Vaidik Panchang 26122025 Rashifal Samadhan

🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️  *दिनांक – 26 दिसम्बर 2025*
🌤️ *दिन – शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शिशिर ॠतु*
🌤️ *मास – पौष*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – षष्ठी दोपहर 01:43 तक तत्पश्चात सप्तमी*
🌤️ *नक्षत्र – शतभिषा सुबह 09:00 तक तत्पश्चात पूर्वभाद्रपद*
🌤️ *योग – सिद्धि  दोपहर 02:01 तक तत्पश्चात व्यतीपात*
🌤️ *राहुकाल – सुबह 11:18 से दोपहर 12:39 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 07:15*
🌤️ *सूर्यास्त –  06:03*
👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- व्यतीपात योग (दोपहर:02:01 से 27 दिसंबर दोपहर 12:22 तक),पंचक*
💥 *विशेष – *षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
             🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *मन की शान्ति* 🌷
🌿 *मोर पंख आसन के नीचे रखने से मन में शान्ति मिलती है, ध्यान भजन में मन लगता है ।*
🙏🏻
               🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *बच्चों का रोना* 🌷
🍼 *रात को बच्चे उठकर रोते हैं तो दूध आदि पिलाकर/पिलाते हुए सिर पर हाथ घुमाते हुए गुरु मंत्र जप करें, तुलसी की माला पहनाये।*
🙏🏻
          🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *भोजन के पहले और बाद में* 🌷
👉🏻 *भोजन के पहले और बाद में चिंता की बात न सुनो, न सुनाओ; किसी को दुःख की बात सुनानी हो तो देर से सुनाओ, जरा बुद्धिमानी से सुनाओ; दुःख सहने की शक्ति भरते हुए उसे दुःख की बात बताओ*
🙏🏻🙏
पूरा 7-दिवसीय शुद्धिकरण व नज़र-दोष निवारण उपाय — सरल, सुरक्षित और घर में रहने वालों के लिए सौम्य।
;;7-दिवसीय नकारात्मक ऊर्जा शुद्धिकरण उपाय
;(1 – नमक द्वारा ऊर्जा पहचान
एक काँच की कटोरी में सेंधा नमक भरें
इसे सोने के कमरे में रखें
सुबह देखें:
नमक गीला/पिघला → नकारात्मकता मौजूद
सामान्य → हल्की ऊर्जा
;;नमक 7वें दिन फेंकना है, बीच में नहीं।
;;DAY 2 – कपूर शुद्धिकरण
शाम को 2 कपूर जलाएँ
पूरे घर में घुमाएँ
बोलें:
“ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः” (9 बार)
✔️ भारीपन तुरंत हल्का होगा
:::DAY 3 – जल व द्वार शुद्धि
एक लोटे पानी में गंगाजल / थोड़ा नमक
मुख्य द्वार पर छिड़काव करें
द्वार पोंछते समय मन में कहें:
“इस घर में केवल शुभ प्रवेश करे”
;;;DAY 4 – धूप / लोबान
लोबान या देशी धूप जलाएँ
पूजा स्थान से शुरू कर पूरे घर में ले जाएँ
खिड़कियाँ थोड़ी खुली रखें
!!रुकी हुई ऊर्जा बाहर निकलती है
….DAY 5 – दीपक + मंत्र
सरसों के तेल का दीपक
उसमें 1 लौंग
11 बार जप:
“ॐ हनुमते नमः”
….यह दिन बहुत प्रभावी होता है
;,;,;DAY 6 – मौन वाणी शुद्धि
घर में आज:
ऊँची आवाज़
ताना-मार
नकारात्मक चर्चा
////
बिल्कुल नहीं
::;;ऊर्जा शब्दों से सबसे जल्दी सुधरती है
!!!DAY 7 – नमक विसर्जन
DAY-1 वाला नमक
सुबह उठकर
बहते पानी / बाहर मिट्टी में डाल दें
घर आकर हाथ-पैर धो लें
🙏 धन्यवाद भाव रखें
7 दिन पूरे होने के बाद संकेत
✔️ घर में बैठने का मन
✔️ बिना कारण झगड़ा कम
✔️ नींद गहरी
✔️ मन हल्का
✔️ बच्चों में शांति
???ज़रूरी सावधानियाँ
उपाय के दौरान गुस्से से बचें
शराब/मांस से परहेज करें
घर में गंदगी न रखें
          🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
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*🚩🌺कटुता और प्रेम का शाश्वत द्वंद्व : स्वार्थ बनाम निस्वार्थता*

*🚩🌺कटुता वहां उत्पन्न होती है, जहां हम स्वार्थ के लिए जुड़ते हैं…. और प्यार वहां पनपता है,जहां हम निस्वार्थ भाव से जुड़ते हैं..*

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*🚩🌺मानव संबंधों की बुनियाद पर यदि गहराई से विचार किया जाए, तो स्पष्ट होता है कि जहाँ स्वार्थ प्रवेश करता है, वहीं कटुता जन्म लेती है; और जहाँ निस्वार्थ भाव से संबंध जुड़ते हैं, वहीं प्रेम पुष्पित-पल्लवित होता है। यह कोई आधुनिक मनोवैज्ञानिक सिद्धांत नहीं, बल्कि सनातन धर्म के शास्त्रों में प्रतिपादित शाश्वत सत्य है, जिसे हमारे ऋषियों ने सहस्रों वर्ष पूर्व अनुभव और साधना के माध्यम से उद्घाटित किया।*

*🚩🌺स्वार्थ : कटुता की जननी*

*🚩🌺स्वार्थ का अर्थ केवल धन या भौतिक लाभ तक सीमित नहीं है। मान-प्रतिष्ठा, अधिकार, वर्चस्व, अपेक्षा और अहंकार—ये सभी स्वार्थ के ही सूक्ष्म रूप हैं। जब संबंधों का आधार “मुझे क्या मिलेगा” बन जाता है, तब वहीं से असंतोष, ईर्ष्या और द्वेष का आरंभ होता है।*

*🚩🌺महाभारत में धृतराष्ट्र और दुर्योधन का चरित्र इसका ज्वलंत उदाहरण है। धृतराष्ट्र का पुत्र-मोह और दुर्योधन का राज्य-स्वार्थ ही कुरु वंश के विनाश का कारण बना।*

*🚩🕉️श्रीकृष्ण स्पष्ट कहते हैं— “काम एष क्रोध एष रजोगुणसमुद्भवः।” (भगवद्गीता 3.37) अर्थात कामना से क्रोध उत्पन्न होता है।*

*🚩🌺स्वार्थजनित कामना ही अंततः कटुता और विनाश का कारण बनती है।*

*🚩🌺स्वार्थ संबंधों को लेन-देन का व्यापार बना देता है। जैसे ही अपेक्षा पूर्ण नहीं होती, संबंधों में विष घुलने लगता है। यही कारण है कि परिवार, समाज और राष्ट्र—तीनों स्तरों पर आज कटुता बढ़ती जा रही है।*

*🚩🌺निस्वार्थता : प्रेम की भूमि*

*🚩🌺इसके विपरीत, निस्वार्थ भाव वह भूमि है जिसमें प्रेम सहज रूप से पनपता है। निस्वार्थता का अर्थ है—बिना प्रतिफल की कामना किए, केवल कर्तव्य और करुणा के भाव से जुड़ना।*

*🚩🌺उपनिषदों का प्रसिद्ध वाक्य है—“वसुधैव कुटुम्बकम्।” अर्थात संपूर्ण विश्व एक परिवार है। यह भाव तभी संभव है, जब व्यक्ति अपने सीमित स्वार्थ से ऊपर उठे।*

*🚩🌺भगवद्गीता में कर्मयोग का सिद्धांत इसी निस्वार्थता पर आधारित है— “निष्काम कर्म” का अर्थ है फल की इच्छा त्यागकर कर्म करना।*

*🚩🕉️श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं— “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।” (गीता 2.47) जब कर्म फल-आकांक्षा से मुक्त होता है, तब वही कर्म प्रेम, सेवा और शांति का स्रोत बनता है।*

*🚩🕉️रामायण : निस्वार्थ प्रेम का आदर्श*

*🚩🕉️रामायण में भगवान श्रीराम का जीवन निस्वार्थता का सर्वोच्च आदर्श है। पिता की आज्ञा के लिए राज्य त्याग देना, वनवास स्वीकार करना और प्रजा के सुख के लिए व्यक्तिगत कष्ट सहना—ये सभी उदाहरण दर्शाते हैं कि निस्वार्थ भाव से लिया गया निर्णय समाज में प्रेम और श्रद्धा उत्पन्न करता है।*

*🚩🕉️सीता का त्याग, लक्ष्मण की सेवा और भरत का वैराग्य—सब निस्वार्थ प्रेम के विविध रूप हैं। यही कारण है कि राम आज भी “मर्यादा पुरुषोत्तम” के रूप में पूजित हैं।*

*🚩🕉️भक्ति परंपरा और निस्वार्थ भाव*

*🚩🕉️सनातन धर्म की भक्ति परंपरा भी निस्वार्थ प्रेम का साक्षात प्रमाण है। मीरा का कृष्ण-प्रेम, हनुमान का राम-सेवा भाव, और प्रह्लाद की विष्णु-भक्ति—इन सभी में कोई स्वार्थ नहीं, केवल समर्पण है।*

*🚩🕉️नारद भक्ति सूत्र में कहा गया है—*
*🚩🕉️“सा त्वस्मिन्परमप्रेमरूपा।”*
*अर्थात भक्ति परम प्रेम का स्वरूप है, और यह प्रेम तभी संभव है जब अहंकार और स्वार्थ का त्याग हो।*

*🚩🌺आज के समाज में बढ़ती कटुता का मूल कारण यही है कि हम संबंधों को उपयोगिता की दृष्टि से देखने लगे हैं। माता-पिता, पति-पत्नी, मित्रता या राजनीति—हर जगह स्वार्थ हावी है। यदि हम सनातन मूल्यों की ओर लौटें और निस्वार्थ भाव को अपनाएं, तो कटुता स्वतः विलीन हो सकती है।*

*🚩🌺अतः यह कथन पूर्णतः सत्य है कि कटुता वहाँ उत्पन्न होती है, जहाँ हम स्वार्थ के लिए जुड़ते हैं; और प्यार वहाँ पनपता है, जहाँ हम निस्वार्थ भाव से जुड़ते हैं। सनातन धर्म हमें यही सिखाता है कि जब “मैं” का विसर्जन होता है, तब “हम” का उदय होता है। और जहाँ “हम” है, वहीं प्रेम, शांति और सौहार्द का स्थायी निवास है।*

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🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻🌹

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष🌹
आपका जन्मदिन: 26 दिसंबर

26 को जन्मे व्यक्ति धीर गंभीर, परोपकारी, कर्मठ होते हैं। दिनांक 26 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 8 होगा। यह ग्रह सूर्यपुत्र शनि से संचालित होता है। आप भौतिकतावादी है। आप अद्भुत शक्तियों के मालिक हैं। आप अपने जीवन में जो कुछ भी करते हैं उसका एक मतलब होता है। आपकी वाणी कठोर तथा स्वर उग्र है। आपके मन की थाह पाना मुश्किल है। आपको सफलता अत्यंत संघर्ष के बाद हासिल होती है। कई बार आपके कार्यों का श्रेय दूसरे ले जाते हैं।

आपके लिए खास

शुभ दिनांक : 8, 17, 26

शुभ अंक : 8, 17, 26, 35, 44


शुभ वर्ष :2028,2042

ईष्टदेव : हनुमानजी, शनि देवता

शुभ रंग : काला, गहरा नीला, जामुनी



आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
व्यापार: व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी।


करियर: नौकरीपेशा व्यक्ति प्रगति पाएंगे। सभी कार्यों में सफलता मिलेगी। जो अभी तक बाधित रहे है वे भी सफल होंगे। बेरोजगार प्रयास करें, तो रोजगार पाने में सफल होंगे।

परिवार और सेहत: राजनैतिक व्यक्ति भी समय का सदुपयोग कर लाभान्वित होंगे। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे, स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अनुकूल ही रहेगा।

🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🌹आज का राशिफल 🌹
*दिनांक : 26 दिसम्बर 2025*



मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
व्यवसाय के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयास आज फलीभूत होने से आर्थिक समस्याओं का समाधान होगा। बेरोजगार व्यक्तियों को भी रोजगार मिलने की सम्भावना अधिक है। आपसे वाद-विवाद में कोई नहीं जीत पायेगा। बड़बोलेपन के कारण महिलाओं से मतभेद हो सकते है। दिन के उत्तरार्ध में कार्य भार बढ़ने से कमर अथवा अन्य अंगों में दर्द की शिकायत रहेगी। पारिवारिक वातावरण में उतार-चढ़ाव आएंगे फिर भी आनंद रहेगा। आकस्मिक लाभ होगा।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन आप व्यापारिक गतिविधियों की व्यस्तता के चलते परिवार के लिए ज्यादा समय नहीं निकाल पाएंगे। वाणी एवं व्यवहार के बल पर कार्यो में थोड़े परिश्रम से अधिक सफलता मिल सकेगी। मनोबल भी आज बढ़ा हुआ रहेगा। परंतु आज आपको कोई ना कोई कमी भी अनुभव होगी। धन का आगमन होने से थकान भूल जाएंगे। संतानों पर ध्यान देंने की आवश्यकता है। स्त्री से सम्बन्ध भावनात्मक रहेंगे। सुख के साधनों पर खर्च करेंगे।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन आपको सुख शांति प्रदान करेगा। कुछ दिनों से चल रही मानसिक खींच तान कम होने से राहत अनुभव होगी। कार्य क्षेत्र पर केवल धन लाभ पाने के उद्देश्य से कार्य ना करे व्यवहार में कुशलता एवं मिठास रखने से अप्राप्त लक्ष्मी भी प्राप्त कर सकते है। पारिवारिक जीवन में आनंद रहेगा। मित्र रिश्तेदारो से घर में चहल पहल बनेगी कही घूमने की योजना बन सकती है। धन लाभ में विलम्ब होगा परन्तु कार्य रुकेंगे नहीं। सेहत में थोड़ा उतार-चढ़ाव लगा रहेगा।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन मिश्रित फल देगा पूर्वार्ध में सेहत थोड़ी नरम रह सकती है जिसके कारण आलस्य भी रहेगा। काम बेमन से करने पड़ेंगे व्यवहार में भी रुखापन रहने से संबंधो में खटास रहेगी। धीरे धीरे स्थिति में सुधार होगा कार्य स्थल पर महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से व्यस्तता बढ़ेगी। अधिकारी वर्ग आज आप पर ज्यादा भरोसा दिखाएँगे। व्यवसायी वर्ग आज चाह कर भी बेहतर सेवा नहीं दे पाएंगे जिस कारण आलोचना हो सकती है। पुराने कार्यो को पूर्ण करने के बाद ही नए कार्य हाथ लें। परिवार में तनाव रह सकता है।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन ग्रह स्थिति में थोड़ा बदलाव आने से आपको घरेलु मामलो में सफलता मिलेगी। परन्तु आज कार्य क्षेत्र पर अन्य व्यक्ति आपकी कमजोरी का फायदा उठा सकता है। आज किसी के आगे समर्पण कर सकते है इसका फल शुभ ही रहेगा। बाहरी स्थान के कार्यो में सफलता की संभावना ज्यादा रहेगी। नए अनुबंध भी मिल सकते है। पत्नी अथवा किसी अन्य महिला के भाग्य से लाभ होगा। अविवाहितो कि लिए नए रिश्ते आएंगे। मानसिक रूप से संतोषी रहेंगे।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन मिला-जुला रहेगा। सेहत लगभग सामान्य रहेगी। आज किसी अनुबंध के आगे रुकने से धन लाभ की कामना अधूरी रहेगी। व्यवसाय के ऊपर अधिक ध्यान देने के बाद भी कार्य विलम्ब से पूर्ण होंगे लाभ के कई अवसर मिलेंगे परन्तु धनागम के लिए थोड़ी प्रतीक्षा करनी पड़ेगी। अधिकारी वर्ग भी गर्म हो सकते है। सफ़ेद वस्तुओ के कार्य से जुड़े जातको को आकस्मिक धन लाभ अथवा नए अनुबंध मिल सकते है। परिवार के लिए आप महत्त्वपूर्ण रहेंगे। व्यर्थ की यात्रा हो सकती है।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज दिन के आरम्भ में बनते कार्यो में रुकावट आने से अधिक भाग-दौड़ करनी पड़ेगी। मध्यान तक थोड़े बहुत कार्य सफल होने से धन की आमद होगी परन्तु खर्च भी अधिक रहने से बचत नहीं कर पाएंगे। दोपहर के बाद से घर एवं बाहर सहयोगी वातावरण बनने से कार्यो में सरलता रहेगी। समय से पहले ही कार्यो को पूर्ण करने में जुट जाएंगे संध्या के समय तक अधिकांश कार्य पूर्ण होने से धन की आवक होने लगेगी। धार में शांति रहेगी सामाजिक क्षेत्र से प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन आप भावनाओ में बहकर अनुचित कदम उठा सकते है। लोगो के बहकावे में ना आये अन्यथा मान हानि कोर्ट-कचहरी की नौबत आ सकती है। प्रेम प्रसंगों से आज दूरी बनाना ही बेहतर रहेगा। आलसी प्रवृति का लाभ प्रतिस्पर्धी उठा सकते है सावधान रहें। धन लाभ के लिये आज विशेष परिश्रम करना पड़ेगा फिर भी संतोष जनक लाभ हो जाएगा। घर में भाई बंधू अथवा स्त्री से अनबन हो सकती है। सरकारी कार्यो में सफलता मिलेगी। जोड़ो सम्बन्धित समस्या रह सकती है।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन पिछले कुछ दिनों से बेहतर रहेगा। कार्य क्षेत्र पर अतिरिक्त आय के साधन बनेंगे। रुके हुए कार्य पूर्ण होने से भी धन लाभ होगा। सामाजिक गतिविधियों में पूरा समय ना दे पाने से लोगो से किसी से नाराजगी रहेगी। संध्या का समय मनोरंजन वाला रहेगा। उत्तम भोजन के साथ गृहस्थ का सुख मिलेगा। सन्तानो के ऊपर खर्च करना पड़ेगा। किसी गुप्त चिंता के कारण बेचैनी भी रह सकती है।  सेहत आज अच्छी बनी रहेगी।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज भी दिन का अधिकांश समय शांति से व्यतीत होगा। थोड़ी आर्थिक परेशानियां रह सकती है परंतु मानसिक रूप से दृढ़ रहेंगे। जिस भी कार्य को करने की ठानेंगे उसे हानि-लाभ की परवाह किये बिना पूर्ण करके छोड़ेंगे। कार्य क्षेत्र पर अन्य व्यक्ति अथवा भगीदारो की दखलंदाजी से थोड़ी परेशानी एवं बहस हो सकती है। किसी मांगलिक आयोजन में सम्मिलित होने का अवसर भी मिलेगा। बाहर की अपेक्षा घर में समय बिताना पसंद करेंगे। संध्या के समय धन लाभ हो सकता है।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन आप कार्य क्षेत्र से कुछ समय निकालकर मित्र परिवार के साथ मनोरंजन में व्यतीत करेंगे परन्तु आज गलतफहमियों से दूर रहना अति आवश्यक है व्यर्थ के टकराव होने की संभावना है। परोपकार का शुभ फल भी मिलने से प्रसन्नता भी रहेगी। कार्य क्षेत्र पर कम समय देने के बाद भी संतोषजनक धन लाभ हो जाएगा। दाम्पत्य जीवन पहले से बेहतर रहेगा। सन्तानो की प्रगति की सूचना मिलेगी। स्वयं एवं परिजनों की सेहत का विशेष ध्यान रखें। आयवश्यक वस्तुओ पर ही खर्च करेंगे।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज आप अधिक लापरवाह रहने के कारण हानि उठा सकते है। प्रातः काल से ही यात्रा पर्यटन की योजना बनेगी परन्तु इसमें व्यवधान भी आएंगे। कार्य क्षेत्र पर अल्प लाभ से संतोष करना पड़ेगा। नौकरों के ऊपर ज्यादा विश्वास हानि का कारण बन सकता है। वाणी में कठोरता रहने से घर में कलह रहेगी। आर्थिक लेन-देन सोच समझ कर करें। पारिवारिक सदस्य अथवा अन्य भी अपने काम से ही बात करेंगे। संध्या के समय किसी महत्त्वपूर्ण कार्य के बनने से प्रसन्न रहेंगे।

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Quote of the week

“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton