Sanatan Panchang 15042026 Rashifal Samadhan

परोपकाराय फलन्ति वृक्षा: परोपकाराय वहन्ति नद्य:।
परोपकाराय दुहन्ति गाव: परोपकाराय सताम् विभूतयः॥
व्याख्या: परोपकार के लिए वृक्ष फल देते हैं, नदियाँ परोपकार के लिए बहती हैं, गायें परोपकार के लिए दूध देती हैं और सज्जनों का जीवन व संपत्ति भी दूसरों के कल्याण के लिए ही होती है।
हर हर महादेव
~ सनातन पंचांग ~
दिनांक – 15 अप्रैल 2026
दिन – बुधवार
विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)
शक संवत -1948
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वसंत ॠतु
मास – वैशाख (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार चैत्र)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – त्रयोदशी रात्रि 10:31 तक तत्पश्चात चतुर्दशी
नक्षत्र – पूर्वभाद्रपद शाम 03:22 तक तत्पश्चात उत्तरभाद्रपद
योग – ब्रह्म दोपहर 01:25 तक तत्पश्चात इन्द्र
राहुकाल – दोपहर 12:39 से दोपहर 02:14 तक
सूर्योदय – 06:21
सूर्यास्त – 06:56
दिशाशूल – उत्तर दिशा मे
व्रत पर्व विवरण- प्रदोष व्रत,मासिक शिवरात्रि
विशेष – त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
~सनातन पंचांग सनातन पंचांग सनातन पंचांग ~
धन-धान्य व सुख-संम्पदा के लिए
हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें।
सामग्री : १. काले तिल, २. जौं, ३. चावल, ४. गाय का घी, ५. चंदन पाउडर, ६. गूगल, ७. गुड़, ८. देशी कर्पूर, गौ चंदन या कण्डा।
विधि: गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवनकुंड बना लें, फिर उपरोक्त ८ वस्तुओं के मिश्रण से तैयार सामग्री से, घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर नीचे दिये गये देवताओं की १-१ आहुति दें।
आहुति मंत्र
१. ॐ कुल देवताभ्यो नमः
२. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः
३. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः
४. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः
५. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः
~ सनातन पंचांग ~


जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
आपका जन्मदिन: 15 अप्रैल
दिनांक 15 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 6 होगा। आपमें गजब का आत्मविश्वास है। इसी आत्मविश्वास के कारण आप किसी भी परिस्थिति में डगमगाते नहीं है। आपको सुगंध का शौक होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति आकर्षक, विनोदी, कलाप्रेमी होते हैं। आप अपनी महत्वाकांक्षा के प्रति गंभीर होते हैं। 6 मूलांक शुक्र ग्रह द्वारा संचालित होता है। अत: शुक्र से प्रभावित बुराई भी आपमें पाई जा सकती है। जैसे स्त्री जाति के प्रति आपमें सहज झुकाव होगा। अगर आप स्त्री हैं तो पुरुषों के प्रति आपकी दिलचस्पी होगी। लेकिन आप दिल के बुरे नहीं है।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 6, 15, 24
शुभ अंक : 6, 15, 24, 33, 42, 51, 69, 78
शुभ वर्ष : 2029
ईष्टदेव : मां सरस्वती, महालक्ष्मी
शुभ रंग : क्रीम, सफेद, लाल, बैंगनी
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: नौकरीपेशा व्यक्ति अपने परिश्रम के बल पर उन्नति के हकदार होंगे। आर्थिक मामलों में सभंलकर चलना होगा। व्यापार-व्यवसाय में भी सफलता रहेगी।
परिवार: दाम्पत्य जीवन में मिली जुली स्थिति रहेगी। विवाह के योग भी बनेंगे। स्त्री पक्ष का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी।
शिक्षा: लेखन संबंधी मामलों के लिए उत्तम होती है। बैक परीक्षाओं में भी सफलता अर्जित करेंगे। जो विद्यार्थी सीए की परीक्षा देंगे उनके लिए शुभ रहेगा।
मेष राशि
आज आपका दिन थोड़ा कमजोर रह सकता है। परिवार में छोटे-छोटे मनमुटाव हो सकते हैं, इसलिए समझदारी और धैर्य से काम लें। धन संबंधी मामलों में अजनबियों पर भरोसा करने से बचें। यदि कोई प्रॉपर्टी डील अटकी हुई है, तो उसे फाइनल करने की कोशिश करेंगे, लेकिन माता जी की सेहत पर ध्यान देना आवश्यक रहेगा। आज आप अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को पूरा करने में समय बिताएंगे।
वृषभ राशि
आज का दिन धन के मामले में अनुकूल रहेगा। किसी उम्मीद के काम में आपको सफलता और धन लाभ दोनों मिल सकते हैं। संतान आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी और रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। कानूनी मामलों में लापरवाही न करें, नहीं तो बाद में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बिजनेस में उठापटक के बावजूद आपको लाभ प्राप्त होगा और परिवार में किसी सदस्य के विवाह प्रस्ताव से माहौल खुशनुमा रहेगा।
मिथुन राशि
आज का दिन मिश्रित अनुभवों से भरा रहेगा। लोगों की पहचान करना जरूरी होगा, क्योंकि कुछ दोस्त आपकी राह में रोड़ा अटका सकते हैं। विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखें और भरोसा सोच-समझकर करें। एक साथ कई काम संभालने होंगे। किसी सामाजिक या राजनीतिक आयोजन में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जो आपकी प्रतिष्ठा बढ़ाएगा।
कर्क राशि
आज का दिन अप्रत्याशित लाभ और नई संभावनाएं लेकर आएगा। निर्णय लेने की आपकी क्षमता मजबूत रहेगी। कार्यक्षेत्र में किसी से बेवजह विवाद न करें, नहीं तो बॉस से डांट पड़ सकती है। बिजनेस में रुकी योजनाएं लाभदायक साबित होंगी। विद्यार्थी पूरी मेहनत से परीक्षा की तैयारी करेंगे और सफलता प्राप्त करेंगे। पारिवारिक जीवन में तालमेल बनाकर चलना लाभकारी रहेगा।
सिंह राशि
आज नए संपर्क और अवसर आपके लिए लाभ लेकर आएंगे। भाग-दौड़ और जल्दबाजी से बचें, नहीं तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जीवनसाथी के साथ तालमेल बनाए रखने से रिश्तों में स्थिरता आएगी। भाई-बहनों का सहयोग कम रहेगा, लेकिन आप नए काम की शुरुआत कर सकते हैं। राजनीतिक या सामाजिक आयोजनों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां मिलने से आपकी स्थिति मजबूत होगी।
कन्या राशि
आज का दिन थोड़े चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अधूरे कामों को समय से पूरा करने का प्रयास करेंगे। बॉस के साथ मतभेद होने की संभावना है और पुराने निर्णय को लेकर पछतावा हो सकता है। दांत या स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के लिए डॉक्टर से परामर्श लाभकारी रहेगा। बिजनेस में पार्टनरशिप की डील फाइनल करने का अवसर मिलेगा।
तुला राशि
आज आलस्य को दूर करके आगे बढ़ना आवश्यक है। परोपकार के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। मनोकामना पूरी होने से खुशी का अनुभव होगा। किसी बात को लेकर पिताजी नाराज हो सकते हैं। विवाह संबंधी बाधाएं दूर हो सकती हैं। पुराने अनुभवों से सबक लें और कर्ज को समय पर चुकाने की पूरी कोशिश करें।
वृश्चिक राशि
आज का दिन नुकसान और सतर्कता का संकेत देता है। जीवनसाथी से बातचीत में सावधानी रखें। वाद-विवाद और समय पर काम न होने से नुकसान हो सकता है। रहन-सहन में सुधार की कोशिश करेंगे। मित्रों के साथ पार्टी या आयोजन की योजना बनेगी। वाहन चलाते समय सावधानी आवश्यक है।
धनु राशि
आज का दिन मध्यम रूप से फलदायक रहेगा। लेन-देन से जुड़ी समस्याएं हल होंगी। कार्यक्षेत्र में जूनियर्स की मदद लेनी पड़ सकती है। खोई हुई प्रिय वस्तु मिलने की संभावना है। प्रेम जीवन में साथी की बातों पर ध्यान दें और निवेश करते समय सतर्क रहें। मेहनत का फल निश्चित रूप से मिलेगा।
मकर राशि
आज बुद्धि और विवेक से निर्णय लेने का दिन है। खर्च और बचत दोनों पर ध्यान देना आवश्यक है। परोपकार के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। घर में मेहमान का आगमन हो सकता है। जीवनसाथी से चल रहे वाद-विवाद को सुलझाने का प्रयास सफल रहेगा। संतान आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी। विदेश से व्यापार करने वालों को खुशखबरी मिल सकती है।
कुंभ राशि
आज दिन की शुरुआत थोड़ी कमजोर रहेगी। काम में मुश्किलें आ सकती हैं, इसलिए बिना सोचे-समझे कोई कदम न उठाएं। आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने का समय है। बाहर जाने या यात्रा की योजना बन सकती है। कार्यक्षेत्र में धोखा मिलने की संभावना को नजरअंदाज न करें।
मीन राशि
आज का दिन सोच-समझकर काम करने का है। सेहत पर ध्यान दें और परिवार में पैतृक संपत्ति के वाद-विवाद सुलझ सकते हैं। परिवार के किसी सदस्य से किए वादे को समय पर पूरा करें। राजनीति में कार्यरत लोगों को बड़े नेताओं से मिलने का अवसर मिलेगा, जिससे आपकी छवि निखरेगी। घर में पूजा-पाठ का आयोजन भी होने की संभावना है।
बंधन की असली जंजीर: एक दिव्य बोध कथा!
गांव की सीमा जहाँ समाप्त होती थी, वहीं एक प्राचीन और रहस्यमयी कुआँ था। काई से ढकी उसकी दीवारें और उसका अथाह गहरा जल न जाने कितनी सदियों की कहानियाँ समेटे हुए था। इसी कुएँ के तट पर हर भोर एक तपस्वी संत पधारते थे।
(तपस्या का आडंबर:)
उन संत की ख्याति दूर-दूर तक थी। उनकी तपस्या का ढंग बड़ा ही विस्मयकारी था—वे अपने शरीर को भारी-भरकम लोहे की जंजीरों से जकड़ लेते और उस गहरे कुएँ के भीतर लटक जाते। घंटों बीत जाते, वे हवा में झूलते हुए आँखें मूंदकर बस एक ही नाम रटते— “कृष्ण… कृष्ण…”
गांव वाले किनारे पर खड़े होकर श्रद्धा से भर जाते। वे सोचते कि इतनी भारी जंजीरों का कष्ट सहकर जो व्यक्ति भगवान को पुकार रहा है, वह निश्चित ही सिद्ध पुरुष होगा। संत भी अक्सर गर्व से कहते, “जिस दिन ये जंजीरें टूटेंगी, समझ लेना उसी दिन गोविंद से मेरा मिलन होगा।” वे जंजीर को अपनी सुरक्षा और अपनी तपस्या का प्रमाणपत्र मानते थे।
एक दिन, गांव का एक सीधा-साधा व्यक्ति, जिसके पास न तो ज्ञान था और न ही कोई सिद्धि, चुपचाप खड़ा यह सब देख रहा था। उसके मन में एक भोली सी जिज्ञासा जागी— “क्या भगवान सिर्फ कष्ट सहने वालों को मिलते हैं? क्या मुझ जैसा साधारण व्यक्ति उन्हें नहीं देख सकता?”
उसके पास कोई लोहे की जंजीर नहीं थी। उसने पास पड़ी एक पुरानी और कमजोर सी रस्सी उठाई। उसके मन में कोई अहंकार नहीं था, बस एक तड़प थी। उसने उस कच्ची रस्सी को अपने पैरों से बांधा और कुएँ की गहराई में लटक गया।
उसने आँखें बंद कीं और डूबते हुए मन से पुकारा:
‘हे सांवरे! मुझे नहीं पता तपस्या क्या होती है। मेरे पास न जंजीरें हैं, न शक्ति। बस ये टूटी सी रस्सी है और मेरा अटूट भरोसा। मुझे थाम लो प्रभु!”
चमत्कार और दर्शन
तभी एक विस्मयकारी घटना घटी। उस व्यक्ति का भार पड़ते ही वह कच्ची रस्सी ‘तड़ाक’ से टूट गई। वह व्यक्ति मौत के मुंह में गिरने ही वाला था कि अचानक कुएँ के भीतर एक अलौकिक प्रकाश फैल गया।
इससे पहले कि वह ठंडे पानी को छू पाता, दो कोमल और शक्तिशाली भुजाओं ने उसे बीच हवा में ही थाम लिया। स्वयं भगवान श्रीकृष्ण मंद-मंद मुस्कान लिए उसे अपनी गोद में उठाए हुए थे।
वह व्यक्ति भावुक होकर प्रभु के चरणों से लिपट गया और सिसकते हुए पूछा— “प्रभु! मैं तो पापी हूँ, साधारण हूँ। वो महात्मा तो वर्षों से लोहे की जंजीरों में लटककर आपको पुकार रहे हैं, आप उनके पास क्यों नहीं गए?”
ईश्वर का उत्तर:
भगवान कृष्ण की मुस्कान और गहरी हो गई। उन्होंने बड़े प्रेम से कहा:
“पुत्र! वह संत मुझे पुकारते तो हैं, लेकिन उन्हें भरोसा मुझ पर नहीं, बल्कि उस मजबूत लोहे की जंजीर पर है। उन्हें लगता है कि जब तक जंजीर है, वे सुरक्षित हैं। उन्होंने जंजीर को अपनी रक्षा का आधार मान लिया है।”
“परंतु तुमने… तुमने एक कमजोर रस्सी चुनी। तुम जानते थे कि यह रस्सी तुम्हें नहीं बचा सकती। तुमने अपना पूरा जीवन, अपनी पूरी सुरक्षा मुझ पर छोड़ दी। जहाँ ‘भरोसा’ सौ प्रतिशत होता है, वहाँ मुझे दौड़े चले आना ही पड़ता है।”
हम भी अपने जीवन में कई बार अहंकार, धन, पद या दिखावे की जंजीरों से बंधे रहते हैं और सोचते हैं कि हम बहुत बड़े भक्त हैं। लेकिन सच तो यह है कि ईश्वर को पाने के लिए किसी ‘मजबूत साधन’ की नहीं, बल्कि ‘पूर्ण समर्पण’ की आवश्यकता होती है।
याद रखें: साधन चाहे कितना भी छोटा हो, अगर ‘विश्वास’ अटूट है, तो परमात्मा को प्रकट होना ही पड़ता है।
‘जहाँ समर्पण पूरा है, वहीं गोविंद का बसेरा है।”
जय श्री राधे कृष्णा

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Quote of the week

“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton