🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌤️ *दिनांक – 15 सितम्बर 2025*
🌤️ *दिन – सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत – 1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शरद ऋतु*
🌤️ *मास – आश्विन (गुजरात-महाराष्ट्र भाद्रपद)*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – नवमी 16 सितम्बर रात्रि 01:31 तक तत्पश्चात दशमी*
🌤️ *नक्षत्र – मृगशिरा सुबह 07:31 तक तत्पश्चात आर्द्रा*
🌤️ *योग – व्यतीपात 16 सितम्बर रात्रि 02:34 तक तत्पश्चात वरीयान*
🌤️ *राहुकाल – सुबह 07:58 से सुबह 09:30 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:26*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:40*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – नवमी का श्राद्ध, सौभाग्यवती का श्राद्ध, व्यतीपात योग (प्रातः 04:55 से मध्यरात्रि 02:34 तक)*
💥 *विशेष – नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🕉️~*वैदिक पंचांग* ~🕉️
🌷 *इससे आपका मन लगने लगेगा* 🌷
➡ *यदि दुकान अथवा व्यवसाय-स्थल पर आपका मन नहीं लगता है तो इसके लिए आप जिस स्थान पर बैठते हैं वहाँ थोडा-सा कपूर जलायें, अपनी पसंद के पुष्प रखें और स्वस्तिक या ॐकार को अपलक नेत्रों से देखते हुए कम-से-कम ५ – ७ बार ॐकार का दीर्घ उच्चारण करें |*
➡ *अपने पीछे दीवार पर ऊपर ऐसा चित्र लगायें जिसमें प्राकृतिक सौंदर्य हो, ऊँचे –ऊँचे पहाड़ हों परंतु वे नुकीले न हों और न ही उस चित्र में जल हो अथवा यथायोग्य किसी स्थान पर आत्मज्ञानी महापुरुषों, देवी-देवताओं के चित्र लगायें | इससे आपका मन लगने लगेगा |*
🙏🏻
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *पितृ पक्ष* 🌷
🙏🏻 *अभी पितृ पक्ष चल रहा है | अपने घर के लोग जो गुजर गये हैं | उनकी आत्मा को शांति देने के लिए इतना जरूर करें कि अब सर्व पितृ अमावस्या आयेगी, (21 सितम्बर 2025 रविवार को ) उस दिन गीता का 7 अध्याय पाठ करें, सूर्य भगवान के सामने जल और अन्न ले जाकर प्रार्थना करें कि: “हे सूर्यदेव, यमराज आपके पुत्र हैं, हमारे घर के जो भी गुजर गये उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें, आज के गीता के पाठ का पुण्य उनके लिए दीजिये” पितृ गण राजी होंगे, घर में अच्छी संतान जन्म लेगी यह सर्व पितृ अमावस्या के दिन जरूर करें।*
🙏🏻
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *उन्नतिकारक कुंजियाँ* 🌷
👉🏻 *हल्का भोजन करने से शरीर में स्थूलता कम होती है, मन भी सूक्ष्म होता है | सूक्ष्म मन प्रसन्नता का द्योतक है |*
👉🏻 *भृकुटी में तिलक करने से ज्ञानशक्ति का विकास होता है |*
🙏🏻
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
*💐💐वस्तु का मूल्य💐💐*
एक गांव में एक बूढ़ा व्यक्ति रहता था जो वस्तुओं के उपयोग के मामले में बहुत कंजूस था।उन्हें बचा बचा कर उपयोग किया करता था। उसके पास एक चांदी का पात्र था, जिसे वह बहुत संभाल कर रखता था क्योंकि वह उसकी सबसे मूल्यवान वस्तु थी। उसने सोचा हुआ था कि कभी किसी विशेष व्यक्ति के आने पर उसे भोजन कराने के लिए उस पात्र को उपयोग करेगा।
एक बार उसके यहां एक संत भोजन पर आए। उसका विचार था कि संत को उस चांदी के पात्र में भोजन परोसेंगे।भोजन का समय आते आते उसका विचार बदल गया। “मेरा पात्र बहुत कीमती है, एक गांव-गांव भटकने के वाले साधू के लिए उसे क्या निकालना!” किसी राजसी व्यक्ति के आने पर यह पात्र इस्तेमाल करूंगा।
कुछ दिनों बाद उसके घर राजा का मंत्री भोजन पर आया। पहले उसके मन में विचार आया कि मंत्री को चांदी के पात्र में भोजन कराएंगे लेकिन तुरन्त उसने विचार बदल दिया। “यह तो राजा का मंत्री है, जब राजा स्वयं मेरे घर भोजन करने आएंगे तब कीमती पात्र निकाल लूंगा”।
कुछ समय और बीता। एक दिन राजा स्वयं उस के घर भोजन के लिए पधारे। वह राजा अभी कुछ समय पूर्व ही अपने पड़ोसी राजा से युद्ध में हार गए थे और उनके राज्य के कुछ हिस्से पर पड़ोसी राजा ने कब्जा कर लिया था। भोजन परोसते समय बूढ़े व्यक्ति को विचार आया कि अभी-अभी हुई पराजय के कारण राजा का गौरव कम हो गया है। इस कीमती पात्र में तो किसी गौरवशाली व्यक्ति को ही भोजन कराऊंगा।इस तरह उसका पात्र बिना उपयोग के पड़ा रहा।
कुछ समय उपरांत बूढ़े व्यक्ति की मृत्यु हो गई। मृत्यु उपरांत एक दिन उसके बेटे को वह पात्र दिखाई दिया जो कि रखे रखे काला पड़ चुका था। उसने वह पात्र अपनी पत्नी को दिखाया पूछा, इसका क्या करें ? वह चांदी का पात्र इतना काला पड़ चुका था कि पहचान में नहीं आ रहा था कि यह चांदी का हो सकता है। उसकी पत्नी मुंह बनाते हुए बोली, “कितना गंदा पात्र है, इसे कुत्ते के भोजन देने के लिए निकाल दो”। उस दिन के बाद से उनका पालतू कुत्ता उस चांदी के बर्तन में भोजन करने लगा।
जिस पात्र को बूढ़े व्यक्ति ने जीवन भर किसी विशेष व्यक्ति के लिए संभाल कर रखा था, अंततः उसकी यह गत हुई।
*💐शिक्षा💐*💐💐💐
*कोई वस्तु कितनी भी मूल्यवान क्यों ना हो, उसका मूल्य तभी है जब वह उपयोग में लाई जाए। बिना उपयोग के बेकार पड़ी कीमती से कीमती वस्तु का भी कोई मूल्य नहीं। इसलिए अपने पास जो भी वस्तुऐं हों उसका यथा समय उपयोग अवश्य करना चाहिए।* गांव में एक बूढ़ा व्यक्ति रहता था जो वस्तुओं के उपयोग के मामले में बहुत कंजूस था।उन्हें बचा बचा कर उपयोग किया करता था। उसके पास एक चांदी का पात्र था, जिसे वह बहुत संभाल कर रखता था क्योंकि वह उसकी सबसे मूल्यवान वस्तु थी। उसने सोचा हुआ था कि कभी किसी विशेष व्यक्ति के आने पर उसे भोजन कराने के लिए उस पात्र को उपयोग करेगा।
एक बार उसके यहां एक संत भोजन पर आए। उसका विचार था कि संत को उस चांदी के पात्र में भोजन परोसेंगे।भोजन का समय आते आते उसका विचार बदल गया। “मेरा पात्र बहुत कीमती है, एक गांव-गांव भटकने के वाले साधू के लिए उसे क्या निकालना!” किसी राजसी व्यक्ति के आने पर यह पात्र इस्तेमाल करूंगा।
कुछ दिनों बाद उसके घर राजा का मंत्री भोजन पर आया। पहले उसके मन में विचार आया कि मंत्री को चांदी के पात्र में भोजन कराएंगे लेकिन तुरन्त उसने विचार बदल दिया। “यह तो राजा का मंत्री है, जब राजा स्वयं मेरे घर भोजन करने आएंगे तब कीमती पात्र निकाल लूंगा”।
कुछ समय और बीता। एक दिन राजा स्वयं उस के घर भोजन के लिए पधारे। वह राजा अभी कुछ समय पूर्व ही अपने पड़ोसी राजा से युद्ध में हार गए थे और उनके राज्य के कुछ हिस्से पर पड़ोसी राजा ने कब्जा कर लिया था। भोजन परोसते समय बूढ़े व्यक्ति को विचार आया कि अभी-अभी हुई पराजय के कारण राजा का गौरव कम हो गया है। इस कीमती पात्र में तो किसी गौरवशाली व्यक्ति को ही भोजन कराऊंगा।इस तरह उसका पात्र बिना उपयोग के पड़ा रहा।
कुछ समय उपरांत बूढ़े व्यक्ति की मृत्यु हो गई। मृत्यु उपरांत एक दिन उसके बेटे को वह पात्र दिखाई दिया जो कि रखे रखे काला पड़ चुका था। उसने वह पात्र अपनी पत्नी को दिखाया पूछा, इसका क्या करें ? वह चांदी का पात्र इतना काला पड़ चुका था कि पहचान में नहीं आ रहा था कि यह चांदी का हो सकता है। उसकी पत्नी मुंह बनाते हुए बोली, “कितना गंदा पात्र है, इसे कुत्ते के भोजन देने के लिए निकाल दो”। उस दिन के बाद से उनका पालतू कुत्ता उस चांदी के बर्तन में भोजन करने लगा।
जिस पात्र को बूढ़े व्यक्ति ने जीवन भर किसी विशेष व्यक्ति के लिए संभाल कर रखा था, अंततः उसकी यह गत हुई।
*💐शिक्षा💐*💐💐💐
*कोई वस्तु कितनी भी मूल्यवान क्यों ना हो, उसका मूल्य तभी है जब वह उपयोग में लाई जाए। बिना उपयोग के बेकार पड़ी कीमती से कीमती वस्तु का भी कोई मूल्य नहीं। इसलिए अपने पास जो भी वस्तुऐं हों उसका यथा समय उपयोग अवश्य करना चाहिए।*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌼🌼जय जय श्री हित हरिवंश 🌼🌼
🌼यह बात सत्य है कि किशोरी जी के चरणों की भक्ति का द्वार कोई भी स्पर्श नहीं कर सकता। आज से लगभग 550 वर्ष पूर्व किसी को किशोरी जी के वास्तविक स्वरूप का ज्ञान नहीं था। उस समय तक यही समझा जाता था कि “किशोरी” केवल माता का एक नाम है।
जब महाप्रभु जी का प्राकट्य हुआ, तब उन्होंने ही किशोरी जी के रहस्य को प्रकट किया और संसार को उनके सच्चे स्वरूप से परिचित कराया। तभी से किशोरी जी की भक्ति का वास्तविक मार्ग स्पष्ट हुआ।🌼
🌼कोई भी यह न सोचे कि आपने स्वयं यह मार्ग चुना है — यह तो केवल किशोरी जी की अपार कृपा है, तभी तो हम श्रीजी का नाम ले पा रहे हैं।🌼
🌼आप स्वयं इस मार्ग पर नहीं आए, बल्कि लाए गए हैं। यह सब किसी संत की सेवा, उनकी कृपा, अथवा किसी पूर्व जन्म के शुभ संस्कारों का फल है, जिसके कारण आज हम श्रीजी का नाम स्मरण कर पा रहे हैं।🌼
🌼भावार्थ: यह मार्ग हमारा स्वयं का चुनाव नहीं है, यह तो पूर्णतः ईश्वरीय योजना और कृपा का परिणाम है।🌼
🌼साधक को कुछ विशेष बातों का सदैव ध्यान रखना चाहिए:
🌼अनन्यता –
मेरा मन न तो किसी और को देखने की इच्छा करता है और न ही मैं यह चाहता/चाहती हूँ कि कोई और मुझे देखे। मेरा सम्पूर्ण चित्त केवल मेरे आराध्य में ही स्थित हो — यही सच्ची अनन्यता है।🌼
🌼भजन को पहचानना –
भजन को पचाना आवश्यक है। केवल प्रदर्शन करना, दूसरों को दिखाने के लिए भक्ति करना, यह कपट का मार्ग है। सच्चा भजन अंतर्मुखी होता है, न कि बाह्य प्रदर्शन का साधन।🌼
🌼वैष्णवों के अपराध से बचना –
हमें किसी भी वैष्णव के प्रति अपराध करने से बचना चाहिए।
हमें नाटक नहीं, भाव चाहिए।
भक्ति मार्ग में सबसे बड़ा पतन तब होता है जब हम किसी सच्चे भक्त का ही अपमान या तिरस्कार कर बैठते हैं।
और ध्यान रहे — भक्त के अपराध से केवल एक भक्त ही बचा सकता है।🌼
🌼महाप्रभु, कृपा करके एक बार मुझे श्रीजी से बात करवा दीजिए।
बस एक बार —
जो भी कहें, जैसा भी कहें, जितना भी कहें —
मैं केवल उनके शब्द नहीं, उनकी चुप्पी भी सुन लूंगा/लूंगी।
आप ही तो वो एकमात्र सेतु हैं हमारे और हमारे आराध्य के बीच।
आपकी ही कृपा से हम नाम ले पा रहे हैं, भाव में डूब पा रहे हैं।
तो एक बार… बस एक बार,
मुझे अपने श्रीनाथजी, अपने ठाकुरजी, अपने प्राणप्रिय श्रीजी से बात करवा दीजिए…”🌼🌼
🌼श्री हरिवंश चरण शरणम्।
मैं महाप्रभु के चरणों की ही शरण में हूँ।
मेरी कोई और गति नहीं, कोई और आश्रय नहीं।
जिन्होंने श्रीजी को हमसे मिलाया,
जिन्होंने प्रेम का मार्ग दिखाया,
जिनकी कृपा से ही हमारा जीवन ठाकुरजी के चरणों तक पहुँचा —
उन्हीं महाप्रभु श्री हरिवंश जी के चरणों में मेरा सम्पूर्ण समर्पण है।
वहीं से मेरी यात्रा शुरू होती है, और वहीं पर समाप्त हो जाती🌼
🌼”मैं हूँ श्री हरिवंश का,
श्री हरिवंश मेरे हैं” —
यह केवल शब्द नहीं, यह तो एक सम्पूर्ण आत्मसमर्पण है।🌼
🌼यदि आचार्य चरणों में दृढ़ भक्ति न हो,
तो श्रीजी की प्राप्ति केवल कल्पना बनकर रह जाती है।
क्योंकि वही तो द्वार हैं, वही तो सेतु हैं —
जिनके माध्यम से ठाकुरजी तक पहुँचना संभव है।
जैसे बिना सूरज के रोशनी नहीं मिलती,
वैसे ही बिना आचार्य कृपा के ठाकुरजी नहीं मिलते।🌼
🌼पहली माला — आचार्य चरणों को समर्पित।
क्योंकि वही हैं जो मार्ग दिखाते हैं, जो श्रीजी तक पहुँचने का द्वार खोलते हैं।🌼
🌼दूसरी माला — गुरुदेव को अर्पित।
जिनकी वाणी, जिनके संस्कार, और जिनकी छाया में साधक पुष्पित होता है।🌼
🌼तीसरी माला — समस्त जीवों के हित हेतु।
सभी वैष्णवों, समस्त प्राणियों के मंगल के लिए — क्योंकि सच्ची भक्ति आत्मकल्याण के साथ-साथ परहित की कामना भी करती है।🌼
🌼🌸 प्रिया-प्रितम की सेवा ये है 🌸
भज हरिवंश, जप हरिवंश,
हरिवंश सु नाम रे…
प्रिया की प्रीति वही जाने,
जो रमे हरि के धाम रे।
मन मंदिर में दीप जले,
हरिवंश गुणों की शाम रे॥
भज हरिवंश, जप हरिवंश,
हरिवंश सु नाम रे…
जहाँ न काम, न क्रोध का वास,
केवल प्रेम विराजे पास।
सेवा का वह सच्चा रस,
हरिवंश नाम में मिले प्रकाश॥
भज हरिवंश, जप हरिवंश,
हरिवंश सु नाम रे…
ना जप और, ना तप और,
ना ही कोई अवलंब रे।
बस नाम ले हरिवंश का,
मिट जाए भव-भ्रम जंजाल रे॥
भज हरिवंश, जप हरिवंश,
हरिवंश सु नाम रे…🌼🌼
🌼🌼 जय जय श्री हित हरिवंश 🌼🌼
🙏🌷🌸🌼💐☘🌹🌻🌺🌷🙏
आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
आपका जन्मदिन: 15 सितंबर
दिनांक 15 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 6 होगा। आपमें गजब का आत्मविश्वास है। इसी आत्मविश्वास के कारण आप किसी भी परिस्थिति में डगमगाते नहीं है। आपको सुगंध का शौक होगा।
इस अंक से प्रभावित व्यक्ति आकर्षक, विनोदी, कलाप्रेमी होते हैं। आप अपनी महत्वाकांक्षा के प्रति गंभीर होते हैं। 6 मूलांक शुक्र ग्रह द्वारा संचालित होता है। अत: शुक्र से प्रभावित बुराई भी आपमें पाई जा सकती है। जैसे स्त्री जाति के प्रति आपमें सहज झुकाव होगा। अगर आप स्त्री हैं तो पुरुषों के प्रति आपकी दिलचस्पी होगी। लेकिन आप दिल के बुरे नहीं है।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 6, 15, 24
शुभ अंक : 6, 15, 24, 33, 42, 51, 69, 78
शुभ वर्ष : 2026
ईष्टदेव : मां सरस्वती, महालक्ष्मी
शुभ रंग : क्रीम, सफेद, लाल, बैंगनी
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: नौकरीपेशा व्यक्ति अपने परिश्रम के बल पर उन्नति के हकदार होंगे। आर्थिक मामलों में सभंलकर चलना होगा। व्यापार-व्यवसाय में भी सफलता रहेगी।
परिवार: दाम्पत्य जीवन में मिली जुली स्थिति रहेगी। विवाह के योग भी बनेंगे। स्त्री पक्ष का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी।
शिक्षा: लेखन संबंधी मामलों के लिए उत्तम होती है। बैक परीक्षाओं में भी सफलता अर्जित करेंगे। जो विद्यार्थी सीए की परीक्षा देंगे उनके लिए शुभ रहेगा।
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज आपका दिन बेहतर रहेगा । किसी अधूरे कार्य के पूर्ण होने से धनागम या खुशी होगी। आज आपके सामाजिक व्यवहारों में वृद्धि होगी । मध्यान के बाद सेहत के साथ साथ कार्य क्षेत्र में भी सुधार होगा। परिजनों से मधुरता बनाएँ रखे । गुस्से पर नियन्त्रण रखें। योगा व हल्का व्यायाम करें। स्वास्थ्य सुधार निश्चित है।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी , वु , वे, वो)
आज का दिन आपके लिए सामान्य रहेगा । स्वभाव से चंचल रहेंगे । किसी की भी बातो को बिना तथ्य जाने सच न माने । पुरानी बीमारियों में आज थोड़ा सुधार आएगा फिर भी लापरवाही से बचें। आर्थिक दृष्टिकोण से दिन सामान्य रहेगा। आय-व्यय लगभग समान ही रहेंगे। स्वास्थ्य लाभ होगा।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज आपका दिन मिलाजुला रहेगा। विरोध करने वालो को अपनी गलती का अहसास होगा। कार्य क्षेत्र पर आज अनमने मन से ही कार्य करेंगे। धन लाभ अल्प मात्रा में होगा। संध्या के आस-पास अपने बुद्धि विवेक से कुछ रुके काम बना लेंगे जिससे निकट भविष्य में आय की संभावना बनेगी। अधिकारी एव परिजनों को मेहनत से प्रसन्न करें । स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन आप अधिक परिश्रम के कारण शारीरिक शिथिलता अनुभव करेंगे लेकिन परिश्रम का सकारात्मक फल मिलने से उत्साहित भी रहेंगे। आवश्यकता अनुसार धन की आमद हो ही जाएगी। उधार दिए धन की वसूली की लिए समय उपयुक्त है परंतु आर्थिक व्यवहारों में आज गरमा गर्मी से बचे उधार आज किसी से ना लें। सेहत सही रहेगी।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन आपकी सुख शांति में वृद्धि करेगा । व्यापार व्यवसाय में आकस्मिक लाभ के सौदे मिलने से भविष्य की योजनाएं गति लेंगी। नौकरी पेशा जातको को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा जिससे सम्मान की प्राप्ति भी होगी। परिजनों का सहयोग प्राप्त होगा। स्वास्थ्य आज सामान्य बना रहेगा।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज आप आध्यात्मिक उन्नति के लिए प्रयास करेंगे। आप पूरी निष्ठा एवं तैयारी के साथ अधूरे कार्य पूर्ण करने में लग जाएंगे । सहकर्मियों का सहयोग अपेक्षा से कम ही रहेगा फिर भी धन लाभ में ज्यादा व्यवधान नही आएंगे। बड़ो का आशीर्वाद फलिल होगा। पारिवारिक वातावरण सामान्य व सम्बन्ध मधुर रहेगे। सुखोपभोग की वस्तु खरीदने की योजना बनेगी। सेहत बढिया रहेगी।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज आप दिन का समय शांति से बिताएंगे । कोई समाचार प्राप्त हो सकता है । धार्मिक भावनाएं आज बलवती रहेंगी। धर्म के कामो में समय एवं धन व्यय करेंगे। आर्थिक रूप से आज का दिन आपके बौद्धिक एवं शारीरिक परिश्रम पर ज्यादा निर्भर करेगा। आज परिजनों की समस्या का समाधान अवश्य करें। दाम्पत्य जीवन मनोनुकूल रहेगा। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन मध्यान से पहले आपको कोई लाभदायक समाचार मिलेगा धन कोष में भी आकस्मिक वृद्धि होगी। कार्य व्यवसाय से दिन के पहले भाग में अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक लाभ कमा लेंगे । सरकारी कार्य आज करने से सफलता की संभावनाएं अधिक रहेंगी। धर्म कर्म में रुचि लेंगे पौराणिक धार्मिक स्थल की यात्रा होगी। दाम्पत्य जीवन का सुख सामान्य रहेगा। सेहत सही रहेगी।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज आप पूरी निष्ठा एवं तैयारी के साथ अधूरे कार्य पूर्ण करने में लग जाएंगे सहकर्मियों का सहयोग अपेक्षा से कम ही रहेगा फिर भी धन लाभ में ज्यादा व्यवधान नही आएंगे। व्यवसायी वर्ग नगद व्यवहार को अधिक महत्त्व देंगे। पारिवारिक वातावरण सामान्य व सम्बन्ध मधुर रहेगे। सुखोपभोग की वस्तु खरीदने की योजना बनेगी। सेहत बढिया रहेगी।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज के दिन आपकी महात्त्वकांक्षाये बढ़ चढ़ कर रहेंगी। कार्य व्यवसाय में जल्दबाजी न करने की सलाह है मन लगाकर कार्य करें परिणाम सुखद होंगे। आर्थिक रूप से दिन सामान्य रहेगा। मध्यान के बाद कही से अकस्मात लाभ होने की संभावना है। पारिवारिक सदस्यों के साथ मधुरता रखें । बुजुर्गों का आशीर्वाद फलिल होगा। सेहत सामान्य रहेगी।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज आपका दिन मनोनुकूल ही रहेगा । कोई समाचार प्राप्त हो सकता है । धार्मिक भावनाएं आज बलवती रहेंगी। धर्म के कामो में समय एवं धन व्यय करेंगे। आर्थिक रूप से आज का दिन आपके बौद्धिक एवं शारीरिक परिश्रम पर ज्यादा निर्भर करेगा। आज परिजनों की समस्या का समाधान अवश्य करें। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आपको आज का दिन मिला-जुला फल देगा । भाई व मित्र के सहयोग से सफलता मिलेगी। आध्यात्मिक विचारों में और वृद्धि होगी । दिन के आरंभ में आलस्य रहेगा। अतिआवश्यक एवं धन संबंधित कार्य मध्यान से पहले पूर्ण करने का प्रयास करें । कार्य क्षेत्र पर भाईचारे का ध्यान रखे। घरेलू वातावरण को मधुर बनाएँ । सेहत सामान्य रहेगी

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