🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक – 09 अक्टूबर 2025*
🌤️ *दिन – गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शरद ॠतु*
🌤️ *मास – कार्तिक (गुजरात- महाराष्ट्र आश्विन*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – तृतीया रात्रि 10:54 तक तत्पश्चात चतुर्थी*
🌤️ *नक्षत्र – भरणी रात्रि 08:02 तक तत्पश्चात कृत्तिका*
🌤️ *योग – वज्र रात्रि 09:32 तक तत्पश्चात सिद्धि*
🌤️ *राहुकाल – दोपहर 01:54 से शाम 03:23 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:33*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:18*
👉 *दिशाशूल – दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण –
💥 *विशेष – तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *कार्तिक में दीपदान* 🌷
👉🏻 *गताअंक से आगे …..*
🔥 *दीपदान कहाँ करें* 🔥
🙏🏻 *पद्मपुराण के अनुसार*
🌷 *तेनेष्टं क्रतुभिः सर्वैः कृतं तीर्थावगाहनम्। दीपदानं कृतं येन कार्तिके केशवाग्रतः।।*
➡ *जिसने कार्तिक में भगवान् केशव के समक्ष दीपदान किया है, उसने सम्पूर्ण यज्ञों का अनुष्ठान कर लिया और समस्त तीर्थों में गोता लगा लिया।*
🙏🏻 *ब्रह्मवैवर्त पुराण में कहा गया है जो कार्तिक में श्रीहरि को घी का दीप देता है, वह जितने पल दीपक जलता है, उतने वर्षों तक हरिधाम में आनन्द भोगता है। फिर अपनी योनि में आकर विष्णुभक्ति पाता है; महाधनवान नेत्र की ज्योति से युक्त तथा दीप्तिमान होता है।*
🙏🏻 *स्कन्दपुराण माहेश्वरखण्ड- केदारखण्ड के अनुसार*
🌷 *ये दीपमालां कुर्वंति कार्तिक्यां श्रद्धयान्विताः॥*
*यावत्कालं प्रज्वलंति दीपास्ते लिंगमग्रतः॥*
*तावद्युगसहस्राणि दाता स्वर्गे महीयते॥*
➡ *जो कार्तिक मास की रात्रि में श्रद्धापूर्वक शिवजी के समीप दीपमाला समर्पित करता है, उसके चढ़ाये गए वे दीप शिवलिंग के सामने जितने समय तक जलते हैं, उतने हजार युगों तक दाता स्वर्गलोक में प्रतिष्ठित होता है।*
🙏🏻 *लिंगपुराण के अनुसार*
🌷 *कार्तिके मासि यो दद्याद्धृतदीपं शिवाग्रतः।।*
*संपूज्यमानं वा पश्येद्विधिना परमेश्वरम्।।*
👉🏻 *शेष कल…*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *व्यतिपात योग* 🌷
➡️ *10 अक्टूबर 2025 शुक्रवार को शाम 05:41 से 11 अक्टूबर दोपहर 02:07 तक व्यतिपात योग है।*
🙏🏻 *व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।*
🙏🏻 *वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *विघ्नों और मुसीबते दूर करने के लिए* 🌷
👉 *10 अक्टूबर 2025 शुक्रवार को संकष्ट चतुर्थी है (चन्द्रोदय रात्रि 08:33)*
🙏🏻 *शिव पुराण में आता हैं कि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :*
🌷 *ॐ गं गणपते नमः ।*
🌷 *ॐ सोमाय नमः ।*
🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *कोई कष्ट हो तो* 🌷
🙏🏻 *हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |*
👉🏻 *छः मंत्र इस प्रकार हैं –*
🌷 *ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।*
🌷 *ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।*
🌷 *ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।*
🌷 *ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।*
🌷 *ॐ अविघ्नाय नम:*
🌷 *ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:*
🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞🕒 अक्टूबर 2025 पंचक के समय
प्रारंभ
शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2025 शाम 9:27 बजे
बुधवार, 8 अक्टूबर 2025 सुबह 1:28 बजे तक
*कार्तिक माहात्म्य*
*अध्याय–01*
नैमिषारण्य तीर्थ में श्रीसूतजी ने अठ्ठासी हजार शौनकादि ऋषियों से कहा–‘अब मैं आपको कार्तिक मास की कथा विस्तारपूर्वक सुनाता हूँ, जिसका श्रवण करने से मनुष्य के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और अन्त समय में वैकुण्ठ धाम की प्राप्ति होती है।’
*सूतजी ने कहा–*‘श्रीकृष्ण जी से अनुमति लेकर देवर्षि नारद के चले जाने के पश्चात सत्यभामा प्रसन्न होकर भगवान कृष्ण से बोली।
*सत्यभामा ने कहा–*‘हे प्रभु! मैं धन्य हुई, मेरा जन्म सफल हुआ, मुझ जैसी त्रौलोक्य सुन्दरी के जन्मदाता भी धन्य हैं, जो आपकी सोलह हजार स्त्रियों के बीच में आपकी परम प्यारी पत्नी बनी। मैंने आपके साथ नारद जी को वह कल्पवृक्ष आदिपुरुष विधिपूर्वक दान में दिया, परन्तु वही कल्पवृक्ष मेरे घर लहराया करता है। यह बात मृत्युलोक में किसी स्त्री को ज्ञात नहीं है।
हे त्रिलोकीनाथ! मैं आपसे कुछ पूछने की इच्छुक हूँ। आप मुझे कृपया कार्तिक माहात्म्य की कथा विस्तार पूर्वक सुनाइये जिसको सुनकर मेरा हित हो और जिसके करने से कल्पपर्यन्त भी आप मुझसे विमुख न हों।’
*सूतजी आगे बोले–*‘सत्यभामा के ऎसे वचन सुनकर श्रीकृष्ण ने हँसते हुए सत्यभामा का हाथ पकड़ा और अपने सेवकों को वहीं रूकने के लिए कहकर विलासयुक्त अपनी पत्नी को कल्पवृक्ष के नीचे ले गये फिर हंसकर बोले।
*श्रीकृष्ण ने कहा–*‘हे प्रिये! सोलह हजार रानियों में से तुम मुझे प्राणों के समान प्यारी हो। तुम्हारे लिए मैंने इन्द्र एवं देवताओं से विरोध किया था। हे कान्ते! जो बात तुमने मुझसे पूछी है, उसे सुनो।
एक दिन मैंने (श्रीकृष्ण) तुम्हारी (सत्यभामा) इच्छापूर्ति के लिए गरुड़ पर सवार होकर इन्द्रलोक जाकर कल्पवृक्ष माँगा। इन्द्र द्वारा मना किये जाने पर इन्द्र एवं गरुड़ में घोर संग्राम हुआ और गौ लोक में भी गरुड़ जी गौओं से युद्ध किया।
गरुड़ की चोंच की चोट से उनके कान एवं पूंछ कटकर गिरने लगे जिससे तीन वस्तुएँ उत्पन्न हुई। कान से तम्बाकू, पूँछ से गोभी और रक्त से मेहंदी बनी। इन तीनों का प्रयोग करने वाले को मोक्ष नहीं मिलता।
तब गौओं ने भी क्रोधित होकर गरुड़ पर वार किया जिससे उनके तीन पंख टूटकर गिर गये। इनके पहले पंख से नीलकण्ठ, दूसरे से मोर और तीसरे से चकवा-चकवी उत्पन्न हुए। हे प्रिये! इन तीनों का दर्शन करने मात्र से ही शुभ फल प्राप्त हो जाता है।’ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पढ़ने के लिये हमारा फेसबुक पेज ‘श्रीजी की चरण सेवा’ को लाईक एवं फॉलो करें। अब आप हमारी पोस्ट व्हाट्सएप चैनल पर भी देख सकते हैं। चैनल लिंक हमारी फेसबुक पोस्टों में देखें।
*यह सुनकर सत्यभामा ने कहा–*‘हे प्रभो! कृपया मुझे मेरे पूर्व जन्मों के विषय में बताइए कि मैंने पूर्व जन्म में कौन-कौन से दान, व्रत व जप नहीं किए हैं। मेरा स्वभाव कैसा था, मेरे जन्मदाता कौन थे और मुझे मृत्युलोक में जन्म क्यों लेना पड़ा। मैंने ऐसा कौन सा पुण्य कर्म किया था जिससे मैं आपकी अर्द्धांगिनी हुई ?’
*श्रीकृष्ण ने कहा–*‘हे प्रिये! अब मै तुम्हारे द्वारा पूर्व जन्म में किये गये पुण्य कर्मों को विस्तार पूर्वक कहता हूँ, उसे सुनो।
पूर्व समय में सतयुग के अन्त में मायापुरी में अत्रिगोत्र में वेद-वेदान्त का ज्ञाता देवशर्मा नामक एक ब्राह्मण निवास करता था। वह प्रतिदिन अतिथियों की सेवा, हवन और सूर्य भगवान का पूजन किया करता था। वह सूर्य के समान तेजस्वी था।
वृद्धावस्था में उसे गुणवती नामक कन्या की प्राप्ति हुई। उस पुत्रहीन ब्राह्मण ने अपनी कन्या का विवाह अपने ही चन्द्र नामक शिष्य के साथ कर दिया। वह चन्द्र को अपने पुत्र के समान मानता था और चन्द्र भी उसे अपने पिता की भाँति सम्मान देता था।
एक दिन वे दोनों कुश व समिधा लेने के लिए जंगल में गये। जब वे हिमालय की तलहटी में भ्रमण कर रहे थे, तब उन्हें एक राक्षस आता हुआ दिखाई दिया। उस राक्षस को देखकर भय के कारण उनके अंग शिथिल हो गये और वे वहाँ से भागने में भी असमर्थ हो गये।
तब उस काल के समान राक्षस ने उन दोनों को मार डाला। चूंकि वे धर्मात्मा थे इसलिए मेरे पार्षद उन्हें मेरे वैकुण्ठ धाम में मेरे पास ले आये। उन दोनों द्वारा आजीवन सूर्य भगवान की पूजा किये जाने के कारण मैं दोनों पर अति प्रसन्न हुआ।
गणेश जी, शिवजी, सूर्य व देवी–इन सबकी पूजा करने वाले मनुष्य को स्वर्ग की प्राप्ति होती है। मैं एक होता हुआ भी काल और कर्मों के भेद से पांच प्रकार का होता हूँ। जैसे–एक देवदत्त, पिता, भ्राता, आदि नामों से पुकारा जाता है।
जब वे दोनों विमान पर आरुढ़ होकर सूर्य के समान तेजस्वी, रूपवान, चन्दन की माला धारण किये हुए मेरे भवन में आये तो वे दिव्य भोगों को भोगने लगे।
० ० ०
॥जय जय श्री हरि॥
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जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
आपका जन्मदिन: 9 अक्टूबर
अंक ज्योतिष का सबसे आखरी मूलांक है नौ। आपके जन्मदिन की संख्या भी नौ है। यह मूलांक भूमि पुत्र मंगल के अधिकार में रहता है। आप बेहद साहसी हैं। आपके स्वभाव में एक विशेष प्रकार की तीव्रता पाई जाती है। आप सही मायनो में उत्साह और साहस के प्रतीक हैं। मंगल ग्रहों में सेनापति माना जाता है। अत: आप में स्वाभाविक रूप से नेतृत्त्व की क्षमता पाई जाती है। लेकिन आपको बुद्धिमान नहीं माना जा सकता। मंगल के मूलांक वाले चालाक और चंचल भी होते हैं। आपको लड़ाई-झगड़ों में भी विशेष आनंद आता है। आपको विचित्र साहसिक व्यक्ति कहा जा सकता है।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 9, 18, 27
शुभ अंक : 1, 2, 5, 9, 27, 72
शुभ वर्ष : 2027, 2036, 2045
ईष्टदेव : हनुमान जी, मां दुर्गा।
शुभ रंग : लाल, केसरिया, पीला
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: नौकरी में आ रही बाधा दूर होगी। अपनी शक्ति का सदुपयोग कर प्रगति की और अग्रसर होंगे।
परिवार : पारिवारिक विवाद सुलझेंगे। मित्रों स्वजनों का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी।
महत्वपूर्ण कार्य: आज कई योजनाओं में सफलता मिलेगी। अधिकार क्षेत्र में वृद्धि संभव है। राजनैतिक व्यक्ति सफलता का स्वाद चख सकते हैं। स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा।
मेष (Aries)
स्वभाव: उत्साही
राशि स्वामी: मंगल
शुभ रंग: लाल
आज का दिन आपके लिए कामकाज के मामले में बढ़िया रहने वाला है। नौकरी को लेकर परेशान चल रहे लोगों को कोई बेहतर अवसर हाथ लगेगा। आप भविष्य को लेकर कोई बड़ा इन्वेस्टमेंट करने की सोचेंगे। आप अपने घर-परिवार में जिम्मेदारियां से बिल्कुल पीछे न हटे। ससुराल पक्ष के किसी व्यक्ति से आपकी खटपट हो सकती है। माताजी आपको आज कुछ पारिवारिक मामलों को लेकर बातचीत करेंगे, जिनको लेकर आप कोई बेहतर सलाह दें, तो ही बेहतर रहने वाला है।
वृषभ (Taurus)
स्वभाव: धैर्यवान
राशि स्वामी: शुक्र
शुभ रंग: हरा
आज का दिन आपके लिए ठीक-ठाक रहने वाला है। नौकरी में अधिकारियों को आपकी दी गई सलाह आपको पसंद आएगी, लेकिन परिवार में किसी सदस्य की ओर से आपको कोई निराशाजनक सूचना सुनने को मिल सकती है। आपको अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर एहतियात बरतनी होगी। आपकी सेहत नरम-गरम रहेगी। आप अपनी आय-व्यय में भी संतुलन बनाकर चलेंगे, तो आपके लिए बेहतर रहेगा।
मिथुन (Gemini)
स्वभाव: जिज्ञासु
राशि स्वामी: बुध
शुभ रंग: सफेद
आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है। छोटे बच्चों के साथ आप कुछ समय मौज-मस्ती करने में व्यतीत करेंगे। आपको अपने लंबे समय से रुके हुए कामों को पूरा करने के भी प्रयासों में तेजी लानी होगी। आपको कामों को लेकर व्यस्तता बनी रहेगी, जिससे जीवनसाथी आपसे नाराज हो सकते हैं। आप संतान के करियर को लेकर कोई निर्णय बहुत ही सोच विचारकर लें।
कर्क (Cancer)
स्वभाव: भावुक
राशि स्वामी: चंद्र
शुभ रंग: आसमानी
आज आपको अपने कामों को लेकर योजना बनाकर चलना होगा और आप बुद्धि और विवेक से कोई निर्णय लेंगे, तो आपके लिए बेहतर रहेगा। पारिवारिक संपत्ति से जुड़ा यदि कोई विवाद था, तो वह भी दूर होता दिख रहा है। वरिष्ठ सदस्यों का आपको पूरा सहयोग मिलेगा। विभिन्न क्षेत्रों में आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। आपकी भौतिक सुख सुविधाओं में वृद्धि होगी। आज आपको अपने मन में किसी बात को लेकर संशय नहीं रखना है।
सिंह राशि (Leo)
स्वभाव: आत्मविश्वासी
राशि स्वामी: सूर्य
शुभ रंग: ग्रे
आज का दिन आपके लिए शांतिपूर्ण रहने वाला है। आप अपनी ऊर्जा को सही कामों में लगाएं, तो आपके लिए बेहतर रहेगा। आपकी किसी व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। आप अपने मन में नकारात्मक विचारों को न रखें और जरूरत के हिसाब से खर्च करें। किसी प्रॉपर्टी की डील यदि अटकी हुई थी, तो उसके भी फाइनल होने की संभावना है। आप मौज-मस्ती के मूड में रहेंगे। पिताजी आपको कोई जिम्मेदारी दे सकते हैं।
कन्या (Virgo)
स्वभाव: मेहनती
राशि स्वामी: बुध
शुभ रंग: हरा
आज आप किसी जोखिम भरे काम में हाथ ना डालें, नहीं तो आपका कोई नुकसान होने की संभावना है। राजनीति में कार्यरत लोगों के कामों की सराहना होगी और उन्हें किसी सम्मान से भी नवाजा जा सकता है। आपके चारों ओर का वातावरण खुशनुमा रहेगा और आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आप अपने अनावश्यक खर्चो को भी कंट्रोल करने की पूरी कोशिश करेंगे। प्रेम जीवन जी रहे लोगों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है, उनकी साथी से बॉन्डिंग अच्छी रहेगी।
तुला (Libra)
स्वभाव: संतुलित
राशि स्वामी: शुक्र
शुभ रंग: पीला
आज का दिन आपके लिए लाभदायक रहने वाला है। नौकरी की तलाश में लगे लोगों को कोई अच्छा अवसर हाथ लगेगा। आपके प्रभाव और प्रताप में वृद्धि होगी। वाहनों के प्रयोग से आप सावधानी बरतें और आपको अपनी संतान की कोई बात बुरी लग सकती है, लेकिन फिर भी आप उनसे कुछ नहीं कहेंगे। कुछ नए संपर्कों से आपको लाभ मिलेगा। आपको सेहत के प्रति थोड़ा एहतियात बरतनी होगी।
वृश्चिक (Scorpio)
स्वभाव: रहस्यमय
राशि स्वामी: मंगल
शुभ रंग: गुलाबी
आज का दिन आपके लिए मेहनत से काम करने के लिए रहेगा। आप अपने शौक मौज की चीजों को भी पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगे। जीवनसाथी की भावनाओं का आपको सम्मान करना होगा। आप अपने परिवार में कुछ महत्वपूर्ण निर्णयों को शांति से निपटाने की कोशिश करें। आपको किसी पुराने मित्र से लंबे समय बाद मिलकर खुशी होगी। आप अपने बेवजह के खर्चों को कंट्रोल करके चलेंगे, तो आपके लिए बेहतर रहेगा। माता-पिता के आशीर्वाद से आपका कोई रुका हुआ काम पूरा होगा।
धनु (Sagittarius)
स्वभाव: दयालु
राशि स्वामी: गुरु
शुभ रंग: ग्रे
आज आप अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। जीवनसाथी के साथ आप कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। घूमने-फिरने के दौरान आपको कोई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी। जो विद्यार्थी विदेश जाकर शिक्षा ग्रहण करना चाहते हैं, उन्हें कोई अच्छा अवसर हाथ लगेगा। आप किसी बचत की योजना में धन लगाएंगे। किसी सदस्य के विवाह में आ रही बाधा भी दूर होगी और आप यदि किसी काम को लेकर कोई लोन आदि लेने की सोच रहे थे, तो वह भी आपको मिल जाएगा।
मकर (Capricorn)
स्वभाव: अनुशासित
राशि स्वामी: शनि
शुभ रंग: लाल
आज का दिन आपके लिए असमंजस भरा रहने वाला है। नौकरी में कार्यरत लोगों को भी कुछ तनाव बना रहेगा। आप कोई फैसला जल्दबाजी में न लें, नहीं तो बाद में आपको उसके लिए पछतावा होगा। संतान आपसे किसी चीज की फरमाइश कर सकती है, जिसे आप पूरा अवश्य करेंगे। सरकारी नौकरी की तैयारी में लगे लोगों को थोड़ा सावधान रहना होगा। आपको अपने भाई-बहनों से किसी पैतृक संपत्ति को लेकर कहासुनी हो सकती है।
कुंभ ( Aquarius)
स्वभाव: मानवतावादी
राशि स्वामी: शनि
शुभ रंग: गोल्डन
आज का दिन आपके लिए बाकी दिनों की तुलना में बेहतर रहने वाला है। परिवार में बड़े सदस्य आपको काम को लेकर कोई सलाह दे सकते हैं। आप कार्यक्षेत्र में किसी बड़ी जिम्मेदारी के मिलने से थोड़ा परेशान हो सकते हैं। आपको अपनी किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा। आपको घर-परिवार में किसी नए मेहमान का आगमन हो सकता है। आपको अपने पारिवारिक रिश्तों में एकजुटता बनाए रखनी होंगी। आप कहीं पिकनिक आदि पर जाने की योजना बना सकते हैं।
मीन (Pisces)
स्वभाव: संवेदनशील
राशि स्वामी: बृहस्पति
शुभ रंग: आसमानी
आज आपको किसी दूसरे के मामले में बेवजह बोलने से बचना होगा। किसी धार्मिक आयोजन में आपको सम्मिलित होने का मौका मिलेगा। विद्यार्थी भी शिक्षा से संबंधित समस्याओं को लेकर अपने गुरुजनों से बातचीत कर सकते हैं। आप अपने रुके हुए कामों को लेकर थोड़ा परेशान रहेंगे, जिसके लिए भागदौड़ भी अधिक रहेगी, लेकिन आपको वाहनों का प्रयोग सावधान रहकर करना होगा और किसी से गुस्से में कोई बातचीत ना करें।

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