🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌤️ *दिनांक – 27 सितम्बर 2025*
🌤️ *दिन – शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत – 1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शरद ऋतु*
🌤️ *मास – आश्विन*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – पंचमी दोपहर 12:03 तक तत्पश्चात षष्ठी*
🌤️ *नक्षत्र – अनुराधा 28 सितम्बर रात्रि 01:08 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा*
🌤️ *योग – प्रीति रात्रि 11:46 तक तत्पश्चात आयुष्मान*
🌤️ *राहुकाल – सुबह 09:29 से सुबह 10:59 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:29*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:29*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -*
💥 *विशेष – पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🕉️~*वैदिक पंचांग* ~🕉️
🌷 *मंत्र जप एवं शुभ संकल्प हेतु विशेष तिथि*
➡️ *28 सितम्बर 2025 रविवार को दोपहर 02:27 से 29 सितम्बर सूर्योदय तक रविवारी सप्तमी है।*
🙏🏻 *सोमवती अमावस्या, रविवारी सप्तमी, मंगलवारी चतुर्थी, बुधवारी अष्टमी – ये चार तिथियाँ सूर्यग्रहण के बराबर कही गयी हैं।*
🌷 *इनमें किया गया जप-ध्यान, स्नान, दान व श्राद्ध अक्षय होता है।*
🙏🏻 *(शिव पुराण, विद्येश्वर संहिताः अध्याया (10)*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
👉🏻 *नवरात्रि में इनमें से कोई एक उपाय करें समृद्धि बढ़ेगी*
🌷 *शारदीय नवरात्रि* 🌷
🙏🏻 *नवरात्रि की सप्तमी तिथि यानी सातवें दिन माता दुर्गा को गुड़ का भोग लगाएं । इससे हर मनोकामना पूरी हो सकती है।*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *शारदीय नवरात्रि* 🌷
🙏🏻 *शत्रुओं का नाश करती हैं मां कालरात्रि*
*महाशक्ति मां दुर्गा का सातवां स्वरूप हैं कालरात्रि। मां कालरात्रि काल का नाश करने वाली हैं, इसी वजह से इन्हें कालरात्रि कहा जाता है। मां कालरात्रि की आराधना के समय भक्त को अपने मन को भानु चक्र जो ललाट अर्थात सिर के मध्य स्थित करना चाहिए। इस आराधना के फलस्वरूप भानु चक्र की शक्तियां जागृत होती हैं। मां कालरात्रि की भक्ति से हमारे मन का हर प्रकार का भय नष्ट होता है। जीवन की हर समस्या को पल भर में हल करने की शक्ति प्राप्त होती है। शत्रुओं का नाश करने वाली मां कालरात्रि अपने भक्तों को हर परिस्थिति में विजय दिलाती हैं ।*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
शनि शिंगणापुर में कैसे प्रकट हुई शनि भगवान की स्वयंभू मूर्ति ??
शनि शिंगणापुर एक ग्राम छोटा-सा है लेकिन बड़ा वैश्ष्टि्यूपूर्ण बना हुआ है। 4 कुल के लोग शादी-ब्याह में एक-दूसरे की लड़की ले-देकर खून के रिश्तेदार, संबंधी-समधी बने हुए हैं। यहां के लोग सभी मेहमानों की खातिरदारी तथा हृदयपूर्वक आवभगत करते हैं।
श्री शनिदेव की लोहा एवं पत्थरयुक्त दिखाई देने वाली काले वर्ण वाली 5 फुट 9 इंच लंबी तथा 1 फुट 6 इंच चौड़ी मूर्ति जो आंगन में धूप, ठंडक तथा बरसात में रात-दिन खुले आकाश के नीचे है।
इसके संदर्भ में स्थानीय बुजुर्गों से सुनने में मिला है कि लगभग 350 वर्षों पहले शिंगणापुर में मूसलधार, घमासान बारिश हुई। बारिश इतनी तेज थी कि सामने से कुछ स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था।
खेती पूर्ण पानी तथा बाढ़ से बह रही थी। किसी ने सोचा भी नहीं था कि इतनी तेज बारिश होगी।
शायद अब तक वहां इतनी बारिश नहीं हुई। फलस्वरूप इस छोटे से देहात के आसपास बाढ़ आई और गांव के बगल से ‘पानसनाला’ बहता था। प्रस्तुत श्याम वर्ण पत्थरनुमा श्री शनि भगवान की मूर्ति बहकर आई और पड़ोस के ही बेर के पेड़ से अटककर रुक गई।
वर्षा कम होते ही बाढ़ भी कम हुई। अत: कुछ लोग अपनी झोपड़ी से बाहर निकले। ईश्वर की कृपा से अच्छी बारिश हुई, कहकर संतुष्ट हुए। गांव में खेती के साथ-साथ पशुपालन भी व्यवसाय है अत: गायें, भैंसें आदि चराने के लिए कुछेक गोपाल चरवाहे मवेशी चराने के लिए ‘पानस-नाला’ के तट पर गए।
वहां उन्हें बेर के पेड़ में से एक काले रंग की बड़ी शिला दृष्टिगोचर हुई। इसे देखते ही वे दांतों तले उंगली दबाने लगे कि इतनी बड़ी शिला यहां बहते-बहते कैसे अटक गई ? एक ने दूसरे को दिखाया, करते-करते 4-5 गोपाल इकट्ठे हुए। बातचीत के बाद उन्होंने जिज्ञासावश अपनी लाठी की नोंक से शिला को स्पर्श किया, कुरेदते ही उस स्थान से टप्ऽऽऽटप्ऽऽऽ खून बहने लगा।
फलस्वरूप वहां एक बड़ी चोट के कारण जख्मवश दिखाई दी। वह आघात स्पष्ट प्रतिबिम्बित हो रहा था। खून को बहते देखकर लड़के डरने लगे। कुछे एक तो रक्तस्राव को देखकर भागने लगे थे। वे अपनी गायों को छोड़कर सकपकाते हुए भागकर गांव में आए। ग्राम में बु्जुर्ग तथा अभिभावक, माता-पिता पूछने लगे कि क्या हुआ ? डरते क्यों हो ? भागकर क्यों आए ? अपनी गायें कहां हैं ?
थोड़ी ही देर के बाद उन्होंने बड़ों को शिला का चमत्कार कथन किया। हकीकत सुनकर बड़े भी विस्मयचकित हुए। शिला के रक्तस्राव की खबर हवा की तरह सर्वत्र फैल गई। सारे लोग घर छोड़कर वह करिश्माई देखने पहुंच गए। प्रस्तुत चमत्कार को तो देखते ही रहे। सोचने लगे कि अब क्या किया जाए?
शाम ढलते ही रात होने लगी थी। सब लोग वापस अपने घर चले गए कि कल सुबह कुछ करेंगे। प्रस्तुत निर्णय के साथ लोग रात में खा-पीकर सो गए। सोए तो सही लेकिन प्रस्तुत अलौकिक घटना के कारण रातभर किसी को अच्छी नींद नहीं आई। कुछ लोग रतजगा करते रहे तो कुछ एक अनिच्छा से आंखें बंद कर सोने जा रहे थे, तो कुछेक अलसाए हुए निद्रा की झपकी ले रहे थे कि…!
श्री शनिदेव स्वप्न दृष्टांत : अचानक उसी रजनी बेला में एक स्थानीय निवासी को थोड़ी-सी नींद आई और नींद में श्याम ने जो चमत्कार देखा था, उसी संदर्भ में सपने में उससे शनिदेव ने जो बातचीत की, उसका अंश इस प्रकार है- ‘कल तुमने, गांव वालों ने, गोपालों ने जो कुछ देखा है, वह सब सच है।’ ‘आप कौन बोल रहे हैं ?’ ‘भक्त, मैं साक्षात शनिदेव बोल रहा हूं। मुझे वहां से ले उठाइए और मेरी प्रतिष्ठापना कीजिए- इति शनि भगवान।’
दूसरे ही दिन उस भक्त ने गांव के लोगों को अपने सपने के बारे में कथन किया जिसे सुनकर लोग दंग हुए। उस भक्त के कहने पर गांव के लोग बैलगाड़ी लेकर मूर्ति के पास पहुंचे। जो बेर के पेड़ में अटकी हुई थी। मूर्ति को उठाकर बैलगाड़ी में चढ़ाने का प्रयास सभी का रहा, लेकिन वे कामयाब नहीं हुए। सभी निराश तथा हताश हुए। दिनभर प्रयत्न करने के बावजूद मूर्ति टस से मस नहीं हुई। अंत में मूर्ति गाड़ी में न चढ़ने के कारण लोग मायूस होकर अपने-अपने घर लौट आए।
दूसरे दिन फिर शनि भगवान ने अपने उसी भक्त के स्वप्न में आकर निवेदन किया कि बेटा, मैं उस स्थान से तभी उठूंगा, जो उठाने वाले रिश्ते में सगे मामा-भानजे हों। वे ही मुझे उठाकर कटी हुई बेर की डाली पर डालेंगे। दूसरा, जो बैल जोतेंगे, वे काले वर्ण के हों तथा वे भी रिश्ते में मामा-भानजे हो। भक्त की नींद खुली तो उसने पाया कि वह तो रात की नींद में रहा, सुबह उठकर उसने यह दृष्टांत गांव वालों को बताया और गांव वालों ने भी स्वप्न दृष्टांत के अनुसार ही किया।
तब कहीं मूर्ति कटी हुई बेर की डाली पर डाली गई। यह कितने ताज्जुब की बात रही कि जहां पहले मूर्ति को एकसाथ अनेक लोगों द्वारा उठाने का प्रयास रहा, लेकिन व्यर्थ। जब केवल दे सगे मामा-भानजे उठाने लगे तो वे सफल हुए।
मनुष्य स्वभाव या भक्त के एक स्वभाव की बात यहां देखने लायक है। जिस भक्त के सपने में शनिदेव आते रहे, उसने मन ही मन में उस मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा अपनी ही जमीन में करने की पूरी कोशिश की, लेकिन उस जमीन पर से मूर्ति जरा भी हिलने को तैयार नहीं थी। अत: आज जिस स्थान पर मूर्ति शोभायमान है, उसी स्थान पर आते ही हलचल हूई और मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई।
प्रस्तुत चमत्कार के साक्षी तब गांव के सारे लोग थे। कई दिनों तक मूर्ति जमीन पर मामूली चबूतरे पर थी। अब जो चबूतरा दृष्टिगोचर हो रहा है, वह तब नहीं था। इसका भी एक किस्सा है- सोनई के एक भक्त हैं, श्री जवाहरमल, धनी होने के बावजूद उन्हें पुत्ररत्न नहीं था।
अत: उन्होंने श्री शनिदेव से करबद्ध प्रार्थना की कि ‘अगर मुझे बेटा हुआ तो मैं यहां एक सुंदर-सा चबूतरा बना दूंगा।’ प्रकृति में ऐसा खेल हुआ। शनिभक्त जवाहरमल सेठ को कुछेक दिनों बाद पुत्र होने के संकेत प्राप्त हुए, तब उसने फौरन यहां चबूतरा बना दिया।
यहां यह गौरतलब कि जब चबूतरे का निर्माण चल रहा था, तब कुछेक भक्तों ने यह निवेदन किया कि अब काम चल ही रहा है तो क्यों न प्रस्तुत मूर्ति को पूरी नीचे से निकालकर अच्छा-सा चबूतरा बनाया जाए और फिर प्रतिष्ठित करें? जी हां, ना-नुकूर में कुछेक भक्तों ने अंदर खोदकर मूर्ति को पूरी निकालने की कोशिश की, लेकिन सारे हतबल हुए।
नीचे काफी खुदाई की, फिर भी मूर्ति और भी नीचे दिखती रही, टस से मस नहीं हूई। महान आश्चर्य को देखकर सभी ने शनिदेव की पुन: प्रार्थना की कि हमें मार्गदर्शन करें। फिर एक भक्त को दृष्टांत हुआ जिसमें आदेश था कि केवल चबूतरा बनाओ, मुझे उठाने या हिलाने का प्रयत्न न करें।
फलस्वरूप मूर्ति के चारों ओर तीन फिट का चबूतरा बनवाया। अत: आज हमें श्री शनिदेव की मूर्ति जितनी ऊपर दिखाई देती है, उतनी नीचे भी है।
डॉ0 विजय शंकर मिश्र:
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जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
आपका जन्मदिन: 27 सितंबर
अंक ज्योतिष का सबसे आखरी मूलांक है नौ। आप बेहद साहसी हैं। आपके स्वभाव में एक विशेष प्रकार की तीव्रता पाई जाती है। आप सही मायनों में उत्साह और साहस के प्रतीक हैं। मंगल ग्रहों में सेनापति माना जाता है। अत: आप में स्वाभाविक रूप से नेतृत्त्व की क्षमता पाई जाती है। लेकिन आपको बुद्धिमान नहीं माना जा सकता। आपके जन्मदिन की संख्या आपस में जुड़ कर नौ होती है। यह मूलांक भूमि पुत्र मंगल के अधिकार में रहता है। मंगल के मूलांक वाले चालाक और चंचल भी होते हैं। आपको लड़ाई-झगड़ों में भी विशेष आनन्द आता है। आपको विचित्र साहसिक व्यक्ति कहा जा सकता है।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 9, 18, 27
शुभ अंक : 1, 2, 5, 9, 27, 72
शुभ वर्ष :, 2036, 2045
ईष्टदेव : हनुमान जी, मां दुर्गा।
शुभ रंग : लाल, केसरिया, पीला
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: अधिकार क्षेत्र में वृद्धि संभव है। नौकरी में आ रही बाधा दूर होगी। महत्वपूर्ण कार्य योजनाओं में सफलता मिलेगी। राजनैतिक व्यक्ति सफलता का स्वाद चख सकते हैं।
सेहत: स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा।
परियार: मित्रों स्वजनों का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी। आप अपनी शक्ति का सदुपयोग कर प्रगति की और अग्रसर होंगे। पारिवारिक विवाद सुलझेंगे।
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन आपके लिये भाग्यशाली है। नक्षत्र आपके लिये अत्यंत अनुकूल है। सकारात्मक विचार करने से आप सकारात्मक ऊर्जा पाएंगे जिससे आप अपने मकसद तक पहुंच सकेंगे। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा । त्याग भावना से अत्यन्त आत्मसंतुष्टि मिलेगी। समर्पण का भाव रहेगा। किसी मांगलिक – धार्मिक समारोह में जाने का अवसर मिलेगा । यदि आप किसी परियोजना पर कार्य कर रहे हैं तो आप जिन बदलावों को लागू करने का इरादा कर रहे हैं यह उनके लिए संभवतः सबसे अनुकूल समय नहीं है। गुस्सा त्याग करने से ही सकारात्मकता आएगी। आर्थिक सहायता में भी देरी हो सकती है। स्वास्थ्य सुधार होगा।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी , वु , वे, वो)
आप किसी ऐसे व्यक्ति की ओर आकर्षित होंगे जो आपकी रुचियों और इच्छाओं तथा जुनून को साझा करेगा।यदि अपने किसी के साथ कुछ गलत किया है, तो हमेशा अपनी गलती मानकर माफी मांगना ही बेहतर होगा । आज आपके पश्चाताप को समझा जाएगा और आप माफ किए जाएँगे।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज आप जिन लोगों से मिलेंगे उनके लिए आप एक प्रेरणा होंगे। आपकी फुर्तीली ऊर्जा और आपके चारों ओर प्रेम तथा सुंदरता उन्हें प्रोत्साहित करती है।
आज आप भाग्यशाली साबित हो सकते है। परंतु आज छोटे से काम के लिये भी आपको जोर लगाना होगा या बहुत प्रयास करना होगा।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आपके इरादो से संबंधित पुस्तकों का संदर्भ लें। यह पुस्तकें आपको यशस्वी योजनायें बनाने में मार्गदर्शन करेगी।आप सामान्य तौर पर चुस्त और प्रबल हैं। परंतु पिछले कुछ दिनो सें आपके व्यस्तता के कारण हो रही थकावट आपको सुस्त कर देगी। पर्याप्त आराम करें जिससे आप ठीक हो जाएंगे।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आपका दिन सामान्य रहेगा । किसी को अनचाही सलाह या तारीफ देने से बचें। मान सम्मान में वृद्धि होगी । सामाजिक दायरा बढेगा । घरेलू समस्या का समाधान करने हेतू आपको उसमें शामिल सभी लोगो की राय लेनी चाहिये। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा । दिनचर्या वयस्त रहेगी . स्वास्थ्य सही रहेगा।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आपको नुकसान पहुँचाने का कारण बने व्यक्ति पर दया दिखाना या उसे माफ करना आपके लिये आज मुश्किल होगा। ऐसा करने हेतू अत्यधिक समझ की आवश्यकता होती है। परंतु हर व्यक्ति के बारें मे सहानुभूति रखने की आपकी क्षमता आपको ऐसे व्यक्ति को माफ करने में सहायता करेगी।कामकाजी महिलाओं को घर और कार्यालय दोनों जगह पर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यह उनके लिए एक कठिन दिन होगा।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
अपनी भावनाओं और मनोभावों को उस व्यक्ति के सामने स्पष्ट और खुले रूप से व्यक्त करें जिससे आप आकर्षित हैं। अस्वीकृति से भयभीत न हों।
आज आपको कुछ कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। किंतु आप अपनी बौद्धिकता और विश्लेषणात्मक शक्तियों के साथ सभी का समाधान करने में सक्षम होंगे।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आप एकबार पुन: दीर्घकालिक स्वप्न पर कार्य करने का प्रयास कर सकते हैं। कभी भी देरी नहीं है। वास्तव में, आपको अपने सपनों को पहले की अपेक्षा पूरा करना अधिक आसान हो सकता है।आपको अपने प्रेमी के आसपास कुत्ते के पिल्ले के समान प्रेम की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है। बस आगे बढ़िए और प्रस्ताव दीजिए और आपको निश्चित ही एक सकारात्मक प्रतिसाद मिलता है।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आपका मजाकिया स्वभाव आपको मित्रों और दूसरे लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय बनाता है जिनसे आप आज मिलते हैं। यह उन लोगों को भी उत्साहित करेगा जिनके साथ आप कार्य करते हैं।
आपको नुकसान पहुँचाने का कारण बने व्यक्ति पर दया दिखाना या उसे माफ करना आपके लिये आज मुश्किल होगा। ऐसा करने हेतू अत्यधिक समझ की आवश्यकता होती है। परंतु हर व्यक्ति के बारें मे सहानुभूति रखने की आपकी क्षमता आपको ऐसे व्यक्ति को माफ करने में सहायता करेगी।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
महिलाएँ आज जिन पार्टियों या फंक्शनों में उपस्थित होंगी उनमें वे आकर्षक और लोकप्रिय होंगी।
संपत्ती के बारे में या कोई घरेलू समस्या का समाधान करने हेतू आपको उसमें शामिल सभी लोगो की राय लेनी चाहिये। कुछ समय अपने अहंकार को दूर रखें।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन मिश्रित फलदायक रहेगा। आज आपकी अथवा घर में किसी सदस्य की सेहत अकस्मात ख़राब होने या पुराने रोग के बढ़ने से भाग-दौड़ करनी पड़ेगी। कार्य क्षेत्र पर भी आज आर्थिक कारणों से कार्य अटक सकते है। उधार की वसूली में परेशानी आएगी। किसी अरिष्ट की चिंता से मन व्याकुल रहेगा। सहकर्मियों का सहयोग मिलने से थोड़ी राहत मिलेगी। कर्ज लेना पड़ सकता है। मानसिक तनाव ना बढ़ने दें आध्यात्म का सहारा लें।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
भावनात्मक रुप से आपका कठिन समय चल रहा है तथा आपके हृदय के घाव भरने में थोड़ा और समय लगेगा। परंतु आपके अपने लोगों से आपको करुणा एवं सहानुभूति प्राप्त होगी। जल्द ही यह समय भी निकल जाएगा।आज आप निष्क्रियता एवं थकावट महसूस करेंगे। यह आपके सक्रिय स्वभाव के विपरीत होगा। सहजता से क्षुब्ध भी हो जायेंगे।

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