Dada Dadi: Look Back in Style
Love your grandparents and include them in your parents’ family. Blessings matter!

दादा-दादी

इया बाबा

एगो औरत अउर एगो मरद होलें।

जिनकर आपन छोट छोट बच्चा ना होलें।

ऊ हमेशा दोसरा के बच्चा सभ के भी पसंद करेलें।

ऊ बाहर रहेलें, जब ऊ आइलें त उनकरा के लेवे हमके जाना पड़ेला अउर बाद में फेर airport छोड़े के पड़ेला।

ऊ हमेशा बूढ़ आदमी होलें।

उनकरा बाहर के बनल खाना पसंद ना होला।

जब ऊ हमके सैर करावे ले जालें, त हमेशा धीरे-धीरे चलेलें।

ऊ हमसे गीता अउर भगवान के बारे में बात करेलें। ऊ कवनो के बुरा बात ना बोलेलें।

आमतौर पर ऊ सुबह चाय, कॉफी पीयेलें।

ऊ चश्मा पहिरेलें।

ऊ ब्रश करे खातिर अपन दाँत निकाल सकलें।

दादी हमेशा मम्मी से जियादा स्वादिष्ट खाना बनावेली।

दादा हमके एह तरह के कहानी सुनावेलें जे हैरी पॉटर से भी बढ़िया होलें।

दादा-दादी मम्मी-पापा जइसन ना लड़े लें।

Help prevent such situations. Spread the love, show you respect each other and contribute to world peace.



हर कवनो के कोशिश करे के चाहीं कि उनकर पास दादी-दादा होखे।

ऊ हमरा साथ प्रार्थना करेलें अउर हमके प्यार करेलें।

दादाजी दुनिया के सबसे समझदार आदमी होलें, बाकिर ऊ भुलक्कड़ होलें। ऊ अपन चश्मा भी राख के भूल जालें! जदि बात निमन लगी त  दोसरा दादा-दादी सभ के इ निबंध भेजीं। ई उनकर दिन बना दी! उनकर हृदय से आशीर्वाद भी मिली

भोजपुरी समझल सरल बा बोलल…. प्रयास करी सभे

गणेश उपाध्याय, मुम्बई हिन्दुस्तान टाईम्स के एगो पत्रकार


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Quote of the week

“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton