Vaidik Panchang 19082025 Glory of Ram Naam

🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌤️ *दिनांक – 19 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन – मंगलवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत – 1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – वर्षा ऋतु*
🌤️ *मास – भाद्रपद ( गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार श्रावण)*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – एकादशी शाम 03:32 तक तत्पश्चात द्वादशी*
🌤️ *नक्षत्र – आर्द्रा 20 अगस्त रात्रि 01:07 तक तत्पश्चात पुनर्वसु*
🌤️ *योग – वज्र रात्रि 08:30 तक तत्पश्चात सिद्धि*
🌤️ *राहुकाल – शाम 03:54 से शाम 05:30 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:19*
🌤️ *सूर्यास्त – 07:04*
👉 *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – अजा एकादशी, मंगलागौरी पूजन (अमावस्यांत)*
💥 *विशेष – हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l   राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता हैl*
💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*
💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*
        🕉️~*वैदिक पंचांग* ~🕉️

🌷 *अजा एकादशी* 🌷
➡️ *19 अगस्त 2025 मंगलवार को अजा एकादशी है।*
🙏🏻 *यह व्रत सब पापों का नाश करनेवाला है | इसका माहात्म्य पढ़ने व सुनने से अश्वमेघ यज्ञ का फल मिलता है |*
🙏🏻
           🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️

🌷 *व्यतिपात योग* 🌷
➡️ *20 अगस्त 2025 बुधवार को शाम 06:13 से 21 अगस्त, गुरुवार शाम 04:14 तक व्यतिपात योग है।*
🙏🏻 *व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।*
🙏🏻 *वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।*
           🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️

🌷 *प्रदोष व्रत* 🌷
🙏🏻 *हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 20 अगस्त, बुधवार को प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है, जानिए…*
👉🏻 *ऐसे करें व्रत व पूजा*
🙏🏻 *- प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं।*
🙏🏻 *- इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं।*
🙏🏻 *- पूरे दिन निराहार (संभव न हो तो एक समय फलाहार) कर सकते हैं) रहें और शाम को दुबारा इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें।*
🙏🏻 *- भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं।*
🙏🏻 *- भगवान शिवजी की आरती करें। भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और उसीसे अपना व्रत भी तोड़ें। उस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।*
👉🏻 *ये उपाय करें*
*सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े के फूल जरूर मिलाएं। आंकड़े के फूल भगवान शिवजी  को विशेष प्रिय हैं । ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिवजी  की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है।*
          🕉️ *~ वैदिक पंचाग ~* 🕉️

🌳🦚 *बोधकथा* 🦚🌳

*‘राम’ नाम लिखे तुलसीदल की महिमा*

एक बार पण्ढरपुर ने एक सेठ ने ‘तुलादान’ का भव्य उत्सव किया। सेठ ने अपने को सोने में तौल कर नगर के सभी लोगों को सोना बाँटा।

सेठ ने अपने नौकरों से पूछा—‘कोई दान लेने से रह तो नहीं गया है ?’

तब नौकरों ने कहा—‘नामदेव जी भगवान विट्ठल के बड़े भक्त हैं, वे रह गए हैं ?’

सेठ ने मुनीम को नामदेव जी को बुला लाने के लिए भेजा; परंतु नामदेव जी ने आने से इंकार करते हुए कहा—‘दान ब्राह्मणों को दो, मुझे कुछ नहीं चाहिए।’

सेठ का मुनीम दो बार नामदेव जी को बुलाने गया; परंतु दोनों बार उन्होंने आने से इंकार कर दिया। तीसरी बार जब सेठ के आदमी नामदेव जी की बहुत मनुहार करने लगे, तब नामदेव जी सेठ के पास आए और पूछा—‘मुझे क्यों बुलाया है ?’

सेठ ने कहा—‘मेरे द्वारा दिए गए इस स्वर्ण के दान को स्वीकार करो, जिससे मेरा कल्याण हो।’

नामदेव जी ने कहा—‘देने वाला तो केवल एक भगवान है, उसी से हमें मांगना चाहिए। बाकी सारा संसार तो भिखारी है। संसार के दु:ख दूर करने वाली औषधि केवल राम का नाम है।’

दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया।
नाम एक औषधि, दुखारी सारी दुनिया।।

लेकिन धन के मद में सेठ को नामदेव जी की बात समझ नहीं आई और वह नामदेव जी से सोने का दान लेने की जिद करने लगा। तब नामदेव जी ने सोचा इसका धन का मद दूर करना चाहिए।

नामदेव जी ने कहा—‘तुलादान से तुम्हारा कल्याण तो हो गया; अब मैं जो मांगू वह मुझे दीजिए।’

नामदेव जी ने अपने आराध्य भगवान श्रीकृष्ण (विट्ठलनाथ, पण्ढरीनाथ) को अत्यंत प्रिय तुलसी के एक पत्ते पर ‘राम’ नाम का आधा केवल ‘रा’ अक्षर लिख कर सेठ को दिया और कहा..

‘इसके वजन के बराबर तौल कर मुझे सोना दे दीजिए।’

सेठ ने अहंकारपूर्वक कहा—‘नामदेव जी ! क्यों हंसी करते हो, इतने थोड़े से सोने से क्या होगा ? कृपा करके थोड़ा ज्यादा सोना लीजिए, जिससे मुझ दाता की हँसी न हो।’

नामदेव जी ने कहा—‘इस तुलसीपत्र के बराबर सोना तौल कर देखो तो सही, फिर देखो क्या विचित्र खेल होता है। यदि तुमने इसके वजन के बराबर सोना तौल दिया, तो मैं तुम पर प्रसन्न हो जाऊंगा।’

यह सुन कर सेठ ने एक तराजू मंगवाया और उसके एक पलड़े पर ‘रा’ लिखा हुआ तुलसीपत्र और दूसरे पलड़े पर सोना रख कर तुलवाया।

आश्चर्य ! सोने का ढेला तुलसीपत्र के वजन के बराबर नहीं हुआ। सेठ जी ने और सोना पलड़े पर चढ़ाया पर तुलसीपत्र का वजन ज्यादा ही रहा।

तब सेठ ने एक बड़ा तराजू मंगवाया। उसके एक पलड़े पर तुलसीपत्र और दूसरे पर घर-भर का सोना-चांदी रख दिया। फिर भी सोने का वजन तुलसीपत्र के बराबर न हो सका।

सेठ ने अपने नाते-रिश्तेदारों, पड़ौसियों से मांग कर सोना-चांदी पलड़े पर रखा; परंतु फिर भी तुलसीपत्र का वजन ही भारी रहा।

राम-नाम लिखे तुलसीपत्र की महिमा देख कर सेठ और उसका परिवार अचम्भित रह गए और दान देने का वचन पूरा न हो पाने के कारण शोक में डूब गए।

नामदेव जी ने सोचा—अभी इन्हें राम-नाम लिखे तुलसीपत्र की महिमा का पूरा ज्ञान नहीं हुआ है; इसलिए उन्होंने सेठ से कहा…

‘आप लोगों ने आज तक जितने दान-पुण्य किए हैं, उनका संकल्प करके जल इस सोने वाले पलड़े में डाल दीजिए।’

सभी लोगों ने अपने पुण्यकर्मों का स्मरण करके संकल्प किया और जल तराजू के सोने वाले पलड़े में डाल दिया। परंतु अभी भी तुलसीपत्र वाला पलड़ा ही भारी रहा और वह अपने वजन से भूमि में गड़ा जा रहा था।

यह देख कर सेठ और उसका परिवार अत्यंत लज्जित हो गया। अब सेठ नामदेव जी से क्षमा मांगते हुए इतना ही सोना स्वीकार करने की गुहार करने लगा।

नामदेव जी ने कहा—‘हम इस तुच्छ धन को लेकर क्या करेंगे ? हमारे पास तो ‘राम’ नाम रूपी धन है। यह धन (सोना) उसकी बराबरी नहीं कर सकता है। न ही इस धन से कल्याण हो सकता है।

नाम की और तुलसी की महिमा जान कर आज से तुम लोग गले में तुलसी की कंठी धारण करो और मुख से राम-नाम जपो।’

यह कह कर नामदेव जी हरि-गुन गाते अपने घर चले गए।

सबका पालनहार वह एक ‘राम’ ही है। संसारी प्राणी तो दान ही दे सकते हैं; परन्तु मनुष्य की जन्म-जन्म की भूख-प्यास नहीं मिटा सकते हैं। वह तो उस दाता के देने से ही मिटेगी।

इसलिए मांगना है तो मनुष्य को भगवान से ही मांगना चाहिए। अन्य किसी से मांगने पर संसार के अभाव मिटने वाले नहीं हैं। लेकिन मनुष्य सोचता है कि मैं कमाता हूँ, मैं ही सारे परिवार का पेट भरता हूँ। यह सोचना गलत है।

          🕉️ *~ वैदिक पंचाग ~* 🕉️


🙏🍀🌷🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
दिनांक 19 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 1 होगा। आप साहसी और जिज्ञासु हैं। आपका मूलांक सूर्य ग्रह के द्वारा संचालित होता है। आप अत्यंत महत्वाकांक्षी हैं। आपकी मानसिक शक्ति प्रबल है। आपको समझ पाना बेहद मुश्किल है। आप आशावादी होने के कारण हर स्थिति का सामना करने में सक्षम होते हैं। आप सौन्दर्यप्रेमी हैं। आपमें सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला आपका आत्मविश्वास है। इसकी वजह से आप सहज ही महफिलों में छा जाते हैं।
आप राजसी प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। आपको अपने ऊपर किसी का शासन पसंद नहीं है।

शुभ दिनांक : 1, 10, 20, 28


शुभ अंक : 1, 10, 20, 28, 37, 46, 55, 64, 73, 82

शुभ वर्ष : 2026, 2044, 2053, 2062

ईष्टदेव : सूर्य उपासना तथा मां गायत्री



शुभ रंग : लाल, केसरिया, क्रीम,

जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :
स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा। पारिवारिक मामलों में महत्वपूर्ण कार्य होंगे। पदोन्नति के योग हैं। बेरोजगारों के लिए भी खुशखबर है इस वर्ष आपकी मनोकामना पूरी होगी। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद रहेगा। अधूरे कार्यों में सफलता मिलेगी। अविवाहितों के लिए सुखद स्थिति बन रही है। विवाह के योग बनेंगे। नौकरीपेशा के लिए समय उत्तम हैं।

🌹आज का राशिफल 🌹
*दिनांक : 19 अगस्त 2025*
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन आप धन की तुलना में प्रतिष्ठा का अधिक ध्यान रखेंगे। कुछ समय के लिये व्यवहार विक्षिप्तों जैसा रहेगा। शत्रु पक्ष का थोड़ा भय होने पर भी विजय मिलेगी परन्तु परिवार में किसी न किसी से रूठना मनाना लगा रहेगा। कार्य क्षेत्र पर संघर्ष भाग दौड़ अधिक करनी पड़ेगी। बैठ कर कमाने की कामना में ना रहे अन्यथा अल्प लाभ से संतोष करना पड़ेगा धन लाभ प्रयास करने पर अवश्य होगा। आज पैतृक साधनों में वृद्धि भी करेंगे लेकिन इसके लिये काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। परस्त्री आकर्षण से बचें अन्यथा मान एवं धन दोनों की हानि निश्चित है। आज विदेश यात्रा के प्रयासों में आशानुकूल सफलता मिल सकती है। स्त्री के कारण अथवा मूत्र संबंधित समस्या रहेगी।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज आपका व्यवहार अत्यंत लचीला रहेगा पूर्व में मिली सफलता से मन मे अहम के भाव भरे रहेंगे अपने कार्य समय से एवं बेहतर रूप से करेंगे लेकिन अन्य लोगो के काम मे नुक्स निकलना कलह को निमंत्रण देगा। कार्य व्यवसाय से मध्यान तक सोची हुई सफलता ना मिलने से मन दुखी होगा फिर भी पुराने व्यवहारों के बल पर थोड़ी बहुत आय हो जाएगी लेकिन थोड़े विलंब से। मध्यान बाद का समय सार्वजनिक क्षेत्र के लिये महत्तवपूर्ण रहेगा लोगों को आपके परामर्श की आवश्यकता पड़ेगी इसमे टालमटोल ना करे वरना संबंधों में खटास आएगी भविष्य के लाभ से भी वंचित रह जाएंगे। परिवार में सौहार्द पूर्ण वातावरण रहेगा कुछ मामलों में आपसी समझ की कमी भी रहेगी फिर भी तालमेल बना रहेगा सेहत आज लगभग सामान्य ही रहेगी।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आपका आज का दिन शुभता दायक रहेगा। बोल चाल में दक्षता आएगी स्वभाव भी आज विनोदप्रिय रहेगा। आज आपको पैतृक कार्यो से किसी न किसी रूप में लाभ होगा साथ ही विदेश अथवा अन्य मन इच्छित स्थान की यात्रा में आ रही बाधा शांत होगी अथवा इन क्षेत्रों से लाभदायक समाचार मिलेंगे। घर परिवार में वातावरण आनंदित रहेगा भाई बंधुओ में परस्पर स्नेह बढेगा लेकिन थोड़ी स्वार्थ सिद्धि की भावना भी रहेगी। कार्य व्यवसाय में मध्यान तक उदासीनता रहेगी इसके बाद अकस्मात काम आने से व्यस्तता बढ़ेगी धन की आमद भी निश्चित होगी। विद्यार्थी वर्ग को पढ़ाई में परेशानी आएगी शारीरिक रूप से कमजोरी अनुभव करेंगे। संध्या बाद दिन भर की गतिविधियों से संतोष होगा।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन भी विपरीत फलदायी रहेगा परन्तु आज आपकी दूरदर्शी सोच भविष्य में होने वाली हानि से बचाव करेगी। व्यावसायिक क्षेत्र पर हानि के योग अधिक रहेंगे फिर भी व्यवहार कुशलता से इस पर कुछ हद तक अंकुश पा ही लेंगे। दिन के आरम्भ से मध्यान तक मन पर नकारात्मकता हावी रहेगी लेकिन संध्या बाद से स्थिति में सुधार आने लगेगा शारीरिक एवं मानसिक रूप दृढ़ता आएगी लेकिन आज आपके अनैतिक संबंधों में पड़ने अथवा इनके कारण घर मे कुछ ना कुछ कोहराम मचने की भी संभावना है। अपनी गलती ना मान बहस कर छोटे से विवाद को बढ़ाएंगे। सरकारी उलझनों से आज दूर ही रहे कल से परिस्थितियां अनुकूल बनने लगेंगी तब तक धर्य धारण करें।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन आपका उदार स्वभाव सार्वजनिक क्षेत्र पर प्रतिष्ठा दिलाएगा लेकिन उदारता केवल अपने काम निकालने के लिये ही रहेगी किसी के आनाकानी करने अथवा आपके काम के लिये मना करने पर उग्र रूप धारण कर लेंगे। व्यवसाय से मध्यान बाद धन की आमद होगी परन्तु धन के बीमारी, व्यसन अथवा अकस्मात खर्च होने पर बचत ना के बराबर ही होगी। भाग्य पक्ष बलवान रहने पर भी कुछ न कुछ कमी अनुभव होगी। परिवार में वातावरण धार्मिक रहेगा धर्म क्षेत्र की यात्रा अथवा दान पुण्य पर भी खर्च करेंगे संध्या बाद सुखोपभोग की कामना अधिक रहेगी पिता से किसी पुरानी बात पर बहस हो सकती है धर्य का परिचय दें।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन आपके लिए आनंददायक रहेगा घरेलू एवं व्यावसायिक उलझनों के बाद भी स्वयं प्रसन्न रहेंगे साथ मे रहने वालों को भी प्रसन्न रखेंगे। आज आपका व्यक्तित्त्व भी निखरा रहेगा संपर्क में आने वाला प्रशंशा अवश्य करेगा। मन मे थोड़ी चंचलता लेकिन धार्मिक एवं सात्विक मनोवृति रहेगी पूजा पाठ के लिये व्यस्त दिनचर्या से समय निकाल लेंगे। कला संगीत में भी रुचि लेंगे लेखन कार्य से जुड़े जातक अल्प समय मे नई रचना का निर्माण कर सकेंगे। कार्य व्यवसाय में धन की आमद अवश्य होगी परन्तु रुक रुक कर होने से थोड़े अधीर भी रहेंगे। घर का माहौल शांत रहेगा छोटी मोटी नोकझोंक वातावरण को प्रभावित नही कर पायेगी। विपरीत लिंगीय आकर्षण धोखे का कारण बन सकता है सतर्क रहें।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन शुभ फलदायी है आज आप विपरीत परिस्थिति में भी अपने पराक्रम से धन कमाएंगे। स्वभाव में भावुकता अधिक रहेगी परिवार में किसी न किसी से ईर्ष्या युक्त संबंध रहने पर भी अपनी तरफ से स्नेह देने का प्रयास करेंगे लेकिन बदले में भाई की अपेक्षा बहन से अधिक स्नेह मिलेगा। कार्य व्यवसाय में परिश्रम करने से पीछे नही हटेंगे इसी के बल पर आज धन लाभ भी होगा। सार्वजनिक क्षेत्र पर आपकी पहचान गंभीर व्यक्तित्व लेकिन मिलनसार जैसे बनेगी। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े जातको को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। मन मे यात्रा की योजना बनेगी लेकिन अकस्मात ही होगी अथवा निरस्त करनी पड़ेगी। पिता का सहयोग समय पर ना मिलने का दुख मन मे रहेगा। रक्त अथवा उदर संबंधित शिकायत रह सकती है।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन भी प्रतिकूल फल देने वाला रहेगा सेहत में विकार रहने से कार्य करने में उत्साह कम ही दिखाएंगे। वात-कफ अथवा नेत्र संबंधित परेशानी पाचन शक्ति में कमी रह सकती है। कार्य व्यवसाय में भी स्थिति संघर्ष वाली रहेगी ना चाहते हुए भी भागदौड़ करनी पड़ेगी फिर भी परिणाम निराश करने वाले मिलेंगे लेकिन निर्वाह योग्य आय के साधन जुटा ही लेंगे। मध्यान बाद सेहत में सुधार आने लगेगा विचार भी धार्मिक बनेंगे भाई बहन का सुख न्यून रहेगा लेकिन थोड़ी चापलूसी करने पर अकस्मात लाभ भी करा सकते है। शत्रु पक्ष आज निर्बल रहेगा फिर भी इसका कोई विशेष लाभ नही उठा पाएंगे। लंबी दूरी की यात्रा के प्रसंग बनेंगे सम्भव हो तो आज टाले अथवा रात्रि में करने पर लाभ दायक रहेगी।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन आपका स्वाभिमानी स्वभाव जिस लाभ के अधिकारी है उसमें कुछ कमी ला सकता है। तर्क-वितर्क करने में आज निपुण रहेंगे अपनी मीठी बातो से किसी को भी आकर्षित कर लेंगे लेकिन व्यवसाय में तुरंत लाभ पाने की चाह ना रखे लाभ हर हाल में आवश्यकता अनुसार होगा पर धीरे धीरे ही। आज एकल व्यवसाय की तुलना में सांझेदारी के कार्यो अथवा जोखिम के कार्यो में लाभ की संभावना अधिक है कार्य क्षेत्र पर थोड़ी बहुत कहा सुनी भी होगी परिचितों पर भी सोच समझ कर भरोसा करें। खान पान उत्तम मिलेगा इसमे संयम रखना आवश्यक है पेट संबंधित व्यादि हो सकती है। विपरीत लिंगीय आकर्षण अधिक रहेगा। दूर स्थान से शुभ समाचार मिलेंगे।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज के दिन आप अपने लापरवाह व्यवहार के कारण लोगो से शत्रुता मोल लेंगे दिन का अधिकांश समय अनुकूल रहेगा छोटी मोटी घरेलू कहा सुनी तुरंत शांत हो जाएगी लेकिन बाहर किसी से बिना बात ना उलझें अन्यथा लेने के देने पड़ सकते है। आज लोग आपके मुह पर मीठा बोलेंगे लेकिन मन मे ईर्ष्या भारी रहेगी पीठ पीछे कुछ न कुछ हानि पहुचाने का प्रयास करेंगे पर आज सफल नही हो सकेंगे बाहर के लोगो से आवश्यकता के समय ही बोले मन का भेद आज परिजनों को भी ना दे। कार्य व्यवसाय धन लाभ की प्रबल संभावना है परंतु किसी पर अनैतिक दबाव या काम ना कराये। आध्यात्म में आज मन कम ही लगेगा।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन आप सामाजिक क्षेत्र पर अपने बुद्धि कौशल का आवश्यकता से अधिक प्रदर्शन करेंगे इससे जो लोग आपको अभी तक अत्यंत बुद्धिमान मान रहे थे उनकी विचार धारा में कमी आएगी। भूमि भवन वाहन का सुख तो मिलेगा लेकिन किसी अन्य के भाग्य से ही आज भूमि भवन संबंधित कार्य टालना ही बेहतर  रहेगा कार्य अंतिम समय मे किसी कमी के चलते अधूर रह जाएंगे। कार्य व्यवसाय की स्थित सामान्य से उत्तम रहेगी उतार चढ़ाव के बाद भी स्वयं को परिस्थितियों अनुसार ढाल कर संचय कोष में वृद्धि करेंगे लेकिन खर्च करने में कंजूसी करेंगे। माता अथवा अन्य स्त्री पक्ष से झूठ बोलने से बचे आगे कलह हो सकती है। आपकी सेहत ठीक पर किसी परिजन की खराब होने पर दुविधा होगी।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन बीते दिन की तुलना में सुधार वाला रहेगा किसी से किये अभद्र आचरण का पश्चाताप होगा लेकिन फिर भी स्वभाव में बदलाव लाने का प्रयास नही करेंगे। अपना काम निकालने के लिये प्रिय वचन बोलेंगे काम ना बनने पर मन ही मन कोसेंगे। कार्य क्षेत्र पर आय के एक से अधिक साधन सुलभ होंगे लेकिन सहयोग की कमी के कारण सभी से लाभ नही उठा सकेंगे फिर भी जीविकोपार्जन के लिये ज्यादा संघर्ष नही करना पड़ेगा। सामाजिक क्षेत्र पर आप भाग्यशाली माने जाएंगे लेकिन घरेलू मामलों में कुछ कमी अनुभव होगी। गूढ़ विषयो में रुचि लेंगे दूरदर्शी सोच रहने के कारण कार्यो की गति धीमी रहेगी। शेयर सट्टे के प्रति रुचि अधिक रहेगी भविष्य में इससे लाभ ही मिलेगा।

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Quote of the week

“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton