Sanatan Panchang 28022026 Rashifal Samadhan

सनातन पंचांग
🌞दिनांक – 28 फरवरी 2026
⛅दिन – शनिवार
⛅विक्रम संवत् – 2082
⛅अयन – उत्तरायण
⛅ऋतु – वसंत
⛅मास – फाल्गुन
⛅पक्ष – शुक्ल
⛅तिथि – द्वादशी रात्रि 08:43 तक तत्पश्चात् त्रयोदशी
⛅नक्षत्र – पुनर्वसु सुबह 09:35 तक तत्पश्चात् पुष्य
⛅योग – सौभाग्य शाम 05:02 तक तत्पश्चात् शोभन
⛅राहुकाल – सुबह 09:45 से सुबह 11:12 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅सूर्योदय – 06:50
⛅सूर्यास्त – 06:29 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में
⛅ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 05:11 से प्रातः 06:00 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:16 से दोपहर 01:03 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:14 मार्च 01 से रात्रि 01:04 मार्च 01 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
🌥️व्रत पर्व विवरण – नृसिंह द्वादशी, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, त्रिपुष्कर योग (प्रातः 06:50 से सुबह 09:35 तक)
🌥️विशेष – द्वादशी को पूतिका (पोई) खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)

🔹शारीरिक-मानसिक आरोग्य हेतु संजीवनी बूटी : पैदल भ्रमण🔹

कैसा भ्रमण है लाभदायी ?

🔸पैदल भ्रमण करते समय शरीर सीधा व वस्त्र कम रहें। दोनों हाथ हिलाते हुए और नाक से गहरे गहरे श्वास लेते हुए भ्रमण करना चाहिए। गहरे श्वास लेने से प्राणायाम का भी लाभ मिलता है।

🔸यह शारीरिक के साथ मानसिक स्वास्थ्य में भी लाभदायी है। इससे काम, क्रोध, ईर्ष्या आदि मनोदोषों का शमन होता है और एकाग्रता विकसित होती है।

🔸ओस की बूँदों से युक्त हरी घास पर टहलना अधिक हितकारी है। यह नेत्रों के लिए विशेष लाभकारी है। वर्षा के दिनों में भीगी घास पर भी टहल सकते हैं।

🔸भ्रमण सामान्य रूप से शारीरिक क्षमता के अनुसार मध्यम गति से ही करें। सुश्रुत संहिता (चिकित्सा स्थान : 24.80) में आता है —
यत्तु चङ्क्रमणं नातिदेहपीडाकरं भवेत्।
तदायुर्बलमेधाग्निप्रदमिन्द्रियबोधनम्॥

जो भ्रमण शरीर को अत्यधिक कष्ट नहीं देता वह आयु, बल एवं मेधा प्रदान करने वाला होता है, जठराग्नि को बढ़ाता है और इन्द्रियों की शक्ति को जागृत करता है।

🔹भ्रमण है अनेक रोगों में लाभकारी🔹

🔸स्नायु दौर्बल्य, मानसिक रोग, अनिद्रा, स्वप्नदोष, सर्दी, खाँसी, सिरदर्द, कब्ज, दुबलापन और कमजोरी आदि में टहलना लाभकारी है।

🔸इन रोगों में प्रातः भ्रमण का लाभ बताते हुए डॉ. कार्नेलिया ई. फिलिप्स, डी.ओ. कहते हैं —
“मैं यह बात अपने 30 वर्षों के अनुभव से कह रहा हूँ, जिसमें मैंने अनेक रोगियों को पूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करते देखा है। खोये हुए स्वास्थ्य को पुनः पाने का यह प्राकृतिक तरीका अत्यंत प्रभावशाली है।”

🔸भ्रमण से मोटापा कम होता है, भूख खुलकर लगती है तथा पुराने कब्ज व अपच में लाभ मिलता है। यह युवकों में काम-वासना को नियंत्रित करने में भी सहायक है।

🔹आधुनिक अनुसंधानों के परिणाम🔹

🔸पैदल चलने से संधिवात (arthritis) संबंधी दर्द कम होता है। हर सप्ताह 5-6 मील (8-10 किमी) पैदल चलने से संधिवात होने की संभावना भी कम हो सकती है।

🔸डॉ. जे. बी. स्कॉट के अनुसार मध्यम गति से नियमित भ्रमण करने से कोरोनरी हृदयरोगों का जोखिम कम होता है और इसे आदर्श व्यायाम माना गया है।

🔸पैदल चलने से व्यक्ति की रचनात्मकता में औसतन 60 प्रतिशत तक वृद्धि देखी गई है।

🔸भ्रमण उच्च रक्तचाप (hypertension) व टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को कम करता है।

🔹ध्यान रखें🔹

🔸घास न हो तो नंगे पैर भ्रमण न करें। नंगे पैर चलना रोगकारक, नेत्रज्योति व आयु के लिए हानिकारक माना गया है। भ्रमण प्रदूषणरहित स्थान पर करें। यदि यह संभव न हो तो घर की छत पर तुलसी, मोगरा, गुलाब आदि पौधों के आसपास सुबह-शाम पैदल चल सकते हैं।
🚩 ~ सनातन पंचाग ~ 🚩

बिना तोड़-फोड़ किए मेन गेट का वास्तु दोष कैसे ठीक करें –

घर की तरक्की दरवाज़े से शुरू होती है — पहले इसे ठीक करें, फिर चमत्कार देखें।

घर का मुख्य द्वार ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना जाता है।

कई बार दिशा अनुकूल न होने पर भी छोटे-छोटे उपाय करके वातावरण को संतुलित किया जा सकता है।

नीचे दिशा अनुसार सरल उपाय दिए जा रहे हैं जिन्हें आसानी से अपनाया जा सकता है।

  1. पूर्व मुखी मेन गेट

यदि आपका मुख्य द्वार पूर्व दिशा में है लेकिन घर में रुकावटें, काम में देरी या सम्मान की कमी महसूस होती है, तो
दरवाज़े के ऊपर तांबे का सूर्य लगाएँ।

हर सुबह द्वार के पास जल छिड़ककर साफ रखें।

हल्का पीला या क्रीम रंग शुभ माना जाता है।

।। फल ।।

सूर्य ऊर्जा बढ़ती है, आत्मविश्वास, मान-सम्मान और सरकारी कार्यों में सहयोग मिलता है।

  1. पश्चिम दिशा का मेन गेट

पश्चिम द्वार होने पर मेहनत ज्यादा और परिणाम कम मिलते हैं।

दरवाज़े पर लोहे की घोड़े की नाल लगाएँ (खुला भाग ऊपर की ओर रहे)।

शाम को पीली रोशनी जलाकर रखें।

द्वार के सामने भारी कबाड़ न रखें।

।। फल ।।

रुकी हुई प्रगति धीरे-धीरे चलने लगती है और अवसर स्थिर होने लगते हैं।

  1. दक्षिण दिशा का मेन गेट

दक्षिण मुखी द्वार को लेकर लोग अक्सर चिंतित रहते हैं, पर सही संतुलन से यह भी शुभ हो सकता है।

प्रवेश के पास हरे पौधे रखें।

दरवाज़े पर लाल या मरून रंग का छोटा शुभ चिन्ह बनाएं।

घर के अंदर प्रवेश करते ही साफ व उजला स्थान रखें।

।। फल ।।

नकारात्मकता कम होती है, विवाद घटते हैं और घर में स्थिरता आती है।

  1. उत्तर दिशा का मेन गेट

उत्तर दिशा धन और अवसर की दिशा मानी जाती है, लेकिन गलत संतुलन से धन टिकता नहीं।

स्वास्तिक या त्रिशूल का चिन्ह द्वार पर बनाएं।

हरा पौधा या तुलसी पास में रखें।

द्वार हमेशा साफ और खुला-खुला रखें।

।। फल ।।

आर्थिक स्थिरता, नए अवसर और व्यापार में वृद्धि के संकेत मिलते हैं।

।। ध्यान रखने योग्य सामान्य नियम ।।

1.मुख्य द्वार टूटा, टेढ़ा या आवाज़ करने वाला न हो

2.दरवाज़े के सामने कूड़ा, जूते या बाधा न रखें

3.रोज कम से कम एक बार जल या गंगाजल छिड़कें

4.प्रवेश स्थान पर प्रकाश अवश्य रखें।

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नंद बाबा चुपचाप रथ पर कान्हा के वस्त्राभूषणों की गठरी रख रहे थे। दूर ओसारे में मूर्ति की तरह शीश झुका कर खड़ी यशोदा को देख कर कहा- दुखी क्यों हो यशोदा, दूसरे की बस्तु पर अपना क्या अधिकार?
यशोदा ने शीश उठा कर देखा नंद बाबा की ओर, उनकी आंखों में जल भर आया था। नंद निकट चले आये। यशोदा ने भारी स्वर से कहा- तो क्या कान्हा पर हमारा कोई अधिकार नहीं? ग्यारह वर्षों तक हम असत्य से ही लिपट कर जीते रहे?

नंद ने कहा- अधिकार क्यों नहीं, कन्हैया कहीं भी रहे, पर रहेगा तो हमारा ही लल्ला न! पर उसपर हमसे ज्यादा देवकी वसुदेव का अधिकार है, और उन्हें अभी कन्हैया की आवश्यकता भी है।

यशोदा ने फिर कहा- तो क्या मेरे ममत्व का कोई मोल नहीं?
नंद बाबा ने थके हुए स्वर में कहा- ममत्व का तो सचमुच कोई मोल नहीं होता यशोदा। पर देखो तो, कान्हा ने इन ग्यारह वर्षों में हमें क्या नहीं दिया है। उम्र के उत्तरार्ध में जब हमने संतान की आशा छोड़ दी थी, तब वह हमारे आंगन में आया। तुम्हें नहीं लगता कि इन ग्यारह वर्षों में हमने जैसा सुखी जीवन जिया है, वैसा कभी नहीं जी सके थे। दूसरे की वस्तु से और कितनी आशा करती हो यशोदा, एक न एक दिन तो वह अपनी बस्तु मांगेगा ही न! कान्हा को जाने दो यशोदा।

यशोदा से अब खड़ा नहीं हुआ जा रहा था, वे वहीं धरती पर बैठ गयी, कहा- आप मुझसे क्या त्यागने के लिए कह रहे हैं, यह आप नहीं समझ रहे।
नंद बाबा की आंखे भी भीग गयी थीं। उन्होंने हारे हुए स्वर में कहा- तुम देवकी को क्या दे रही हो यह मुझसे अधिक कौन समझ सकता है यशोदा! आने वाले असंख्य युगों में किसी के पास तुम्हारे जैसा दूसरा उदाहरण नहीं होगा। यह जगत सदैव तुम्हारे त्याग के आगे नतमस्तक रहेगा।

यशोदा आँचल से मुह ढांप कर घर मे जानें लगीं तो नंद बाबा ने कहा- अब कन्हैया तो भेज दो यशोदा, देर हो रही है।
यशोदा ने आँचल को मुह पर और तेजी से दबा लिया, और अस्पस्ट स्वर में कहा- एक बार उसे खिला तो लेने दीजिये, अब तो जा रहा है। कौन जाने फिर…
नंद चुप हो गए।

यशोदा माखन की पूरी मटकी ले कर ही बैठी थीं, और भावावेश में कन्हैया की ओर एकटक देखते हुए उसी से निकाल निकाल कर खिला रही थी। कन्हैया ने कहा- एक बात पूछूं मइया?
यशोदा ने जैसे आवेश में ही कहा- पूछो लल्ला।

तुम तो रोज मुझे माखन खाने पर डांटती थी मइया, फिर आज अपने ही हाथों क्यों खिला रही हो?

यशोदा ने उत्तर देना चाहा पर मुह से स्वर न फुट सके। वह चुपचाप खिलाती रही। कान्हा ने पूछा- क्या सोच रही हो मइया?
यशोदा ने अपने अश्रुओं को रोक कर कहा- सोच रही हूँ कि तुम चले जाओगे तो मेरी गैया कौन चरायेगा।

कान्हा ने कहा- तनिक मेरी सोचो मइया, वहां मुझे इस तरह माखन कौन खिलायेगा? मुझसे तो माखन छिन ही जाएगा मइया।
यशोदा ने कान्हा को चूम कर कहा- नहीं लल्ला, वहां तुम्हे देवकी रोज माखन खिलाएगी।

कन्हैया ने फिर कहा- पर तुम्हारी तरह प्रेम कौन करेगा मइया?
अबकी यशोदा कृष्ण को स्वयं से लिपटा कर फफक पड़ी। मन ही मन कहा- यशोदा की तरह प्रेम तो सचमुच कोई नहीं कर सकेगा लल्ला, पर शायद इस प्रेम की आयु इतनी ही थी।

कृष्ण को रथ पर बैठा कर अक्रूर के संग नंद बाबा चले तो यशोदा ने कहा- तनिक सुनिए न, आपसे देवकी तो मिलेगी न? उससे कह दीजियेगा, लल्ला तनिक नटखट है पर कभी मारेगी नहीं।

नंद बाबा ने मुह घुमा लिया। यशोदा ने फिर कहा- कहियेगा कि मैंने लल्ला को कभी दूभ से भी नहीं छुआ, हमेशा हृदय से ही लगा कर रखा है।
नंद बाबा ने रथ को हांक दिया। यशोदा ने पीछे से कहा- कह दीजियेगा कि लल्ला को माखन प्रिय है, उसको ताजा माखन खिलाती रहेगी। बासी माखन में कीड़े पड़ जाते हैं।

नंद बाबा की आंखे फिर भर रही थीं, उन्होंने घोड़े को तेज किया। यशोदा ने तनिक तेज स्वर में फिर कहा- कहियेगा कि बड़े कौर उसके गले मे अटक जाते हैं, उसे छोटे छोटे कौर ही खिलाएगी।

नंद बाबा ने घोड़े को जोर से हांक लगाई, रथ धूल उड़ाते हुए बढ़ चला।
यशोदा वहीं जमीन पर बैठ गयी और फफक कर कहा- कृष्ण से भी कहियेगा कि मुझे स्मरण रखेगा।

उधर रथ में बैठे कृष्ण ने मन ही मन कहा- तुम्हें यह जगत सदैव स्मरण रखेगा मइया- “तुम्हारे बाद मेरे जीवन मे जीवन बचता कहाँ है” ?
लीलायें तो ब्रज में ही छूट जायेंगी…
जय श्री राधे🙏

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जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष 🌹
दिनांक 28 को जन्मे व्यक्ति राजसी प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। 2 और 8 आपस में मिलकर 10 होते हैं। इस तरह आपका मूलांक 1 होगा। आपको अपने ऊपर किसी का शासन पसंद नहीं है। आप साहसी और जिज्ञासु हैं। आपका मूलांक सूर्य ग्रह के द्वारा संचालित होता है। आप अत्यंत महत्वाकांक्षी हैं।

आप आशावादी होने के कारण हर स्थिति का सामना करने में सक्षम होते हैं। आप सौन्दर्यप्रेमी हैं। आपमें सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला आपका आत्मविश्वास है। इसकी वजह से आप सहज ही महफिलों में छा जाते हैं। आपकी मानसिक शक्ति प्रबल है। आपको समझ पाना बेहद मुश्किल है।

आपके लिए खास

शुभ दिनांक : 1, 10, 20, 28

शुभ अंक : 1, 10, 20, 28, 37, 46, 55, 64, 73, 82

शुभ वर्ष : 2026, 2044, 2053, 2062

ईष्टदेव : सूर्य उपासना तथा मां गायत्री

शुभ रंग : लाल, केसरिया, क्रीम,

आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: नौकरीपेशा के लिए समय उत्तम हैं। पदोन्नति के योग हैं। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद रहेगा। अधूरे कार्यों में सफलता मिलेगी। बेरोजगारों के लिए भी खुशखबर है इस वर्ष आपकी मनोकामना पूरी होगी।

परिवार: पारिवारिक मामलों में महत्वपूर्ण कार्य होंगे। अविवाहितों के लिए सुखद स्थिति बन रही है। विवाह के योग बनेंगे।

सेहत: स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा।

🌹आज का राशिफल 🌹

मेष (Aries)
आज का दिन आपकी आंतरिक चेतना और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत श्रेष्ठ है। गूढ़ विषयों और रहस्यमय विद्याओं के प्रति आपका विशेष आकर्षण बना रहेगा, जो आपको नई सिद्धियों की ओर अग्रसर करेगा। वाणी पर पूर्ण नियंत्रण रखें, क्योंकि आवेश में कही गई बातें आपके रिश्तों में कड़वाहट घोल सकती हैं। आज किसी भी नए व्यावसायिक कार्य की शुरुआत न करें और यदि संभव हो, तो लंबी यात्राओं को फिलहाल टाल दें। धैर्य और मौन ही आज आपकी सबसे बड़ी शक्ति सिद्ध होंगे।

वृषभ (Taurus)
आज आपका पारिवारिक जीवन खुशहाली और आनंद की नई ऊँचाइयों को छुएगा। परिजनों और स्नेहीजनों के साथ स्वादिष्ट भोजन और आत्मीय पलों का आनंद लेने का अवसर प्राप्त होगा। निकट भविष्य में किसी छोटे पर्यटन स्थल की यात्रा आपके मन को तरोताजा कर देगी। विदेश में रह रहे प्रियजनों से मिलने वाली कोई शुभ सूचना आपके उत्साह को दोगुना कर देगी। आकस्मिक धन लाभ के योग बने हुए हैं, जो आर्थिक चिंताओं को समाप्त कर देंगे। अपनी खुशियों को अपनों के साथ साझा करना आज आपकी ऊर्जा को और बढ़ाएगा।

मिथुन (Gemini)
आज का दिन आपके लिए सर्वत्र विजय और सफलता लेकर आया है। घर में शांति और आनंद का वातावरण बना रहेगा, जिससे मन अत्यंत प्रफुल्लित रहेगा। आपके वर्षों से रुके हुए कार्य आज सफलतापूर्वक संपन्न होंगे। आपकी यश और कीर्ति में चहुंओर वृद्धि होगी, जिससे सामाजिक दायरा और अधिक विस्तारित होगा। यद्यपि खर्चों की अधिकता रह सकती है, किंतु वे व्यर्थ नहीं जाएंगे। स्वभाव में क्रोध की अधिकता से बचें और वाणी में मधुरता बनाए रखें, अन्यथा दूसरों से मनमुटाव हो सकता है।

कर्क (Cancer)
आज का दिन थोड़ा संयमित रहने का है; शारीरिक और मानसिक शिथिलता के कारण आप स्वयं को थोड़ा अस्वस्थ अनुभव कर सकते हैं। पेट संबंधी विकारों के प्रति सचेत रहें और अपने खान-पान में सात्विकता बनाए रखें। आकस्मिक धन व्यय होने की संभावना है, अतः अनावश्यक खरीदारी से बचें। किसी भी प्रकार के वाद-विवाद से खुद को दूर रखना ही आपके हित में होगा। आज नए कार्यों की शुरुआत करने के बजाय वर्तमान कार्यों को व्यवस्थित करने पर अधिक ध्यान दें। शांत मन से समय बिताएं, सब ठीक हो जाएगा।

सिंह (Leo)
आज आप शारीरिक रूप से थोड़ा आलस और मानसिक रूप से बेचैनी अनुभव कर सकते हैं, जो आपकी कार्यक्षमता को प्रभावित करेगा। घर के सदस्यों के साथ किसी छोटी गलतफहमी के कारण मन उदास हो सकता है, अतः प्रतिक्रिया देने में जल्दबाजी न करें। माता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और उनके साथ समय व्यतीत करें। कानूनी और संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों को सावधानी से जांचें और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें। धैर्य के साथ आज का दिन निकालें, आने वाला समय आपके लिए बेहतर अवसर लेकर आएगा।

कन्या (Virgo)
आज हर कार्य को सावधानी और विवेक के साथ करना ही सफलता की कुंजी है। भाई-बहनों के साथ आपके संबंध और अधिक प्रेमपूर्ण व सहयोगी बनेंगे, जिससे आप किसी बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल रहेंगे। मित्रों और स्वजनों से आज आपको भरपूर स्नेह और सहयोग प्राप्त होगा। कार्यक्षेत्र में हर कदम पर आपको सफलता मिलने के प्रबल संकेत हैं, जिससे आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी। समाज में आपकी प्रतिष्ठा और मान-सम्मान में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। अपने लक्ष्यों के प्रति दृढ़ रहें, विजय निश्चित है।

तुला (Libra)
आज का दिन मिश्रित फलदायी है; आपका आत्मविश्वास थोड़ा कमजोर रह सकता है, इसलिए कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय आज न लें। नया कार्य शुरू करने के लिए समय अनुकूल है, बस अपनी कार्ययोजना को स्पष्ट रखें। परिजनों के साथ वाद-विवाद से बचें और समाधानकारी दृष्टिकोण अपनाएं। अपनी हठधर्मिता को त्यागकर दूसरों के विचारों का सम्मान करना आज आपके लिए लाभकारी होगा। किसी भी बड़े कदम से पहले बड़ों की सलाह अवश्य लें, इससे आपको सही दिशा मिलेगी।

वृश्चिक (Scorpio)
आज का दिन आपके लिए अत्यंत शुभ है; आप शारीरिक और मानसिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ और ऊर्जावान रहेंगे। परिवार के साथ व्यतीत किया गया समय आपके रिश्तों में नई आत्मीयता और प्रेम भर देगा। निकटवर्ती मित्रों से भेंट या उपहार प्राप्त होने से मन में प्रसन्नता बढ़ेगी। शुभ समाचारों की प्राप्ति के साथ-साथ किसी सुखद यात्रा के योग भी बन रहे हैं। ध्यान रहे, व्यर्थ के कार्यों में अपनी ऊर्जा नष्ट न करें, वरना मानसिक शांति भंग हो सकती है। आज का हर पल आपके लिए सफलता का द्वार खोलेगा।

धनु (Sagittarius)
आज का दिन मध्यम फलदायी है; परिवार में किसी बात को लेकर मतभेद उत्पन्न हो सकते हैं। अपनी वाणी पर संयम रखना और नकारात्मक विचारों को खुद से कोसों दूर रखना आज आपके लिए अनिवार्य है। धन का व्यय थोड़ा अधिक हो सकता है, इसलिए सोच-समझकर ही खर्च करें। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सावधानीपूर्वक कदम बढ़ाएं और किसी की भी बातों में आकर निर्णय न लें। अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें और पर्याप्त विश्राम करें। धैर्य ही आज आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।

मकर (Capricorn)
आज का दिन आपके लिए सामाजिक और व्यावसायिक दृष्टि से अत्यंत लाभदायक है। मित्रों और संबंधियों से होने वाली भेंट आपके कार्यक्षेत्र में लाभ के नए रास्ते खोलेगी। स्त्रियों और पुत्रों का सहयोग आपके जीवन में नई खुशियां लाएगा। किसी भी वस्तु या संपत्ति की खरीदारी के लिए आज का दिन अत्यंत शुभ है; शेयर और सट्टे में निवेश करना आज लाभप्रद रहेगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी चिंता हो सकती है, अतः उनकी देखभाल में कोई कमी न रखें। अपनी वाणी में संयम बनाए रखें।

कुंभ (Aquarius)
आज का दिन आपके लिए पूरी तरह अनुकूल है; हर कार्य सरलता और सहजता के साथ संपन्न होगा, जिससे आपका मन प्रसन्न रहेगा। कार्यक्षेत्र और व्यवसाय में परिस्थितियाँ आपके पक्ष में रहेंगी और आपको बड़ी सफलता मिल सकती है। उच्च पदाधिकारियों और घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद आपको नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। आप स्वयं को मानसिक रूप से तनावमुक्त महसूस करेंगे और गृहस्थ जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और लोग आपके कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करेंगे।

मीन (Pisces)
दिन के आरंभ में मन में थोड़ी व्याकुलता और बेचैनी रह सकती है, जिसके कारण आप स्वयं को असंतुलित महसूस कर सकते हैं। शारीरिक थकान के कारण कार्यों में विलंब होने की संभावना है, अतः कार्यभार को व्यवस्थित करें। अधिकारियों के साथ काम करते समय पूर्ण सतर्कता बरतें और विवादों से दूर रहें। संतान के भविष्य को लेकर मन में कुछ शंकाएं हो सकती हैं, जिन्हें आप संवाद से सुलझाएं। फालतू खर्चों पर लगाम लगाएं और प्रतिस्पर्धा के दौर में अपनी कार्यक्षमता पर भरोसा रखें। समय के साथ स्थितियां पुनः अनुकूल हो जाएंगी।

Quote of the week

“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton