🙏🏻 बृहदारण्यक उपनिषद से प्रेरणादायक मंत्र 🙏🏻
असतो मा सद्गमय ।
तमसो मा ज्योतिर्गमय ।
मृत्योर्मा अमृतं गमय ॥
व्याख्या: इस पवित्र मंत्र में हम ईश्वर से विनती करते हैं कि वे हमें असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर तथा मृत्यु से अमरता की ओर ले जाएँ। यह मंत्र जीवन में सत्य की खोज, ज्ञान के उजाले और आध्यात्मिक मुक्ति की गहरी प्रेरणा देता है। एकादशी जैसे पावन दिन पर विष्णु सहस्रनाम के साथ इसका पाठ करने से मन में शांति, साहस और दिव्य ज्योति का संचार होता है।
🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🌤️ दिनांक – 29 मार्च 2026
🌤️ दिन – रविवार
🌤️ विक्रम संवत – 2083 (गुजरात अनुसार 2082)
🌤️ शक संवत – 1948
🌤️ अयन – उत्तरायण
🌤️ ऋतु – वसंत ऋतु
🌤️ मास – चैत्र
🌤️ पक्ष – शुक्ल
🌤️ तिथि – एकादशी सुबह 07:46 तक तत्पश्चात द्वादशी
🌤️ नक्षत्र – अश्लेशा दोपहर 02:38 तक तत्पश्चात मघा
🌤️ योग – धृति शाम 06:20 तक तत्पश्चात शूल
🌤️राहुकाल – शाम 05:20 से शाम 06:52 तक
🌤️ सूर्योदय – 06:35
🌤️ सूर्यास्त – 06:51
👉 दिशाशूल – पश्चिम दिशा में
🚩 व्रत पर्व विवरण – कामदा एकादशी
💥 विशेष – हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।
💥 आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता हैl
💥 एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।
💥 एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।
💥 जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।
🚩~सनातन पंचांग सनातन पंचांग सनातन पंचांग ~🚩
🌷 अंनग त्रयोदशी 🌷
🙏🏻 30 मार्च 2026 सोमवार को अंनग त्रयोदशी के दिन व्रत करने से दाम्पत्य – प्रेम में वृद्धि होती है तथा पति – पुत्रादि का अखंड सुख प्राप्त होता है।
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🙏🏻 कामदा एकादशी व्रत कथा 🙏🏻
भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर महाराज से कहा (या वसिष्ठजी ने राजा दिलीप से कहा) —
“हे राजन्! चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का नाम ‘कामदा एकादशी’ है। यह परम पुण्यमयी है। पापरूपी ईंधन के लिए यह दावानल है। इसका व्रत करने और कथा सुनने से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है, सभी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं, पाप नष्ट होते हैं और श्राप भी दूर हो जाते हैं।”
कथा इस प्रकार है —
प्राचीन काल में भोगीपुर (कुछ पुराणों में रत्नपुर या नागपुर) नामक एक समृद्ध नगर था। वहाँ पुण्डरीक नाम के राजा राज्य करते थे। उनके राज्य में अप्सराएँ, किन्नर और गन्धर्वों का वास था।
उसी नगर में ललित और ललिता नाम के गन्धर्व दंपति रहते थे। दोनों में अटूट प्रेम था। वे दोनों गान-विद्या में निपुण थे और एक-दूसरे के बिना क्षण भर भी नहीं रह पाते थे।
एक दिन राजा पुण्डरीक की सभा में सभी गन्धर्व गान कर रहे थे। ललित भी गा रहा था। गाते-गाते अचानक उसे अपनी प्रिय ललिता की याद आ गई। उसके स्वर में चूक हो गई और गान बिगड़ गया।
नागराज कर्कोटक ने यह देखा और राजा से शिकायत कर दी। राजा पुण्डरीक क्रोध में भर गए और बोले — “अरे अधम! मेरी सभा में गाते हुए भी तुझे अपनी पत्नी की याद आ रही है? जा, तू राक्षस योनि में जन्म ले और अपना कर्म भोग!”
राजा के श्राप से तुरंत ललित का रूप बदल गया। वह भयंकर राक्षस बन गया — उसका मुख विकराल, आँखें सूर्य-चंद्रमा की तरह जलती हुई, मुँह से अग्नि की लपटें निकलती हुईं, नाक पर्वत की गुफा जैसी और गर्दन पहाड़ जैसी। वह मांसाहारी राक्षस बनकर भटकने लगा।
ललिता को जब यह पता चला तो वह अत्यंत दुखी हुई। वह रोती-रोती ऋषि श्रृंगी के आश्रम पहुँची और अपने पति की दुर्दशा बताकर उद्धार का उपाय पूछा।
ऋषि श्रृंगी ने करुणा से कहा — “हे गन्धर्व कन्या! अब चैत्र शुक्ल एकादशी आने वाली है, जिसका नाम ‘कामदा एकादशी’ है। यह व्रत सभी कामनाओं को पूरा करने वाला और पापों का नाशक है। तू इस एकादशी का व्रत कर और उसके पुण्य का फल अपने पति को अर्पित कर दे। राजा का श्राप तुरंत शांत हो जाएगा और वह राक्षस योनि से मुक्त होकर दिव्य गन्धर्व रूप प्राप्त कर लेगा।”
ललिता ने ऋषि की आज्ञा मानकर विधिपूर्वक कामदा एकादशी का व्रत किया। द्वादशी के दिन ब्राह्मणों के समक्ष भगवान वासुदेव के सामने खड़े होकर प्रार्थना की —
“हे प्रभु! मैंने जो कामदा एकादशी का व्रत किया है, इसका सारा पुण्य मेरे पतिदेव ललित को प्राप्त हो। इससे उनका राक्षस-भाव दूर हो जाए।”
ललिता के इतना कहते ही आकाश से दिव्य प्रकाश छूटा। ललित का पाप नष्ट हो गया। वह तुरंत अपने दिव्य गन्धर्व रूप में वापस आ गया। दोनों पति-पत्नी ने एक-दूसरे को देखकर आनंद के आँसू बहाए।
राजा पुण्डरीक को भी जब यह ज्ञात हुआ तो उन्होंने ललित-ललिता को क्षमा कर दिया और उन्हें सम्मानित किया।
इस प्रकार कामदा एकादशी के व्रत और कथा के प्रभाव से ललित का श्राप मुक्त हुआ।
फल —
जो व्यक्ति श्रद्धा-भक्ति से कामदा एकादशी का व्रत करता है, कथा सुनता है और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करता है, उसके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं, मनोकामनाएँ पूरी होती हैं, पुत्र प्राप्ति होती है और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है।
आज चैत्र शुक्ल कामदा एकादशी है — इस पावन अवसर पर इस कथा को सुनकर और व्रत रखकर आप भी भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करें।
राम रामेति रामेति रामे रामे मनोरमे।
सहस्र नाम तत्तुल्यं राम नाम वरानने॥
हर हर महादेव! 🙏🏻
जय श्री विष्णु! 🙏🏻
🙏🏻🌷🌻🌹🍀🌺🌸🍁💐🌷🙏🏻
जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनायें बधाई ओर शुभ आशीर्वाद
आपका जन्मदिन: 29 मार्च
दिनांक 29 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 2 होगा। 2 और 9 आपस में मिलकर 11 होते हैं। 11 की संख्या आपस में मिलकर 2 होती है इस तरह आपका मूलांक 2 होगा। इस मूलांक को चंद्र ग्रह संचालित करता है। चंद्र ग्रह स्त्री ग्रह माना गया है। अत: आप अत्यंत कोमल स्वभाव के हैं। आपमें अभिमान तो जरा भी नहीं होता। चंद्र ग्रह मन का कारक होता है।
आप अत्यधिक भावुक होते हैं। आप स्वभाव से शंकालु भी होते हैं। दूसरों के दु:ख दर्द से आप परेशान हो जाना आपकी कमजोरी है। आप मानसिक रूप से तो स्वस्थ हैं लेकिन शारीरिक रूप से आप कमजोर हैं। चंद्र के समान आपके स्वभाव में भी उतार-चढ़ाव पाया जाता है। आप अगर जल्दबाजी को त्याग दें तो आप जीवन में बहुत सफल होते हैं।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 2, 11, 20, 29
शुभ अंक : 2, 11, 20, 29, 56, 65, 92
शुभ वर्ष : 2027, 2029, 2036
ईष्टदेव : भगवान शिव, बटुक भैरव
शुभ रंग : सफेद, हल्का नीला, सिल्वर ग्रे
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
सेहत: स्वास्थ्य की दृष्टि से संभल कर चलने का वक्त होगा। किसी नवीन कार्य योजनाओं की शुरुआत करने से पहले बड़ों की सलाह लें। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति ठीक-ठीक रहेगी।
परिवार: पारिवारिक विवाद आपसी मेलजोल से ही सुलझाएं। किसी की दखलअंदाजी ठीक नहीं रहेगी।
करियर: लेखन से संबंधित मामलों में सावधानी रखना होगी।
सलाह: बगैर देखे किसी कागजात पर हस्ताक्षर ना करें।
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन विपरीत परिस्थितियों वाला रहेगा दिन के आरंभ में ही परिवार अथवा आस-पड़ोसियों से कलह हो सकती है इसका प्रभाव भी दिन भर देखने को मिलेगा। कार्य व्यवसाय में उदासीनता दिखाने से होने वाले लाभ में कमी आएगी। लेकिन उधारी के व्यवहार भी आज कम होंगे। आज आपके स्वभाव में रूखापन रहने से स्नेहीजनों को तकलीफ होगी। परिवार अथवा अन्य से किये वादे पूरे नही कर सकेंगे जिसकारण सम्मान हानि हो सकती है। आय की अपेक्षा खर्च अधिक होगा।
प्रेरणा: कठिनाईयों में भी धैर्य और विश्वास रखें, क्योंकि भगवान शिव कहते हैं — “जो संकट में भी शांत रहता है, वही सच्चा विजेता है।” आज का संघर्ष कल की मजबूती बनेगा। हर हर महादेव! 🙏
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन आर्थिक दृष्टिकोण से लाभदायक रहेगा। घर के बुजुर्गों एवं कार्य व्यवसाय से अकस्मात लाभ होगा। लेकिन आज व्यर्थ के खर्च भी बढ़ेंगे। व्यापारी वर्ग को कुछ दिनों से अटके कार्य आज पूर्ण होने से तसल्ली मिलेगी। लेकिन परिवार में आज आर्थिक कारण अथवा किसी अन्य वजह से खींच-तान होने की संभावना है। धन की अपेक्षा संबंधों को अधिक महत्त्व दे अन्यथा वैर-विरोध का सामना करना पड़ेगा। मध्यान के बाद का समय पूरे दिन की अपेक्षा ज्यादा सुखदायी रहेगा। मौज-शौक पर खर्च होगा।
प्रेरणा: धन की चिंता छोड़कर प्रेम और विश्वास पर ध्यान दें। उपनिषद कहता है — “सत्य ही शाश्वत है।” आज संबंधों को मजबूत करें, सुख स्वयं आपके द्वार आएगा। जय श्री कृष्ण! 🙏
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन आपकी बनाई योजनाए आरम्भ में विफल होती प्रतीत होंगी लेकिन कुछ समय बाद स्वतः ही सभी काम बनते चले जायेंगे। आर्थिक कारणों से आज किसी की खुशामद भी करनी पड़ सकती है। व्यवसाय से धन लाभ संतोषजनक होगा लेकिन आवश्यक के समय ना होकर अकस्मात ही होगा। घर के बुजुर्ग आज आपकी किसी बुरी आदत से दुखी होंगे कुछ समय के लिए स्थिति को संभालना मुश्किल होगा। संध्या के समय घरेलू खर्च के साथ ही मौज शौक पर खर्च होगा।
प्रेरणा: विफलता क्षणिक है, प्रयास शाश्वत। “तमसो मा ज्योतिर्गमय” — अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ें। आज की छोटी चुनौतियाँ आपको बड़े सफलता की राह दिखाएंगी। हर हर महादेव! 🙏
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन आपकी मानसिकता बिना परिश्रम किया सुख भोगने वाली रहेगी यह कामना कुछ हद तक पूर्ण भी हो जाएगी परन्तु धन संबंधित योजनाओ को गति देने के लिए आज बौद्धिक एवं शारीरिक परिश्रम अधिक करना पड़ेगा। मध्यान तक किये परिश्रम का फल संध्या तक मिल जाएगा। जोड़-तोड़ कर धन कोष में वृद्धि होगी लेकिन अकस्मात खर्च आने से बचत नही हो पाएगी। पारिवारिक आवश्यकताओं की पूर्ति मजबूरी में करेंगे। बाहर घूमने का आयोजन होगा मनोरंजन पर खर्च बढेगा।
प्रेरणा: परिश्रम ही सच्चा सुख का द्वार है। भगवान विष्णु की कृपा से “जो मेहनत करता है, उसे फल अवश्य मिलता है।” आज मेहनत करें, कल का सुख आज ही शुरू हो जाएगा। ॐ नमो नारायणाय! 🙏
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन आपके लिए हानिकारक रहेगा। कार्य क्षेत्र पर किसी गलत निर्णय के कारण आर्थिक हानि की संभावना है जिसकी भरपाई में समय लगेगा। विरोधी कुछ समय शांत रहकर अगली चाल की योजना बनाएंगे सतर्क रहें। स्वभाव में आज व्यवहारिकता रखना अत्यंत आवश्यक है। सामजिक एवं धार्मिक कार्यो में अरुचि रहने पर भी बेमन से सम्मिलित होने पड़ेगा। कार्य क्षेत्र पर आज सहकर्मी अथवा नौकरो की गतिविधि पर भी नजर रखें। संध्या के समय थोड़ा मनचाहा वातावरण मिलने से मानसिक दुविधा कम होगी।
प्रेरणा: हानि क्षणिक है, सबक शाश्वत। “असतो मा सद्गमय” — असत्य से सत्य की ओर चलें। आज सतर्कता और धैर्य रखें, भगवान शिव की कृपा से विजय अवश्य मिलेगी। हर हर महादेव! 🙏
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज के दिन आप एक साथ कई क्षेत्रों से लाभ कमा सकते है परंतु आज आलसी प्रकृति भी रहने के कारण कुछ ना कुछ आशा के विपरीत अवश्य होगा। व्यवसायी वर्ग बेहिचक निवेश करें निकट भविष्य के लिए लाभदायी रहेगा। धन लाभ आवश्यकता के समय होने से ज्यादा झंझट में नही पड़ना पड़ेगा। आज आप अपनी व्यवहार कुशलता का परिचय हर क्षेत्र पर देंगे लेकिन परिवार में किसी से रूठना मनाना लगा रहेगा फिर भी माहौल नियंत्रण में ही रहेगा। विशेष कर आज व्यसनों से दूर रहें धन के साथ ही मान एवं शारीरिक हानि हो सकती है।
प्रेरणा: आलस्य छोड़कर कर्मयोग अपनाएं। गीता का संदेश — “कर्मण्येवाधिकारस्ते”। आज मेहनत और संयम रखें, सफलता आपके कदम चूमेगी। जय श्री राम! 🙏
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन आपके लिए शुभ रहेगा लेकिन आज आर्थिक रूप से दिन निराशाजनक ही रहने वाला है। प्रातः काल से किसी कार्य को पूर्ण करने की जल्दी रहेगी। जल्दबाजी के कारण कार्य सफाई से नही कर पाएंगे। धन लाभ में भी विलम्ब होगा जिससे पूर्व में विचारे कार्य अधर में लटक सकते है। घरेलू वातावरण आपकी आलसी अथवा टालमटोल वाली वृति से अस्त-व्यस्त रहेगा फिर भी आज कोई भी आपके सामने शिकायत या आपकी आलोचना नही करेगा। प्रेम-प्रसंगों में अधिक भावुकता मन को दुखी करेगी।
प्रेरणा: धैर्य ही सबसे बड़ा बल है। “शांतिमय जीवन ही सच्चा धन है।” आज धैर्य रखें, भगवान विष्णु की कृपा से सब कुछ समय पर समाधान हो जाएगा। ॐ नमः शिवाय! 🙏
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन आप आराम से बिताएंगे कुछ दिनों से चल रही उलझने आज थोड़ी शांत होंगी। धार्मिक कार्यो में रुचि रहने से मानसिक शांति मिलेगी। व्यवसायी वर्ग काम को लेकर कुछ दुविधा में रहेंगे फिर भी आवश्यकता अनुसार धन की आमद हो ही जाएगी। आज आप घरेलू कार्यो में टालमटोल करेंगे जिससे परिजन नाराज हो सकते है। मनोरंजन के साथ ही आराम के क्षण भी मिलेंगे। दाम्पत्य जीवन मे सुधार आएगा। अकस्मात यात्रा के प्रसंग बन सकते है। आज सेहत का ध्यान रखें।
प्रेरणा: शांति ही सबसे बड़ा आशीर्वाद है। “तमसो मा ज्योतिर्गमय” — आज धार्मिक कार्य से मन को प्रकाशित करें, सब कुछ सुधर जाएगा। हर हर महादेव! 🙏
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन प्रतिकूल फलदायी रहेगा। दिन के आरंभ में किसी से बंधी आशा टूटने से मन दुखी होगा। आर्थिक कारणों से मध्यान तक का समय संघर्ष वाला रहेगा इसके बाद कही से आकस्मिक धन लाभ होने से थोड़ी राहत मिलेगी। आज यात्रा पर्यटन की योजना भी बनेगी परन्तु वाहन से चोट अथवा अन्य आकस्मिक दुर्घटना का भय है सावधान रहें। कार्य क्षेत्र पर प्रतिस्पर्धा अधिक रहने से लाभ में कमी आएगी। परिजन किसी कार्य से आपके ऊपर आश्रित रहेंगे जिसमे उन्हें निराश ही होना पड़ेगा।
प्रेरणा: आशा कभी न छोड़ें। “मृत्योर्मा अमृतं गमय” — मृत्यु (दुख) से अमरता (सुख) की ओर बढ़ें। आज सावधानी और विश्वास रखें, भगवान शिव की कृपा से राहत अवश्य मिलेगी। ॐ नमः शिवाय! 🙏
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन आपको प्रत्येक क्षेत्र में विजय दिलाएगा। आज जिस भी काम मे निवेश करेंगे उसमे दुगना धन मिलने की संभावना रहेगी लेकिन धन की आमद में थोड़ा विलम्ब हो सकता है। व्यवसाय के अतिरिक्त भी आय होने की संभावना है। नौकरी पेशा जातक आज आराम के मूड में रहेंगे लेकिन घरेलू काम बढ़ने से असहजता होगी। पारिवारिक वातावरण में थोड़ा विरोधाभास रहेगा परन्तु महत्त्वपूर्ण विषयो में सभी एकजुट हो जाएंगे। सेहत में सुधार आएगा।
प्रेरणा: विजय आपके कर्मों का फल है। “कर्मण्येवाधिकारस्ते” — पूरे मन से कार्य करें, सफलता निश्चित है। आज का दिन आपके जीवन की नई शुरुआत बने। जय भोलेनाथ! 🙏
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन धन-धान्य वृद्धि कारक रहेगा। घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति पर खर्च होगा। सुख-सुविधा भी बढ़ेगी। कार्य व्यवसाय में मध्यान तक दिन भर का कोटा पूरा कर लेंगे इसके बाद भी लाभ होता रहेगा किन्तु कुछ कमी आएगी। घर अथवा व्यावसायिक स्थल को नया रूप देने के लिये तोड़-फोड़ करा सकते है। नये कार्यानुबन्ध हाथ मे लेना आज शुभ रहेगा। नौकरी पेशा जातक भी कार्य क्षेत्र बदलने का मन बनाएंगे। कही से रुका धन मिलने से प्रसन्नता होगी। घर मे मामूली बहस के बाद भी स्थिति सुखदायी रहेगी।
प्रेरणा: नया रूप पुरानी सफलता लाता है। “असतो मा सद्गमय” — बदलाव को सत्य मानें। आज नया आरंभ करें, भगवान की कृपा से समृद्धि बढ़ेगी। हर हर महादेव! 🙏
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज आपकी बौद्धिक क्षमता में विकास होगा भले बुरे को परख कर ही कोई भी कार्य करेंगे फिर भी स्वभाव अनुसार छोटी बातों पर अकड़ दिखाना नही जाएगा जिससे कुछ ना कुछ व्यवधान आ सकता है। व्यवसाय में आपके लिके निर्णय लाभदायक सिद्ध होंगे आर्थिक दृष्टिकोण से भी अन्य दिनों की अपेक्षा आज का दिन बेहतर रहेगा। विरोधी आपके आगे नही टिकेंगे लेकिन पीठ पीछे कुछ ना कुछ तिकड़म अवश्य लगाएंगे। हित शत्रुओ से सावधान रहें। पारिवारिक सदस्यों को समय देना पड़ेगा खर्च भी होगा।
प्रेरणा: बुद्धि और विवेक ही सबसे बड़ा हथियार है। “तमसो मा ज्योतिर्गमय” — ज्ञान के प्रकाश में आगे बढ़ें। आज विवेक से कार्य करें, विजय और शांति दोनों मिलेंगे। ॐ नमो नारायणाय! 🙏

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