय निकालकर मित्र परिवार के साथ मनोरंजन में व्यतीत करेंगे परन्तु आज गलतफहमियों से दूर रहना अति आवश्यक है व्यर्थ के टकराव होने की संभावना है। परोपकार का शुभ फल भी मिलने से प्रसन्नता भी रहेगी। कार्य क्षेत्र पर कम समय देने के बाद भी संतोषजनक धन लाभ हो जाएगा। दाम्पत्य जीवन पहले से बेहतर रहेगा। सन्तानो की प्रगति की सूचना मिलेगी। स्वयं एवं परिजनों की सेहत का विशेष ध्यान रखें। आयवश्यक वस्तुओ पर ही खर्च करेंगे।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज आप अधिक लापरवाह रहने के कारण हानि उठा सकते है। प्रातः काल से ही यात्रा पर्यटन की योजना बनेगी परन्तु इसमें व्यवधान भी आएंगे। कार्य क्षेत्र पर अल्प लाभ से संतोष करना पड़ेगा। नौकरों के ऊपर ज्यादा विश्वास हानि का कारण बन सकता है। वाणी में कठोरता रहने से घर में कलह रहेगी। आर्थिक लेन-देन सोच समझ कर करें। पारिवारिक सदस्य अथवा अन्य भी अपने काम से ही बात करेंगे। संध्या के समय किसी महत्त्वपूर्ण कार्य के बनने से प्रसन्न रहेंगे।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज दिन के आरम्भ में बनते कार्यो में रुकावट आने से अधिक भाग-दौड़ करनी पड़ेगी। मध्यान तक थोड़े बहुत कार्य सफल होने से धन की आमद होगी परन्तु खर्च भी अधिक रहने से बचत नहीं कर पाएंगे। दोपहर के बाद से घर एवं बाहर सहयोगी वातावरण बनने से कार्यो में सरलता रहेगी। समय से पहले ही कार्यो को पूर्ण करने में जुट जाएंगे संध्या के समय तक अधिकांश कार्य पूर्ण होने से धन की आवक होने लगेगी। धार में शांति रहेगी सामाजिक क्षेत्र से प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
व्यवसाय के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयास आज फलीभूत होने से आर्थिक समस्याओं का समाधान होगा। बेरोजगार व्यक्तियों को भी रोजगार मिलने की सम्भावना अधिक है। आपसे वाद-विवाद में कोई नहीं जीत पायेगा। बड़बोलेपन के कारण महिलाओं से मतभेद हो सकते है। दिन के उत्तरार्ध में कार्य भार बढ़ने से कमर अथवा अन्य अंगों में दर्द की शिकायत रहेगी। पारिवारिक वातावरण में उतार-चढ़ाव आएंगे फिर भी आनंद रहेगा। आकस्मिक लाभ होगा।

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