हर हर महादेव
सनातन पंचांग
दिनांक – 04 मार्च 2026
दिन – बुधवार
विक्रम संवत 2082
शक संवत -1947
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वसंत ऋतु
मास – चैत्र ( गुजरात-महाराष्ट्र-फाल्गुन)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – प्रतिपदा शाम 04:48 तक तत्पश्चात द्वितीया
नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी सुबह 07:39 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी
योग – धृति सुबह 08:52 तक तत्पश्चात शूल
राहुकाल – दोपहर 12:51 से दोपहर 02:19 तक
सूर्योदय – 06:58
सूर्यास्त – 06:42
दिशाशूल – उत्तर दिशा मे
व्रत पर्व विवरण- होली
विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
सनातन पंचांग
चैत्र मास
होली के तुरंत बाद चैत्र मास का प्रारंभ हो जाता है। चैत्र हिन्दू धर्म का प्रथम महीना है।
चित्रा नक्षत्रयुक्त पूर्णिमा होने के कारण इसका नाम चैत्र पड़ा (चित्रानक्षत्रयुक्ता पौर्णमासी यत्र सः)।
इस वर्ष 04 मार्च 2026 (उत्तर भारत हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार) चैत्र का आरम्भ होगा और गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार 19 मार्च से चैत्र मास प्रारंभ होगा । चैत्र मास को मधु मास के नाम से जाना जाता है।
इस मास में बसंत ऋतु का यौवन पृथ्वी पर देखने को मिलता है।
चैत्र में रोहिणी और अश्विनी शून्य नक्षत्र हैं इनमें कार्य करने से धन का नाश होता है।
महाभारत अनुशासन पर्व अध्याय 106 के अनुसार
“चैत्रं तु नियतो मासमेकभक्तेन यः क्षिपेत्। सुवर्णमणिमुक्ताढ्ये कुले महति जायते।।”
जो नियम पूर्वक रहकर चैत्रमास को एक समय भोजन करते बिताता है, वह सुवर्ण, मणि और मोतियों से सम्पन्न महान कुल में जन्म लेता है ।
चैत्र में गुड़ खाना मना बताया गया है। चैत्र माह में नीम के पत्ते खाने से रक्त शुद्ध हो जाता है मलेरिया नहीं होता है।
शिवपुराण के अनुसार चैत्र में गौ का दान करने से कायिक, वाचिक तथा मानसिक पापों का निवारण होता है ।
देव प्रतिष्ठा के लिये चैत्र मास शुभ है।
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नववर्ष का शुभारम्भ होता है। हिन्दू नववर्ष के चैत्र मास से ही शुरू होने के पीछे पौराणिक मान्यता है कि भगवान ब्रह्मदेव ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही सृष्टि की रचना शुरू की थी।
ताकि सृष्टि निरंतर प्रकाश की ओर बढ़े।
चैत्रमासि जगद् ब्रह्मा स सर्वा प्रथमेऽवानि ।
शुक्ल पक्षे समग्रं तत – तदा सूर्योदय सति ।। (ब्रह्मपुराण)
नारद पुराण में भी कहा गया है की चैत्रमास के शुक्लपक्ष में प्रथमदिं सूर्योदय काल में ब्रह्माजी ने सम्पूर्ण जगत की सृष्टि की थी।
चैत्रे मासि जगद्ब्रह्मा ससज प्रथमेऽहनि ।।
शुक्लपक्षे समग्रं वै तदा सूर्योदये सति ।।
इसलिए खास है चैत्र
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को रेवती नक्षत्र में विष्कुम्भ योग में दिन के समय भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था। “कृते च प्रभवे चैत्रे प्रतिपच्छुक्लपक्षगा । रेवत्यां योग-विष्कुम्भे दिवा द्वादश-नाड़िका: ।। मत्स्यरूपकुमार्यांच अवतीर्णो हरि: स्वयम् ।।”
चैत्र शुक्ल तृतीया तथा चैत्र पूर्णिमा मन्वरादि तिथियाँ हैं। इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व है।
भविष्यपुराण में चैत्र शुक्ल से विशेष सरस्वती व्रत का विधान वर्णित है ।
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक नवरात्र मनाये जाते हैं जिसमें व्रत रखने के साथ माँ जगतजननी की पूजा का विशेष विधान है।
चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जयंती मनाई जाती है।
युगों में प्रथम सत्ययुग का प्रारम्भ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से माना जाता है।
मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि को हुआ था।
युगाब्द (युधिष्ठिर संवत) का आरम्भ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि को माना जाता है।
उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य द्वारा विक्रमी संवत् का प्रारम्भ भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि को किया गया था।
चैत्र मास में ऋतु परिवर्तन होता है और हमारे आयुर्वेदाचार्यों ने इस मास को स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना है।
पारिभद्रस्य पत्राणि कोमलानि विशेषत:। सुपुष्पाणि समानीय चूर्णंकृत्वा विधानत: ।
मरीचिं लवणं हिंगु जीरणेण संयुतम्। अजमोदयुतं कुत्वा भक्षयेद्रोगशान्तये ।
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*300 बार हनुमान चालीसा पढ़ने से होंगे 3 बड़े चमत्कार*
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*300 बार हनुमान चालीसा पढ़ने के फायदे: प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन और मस्तिष्क में आध्यात्मिक बल प्राप्त होता है। संकल्प लेकर 100 या 108 बार हनुमान चालीसा पढ़ने से आपकी मनोकामना पूर्ण होती है परंतु 300 बार हनुमान चालीसा पढ़ने से क्या होता है और इसे पढ़ने में कितना समय लगता है? कहते हैं कि जो लोग एक ही दिन में एक जगह बैठकर मंगलवार या शनिवार के दिन 300 बार हनुमान चालीसा पढ़ लेते हैं उनके 3 कार्य पूर्ण हो जाते हैं।*
*🚩300 हनुमान चालीसा पढ़ने का समय:-* 300 बार हनुमान चालीसा यदि निरंतर पढ़ते हैं तो 14 से 15 घंटे में यह पूर्ण हो जाती है।
*🪔300 बार हनुमान चालीसा क्यों पढ़ते हैं?*
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*`•300 बार हनुमान चालीसा पढ़ने के 3 कारण है-`*
1. यदि आपको लगता है कि घर में कोई भूत प्रेत या ब्रह्म राक्षस है तो 300 बार हनुमान चालीसा पढ़ने का संकल्प लें। यह कार्य आप शनिवार के दिन करें।
2. यदि आपके घर में किसी भी कारण से गृहकलेश बना रहता है तो 300 बार हनुमान चालीसा पढ़ने का संकल्प लें। यह कार्य आप मंगलवार के दिन करें।
3. यदि आपका कोई कार्य अटक गया है और वह किसी भी तरह से पूर्ण नहीं हो रहा है तो मंगलवार के दिन 300 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें।
*🪔300 बार हनुमान चालीसा पढ़ने से होंगे 3 बड़े चमत्कार:-*
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1. आपके घर से भूत भाग जाएगा और हर तरह की अलाबला दूर हो जाएगी।
2. हनुमान चालीसा पढ़ते वक्त आपको महसूस होगा कि हनुमानजी कहीं आसपास ही है।
3. आपके भीतर का डर, बेचैनी, तनाव और अशांति तुरंत ही दूर हो जाएगी।
*🪔कैसे करें 300 बार हनुमान चालीसा का पाठ:-*
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1. 300 बार हनुमान चालीसा पढ़ने के सामान्य से नियम हैं। पहला यह कि यदि पढ़ने का संकल्प लें तो उसे पूर्ण जरूर करें।
2. संकल्प लेते समय हनुमानजी के समक्ष अपनी इच्छा या मनोकामना का प्रकट करें।
3. 300 बार हनुमान चालीसा एक ही जगह बैठकर पूर्ण करना चाहिए है।
4. 300 बार हनुमान चालीसा पढ़ते समय किसी भी प्रकार का व्यवधान न हो इसका जरूर ध्यान रखें।
5. बीच में यदि लघुशंका या शौच आदि आए तो जाकर कर सकते हैं इसके बाद पुन: पवित्र होकर आसन पर बैठ जाएं।
6. चालीसा पढ़ने के लिए पहले हनुमानजी को एक पाट पर लाल कपड़ा बिछाकर उन्हें विराजमान करें और उनका आवाहन करें।
7. इसके बाद फिर उनकी विधिवत पूजा करें और उन्हें भोग लगाएं। शुद्ध घी या तिल के तेल का दिया जलाएं।
8. पूजा करने के बाद माचिस की 300 तीली अपने बाईं ओर रख लें और फिर हनुमान चालीसा पढ़ते जाएं और एक एक तीली को उठाकर दाईं ओर रखते जाएं।
9. हनुमान चालीसा पूर्ण होने के बाद सुंदरकांड का पाठ करने के बाद समापन करें।
10. इसके बाद हनुमानजी को पुन: भोग लगाएं और फिर सभी को प्रसाद वितरण करें।
*300 बार हनुमान चालीसा पढ़ने से आपमें आध्यात्मिक बल, आत्मिक बल और मनोबल बढ़ता है। इससे पवित्रता की भावना महसूस होती है। शरीर में हल्कापन लगता है और व्यक्ति खुद को निरोगी महसूस करता है। इससे भय, तनाव और असुरक्षा की भावना हट जाती है।*
🚩#राम_राम_जी🚩
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सनातन पंचांग
ये कुत्ते-बिल्ली जो देखते हैं ये सब बाप बन चुके हैं तुम्हारे। अनन्त जन्म बीत चुके चौरासी लाख योनियों में हम घूम चुके। अरे ये सब तुम्हारे हो चुके हैं।
जब अभिमन्यु मर गया तो अर्जुन ने कहा कि एक बार दिखा दो। भगवान् ने कहा दिखा दो! क्या दिखा दूँ? मेरा बेटा। अरे ! बेटा तो ये सामने तेरे लेटा है। नहीं, वो जो चला गया वो। अरे वो तेरा बेटा अब नहीं है रे। ए ! वेदान्त मत बोलो। वो सखा था न अर्जुन। वो कहने लगा कि हमको दिखाओ, तुम कर सकते हो। भगवान् ने बुलाया जीवात्मा को। अर्जुन ने कहा बेटा ! तो अभिमन्यु ने कहा अरे अर्जुन ! तू मेरा हजार बार बेटा बन चुका है, मुझे बेटा कहता है! तेरा बेटा तो मैं वहीं छोड़ आया। मैं तेरा बेटा नहीं हूँ, मैं तो तेरे जो बगल में बैठे हैं न श्रीकृष्ण उनका बेटा हूँ। अर्जुन चुप हो गया बेचारा कि हाँ हाँ, ठीक कह रहा है ये तो। अब गीता ज्ञान याद आ गया उसको । अनन्त जन्म बीत चुके हैं अनन्तकाल से अनन्त बार स्त्री, पति, बेटा, बेटी बन चुके हैं और जब तक भगवत्प्राप्ति न होगी आगे भी बनते रहेंगे।
तो हमको शरणागत होना है, और कोई कमाल हम नहीं कर सकते। ये जो भक्ति शब्द का प्रयोग होता है ये शरणागति के लिये होता है। हम भक्ति करते हैं इसलिये कि मन से संसार को हटा दें, खाली कर दें कमरा भगवान् के लिये, इसका मतलब कुछ न करना यहाँ पहुँच जायें। जैसे पैदा हुए थे वैसे ही फिर वहीं पहुँच जायें। ये जितनी चार सौ बीस इकट्ठा की है ये सब छोड़ दें, फेंक दें और भोले बन जायें। छोटा बच्चा कितना भोला होता है। जिसने टॉफी दिया उसी के पास पहुँच गया, वो चाहे दुश्मन हो। देखो संसार में टॉफी देकर के लोग बच्चा उठा ले जाते हैं, चुरा ले जाते हैं, वो चला जाता है।
तो हमको शरणागत होना है, भगवान् कृपा करके हमारी भक्ति करेंगे, हमारे पापों को नष्ट करेंगे, हमारे तीन कर्म भस्म करेंगे, हमारे पाँच जो क्लेश हैं वो समाप्त करेंगे। कितने सारे भगवान् ने वाक्य बोले हैं।
तेषामहं समुद्धर्ता मृत्युसंसारसागरात्। (गीता १२.७)
मैं उनका ठेका लेता हूँ जो मेरे शरणागत हो जाते हैं। इसलिये हमको शरणागति को ही समझना है, अहंकार नहीं करना है कि मैं साधना करके भगवान् को पा लूँगा, ये गलत है।
प्रवचनांश- जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज
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कान्हा की पिचकारी
कल सुबह मैं होली की खरीदारी करने मार्केट जा रहा था।
ठाकुर जी (बाल रुप) मुझसे कहने लगे : बाबा मैं भी तेरे संग बाजार चलूँगा।
मैं : नहीं लाला त्योहार का समय हैं।बाजार में बहुत भीड़ होगीं। तुम कहीं खो जाओगे।
ठाकुर जी : नहीं खोऊँगा बाबा। तेरे संग-संग रहूगो। तेरे बिना मेरा घर पर मन नाए लगे। मोहे भी ले चल।
मैंने ठाकुर जी के वस्त्र बदले, सिंगार आदि किया और अपने संग ले लिए।
बाजार में मैं एक पंसारी की दुकान से कुछ सामान ले रहा था। और उसकी दुकान के बाहर एक बुढ़ी मईया चार पाई पर पिचकारी बेच रही थी।
ठाकुर जी उसकी पिचकारियाँ देख रहे थे। उस बुढिया ने एक पिचकारी ठाकुर जी के हाथ में दे दी। मैं दुकान के अंदर खड़ा सब देख रहा था।
जब मैं दुकान से बाहर आया तो ठाकुर जी मेरा कुर्ता पकड़ कर बोले : बाबा मोहे ये पिचकारी दिवा दे।
मैंने कही : अभी नहीं अभी होली को बहुत दिन हैं। होली तक तो तुम इसे तोड़ दोगें।
ठाकुर जी : नहीं तोडूंगा बाबा बहुत संभाल कर रखुँगा।
उधर वो बुढ़िया बोली : दिलवा दे बाबा। औरों को 150 ₹ की बेचूँ। तेरे लाला के लिए 50 ₹ की लगा दुंगी।
मैंने ना में सिर हिला और साथ में खड़े फल वाले की रेहड़ी पर फल लेने लगा।
ठाकुर जी फिर उस पिचकारी वाली की दुकान पर जाकर खड़े हो गए।अब तक ठाकुर जी अपने रूप का जादू उस बुढ़िया पर भी चला चुके थे।
वो बुढ़िया ठाकुर जी के हाथ में पिचकारी देते हुए बोली : लाला ले ये पिचकारी तू ऐसे ही ले जा। ये बाबा तोहे ना दिलवाने वाला।
ठाकुर जी : ना ना ऐसे ना लेगें हम।हम कोई मांगवे वाले थोड़े ही है। हमें तो जब हमारा बाबा दिलवाएगा तभी लेगें।
ठाकुर जी उसकी पिचकारी वापस रख। मेरे पास आकर खडें हो गए।
अब वो बुढिया बडबडाने लगी : ऐसा निरदई बाबा ना देखो। बालक का मन दुखा रहा हैं। दिवा काहे नहीं देता।
मैंने उसकी बात अनसुनी की। और ठाकुर जी का हाथ पकड़ घर आ गया।
अब ठाकुर जी तो ठाकुर जी। उन्होंने एक लोटे मे जल लिया और घर की मंडेर पर जाकर बैठ गए।
अब जो भी घर के आगे से निकले उस पर मूहँ मे पानी भर कर कूला कर दे और जोर से ताली बजा बजा कर कहें : ये हमारे बृज की पिचकारी हैं।
अब बाहर से निकलने वाले लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया थी।
रसिक कह रहे थे : लाला मोपे ना गिरो। मोपे गेर।
गोपियाँ उपरी मन से कह रही थी : लाला मान जा। नहीं तो तू भी पिटेगो और तेरा बाबा भी पिटेगो।
अब मेरे पास उलहाने आने शुरू हो गए।
मैं समझ गया। अब तो पिचकारी लानी ही पड़ेगी। मैंने अपना झोला उठाया। ठाकुर जी की उंगली पकड़ी और वापिस उसी बुढिया की दुकान पर पहुंच गया।
मैंने बुढिया की ओर 200 ₹ का नोट बढाया को कही : मईया वो पिचकारी दे दे जो हमारे लाला को पंसद आई।
बुढिया ने 200 ₹ का नोट अपनी थैली में डालते हुए कहा : बाबा अब 300 ₹ ओर निकल लें।
मैंने कही : काए बात के। पिचकारी तो 50 ₹ की हैं।उलटा तू हमें 150 ₹ लोटाल दें।
बुढिया : 50 ₹ की तब हती। अब तो ये 500 ₹ की हैं। लेनी है ते ले ना तो आगे बढ़।
मैंने ठाकुर जी की ओर देखा। वो पिचकारी को अपनी छाती से लगाकर बहुत लाड कर रहे थे।
ठाकुर जी ने मुझे पैसे देने का इशारा किया।
मैंने अपने झोले मे से 500 ₹ का नोट निकाला और उस बुढिया की ओर कर दिया। उसने 500 ₹ रख मुझे 200 ₹ वापिस दे दिये।
मैंने ठाकुर जी का हाथ पकडा और घर आ गया।
घर आकर ठाकुर जी कहने लगे : बाबा यही पिचकारी अगर पहले दिलवा देता तो तेरा 450 ₹ का नुकसान नहीं होता।
मैंने मुस्कुराते हुए ठाकुर जी को अपनी गोद में बिठाया।
मैंने कही : प्यारे, अगर पहले पिचकारी दिलवा देता तो बृज की पिचकारी देखने को कहाँ मिलती।और जो रसिकों को तेरा अधरामृत चखने को मिला है वो कहाँ से मिलता।
मेरी बात सुन ठाकुर जी ने गोदी में बैठे-बैठे मुझे गले से लगा लिया। कहने लगे: बाबा तू मेरी नस-नस पहचाने हैं।
जय जय श्री राधे
जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनायें बधाई ओर शुभ आशीर्वाद
आपका जन्मदिन: 4 मार्च
दिनांक 4 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 4 होगा। ऐसे व्यक्ति को जीवन में अनेक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है। जैसे तेज स्पीड से आती गाड़ी को अचानक ब्रेक लग जाए ऐसा उनका भाग्य होगा। लेकिन यह भी निश्चित है कि इस अंक वाले अधिकांश लोग कुलदीपक होते हैं। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति जिद्दी, कुशाग्र बुद्धि वाले, साहसी होते हैं। आपका जीवन संघर्षशील होता है। इनमें अभिमान भी होता है। ये लोग दिल के कोमल होते हैं किन्तु बाहर से कठोर दिखाई पड़ते हैं। इनकी नेतृत्त्व क्षमता के लोग कायल होते हैं।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 4, 8, 13, 22, 26, 31
शुभ अंक : 4, 8,18, 22, 45, 57
शुभ वर्ष : 2031, 2040, 2060
ईष्टदेव : श्री गणेश, श्री हनुमान
शुभ रंग : नीला, काला, भूरा
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
शुभ कार्य : मान-सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं मित्र वर्ग का सहयोग मिलेगा। नौकरीपेशा प्रयास करें तो उन्नति के चांस भी है।
व्यापार : नवीन व्यापार की योजना प्रभावी होने तक गुप्त ही रखें। यह वर्ष पिछले वर्ष के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम है। आपको सजग रहकर कार्य करना होगा। शत्रु पक्ष पर प्रभावपूर्ण सफलता मिलेगी।
परिवार : परिवारिक मामलों में सहयोग के द्वारा सफलता मिलेगी। विवाह के मामलों में आश्चर्यजनक परिणाम आ सकते हैं।
मेष राशि
आज आपकी काम करने की गति थोड़ी धीमी रहेगी, जिससे आपको काम करने में समस्या आएगी और आपका ध्यान भी इधर-उधर थोड़ा ज्यादा लगेगा। पिताजी से भी आपकी कहासुनी होने की संभावना है, लेकिन आपको बड़ों की बातों पर ध्यान देना होगा और उनके मान सम्मान में कोई कमी ना छोड़े। आपको अपने बॉस से काम को लेकर कोई अच्छी सलाह मिल सकती है, जो आपके काम में आपको पूरी मदद करेगी। बिजनेस को लेकर भी आपको कुछ बड़े बदलाव करने होंगे, जो आने वाले समय में बेहतर रहेंगे।
वृषभ राशि
आज का दिन आपके लिए कुछ कठिनाइयां लेकर आएगा। आपका काम करने में मन थोड़ा कम लगेगा और आपके कुछ विरोधी आपको बहलाने फुसलाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन आप अपना फोकस काम पर लगाने की पूरी कोशिश करें। विद्यार्थियों को पढ़ाई-लिखाई में एकाग्र होकर जुटना होगा, जिससे कि उन्हें परीक्षा में समस्या कम आएगी। आपकी कुछ नहीं लोगों से जान पहचान बढ़ेगी और आप अपनी संतान के लिए कोई सरप्राइज गिफ्ट लेकर आ सकते हैं।
मिथुन राशि
आज का दिन आर्थिक मामलों में आपके लिए बेहतर रहने वाला है, क्योंकि भाग्य का आपको पूरा साथ मिलेगा और आपका डूबा हुआ धन भी मिलने की संभावना है। आपको किसी से कोई बात सोच समझ कर बोलनी होगी। कुछ नए लोगों से जान पहचान बढ़ेगी। आपके लिए गए निर्णय से आपको कोई अच्छी खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। परिवार को कोई सदस्य नौकरी से संबंधित किसी काम को लेकर कहीं बाहर जा सकता है। आप कुछ नया करने के भी प्लानिंग करेंगे।
कर्क राशि
आज का दिन आपके लिए कशमकश भरा रहने वाला है। संतान की संगति पर आपको विशेष ध्यान देना होगा। आप किसी काम को लेकर दूसरों पर डिपेंड रहेंगे, तो उसमें आपकी समस्याएं बढ़ेंगी। सामाजिक मामलों में आपकी लापरवाही आपके ऊपर कोई झूठा आरोप लगा सकती हैं। आपको थोड़ा समझदारी दिखाते हुए कामों को करना होगा। प्रॉपर्टी को लेकर किसी बंटवारे में आप कोई बात बहुत ही तोलमोल कर बोले।
सिंह राशि
आज का दिन आपके लिए बढ़िया रहेगा, क्योंकि आप जिस काम में हाथ डालेंगे, उसमें आपको सफलता अवश्य मिलेगी। संतान का भी किसी नये कोर्स में दाखिला दिला सकते हैं। परिवार में धन को लेकर यदि कोई काम रोका हुआ था, तो उसके भी पूरे होने की संभावना है। आप अपनी जीवनसाथी से यदि कोई वादा करें, तो उसे समय रहते पूरा करने की कोशिश करें और आपको किसी से धन उधार लेने से बचना होगा। शेयर मार्केट में आपकी अच्छी छाप रहेगी, जिससे आपको इन्वेस्टमेंट करने में आसानी होगी।
कन्या राशि
आज का दिन आपके लिए मान-सम्मान में वृद्धि लेकर आएगा। आपकी वाणी की सौम्यता आपको मान सम्मान दिलवाएंगी। आपकी बेवजह की टेंशन आपकी समस्याओं को बढ़ा सकती हैं। आपके परिवार में बड़े सदस्यों की सेहत पर भी पूरा ध्यान देना होगा और किसी नए वाहन की खरीदारी करना आपके लिए अच्छा रहेगा। आपको किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा। विद्यार्थियों को बौद्धिक और मानसिक बोझ से छुटकारा मिलता दिख रहा है।
तुला राशि
आज का दिन आपके लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। आपकी कुछ नया करने की इच्छा होगी और आप इन्वेस्टमेंट करने से भी बिल्कुल पीछे नहीं हटेंगे। संतान के करियर में चल रही समस्याएं भी दूर होंगी और आपको अपने कार्य क्षेत्र में किसी से कोई जरूरी जानकारी शेयर करने से बचना होगा। आपकी कुछ खास लोगों से मुलाकात होगी। आपके कुछ विरोधी भी इस समय में आपको परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे, लेकिन आप वाहनों का प्रयोग थोड़ा सावधान रहकर करें।
वृश्चिक राशि
आज का दिन आपके लिए उलझनों भरा रहने वाला है। आपको काम को लेकर मेहनत तो अधिक रहेगी, लेकिन उतना फल न मिलने से टेंशन भी अवश्य होगी। पूजा पाठ में आपका खूूब मन लगेगा और आपकी अपने जीवनसाथी से मुलाकात होगी। आपको अपनी किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा। भाई व बहनों से आपका खूब पटेगी और आपको अपने पिताजी से काम को लेकर कोई सलाह लेनी पड़ सकती हैं, जो आपके खूब काम आएगी।
धनु राशि
आज का दिन आपके लिए सोच समझकर कामों को करने के लिए रहेगा। आप अपने किसी प्रॉपर्टी से संबंधित काम को लेकर परेशान रहेंगे, जिसके लिए आप कोई महत्वपूर्ण कदम भी उठा सकते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई-लिखाई में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। आपको अपनी सेहत को लेकर थोड़ा एहतियात बरतनी होगी। छोटे बच्चे आपसे किसी चीज की फरमाइश कर सकते हैं, जिसे आप पूरा अवश्य करेंगे।
मकर राशि
आज आपके लिए कुछ नया काम करने के लिए बेहतर रहेगा। आपके पारिवारिक रिश्तों में भी मजबूती रहेगी और आपके विरोधी आपकी अच्छी पहचान से खुद ही दूर हो जाएंगे, जो जातक राजनीति की ओर कदम बढ़ा रहे हैं, उन्हें थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता है, लेकिन आपको किसी से मांगकर वाहन चलाने से बचना होगा, क्योंकि इससे कोई कानूनी मामला बढ़ सकता है। नौकरी से संबंधित किसी काम को लेकर आपको कहीं बाहर जाना पड़ सकता है।
कुंभ राशि
आज का दिन आपके लिए अपनी आय पर ध्यान देने के लिए रहेगा, क्योंकि आप दिखावे के चक्कर में काफी धन व्यय करेंगे, जिससे आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। यदि आपने किसी काम को लेकर जल्दबाजी दिखायी, तो आपकी समस्याएं अवश्य बढ़ेंगी। विद्यार्थी ने यदि किसी परीक्षा को दिया था, तो उसके परिणाम आ सकते हैं, जो आपके लिए बेहतर रहेंगे। आपको अपने परिवार में किसी सदस्य से कोई वादा बहुत ही सोच समझकर करने की आवश्यकता है।
मीन राशि
आज का दिन आपके लिए सेहत के मामले में उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। आपका मन आज किसी बात को लेकर परेशान हो सकता है, इसलिए यदि आपने किसी से कर्जा लिया था, तो उसे भी उतारने की पूरी कोशिश करेंगे। परिवार में किसी मांगलिक कार्यक्रम की तैयारी शुरू हो सकती हैं। जीवनसाथी को आप कहीं घूमाने-फिराने लेकर जा सकते हैं। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को अपनी मेहनत में तेजी लानी होगी, जिससे कि आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकेगी।

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