Vaidik Panchang 02082025 Purnmasi Vrat

🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️  *दिनांक – 02 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन –  शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास – श्रावण*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – अष्टमी सुबह 07:23 तक तत्पश्चात नवमी*
🌤️ *नक्षत्र – विशाखा पूर्ण रात्रि तक*
🌤️ *योग – शुक्ल पूर्ण रात्रि तक*
🌤️ *राहुकाल – सुबह 09:29 से सुबह 11:07 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:13*
🌤️ *सूर्यास्त –  07:15*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण –
💥 *विशेष –  *अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण ब्रह्म खण्ड: 27,29,34)*
💥 *ब्रह्म पुराण’ के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- ‘मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।’ (ब्रह्म पुराण’)*
💥 *शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय।’ का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण’)*
💥 *हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
             🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞

🌷 *पिसा आटा* 🌷
👉🏻 *ये जो तैयार चक्कियों का आटा ले आते हो, बासी और ८ दिन के बाद तो एक्सपायर्ड(expired) होने लगता है |*
👉🏻 *आज पिसा.. ८ दिन में खत्म होना चाहिए | चक्की में ना जाने कब पिसा, होलसेलर के पास कब आया रिटेल वाले के पास कब आया एकदम पतला आटा आंतों को चिपका दे | लेकिन ये जो रस है, एलोविरा का रस, आँवले का रस ये आंतों को साफ कर देता है |*
🙏🏻
            🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🌞

🌷 *अच्छी नींद लाने तथा खर्राटे बंद करने के लिए* 🌷
😌 *रात को गाय का घी हलका–सा गरम करके १ से ४ बुंद दोनों नथुनों में डाले |*
🙏🏻
          🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🌞

🌷 *शिवलिंग के दर्शन हेतु* 🌷
➡️ *शिवलिंग पर दूध, जल चढाने जाना हो तो हमेशा सुबह खाली पेट जाना चाहिए | जो जाते हो वो इस बात का ध्यान रखे | चाय – नाश्ता न करके जाए |*
🙏🏻


          🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🌞

श्रावण माह माहात्म्य
पूर्णमासी व्रत

सनत्कुमार ने भगवान शंकर से पूछा, “हे प्रभु! आप अब मुझे पूर्णमासी की विधि बताने की कृपा करें।” भगवान शिवजी बोले,

“हे तात ! श्रवण शुक्ल पूर्णिमा को वेदोत्सर्जन उपाकर्म होता है या फिर पौष माह की पूर्णिमा को यह उपाकर्म किया जाता है।

उत्सर्जन में पौष माह या माघ माह की प्रतिपदा तिथि या रोहिणी नक्षत्र बताया गया है।

दूसरा समय अपनी-अपनी शाखा के अनुसार उत्सर्जन तथा उपाकर्म दोनों एक ही समय करने उत्तम कहे गये हैं।”

इसलिए श्रावण मास पूर्णिमा के दिन उत्सर्जन उचित है तथा बहुच शाखार्थी उपाकर्म में श्रवण नक्षत्र उचित है।

अतः चतुर्दशी, पूर्णमासी या प्रतिपदा तिथि के दिनों में जिस दिन श्रवण नक्षत्र हो, उसी दिन ऋग्वेदियों का उपाकर्म होता है।

यजुर्वेदियों का उपाकर्म पूर्णिमा में तथा सामवेदियों का उपाकर्म हस्त नक्षत्र में होता है। उपाकर्म गुरु और शुक्रास्त नक्षत्र में भी हो सकता है।

गुरु तथा शुक्रास्त नक्षत्र में पहले उपाकर्म का शुभारम्भ न करें, यह शास्त्रों का कथन है।

ग्रहण तथा संक्रांति आदि योग या दुष्ट समय आ जाने पर उपाकर्म दूसरे काल में करें। हस्तयुक्त पंचमी या भाद्रपद पूर्णिमा के दिन अपने-अपने ग्रह सूत्र के अनुसार उत्सर्जन उपाकर्म करें।

मलमास में शुद्ध पक्ष में उत्सर्जन उपाकर्म करना चाहिये। यह दोनों उत्सर्जन उपाकर्म नित्य हैं। इनको प्रतिवर्ष नियम से करना पड़ता है।

उपाकर्म की समाप्ति पर द्विजातियों के समक्ष उसी सभा में श्रेष्ठ सभादीप समर्पण करना चाहिए। उसे आचार्य या अन्य ब्राह्मण को दे देना चाहिये। प्रथम सोने, चाँदी या ताँबे के पात्र में एक कि.ग्रा. गेहूँ रखकर उसके ऊपर आटे का बना दीया बनाकर रखें।

उसमें घी या तेल भरकर तीन बत्तियाँ जलानी चाहिये तथा पान सहित ब्राह्मण को देकर दक्षिणा देनी चाहिये।

ब्राह्मण का पूजन कर यह मंत्र बोलें, “यह श्रेष्ठ सभादीप दक्षिणा तथा पान सहित देवदेवार्थ हेतु भेंट कर रहा हूँ। मेरे सभी मनोरथ पूरे हों तथा पुत्र पौत्र आदि का भविष्य उज्ज्वल हो, यश की वृद्धि हो।

” इस प्रकार पाँच वर्ष पश्चात् उद्यापन करना न भूलें। ब्राह्मण को यथाशक्ति दक्षिणा देकर विदा करना चाहिये। उसी रात को श्रावणी कर्म करना चाहिये।

उसी के समीप सर्प बलि देनी चाहिये। ये दोनों कार्य अपने-अपने गृह्यसूत्रों को देखकर करने चाहियें।

इसी तिथि में भगवान हयग्रीव का अवतार हुआ था। उस दिन हयग्रीव जयन्ती महोत्सव मनाना चाहिये।

श्रावण मास पूर्णिमा को श्रवण नक्षत्र में भगवान हयग्रीव का जन्म हुआ था। उसी समय सम्पूर्ण पापनाशक सामवेद गाया गया था।

इसलिए इस दिन सामवेद को सुनना चाहिये और उसकी पूजा करनी चाहिये।

वहाँ अपने बन्धु बान्धवों तथा मित्रों के साथ भोजन करना चाहिए और मनोविनोद के खेल खेलने चाहियें। हयग्रीव की पूजा करनी चाहिये। शुरू में प्रणव भोजन करना चाहिये।

उसके बाद ‘भगवते’ तथा ‘ धर्माय’ कहकर ‘चतुर्थ्यन्तर आत्मविशोधन’ शब्द की योजना करनी चाहिये। अन्त में “नमः
” शब्द का उच्चारण करना चाहिये।

यह अठारह अक्षरों का मंत्र सब सिद्धियों को प्रदान करने वाला तथा वश्य, मोहन आदि प्रयोगों का एक ही साधक मंत्र है।

इसका पुरश्चरण, अक्षर संख्या के अनुसार अठारह लाख या अठारह हजार है।

परन्तु इस कलियुग में इसका चौगुना करना चाहिये।
इस प्रकार करने से भगवान हयग्रीव प्रसन्न होते हैं और सभी कामना पूर्ण कर देते हैं।

इसी दिन रक्षा बन्धन का पर्व मनाया जाता है। यह सब रोगों का नाश करने वाला तथा अशुभों का नाश करने वाला है।

हे सनत्कुमार! इसके विषय में मैं तुम्हें पुराना इतिहास सुनाता हूँ। पहले इन्द्राणी ने इन्द्र की जय के लिए इसे किया था। पुराने समय में देव और असुरों में संग्राम छिड़ गया था जो बारह वर्ष तक चला। इन्द्राणी ने उसी समय इन्द्र को थका जानकर कहा,

“हे देव! आज चतुर्दशी है। कल सुबह मैं रक्षा बन्धन करूँगी। जिसके करने से आप अजेय हो जायेंगे।

इतना कहकर इन्द्राणी ने पूर्णिमा के दिन मंगल आदि कर, हर्ष देनेवाली रक्षा को इन्द्र के दाहिने हाथ में बाँध दिया।”

इन्द्र ने रक्षा बंधवाकर ब्राह्मणों के साथ स्वस्तिवाचन किया और इसके बाद असुर सेना पर आक्रमण कर दिया। देखते ही देखते इन्द्र ने बलशाली असुरों पर विजय प्राप्त कर ली। भगवान भोलेनाथ बोले,

“हे सनत्कुमार! श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनुष्य को प्रातःकाल श्रुति-स्मृति विधान द्वारा स्नान करना चाहिये।

संध्या, जप आदि करके पितर, देवता और ऋषि तर्पण करना चाहिए। सोने के पात्र की सुरक्षा बनाकर उसको स्वर्ण के सूत्र से बांधकर मोती आदि द्वारा विभूषित,

स्वच्छ रेशम के बने, विचित्र ग्रन्धियुक्त, पत्र गुच्छों से सुशोभित, सरसों चावलों को अन्दर रखकर आकर्षक बनाना चाहिए। वहाँ कलश रखकर उसके ऊपर पूर्णपात्र में रक्षा रखनी चाहिये।

सुन्दर आसन पर सगे-सम्बन्धियों सहित बैठकर मंगल गान करना चाहिये।
इसके बाद “येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वां बध्नामि रक्षे माचलः माचलः ॥” मंत्र का उच्चारण करना चाहिये।”

ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र तथा अन्य व्यक्तियों को भी पहले ब्राह्मणों की पूजा करके रक्षा बंधन करना चाहिये।

इस प्रकार जो रक्षा बंधन करता है वह सब दोषों से छूट जाता है।
परन्तु रक्षा बंधन का कार्य भद्रा नक्षत्र में कदापि नहीं करना चाहिये। भद्रा नक्षत्र में इसको करने से विपरीत फल प्राप्त होता है।


🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
दिनांक 2 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 2 होगा। इस मूलांक को चंद्र ग्रह संचालित करता है। चंद्र ग्रह मन का कारक होता है। आप अत्यधिक भावुक होते हैं। आप स्वभाव से शंकालु भी होते हैं। दूसरों के दर्द से आप परेशान हो जाना आपकी कमजोरी है। आप मानसिक रूप से तो स्वस्थ हैं लेकिन शारीरिक रूप से कमजोर हैं। चंद्र ग्रह स्त्री ग्रह माना गया है। अत: आप अत्यंत कोमल स्वभाव के हैं। आपमें अभिमान तो जरा भी नहीं होता। चंद्र के समान आपके स्वभाव में भी उतार-चढ़ाव पाया जाता है। आप अगर जल्दबाजी को त्याग दें तो आप जीवन में सफल होते हैं।

शुभ दिनांक : 2, 11, 20, 29

शुभ अंक : 2, 11, 20, 29, 56, 65, 92

शुभ वर्ष : 2027, 2029, 2036


ईष्टदेव : भगवान शिव, बटुक भैरव

शुभ रंग : सफेद, हल्का नीला, सिल्वर ग्रे

जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :


किसी नवीन कार्य योजनाओं की शुरुआत करने से पहले बड़ों की सलाह लें। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति ठीक-ठीक रहेगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से संभल कर चलने का वक्त होगा। पारिवारिक विवाद आपसी मेलजोल से ही सुलझाएं। दखलअंदाजी ठीक नहीं रहेगी। वर्ष काफी समझदारी से चलने का रहेगा। लेखन से संबंधित मामलों में सावधानी रखना होगी। बगैर देखे किसी कागजात पर हस्ताक्षर ना करें।


मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज समय आपके पक्ष में है। इसलिए इसका बेहतर सदुपयोग करें। पिछले कुछ समय से जिन कामों में रुकावट आ रही थी, आज वह बहुत ही सहज व आसान तरीके से हल हो जाएंगे। वस्त्र, आभूषण जैसी खरीदारी या घर के विशेष कार्य में समय व्यतीत हो सकता है। आराम के लिए समय मिलेगा लेकिन मनोरंजन में गवाने के संकेत हैं। मन प्रसन्न रहेगा। स्वास्थ्य सुधार होगा।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी , वु , वे, वो)
आज आपका दिन मनोनुकूल रहेगा। योजना फलीभूत होंगी । मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। आपके घर में परिवर्तन या सुधार संबंधी कुछ योजनाएं बनेंगी। व्यस्तता के बावजूद आप अपनी रूचि संबंधी कार्यों के लिए भी समय निकाल लेंगे। आपके मन मुताबिक इच्छा पूर्ति होने से आत्मिक खुशी व सुकून मिलेगा। स्वास्थ्य सही रहेगा।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज आपका दिन आरामदायक रहेगा । परिवार का सहयोग मिलेगा । बड़ो का आशीर्वाद फलीभूत होगा । कार्यक्षेत्र में समय जैसा चल रहा है, उसी पर ध्यान केंद्रित रखें। किसी भी प्रकार की भविष्य संबंधी कार्य प्रणाली की योजना रुककर बनाएं। नौकरी पेशा व्यक्तियों को अपना टारगेट हासिल मेहनत से कर लेंगे। जीवनसाथी की सलाह से कार्य सिद्ध होंगे। स्वास्थ्य लाभ होगा।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज आपका दिन बेहतर रहेगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा ।  संतान को कोई उपलब्धि हासिल होने से मन प्रसन्न रहेगा। तथा घर में भी उत्सव भरा वातावरण बना रहेगा। धन के निवेश संबंधी योजनाओं के लिए समय उत्तम है। घर में कोई धार्मिक कृत्य भी संपन्न हो सकता है। मित्रमंडली से शुभ समाचार मिल सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज आपका दिन शुभ फलदायी होगा । मेहनत रंग अवश्य दिखाएगी ।  कार्यक्षेत्र में की गई मेहनत के परिणाम भी बेहतरीन हासिल होंगे। इस समय अपना पूरा ध्यान अपने काम पर केंद्रित रखें क्योंकि इससे व्यवसाय की स्थिति मजबूत रहेगी। नौकरी पेशा व्यक्तियों को किसी प्रकार सहयोग से फलप्राप्ति होगी । स्वास्थ्य लाभ होगा।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज आपका समय शुभ रहेगा । दिनचर्या में सुधार होगा। ग्रह गोचर इस समय आपके पक्ष में बेहतरीन परिस्थितियां बना रहे हैं। अपने अधूरे पड़े हुए कामों को पूरा करने के लिए समय बहुत ही उचित है। परिवार तथा मित्रों के साथ मनोरंजन तथा घूमने-फिरने का भी प्रोग्राम बनेगा। बड़ो का आशीर्वाद फलीभूत होगा । स्वाथ्य में हल्की थकान महसूस कर सकते हैं।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज आपका दिन सामान्य रहेगा । मेहनत के अवसर प्राप्त होंगे । व्यवसाय की स्थिति पहले से बेहतर होगी। साथ ही वित्तीय मामलों में भी सुधार हो सकता है। नौकरी से संबंधित कामों में हालात सामान्य ही रहेंगे। किसी भी प्रकार का बदलाव करने की आवश्यकता नहीं होगी । धार्मिक महत्व की तरफ रूचि और बढेगी । स्वास्थ्य सही रहेगा।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज आपका समय नवीन विचारधारा उत्पन्न करने वाला होगा। जीवनसाथी की सकारात्मक सोच उचित फैसले में मददगार रहेगी । समय संतोषजनक चल रहा है। परंतु जल्दबाजी की बजाय शांतिपूर्ण तरीके से काम करना ज्यादा प्रभावी रहेगा। घर के नवीनीकरण तथा साज-सज्जा से संबंधित वस्तुओं की खरीदारी भी रहेगी। स्वास्थ्य सुधार होगा।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज आपका दिन मिलाजुला रहेगा । आप व्यस्त रहने से आराम को समय कम दे पाओगे । मेहनत शुभफलदायी रहेगी । पैसों के लेनदेन संबंधी कार्यों को करते समय सावधानी रखने की जरूरत है। नौकरी पेशा व्यक्ति अपने सहयोगियों के साथ मधुर संबंध बनाए रखें । मित्रमंडली व सगे सम्बन्धियों को समय दे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज आपका दिन शुभफलदायी रहेगा । सहयोगात्मक भावना से मानसिक शान्ति मिलेगी । साझेदारी संबंधी बिजनेस में पारदर्शिता रखें। इससे आपसी संबंध मजबूत बने रहेंगे। आज किसी नए काम को शुरू ना करें । बच्चों के साथ समय बिताएँ। जीवनसाथी के सहयोग से मानसिक प्रसन्नता बनेगी । स्वास्थ्य सुधार होगा।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज आपका दिन शुभ रहेगा। पारिवारिक माहौल खुशनुमा बनेगा । बड़ो का आशीर्वाद फलदायी रहेगा।
रुका या उधार दिया हुआ पैसा हासिल करने के लिए भी आज का दिन उत्तम है। इसके लिए प्रयासरत रहें। आज आपकी मुख्य योजना अपने सभी कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से निपटाने की रहेगी। और आप इसमें काफी हद तक सफल भी रहेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज आपका दिन शुभफलदायी रहेगा। घर का माहौल सामान्य रहेगा। मानसिक सन्तुष्टि मिलेगी। कार्यस्थल और आर्थिक मामलों में ध्यान बंट सकता है।  किसी अनुभवी व्यक्ति का मार्गदर्शन और सलाह आपके लिए लाभदायक साबित होगी । अपने मन के भाव दोस्त या मार्गदर्शक के सामने अवश्य व्यक्त करें। शेयर्स तथा स्टॉक संबंधी कार्यों में सफलता मिलेगी। धर्म के प्रति आस्था बढ़ेगी। स्वास्थ्य सही रहेगा।

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Quote of the week

“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton