Sanatan Panchang 18102026 Rashifal Samadhan

सनातन पंचांग — 18 अक्टूबर 2026

आज का भावनात्मक एवं मनोवैज्ञानिक विचार | सुख, शांति एवं समृद्धि

आज की प्रेरणा: Dr. Emiliana Simon-Thomas — अमेरिका की University of California, Berkeley स्थित Greater Good Science Center की विज्ञान निदेशक; करुणा, कृतज्ञता और सुख-समृद्धि पर शोध एवं जन-जागरूकता के लिए प्रसिद्ध।

English Thought (शोध से प्रेरित मौलिक विचार, शब्दशः उद्धरण नहीं):
“Happiness deepens when we appreciate the people who support us, find meaning in small joys, and turn kindness into everyday action.”

हिंदी अनुवाद:
“खुशी तब गहरी होती है, जब हम साथ देने वाले लोगों की कद्र करते हैं, छोटी-छोटी खुशियों में अर्थ खोजते हैं और दयालुता को अपने दैनिक कर्मों में उतारते हैं।”

भावार्थ: सुख केवल बड़ी सफलता, धन या इच्छाओं की पूर्ति में नहीं है। परिवार का साथ, किसी का स्नेह, स्वस्थ सुबह और दूसरों के काम आने का अवसर भी जीवन को समृद्ध बनाते हैं। जब हम इन बातों को पहचानते हैं और बदले में दूसरों के लिए अच्छा करते हैं, तो संतोष और आपसी विश्वास को बढ़ावा मिल सकता है।

मनोवैज्ञानिक व्याख्या: अमेरिका में UC San Francisco के शोधकर्ताओं Yoobin Park, Elissa S. Epel और Emiliana Simon-Thomas के सितंबर 2026 में प्रकाशित अध्ययन ने 19,265 लोगों की कृतज्ञता-सूचियों का विश्लेषण किया। परिवार और प्रकृति से जुड़ी बातों का उल्लेख करने पर अभ्यास के बाद सकारात्मक भावनाओं में अधिक वृद्धि देखी गई। यह परिणाम बताता है कि कृतज्ञता को अपने जीवन से जोड़कर व्यक्त करना उपयोगी हो सकता है; यह हर समस्या का निश्चित समाधान नहीं है।

भारतीय आध्यात्मिक संदर्भ: सनातन धर्म में सेवा, संतोष और कृतज्ञता को जीवन-मूल्य माना गया है। श्रीमद्भगवद्गीता का निष्काम कर्म का संदेश हमें बिना अहंकार के कर्तव्य निभाने की प्रेरणा देता है। परिवार के बुज़ुर्गों का सम्मान, जरूरतमंद को भोजन देना, प्रकृति की रक्षा करना और किसी दुखी व्यक्ति की बात ध्यान से सुनना—ये कृतज्ञता को व्यवहार में बदलने के सरल उदाहरण हैं।

आज के लिए उत्तम सलाह: दिन के अंत में तीन बातें लिखें—एक व्यक्ति जिसके लिए आप आभारी हैं, एक छोटी खुशी जिसने मन प्रसन्न किया और एक अच्छा काम जो आप कल करेंगे। केवल धन्यवाद सोचें नहीं; उसे शब्दों या कर्म से व्यक्त भी करें।

आज का चिंतन: क्या मैं जीवन की छोटी खुशियों को पहचानता हूँ और दूसरों के जीवन में भी खुशी जोड़ता हूँ?

आज का संकल्प: “मैं कृतज्ञता से संतोष, करुणा से संबंध और सत्कर्म से सुख, शांति एवं समृद्धि बढ़ाऊँगा।”

आज का सनातन संदेश: जो मिला है उसका सम्मान करें, जो संभव है उसके लिए कर्म करें और अपनी खुशी में दूसरों की खुशी भी शामिल करें।

बॉलीवुड एस्ट्रोवास्तू 9431848786✓
साम्ब सदाशिव हरे हरे

🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🌤️  दिनांक – 18 अक्टूबर 2026
🌤️ दिन – रविवार
🌤️ विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)
🌤️ शक संवत -1948
🌤️ अयन – दक्षिणायन
🌤️ ऋतु – शरद ॠतु
🌤️ मास – आश्विन
🌤️ पक्ष – शुक्ल
🌤️ तिथि – सप्तमी सुबह 08:27 तक अष्टमी
🌤️ नक्षत्र – पूर्वाषाढा दोपहर 12:49 तक तत्पश्चात उत्तराषाढा
🌤️ योग – सुकर्मा रात्रि 11:56 तक तत्पश्चात धृति
🌤️राहुकाल – शाम 04:45 से शाम 06:12
🌤️ सूर्योदय – 06:36
🌤️ सूर्यास्त –  06:10
👉 दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे
🚩व्रत पर्व विवरण – सरस्वती बलिदान,विजया सप्तमी,रविवारी सप्तमी (पुण्यकाल: सूर्योदय से सुबह 08:27 तक)
विशेष- सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है। 
             🚩~सनातन पंचांग ~🚩
🌷 काम धंधे में सफलता एवं राज योग के लिए
🙏🏻 अगर काम धंधा करते समय  सफलता नहीं मिलती हो या विघ्न आते हों तो शुक्ल पक्ष की अष्टमी हो.. बेल के कोमल कोमल पत्तों पर लाल चन्दन लगा कर माँ जगदम्बा को अर्पण करने से …. मंत्र बोले ” ॐ ह्रीं नमः । ॐ श्रीं नमः । ” और थोड़ी देर बैठ कर प्रार्थना और जप करने से राज योग बनता है गुरु मंत्र का जप और कभी कभी ये प्रयोग करें नवरात्रियों में तो खास करें | देवी भागवत में वेद व्यास जी ने बताया है।
           🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🌷 दुर्गाष्टमी /नवमी 🌷
➡ 19 अक्टूबर, सोमवार को दुर्गाष्टमी /नवमी है। हवन 11 बजे के बाद शुभ समय में करें।
🙏🏻 प्राचीन काल में दक्ष के यज्ञ का विध्वंश करने वाली महाभयानक भगवती भद्रकाली करोङों योगिनियों सहित अष्टमी तिथि को ही प्रकट हुई थीं।
🌷 नारदपुराण पूर्वार्ध अध्याय 117
आश्विने शुक्लपक्षे तु प्रोक्ता विप्र महाष्टमी ।। ११७-७६ ।।
तत्र दुर्गाचनं प्रोक्तं सव्रैरप्युपचारकैः ।।
उपवासं चैकभक्तं महाष्टम्यां विधाय तु ।। ११७-७७ ।।
सर्वतो विभवं प्राप्य मोदते देववच्चिरम् ।।
🙏🏻 आश्विन मास के शुक्लपक्ष में जो अष्टमी आती है, उसे महाष्टमी कहा गया है (महाष्टमी 19 अक्टूबर सोमवार को है उसमें सभी प्रकार से दुर्गा के पूजन का विधान है। जो महाष्टमी को उपवास अथवा एकभुक्त व्रत करता है, वह सब ओर से वैभव पाकर देवता की भाँति चिरकाल तक आनंदमग्न रहता है।
🌷 भविष्यपुराण, उत्तरपर्व, अध्याय – २६
देव, दानव, राक्षस, गन्धर्व, नाग, यक्ष, किन्नर, नर आदि सभी अष्टमी तथा नवमी को उनकी पूजा-अर्चना करते हैं | आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी और नवमी को जगन्माता भगवती श्रीअम्बिका का पूजन करने से सभी शत्रुओं पर विजय प्राप्त हो जाती है | यह तिथि पुण्य, पवित्रता, धर्म और सुख को देनेवाली है | इस दिन मुंडमालिनी चामुंडा का पूजन अवश्य करना चाहिये |
🌷 देवीभागवतपुराण पञ्चम स्कन्ध
अष्टम्याञ्च चतुर्दश्यां नवम्याञ्च विशेषतः ।
कर्तव्यं पूजनं देव्या ब्राह्मणानाञ्च भोजनम् ॥
निर्धनो धनमाप्नोति रोगी रोगात्प्रमुच्यते ।
अपुत्रो लभते पुत्राञ्छुभांश्च वशवर्तिनः ॥
राज्यभ्रष्टो नृपो राज्यं प्राप्नोति सार्वभौमिकम्।
शत्रुभिः पीडितो हन्ति रिपुं मायाप्रसादतः ॥
विद्यार्थी पूजनं यस्तु करोति नियतेन्द्रियः ।
अनवद्यां शुभा विद्यां विन्दते नात्र संशयः ॥
🙏🏻 अष्टमी, नवमी एवं चतुर्दशी को विशेष रूप से देवीपूजन करना चाहिए और इस अवसर पर ब्राह्मण भोजन भी कराना चाहिए। ऐसा करने से निर्धन को धन की प्राप्ति होती है, रोगी रोगमुक्त हो जाता है, पुत्रहीन व्यक्ति सुंदर और आज्ञाकारी पुत्रों को प्राप्त करता है और राज्यच्युत राज को सार्वभौम राज्य प्राप्त करता है। देवी महामाया की कृपा से शत्रुओं से पीड़ित मनुष्य अपने शत्रुओं का नाश कर देता है। जो विद्यार्थी इंद्रियों को वश में करके इस पूजन को करता है, वह शीघ्र ही पुण्यमयी उत्तम विद्या प्राप्त कर लेता है इसमें संदेह नहीं है।
🌷 नवरात्रि अष्टमी को महागौरी की पूजा सर्वविदित है
🙏🏻 अग्निपुराण के अध्याय 268 में आश्विन् शुक्ल अष्टमी को भद्रकाली की पूजा का विधान वर्णित है।
🙏🏻 स्कन्दपुराण माहेश्वरखण्ड कुमारिकाखण्ड में आश्विन् शुक्ल अष्टमी को वत्सेश्वरी देवी की पूजा का विधान बताया है।
🙏🏻 गरुड़पुराण अष्टमी तिथिमें दुर्गा और नवमी तिथिमें मातृका तथा दिशाएँ पूजित होनेपर अर्थ प्रदान करती है ।
          🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩

नवरात्रि विशेष
〰️〰️🌼〰️〰️
इन नौ औषधियों में वास है नवदुर्गा का
मां दुर्गा नौ रूपों में अपने भक्तों का कल्याण कर उनके सारे संकट हर लेती हैं।

इस बात का जीता जागता प्रमाण है, संसार में उपलब्ध वे औषधियां,जिन्हें मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों के रूप में जाना जाता है। नवदुर्गा के नौ औषधि स्वरूपों को सर्वप्रथम मार्कण्डेय चिकित्सा पद्धति के रूप में दर्शाया गया। चिकित्सा प्रणाली का यह रहस्य वास्तव में ब्रह्माजी ने दिया था जिसे बारे में दुर्गाकवच में संदर्भ मिल जाता है। ये औषधियां समस्त प्राणियों के रोगों को हरने वाली हैं।

शरीर की रक्षा के लिए कवच समान कार्य करती हैं। इनके प्रयोग से मनुष्य अकाल मृत्यु से बचकर सौ वर्ष जी सकता है। आइए जानते हैं दिव्य गुणों वाली नौ औषधियों को जिन्हें नवदुर्गा कहा गया है।

01 प्रथम शैलपुत्री यानि हरड़👉

नवदुर्गा का प्रथम रूप शैलपुत्री माना गया है। कई प्रकारकी समस्याओं में काम आने वाली औषधि हरड़, हिमावती है जो देवी शैलपुत्री का ही एक रूप हैं। यह आयुर्वेद की प्रधान औषधि है, जो सात प्रकार की होती है। इसमें हरीतिका (हरी) भय को हरने वाली है।

पथया – जो हित करने वाली है।
कायस्थ – जो शरीर को बनाए रखने वाली है।
अमृता – अमृत के समान
हेमवती – हिमालय पर होने वाली।
चेतकी -चित्त को प्रसन्न करने वाली है।
श्रेयसी (यशदाता)- शिवा यानी कल्याण करने वाली।

02 द्वितीय ब्रह्मचारिणी यानि ब्राह्मी👉

ब्राह्मी, नवदुर्गा का दूसरा रूप ब्रह्मचारिणी है। यह आयु और स्मरण शक्ति को बढ़ाने वाली, रूधिर विकारों का नाश करने वालीऔर स्वर को मधुर करने वाली है।

इसलिए ब्राह्मी को सरस्वती भी कहा जाता है। यह मन एवं मस्तिष्क में शक्ति प्रदान करती है और गैस व मूत्र संबंधी रोगों की प्रमुख दवा है। यह मूत्र द्वारा रक्त विकारों को बाहर निकालने में समर्थ औषधि है। अत: इन रोगों से पीड़ित व्यक्ति को ब्रह्मचारिणी कीआराधना करना चाहिए।

03 तृतीय चंद्रघंटा यानि चन्दुसूर👉

नवदुर्गा का तीसरा रूप है चंद्रघंटा, इसे चन्दुसूर या चमसूर कहा गया है। यह एक ऐसा पौधा है जो धनिये के समान है। इस पौधे की पत्तियों की सब्जी बनाई जाती है, जो लाभदायक होती है।

यह औषधि मोटापा दूर करने में लाभप्रद है, इसलिए इसे चर्महन्ती भी कहते हैं। शक्ति को बढ़ाने वाली, हृदय रोग को ठीक करने वाली चंद्रिका औषधि है। अत: इस बीमारी से संबंधित रोगी को चंद्रघंटा की पूजा करना चाहिए।

04 चतुर्थ कुष्माण्डा यानि पेठा👉

नवदुर्गा का चौथा रूप कुष्माण्डा है। इस औषधि से पेठा मिठाई बनती है, इसलिए इस रूप को पेठा कहते हैं।

इसे कुम्हड़ा भी कहते हैं जो पुष्टिकारक, वीर्यवर्धक व रक्त के विकार को ठीक कर पेट को साफ करने में सहायक है। मानसिकरूप से कमजोर व्यक्ति के लिए यह अमृत समान है। यह शरीर के समस्त दोषों को दूर कर हृदय रोग को ठीक करता है। कुम्हड़ा रक्त पित्त एवं गैस को दूर करता है। इन बीमारी से पीड़ितव्यक्ति को पेठा का उपयोग के साथ कुष्माण्डादेवी की आराधना करना चाहिए।

05 पंचम स्कंदमाता यानि अलसी👉

नवदुर्गा का पांचवा रूप स्कंदमाता है जिन्हें पार्वती एवं उमा भी कहते हैं। यह औषधि के रूप में अलसी में विद्यमान हैं। यह वात, पित्त, कफ, रोगों की नाशक औषधि है।

“अलसी नीलपुष्पी पावर्तती स्यादुमा क्षुमा।
अलसी मधुरा तिक्ता स्त्रिग्धापाके कदुर्गरु:।।
उष्णा दृष शुकवातन्धी कफ पित्त विनाशिनी।”
इस रोग से पीड़ित व्यक्ति ने स्कंदमाता की आराधना करना चाहिए।

06 षष्ठम कात्यायनी यानि मोइया👉

नवदुर्गा का छठा रूप कात्यायनी है। इसे आयुर्वेद में कई नामों से जाना जाता है जैसे अम्बा, अम्बालिका, अम्बिका। इसके अलावा इसे मोइया अर्थात माचिका भी कहते हैं। यह कफ, पित्त, अधिक विकार एवं कंठ के रोग का नाश करती है।
इससे पीड़ित रोगी को इसका सेवन व कात्यायनी की आराधना करनी चाहिए।

07 सप्तम कालरात्रि यानि नागदौन👉

दुर्गा का सप्तम रूप कालरात्रि है जिसे महायोगिनी, महायोगीश्वरी कहा गया है।

यह नागदौन औषधि केरूप में जानी जाती है। सभी प्रकार के रोगों की नाशक सर्वत्र विजय दिलाने वाली मन एवं मस्तिष्क के समस्त विकारों को दूर करने वाली औषधि है। इस पौधे को व्यक्ति अपने घर में लगाने पर घर के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। यह सुख देने वाली एवं सभी विषों का नाश करने वाली औषधि है। इस कालरात्रि की आराधना प्रत्येक पीड़ित व्यक्ति को करना चाहिए।

08 अष्टम महागौरी यानि तुलसी👉

नवदुर्गा का अष्टम रूप महागौरी है, जिसे प्रत्येक व्यक्ति औषधि के रूप में जानता है क्योंकि इसका औषधि नाम तुलसी है जो प्रत्येक घर में लगाई जाती है। तुलसी सात प्रकार की होती है- सफेद तुलसी, काली तुलसी, मरुता, दवना, कुढेरक, अर्जक और षटपत्र।
ये सभी प्रकार की तुलसी रक्त को साफ करती है एवं हृदय रोग का नाश करती है।

“तुलसी सुरसा ग्राम्या सुलभा बहुमंजरी।
अपेतराक्षसी महागौरी शूलघ्नी देवदुन्दुभि:
तुलसी कटुका तिक्ता हुध उष्णाहाहपित्तकृत् ।
मरुदनिप्रदो हध तीक्षणाष्ण: पित्तलो लघु:।”
इस देवी की आराधना हर सामान्य एवं रोगी व्यक्ति को करना चाहिए।

09 नवम सिद्धिदात्री यानि शतावरी👉

नवदुर्गा का नवम रूप सिद्धिदात्री है, जिसे नारायणी याशतावरी कहते हैं। शतावरी बुद्धि बल एवं वीर्य के लिए उत्तम औषधि है। यह रक्त विकार एवं वात पित्त शोध नाशक और हृदय को बल देने वाली महाऔषधि है।

सिद्धिदात्री का जो मनुष्य नियम पूर्वक सेवन करता है। उसके सभी कष्ट स्वयं ही दूर हो जाते हैं। इससे पीड़ित व्यक्ति को सिद्धिदात्री देवी की आराधना करना चाहिए। इस प्रकार प्रत्येक देवी आयुर्वेद की भाषा में मार्कण्डेय पुराण के अनुसार नौ औषधि के रूप में मनुष्य की प्रत्येक बीमारी को ठीक कर रक्त का संचालन उचित एवं साफ कर मनुष्य को स्वस्थ करती है। अत: मनुष्य को इनकी आराधना एवं सेवन करना चाहिए।

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
सर्व मंगलम मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके ।
शरण्ये त्रयम्ब्के गौरी नारायणी नमो स्तुते।।
साभार– पं देव शर्मा🔥
〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻
जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनायें ओर बधाई
आपका जन्मदिन: 18 अक्टूबर
अंक ज्योतिष का सबसे आखरी मूलांक है नौ। आपके जन्मदिन की संख्या भी नौ है। आप सही मायनों में उत्साह और साहस के प्रतीक हैं। मंगल ग्रहों में सेनापति माना जाता है। अत: आप में स्वाभाविक रूप से नेतृत्त्व की क्षमता पाई जाती है। लेकिन आपको बुद्धिमान नहीं माना जा सकता। मंगल के मूलांक वाले चालाक और चंचल भी होते हैं। आपको लड़ाई-झगड़ों में भी विशेष आनंद आता है। आपको विचित्र साहसिक व्यक्ति कहा जा सकता है। यह मूलांक भूमि पुत्र मंगल के अधिकार में रहता है। आप बेहद साहसी हैं। आपके स्वभाव में एक विशेष प्रकार की तीव्रता पाई जाती है।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 9, 18, 27
शुभ अंक : 1, 2, 5, 9, 27, 72
शुभ वर्ष : 2028, 2036, 2045
ईष्टदेव : हनुमान जी, मां दुर्गा।
शुभ रंग : लाल, केसरिया, पीला
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: राजनैतिक व्यक्ति सफलता का स्वाद चख सकते हैं। अधिकार क्षेत्र में वृद्धि संभव है। आप अपनी शक्ति का सदुपयोग कर प्रगति की और अग्रसर होंगे। नौकरी में आ रही बाधा दूर होगी।
सेहत: स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा।
परिवार: पारिवारिक विवाद सुलझेंगे। मित्रों स्वजनों का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी। महत्वपूर्ण कार्य योजनाओं में सफलता मिलेगी।
🌹 आज का राशिफल 🌹
दिनांक : 18 अक्टूबर 2026
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज भी आपका मन धार्मिक भावो से भरा रहेगा लेकिन अन्य आवश्यक कार्य रहने से ज्यादा समय नही दे पाएंगे। व्यवसायी वर्ग धन कमाने के लिये अनैतिक मार्ग को ज्यादा पसंद करेंगे बाद में इससे लाभ की जगह हानि होगी फिर वो किसी भी रूप में ही हो। कार्य क्षेत्र पर बेमन से कार्य करना पड़ेगा जिसके परिणाम स्वरूप सीमित लाभ से संतोष करना पड़ेगा। नौकरी वाले लोग किसी की चुगली का शिकार बनेंगे फिर भी धैर्य से काम लें व्यवहार में कमी ना आने दें। धन संबंधित कार्य लिख कर ही करें भूल होने की संभावना है। महिलाये धन को लेकर असंतुष्ट रहेंगी अन्य लोगो को भी इस कारण परेशान कर सकती है। किसी से किया वादा अवश्य पूरा करें अन्यथा अपमानित होना पड़ेगा। घर में किसी ना किसी को शारीरिक कष्ट होगा।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज भी सेहत संबंधित समस्याओं के कारण मन खराब रहेगा। किसी की भी बातो को अनसुनी करेंगे जिससे वातावरण अशान्त बनेगा। शारीरिक समस्याओ के साथ ही आर्थिक कारणों से भी परेशान रहेंगे। दिन के आरंभ से ही शारीरिक शिथिलता रहने के कारण काम करने का मन नही होगा। उत्साह की कमी के कारण लाभ-हानि की परवाह नही करेंगे। प्रयास करने पर धन की आमाद कही ना कही से हो जाएगी परन्तु व्यर्थ के खर्च भी रहने से आय-व्यय में तालमेल रहेगा। सुदूर प्रदेश की यात्रा के योग भी है लेकिन अतिआवश्यक होने पर ही करें चोटादि का भय भी है किसी भी कार्य मे जोखिम लेने से बचें। पारिवारिक वातावरण भी किसी ना किसी कारण से अस्त-व्यस्त रहेगा इसे सुधारना आज सम्भव नही।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन आपकी किसी बहुप्रतीक्षित कामना पूर्ति होने की संभावना है। आर्थिक पक्ष पहले से अधिक मजबूत बनेगा। दिन के आरंभ में नौकरी अथवा व्यवसाय में किसी महत्त्वपूर्ण कार्य को लेकर दुविधा होगी इसमे किसी की सहायता के बाद ही आगे बढ़ सकेंगे। धन की आमाद ठीक-ठाक रहेगी लेकिन व्यवहारिकता में कमी के कारण कुछ ना कुछ कमी अवश्य रहेगी। सहकर्मियों का ऊपर बेवजह क्रोध करना भारी पड़ सकता है संभल कर व्यवहार करें अन्यथा अकेले ही कार्य करना पड़ेगा। महिलाओ की मनोकामना पूरी होने में देरी होने पर जानबूझ कर कार्यो को बिगाड़ भी सकती है। घर के बुजुर्ग के ऊपर भी ध्यान दें आपसे नाराज हो सकते है। भाई बंधुओ से मेल जोल केवल स्वार्थ के लिए ही रहेगा।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज आप जिस भी कार्यो को करेंगे विशेषकर सरकार संबंधित उनके आरंभ में उलझने ज्यादा बढ़ेंगी लेकिन हतोत्साहित ना हो प्रयास करने में कसर ना रखें निश्चित ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। नौकरी वाले लोग कार्य बोझ से परेशान रहेंगे फिर भी निष्ठा से समय पर खत्म कर लेंगे। आपके कार्यो में टांग अड़ाने वाले या सही मार्ग से भटकाने वाले भी मिलेंगे इनकी सुने अवश्य पर करें विवेक से ही। कार्यो को जल्दी निपटाने के चक्कर मे गलती करेंगे स्वयं ही सुधार भी कर लेंगे लेकिन समय बर्बाद करके। व्यवसाय में आज बिक्री बढ़ेगी धन लाभ भी ठीक ठाक हो जायेगा खर्च आज कम रहने से बचत कर लेंगे। पारिवारिक वातावरण सामान्य बना रहेगा महिलाये शक की आदत से बचे कलह हो सकती है। आरोग्य में कुछ कमी रहेगी।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन आप अपनी बुद्धि बल से ही सफलता पा सकते है। लेकिन आपकी मानसिकता बैठे बिठाये लाभ पाने की रहेगी इस वजह से मेहनत वाले कार्यो की अनदेखी करेंगे। अहम की भावना भी आज कुछ ज्यादा ही रहेगी किसी की बात को धैर्य से सुनने की जगह तुरंत प्रतिउत्तर देने से माहौल खराब होगा। नौकरी या व्यवसाय दोनो जगह श्रेष्ठ दिखाने की होड़ लगेगी इसका परिणाम शून्य ही रहेगा। सरकारी अथवा व्यवसाय संबंधित कागजी कार्यवाही के लिये भागदौड़ करनी पड़ सकती है। धन लाभ रुक रुक कर होने से कार्य क्षेत्र पर अधिक ध्यान देना होगा। परिवार में रिश्तेदारो का आगमन हो सकता है। शारीरिक रूप से चुस्त रहेंगे। परिश्रम का उचित फल मुश्किल से ही मिलेगा।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन अशांति से भरा रहेगा। दिन के आरंभ में ही किसी परिजन अथवा आस-पड़ोसी से कलह होने की संभावना है यहां गलती आपकी ही रहेगी लेकिन ना मानने के कारण विवाद बढेगा। कार्य क्षेत्र पर घर का गुस्सा उतारे पर सहकर्मियों से भी मतभेद होगा बाद में इसका पश्चाताप भी करेंगे लेकिन अवसर निकलने के बाद ही। धन लाभ किसी की खुशामद के बाद ही सम्भव है। मध्यान के बाद का समय चुनौती से भरा रहेगा। कार्य क्षेत्र पर प्रतिस्पर्धा बढ़ने से मन में उच्चाटन आएगा। कार्यो को छोड़ आराम करने का मन करेगा। घरेलु कार्यो में लापरवाही के कारण झगडे होने की संभावना है। सेहत में भी गिरावट अनुभव करेंगे। संताने जिद पर अड़ेंगी।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज आपकी दिनचार्य व्यवस्थित रहेगी दिन के आरंभिक भाग में किसी महत्त्वपूर्ण व्यक्ति से भेंट की योजना बनाएंगे लेकिन इससे उतना लाभ नही होगा जितनी आप आशा लगाए है। कार्य व्यवसाय में आज लाभ तो होगा लेकिन अनजान लोगों के माध्यम से ही। महिलाये भी स्वयं को अन्य से निम्नतर आकेंगी अन्य लोगो से बराबरी करने के चक्कर मे स्वयं ही परेशान रहेंगी। कार्य व्यवसाय में वृद्धि होने से आय के नए स्त्रोत्र बनेंगे पर आज आप जितना भी कमाई करे उससे संतोष नही होगा। ज्यादा कमाने के लोभ में अनैतिक कार्य भी कर सकते है आरम्भ में इससे लाभ ही होगा लेकिन बाद में कोई नई समस्या बनेगी। संध्या के समय आकस्मिक लाभ अथवा उपहार मिलेगा थकान भी इस अवधि में ज्यादा रहेगी। परिवार में किसी की जिद पूरी करने में खर्च भी करना पड़ेगा।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन आप भाग-दौड़ की जिंदगी से बचने का प्रयास करेंगे लेकिन किसी ना किसी कारण से आज ज्यादा ही करनी पड़ेगी। दिन का पहला भाग शांति से व्यतीत होगा। आज आर्थिक मामलों को लेकर वैसे तो ज्यादा माथा पच्ची नही करेंगे फिर भी किसी के उकसावे में आकर कोई गलत निर्णय लेने से बेहतर है शांत बैठे धन की हानि हो सकती है। आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये अन्य के ऊपर ज्यादा निर्भर रहना पड़ेगा। आपकी मानसिक स्थिति पल पल पर परिवर्तित होगी महिलाये भी आज अपने कार्य को औरो के ऊपर डालेंगी काम बिगड़ने पर बाद में पछताएगी। व्यवसायी वर्ग नए कार्य पाने के लिये जोड़तोड़ करेंगे परन्तु सफलता संदिग्ध ही रहेगी। सरकारी कार्य मे समय खराब होगा। स्वास्थ्य ठीक रहेगा।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज दिन भर चंचलता मन पर हावी रहेगी बच्चों जैसी बातें कर हास्य के पात्र बनेंगे लेकिन आज का दिन कार्य व्यवसाय से शुभ फल दिलाएगा। लोग पहले आपकी बाते गंभीर नही लेंगे परन्तु बाद में पछतावा होगा। नौकरी पेशाओ को पदोन्नति में आरही बाधा दूर होने पर कुछ राहत मिलेगी लेकिन इसके लिये अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। व्यवसायी वर्ग व्यवसाय में अलावा भी अन्य काम आने से परेशान होंगे परन्तु बड़े बुजुर्गो का सहयोग मिलने से शीघ्र ही समाधान भी हो जाएगा। पैतृक संपत्ति के मामलों को आज टालना ही बेहतर रहेगा अन्यथा नई मुसीबत खड़ी हो सकती है। उच्च अधिकारियों को प्रसन्न रखें बनते काम मे बाधा डाल सकते है। शारीरिक स्वास्थ्य कुछ समय के लिए खराब होगा।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज के दिन आप परस्पर सम्बंधो को लेकर चिंतित रहेंगे। कार्य क्षेत्र पर भी व्यवहार की कमी के कारण पुराना अनुबंद अथवा व्यवसायिक रिश्ता खत्म हो सकता है। जिस भी कार्य को बचाने का प्रयास करेंगे वह और ज्यादा बिगड़ेगा। मेहनत करने में कोई कसर नही छोड़ेंगे फिर भी धन संबंधित समस्या यथावत बनी रहेगी। मध्यान से पहले कोई अशुभ समाचार मिलने से मन विचलित रहेगा। व्यवसायी भी आज हानि की आशंका से  प्रत्येक कार्य को डर कर करेंगे। नए कार्य मे निवेश कर सकते है लेकिन अपने आस-पास के लोगो में स्वार्थ ना खोजे अन्यथा सम्मान हानि हो सकती है। भले बुरे का विवेक ना होने से काम उटपटांग होंगे इसे ठीक होने में थोड़ा समय लगेगा। परिजनों के स्वास्थ्य पर खर्च होगा।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन आशाजनक लाभ दिलाएगा किसी पुराने कार्य के पूर्ण होने पर उत्साह से भरे रहेंगे। स्वभाव भी परोपकारी रहने से किसी के कार्य को मना नही करेंगे कार्य व्यवसाय से मध्यान बाद आकस्मिक धन लाभ होगा आज प्रयास करने पर डूबे धन की प्राप्ति भी हो सकती है। व्यवसायियों का ध्यान मध्यान तक कार्य पर केंद्रित रहेगा इसका लाभ शीघ्र देखने को मिलेगा इसके बाद मन मनोरंजन की ओर भटकेगा फिर भी लाभ के स्त्रोत्र यथावत बने रहेंगे। खर्च भी कम रहने से आर्थिक बचत कर पाएंगे। सरकारी कार्य में कोई नई उलझन पड़ेगी आज ना ही करें। घर में शांति बनी रहेगी। महिला मित्रो से गलत फहमी होगी।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन कार्यसफलता देने वाला है। जिस भी कार्य को करें दृढ़ निश्चय के साथ करें विजय अवश्य मिलेगी। आज आकस्मिक यात्रा के योग बन रहे है अथवा अचानक किसी कार्य के आने से पूर्व निर्धारित कार्यो में फेरबदल करना पड़ेगा। आपका स्वभाव शांत एवं मिलनसार रहेगा हर किसी से जल्द ही घुल-मिल जाएंगे। महिलाओ के प्रति सम्मानजनक रवैया अपनाए विवाद से बचे रहेंगे। व्यवसाइयों का काम-धंधा बेहतर चलेगा धन की आमद भी समय पर होने से आर्थिक उलझने नही रहेंगी फिर भी आज धन के लेनदेन में अधिक स्पष्टता बरते उधारी के कारण किसी से झगड़ा हो सकता है। नौकरी पेशा जातक आज जल्दी काम खत्म करने का प्रयास करेंगे परन्तु कोई नया काम आने से परेशानी होगी। घर का वातावरण सामान्य ही रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Brain essentials

Whole life is a search for beauty. But, when the beauty is found inside, the search ends and a beautiful journey begins.