Vaidik Panchang 18012026 Rashifal Samadhan

🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🚩 *~ वैदिक पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 18 जनवरी 2026*
🌤️ *दिन – रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2082*
🌤️ *शक संवत – 1947*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – शिशिर ऋतु*
🌤️ *मास – माघ (गुजरात- महाराष्ट्र पौष)*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – अमावस्या 19 जनवरी रात्रि 01:21 तक तत्पश्चात प्रतिपदा*
🌤️ *नक्षत्र – पूर्वाषाढा सुबह 10:14 तक उत्तराषाढा*
🌤️ *योग – हर्षण रात्रि 09:11 तक तत्पश्चात वज्र*
🌤️ *राहुकाल – शाम 04:57 से शाम 06:20 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 07:19*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:18*
👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – दर्श अमावस्या, माघ अमावस्या, मौनी अमावस्या*
💥 *विशेष – अमावस्या एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
             🚩~*वैदिक पंचांग* ~🚩
🌷 *गुप्त नवरात्रि* 🌷
👉 *माघ मास, शुक्ल पक्ष की प्रथम नौ तिथियाँ गुप्त नवरात्रियाँ है जिसकी शुरुआत 19 जनवरी 2026 सोमवार से होने जा रही हैl*
🙏 *एक वर्ष में कुल चार नवरात्रियाँ आती हैं, जिनमें से सामान्यतः दो नवरात्रियों के बारे में आपको पता है, पर शेष दो गुप्त नवरात्रियाँ हैं l*
🌷 *शत्रु को मित्र बनाने के लिए* 🌷
🙏 *नवरात्रि में शुभ संकल्पों को पोषित करने, रक्षित करने, मनोवांछित सिद्धियाँ प्राप्त करने के लिए और शत्रुओं को मित्र बनाने वाले मंत्र की सिद्धि का योग होता है।*
🙏 *नवरात्रि में स्नानादि से निवृत्त हो तिलक लगाके एवं दीपक जलाकर यदि कोई बीज मंत्र ‘हूं’ (Hum) अथवा ‘अं रां अं’ (Am Raam Am) मंत्र की इक्कीस माला जप करे एवं ‘श्री गुरुगीता’ का पाठ करे तो शत्रु भी उसके मित्र बन जायेंगे l*
👩 *माताओं बहनों के लिए विशेष कष्ट निवारण हेतु प्रयोग 1*
👵 *जिन माताओं बहनों को दुःख और कष्ट ज्यादा सताते हैं, वे नवरात्रि के प्रथम दिन (देवी- स्थापना के दिन) दिया जलायें और कुम-कुम से अशोक वृक्ष की पूजा करें ,पूजा करते समय निम्न मंत्र बोलें :*
🌷 *“अशोक शोक शमनो भव सर्वत्र नः कुले “*
🙏
🙏 *भविष्योत्तर पुराण के अनुसार नवरात्रि के प्रथम दिन इस तरह पूजा करने से माताओ बहनों के कष्टों का जल्दी निवारण होता है l*
👩 *माताओं बहनों के लिए विशेष कष्ट निवारण हेतु प्रयोग 2*
🙏 *माघ मास शुक्ल पक्ष तृतीया के दिन में सिर्फ बिना नमक मिर्च का भोजन करें l (जैसे दूध, रोटी या खीर खा सकते हैं l)*
🌷 • *” ॐ ह्रीं गौरये नमः “* 🌷
🙏
🙏 *मंत्र का जप करते हुए उत्तर दिशा की ओर मुख करके स्वयं को कुमकुम का तिलक करें l*
🐄 *गाय को चन्दन का तिलक करके गुड़ ओर रोटी खिलाएं l*
💶 *श्रेष्ठ अर्थ (धन) की प्राप्ति हेतु* 💶
💥 *प्रयोग : नवरात्रि में देवी के एक विशेष मंत्र का जप करने से श्रेष्ठ अर्थ कि प्राप्ति होती है।*

🙏 *मंत्र ध्यान से पढ़ें* 🙏
🌷 *”ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमल-वासिन्ये स्वाह् “*
🌷
   👦 *विद्यार्थियों के लिए* 👦
🙏 *प्रथम नवरात्रि के दिन विद्यार्थी अपनी पुस्तकों को ईशान कोण में रख कर पूजन करें और नवरात्रि के तीसरे तीन दिन विद्यार्थी सारस्वत्य मंत्र का जप करें।*
🙏 *इससे उन्हें विद्या प्राप्ति में अपार सफलता मिलती है l*
🙏 *बुद्धि व ज्ञान का विकास करना हो तो सूर्यदेवता का भ्रूमध्य में ध्यान करें । जिनको गुरुमंत्र मिला है वे गुरुमंत्र का, गुरुदेव का, सूर्यनारायण का ध्यान करें।*
🙏 *अतः इस सरल मंत्र की एक-दो माला नवरात्रि में अवश्य करें और लाभ लें l*
🙏
           🚩 *~ वैदिक पंचांग ~* 🚩

*“ठाकुरजी की अष्टयाम सेवा”*
      अष्टयाम सेवा का अर्थ है भगवान की आठों पहर की सेवा। आठों पहर अर्थात पूरे दिन सिर्फ ठाकुरजी की ‘सेवा का भाव’ और कुछ नहीं। ब्रज में ठाकुरजी के बाल स्वरूप की सेवा होती है, अतः आठों पहर की सेवा का भाव भी उसी के अनुरूप ही होता है। प्रातःकाल से शयन समय तक- मंगला, श्रृंगार, ग्वाल, राजभोग, उत्थापन, भोग, आरती और शयन। अष्टयाम सेवा इन्हीं भावों में विभक्त है।

*“मंगला भाव की सेवा”*
        प्रातः उठते ही मंगल कामना मानव मात्र करता है, जिससे दिनभर आन्नद में बीते। ग्रन्थों के आरंभ में मंगलाचरण होता है, इसलिए प्रथम दर्शन का नाम मंगला रखा है। इस दर्शन की झांकी से पहले श्रीकृष्ण को जगाया जाता है, उसके बाद मंगल भोग (दूध, माखन, मिश्री , बासून्दी, आदि) धराया जाता है, फिर आरती की जाती है। यशोदा मैया परिसेवित श्रीकृष्ण के मंगला दर्शन को इस प्रकार निरूपण किया जाता है, बाल कृष्ण यशोदा मैया की गोद में बिराजमान है। माँ उनके मुख कमल का दर्शन कर रही है, मुख चूम रही है, नंदबाबा आदि प्रभु को गोद में लेकर लाड़ लड़ा रहे हैं। श्याम-सुन्दर के सखा बाल गोपाल गिरधर गुणों का गान कर रहे हैं, ब्रजगोपियां अपने रसमय कटाक्ष से उनकी सेवा कर रही है। नन्दनन्दन कलेवा कर रहे हैं, प्रभु की मंगला आरती हो रही है। प्रभु मिश्री और नवनीत का रसास्वादन कर रहे हैं।

*“श्रृंगार भाव की सेवा”*
      माता यशोदा अपने बाल गोपाल का समयानुकूल ललित श्रृंगार करती है। उबटन लगाकर स्नान कराती है। श्यामसुन्दर को पीताम्बर धारण कराती है। ब्रजसुन्दरी गण और भक्त उनका परम रसमय दर्शन करके अपने आपको धन्य मानते हैं। प्रभु यशोदा माँ की गोद में विराजमान है, करमें वेणु और मस्तक पर मयूर पंख की छवि मनोहारिणी है। कही लाला के नजर न लग जाय की भावना से काजल का टीका लगाती है। श्रृंगार नित्य में सामान्य होते हैं किन्तु उत्सव महोत्सव मनोरथादि पर भारी एवं विभिन्न आभूषणों को धराया जाता है। श्रृंगार चार प्रकार की भावना के कहे जाते है।  कटि पर्यन्त, मध्य के, छेड़ा के, और चरणारविन्दनार्थ। इनमें आभूषण ऋतुनुसार धराये जाते हैं। उष्णकाल में मोती – फाल्गुन में सुवर्ण तथा दूसरी ऋतु में रत्न जटित।

*“ग्वाल भाव की सेवा”*
      श्री कृष्ण ग्वाल बालों की मंडली के साथ गोचारण लीला में प्रवृत होते हैं, माँ सीख देती है कि-”हे लाल गोपाल” वन ओर जलाशय की और न जाना, बालकों के साथ लड़ना मत, कांटो वाली भूमि पर न चलना और दौडती गायों के सामने मत दौडना। प्रभु बाल गोपालों को साथ-लेकर गोचारण जा रहे हैं, ‘वेणु बजाकर प्रभु गायों को अपनी और बुला रहे हैं, प्रभु के वेणु वादन से समस्त चराचर जीव मुग्ध हैं, श्री कृष्ण की ग्वाल मंडली नृत्य, गीत आदि पवित्र लीला में तल्लीन है, प्रभु का गोचारण कालीन ग्वाल वेष धन्य है। अपने श्रृंगार रस के भावात्मक स्वरूप से श्रीकृष्ण गोपियों का धैर्य हर लेते हैं। वेणुनाद सुनकर सरोवर में सारस, हंस आदि मौन धारणकर तथा नयन मूंदकर तन्मय हो जाते हैं। वृंदावन की द्रुमालताएं मधु धारा बरसाती है। प्रभु श्रीकृष्ण लीला पूर्वक (इठलाते हुए) चल रहे हैं। ब्रज भूमि का मर्दन कर दुःख दूर कर रहे हैं। ग्वाल के दर्शन के सन्मुख कीर्तन नहीं होते है क्योकि सारस्वत कल्प की भावना के अनुसार श्री कृष्ण अपने बाल सखाओं के साथ खेलकर पुनः नन्दालय पधारते हैं तब माता यशोदा उन्हे दूध आरोगाती है इस दूध को घैया कहते हैं।

*“राजभोग भाव की सेवा”*
     प्रभु के गोचारण की बात सोचकर यशोदा मैया चिन्ता कर रही है कि मेरे लाल ग्वाल बालों के साथ वन प्रांत में भूखे होगे। माता व्याकुल हो रही है किन्तु अत्यन्त प्रेम में गोपियों द्वारा अपने लाडले गोपाल कन्हैया के लिए सरस मीठे पकवान, विभिन्न प्रकार की स्निग्ध सुस्वादु सामग्री सिद्ध कर रही है और सारी सामग्री स्वर्ण और रजत पात्रों में सजाकर गोपियों के साथ प्रभु को आरोगने के लिए भिजवा रही है। माता गोपियों को सावधान कर रही है कि सामग्री अच्छी तरह रखना कही दूसरी मे न मिल जाय। गोपियां राजभोग नन्नदनन्दन के समक्ष पधाराती है प्रभु लीला पूर्वक कालिन्दी के तट पर बैठकर भोजन आरोग रहे है। यह दर्शन राजाधिराज स्वरूप में ब्रज से पधारने के भाव से है। इस दर्शन में प्रभु की झांकी के अद्भुत दर्शन होते है क्योंकि देवगण, गन्धर्वगण, अप्सराएं आदि ब्रज पधारते है। भोग धरे जाते है। गोप-गोपियों के आग्रह से लीला-बिहारी मदनमोहन गिरिराज पधार कर कन्द मूल फलादि आरोगते है। यह झांकी अद्भुत है। प्रभु वन प्रांत से घर आने को उत्सुक है।

*“उत्थापन संध्या आरती के भाव की सेवा”*
      श्री कृष्ण मन्द-मन्द वेणु बजाते हुए वन से गायें चराते हुए लौट रहे हैं माता यशोदा पुत्र दर्शन की लालसा में व्याकुल होकर उनका पथ देख रही है। गोधूलि वेला में गोपाललाल की छवि रमणीय है। ब्रज गोपीकाएं प्रभु के चरणारविन्दनिहारती हैं, वेणु वादन सुनती हैं और सागर में निमग्न हो जाती हैं। माता यशोदा के हृदय में वात्सल्य उमड़ पड़ता है। प्रभु इस भाव में मुग्ध हो रहे हैं। यशोदा उनकी आरती उतारती है। माता के सर्वांग में स्वेद, रोमांच, कम्प और स्तम्भ दीख पड़ते हैं। वे कपूर, घी, कस्तुरी से सुगन्धित वर्तिका युक्त आरती अपने पुत्र पर वार रही है। संध्यार्ति मातृभाव से मानी जाती है। प्रभु वन में अनेक स्थानों पर घूमते हैं, खेलते हैं, अनेक स्थानों पर आपके चरण पड़ते हैं इसलिए नंदालय आते ही आरती उतारती है। त्रिकाल समय का वारषा उतारा ही संध्यार्ती मानी है।

*“भोग, आरती व शयन भाव की सेवा”*
     यशोदा मैया अपने लाल को शयन भोग अरोगाने के लिए बुलाती है। आरोगने की प्रार्थना (मनुहार) करती है। कहती है – ‘हे पुत्र मैने अनेक प्रकार की सरस सामग्री सिद्ध की है, सोने के कटोरे में नवनीत मिश्री भी प्रस्तुत हैं। प्रभु आरोगते है। प्रभु इसके बाद दुग्ध धवल शय्या पर शयन के लिए बिराज मान होते हैं, माता यशोदा उनकी पीठ पर हाथ फेर कर सो जाने के लिए अनुरोध करती है और उनकी लीलाओं का मधुर गान करती है। माता अपने लाल को निद्रित जानकर अपने पास सखी को बैठाकर अपने कक्ष में चली जाती है। सखियों का समूह दर्शन करके निवेदन करता है कि श्रीस्वामिनी आपकी बाट देख रही है। शय्या आदि सजाकर प्रतीक्षा कर रही है। श्रीस्वामिनी जी की विरहवस्था का वर्णन सुनकर श्री राधारमण शय्या त्याग कर तुरन्त मन्द – मन्द गति से चले आते है। कारोड़ो कामदेवों के लावण्य वाले मदनाधिक मनोहर श्यामसुन्दर सखियों के बताये मार्ग पर धीरे – धीरे चलने लगे। धीरे – धीरे मुरली बजाते वे केलि मन्दिर में प्रवेश करते हैं। यह बड़ी दिव्य झांकी है।
          दर्शन भावना के साथ ही दर्शन महिमा का माहत्म्य है। मंगला के दर्शन करने से कंगाल नहीं होते कभी। श्रृंगार के दर्शन करने से स्वर्ग लोक मिलता है। ग्वाल के दर्शन करने से प्रतिष्ठा बनी रहती है। राजभोग के दर्शन करने से भाग्य प्रबल होता है। उत्थापन के दर्शन करने से उत्साह बना रहता है। भोग के दर्शन करने से भरोसा बना रहता है। आरती के दर्शन करने से स्वार्थ न रहे कभी। शयन के दर्शन करने से शान्ति बनी रहती है..!!
    *🙏🙏🏽🙏🏻जय श्री कृष्ण*🙏🏼🙏🏾🙏🏿
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🌷🙏🏻🌹

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनायें बधाई ओर  शुभ आशीर्वाद 🌹
आपका जन्मदिन: 18 जनवरी

अंक ज्योतिष का सबसे आखरी मूलांक है नौ। आपके जन्मदिन की संख्या भी नौ है। आप सही मायनों में उत्साह और साहस के प्रतीक हैं। मंगल ग्रहों में सेनापति माना जाता है। अत: आप में स्वाभाविक रूप से नेतृत्त्व की क्षमता पाई जाती है। लेकिन आपको बुद्धिमान नहीं माना जा सकता। मंगल के मूलांक वाले चालाक और चंचल भी होते हैं। आपको लड़ाई-झगड़ों में भी विशेष आनंद आता है। आपको विचित्र साहसिक व्यक्ति कहा जा सकता है। यह मूलांक भूमि पुत्र मंगल के अधिकार में रहता है। आप बेहद साहसी हैं। आपके स्वभाव में एक विशेष प्रकार की तीव्रता पाई जाती है।

आपके लिए खास

शुभ दिनांक : 9, 18, 27

शुभ अंक : 1, 2, 5, 9, 27, 72

शुभ वर्ष : 2028: 2036, 2045

ईष्टदेव : हनुमान जी, मां दुर्गा।

शुभ रंग : लाल, केसरिया, पीला

आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: राजनैतिक व्यक्ति सफलता का स्वाद चख सकते हैं। अधिकार क्षेत्र में वृद्धि संभव है। आप अपनी शक्ति का सदुपयोग कर प्रगति की और अग्रसर होंगे। नौकरी में आ रही बाधा दूर होगी।

सेहत: स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा।

परिवार: पारिवारिक विवाद सुलझेंगे। मित्रों स्वजनों का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी। महत्वपूर्ण कार्य योजनाओं में सफलता मिलेगी।

🌹 आज का राशिफल 🌹
*दिनांक : 18 जनवरी 2026*

मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन आपके लिये शुभफलदायी रहेगा स्वभाव में थोड़ी चंचलता अवश्य रहेगी लेकिन इससे आस पास का वातावरण खुशनुमा ही बनाएंगे। कार्य क्षेत्र पर आज किसी के भटकाने से गलत निर्णय हो सकते है देखभाल कर ही कार्य करें व्यवसाय में चाहकर भी निवेश करना पड़ेगा इसका भविष्य में सामान्य लाभ मिल जाएगा। उधारी के व्यवहार कुछ समय के लिये बेचैनी बढ़ाएंगे पुरानी शीघ्र चुकाने के प्रयास करें नई करने से बचे अपमानित हो सकते है। दोपहर के बाद काम करने का मन नही करेगा मित्र परिजनों के साथ धार्मिक अथवा एकांत स्थान की यात्रा करेंगे दिखावे से बचे नाहाई तो बाद में आर्थिक विषमताएं बनेगी। सेहत में आज सुधार रहेगा।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज भी दिन आपके लिये प्रतिकूल रहने वाला है सेहत में आज भी कुछ ना कुछ विकार रहने से कार्य करने का मन नही करेगा आज आपको ज्यादा भाग दौड़ अथवा मेहनत के कार्य से बचना चाहिये अन्यथा स्थिति गंभीर भी हो सकती है। मध्यान के समय कार्यो को जबरदस्ती करेंगे जिससे थकान बढ़ेंगी और काम मे भी कुछ ना कुछ नुक्स रह जायेगा। दोपहर बाद का समय थोड़ा राहत वाला रहेगा किसी स्वजन की सहायता से धन अथवा अन्य प्रकार से लाभ होगा सेहत में सुधार तो आएगा परन्तु विपरीत लिंगीय आकर्षण भी बढ़ने से अपमान जैसी स्थिति बनेगी। घर के सदस्यों का सहयोग आज कम ही मिलेगा पति पत्नी एकदूसरे को शंका की दृष्टि से देखेंगे। यात्रा ना करें।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन आपको किसी न किसी रूप में लाभ देकर जाएगा। दिन के आरंभी भाग में आलस्य दिखाएंगे मेहनत से बचने की मानसिकता रहने से आवश्यक कार्यो में विलंब होगा जिससे घर के सदस्यों से फटकार भी सुनने को मिलेगी। दोपहर का समय कार्य व्यवसाय के लिये शुभ रहेगा प्रतिस्पर्धा कम रहने से इसका जमकर लाभ उठाएंगे धन की आमद आशासे अधिक होगी लेकिन सहकर्मी का व्यवहार आज परेशान करने वाला रहेगा फिर भी संध्या से पूर्व ही दिन भर की पूर्ति कर लेंगे। संध्या का समय काम की जगह मनोरंजन में बिताना अधिक पसंद करेंगे। मौज शौक पर खर्च अधिक होगा व्यसनों से बचे अन्यथा अपमानित हो सकते है। जरूरी कार्य भी आज ही निपटा ले कल कुछ न कुछ व्यवधान आने से लटक सकते है।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन आपके हानि लाभ बराबर रहेंगे धन लाभ समय से थोड़ा विलंब से होगा जिससे थोड़ी असुविधा होगी इसके कारण कार्यक्रम में बदलाव भी करना पड़ेगा। मध्यान बाद दिनचर्या स्थिर बनेगी पर व्यस्तता भी बढ़ेगी कार्य क्षेत्र के साथ सामाजिक व्यवहारों के लिये भी समय निकालने से परेशानी आएगी घर के बड़ो का सहयोग मिलने से इसका भी समाधान हो जाएगा। व्यवसायी वर्ग दैनिक कार्यो के साथ नए कार्यो में भी भाग्य आजमाएंगे इसमे लाभ होगा लेकिन आशाजनक नही।  घरेलू वातावरण गलतमहमी के कारण थोड़ी देर के लिये अशांत बनेगा कुछ देर में सामान्य भी हो जाएगा लेकिन किसी की जिद पूरी करने के बाद ही। सेहत संध्या बाद विपरीत होने की संभावना है ठंडे प्रदार्थो से परहेज करें। धार्मिक यात्रा के योग है इससे मन को शान्ति मिलेगी।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज आप दिन के आरंभ से ही आलस्य में भरे रहेगें मध्यान तक कि दिनचर्या धीमी रहेगी इसके बाद भी काम तो करेंगे लेकिन ध्यान कही और ही रहेगा। कार्य व्यवसाय में धन लाभ के अवसर अवश्य मिलेंगे लेकिन आज सुख सुविधाओं को बढ़ाने पर  आवश्यकता से अधिक खर्च करेंगे जिससे धन संचय नही हो पायेगा। कार्य क्षेत्र पर अधिक कार्य भार सौपने पर आपसे अधीनस्थ लोग नाराज रहेंगे। नौकरी पेशाओ के लिये दिन आरामदायक रहेगा छोटे मोटे घरेलू कार्य को छोड़ अन्य किसी कार्य को नही करेंगे। सामाजिक क्षेत्र के लिये समय नही देने से प्रेमीजन नाराज होंगे लेकिन मित्र वर्ग से अच्छी पटेगी। घर मे भी समय पर आवश्यकता पूर्ति करने पर शांति बनी रहेगी। उत्तम भोजन वाहन पर्यटन के अवसर मिलेंगे सेहत बनी रहेगी।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन भी छोटी मोटी घटनाओं से अशांत बनेगा फिर भी बीते कल की तुलना में थोड़ी शांति भी रहेगी। प्रातः काल घर के सदस्यों से बीती बातो के कारण मतभेद रहेंगे केवल मतलब से ही व्यवहार करेंगे लेकिन मध्यान बाद स्थिति बदलेगी घर के सभी सदस्य स्वार्थ से एक मत होंगे बाहर घूमने पर्यटन के अवसर मिलने से भी कड़वाहट में कमी आएगी लेकिन घर के बुजुर्गों को आज संतुष्ट नही कर पाएंगे। पैतृक संपत्ति के मामलों को छेड़ने की जगह अभी विराम दे अन्यथा दिन खराब हो सकता है। कार्य व्यवसाय से आज ज्यादा आशा नही रहेगी फिर भी अकस्मात लाभ होने से खुशी मिलेगी। महिलाए आज अधिक खर्चीली रहेंगी लेकिन खर्च घरेलू सामान पर अधिक करेंगी। संध्या बाद का समय दिन की तुलना में शांति से बीतेगा लेकिन सेहत में बदलाव भी आने से असहज रहेंगे।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन भी आपको आर्थिक समृद्धि प्रदान करेगा लेकिन आज खर्च करते समय सोच विचार अवश्य करें ठगे जाने अथवा अन्य कारणों से हानि हो सकती है घर के बड़े परिजन भी आपकी फिजूल खर्ची से नाराज होंगे इसके बाद ही मितव्ययी बनेंगे। कार्य क्षेत्र से दिन के पूर्वार्द्ध में ही अनुकूल वातावरण मिलेगा धन की आमद असमय होने से आश्चर्य में पढ़ेंगे। दूर रहने वाले स्वयंजन से कोई अप्रिय सूचना मिलने से कुछ समय के लिये उदासी छाएगी फिर भी अन्य क्षेत्रों से उत्साहित करने वाले प्रसंग बनते रहेंगे। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें अकस्मात दुर्घटना में चोटादि का भय है शरीर मे दुखन एवं मूत्राशय संबंधित संमस्या होगी।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन आपका स्वभाव बीते कुछ दिनों से संतोषि रहेगा। आज धन संबंधित उलझने रहने के बाद भी पारिवारिक कार्यो एवं आपसी संबंधों को अधिक महत्त्व देंगे। मध्यान तक घर मे कोई न कोई आपसे असंतुष्ट रहेगा लेकिन संध्या बाद खर्च करने के बाद नाराजगी प्रसन्नता में बदल जाएगी मनोरंजन सुख वृद्धि के लिये खर्च में कमी नही करेंगे। भाई बंधुओ से ईर्ष्या युक्त संबंध कुछ समय के लिये मानसिक रूप से अशांत बनाएँगे पैतृक कारणों से बहस होने की संभावना है फिर भी आपका व्यवहार आज थोड़ा शालीन रहने से स्थिति को संभाल लेंगे। कार्य व्यवसाय से लाभ मेहनत के बाद ही साधारण रहेगा।  संध्या के समय भाग दौड़ से बचने का प्रयास करेंगे दुर्व्यसनों पर भी खर्च होगा। सेहत में थोड़ी समस्या रहेगी।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन आपका व्यक्तित्त्व निखरा हुआ रहेगा लेकिन स्वभाव में जिद और अहम भी रहने से लोग आपकी बातो का गलत अर्थ ही निकालेंगे। मध्यान से पहले तक एकाग्रता अधिक रहेगी मानसिक रूप से शांत रहने के कारण दैनिक पूजा पाठ में आज अधिक मन लगेगा लेकिन दोपहर बाद कार्य भार बढ़ने से एकाग्रता भंग होगी जिस कार्य को करना है उसे छोड़ व्यर्थ के कार्यो में रुचि लेंगे। कार्य व्यवसाय में मेहनत से पीछे नही हटेंगे परन्तु तुरंत फल पाने की चाह मानसिक अशांति बढ़ाएगी धैर्य से काम ले आज आवश्यकता अनुसार आर्थिक लाभ अवश्य होगा भले थोड़ा विलंब से ही हो। पारिवारिक वातावरण अपने काम से काम रखने तक ही शांत रहेगा किसी को ताने मारना अथवा कार्य मे दखल देना परेशानी में डालेगा। सेहत छोटी मोटी व्याधि को छोड़ सामान्य रहेगी।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन हानिकर रहने वाला है किसी भी कार्य मे जल्दबाजी से बचे सोच समझकर अनुभवी व्यक्ति की सलाह के बाद ही कोई कदम उठाए। कार्य व्यवसाय आज भगवान भरोसे रहेगा लाभ होते होते किसी अन्य के पक्ष में जाने से निराशा होगी। आज जहां से सहायता की उम्मीद लगाएंगे वही आपको टरकायेगा ज्यादा जोर देने पर आगे के लिये संबंध खराब होने का भर रहेगा। धन की आमद अत्यंत सीमित होगी वह भी पुराने व्यवहारों से ही कार्य क्षेत्र पर स्वयं अथवा नौकरों के हाथ नुकसान हो सकता है क्रोध से बचे। घर मे भी परिजनों के द्वारा हानि होने की संभावना है। सेहत ठीक रहेगी लेकिन आकस्मिक चोटादि का भय है उपकरणों से काम करते समय सावधानी बरतें।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन लाभदायक है आज आप जिस भी कार्य को करने का मन बनाएंगे परिस्थितियां पहले से ही इसके अनुकूल बनने लगे जाएंगी। कार्य क्षेत्र पर प्रतिस्पर्धा रहने पर भी आपके व्यवसाय को प्रभावित नही कर पायेगी। नौकरी पेशाओ को अपने कार्य मे विजय मिलने से अधिकारी वर्ग से निकटता बढ़ेगी लेकिन बच कर भी रहे आज जिससे भी प्रेम संबंधों में घनिष्ठता बढ़ेगी वही कुछ ना कुछ भार आपके ऊपर डालेगा जिससे अपने कार्यो अथवा हितों की हानि हो सकती है। धन लाभ के लिये ज्यादा भागदौड़ नही करनी पड़ेगा सहज रूप से होने पर निश्चिन्त रहेंगे। गृहस्थी में सुख शांति बनी रहेगी पैतृक साधनों में वृद्धि करने से घर के बड़े बुजुर्ग प्रसन्न रहेंगे लेकिन महिलाए किसी बात को लेकर मुह फुलायेंगी सेहत मामूली बातो को छोड़ ठीक ही रहेगी।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन भी कार्य सफलता दायक रहेगा लेकिन आज आपको गलत मार्गदर्शन करने वाले भी मिलेंगे जो आपके हितैषी बनकर बेवजह ही उटपटांग सलाह देकर मार्गभ्रमित करेंगे। किसी भी कार्य को करने से पहले घर मे बुजुर्गों की सलाह अवश्य लें सफलता निश्चत होगी। व्यावसायिक क्षेत्र पर आज अन्य दिनों की तुलना में अधिक माथापच्ची करनी पड़ेगी धन लाभ के कई अवसर मिलेंगे लेकिन बेवजह के खर्च भी आज अधिक रहेंगे जिससे थोड़ा बहुत लाभ ही हाथ लगेगा। आज जोखिम वाले कार्यो में निवेश से बचे अन्यथा धन फंस सकता है। आध्यात्म के क्षेत्र से जुड़े जातको को साधना में नई अनुभूति होगी। गूढ़ विषयो को जानने की लालसा बढ़ेगी। सेहत में कुछ विकार भी आ सकता है। पेट से ऊपर के भाग संबंधित परेशानी की संभावना है।

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Quote of the week

“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton