Vaidik Panchang 31122025 Rashifal Samadhan

🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️  *दिनांक – 31 दिसम्बर 2025*
🌤️ *दिन – बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शिशिर ॠतु*
🌤️ *मास – पौष*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – द्वादशी 01 जनवरी रात्रि 01:47 तक तत्पश्चात त्रयोदशी*
🌤️ *नक्षत्र – कृत्तिका 01 जनवरी  रात्रि 01:29 तक तत्पश्चात रोहिणी*
🌤️ *योग – साध्य सुबह 09:13 तक तत्पश्चात शुभ*
🌤️ *राहुकाल – दोपहर 12:42 से दोपहर 02:03 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 07:17*
🌤️ *सूर्यास्त –  06:06*
👉 *दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – पुत्रदा एकादशी, (भागवत)*
💥 *विशेष – द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
             🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *पुत्रदा एकादशी* 🌷
➡️ *30 दिसम्बर 2025 मंगलवार को सुबह 07:50 से 31 दिसम्बर प्रातः 05:00 तक एकदशी है।*
💥 *विशेष – 30 दिसम्बर 2025 मंगलवार को पुत्रदा एकादशी (स्मार्त) एवं 31 दिसम्बर 2025 बुधवार को पुत्रदा एकादशी (भागवत)*
👉🏻 *31 दिसम्बर 2025 बुधवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखे।*
🙏🏻 *पुत्रदा एकादशी (पुत्रप्राप्ति की इच्छा से इसका व्रत करनेवाला पुत्र पाकर स्वर्ग का अधिकारी भी हो जाता है ।)*
🙏🏻
             🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *वास्तु शास्त्र* 🌷
📅 *वास्तु में पुराने कैलेंडर लगाए रखना अच्छा नहीं माना गया है। ये प्रगति के अवसरों को कम करता है। इसलिए, पुराने कैलेंडर को हटा देना चाहिए और नए साल में नया कैलेंडर लगाना चाहिए। जिससे नए साल में पुराने साल से भी ज्यादा शुभ अवसरों की प्राप्ति होती रहे।*
*अगर सालभर अच्छे योग और फायदे चाहते हैं तो घर में कैलेंडर को वास्तु के अनुसार ही लगाएं।*
👉🏻 *वास्तु अनुरुप कहां लगाएं कैलेंडर*
📅  *कैलेंडर उत्तर,पश्चिम या पूर्वी दीवार पर लगाना चाहिए। हिंसक जानवरों, दुःखी चेहरों की तस्वीरोंवाला ना हो। इस प्रकार की तस्वीरें घर में नेगेटिव एनर्जी का संचार करती है।*
📅 *पूर्व में कैलेंडर लगाना बढ़ा सकता हैं प्रगति के अवसर- पूर्व दिशा के स्वामी सूर्य हैं , जो लीडरशिप के देवता हैं। इस दिशा में कैलेंडर रखना जीवन में प्रगति लाता है। लाल या गुलाबी रंग के कागज पर उगते सूरज, भगवान आदि की तस्वीरों वाला कैलेंडर हो।*
📅 *उत्तर दिशा में कैलेंडर बढ़ाता है सुख-समृद्धि- उत्तर दिशा कुबेर की दिशा है। इस दिशा में हरियाली,फव्वारा, नदी,समुद्र, झरने, विवाह आदि की तस्वीरों वाला कैलेंडर इस दिशा में लगाना चाहिए। कैलेंडर पर ग्रीन व सफेद रंग का उपयोग अधिक किया हो।*
📅 *पश्चिम दिशा में कैलेंडर लगाने से बन सकते हैं रुके हुए कई कार्य- पश्चिम दिशा बहाव की दिशा है। इस दिशा में कैलेंडर लगाने से कार्यों में तेजी आती हैं। कार्यक्षमता भी बढ़ती है। पश्चिम दिशा का जो कोना उत्तर की ओर हो। उस कोने की ओर कैलेंडर लगाना चाहिए।*
📅  *कैलेंडर नहीं लगाना चाहिए घर की दक्षिण दिशा में- घड़ी और कैलेंडर दोनों ही समय के सूचक हैं। दक्षिण ठहराव की दिशा है। यहां समय सूचक वस्तुओं को ना रखें। ये घर के सदस्यों की तरक्की के अवसर रोकता है। घर के मुखिया के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।*
📅  *मुख्य दरवाजे से नजर आता कैलेंडर भी नहीं लगाएं- मुख्य दरवाजे के सामने कैलेंडर नहीं लगाना चाहिए। दरवाजे से गुजरने वाली ऊर्जा प्रभावित होती है। साथ ही तेज हवा चलने से कैलेंडर हिलने से पेज उलट सकते हैं । जो कि अच्छा नहीं माना जाता है।*
💥 *विशेष : अगर कैलेंडर में संतों महापुरुषों तथा भगवान के श्रीचित्र लगे हों,तो ये और अधिक पुण्यदायी और आनंददायी माना जाता है |*
          🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
👉शिवजी की पूजा में ध्यान रखने योग्य बाते :-
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#शिव_पुराण के अनुसार भगवान शिव को कौन सी चीज़ चढाने से मिलता है क्या फल –

किसी भी देवी-देवता का पूजन करते समय उनको अनेक चीज़ें अर्पित की जाती है। प्रायः भगवान को अर्पित की जाने वाली हर चीज़ का फल अलग होता है। शिव पुराण में इस बात का वर्णन मिलता है की भगवान शिव को अर्पित करने वाली अलग-अलग चीज़ों का क्या फल होता है। शिवपुराण के अनुसार जानिए कौन सा अनाज भगवान शिव को चढ़ाने से क्या फल मिलता है:

1. भगवान शिव को चावल चढ़ाने से धन की प्राप्ति होती है।

2. तिल चढ़ाने से पापों का नाश हो जाता है।

3. जौ अर्पित करने से सुख में वृद्धि होती है।

4. गेहूं चढ़ाने से संतान वृद्धि होती है।यह सभी अन्न भगवान को अर्पण करने के बाद गरीबों में वितरीत कर देना चाहिए।

शिव पुराण के अनुसार जानिए भगवान शिव को कौन सा रस (द्रव्य) चढ़ाने से उसका क्या फल मिलता है –

1. ज्वर (बुखार) होने पर भगवान शिव को जलधारा चढ़ाने से शीघ्र लाभ मिलता है। सुख व संतान की वृद्धि के लिए भी जलधारा द्वारा शिव की पूजा उत्तम बताई गई है।

2. नपुंसक व्यक्ति अगर शुद्ध घी से भगवान शिव का अभिषेक करे, ब्राह्मणों को भोजन कराए तथा सोमवार का व्रत करे तो उसकी समस्या का निदान संभव है।

3. तेज दिमाग के लिए शक्कर मिश्रित दूध भगवान शिव को चढ़ाएं।

4. सुगंधित तेल से भगवान शिव का अभिषेक करने पर समृद्धि में वृद्धि होती है।

5. शिवलिंग पर ईख (गन्ना) का रस चढ़ाया जाए तो सभी आनंदों की प्राप्ति होती है।

6. शिव को गंगाजल चढ़ाने से भोग व मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है।

7. मधु (शहद) से भगवान शिव का अभिषेक करने से राजयक्ष्मा (टीबी) रोग में आराम मिलता है।

शिव पुराण के अनुसार जानिए भगवान शिव को कौन का फूल चढ़ाया जाए तो उसका क्या फल मिलता है –

1. लाल व सफेद #आंकड़े के फूल से भगवान शिव का पूजन करने पर भोग व मोक्ष की प्राप्ति होती है।

2. #चमेली के फूल से पूजन करने पर वाहन सुख मिलता है।

3. #अलसी के फूलों से शिव का पूजन करने से मनुष्य भगवान विष्णु को प्रिय होता है।

4. #शमी पत्रों (पत्तों) से पूजन करने पर मोक्ष प्राप्त होता है।

5. #बेला के फूल से पूजन करने पर सुंदर व सुशील पत्नी मिलती है।

6. जूही के फूल से शिव का पूजन करें तो घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती।

7. #कनेर के फूलों से शिव पूजन करने से नए वस्त्र मिलते हैं।

8. #हरसिंगार के फूलों से पूजन करने पर सुख-सम्पत्ति में वृद्धि होती है।

9. #धतूरे के फूल से पूजन करने पर भगवान शंकर
सुयोग्य पुत्र प्रदान करते हैं, जो कुल का नाम रोशन करता है।

10. #लाल_डंठलवाला_धतूरा पूजन में शुभ माना गया है।

11. #दूर्वा से पूजन करने पर आयु बढ़ती है।

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पाउषा पुत्रदा एकादशी व्रत कथा

श्रीकृष्ण के चरणों में अर्जुन ने प्रणाम कर श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की- “हे मधुसूदन! अब आप पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी के माहात्म्य को बताने की कृपा करें। इस एकादशी का क्या नाम हैं? इसका क्या विधान है! इस दिन किस देवता का पूजन किया जाता है? कृपा कर मेरे इन सभी प्रश्नों का विस्तार सहित उत्तर दें।”

अर्जुन के प्रश्न पर श्रीकृष्ण ने कहा- “हे अर्जुन! पौष मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी का नाम पुत्रदा है। इसका पूजन पूर्व में बताई गई विधि अनुसार ही करना चाहिए। इस उपवास में भगवान श्रीहरि की पूजा करनी चाहिए। संसार में पुत्रदा एकादशी उपवास के समान अन्य दूसरा व्रत नहीं है। इसके पुण्य से प्राणी तपस्वी, विद्वान और धनवान बनता है। इस एकादशी से सम्बंधित जो कथा प्रचलित है, उसे मैं तुम्हें सुनाता हूँ, श्रद्धापूर्वक श्रवण करो-

प्राचीन समय में भद्रावती नगरी में सुकेतुमान नाम का एक राजा राज्य करता था। उसके कोई संतान नहीं थी। उसकी पत्नी का नाम शैव्या था। उस पुत्रहीन राजा के मन में इस बात की बड़ी चिंता थी कि उसके बाद उसे और उसके पूर्वजों को कौन पिंडदान देगा। उसके पितर भी व्यथित हो पिंड लेते थे कि सुकेतुमान के बाद हमें कौन पिंड देगा। इधर राजा भी बंधु-बांधव, राज्य, हाथी, घोड़ा आदि से संतुष्ट नहीं था। उसका एकमात्र कारण पुत्रहीन होना था। बिना पुत्र के पितरों और देवताओं से उऋण नहीं हो सकते। इस तरह राजा रात-दिन इसी चिंता में घुला करता था। इस चिंता के कारण एक दिन वह इतना दुखी हो गया कि उसके मन में अपने शरीर को त्याग देने की इच्छा उत्पन्न हो गई, किंतु वह सोचने लगा कि आत्महत्या करना तो महापाप है, अतः उसने इस विचार को मन से निकाल दिया। एक दिन इन्हीं विचारों में डूबा हुआ वह घोड़े पर सवार होकर वन को चल दिया।

घोड़े पर सवार राजा वन, पक्षियों और वृक्षों को देखने लगा। उसने वन में देखा कि मृग, बाघ, सिंह, बंदर आदि विचरण कर रहे हैं। हाथी शिशुओं और हथिनियों के बीच में विचर रहा है। उस वन में राजा ने देखा कि कहीं तो सियार कर्कश शब्द निकाल रहे हैं और कहीं मोर अपने परिवार के साथ नाच रहे हैं। वन के दृश्यों को देखकर राजा और ज्यादा दुखी हो गया कि उसके पुत्र क्यों नहीं हैं? इसी सोच-विचार में दोपहर हो गई। वह सोचने लगा कि मैंने अनेक यज्ञ किए हैं और ब्राह्मणों को स्वादिष्ट भोजन कराया है, किंतु फिर भी मुझे यह दुख क्यों मिल रहा है? आखिर इसका कारण क्या है? अपनी व्यथा किससे कहूं? कौन मेरी व्यथा का समाधान कर सकता है?

अपने विचारों में खोए राजा को प्यास लगी। वह पानी की तलाश में आगे बढ़ा। कुछ दूर जाने पर उसे एक सरोवर मिला। उस सरोवर में कमल पुष्प खिले हुए थे। सारस, हंस, घड़ियाल आदि जल-क्रीड़ा में मग्न थे। सरोवर के चारों तरफ ऋषियों के आश्रम बने हुए थे। अचानक राजा के दाहिने अंग फड़कने लगे। इसे शुभ शगुन समझकर राजा मन में प्रसन्न होता हुआ घोड़े से नीचे उतरा और सरोवर के किनारे बैठे हुए ऋषियों को प्रणाम करके उनके सामने बैठ गया।

ऋषिवर बोले – ‘हे राजन! हम तुमसे अति प्रसन्न हैं। तुम्हारी जो इच्छा है, हमसे कहो।’

राजा ने प्रश्न किया – ‘हे विप्रो! आप कौन हैं? और किसलिए यहां रह रहे हैं?’

ऋषि बोले – ‘राजन! आज पुत्र की इच्छा करने वाले को श्रेष्ठ पुत्र प्रदान करने वाली पुत्रदा एकादशी है। आज से पांच दिन बाद माघ स्नान है और हम सब इस सरोवर में स्नान करने आए हैं।’

ऋषियों की बात सुन राजा ने कहा – ‘हे मुनियो! मेरा भी कोई पुत्र नहीं है, यदि आप मुझ पर प्रसन्न हैं तो कृपा कर मुझे एक पुत्र का वरदान वीजिए।’

ऋषि बोले – ‘हे राजन! आज पुत्रदा एकादशी है। आप इसका उपवास करें। भगवान श्रीहरि की अनुकम्पा से आपके घर अवश्य ही पुत्र होगा।’

राजा ने मुनि के वचनों के अनुसार उस दिन उपवास किया और द्वादशी को व्रत का पारण किया और ऋषियों को प्रणाम करके वापस अपनी नगरी आ गया। भगवान श्रीहरि की कृपा से कुछ दिनों बाद ही रानी ने गर्भ धारण किया और नौ माह के पश्चात उसके एक तेजस्वी पुत्र उत्पन्न हुआ। यह राजकुमार बड़ा होने पर अत्यंत वीर, धनवान, यशस्वी और प्रजापालक बना।”

श्रीकृष्ण ने कहा- “हे पाण्डुनंदन! पुत्र की प्राप्ति के लिए पुत्रदा एकादशी का उपवास करना चाहिए पुत्र प्राप्ति के लिए इससे बढ़कर दूसरा कोई व्रत नहीं है। जो कोई व्यक्ति पुत्रदा एकादशी के माहात्म्य को पढ़ता व श्रवण करता है तथा विधानानुसार इसका उपवास करता है, उसे सर्वगुण सम्पन्न पुत्ररत्न की प्राप्ति होती है। श्रीहरि की अनुकम्पा से वह मनुष्य मोक्ष को प्राप्त करता है।”

कथा-सार
पुत्र का न होना बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है, उससे भी दुर्भाग्यपूर्ण है पुत्र का कुपुत्र होना, अतः सर्वगुण सम्पन्न और सुपुत्र पाना बड़ा ही दुर्लभ है। ऐसा पुत्र उन्हें ही प्राप्त होता है, जिन्हें साधुजनों का आशीर्वाद प्राप्त हो तथा जिनके मन में भगवान की भक्ति हो। इस कलियुग में सुयोग्य पुत्र प्राप्ति का श्रेष्ठ साधन पुत्रदा एकादशी का व्रत ही है।

🙏🚩🙏

🌞 *आत्मचिंतन के क्षण*
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👉 *उन्नति के मार्ग किसी के लिए प्रतिबन्धित नहीं हैं। वे सबके लिए समान रूप से खुले हैं। परमात्मा के विधान में अन्याय अथवा पक्षपात की कोई गुंजाइश नहीं है। जो व्यक्ति अपने अंदर जितने अधिक गुण, जितनी अधिक क्षमता और जितनी अधिक योग्यता विकसित कर लेगा, उसी अनुपात में उतनी ही अधिक विभूतियों का अधिकारी बन जायेगा।*
👉 *असंख्यों बार यह परीक्षण हो चुके हैं कि दुष्टता किसी के लिए भी लाभदायक सिद्ध नहीं हुई। जिसने भी उसे अपनाया वह घाटे में रहा और वातावरण दूषित बना। अब यह परीक्षण आगे भी चलते रहने से कोई लाभ नहीं। हम अपना जीवन इसी पिसे को पीसने में-परखे को परखने में न गँवायें तो ही ठीक है। अनीति को अपनाकर सुख की आकाँक्षा पूर्ण करना किसी के लिए भी संभव नहीं हो सकता तो हमारे लिए ही अनहोनी बात संभव कैसे होगी?*
👉 *इस संसार में अच्छाइयों की कमी नहीं। श्रेष्ठ और सज्जन व्यक्ति भी सर्वत्र भरे पड़े हैं, फिर हर व्यक्ति में कुछ अच्छाई तो होती ही है। यदि छिद्रान्वेषण छोड़कर हम गुण अन्वेषण करने का अपना स्वभाव बना लें, तो घृणा और द्वेष के स्थान पर हमें प्रसन्नता प्राप्त करने लायक भी बहुत कुछ इस संसार में मिल जायेगा।*
👉 *जो अपना सर्वस्व पूर्ण रूप से परमात्मा को सौंपकर उसके उद्देश्य में नियोजित हो जाता है-पूरी तरह से उसका बन जाता है, परमात्मा उसके जीवन का सारा दायित्व खुशी-खुशी अपने ऊपर ले लेता है और कभी भी विश्वासघात नहीं करता।*
✍️ *पं.श्रीराम शर्मा आचार्य*
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🙏🏻

हर हर महादेव 🙏🏻
जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभाशीष
आपका जन्मदिन: 31 दिसंबर

दिनांक 31 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 4 होगा। आपका जीवन संघर्षशील होता है। इनमें अभिमान भी होता है। ये लोग दिल के कोमल होते हैं किन्तु बाहर से कठोर दिखाई पड़ते हैं। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति जिद्दी, कुशाग्र बुद्धि वाले, साहसी होते हैं। ऐसे व्यक्ति को जीवन में अनेक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है। इनकी नेतृत्व क्षमता के लोग कायल होते हैं। जैसे तेज स्पीड से आती गाड़ी को अचानक ब्रेक लग जाए ऐसा उनका भाग्य होगा। लेकिन यह भी निश्चित है कि इस अंक वाले अधिकांश लोग कुलदीपक होते हैं।

आपके लिए खास

शुभ दिनांक : 4, 8, 13, 22, 26, 31,

शुभ अंक : 4, 8,18, 22, 45, 57,


शुभ वर्ष : 2031, 2040 2060,

ईष्टदेव : श्री गणेश, श्री हनुमान,

शुभ रंग : नीला, काला, भूरा,



आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
परिवारिक मामलों में सहयोग के द्वारा सफलता मिलेगी। नवीन व्यापार की योजना प्रभावी होने तक गुप्त ही रखें। मान-सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं मित्र वर्ग का सहयोग मिलेगा। यह वर्ष पिछले वर्ष के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम है। आपको सजग रहकर कार्य करना होगा। विवाह के मामलों में आश्चर्यजनक परिणाम आ सकते हैं। नौकरीपेशा प्रयास करें तो उन्नति के चांस भी है। शत्रु पक्ष पर प्रभावपूर्ण सफलता मिलेगी।

मेष (Aries)
स्वभाव: उत्साही
राशि स्वामी: मंगल
शुभ रंग: लाल
आज का दिन आपके लिए सावधानी बरतने के लिए रहेगा। आपकी आय बढ़ने से आपको खुशी होगी। आपको अपने पिताजी से काम को लेकर बातचीत करने का मौका मिलेगा। माताजी की सेहत में उतार चढ़ाव रहने से आप परेशान रहेंगे। आपकी कोई मन की इच्छा पूरी हो सकती है और परिवार में किसी पूजा-पाठ का आयोजन होने से परिजनों का आना-जाना लगा रहेगा। आपको अपनी संतान से किए हुए वादे को पूरा करना होगा।


वृषभ (Taurus)
स्वभाव:  धैर्यवान
राशि स्वामी: शुक्र
शुभ रंग: हरा
आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है। आपके बॉस आपके प्रमोशन के बात आगे बढ़ा सकते हैं, जिससे आपको खुशी होगी। आप संतान की फरमाइशों को भी आप आसानी से पूरा कर पाएंगे और किसी नए वाहन की खरीदारी की आप योजना बनाएंगे। आपको अपने मन में किसी के प्रति अहंकार की भावना नहीं रखना है, नहीं तो इससे बाद में आपकी ही समस्याएं बढ़ेगी।

मिथुन (Gemini)
स्वभाव:  जिज्ञासु
राशि स्वामी: बुध
शुभ रंग: पीला
आज आपके कला और कौशल में निखार आएगा और आप अपने किसी सहयोगी की बात को लेकर परेशान रहेंगे। आपको कार्यक्षेत्र में लोगों पर पूरी निगरानी बनाकर रखनी होगी, क्योंकि आपके शत्रु आपके खिलाफ कोई षड्यंत्र रच सकते हैं। वैवाहिक जीवन में कुछ समस्याएं खड़ी हो सकती हैं, जिन्हें आप मिल बैठकर दूर करने की कोशिश करें। आपको किसी पुराने मित्र से लंबे समय बाद मिलने का मौका मिलेगा, लेकिन आपकी अपने किसी सहयोगी से कहासुनी भी हो सकती है।

कर्क (Cancer)
स्वभाव:  भावुक
राशि स्वामी: चंद्र
शुभ रंग: सफेद
आज का दिन आपके लिए आय को बढ़ाने वाला रहेगा। आपको बेवजह की भागदौड़ लगी रहेगी। आपको कुछ महत्वपूर्ण लोगों से मिलने का मौका मिलेगा। आपकी कोई मन की इच्छा पूरी हो सकती है। पूजा पाठ में आपका खूब मन लगेगा। आपकी कोई प्रिय वस्तु यदि खो गई थी, तो वह भी आपको मिल सकती हैं। आप अच्छे खान-पान का आनंद लेंगे। किसी परिचय के घर आप मेल मिलाप करने जा सकते हैं, जो आपके लिए अच्छी रहेगी।

सिंह राशि (Leo)
स्वभाव:  आत्मविश्वासी
राशि स्वामी: सूर्य
शुभ रंग: ग्रे
आज आपके मन में परस्पर सहयोग की भावना बनी रहेगी। किसी सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रम में आपको सम्मिलित होने का मौका मिलेगा और आपके पास-पड़ोस में आपकी किसी बात को लेकर वाद-विवाद चल रहा था, तो उसमें आप चुप रहें, नहीं तो वह कानूनी हो सकता है। परिवार में किसी बुजुर्ग की सेहत में गड़बड़ हो सकती है। आपको अपनी संतान से किए हुए वादे को समय रहते पूरा करना होगा।

कन्या (Virgo)
स्वभाव:  मेहनती
राशि स्वामी: बुध
शुभ रंग: लाल
आज आपको अपने आसपास रह रहे विरोधियों से सतर्क रहना होगा। नौकरी में सहकर्मियों का आपको पूरा साथ मिलेगा और आपको यदि किसी यात्रा पर जाना पड़े, तो आपको पूरा ध्यान देना होगा। आपको किसी काम को लेकर यदि टेंशन चल रही थी, तो उसके लिए आप अपने पिताजी से बातचीत कर सकते हैं। आप अपने बिजनेस के कामों में कुछ बदलाव करेंगे, जो आपके लिए अच्छे रहेंगे। आपका किसी पर आंख मूंदकर भरोसा करना कामों में गड़बड़ी करा सकता है।

तुला (Libra)
स्वभाव:  संतुलित
राशि स्वामी: शुक्र
शुभ रंग: पीला
आज का दिन रोजगार की तलाश में भटक रहे लोगों के लिए बढ़िया रहने वाला है। आपकी निर्णय लेने की क्षमता बेहतर रहेगी और आप अपने जिम्मेदारियां को भी समय से पूरा करने की कोशिश करेंगे। आप किसी मनोरंजन के कार्यक्रम में सम्मिलित हो सकते हैं। आपको अपनी आय और व्यय में संतुलन बनाकर चलना होगा, क्योंकि आपके बेफिजूल के खर्चे के कारण बाद में आपको धन की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

वृश्चिक (Scorpio)
स्वभाव:  रहस्यमय
राशि स्वामी: मंगल
शुभ रंग: ग्रे
आज का दिन आपके लिए समस्याओं से छुटकारा दिलाने वाला रहेगा। भाई व बहनों से यदि कोई अनबन चल रही थी, तो वह भी बातचीत के जरिए दूर होगी। आपकी संतान को नौकरी के लिए कहीं बाहर से बुलावा आ सकता है, जिसके लिए उन्हें जाना पड़ेगा। आप अपने नए घर का काम शुरू कर सकते हैं। आपकी जल्दबाजी की आदत के कारण भी कोई गड़बड़ी हो सकती है और कोई निर्णय आपको थोड़ा समझदारी दिखाते हुए लेना होगा।

धनु (Sagittarius)
स्वभाव:  दयालु
राशि स्वामी: गुरु
शुभ रंग: गोल्डन
आज का दिन आपके लिए लाभदायक रहने वाला है। आप अपने रोजमर्रा के कामों को कल पर टालने से बचें, नहीं तो आने वाले समय में आपका काम को लेकर भागदौड़ बढ़ सकती हैं। आप कारोबार के लिए कोई लोन अप्लाई कर सकते हैं। प्रॉपर्टी को लेकर कोई डील फाइनल करने में आपको कुछ समस्या आएगी, जिसमें आप अपनी आंख व कान खुले रखें। किसी को धन उधार देने से बचें, नहीं तो समस्याएं बढ़ सकती हैं।

मकर (Capricorn)
स्वभाव:  अनुशासित
राशि स्वामी:  शनि
शुभ रंग: बैंगनी
आज का दिन आपके लिए अक्समात लाभ दिलाने वाला रहेगा। आपको अपनी किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा और कार्यक्षेत्र में आप किसी पर आंखमूंद कर भरोसा ना करें, इसलिए यदि आपकी कोई डील लंबे समय से लटकी हुई थी, तो उसे भी फाइनल बहुत ही सोच समझकर करें। प्रॉपर्टी की खरीदारी करना आपके लिए अच्छा रहेगा, जिसके लिए आपको कोई लोन आदि भी आसानी से मिल सकता है। परिवार में बड़े बुजुर्गों के साथ आप समय व्यतीत करेंगे।

कुंभ ( Aquarius)
स्वभाव:  मानवतावादी
राशि स्वामी: शनि
शुभ रंग: लाल
आज का दिन आपके लिए सेहत पर पूरा ध्यान देने के लिए रहेगा, क्योंकि सेहत में उतार चढ़ाव रहने से आप परेशान रहेंगे। आप दोस्तों के साथ साल के अंतिम दिन मौज मस्ती करने में व्यतीत करेंगे। आप पार्टी आदि में भी सेहत का पूरा ध्यान रखें, इसलिए वैवाहिक जीवन में आपको थोड़ा तालमेल बनाकर चलना होगा। घूमने-फिरने के दौरान आपको कोई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी। विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा के मार्ग प्रशस्थ होंगे।

मीन (Pisces)
स्वभाव: संवेदनशील
राशि स्वामी: बृहस्पति
शुभ रंग: गुलाबी
आज का दिन आपके लिए लाभदायक रहने वाला है। आप अपने व्यापार पर वाणी की सौम्यता को बनाए रखें, नहीं तो आपका अपने परिवार में किसी सदस्य से कहासुनी होने की संभावना है। राजनीति में कार्यरत लोगों को कुछ आयोजनों में सम्मिलित होने का मौका मिलेगा। आपको अपने जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करना होगा, नहीं तो आपसी रिश्ता में कड़वाहट उत्पन्न हो सकती है और एक दूसरे की भावनाओं को समझें,  जिससे प्रेम बरकरार रहेगा। परस्पर सहयोग की भावना आपके मन में रहेगी।

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Quote of the week

“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton