🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक – 21 नवम्बर 2025*
🌤️ *दिन – शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – हेमंत ॠतु*
🌤️ *मास – मार्गशीर्ष*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – प्रतिपदा दोपहर 02:47 तक तत्पश्चात द्वितीया*
🌤️ *नक्षत्र – अनुराधा दोपहर 01:56 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा*
🌤️ *योग – अतिगण्ड सुबह 10:44 तक तत्पश्चात सुकर्मा*
🌤️ *राहुकाल – सुबह 11:02 से दोपहर 12:24 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:54*
🌤️ *सूर्यास्त – 05:54*
👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *काजू प्रयोग* 🌷
🔹 *पैरो की एडियों में दरारे हो, पेट में कृमि हो तो बच्चों को २/३ काजू शहद के साथ अच्छी तरह से चबा चबा कर खाने दे…और बड़े है तो ५/७ काजू…..कृमि,कोढ़, काले मसुडों आदि में आराम होगा |*
🔹 *काजू प्रयोग से मन भी मजबूत होता है*
🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *पितृदोष हो तो* 🌷
👴🏻 *जो लोग पितृदोष से पीड़ित हैं उनके लिए लिंग पुराण में बताया है कि मार्गशीर्ष मास शुक्ल द्वितीया ( जो 22 नवम्बर 2025 शनिवार को है) पितृ पूजन का विधान है …. पितृ के लिए गीता का ७ वां अध्याय पढ़ें …लोटा में जल भरके रखें …. पाठ हो जाए तो सूर्य नारायण को वह जल चढा दें और बोलें — हमारे घर में जो कोई पहले गुजर गए हैं उनके लिए हम आज का गीता पाठ का पुण्य अर्पण करते हैं …. उनकी सद्गति हो ….दिव्य गति हो ….और हमारे घर में सुख शांति बढ़े ।
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *स्त्री संबंधी कोई तकलीफ़ हो तो* 🌷
👩🏻 *स्त्री संबंधी कोई तकलीफ़ हो तो रात को सवा लीटर पानी रख दो … सुबह ज्यादा ठंडा हो तो थोड़ा गरम पानी मिला दो …. ७ तुलसी के पत्ते खा लो …. पानी पी लो …. फिर थोड़ा घूमो …. 8 दिन के अन्दर स्त्री संबंधी कई बीमारी भाग जाएगी ….. मासिक संबंधी कई तकलीफ़ ठीक हो जाएगी …. अधिक आना… देर से आना…पीड़ा से आना सब ठीक हो जायेगा …. कब्जियत भी ठीक हो जाएगी ।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
*लंबी नींद का रहस्य*
अरण्यपुर नाम के शांत गाँव में धर्मनाथ नाम का एक बुज़ुर्ग साधु रहता था। उम्र अधिक होने के बावजूद वह हमेशा प्रसन्न, उत्साहित और जीवन के प्रति कृतज्ञ दिखाई देता था। गाँव के लोग अक्सर उससे पूछते—“बाबा, आपके चेहरे पर हमेशा संतोष क्यों रहता है? क्या आपको मृत्यु का भय नहीं लगता?” इस पर वह मुस्कुराकर केवल एक बात कहते—“रात की नींद एक छोटी मृत्यु है, और मृत्यु एक लंबी नींद।” यह वाक्य सबके मन में सवाल छोड़ देता, पर उसके पीछे की गहराई किसी को समझ नहीं आती। एक दिन गाँव का युवक, देवांश, अपने मन के भय लेकर उनके पास पहुँचा। उसने कहा, “बाबा, मुझे मृत्यु से बहुत डर लगता है। लगता है सब कुछ छिन जाएगा। आप इतने निडर कैसे हैं?” बाबा ने उसे पास बिठाकर एक कहानी सुनाई—“देखो बेटे,नवनीत हर रात जब हम सोते हैं, तब हमारा शरीर स्थिर हो जाता है, हमारी चेतना लुप्त हो जाती है, हमारा मन संसार से कट जाता है। ठीक वैसे ही जैसे मृत्यु में होता है। बस अंतर इतना है कि नींद में साँस चलती रहती है, इसलिए हम फिर लौट आते हैं। और मृत्यु में साँस रुक जाती है, इसलिए वापसी किसी नए शरीर में होती है। जब सोने को हम बिना भय के स्वीकार कर लेते हैं, तो मृत्यु का भय क्यों?” देवांश चकित होकर बोला, “तो क्या हर रात हम मरते हैं बाबा?” बाबा हँसकर बोले, “छोटी सी मृत्यु… और हर सुबह छोटी सी पुनर्जन्म। सोचो, रात को तुमने अपना घर, सामान, रिश्तेदार, सब पीछे छोड़ दिया। सोते समय न तुम संपत्ति के मालिक रहते हो, न किसी पद के, न किसी तकरार के। पर सुबह उठते ही तुम वापस वही सब पा लेते हो—संपत्ति भी, परिवार भी, अवसर भी। यह ईश्वर का उपहार है। एक और सुबह का, एक और जीवन का, एक और मौका बेहतर बनने का।” देवांश पहली बार इस बात को एक नए दृष्टिकोण से समझ रहा था।
बाबा आगे बोले—“मृत्यु से डर इसलिए लगता है क्योंकि हम शरीर से, संपत्ति से, अपनों से अत्यधिक मोह बाँध लेते हैं। जैसे कोई बच्चा खिलौना छूट जाने पर रोता है। पर समझदार वही है, जो जानता हो कि जीवन परिवर्तन का नाम है। जो आज है, वह कल नहीं रहेगा। जो चला गया, उसकी जगह नया आएगा।” फिर बाबा ने अपने झोपड़े के आँगन से सूरज की उगती किरणों की ओर देखते हुए कहा— “हर सुबह जागकर यह मानना चाहिए कि हम मृत्यु के मुँह से लौट आए हैं नवनीत।
हमारा सब कुछ फिर से हमारे पास है। हमारा घर, परिवार, तन-मन—सब सुरक्षित है। इसलिए हर सुबह ईश्वर को धन्यवाद देना सीखो। हर नया दिन तुम्हें इस दुनिया में कुछ अच्छा करने का, कुछ नया सीखने का, और कुछ बदलने का अवसर देता है।” वह बोलते गए—“यदि कोई सुबह नहीं उठता, तो समझो उसकी छोटी नींद बड़ी नींद बन गई है। तब वह किसी नए शरीर में, किसी नए संसार में, किसी नए प्रारंभ में जागेगा। इसे ही नया जन्म कहते हैं।” देवांश के मन में पहली बार मृत्यु का भय कम हुआ।
उसने गहरी साँस ली और महसूस किया कि जीवन कितना अनमोल है। छोटी नींद से जागना भी कितना बड़ा वरदान है। उसने बाबा से कहा—“अब से हर सुबह मैं जीवन का धन्यवाद करूँगा, और हर रात यह स्वीकार करूँगा कि जो भी मिला है, वह ईश्वर की देन है।” बाबा ने मुस्कुराते हुए उसके कंधे पर हाथ रखा—“यही समझ ही इंसान को निर्भय बनाती है नवनीत।
जो हर सुबह को उपहार मान लेता है, वह जीवन भी सुंदर जीता है, और मृत्यु भी।” उस दिन के बाद देवांश का डर समाप्त हो गया। वह हर सुबह कृतज्ञता से भरकर उठता, और हर रात शांति से सो जाता—जैसे वह जीवन और मृत्यु दोनों को समझ चुका हो। और इसी समझ ने उसके जीवन को एक नई दिशा दे दी—क्योंकि जिसने छोटी मृत्यु को स्वीकार लिया, वह लंबी मृत्यु से भी नहीं डरता। यही थी उस बुज़ुर्ग साधु की सीख—कि जीवन हर सुबह लौटने वाला वरदान है, जिसे हमें सम्मान, कृतज्ञता और उत्साह से जीना चाहिए।
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*मां लक्ष्मी नमस्तुभ्यं-नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि – हरिप्रिये नमस्तुभ्यं-नमस्तुभ्यं दयानिधे।।*
*मां दुर्गा जी :*
*ॐ जयंति मंगला काली भद्रकाली कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते।।*
*मां महालक्ष्मी जी :*
*ॐ सर्वाबाधा विनिर्मुक्, धन धान्य सुतान्वितः मनुष्यो मत्परसादेन भविष्यति न संशयः।।*
*मां सरस्वती जी :*
*ॐ सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे किमरूपिणि। विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिभर्वतु मे सदा।।*
*सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके*
*शरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते।।*
जो देवी सभी प्राणियों में शक्तिरूप में स्थित है, उन्हें बार-बार नमस्कार है। यह सम्पूर्ण जगत सच्चिदानंद आदिशक्ति पराम्बा भगवती का ही लीला-विलास है। वे ही इसे अपनी लीला से अद्भुत करती हैं, इस की रक्षा करती हैं, पालन-पोषण करती हैं और अंत में पुनः लीला का संवरण कर सब कुछ अपने में लीन कर लेती हैं। सृष्टि और तिरोधान का यह क्रम अनंत काल से इसी तरह चलता आया है और आगे भी चलता रहेगा। पराम्बा श्रीजगदम्बा भक्तों के कल्याण के लिए अनेक नाम-रूपों में अवतार धारण करती हैं और दुष्टों से जगत की रक्षा करती हैं। महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती आदि तीन अवतार लीलाएं तो अतिप्रसिद्ध ही हैं; वे कभी सती बन जाती हैं और जीव के अहंकार का विनाश करती हैं। कभी वे पार्वती बनकर शिव की अर्धांगिनी बनकर कृपाशक्ति का विस्तार करती हैं। इन भवानी माँ के शुभ चरणों में हम कोटिशः नमन करते हैं।
*सनातन धर्म में नव देवियों की पूजा की जाती है। नौ रूप शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघंटा, कूष्माण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी (दुर्गा) का नाम दिया गया है।*
*माता रानी की कृपा आप सभी परिवारजनों पर सदैव बनी रहे। आपकी सुख, शांति और समृद्धि की मंगल कामनाओं सहित आप सभी की सुबह की राम-राम/जय माता जी दी।।*
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*मातृ देवो भवः*
1. माँ सृजन करती है इसलिए वह ब्रह्माणी है।
2. माँ पालन करती है इसलिए वह वैष्णवी हैI
3. और अपने बच्चों में संस्कारों को सृजित कर दुर्गुणों का नाश करती है इसलिए माँ ही रुद्राणी हैI
4. माँ का प्यार दुनियाँ का सर्वश्रेष्ठ प्यार है, माँ का त्याग दुनियाँ का सर्वश्रेष्ठ त्याग है।
माँ का बलिदान दुनियाँ का सर्वश्रेष्ठ बलिदान है।
माँ की सीख दुनियाँ की सर्वश्रेष्ठ सीख है और माँ की गोद दुनियाँ का सबसे सुरक्षित और शीतल स्थान है।
कभी मंदिर ना जा सको तो कोई बात नहीं बस माँ के चरणों में बैठ जाया करना और कभी माथे पर चंदन ना लगा सको तो कोई बात नहीं बस माँ के चरणों की पवित्र रज माथे पर लगा लेना इससे बढ़कर कोई दूसरा सौभाग्य नहीं हो सकता है।
सारे तीर्थ करने के बावजूद भी यदि सबसे बड़े तीर्थ माँ-बाप की सेवा से वंचित रह गये तो फिर समझ लेना कि सब व्यर्थ ही गया है।
करुणा, प्रेम और वात्सल्य की प्रतिमूर्ति सर्वदेव और सर्ववेद वंदिता माँ के श्री चरणों को समर्पित !!
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जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष 🌹
आपका जन्मदिन: 21 नवंबर
दिनांक 21 को जन्मे व्यक्ति निष्कपट, दयालु एवं उच्च तार्किक क्षमता वाले होते हैं। अनुशासनप्रिय होने के कारण कभी-कभी आप तानाशाह भी बन जाते हैं। आप दार्शनिक स्वभाव के होने के बावजूद एक विशेष प्रकार की स्फूर्ति रखते हैं। आप सदैव परिपूर्णता या कहें कि परफेक्शन की तलाश में रहते हैं यही वजह है कि अक्सर अव्यवस्थाओं के कारण तनाव में रहते हैं। अंक ज्योतिष के अनुसार आपका मूलांक तीन आता है। यह बृहस्पति का प्रतिनिधि अंक है। आपकी शिक्षा के क्षेत्र में पकड़ मजबूत होगी। आप एक सामाजिक प्राणी हैं।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 3, 12, 21, 30
शुभ अंक : 1, 3, 6, 7, 9
शुभ वर्ष : 2028, 2030, 2031, 2034, 2043, 2049, 2052
ईष्टदेव : देवी सरस्वती, देवगुरु बृहस्पति, भगवान विष्णु
शुभ रंग : पीला, सुनहरा और गुलाबी
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
परिवार: दांपत्य जीवन में सुखद स्थिति रहेगी। घर या परिवार में शुभ कार्य होंगे। महत्वपूर्ण कार्य से यात्रा के योग भी है।
करियर: नौकरीपेशा के लिए प्रतिभा के बल पर उत्तम सफलता का है। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद है। किसी विशेष परीक्षा में सफलता मिल सकती है।
कारोबार: नवीन व्यापार की योजना भी बन सकती है। मित्र वर्ग का सहयोग सुखद रहेगा। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे।
मेष (Aries)
स्वभाव: उत्साही
राशि स्वामी: मंगल
शुभ रंग: हरा
आज का दिन आपके लिए मेहनत का फल लेकर आया है। आपकी नेतृत्व क्षमता सबको प्रभावित करेगी। काम में आपकी ऊर्जा और तेजी देखकर लोग आपकी तारीफ़ करेंगे। टीमवर्क से बड़ा फायदा मिलने के योग बन रहे हैं। रिश्तों में थोड़ी नरमी रखें। अहंकार किसी भी छोटी बात को बड़ा बना सकता है। तनाव या सिरदर्द हो सकता है, इसलिए थोड़ा समय निकालकर योग-ध्यान जरूर करें।
वृषभ (Taurus)
स्वभाव: धैर्यवान
राशि स्वामी: शुक्र
शुभ रंग: लाल
आज आप मानसिक रूप से काफी शांत और स्थिर महसूस करेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। रुके हुए काम पूरे होंगे पर नया निवेश करने में जल्दबाज़ी न करें। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। रिश्तों में मिठास बनी रहेगी। पेट से जुड़ी छोटी परेशानी हो सकती है, इसलिए खाने में सादगी रखें।
मिथुन (Gemini)
स्वभाव: जिज्ञासु
राशि स्वामी: बुध
शुभ रंग: सफेद
आज आपकी बात करने की कला और सामाजिकता आपको फायदा देगी। नए लोगों से मिलने का एक अच्छा अवसर बना सकता है। यात्रा भी संभव है। मीडिया, मार्केटिंग, लेखन या कम्युनिकेशन वाले लोगों का दिन खास रहेगा। भाई-बहनों का साथ मिलेगा, वैवाहिक जीवन में हल्का-फुल्का मजाक माहौल को खुशनुमा बनाएगा। यात्रा के दौरान सावधानी रखें।
कर्क (Cancer)
स्वभाव: भावुक
राशि स्वामी: चंद्र
शुभ रंग: पीला
आप आज भावनात्मक रूप से मजबूत रहेंगे। घर-परिवार पर ध्यान ज्यादा रहेगा। ऑफिस में काम पर फोकस रखें, छोटी-छोटी बातों पर बहस से बचें। प्रॉपर्टी से जुड़ी किसी काम में लाभ मिल सकता है। माता का आशीर्वाद और परिवार का साथ आपके लिए ऊर्जा का काम करेगा। पानी के पास समय बिताने से मन शांत होगा।
सिंह राशि (Leo)
स्वभाव: आत्मविश्वासी
राशि स्वामी: सूर्य
शुभ रंग: गुलाबी
आत्मविश्वास और रचनात्मकता आज अपने चरम पर रहेगी। लक्ष्य पूरे करने का उत्साह आपको आगे बढ़ाएगा। बॉस आपसे खुश रहेंगे और नेतृत्व का मौका मिल सकता है। साथी के साथ कहीं घूमने का प्लान बन सकता है। बच्चों से जुड़ी कोई खुशखबरी मिल सकती है। ऊर्जा अच्छी रहेगी।
कन्या (Virgo)
स्वभाव: मेहनती
राशि स्वामी: बुध
शुभ रंग: नीला
आज आपको अनुशासन और व्यवस्थित तरीके से काम करने की ज़रूरत है। काम को टालकर न रखें, जितना ध्यान लगाएंगे उतना अच्छा परिणाम मिलेगा। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। संबंधों में हल्का तनाव हो सकता है, लेकिन धैर्य आपको स्थिति संभालने में मदद करेगा। चिंता से दूर रहें, योग फायदेमंद रहेगा।
तुला (Libra)
स्वभाव: संतुलित
राशि स्वामी: शुक्र
शुभ रंग: पीला
आज का दिन रिश्तों, साझेदारी और संतुलन पर केंद्रित रहेगा। किसी नए पार्टनर या सहयोग से लाभ मिलने के योग हैं। टीम में काम करने से अच्छे परिणाम आएंगे। जीवनसाथी आपकी सबसे बड़ी ताकत बनकर साथ खड़ा रहेगा। भोजन संतुलित और हल्का रखें।
वृश्चिक (Scorpio)
स्वभाव: रहस्यमय
राशि स्वामी: मंगल
शुभ रंग: केसरी
आज आप थोड़े गहरे विचारों में डूबे रहेंगे। अचानक कोई लाभ भी मिल सकता है और कोई छोटा नुकसान भी इसलिए सतर्क रहें। पुराने काम आसानी से पूरे होंगे। इंजीनियरिंग वाले छात्रों को मेहनत बढ़ानी होगी। प्यार के लिए यह दिन अच्छा है, मन की बात साझा करें। प्राइवेट/गुप्त रोगों को हल्के में न लें।
धनु (Sagittarius)
स्वभाव: दयालु
राशि स्वामी: गुरु
शुभ रंग: हरा
आज भाग्य आपका साथ देगा। आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी और यात्रा का योग भी है। पढ़ाई, रिसर्च या उच्च शिक्षा वाले लोगों के लिए शुभ दिन है। नौकरी में पदोन्नति का अवसर मिल सकता है। दोस्त और बुजुर्ग आपकी मदद करेंगे। लंबी यात्रा में स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
मकर (Capricorn)
स्वभाव: अनुशासित
राशि स्वामी: शनि
शुभ रंग: नीला
आप आज अपनी छवि और करियर पर ज्यादा ध्यान देंगे। मेहनत से ही सफलता का रास्ता बनेगा। वरिष्ठ अधिकारी आपकी प्रशंसा करेंगे। राजनीति से जुड़े लोगों के लिए भी अच्छा समय है। पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, जिससे थोड़ी थकान महसूस हो सकती है। घुटनों और जोड़ों के दर्द पर ध्यान दें।
कुंभ ( Aquarius)
स्वभाव: मानवतावादी
राशि स्वामी: शनि
शुभ रंग: सफेद
आज आपका दिमाग नए और अनोखे विचारों से भरा रहेगा। सामाजिक कामों में भी रुचि बढ़ेगी। आय के नए साधन खुल सकते हैं। टेक्नोलॉजी या साइंस से जुड़े लोगों को विशेष सफलता मिलेगी। दोस्तों के साथ समय बिताना आपको नई दिशा देगा। दिनचर्या को संतुलित रखें।
मीन (Pisces)
स्वभाव: संवेदनशील
राशि स्वामी: बृहस्पति
शुभ रंग: गुलाबी
आज आपका अंतर्ज्ञान बढ़ेगा। जो भी मन कहे, उस पर भरोसा कर सकते हैं। खर्चों पर थोड़ा नियंत्रण रखें, लेकिन रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना भी है। साथी के साथ भावनात्मक जुड़ाव गहरा होगा। पानी से जुड़ी बीमारी या एलर्जी से सावधान रहें।

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