सनातन पंचांग — 4 नवम्बर 2026
आज का मनोवैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक विचार
प्रेम • शांति • समृद्धि
आज का विशेष विचार — अमेरिकी शोध से प्रेरित
English Thought (Original):
“Gratitude opens the heart to love, kindness strengthens our relationships, and sharing support creates a richer and more peaceful life.”
हिंदी अनुवाद:
“कृतज्ञता हृदय में प्रेम जगाती है, दयालुता हमारे संबंधों को मजबूत बनाती है और एक-दूसरे का सहयोग करना जीवन को अधिक समृद्ध एवं शांतिपूर्ण बनाता है।”
शोधकर्ताओं के नाम और शोध का आधार
अमेरिका के दो प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों से जुड़ी शोधकर्ता Carley Vornlocher, एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी (Arizona State University), और Alexandra S. Wormley, यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन (University of Michigan), का शोध 20 अक्टूबर 2026 को Journal of Happiness Studies में प्रकाशित हुआ।
उनके अध्ययन में दो शोधों के माध्यम से 1,48,000 से अधिक प्रतिभागियों के आँकड़ों का विश्लेषण किया गया। शोध में यह समझने का प्रयास किया गया कि कृतज्ञता किस प्रकार दूसरों से मिलने वाले सहयोग को पहचानने और स्वयं दूसरों की सहायता करने की भावना से जुड़ती है। ये सामाजिक सहयोग और बेहतर मानसिक कल्याण के बीच महत्वपूर्ण संबंध की ओर संकेत करते हैं।
आज का अंग्रेज़ी विचार इस शोध से प्रेरित एक मौलिक संदेश है, शोधकर्ताओं का शब्दशः उद्धरण नहीं।
विचार का सरल अर्थ
कृतज्ञता का अर्थ केवल किसी को धन्यवाद कहना नहीं है। इसका अर्थ है जीवन में मिले प्रेम, सहयोग, अवसरों और छोटी-छोटी खुशियों का मूल्य समझना।
जब हम दूसरों के सहयोग को पहचानते हैं और स्वयं भी जरूरत के समय किसी का सहारा बनते हैं, तो हमारे संबंधों में विश्वास और अपनापन बढ़ता है।
धन-संपत्ति जीवन को सुविधाजनक बना सकती है, लेकिन प्रेम, सहयोग और मानसिक शांति उसे वास्तव में समृद्ध बनाते हैं।
मनोवैज्ञानिक व्याख्या
अमेरिका की एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी की मनोविज्ञान की एसोसिएट प्रोफेसर Dr. Katherine Nelson-Coffey भी अपने शोध और सार्वजनिक व्याख्याओं में सामाजिक जुड़ाव, दयालुता और कृतज्ञता को प्रसन्नता के महत्वपूर्ण पहलुओं के रूप में समझाती हैं।
5 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी की एक शोध-आधारित जानकारी में बताया गया कि दूसरों के साथ जुड़ना, दयालु व्यवहार करना और साझा अनुभवों का आनंद लेना दीर्घकाल में प्रसन्नता विकसित करने में सहायक हो सकता है।
इसका व्यावहारिक संदेश है—अपनी खुशियों के साथ दूसरों की खुशियों में भी भागीदार बनें। <Cite refs={[“turn681549search0″,”turn681549search4”]}/>
भारतीय आध्यात्मिक संदर्भ — सनातन धर्म की सीख
हमारी सनातन परंपरा में कृतज्ञता, सेवा, करुणा और परोपकार को श्रेष्ठ जीवन-मूल्य माना गया है।
भगवद्गीता का कर्मयोग हमें सिखाता है कि अपने कर्तव्य को निष्ठा से निभाएँ और कर्म को केवल निजी स्वार्थ तक सीमित न रखें।
वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना हमें पूरे संसार को एक परिवार मानकर सबके कल्याण के लिए सोचने की प्रेरणा देती है।
– प्रेम: दूसरों के प्रति सम्मान, विश्वास और आत्मीयता रखना।
– शांति: कठिन परिस्थितियों में भी मन का संतुलन बनाए रखना।
– समृद्धि: अपनी उन्नति के साथ दूसरों की उन्नति में भी योगदान देना।
– कृतज्ञता: जो मिला है उसका सम्मान करना और अपनी सामर्थ्य के अनुसार दूसरों को देना।
भारतीय जीवन से उदाहरण
परिवार में माता-पिता, बुजुर्गों और जीवनसाथी के योगदान को स्वीकार करना कृतज्ञता है।
किसी मित्र की परेशानी में उसका साथ देना सच्चा सहयोग है।
व्यवसाय में कर्मचारियों के परिश्रम का सम्मान करना और उनकी सफलता में भागीदार बनना सकारात्मक नेतृत्व है।
किसी जरूरतमंद को भोजन देना, विद्यार्थी की पढ़ाई में मदद करना या अकेले व्यक्ति के साथ कुछ समय बिताना भी सेवा और करुणा का सुंदर उदाहरण है।
आज की उत्तम सलाह
1. सुबह उठकर जीवन की तीन ऐसी बातों को याद करें जिनके लिए आप कृतज्ञ हैं।
2. परिवार के किसी सदस्य या मित्र को उसके सहयोग के लिए धन्यवाद दें।
3. किसी जरूरतमंद की सहायता अपनी क्षमता के अनुसार अवश्य करें।
4. दूसरों की सफलता देखकर ईर्ष्या के बजाय प्रसन्नता अनुभव करने का अभ्यास करें।
5. दिन के अंत में विचार करें कि आज आपने किसी के जीवन में क्या सकारात्मक योगदान दिया।
आज का चिंतन
क्या मैं केवल यह सोचता हूँ कि मुझे जीवन से क्या मिला, या यह भी सोचता हूँ कि मैं दूसरों के जीवन में क्या अच्छा जोड़ सकता हूँ?
कृतज्ञता हमें संतोष देती है, प्रेम संबंधों को मजबूत करता है और सेवा जीवन को उद्देश्यपूर्ण बनाती है।
आज का उत्तम प्रेरक विचार
English:
“Your life becomes truly prosperous when your success brings happiness to others, your words offer comfort, and your actions leave kindness behind.”
हिंदी अनुवाद:
“आपका जीवन वास्तव में तभी समृद्ध बनता है, जब आपकी सफलता दूसरों के लिए खुशी लाए, आपके शब्द किसी को सांत्वना दें और आपके कर्म अपने पीछे दयालुता की छाप छोड़ें।”
आज का संकल्प
मैं जीवन में मिली हर अच्छी चीज के प्रति कृतज्ञ रहूँगा। अपने संबंधों में प्रेम, विचारों में सकारात्मकता और कर्मों में सेवा की भावना रखूँगा। मेरी उन्नति के साथ दूसरों का कल्याण भी मेरी प्राथमिकता होगा।
आज का सनातन संदेश
जहाँ कृतज्ञता है, वहाँ संतोष है। जहाँ करुणा है, वहाँ प्रेम है। जहाँ सेवा और सद्कर्म हैं, वहीं शांति और सच्ची समृद्धि का मार्ग है।
बॉलीवुड एस्ट्रोवास्तू 9431848786
साम्ब सदाशिव हरे हरे

🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🌤️ दिनांक – 04 नवम्बर 2026
🌤️ दिन – बुधवार
🌤️ विक्रम संवत – 2083 (गुजरात अनुसार 2082)
🌤️ शक संवत – 1948
🌤️ अयन – दक्षिणायन
🌤️ ऋतु – हेमंत ऋतु
🌤️ मास – कार्तिक (गुजरात महाराष्ट्र अनुसार आश्विन)
🌤️ पक्ष – कृष्ण
🌤️ तिथि – दशमी सुबह 11:03 तक तत्पश्चात एकादशी
🌤️ नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी 05 नवंबर रात्रि 03:30 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी
🌤️ योग – ब्रह्म सुबह 08:01 तक तत्पश्चात इन्द्र
🌤️राहुकाल – दोपहर 12:22 से दोपहर 01:47
🌤️ सूर्योदय – 06:44
🌤️ सूर्यास्त – 06:00
👉 दिशाशूल – उत्तर दिशा में
🚩व्रत पर्व विवरण –
💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।
🚩~सनातन पंचांग ~🚩
🌷 एकादशी व्रत के लाभ 🌷
➡️ 04 नवम्बर 2026 बुधवार को सुबह 11:03 से 05 नवम्बर, गुरुवार को सुबह 10:35 तक एकादशी है।
💥 विशेष – 05 नवम्बर, गुरुवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें।
🙏🏻 जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।
🙏🏻 जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।
🙏🏻 एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।
🙏🏻 धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।
🙏🏻 कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।
🙏🏻 परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है । पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है। एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।
🚩 ~ सनातन पंचांग ~🚩
🌷 एकादशी के दिन करने योग्य 🌷
🙏🏻 एकादशी को दिया जला के विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें 👉🏻 … विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l
🙏🏻
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🌷 एकादशी के दिन ये सावधानी रहे 🌷
🙏🏻 महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के दिन जो चावल खाता है… तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है…
🙏🏻
अनंत प्रेम…
एक छड़ी और दूसरा ठाकुरबटुआ
ये अपने गायन से प्रभु की सेवा किया करते थे। इनका गायन इतना भावपूर्ण होता था कि पत्थर-हृदय भी पिघल जाता था।
ज्यादा दिनों तक इनको गृहस्थी रास नहीं आयी और ये सब कुछ छोड़कर निकल पड़े। इनके पास केवल दो चीज़ें ही थीं-
एक छड़ी और दूसरा ठाकुरबटुआ, जिसे ये गले में टाँगे कर चलते थे। ये जहाँ विश्राम करने के लिये रुकते थे वहाँ छड़ी को गाड़ देते थे और उस पर ठाकुर बटुआ लटका देते थे।
इससे ठाकुर जी को झूला झूलने का आनन्द मिलता था।
एक दिन ये सुबह-सुबह ठाकुर जी की पूजा करके श्री ठाकुर जी को गले में लटका कर चल दिए।
उस समय ये भगवन्नाम में इतने डूबे हुए थे कि छड़ी को लेना भूल गए। अब जब दूसरी जगह ये विश्राम करने के लिये रुके तो इन्हें छड़ी की याद आयी।
अब समस्या थी कि ठाकुर जी को कैसे और कहाँ पधरावें। श्री ठाकुर जी में प्रेम की अधिकता के कारण इन्हें उनपर प्रणय-रोष हो आया।
ये गुस्सा करते हुए बोले कि ठाकुर हम तो जीव हैं, हम कितना याद रखें। हम छड़ी भूल गए थे तो आपको याद दिलाना चाहिए था।
अब दूसरी छड़ी कहाँ से लाएं। पिछली जगह भी बहुत दूर है और ये भी पक्का नहीं है कि वहाँ छड़ी मिल ही जाए।
ये ठाकुर जी से खूब लड़े और बोले कि छड़ी लाकर दो। श्री ठाकुर जी इनकी डाट-फटकार पर खूब रीझे।
प्रभु की योगमाया ने छड़ी लाकर दे दी। अब ये फिर रोने लगे कि इन्होंने प्रभु को क्यों डाटा। जब इन्होंने क्षमा मांगी तो प्रभु ने कहा कि यह मेरी ही लीला थी!
मुझे डाट सुननी थी। भगवान ने कहा कि जब यहाँ हम और तुम दो ही हैं तो अगर कुछ कहने-सुनने, लड़ने-झगड़ने की इच्छा होगी तो कहाँ जायेंगे।
प्रभु की यह बात सुनकर श्री करमानंद जी प्रेम सागर में डूब गए।
कुछ करो या न करो भक्तों पर प्रभु से प्रेम करो। ये हमारे खुद के अनुभव की बात भी हैं प्रभु से प्रेम करोगे तो अनंत प्रेम पाओगे।
प्रेम में रहोगे तो हर क्रिया साधना बन जायेगी जैसे छड़ी पर लटकाए जाना प्रभु को झूला झुलाता था।
प्रेम में पगी हर बात श्री ठाकुर जी को रिझा देगी। प्रेम नहीं है तो सब व्यर्थ हो जायेगा। प्रभु से प्रेम करो तो कुछ भी कहोगे, श्री हरि खुद दौड़े आयेंगे जैसे छड़ी के लिये डाट पड़ने पर खुद भक्त के सामने आ गए।
जय जय मेरे प्यारे…🙏🙏
🚩 ~ सनातन पंचाग ~ 🚩
🙏🌷🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏
जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
आपका जन्मदिन: 4 नवंबर
दिनांक 4 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 4 होगा। ऐसे व्यक्ति को जीवन में अनेक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है। जैसे तेज स्पीड से आती गाड़ी को अचानक ब्रेक लग जाए ऐसा उनका भाग्य होगा। लेकिन यह भी निश्चित है कि इस अंक वाले अधिकांश लोग कुलदीपक होते हैं। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति जिद्दी, कुशाग्र बुद्धि वाले, साहसी होते हैं। आपका जीवन संघर्षशील होता है। इनमें अभिमान भी होता है। ये लोग दिल के कोमल होते हैं किन्तु बाहर से कठोर दिखाई पड़ते हैं। इनकी नेतृत्त्व क्षमता के लोग कायल होते हैं।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 4, 8, 13, 22, 26, 31
शुभ अंक : 4, 8,18, 22, 45, 57
शुभ वर्ष : 2031, 2040, 2060
ईष्टदेव : श्री गणेश, श्री हनुमान
शुभ रंग : नीला, काला, भूरा
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
शुभ कार्य : मान-सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं मित्र वर्ग का सहयोग मिलेगा। नौकरीपेशा प्रयास करें तो उन्नति के चांस भी है।
व्यापार : नवीन व्यापार की योजना प्रभावी होने तक गुप्त ही रखें। यह वर्ष पिछले वर्ष के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम है। आपको सजग रहकर कार्य करना होगा। शत्रु पक्ष पर प्रभावपूर्ण सफलता मिलेगी।
परिवार : परिवारिक मामलों में सहयोग के द्वारा सफलता मिलेगी। विवाह के मामलों में आश्चर्यजनक परिणाम आ सकते हैं।
🌹आज का राशिफल ⚜🌹
दिनांक : 04 नवम्बर 2026
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आपका आज का दिन सामान्य रहेगा फिर भी पारिवारिक संबंधो को जोड़ कर रखने का प्रयास करें। आज आपके विचारों में प्रखरता एवं विवेकी कार्यशैली रहने से आपसी विवादों को बढ़ने नहीं देंगे परन्तु किसी व्यक्ति द्वारा हद से ज्यादा अमर्यादित व्यवहार करने पर आप भी अपना धैर्य खो सकते है। ध्यान रहे इसके परिणाम आगे गंभीर हो सकते है धैर्य से काम लें। सरकारी अथवा किसी भी प्रकार के जमीन-जायदाद संबंधित कार्य मे उलझने पड़ेंगी यथा संभव आज टालें। आध्यात्मिक गतिविधियों में भाग लेने से थोड़ी मानसिक शांति मिलेगी। धन के व्यवहारों में जबरदस्ती ना करें। सन्तानों को ज्यादा छूट ना दें।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन का आरंभ केवल आश्वासनों में बीतेगा। किसी महत्त्वपूर्ण कार्य को लेकर किसी के निर्णय की प्रतीक्षा करनी पड़ेगी। नौकरी वाले जातक अधिक कार्य आने से असहज महसूस करेंगे। व्यवसायी वर्ग भी मध्यान के पहले समय तक उदासीनता से ग्रस्त रहेंगे। परन्तु मध्यान के बाद का समय बेहतर रहेगा। रुके कार्य मे गति आएगी व्यवसाय में बिक्री बढ़ेगी धन की आमद होने से अधूरे कार्य पूर्ण कर सकेंगे। महिलाओं की भावनाएं आज पल-पल में बदलेंगी जिससे सही निर्णय लेने में दिक्कत आएगी। बड़े लोगों से स्वार्थ सिद्धि पूर्ण कर लेंगे।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आपका आज का दिन व्यस्तता से भरा रहेगा फिर भी काम से मन चुराने के कारण लोगों की आलोचना का सामना करना पड़ेगा। आज आपकी सोची हुई योजनाए अधूरी रह सकती है। घरेलू कार्यो के कारण व्यावसायिक कार्य मे देरी होगी जिससे बाद में कार्यो को जल्दबाजी में करने से हानि की संभावना है। नये कार्य अथवा व्यापार में विस्तार की योजना फिलहाल स्थगित रखें। आज अकस्मात हानि की भी संभावना है जिसका गुस्सा सहकर्मियो पर फूटेगा। घर एवं बाहर सुधार का प्रयास करने पर भी अव्यवस्था ही रहेगी। विपरीत लिंगीय आकर्षण नई मुसीबत में डाल सकता है सावधान रहें।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन आप संतोषी भावना रहने के चलते सुख से बितायेंगे। कार्य क्षेत्र पर मन में चल रही दुविधा के कारण कुछ विशेष आयोजन नही कर सकेंगे। आर्थिक लाभ की गति भी न्यून रहेगी फिर भी आप इन बातों को ज्यादा महत्त्व नही देंगे। धार्मिक अनुष्ठानों पूजा पाठ में सम्मिलित होंगे इनपर खर्च भी करेंगे। व्यवसायी लोगों को नए अनुबंध मिल सकते है जिससे भविष्य की आर्थिक योजनाए बल पकड़ेंगी। पारिवारिक जीवन आपके व्यवहार कुशलता से आनंद में रहेगा लेकिन महिलायें आज कुछ अनैतिक मांग पूरी करने पर अड़ सकती है।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आपका आज का दिन थोड़ा उठापटक वाला रहेगा। प्रातः काल के समय किसी के मनमाने रवैये के कारण परेशान रह सकते है। परन्तु आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन शुभ रहेगा। व्यवसाय में कई दिनों से रुके पैसे वापस मिलने से शान्ति मिलेगी। घर एवं बाहर के लोग भी आपकी बौद्धिक क्षमता की प्रशंशा करेंगे। लेकिन घर का वातावरण किसी गलतफहमी के कारण खराब होने की संभावना है आवश्यकता पड़ने पर ही किसी की बातों का जवाब दें अन्यथा मौन बनाये रखें व्यर्थ कलह से बचेंगे। महिलाये शुभ समाचार मिलने से प्रसन्न होंगी परन्तु किसी अन्य कारण से मानसिक उद्देग बनेगा।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज के दिन का पूर्वार्ध भी परेशानियों वाला रहेगा। आकस्मिक किसी कार्य के आने से पूर्वनियोजित कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ेगा। कार्य क्षेत्र पर भी प्रतिस्पर्धी हावी रहेंगे जिससे व्यवसाय विस्तार की योजना अधर में रहेगी। धन लाभ के लिए मध्यान तक तरसना पड़ेगा इसके बाद परिस्थिति आपके लिए अनुकूल बनेगी। धर्म के प्रति आस्था जागेगी जिससे मानसिक शांति मिलेगी धन लाभ भी अकस्मात ही होगा। सेहत आज छोटी मोटी बातों को छोड़ सामान्य रहेगी। पारिवारिक वातावरण में शांति रहते हुए अचानक विरोधी वातावरण बनने से थोड़ा असहजता आएगी।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज दिन का पूर्वार्ध लाभ दायक रहेगा परन्तु ले देकर कार्य करने की प्रवृति कुछ ना कुछ कमी अवश्य रखेगी। महिलायें आज अधिक शंकालु रहेंगी घर में कलह का कारण भी यही समस्या रहेगी। सरकारी अथवा अन्य महत्त्वपूर्ण कार्य दोपहर से पहले पूर्ण कर लें इसके बाद परिस्थिति विपरीत हो जाएगी। किसी भी कार्य मे प्रयत्न करने पर भी सफलता संदिग्ध रहेगी। आर्थिक समस्याएं खड़ी होंगी। नौकरी पेशा जातक अधिकारी वर्ग के रूखे व्यवहार से आहत हो सकते है। आज खर्च आकस्मिक बढ़ने से उधार लेने की नौबत आ सकती है यथासंभव आज ना ही लें। संतानों के कारण असुविधा होगी।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन आप जिस भी कार्य को करेंगे उसमे सफलता अवश्य मिलेगी परन्तु प्रारंभ में कुछ परेशानियां देख कर हतोत्साहित ना हो जाये निरंतर प्रयासरत रहें। महिलावर्ग की आर्थिक विषयों में स्पष्टता ना रखने की वजह से आलोचना होगी सावधान रहें। कार्य क्षेत्र पर सहयोगियो से मिल कर रहें विचार ना मिलने पर भी मौन रहें अन्यथा व्यर्थ बहस हो सकती है। मध्यान के बाद का समय ज्यादा बेहतर रहेगा मेहनत का फल मिलने लगेगा। पारिवारिक वातावरण में थोड़ी गरमा गर्मी के बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी। रिश्तेदारो से आनंददायक समाचार मिलेंगे। धर्म-कर्म में आस्था बढ़ेगी।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन आप आध्यत्म के रंग में रंगे रहेंगे। दान-पुण्य कर पुण्य के भागी बंनेंगे। आज आपका सामाजिक दायरा भी बढेगा जिससे आने वाले समय में लाभ की प्राप्ति होगी। व्यवसायीजन कामो के प्रति थोड़े उदासीन रहेंगे फिर भी दिन का आरंभिक भाग थोड़ा कष्ट दायीं रहेगा इसके बाद का समय धन के साथ सम्मान में वृद्धि करने वाला रहेगा। विरोधी प्रबल रहेंगे बीच मे किसी से व्यर्थ की नोंकझोंक भी हो सकती है। आप पैतृक कार्यो की अनदेखी करेंगे फिर भी इनसे कुछ ना कुछ लाभ अवश्य होगा। महिलाये किसी प्रसंग को लेकर जली भुनी रहेंगी।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आपके लिए आज का दिन प्रतिकूल फलदायी रहेगा। सामाजिक क्षेत्र पर आज नए लोगों से जानपहचान होगी लेकिन आज मन राग द्वेष एवं हीन भावना से ग्रस्त रहने के कारण नये सम्बन्धों से लाभ नहीं उठा सकेंगे। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा रक्त-पित्त अथवा गैस संबंधित समस्या शरीर को शिथिल रखेंगी। परिवार में किसी सदस्य की आकस्मिक बीमारी के कारण भाग-दौड़ के साथ धन व्यय होगा। व्यवसाय क्षेत्र एवं घर पर आज आर्थिक कारणों से कई आयवश्यक कार्य लटके रहेंगे। उधार के व्यवहार आज ना करें। किसी पुराने प्रेमीजन से मिलकर हर्ष होगा।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन कुछ विषयों को छोड़ विजय दिलाने वाला रहेगा। विद्यार्थ वर्ग को अध्ययन में बेहतर परिणाम मिलेंगे। व्यवसायी लोग भी आज अपने अधूरे कार्य पूर्ण होने से राहत की सांस लेंगे परन्तु आज कार्य क्षेत्र पर किसी से गरमा गर्मी हो सकती है जिससे कार्य कुछ समय के लिए प्रभावित होंगे। आज नए अनुबंध पाने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। धन संबंधित उलझने कुछ हद तक शांत रहेंगी। घर के बुजुर्ग अथवा महिलायें आज अकारण ही क्रोध कर सकते है जिससे वातावरण कुछ समय के लिए अशान्त बनेगा धैर्य बनाये रखें।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन आप घर एवं व्यवसाय में तालमेल बैठाने के कारण दुविधा में रहेंगे। एक कार्य को करने के चक्कर में अन्य आयवश्यक कार्य अधूरे रहेंगे। आलस्य भी आज अधिक रहेगा फिर भी मजबूरी में मेहनत करनी पड़ेगी परन्तु मन मे चंचलता एवं अनिर्णय की स्थिति लाभ से वंचित रखेगी। आर्थिक कारणों से घर की महिलाओं अथवा अन्य सदस्यों से कलह हो सकती है। मध्यान के समय शारीरिक कमजोरी अनुभव होगी थोड़ा आराम अवश्य करें। धार्मिक आयोजनों में सम्मिलित होने के कारण घरेलू कार्य अस्त-व्यस्त रहेंगे। महिलायें घर की परिस्थिति से अधिक चिंतित रहेंगी।

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