सनातन पंचांग — 14 अक्टूबर 2026
आज का मनोवैज्ञानिक विचार | क्रोध, तनाव एवं टालमटोल पर विजय | नवरात्रि विशेष 🌺
शोधकर्ताओं के कार्य से प्रेरित विचार: Dr. Anisha Rajan, Mahendra Kumar एवं Pranav Raj P — npj Mental Health Research में माइंडफुलनेस और तनाव पर 2026 में प्रकाशित शोध के लेखक।
English Thought (शोध से प्रेरित; शब्दशः उद्धरण नहीं):
“Do not let anger choose your words, stress decide your worth, or procrastination steal your peace. Pause, breathe, and take one wise step.”
हिंदी अनुवाद:
“क्रोध को अपने शब्द न चुनने दें, तनाव को अपना मूल्य तय न करने दें और टालमटोल को अपनी शांति न छीनने दें। ठहरें, गहरी साँस लें और एक विवेकपूर्ण कदम उठाएँ।”
भावार्थ: क्रोध रिश्तों को चोट पहुँचा सकता है, तनाव हमारी ऊर्जा घटा सकता है और काम टालना चिंता को बढ़ा सकता है। समाधान हर समस्या को एक ही दिन में खत्म करना नहीं, बल्कि अपनी प्रतिक्रिया को सँभालना और सही दिशा में छोटा कदम उठाना है। वास्तविक समृद्धि में धन के साथ मानसिक शांति, अच्छे संबंध और कर्म करने की क्षमता भी शामिल है।
भारतीय आध्यात्मिक संदर्भ: श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश है कि क्रोध विवेक को प्रभावित कर सकता है; इसलिए आत्मसंयम और समत्व का अभ्यास आवश्यक है। नवरात्रि में माँ दुर्गा की शक्ति हमें केवल बाधाओं से लड़ना ही नहीं, बल्कि अपने भीतर के क्रोध, आलस्य और अस्थिरता पर विजय पाना भी सिखाती है। घर में कटु उत्तर देने के बजाय शांत संवाद, अधूरे काम की शुरुआत और जरूरतमंद की सहायता—ये दैनिक जीवन की सच्ची साधनाएँ हैं।
🌺 नवरात्रि के लिए उत्तम सलाह: आज माँ दुर्गा के समक्ष संकल्प लें—“मैं क्रोध में तुरंत उत्तर नहीं दूँगा, तनाव में स्वयं को कमजोर नहीं समझूँगा और जरूरी काम को टालने के बजाय उसका पहला छोटा कदम आज ही उठाऊँगा।” क्रोध आए तो कुछ क्षण रुकें, धीरे-धीरे साँस लें और फिर बोलें। किसी अधूरे काम को केवल 10 मिनट देकर शुरू करें।
आज का चिंतन: क्या मेरी प्रतिक्रिया समस्या को बढ़ा रही है या समाधान का रास्ता खोल रही है?
आज का संकल्प: “मैं क्रोध पर संयम, तनाव में सजगता और कर्म में निरंतरता अपनाकर सुख, शांति और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ूँगा।”
आज का सनातन संदेश: मन पर विजय ही सबसे बड़ी शक्ति है; विवेक से बोला गया शब्द और समय पर किया गया कर्म जीवन को सुंदर बनाते हैं।
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साम्ब सदाशिव हरे हरे

🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🌤️ दिनांक – 14 अक्टूबर 2026
🌤️ दिन – बुधवार
🌤️ विक्रम संवत – 2083 (गुजरात अनुसार 2082)
🌤️ शक संवत – 1948
🌤️ अयन – दक्षिणायन
🌤️ ऋतु – शरद ऋतु
🌤️ मास – आश्विन
🌤️ पक्ष – शुक्ल
🌤️ तिथि – चतुर्थी 15 अक्टूबर रात्रि 01:13 तक तत्पश्चात पंचमी
🌤️ नक्षत्र – अनुराधा 15 अक्टूबर प्रातः 04:03 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा
🌤️ योग – आयुष्मान रात्रि 08:39 तक तत्पश्चात सौभाग्य
🌤️राहुकाल – दोपहर 12:25 से दोपहर 01:52 तक
🌤️ सूर्योदय – 06:34
🌤️ सूर्यास्त – 06:14
👉 दिशाशूल – उत्तर दिशा में
🚩व्रत पर्व विवरण – विनायक चतुर्थी
विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।
🚩~सनातन पंचांग ~🚩
🌷 उपांग ललिता व्रत 🌷
🙏🏻 आदि शक्ति मां ललिता दस महाविद्याओं में से एक हैं। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को इनके निमित्त उपांग ललिता व्रत किया जाता है। यह व्रत भक्तजनों के लिए शुभ फलदायक होता है। इस वर्ष उपांग ललिता व्रत 15, अक्टूबर, गुरुवार को है। इस दिन माता उपांग ललिता की पूजा करने से देवी मां की कृपा व आशीर्वाद प्राप्त होता है। जीवन में सदैव सुख व समृद्धि बनी रहती है।
🙏🏻 उपांग ललिता शक्ति का वर्णन पुराणों में प्राप्त होता है, जिसके अनुसार पिता दक्ष द्वारा अपमान से आहत होकर जब माता सती ने अपना देह त्याग दिया था और भगवान शिव उनका पार्थिव शव अपने कंधों में उठाए घूम रहें थे। उस समय भगवान विष्णु ने अपने चक्र से सती की देह को विभाजित कर दिया था। इसके बाद भगवान शंकर को हृदय में धारण करने पर इन्हें ललिता के नाम से पुकारा जाने लगा।
🙏🏻 उपांग ललिता पंचमी के दिन भक्तगण व्रत एवं उपवास करते हैं। कालिका पुराण के अनुसार, देवी की चार भुजाएं हैं, यह गौर वर्ण की, रक्तिम कमल पर विराजित हैं। ललिता देवी की पूजा से समृद्धि की प्राप्त होती है। दक्षिणमार्गी शास्त्रों के मतानुसार देवी ललिता को चण्डी का स्थान प्राप्त है। इनकी पूजा पद्धति देवी चण्डी के समान ही है। इस दिन ललितासहस्रनाम व ललितात्रिशती का पाठ किया जाए तो हर मनोकामना पूरी हो सकती है।
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🌷 शारदीय नवरात्रि 🌷
🙏🏻 नवरात्र की पंचमी तिथि यानी पांचवे दिन माता दुर्गा को केले का भोग लगाएं ।इससे परिवार में सुख-शांति रहती है ।
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🌷 शारदीय नवरात्रि 🌷
🙏🏻 स्कंदमाता की पूजा से मिलती है शांति व सुख
नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा की जाती है। स्कंदमाता भक्तों को सुख-शांति प्रदान करने वाली हैं। देवासुर संग्राम के सेनापति भगवान स्कंद की माता होने के कारण मां दुर्गा के पांचवे स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जानते हैं। स्कंदमाता हमें सिखाती हैं कि जीवन स्वयं ही अच्छे-बुरे के बीच एक देवासुर संग्राम है व हम स्वयं अपने सेनापति हैं। हमें सैन्य संचालन की शक्ति मिलती रहे। इसलिए स्कंदमाता की पूजा करनी चाहिए। इस दिन साधक का मन विशुद्ध चक्र में अवस्थित होना चाहिए, जिससे कि ध्यान वृत्ति एकाग्र हो सके। यह शक्ति परम शांति व सुख का अनुभव कराती हैं।
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
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पहले खुद पढ़े और फिर बच्चों को जरूर सुनाएं !!
अमूल्य निधि !!
एक मछुआरा था वह रोज मछली पकड़ने जाया करता था। नित्य की भांति आज भी उसने अपना जाल उठाया और नदी की ओर चल पड़ा। नदी पहुंचकर उसने देखा कि अभी दिन पूरी तरह से नहीं निकला उजाला होने में देर है, तो वह नदी के किनारे-किनारे ही इधर उधर टहलने लगा। टहलते-टहलते अचानक उसके पैरों से कोई सख्त सी चीज टकराई। उसने झुककर वह चीज उठाई तो पाया कि नन्हे-नन्हे पत्थरों से भरी हुई एक छोटी-सी थैली है।
सूरज निकलने में अभी भी कुछ देर थी इसलिए मछुआरे ने जाल एक तरफ रख दिया और समय गुजारने के लिए उसने पोटली से एक पत्थर लिया और नदी में फेंक दिया। उसके पानी में गिरते ही ‘गुप्’ की आवाज आई, उसे वो आवाज अच्छी लगी और उसने उसे टाइम पास का माध्यम बना लिया। फिर वह एक के बाद एक उन पत्थरों को नदी में फेंकने लगा।
ऐसा करते-करते आखरी में मछुआरे के हाथ में अंतिम पत्थर बचा था। वह इसे भी फेंकने ही वाला था लेकिन तबतक थोड़ा उजाला हो चुका था। सूरज की हल्की रोशनी में उसने देखा कि उसके हाथ में पत्थर नहीं बल्कि एक बहुमूल्य बेशकीमती हीरा था। वह यह देखकर बहुत पछताया कि उसने यह क्या कर डाला। काश ! उसने इन्हें पहले देख लिया होता, सम्भाल लिया होता, नही फेकता तो उसका इस जीवन सहित कई पीढ़ियों तक कि दरिद्रता मिट गयी होती। मछुआरे को अपनी नादानी पर बहुत अफसोस हुआ। लेकिन
”अब पछताए क्या होत है
जब चिड़िया चुग गई खेत।“
हमारे साथ भी अक्सर ऐसा ही होता है। हमारे जीवन मे ऐसी बहुत सी चीजें और कार्य होते हैं जिन्हें हम मछुआरे की भांति कीमती चीजों को अपनी अज्ञानतावश या नादानी के कारण योंही बर्बाद करते रहते हैं अथवा उनका सदुपयोग नहीं करते। चाहे वो बेशकीमती समय हो, प्रतिभा हो या अवसर।
इनमे भी समय सबसे महत्त्वपूर्ण है। शुरू में हम उसकी कीमत नहीं समझते और जिस दिन कीमत समझ में आती है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।
युगऋषि पं.श्रीरामशर्मा ने कहा है…
जीवन का अर्थ है ‘समय’, जो जीवन से प्यार करते हैं वो व्यर्थ में समय न गवाएँ।
बात बिल्कुल सही है, इस तरह कीमती व दुर्लभ समय सिर्फ ‘टाइम पास’ में गुजार दिया जाए, कहाँ की समझदारी है यह किसी भी तरह से उचित अथवा सार्थक नहीं।
’अभी भी समय है।‘
जब जागो तभी सवेरा”
हम छात्र हैं, बिजनेसमैन, नौकरीपेशा वाले हैं या कुछ और, हर किसी के पास समय के साथ कुछ विशेष प्रतिभा/क्वालिटी, पैसा, उम्र, अवसर आदि जरूर है। उन्हें अंधेरे का बहाना बनाकर मछुआरे की भांति नष्ट मत कीजिए। जागरूक होकर इनका सदुपयोग करते हुए दिनभर में ऐसा अच्छा काम अवश्य कीजिए ताकि शाम को बिस्तर पर जाएँ तो उसे याद कर परमात्मा को धन्यवाद देते हुए शुकून की नींद ले सकें !!
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🌷🙏
🌹 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष 🌹
आपका जन्मदिन: 14 अक्टूबर
आप बेहद भाग्यशाली हैं कि आपका जन्म 14 को हुआ है। ऐसे व्यक्ति अधिकांशत: मितभाषी होते हैं। कवि, कलाकार, तथा अनेक विद्याओं के जानकार होते हैं। आपमें गजब की आकर्षण शक्ति होती है। आपमें लोगों को सहज अपना बना लेने का विशेष गुण होता है। 14 का अंक आपस में मिलकर 5 होता है। 5 का अंक बुध ग्रह का प्रतिनिधि करता है।
अनजान व्यक्ति की मदद के लिए भी आप सदैव तैयार रहते हैं। आपमें किसी भी प्रकार का परिवर्तन करना मुश्किल है। अर्थात अगर आप अच्छे स्वभाव के व्यक्ति हैं तो आपको कोई भी बुरी संगत बिगाड़ नहीं सकती। अगर आप खराब आचरण के हैं तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको सुधार नहीं सकती। लेकिन सामान्यत: 14 तारीख को पैदा हुए व्यक्ति सौम्य स्वभाव के ही होते हैं।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 1, 5, 7, 14, 23
शुभ अंक : 1, 2, 3, 5, 9, 32, 41, 50
शुभ वर्ष : 2030, 2032, 2034, 2050, 2059, 2052
ईष्टदेव : देवी महालक्ष्मी, गणेशजी, मां अम्बे।
शुभ रंग : हरा, गुलाबी जामुनी, क्रीम।
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
परिवार : दाम्पत्य जीवन में मधुर वातावरण रहेगा। अविवाहित भी विवाह में बंधने को तैयार रहें। परिवारिक प्रसन्नता रहेगी। संतान पक्ष से खुशखबर आ सकती है।
करियर: यह वर्ष आपके लिए सफलताओं भरा रहेगा। नौकरी-पेशा व्यक्तियों के लिए यह वर्ष निश्चय ही सफलताओं भरा रहेगा।
कारोबार: व्यापार-व्यवसाय में प्रगति से प्रसन्नता रहेगी। अभी तक आ रही परेशानियां भी इस वर्ष दूर होती नजर आएंगी।
🌹आज का राशिफल 🌹
*दिनांक : 14 अक्टूबर 2026*
राशिफल
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन आपको आशा के विपरीत फल मिलेंगे। अपनी अथवा परिजन की सेहत को लेकर अस्पताल के चक्कर लग सकते है। मानसिक रूप से चिड़चिड़ापन रहेगा भावुकता भी अधिक रहेगी आज आप स्वयं किसी को कुछ भी कहे परन्तु किसी अन्य की हास्य में कही बातो का भी बुरा मान लेंगे। कार्य व्यवसाय पर सुव्यवस्था रहने पर भी धन लाभ अनिश्चित रहेगा दोपहर बाद ही थोडी बहुत आमाद होगी। सहकर्मी अथवा अन्य किसी परिचित को आर्थिक अथवा अन्य सहायता देनी पड़ेगी। परिजनो से आत्मीयता रहने पर भी घर मे उदासी ज्यादा रहेगी। मनोरंजन विपरीत लिंगीय आकर्षण भी आज अधिक रहेगा।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन आपका मुख्य लक्ष्य अपने व्यावसायिक क्षेत्र में वृद्धि कर लाभ उठाने का रहेगा इसके लिये सार्वजनिक क्षेत्र पर नए लोगो से जान पहचान बनाएंगे छोटी बड़ी यात्रा एवं परिश्रम आज अधिक करना पड़ेगा लेकिन धन संबंधित कामनाये पूरी होने में फिर भी संशय बना रहेगा। नौकरी पेशाओ को भी कार्य के सिलसिले से यात्रा करनी पड़ सकती है यात्रा शुभ ही रहेगी नए मित्रो से संपर्क, मेल मिलाप बढ़ेगा मशीनरी अथवा अन्य संसाधनों का लाभ होगा लेकिन यात्रा को सीधे धन लाभ से ना जोड़े अन्यथा उदासी ही मिलेगी। लाटरी सट्टे में निवेश का मन बनेगा लेकिन ज्यादा लाभ नही मिलेगा। घर के सदस्य आज एकमत रहने से शांति रहेगी।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन आपके लिये समृद्धिकारक रहेगा पारिवारिक एवं सार्वजनिक क्षेत्र पर आज विरोध करने वाले भी कम रहेंगे काम-काज के सिलसिले से यात्रा करनी पड़ेगा इसका सकारात्मक परिणाम मिलेगा। धन लाभ आज सहज ही हो जाएगा पुरानी उधारी चुकता होगी। कार्य क्षेत्र का वातावरण आपके सुआचरण एवं व्यवहारिकता से महकेगा। परोपकारी भावना रहने से आप किसी को भी किसी कार्य के लिये मना नही करेंगे। नौकरी वाले जातक कार्य क्षेत्र बदलने का विचार करेंगे इसमे सफल भी रहेंगे प्रयास करने पर पहले से बेहतर जगह पदोन्नति हो सकती है। घरेलू माहौल सुख सुविधा बढ़ने पर प्रसन्न रहेगा।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन आपका स्वभाव अटपटा रहेगा शुभ कर्मों को छोड़ वर्जित कार्यो में अधिक रुचि दिखाएंगे। काम धंधा मंदा रहेगा लेकिन आज अकस्मात लाभ होने की भी संभावना है लापरवाही से बचे अन्यथा वंचित रह जाएंगे। आज आप अपना काम निकालने के लिये जिद का सहारा लेंगे अन्य लोगो को इससे काफी परेशानी होगी क्रोध दिमाग पर रहेगा मांगे पूरी ना होने पर कलह पर उतारू हो जाएंगे विशेष कर माता से अपना काम निकल कर ही चैन आएगा। घर का वातावरण उथल पुथल रहेगा पति पत्नी अथवा अन्य परिजनों में शंकालु वृति के कारण झगड़ा हो सकता है। कामोतेजना आज अधिक रहेगी संयम रखें अन्यथा अपमानित हो सकते है। आँख एवं मस्तिष्क संबंधित संमस्या को छोड़ आरोग्य सामान्य रहेगा।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन आप स्वयं ही अपनी परेशानी का कारण बनेंगे छोटी छोटी बातों पर क्रोध कर आस पास का वातावरण अशांत बनाएंगे आज आपके संपर्क में जो भी आएगा मन दुखी करके ही जायेगा सीधे किसी से नही लड़ेंगे कड़वे ताने अथवा किसी की कमजोरी को लेकर व्यंग्य करने पर माहौल खराब करेंगे। कार्य क्षेत्र पर पहले ही अव्यवस्था रहेगी उर से ध्यान अनर्गल विषयो में रहेगा जिससे हानि होने की संभावना अधिक बनेगी। किसी अन्य के कार्य अथवा झगड़े में पंच ना बने अपमान होगा। आर्थिक मामलों में भाई बंध, मित्रो के सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी लेकिन रूखा व्यवहार बाधक बनेगा माता का सहयोग मिलेगा लेकिन अपर्याप्त। बोल चाल में मर्यादा रखे व्यर्थ शत्रुता बढ़ेगी। रक्तचाप अथवा अल्पता के कारण परेशान होंगे।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज के दिन आपके स्वभाव में दिखावा एवं ईर्ष्या अधिक रहेगी। जिस भी कार्य को करने की तैयारी करेंगे उसमे कोई न कोई टांग अढ़ायेगा लेकिन फिर भी प्रयास करना ना छोड़े आरम्भ में ही थोड़ी समस्या बनेगी लेकिन बाद में जो लोग आपके कार्यो में विघ्न डाल रहे थे वही सहयोग करने लगेंगे। पूर्व में किया परोपकार और भाग्य का साथ धन लाभ में सहायक बनेगा पर आज कार्य व्यवसाय से जितना धन मिलेगा खर्च के रास्ते पहले बना लेगा। आज परिजनों विशेषकर पिता से संबंध मधुर बनाये रखे इनसे कुछ ना कुछ फायदा हो सकता है। पैतृक कार्यो में भी रुचि रहेगी लेकिन भागदौड़ करना अखरेगा। घरेलू सुख सुविधा में कुछ कमी अनुभव होगी। सेहत में भी छोटी मोटी संमस्या लगी रहेगी फिर भी कार्य बाधक नही बनेगी।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज के दिन आप को अपने सभी कार्यो से संतोष रहेगा लेकिन अन्य लोगो की कार्य प्रणाली से असंतुष्ट रहेंगे। व्यवसायीजन एवं नौकरी वाले लोग आसानी से सफलता मिलने पर अतिआत्मविश्वास की भावना से ग्रस्त रहेंगे आज आपकी सफलता के पीछे किसी अन्य का हाथ रहेगा जिसको आप अनदेखा करेंगे। सहकर्मियों का प्रति हीं भावना रहेगी आपको भी इसका प्रतिउत्तर इसी प्रकार किसी ना किसी रूप में मिलेगा। परिजन आपकी हाँ में हाँ तो मिलाएंगे परन्तु आपके विचारों के एकदम विपरीत चलेंगे। धन को लेकर आज निश्चिन्त रहेंगे व्यवसाय वृद्धि एवं धन की आमद एकसाथ होगी। गृहस्थ में नोकझोंक लगी रहेगी सेहत आज उत्तम रहेगी।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन परिस्थितियां आपके पक्ष में ही रहेंगी ठाठ-बाट वाला जीवन व्यतीत करेगे। काम-धंधे में आश्चर्यजनक वृद्धि होगी प्रतिस्पर्धी भी हावी रहेंगे फिर भी विजय आपकी ही होगी। व्यवसाय में आज कुछ महत्त्वपूर्ण निर्णय लेने पड़ेंगे इसका शुभ परिणाम आने वाले समय मे मिलेगा। जन सम्पर्क में वृद्धि आएगी अधिकारी वर्ग से नजदीकी का लाभ भी अवश्य मिलेगा। सरकार विरोधी गतिविधियों से दूर रहे अन्यथा फल उल्टा हो सकता है। धन की आमद प्रयास करने पर नही स्वतः ही होगी। परिजन आपसे नई अपेक्षाएं रखेंगे इनकी पूर्ति करने में आपको परेशानी नही आएगी। आरोग्य बना रहेगा।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज परिस्थितियां एकदम उलट बन रही है कल तक जो आपकी हाँ में हाँ मिला रहे थे वही लोग आज आपका साथ देने से पीछे हटेंगे आपका स्वभाव भी आज कुछ तीखा रहेगा किसी के सामान्य प्रश्न का उत्तर उल्टा ही देंगे कार्य क्षेत्र पर लेन देन को लेकर विवाद होगा आज आप कहेंगे कुछ करेंगे कुछ इस वजह से लोग आपके ऊपर जल्दी से विश्वास नही करेंगे। कारोबारियों को हाथ आये अनुबंध निरस्त होने की ग्लानि रहेगी इसका कारण भी आपका रूखा व्यवहार हो सकता है। धन लाभ की केवल सम्भावनाये ही रहेंगी प्राप्ती नगण्य होगी। खर्च चलाने के लिये उधार लेने की नौबत आ सकती है। परिवार में भी लोग आपसे असंतुष्ट रहेंगे। सेहत अचानक बिगड़ेंगी।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज के दिन आपका स्वभाव शारीरिक दुर्बलता के कारण उदासीन बना रहेगा। अधिक मेहनत वाले कार्य करने में समर्थ नही रहेंगे फिर भी छोटे मोटे कार्य मे लगे रहेंगे। दिन के आरंभ से मध्यान तक कि दिनचर्या खराब रहेगी कार्य करने की हिम्मत जुटाएंगे लेकिन परिस्थिति कोई न कोई बाधा डालेगी मन मे उटपटांग विचार आएंगे। नौकरी वाले लोग भी मध्यान तक जबरदस्ती कार्य करेंगे लेकिन दोपहर के बाद सेहत में थोड़ी चुस्ती आने लगेगी फिर भी यात्रा अथवा अन्य जोखिम वाले कार्यो से बच कर ही रहे दुर्घटना हो सकती है। कार्य व्यवसाय में आज सफलता कम ही मिलेगी जोड़ तोड़ कर थोड़ा बहुत धन मिलेगा परन्तु तुरंत खर्च हो जाएगा। घर मे शांति रहने के बाद भी मन मे उच्चाटन बनेगा। सामाजिक सम्मान में कमी आएगी।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन मध्यम फलदायी रहेगा। आज दिन के आरंभिक भाग को छोड़ अन्य समय किसी ना किसी कारण से दौड़ धूप लगी ही रहेगी आराम आज चाहते हुए भी नही कर सकेंगे। आध्यात्म में भी रुचि लेंगे पूजा पाठ तंत्र मंत्र के लिये समय निकालेंगे। कार्य व्यवसाय पर आज मध्यान बाद ही लाभ की संभावनाए बनेंगी धन लाभ के लिये मानसिक परिश्रम ज्यादा करना पड़ेगा लेकिन परिणाम आशाजनक ही रहेंगे। नौकरी वालो की अधिकारी वर्ग से आज अच्छी जमेगी काम निकालना आसान रहेगा। परिजन अनैतिक मांग पर अडेंगे जिन्हें पूरी करना आज संभव नही होगा। सेहत थकान को छोड़ सामान्य रहेगी।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज दिन आपके पक्ष में तो नही फिर भी कल की अपेक्षा शांति से व्यतीत होगा। आज आप अपनी बुद्धिक्षमता प्रखर होने पर भी लाभ नही दिला सकेगी। ज्यादा झंझट वाले कार्यो से दूर रहें अन्यथा हाथ कुछ नही लगेगा उल्टे मानसिक परेशानियां बढ़ेंगी। कार्य व्यवसाय में आज अन्य लोगो के ऊपर ज्यादा आश्रित रहने के कारण केवल आश्वाशन ही मिलेंगे धन लाभ भी होगा परन्तु खर्चो के आगे नाकाफी रहेगा। कार्य क्षेत्र पर सहकर्मियों से अहम को लेकर मतभेद रहेगा पारिवारिक स्थिति स्थिर रहेगी लेकिन महिलाये स्वयं को अधिक बुद्धिमान प्रदर्शित करेंगी जिससे कुछ समय के लिये टकराव की स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा।


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