सनातन पंचांग — 16 अक्टूबर 2026
आज का भावनात्मक एवं मनोवैज्ञानिक विचार | नवरात्रि विशेष 🌺
शोध से प्रेरित विचार — Dr. Irene J. E. Teulings, University of Oslo, एवं Rui Sun, ESADE Business School।
English Thought (शोध से प्रेरित, शब्दशः उद्धरण नहीं):
“Gratitude helps us see the value in what we have, compassion helps us share it, and purposeful action helps us build a more peaceful life.”
हिंदी अनुवाद:
“कृतज्ञता हमें जो मिला है उसका मूल्य पहचानना सिखाती है, करुणा उसे दूसरों के साथ बाँटना सिखाती है और उद्देश्यपूर्ण कर्म हमें अधिक शांतिपूर्ण जीवन बनाने में सहायता करता है।”
भावार्थ: सच्चा सुख केवल अधिक पाने में नहीं, बल्कि जो हमारे पास है उसका सम्मान करने, रिश्तों को सँभालने और दूसरों के जीवन में अच्छाई जोड़ने में भी है। धन से सुविधाएँ मिलती हैं, लेकिन संतोष, विश्वास और प्रेम जीवन को वास्तविक समृद्धि देते हैं।
मनोवैज्ञानिक व्याख्या: 2026 में प्रकाशित एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में 67 देशों के 2,20,204 प्रतिभागियों के आँकड़ों से कृतज्ञता और मानसिक कल्याण के बीच मजबूत संबंध मिला। इसका प्रभाव सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकता है; कृतज्ञता समस्याओं का जादुई समाधान नहीं, बल्कि जीवन की अच्छाइयों को पहचानने का उपयोगी अभ्यास है।
भारतीय आध्यात्मिक उदाहरण: सनातन परंपरा में अन्न के प्रति सम्मान, माता-पिता और गुरु के प्रति कृतज्ञता तथा निःस्वार्थ सेवा को महत्त्व दिया गया है। श्रीमद्भगवद्गीता का निष्काम कर्म का संदेश हमें अहंकार छोड़कर अपना कर्तव्य निभाने की प्रेरणा देता है। किसी बुज़ुर्ग की सहायता करना, भोजन बाँटना या परिवार के सदस्य को सच्चे मन से धन्यवाद कहना इसी भावना का व्यावहारिक रूप है।
🌺 नवरात्रि के लिए उत्तम सलाह: माँ दुर्गा की आराधना के साथ आज तीन संकल्प लें—जो मिला है उसके लिए कृतज्ञ रहूँगा, क्रोध के बजाय करुणा चुनूँगा और एक अच्छा काम बिना किसी अपेक्षा के करूँगा। यही साधना मन में शांति और जीवन में सद्भाव बढ़ा सकती है।
आज का चिंतन: क्या मेरी सफलता केवल मेरे लिए है, या उससे किसी दूसरे के जीवन में भी खुशियाँ आती हैं?
आज का संकल्प: “मैं कृतज्ञता से संतोष, करुणा से प्रेम और सद्कर्म से सुख, शांति एवं समृद्धि बढ़ाऊँगा।”
आज का सनातन संदेश: जो मिला है उसका सम्मान करें, जो संभव है उसके लिए कर्म करें और जो बाँट सकते हैं उसे उदारता से बाँटें।
बॉलीवुड एस्ट्रोवास्तू 9431848786✓
साम्ब सदाशिव हरे हरे

🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🌤️ दिनांक – 16 अक्टूबर 2026
🌤️ दिन – शुक्रवार
🌤️ विक्रम संवत – 2083 (गुजरात अनुसार 2082)
🌤️ शक संवत – 1948
🌤️ अयन – दक्षिणायन
🌤️ ऋतु – शरद ऋतु
🌤️ मास – आश्विन
🌤️ पक्ष – शुक्ल
🌤️ तिथि – षष्ठी 17 अक्टूबर प्रातः 05:54 तक तत्पश्चात सप्तमी
🌤️ नक्षत्र – ज्येष्ठा सुबह 06:47 तक मूल
🌤️ योग – शोभन रात्रि 10:06 तक तत्पश्चात अतिगण्ड
🌤️राहुकाल – सुबह 10:57 से दोपहर 12:24 तक
🌤️ सूर्योदय – 06:35
🌤️ सूर्यास्त – 06:12
👉 दिशाशूल – पश्चिम दिशा में
🚩व्रत पर्व विवरण – सरस्वती आवाहन
विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।
🚩~सनातन पंचांग ~🚩
🌷 तुला-संक्रांति 🌷
➡ 17 अक्टूबर 2026 शनिवार को तुला-संक्रांति (पुण्यकाल : दोपहर 12:12 से सूर्यास्त तक)
🙏🏻 इसमें किया गया जप, ध्यान, दान व पुण्यकर्म अक्षय होता है ।
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🌷 शारदीय नवरात्रि 🌷
🙏🏻 नवरात्रि की सप्तमी तिथि यानी सातवें दिन माता दुर्गा को गुड़ का भोग लगाएं ।इससे हर मनोकामना पूरी हो सकती है।
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🌷 शारदीय नवरात्रि 🌷
🙏🏻 शत्रुओं का नाश करती हैं मां कालरात्रि
महाशक्ति मां दुर्गा का सातवां स्वरूप हैं कालरात्रि। मां कालरात्रि काल का नाश करने वाली हैं, इसी वजह से इन्हें कालरात्रि कहा जाता है। मां कालरात्रि की आराधना के समय भक्त को अपने मन को भानु चक्र जो ललाट अर्थात सिर के मध्य स्थित करना चाहिए। इस आराधना के फलस्वरूप भानु चक्र की शक्तियां जागृत होती हैं। मां कालरात्रि की भक्ति से हमारे मन का हर प्रकार का भय नष्ट होता है। जीवन की हर समस्या को पल भर में हल करने की शक्ति प्राप्त होती है। शत्रुओं का नाश करने वाली मां कालरात्रि अपने भक्तों को हर परिस्थिति में विजय दिलाती हैं ।
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
‼️भगवती का एक नाम महामाया है।‼️
माया का अर्थ केवल भ्रम नहीं है। यह वह दिव्य शक्ति है जिसके माध्यम से एक निराकार परम सत्य अनेक नाम और रूपों में दिखाई देता है।
एक ही सूर्य की किरणें अलग-अलग वस्तुओं पर पड़कर अलग दिखाई देती हैं, उसी प्रकार एक ही परम चेतना संसार में अनगिनत रूपों में दिखाई देती है।
मनुष्य स्वयं को शरीर, नाम, परिवार, धन और पद से जोड़ लेता है। यही बंधन माया के कारण दिखाई देता है।
लेकिन यही महामाया जब प्रसन्न होती हैं तो उसी मनुष्य के भीतर विवेक का दीप जला देती हैं।
इसलिए देवी की माया केवल बाँधती ही नहीं—वही माया मुक्ति का द्वार भी खोलती है।
महिषासुरमर्दिनी — धर्म की रक्षा
जब महिषासुर के अत्याचारों से देवता और समस्त लोक पीड़ित हुए, तब देवताओं के तेज से एक अद्भुत दिव्य शक्ति का प्राकट्य हुआ।
वह थीं—जगदम्बा दुर्गा।
देवताओं ने उन्हें अपने-अपने दिव्य अस्त्र प्रदान किए।
शिव ने त्रिशूल दिया।
विष्णु ने चक्र दिया।
इन्द्र ने वज्र दिया।
अन्य देवताओं ने भी अपनी-अपनी शक्तियाँ अर्पित कीं।
यह कथा केवल एक युद्ध की कथा नहीं है।
इसमें एक गहरा संदेश छिपा है—
जब धर्म संकट में आता है, तब समस्त सात्त्विक शक्तियाँ एक होकर अधर्म का सामना करती हैं।
अंततः भगवती ने महिषासुर का संहार किया और देवताओं को भय से मुक्त किया।
चण्ड-मुण्ड और रक्तबीज का संहार
भगवती के उग्र स्वरूप की कथा भी अत्यंत अद्भुत है।
जब शुम्भ और निशुम्भ के अत्याचार बढ़े, तब देवी ने अनेक रूप धारण किए।
चण्ड और मुण्ड के संहार के लिए देवी के मस्तक से प्रकट हुआ उग्र स्वरूप काली कहलाया।
और जब रक्तबीज युद्धभूमि में आया, तब उसकी प्रत्येक रक्त-बूंद से नया असुर उत्पन्न होने लगा।
तब भगवती काली ने उसकी रक्त-बूंदों को धरती पर गिरने से पहले ही ग्रहण कर लिया और उसका अंत किया।
यह कथा प्रतीकात्मक रूप से बताती है कि बुराई को केवल ऊपर-ऊपर से रोकना पर्याप्त नहीं; उसके मूल स्रोत को समाप्त करना आवश्यक है।
भगवती कभी कोमल, कभी उग्र क्यों?
यही देवी-तत्त्व का सबसे सुंदर रहस्य है।
माँ अपने बच्चे के लिए प्रेम की मूर्ति होती है।
लेकिन यदि कोई उसके बच्चे को नष्ट करने का प्रयास करे तो वही माँ सिंहनी बन जाती है।
इसीलिए भगवती के एक हाथ में कमल दिखाई देता है और दूसरे में अस्त्र।
उनके मुख पर करुणा भी है और उनके हाथों में शक्ति भी।
वे करुणा और शक्ति का अद्भुत समन्वय हैं।
इसीलिए वे दुर्गा भी हैं और काली भी।
अन्नपूर्णा भी हैं और चामुण्डा भी।
ललिता भी हैं और भैरवी भी।
माँ के अनेक रूप, शक्ति एक:-
लोग देवी के अलग-अलग स्वरूपों को अलग-अलग देवियाँ समझते हैं, लेकिन देवी-तत्त्व में इन सभी के पीछे एक ही मूल शक्ति मानी जाती है।
सरस्वती — ज्ञान की शक्ति।
लक्ष्मी — ऐश्वर्य और समृद्धि की शक्ति।
पार्वती — तप, प्रेम और मातृत्व की शक्ति।
दुर्गा — रक्षा और धर्म की शक्ति।
काली — अधर्म-विनाश की शक्ति।
अन्नपूर्णा — पोषण की शक्ति।
ललिता त्रिपुरसुन्दरी — परम सौन्दर्य और चैतन्य की शक्ति।
रूप अनेक हैं, पर शक्ति एक है।
भक्त के लिए माँ का अर्थ:-
आद्याशक्ति की उपासना केवल वरदान माँगना नहीं है।
माँ के चरणों में बैठकर भक्त अपने भीतर की दुर्बलता, भय, अहंकार और अज्ञान को भी समर्पित करता है।
जब मनुष्य कहता है—
“हे माँ! मुझे शक्ति दो।”
तो इसका अर्थ केवल बाहरी सामर्थ्य माँगना नहीं है।
वह कह रहा होता है—
हे माँ!
मुझे सत्य पर चलने की शक्ति दो।
विपत्ति में धैर्य दो।
अहंकार से बचाओ।
अज्ञान से निकालो।
दूसरों के दुःख को समझने वाला हृदय दो।
और जब जीवन कठिन हो जाए, तब तुम्हारे चरणों पर मेरा विश्वास बना रहे।
देवी और भक्त का संबंध:
माँ और बच्चे के बीच कोई औपचारिकता नहीं होती।
बच्चा माँ से अपने मन की बात कह सकता है।
उसे संस्कृत के कठिन मंत्र नहीं आते, फिर भी माँ उसकी पुकार सुनती है।
उसे बड़े-बड़े अनुष्ठान नहीं आते, फिर भी माँ उसके आँसू समझती है।
भक्ति का सबसे सुंदर रूप यही है कि भक्त अपने भीतर का अहंकार छोड़कर कह दे—
“माँ, मैं जैसा हूँ वैसा ही आपके सामने हूँ।”
जहाँ अहंकार समाप्त होता है, वहीं शरणागति प्रारम्भ होती है।
आद्याशक्ति और आत्मज्ञान:-
देवी-उपासना का अंतिम लक्ष्य केवल सांसारिक सुख प्राप्त करना नहीं माना गया है।
देवी अंततः भक्त को यह बोध कराती हैं कि जिस शक्ति को वह बाहर खोज रहा था, उसका प्रकाश उसके भीतर भी विद्यमान है।
जिस चेतना से हम संसार को देखते हैं, वही चेतना देवी की अभिव्यक्ति है।
इसलिए देवी की वास्तविक उपासना केवल दीपक जलाना नहीं—
अपने भीतर ज्ञान का दीप जलाना भी है।
केवल पुष्प चढ़ाना नहीं—
अपने अहंकार को भी माँ के चरणों में चढ़ाना है।
केवल प्रसाद लेना नहीं—
अपने जीवन को भी प्रसाद की तरह पवित्र बनाना है।
माँ की कृपा::-
कभी जीवन में ऐसी परिस्थितियाँ आती हैं जब मनुष्य को कोई मार्ग दिखाई नहीं देता।
उसे लगता है कि सब द्वार बंद हो गए हैं।
लेकिन भक्त का विश्वास कहता है—
“जिसकी माँ जगदम्बा हो, उसके लिए कोई द्वार वास्तव में बंद नहीं होता।”
माँ परिस्थिति हमेशा हमारी इच्छा के अनुसार नहीं बदलतीं, लेकिन वे अक्सर हमें परिस्थिति का सामना करने की शक्ति दे देती हैं।
कभी वे संकट हटा देती हैं।
कभी संकट में सही मार्ग दिखाती हैं।
और कभी संकट को ही हमारे आत्म-विकास का साधन बना देती हैं।
यही मातृशक्ति की करुणा है।
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
हे माँ! आप समस्त मंगलों की भी मंगलमयी हैं।
आप कल्याणस्वरूपिणी हैं।
आप सभी पुरुषार्थों को पूर्ण करने वाली हैं।
आप शरणागतों की रक्षा करने वाली हैं।
हे त्रिनेत्रधारिणी गौरी! हे नारायणी! आपको बार-बार प्रणाम।
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
जो देवी प्रत्येक प्राणी में माँ के रूप में विद्यमान हैं, उन जगदम्बा को बार-बार प्रणाम।
आद्याशक्ति भगवती को समझना केवल उनके चमत्कारों को जानना नहीं है।
उन्हें समझना है तो माँ के रूप में उनकी करुणा,
दुर्गा के रूप में उनकी शक्ति,
काली के रूप में उनका निर्भय स्वरूप,
सरस्वती के रूप में उनका ज्ञान,
लक्ष्मी के रूप में उनका ऐश्वर्य,
और अन्नपूर्णा के रूप में उनका पोषण समझना होगा।
वे मंदिर के गर्भगृह में भी हैं और भक्त के हृदय में भी।
वे दीपक की लौ में भी हैं और सूर्य की किरण में भी।
वे जन्म देने वाली माँ में भी हैं और संसार का पोषण करने वाली प्रकृति में भी।
जहाँ जीवन है, वहाँ शक्ति है।
जहाँ शक्ति है, वहाँ भगवती का प्रकाश है।
इसीलिए सनातन परंपरा का भक्त अंततः यही कहता है—
“हे जगदम्बे! मुझे संसार से केवल सुख नहीं चाहिए; मुझे इतनी शक्ति चाहिए कि सुख में अहंकार न हो, दुःख में विश्वास न टूटे और हर परिस्थिति में आपके चरणों का स्मरण बना रहे।”
जय आद्याशक्ति माँ।
जय जगदम्बे।
जय भवानी।
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🌷🙏🏻
🌹जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनायें बधाई ओर शुभ आशीर्वाद 🌹
आपका जन्मदिन: 16 अक्टूबर
दिनांक 16 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 7 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति अपने आप में कई विशेषता लिए होते हैं। यह अंक वरूण ग्रह से संचालित होता है। आप खुले दिल के व्यक्ति हैं। आपकी प्रवृत्ति जल की तरह होती है। जिस तरह जल अपनी राह स्वयं बना लेता है वैसे ही आप भी तमाम बाधाओं को पार कर अपनी मंजिल पाने में कामयाब होते हैं। आप पैनी नजर के होते हैं। किसी के मन की बात तुरंत समझने की आपमें दक्षता होती है।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 7, 16, 25
शुभ अंक : 7, 16, 25, 34
शुभ वर्ष : 2029
ईष्टदेव : भगवान शिव तथा विष्णु
शुभ रंग : सफेद, पिंक, जामुनी, मेहरून
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: आपके कार्य में तेजी का वातावरण रहेगा। अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा। नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए समय सुखकर रहेगा। आपको प्रत्येक कार्य में जुटकर ही सफलता मिलेगी।
कारोबार: व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी।
उपाय: नवीन कार्य-योजना शुरू करने से पहले केसर का लंबा तिलक लगाएं व मंदिर में पताका चढ़ाएं।
🌹 आज का राशिफल ⚜🌹
दिनांक : 16 अक्टूबर 2026
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन परिस्थितियों में धीरे-धीरे सुधार आने लगेगा सेहत पूर्ण रूप से ठीक ना होने पर भी मजबूरी में कार्य करना पड़ेगा। आज आपके स्वभाव में जल्दबाजी रहेगी जिससे बनते हुए काम बिगड़ने की संभावना है। प्रत्येक कार्य को धैर्य से करें शीघ्र लाभ पाने के चक्कर मे लाभ की जगह हानि हो सकती है। मध्यान तक का समय लाभ की अपेक्षा ज्यादा मेहनत वाला रहेगा लेकिन निराश ना हो इसके बाद मेहनत फलती होगी आवश्यकता अनुसार धन कही ना कही से मिल ही जायेगा। धार्मिक कार्यो के प्रति आस्था बढ़ेगी देवदर्शन के अवसर मिलेंगे। घर के अस्त-व्यस्त माहौल मे भी संध्या बाद सुधार आएगा।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज आप दिन के आरंभ से ही किसी अधूरे कार्य को करने में जुट जाएंगे मध्यान तक इसमे सफल भी रहेंगे लेकिन आपके कार्यो में विघ्न डालने वाले भी मिलेंगे हर किसी की बातों में ना आये अन्यथा लाभ से वंचित रह जाएंगे। कार्य व्यवसाय में सामान्य लाभ होगा धन की आमद मध्यम रहेगी आज अन्य महत्त्वपूर्ण कार्य सरकारी अथवा कागजी कार्यो की रूपरेखा बना कर रखें निकट भविष्य में इनमे सफल होने की संभावना बनेगी। मित्र सहकर्मियों से वादा पूरा ना करने पर अनबन हो सकती है। परिवार में छूट-पुट कहासुनी के बाद शांति स्थापित होगी। धार्मिक क्षेत्र की लघु यात्रा होगी। आज थकान ज्यादा रहेगी।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन भी लाभदायक बना है परन्तु आपकी आलसी प्रवृति के कारण होने वाले लाभ में कमी भी आ सकती है। दिन के आरंभ से ही प्रत्येक कार्य मे लापरवाही करेंगे जिस वजह से कार्य एक बार बिगड़ा तो आज सम्भलना मुश्किल होगा। मध्यान के समय परिस्थिति प्रतिकूल बनेगी लेकिन हिम्मत ना हारे आज नही तो कल मेहनत का फल आशाजनक मिलेगा। कार्य क्षेत्र पर सहयोगियों की कमी रहने से अधिकांश कार्यो में आत्मनिर्भर रहना पड़ेगा। धन लाभ आवश्यकता अनुसार हो जाएगा फिर भी कुछ कमी अखरेगी। परिजनों का प्रत्येक कार्यो में सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य को लेकर थोड़े आशंकित रह सकते है।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन मिश्रित फलदायी रहेगा दिन के प्रथम भाग में पूर्व में कई गई मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने से उत्साह में रहेंगे। मध्यान तक लगभग सभी अधुरेकार्य पूर्ण हो जाएंगे बस आज जो काम ज्यादा महत्त्वपूर्ण होगा वही अधूरा रहेगा। धन की आमद आशा से कम होगी। मध्यान बाद स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज होगी सेहत को लेकर लापरवाही ना करें अन्यथा परिणाम गंभीर भी हो सकते है शारीरिक अकडन दर्द की शिकायत बनेगी। घर के सदस्य अपने मे ही मस्त रहेंगे कुछ काम बताने पर नाराज होंगे। लालच देकर ही काम निकाला जा सकता है। ज्यादा किसी झमेले में ना पड़े आराम करें।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन आपको पूर्व में किये गए सामाजिक एवं घरेलु कार्यो से मान-सम्मान मिलेगा। दिनचार्य आज थोड़ी अव्यवस्थित रहेगी फिर भी संतुष्ट रहेंगे। कार्य व्यवसाय अपेक्षा से थोड़ा मंदा रहेगा धन की आमद परिश्रम के बाद ही होगी। कार्य क्षेत्र पर अधूरे कार्यो को पूर्ण करने की शीघ्रता रहेगी। स्वभाव में गर्मी भी रहेगी फिर भी अकारण ही क्रोध नही करेंगे। नौकरी वालो का किसी से झगड़ा होने की संभावना है कोई भी ऐसा कार्य करने से बचे जिससे आपके ऊपर आरोप आये। पारिवारिक वातावरण संध्या बाद कि परिस्थिति दिन से बेहतर बनेगी। स्वास्थ्य में रक्त पित्त संबंधित विकार आ सकता है।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज आपका दिन अनर्गल कार्यो में व्यर्थ ना हो इसका विशेष ध्यान रखें दिन का कोई लक्ष्य ना होने के कारण कार्यो से भटक सकते है। आज आप एक कार्य को करते हुए अन्य कार्यो के प्रति चिंतित रहेंगे जिससे किसी भी कार्य में सफलता मिलने में संदेह रहेगा। पारिवारिक वातावरण में आज भी नोकझोंक लगी रहेगी घरेलू समस्याओ का मिल बैठ कर समाधान करें अन्यथा आपसी संबंध खराब होने के पूर्ण आसार है। कार्य व्यवसाय में भी किसी ना किसी बात को लेकर सहकर्मी अथवा अन्य लोगो से बहस होगी। व्यावसायिक क्षेत्र पर बहस से बचें ख्याति में कमी आने से भविष्य के लिये हानिकारक रहेगा। संध्या बाद माहौल सुधरने से राहत मिलेगी।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन आपके लिये लाभदायक रहेगा। दिन के पूर्वार्ध से ही धन संबंधित कार्यो की जोड़ तोड़ में लग जाएंगे लेकिन सफलता मध्यान के बाद ही मिलेगी। कार्य व्यवसाय के साथ ही आज अतरिक्त आय के स्त्रोत्र भी बनेंगे लंबी यात्रा के योग भी बन रहे है जो कि अंत समय मे टल भी सकते है फिर भी यात्रा में सामान की सुरक्षा निश्चित करें। घर मे आज आनंददाय वातावरण रहेगा परिजनों की खुशि के लिये बजट से ज्यादा खर्च करेंगे लेकिन धन लाभ भी साथ होने से आर्थिक स्थिति स्थिर बनी रहेगी। महिलाये मनपसंद वस्तु पाकर खुश रहेंगी। स्वास्थ्य की अनदेखी करेंगे।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन आप अपने दैनिक कार्यो से संतोष में रहेंगे। आय भी सोच के अनुसार रहेगी लेकिन आज हर जगह आलस्य प्रमाद फैलाएंगे कार्य क्षेत्र पर इस वजह से अव्यवस्था रहेगी सहकर्मि मनमानी करेंगे लेकिन कार्य क्षेत्र पर परिजनों का सहयोग मिलने से कोई काम रुकेगा नही। घरेलू कार्यो के लिये बेमन से समय निकालना पड़ेगा महिलाये अधिक खर्चीली रहेंगी घर मे धार्मिक पूजा पाठ अथवा अन्य मांगलिक कार्यक्रम की तैयारी होगी। संध्या बाद का समय आनंद मनोरंजन में व्यतीत होगा हाथ पैर में अकड़न अथवा दर्द की शिकायत हो सकती है।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज आपका स्वभाव का चंचल रहेगा किसी भी निर्णय पर ज्यादा देर नही टिकेंगे इस वजह से घर मे आपकी उपेक्षा होगी। कार्य व्यवसाय में भी पल पल में निर्णय बदल कर सहकर्मियों का लिये परेशानी खड़ी करेंगे। व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा अधिक रहने पर भी अपने हास्य व्यवहार से लोगो को आकर्षित कर लाभ कमाएंगे। धन लाभ आवश्यकता अनुसार हो जाएगा। नौंकरी वाले जातक अनचाहे खर्च आने से मानसिक रूप से चिंतित रहेंगे। गृहस्थ में आज कमाने वालो का बोलबाला रहेगा इसके विपरीत बेरोजगार लोग भाग्य को कोसेंगे। स्वास्थ्य में विकार आएगा ठंडी वस्तुओ से परहेज करें।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन विपरीत फलदायी रहेगा आज आप दिनचार्य से असंतुष्ट रहेंगे। बचते बचते भी कुछ ना कुछ हानि अवश्य होगी। कार्य क्षेत्र पर अनदेखी के कारण लाभ हाथ से निकल सकता है। चोरी की घटना भी होने की संभावना है सतर्कता बरतें। व्यवसाय में आज प्रतिस्पर्धा अधिक रहेगी फिर भी खर्च निकालने लायक आय हो जाएगी। वाहन भी सावधानी से प्रयोग करें चोटादि का भय है। परिवार के किसी सदस्य की सेहत अकस्मात बिगड़ने से अतिरिक्त भाग-दौड़ करनी पड़ेगी। मित्र रिश्तेदार भार लगेंगे व्यवहार में कुशलता रखें अन्यथा संबंध खराब होसकते है।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन आपको सभी क्षेत्र से मान-सम्मान दिलाएगा। आपके विचार अन्य लोगो को शीघ्र ही प्रभावित करेंगे कार्य व्यवसाय भी आज आपके व्यक्तित्त्व के बल पर उन्नति करेगा। धन की आमाद आज सुनिश्चित रहेगी थोड़ा प्रयास अधिक करें ज्यादा लाभ के हकदार बन सकते है। मध्यान बाद धार्मिक कृत्यों में सम्मिलित होंगे इन पर खर्च भी होगा। गृहस्थी में कुछ ना कुछ खर्च लगा ही रहेगा आर्थिक स्थिति ठीक रहने से ज्यादा भारी नही पड़ेगा। परिवार में मंगलकारी वातावरण रहेगा। भाई बंधु बाहरी तौर पर स्नेह करेंगे जबकि अंदर से ईर्ष्या का भाव रहेगा।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन आप दिन भर ख्याली पुलाव पकाएंगे आपकी कल्पनाएं असामान्य रहेंगी असंभव कार्यो को भी संभव करने की सोचेंगे। कार्य क्षेत्र पर भी मेहनत करने के मूड में नही रहेंगे बैठे बिठाये लाभ कमाने की मानसिकता के चलते सीमित लाभ से ही संतोष करना पड़ेगा। आज आपको व्यवसाय विस्तार के मार्गदर्शन मिलेंगे लेकिन किसी अभाव के कारण सम्भव नही हो सकेगा। नौकरी वाले लोगो को ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी जल्द ही इसका परिणाम सकारात्मक रूप में मिलेगा। परिवार के सभी सदस्यों में एक दूसरे से श्रेष्ठ बनने की होड़ लगेगी लेकिन वातावरण शांत ही रहेगा। कुछ समय के लिये शारीरक शिथिलता अनुभव होगी।

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