Vaidik Panchang 27122025 Rashifal Samadhan

🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌤️ *दिनांक – 27 दिसम्बर 2025*
🌤️ *दिन – शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2082*
🌤️ *शक संवत – 1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शिशिर ऋतु*
🌤️ *मास – पौष*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – सप्तमी दोपहर 01:09 तक तत्पश्चात अष्टमी*
🌤️ *नक्षत्र – पूर्वभाद्रपद सुबह 09:09 तक तत्पश्चात उत्तरभाद्रपद*
🌤️ *योग – व्यतीपात दोपहर 12:22 तक तत्पश्चात वरीयान*
🌤️ *राहुकाल – सुबह 09:57 से सुबह 11:18 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 07:15*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:04*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – पंचक*
💥 *विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *ब्रह्म पुराण’ के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- ‘मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।’ (ब्रह्म पुराण’)*
💥 *शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय।’ का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण’)*
💥 *हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)*
       🕉️~*वैदिक पंचांग* ~🕉️
🌷 *5 आयु-आरोग्यवर्धक चीजें एवं 5 आयुनाशक चीजें* 🌷
👉🏻 5️⃣ *चीजों से आयुष्य और आरोग्य बढ़ता है*
➡ *1 संयम : पति – पत्नी हैं फिर भी अलग रहें, थोडा संयम से रहें |*
➡ *2 उपवास : १५ दिन में एक उपवास करें |*
➡ *3 सूर्यकिरणों का सेवन : रोज सुबह सिर को ढककर शरीर पर कम-से-कम वस्त्र धारण करके ८ मिनट सूर्य की ओर मुख व १० मिनट पीठ करके बैठे | सूर्य से आँखें न लडाये |*
➡ *4 प्राणायाम : प्रात:काल ३ से ५ बजे के बीच प्राणायाम करना विशेष लाभकारी है | यह समय प्राणायाम द्वारा प्राणशक्ति, मन:शक्ति, बुद्धिशक्ति विकसित करने हेतु बेजोड़ है |*
➡ *5 मंत्रजप :मंत्रजप से आयुष्य, आरोग्य बढ़ता है और भाग्य निखरता है |*
👉🏻 *इन 5️⃣ कारणों से आयुष्य नष्ट होता है*
1️⃣ *अति शरीरिक परिश्रम*
2️⃣ *भय*
3️⃣ *चिंता*
4️⃣ *कामविकार का अधिक भोग*    
5️⃣ *अंग्रेजी दवाइयाँ, कैप्सूल, इंजेक्शन, ऑपरेशन आदि की गुलामी*
🙏🏻
           🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *मणिपुर केन्द्र कैसे विकसित करें* 🌷
🌞 *सूर्य को अर्घ्य देते समय नाभि में सूर्य का ध्यान कराने से मणिपुर केन्द्र ( ७ केन्द्रों का तीसरा केन्द्र) विकसित होगा। जीवनी शक्ति में लाभ होगा |*
🙏🏻
        🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *सफ़ेद दाग का ईलाज* 🌷
👉🏻 *सबसे पहली बात विरुद्ध आहार छोड़ दो ( सब्जी-रोटी खाये और ऊपर से थोड़ी देर बाद दूध पी लिया, दूध पिया है फिर थोड़ी देर बाद कुछ खा लिया नमक मिर्च वाला ) ….. सफेद दाग हो वे …. एक मुट्ठी काले चने, 125 मिली पानी में डाल दे सुबह 8-9 बजे डाल दे…. उसमे 10 ग्राम त्रिफला चूर्ण डाल दे, 24 घंटे वो पड़ा रहे …ढक के रह दे … 24 घंटे बाद वो छाने जितना खा सके चबाकर के खाये…. सफ़ेद दाग जल्दी मिटेंगें और होमियोपैथीक दवा लें, सफ़ेद दाग होमियोपैथी से जल्दी मिटे है |*
🙏🏻
        🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️

🚩🌺🚩🌺🚩🌺🚩🌺🚩🌺

*🚩🌺कटुता और प्रेम का शाश्वत द्वंद्व : स्वार्थ बनाम निस्वार्थता*

*🚩🌺कटुता वहां उत्पन्न होती है, जहां हम स्वार्थ के लिए जुड़ते हैं…. और प्यार वहां पनपता है,जहां हम निस्वार्थ भाव से जुड़ते हैं..*

🚩🌺🚩🌺🚩🌺🚩🌺🚩🌺

*🚩🌺मानव संबंधों की बुनियाद पर यदि गहराई से विचार किया जाए, तो स्पष्ट होता है कि जहाँ स्वार्थ प्रवेश करता है, वहीं कटुता जन्म लेती है; और जहाँ निस्वार्थ भाव से संबंध जुड़ते हैं, वहीं प्रेम पुष्पित-पल्लवित होता है। यह कोई आधुनिक मनोवैज्ञानिक सिद्धांत नहीं, बल्कि सनातन धर्म के शास्त्रों में प्रतिपादित शाश्वत सत्य है, जिसे हमारे ऋषियों ने सहस्रों वर्ष पूर्व अनुभव और साधना के माध्यम से उद्घाटित किया।*

*🚩🌺स्वार्थ : कटुता की जननी*

*🚩🌺स्वार्थ का अर्थ केवल धन या भौतिक लाभ तक सीमित नहीं है। मान-प्रतिष्ठा, अधिकार, वर्चस्व, अपेक्षा और अहंकार—ये सभी स्वार्थ के ही सूक्ष्म रूप हैं। जब संबंधों का आधार “मुझे क्या मिलेगा” बन जाता है, तब वहीं से असंतोष, ईर्ष्या और द्वेष का आरंभ होता है।*

*🚩🌺महाभारत में धृतराष्ट्र और दुर्योधन का चरित्र इसका ज्वलंत उदाहरण है। धृतराष्ट्र का पुत्र-मोह और दुर्योधन का राज्य-स्वार्थ ही कुरु वंश के विनाश का कारण बना।*

*🚩🕉️श्रीकृष्ण स्पष्ट कहते हैं— “काम एष क्रोध एष रजोगुणसमुद्भवः।” (भगवद्गीता 3.37) अर्थात कामना से क्रोध उत्पन्न होता है।*

*🚩🌺स्वार्थजनित कामना ही अंततः कटुता और विनाश का कारण बनती है।*

*🚩🌺स्वार्थ संबंधों को लेन-देन का व्यापार बना देता है। जैसे ही अपेक्षा पूर्ण नहीं होती, संबंधों में विष घुलने लगता है। यही कारण है कि परिवार, समाज और राष्ट्र—तीनों स्तरों पर आज कटुता बढ़ती जा रही है।*

*🚩🌺निस्वार्थता : प्रेम की भूमि*

*🚩🌺इसके विपरीत, निस्वार्थ भाव वह भूमि है जिसमें प्रेम सहज रूप से पनपता है। निस्वार्थता का अर्थ है—बिना प्रतिफल की कामना किए, केवल कर्तव्य और करुणा के भाव से जुड़ना।*

*🚩🌺उपनिषदों का प्रसिद्ध वाक्य है—“वसुधैव कुटुम्बकम्।” अर्थात संपूर्ण विश्व एक परिवार है। यह भाव तभी संभव है, जब व्यक्ति अपने सीमित स्वार्थ से ऊपर उठे।*

*🚩🌺भगवद्गीता में कर्मयोग का सिद्धांत इसी निस्वार्थता पर आधारित है— “निष्काम कर्म” का अर्थ है फल की इच्छा त्यागकर कर्म करना।*

*🚩🕉️श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं— “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।” (गीता 2.47) जब कर्म फल-आकांक्षा से मुक्त होता है, तब वही कर्म प्रेम, सेवा और शांति का स्रोत बनता है।*

*🚩🕉️रामायण : निस्वार्थ प्रेम का आदर्श*

*🚩🕉️रामायण में भगवान श्रीराम का जीवन निस्वार्थता का सर्वोच्च आदर्श है। पिता की आज्ञा के लिए राज्य त्याग देना, वनवास स्वीकार करना और प्रजा के सुख के लिए व्यक्तिगत कष्ट सहना—ये सभी उदाहरण दर्शाते हैं कि निस्वार्थ भाव से लिया गया निर्णय समाज में प्रेम और श्रद्धा उत्पन्न करता है।*

*🚩🕉️सीता का त्याग, लक्ष्मण की सेवा और भरत का वैराग्य—सब निस्वार्थ प्रेम के विविध रूप हैं। यही कारण है कि राम आज भी “मर्यादा पुरुषोत्तम” के रूप में पूजित हैं।*

*🚩🕉️भक्ति परंपरा और निस्वार्थ भाव*

*🚩🕉️सनातन धर्म की भक्ति परंपरा भी निस्वार्थ प्रेम का साक्षात प्रमाण है। मीरा का कृष्ण-प्रेम, हनुमान का राम-सेवा भाव, और प्रह्लाद की विष्णु-भक्ति—इन सभी में कोई स्वार्थ नहीं, केवल समर्पण है।*

*🚩🕉️नारद भक्ति सूत्र में कहा गया है—*
*🚩🕉️“सा त्वस्मिन्परमप्रेमरूपा।”*
*अर्थात भक्ति परम प्रेम का स्वरूप है, और यह प्रेम तभी संभव है जब अहंकार और स्वार्थ का त्याग हो।*

*🚩🌺आज के समाज में बढ़ती कटुता का मूल कारण यही है कि हम संबंधों को उपयोगिता की दृष्टि से देखने लगे हैं। माता-पिता, पति-पत्नी, मित्रता या राजनीति—हर जगह स्वार्थ हावी है। यदि हम सनातन मूल्यों की ओर लौटें और निस्वार्थ भाव को अपनाएं, तो कटुता स्वतः विलीन हो सकती है।*

*🚩🌺अतः यह कथन पूर्णतः सत्य है कि कटुता वहाँ उत्पन्न होती है, जहाँ हम स्वार्थ के लिए जुड़ते हैं; और प्यार वहाँ पनपता है, जहाँ हम निस्वार्थ भाव से जुड़ते हैं। सनातन धर्म हमें यही सिखाता है कि जब “मैं” का विसर्जन होता है, तब “हम” का उदय होता है। और जहाँ “हम” है, वहीं प्रेम, शांति और सौहार्द का स्थायी निवास है।*

🚩🌺🚩🌺🚩🌺🚩🌺🚩🌺
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🌷🙏🏻🌹

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष 🌹
आपका जन्मदिन: 27 दिसंबर

अंक ज्योतिष का सबसे आखरी मूलांक है नौ। आप बेहद साहसी हैं। आपके स्वभाव में एक विशेष प्रकार की तीव्रता पाई जाती है। आप सही मायनों में उत्साह और साहस के प्रतीक हैं। मंगल ग्रहों में सेनापति माना जाता है। अत: आप में स्वाभाविक रूप से नेतृत्त्व की क्षमता पाई जाती है। लेकिन आपको बुद्धिमान नहीं माना जा सकता। आपके जन्मदिन की संख्या आपस में जुड़ कर नौ होती है। यह मूलांक भूमि पुत्र मंगल के अधिकार में रहता है। मंगल के मूलांक वाले चालाक और चंचल भी होते हैं। आपको लड़ाई-झगड़ों में भी विशेष आनन्द आता है। आपको विचित्र साहसिक व्यक्ति कहा जा सकता है।

आपके लिए खास

शुभ दिनांक : 9, 18, 27

शुभ अंक : 1, 2, 5, 9, 27, 72


शुभ वर्ष :  2036, 2045

ईष्टदेव : हनुमान जी, मां दुर्गा।

शुभ रंग : लाल, केसरिया, पीला

आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: अधिकार क्षेत्र में वृद्धि संभव है। नौकरी में आ रही बाधा दूर होगी। महत्वपूर्ण कार्य योजनाओं में सफलता मिलेगी। राजनैतिक व्यक्ति सफलता का स्वाद चख सकते हैं।

सेहत: स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा।

परियार: मित्रों स्वजनों का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी। आप अपनी शक्ति का सदुपयोग कर प्रगति की और अग्रसर होंगे। पारिवारिक विवाद सुलझेंगे।


🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🌹आज का राशिफल 🌹
*दिनांक : 27 दिसम्बर 2025*

मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन आपके साथ किसी अन्य के भरोसे रहने के कारण धोखा हो सकता है। आवश्यक कार्यो में ही लापरवाही करने से हानि होगी। घर एवं बाहर का वातावरण विपरीत रहेगा। जिनसे काम निकालना होगा वही लोग रूखा व्यवहार करेंगे। आपकी प्रतिभा नजरअंदाज होने से मन में नकारात्मकता बढ़ेगी। कला के क्षेत्र से जुड़े जातक नए सृजन करेंगे। धन के दृष्टिकोण से दिन मायूस करेगा। पारिवारिक जरूरतों की पूर्ति करने में असमर्थ रहने से अशांति बढ़ेगी।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन उतार चढ़ाव वाला रहेगा। स्वभाव में थोड़ा क्रोध रह सकता है फिर भी दैनिक कार्यो में इसका असर नहीं पड़ेगा। आज आप यथार्थ पर कम अमल करेंगे काल्पनिक बाते ज्यादा प्रभावित करेंगी। कार्य क्षेत्र पर मेहनत के अनुसार लाभ होगा। आलस्य के कारण आयवश्यक कार्य में देरी हो सकती है। धन सम्बंधित लेन देन अथवा महत्त्वपूर्ण निर्णय आज ना ही लें। धार्मिक कार्यो में रूचि रहेगी। धर्म क्षेत्र पर निस्वार्थ सेवा देंगे। परिजनों का व्यवहार परेशान कर सकता है।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन आपके लिये सफलता दायक रहेगा। नौकरी अथवा व्यवसाय में आशा के अनुकूल कार्य होने से अन्य लोगो से बेहतर प्रदर्शन करेंगे। धन लाभ भी रुक रुक कर होता रहेगा जिससे भविष्य की योजनाएं बलवती होंगी। उधार दिए धन/सामान की वसूली आज ना करे अन्यथा विवाद हो सकता है। आत्मनिर्भर की भावना रहने से सफलता थोड़े विलम्ब से परन्तु अवश्य मिलेगी। पारिवारिक कारणों से यात्रा करनी पड़ेगी। घरेलु खर्च आज दिल खोल कर करेंगे।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन बीते कुछ समय से बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य अनुकूल बने रहने से कार्यो के प्रति अधिक गंभीर रहेंगे। प्रातः काल से ही अधूरे पड़े कार्यो को पूर्ण करने में जुट जाएंगे। आर्थिक रूप से भी आज का दिन सहायक रहेगा। आशा से अधिक लाभ होने की सम्भवना है परन्तु इसमें व्यवधान भी अधिक आएंगे। बनी बनायी कार्य योजनाओं को किसी के हस्तक्षेप के कारण बदलने से हानि एवं परेशानी होगी फिर भी धन की आमद होने से कार्य सुव्यवस्थित रूप से चलने लगेंगे। घर में शांति भंग हो सकती है ध्यान रखें।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
स्वास्थ्य सम्बंधित विषयो को छोड़ आज का दिन सामान्य रहेगा। शारीरिक रूप से शिथिल रहने के कारण कार्य व्यवसाय में मन कम ही लगेगा फिर भी मध्यान के आस-पास आकस्मिक धन आगम होने से ख़ुशी मिलेगी। आँख-माश्पेशी अथवा जोड़ो में दर्द सम्बंधित समस्या रहेगी। किसी सम्मलेन में भाग लेने के कारण दुविधा में रहेंगे। कार्य क्षेत्र पर अधिकांश समय उदासीनता रहेगी। कार्य विस्तार अथवा नविन कार्यो की रूप रेखा बना सकते है परन्तु शुरुआत आज ना करें। पारिवारिक वातावरण आपके व्यवहार पर केंद्रित रहेगा।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन कार्य व्यवसाय के लिए उत्तम रहेगा फिर भी उधारी के व्यवहार यथा संभव ना ही करे अन्यथा धन निश्चित रूप से फंसेगा। नौकरी पेशा जातक भी बेहतर कार्य के लिए सम्मानित होंगे। अधिकारी वर्ग आप पर अधिक भरोसा दिखाएंगे। व्यवसायी वर्ग कार्य क्षेत्र पर खुल कर निर्णय ले सकेंगे परन्तु धन की प्राप्ति थोड़े विलम्ब से होगी। नए कार्य की योजना फिलहाल टालना ही बेहतर रहेगा। धार्मिक यात्रा के प्रसंग बन सकते है। धर्म-कर्म पर खर्च भी करेंगे। परिजनों का सहयोग मिलेगा।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज परिस्थितियां बदलने से दिनचर्या में भाग-दौड़ लगी रहेगी। पूर्वनियोजित कार्यक्रमो में भी बदलाव करना पड़ सकता है। अधिक क्रोध एवं व्यवहार का तीखापन बनते कार्य बिगाड़ सकता है सतर्क रहें। उधार लिए धन अथवा अन्य वस्तुओं के समय पर नहीं लौटाने के कारण शर्मिंदगी देखनी पड़ेगी। धन सम्बंधित कोई भी आयोजन करने से पहले बड़ो की सलाह अवश्य लें अन्यथा आज ना ही करें। स्त्री-सन्तानो की अनदेखी करना भी भारी पड़ सकता है। विवेक से कार्य करें।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन आपके मस्तिष्क में विचारो की भरमार रहेगी स्वभाव में भी पल पल में परिवर्तन आएगा जिस कारण अन्य व्यक्ति आपके बारे में गलत धारणा रख सकते है। प्रतिस्पर्धी भी आपको हानि पहुचाने का प्रयास करेंगे। कार्यो में विलम्ब एवं असफलता के कारण मनोबल टूट सकता है। आज किसी की ऊपर अधिक दयालुता दिखाना भी हानि करा सकता है। कार्य क्षेत्र पर आकस्मिक खर्च होने से पारिवारिक बजट प्रभावित होगा। सन्तानो के विषय में अपेक्षा के विपरीत समाचार मिलने से कष्ट होगा।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन भी आपकी इच्छाओ के विपरीत कार्य होने से निराश रहेंगे। घर एवं कार्य क्षेत्र के अंदरूनी मामलो को लेकर दुविधा में फंस सकते है। भागीदारी अथवा कमीशन के कार्यो में अचानक रूकावट आने से धन फंसेगा। कार्य के सिलसिले से यात्रा भी करनी पड़ सकती है परन्तु इसमें भी आज असफलता का प्रतिशत अधिक रहेगा। टाल मटोल की वृति भी नुक्सान करा सकती है। संतोषी वृति रखने से भविष्य में लाभ कमा सकते है। पारिवारिक वातावरण भी अस्त-व्यस्त रहेगा। व्यर्थ की बहस से बचें।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आपका आज का दिन सामान्य रहेगा। प्रातः काल के समय किसी प्रियजन से विवाद होने के कारण दिन भर की क्रियाएं अस्त-व्यस्त रहेंगी। मानसिक रूप से भी अशान्त रहेंगे। मन की दुविधा कार्यो में बाधा डालेगी। अधिक परिश्रम करने पर भी न्यून लाभ होगा। आवेश की मात्रा भी अधिक रहेगी फलस्वरूप लोग दूरी बना कर रखेंगे। किसी महिला के कारण मान भंग हो सकता है व्यवहार सिमित रखें। ना चाह कर भी खर्च करना पड़ेगा। आर्थिक कमी रहेगी। रक्त सम्बंधित व्याधि हो सकती है।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन आप धैर्य धारण करेंगे। संतोषी वृति रहने के कारण भाग-दौड़ से दूर रहेंगे। आपके विचार उच्च कोटि के रहेंगे परन्तु स्वयं के ऊपर इन्हें लागू करने में असमर्थ होंगे। कार्य क्षेत्र पर आपके सामने सभी प्रशंसा करेंगे परन्तु पीछे से आलोचना होगी। मित्र परिजन भी स्वार्थ सिद्धि की भावना रखेंगे। कार्यो में हानि की सम्भवना जानते हुए भी व्यवहारिक कारणों से अनदेखा करेंगे। दोपहर के समय आकस्मिक लाभ होने से खर्च चलते रहेंगे। परिजनों की बात आपको अखरेगी परन्तु सही समय की प्रतीक्षा में शांत रहेंगे।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आपका आज का दिन भी शुभफलदायक रहेगा। सेहत उत्तम बनी रहेगी। कार्यो को पूर्ण निष्ठा से करेंगे थोडी बहुत लापरवाही भी कर सकते है फिर भी लाभ के अवसर हाथ से नहीं निकलने देंगे। जानने वालों से किसी महत्त्वपूर्ण कार्य का मार्गदर्शन मिलेगा। आज व्यवसाय आशानुकूल रहेगा परन्तु उधार के व्यवहार अधिक रहने से धन की आमद कम ही रहेगी। कार्य से समय निकाल बाहर मनोरंजन के अवसर तलाशेंगे। अनैतिक कार्यो अथवा व्यसनों से दूर रहें सामाजिक क्षेत्र पर बदनामी हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Quote of the week

“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton