🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌤️ *दिनांक – 14 जुलाई 2025*
🌤️ *दिन – सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत – 1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – वर्षा ऋतु*
🌤️ *मास – श्रावण (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार आषाढ)*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – चतुर्थी रात्रि 11:59 तक तत्पश्चात पंचमी*
🌤️ *नक्षत्र – धनिष्ठा सुबह 06:49 तक तत्पश्चात शतभिषा*
🌤️ *योग – आयुष्मान शाम 04:14 तक तत्पश्चात सौभाग्य*
🌤️ *राहुकाल – सुबह 07:45 से सुबह 09:25 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:06*
🌤️ *सूर्यास्त – 07:22*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – संकष्ट चतुर्थी (चंद्रोदय: रात्रि 09:56), पंचक*
💥 *विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🕉️~ *वैदिक पंचांग* ~🕉️
🌷 *श्रावण सोमवार* 🌷
🙏🏻 *भगवान शिव का पवित्र श्रावण (सावन) मास शुरू हो चुका है, (उत्तर भारत हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार) (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार अषाढ़ मास चल रहा है वहां 25 जुलाई, शुक्रवार से श्रावण (सावन) मास आरंभ होगा)*
🙏🏻 *भगवान शिव श्रावण सोमवार के बारे में कहते हैं “मत्स्वरूपो यतो वारस्ततः सोम इति स्मृतः। प्रदाता सर्वराज्यस्य श्रेष्ठश्चैव ततो हि सः। समस्तराज्यफलदो वृतकर्तुर्यतो हि सः।।”*
➡ *अर्थात सोमवार मेरा ही स्वरूप है, अतः इसे सोम कहा गया है। इसीलिये यह समस्त राज्य का प्रदाता तथा श्रेष्ठ है। व्रत करने वाले को यह सम्पूर्ण राज्य का फल देने वाला है।*
🙏🏻 *भगवान शिव यह भी आदेश देते हैं कि श्रावण में “सोमे मत्पूजा नक्तभोजनं” अर्थात सोमवार को मेरी पूजा और नक्तभोजन करना चाहिए।*
🙏🏻 *पूर्वकाल में सर्वप्रथम श्रीकृष्ण ने ही इस मंगलकारी सोमवार व्रत को किया था। “कृष्णे नाचरितं पूर्वं सोमवारव्रतं शुभम्”*
👉🏻 *स्कन्दपुराण, ब्रह्मखण्ड में सूतजी कहते हैं,*
*शिवपूजा सदा लोके हेतुः स्वर्गापवर्गयोः ।। सोमवारे विशेषेण प्रदोषादिगुणान्विते ।।*
*केवलेनापि ये कुर्युः सोमवारे शिवार्चनम् ।। न तेषां विद्यते किंचिदिहामुत्र च दुर्लभम् ।।*
*उपोषितः शुचिर्भूत्वा सोमवारे जितेंद्रियः ।। वैदिकैर्लौकिकैर्वापि विधिवत्पूजयेच्छिवम् ।।ब्रह्मचारी गृहस्थो वा कन्या वापि सभर्त्तृका।। विभर्तृका वा संपूज्य लभते वरमीप्सितम्।।*
🙏🏻 *प्रदोष आदि गुणों से युक्त सोमवार के दिन शिव पूजा का विशेष महात्म्य है। जो केवल सोमवार को भी भगवान शंकर की पूजा करते हैं, उनके लिए इहलोक और परलोक में कोई भी वस्तु दुर्लभ नहीं। सोमवार को उपवास करके पवित्र हो इंद्रियों को वश में रखते हुए वैदिक अथवा लौकिक मंत्रों से विधिपूर्वक भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए। ब्रह्मचारी, गृहस्थ, कन्या, सुहागिन स्त्री अथवा विधवा कोई भी क्यों न हो, भगवान शिव की पूजा करके मनोवांछित वर पाता है।*
👉🏻 *शिवपुराण, कोटिरुद्रसंहिता के अनुसार*
🌷 *निशि यत्नेन कर्तव्यं भोजनं सोमवासरे । उभयोः पक्षयोर्विष्णो सर्वस्मिञ्छिव तत्परैः ।।*
🙏🏻 *दोनों पक्षों में प्रत्येक सोमवार को प्रयत्नपूर्वक केवल रात में ही भोजन करना चाहिए। शिव के व्रत में तत्पर रहने वाले लोगों के लिए यह अनिवार्य नियम है।*
🌷 *अष्टमी सोमवारे च कृष्णपक्षे चतुर्दशी।। शिवतुष्टिकरं चैतन्नात्र कार्या विचारणा।।*
🙏🏻 *सोमवार की अष्टमी तथा कृष्णपक्ष चतुर्दशी इन दो तिथियों को व्रत रखा जाए तो वह भगवान शिव को संतुष्ट करने वाला होता है, इसमें अन्यथा विचार करने की आवश्यकता नहीं है।*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
जुलाई पंचक 2025 तिथि
पंचक आरंभ: जुलाई 13, 2025, रविवार को शाम 06:53 बजे
पंचक अंत: जुलाई 18, 2025, शुक्रवार को तड़के सुबह 03:39 बजे
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
💐आज की कहानी💐
मिथिला नगरी में महाराज जनक राज्य करते थे उनका नाम था सीरध्वज। एक बार वे यज्ञ के लिए पृथ्वी जोत रहे थे उस समय फाल से बनी गहरी रेखा द्वारा एक कुमारी कन्या का प्रादुर्भाव हुआ। रति से भी सुंदर कन्या को देख कर राजा को बड़ी प्रसन्नता हुई और उन्होंने उस कन्या का नाम सीता रख दिया।
सीता एक दिन सखियों के साथ उद्यान में खेल रहीं थीं तो उन्हें एक शुक (तोता) पक्षी का जोड़ा दिखाई दिया, वे दोनों पक्षी एक पर्वत की चोटी पर बैठ कर इस बोल रहे थे कि पृथ्वी पर श्री राम नाम से विख्यात एक बड़े सुंदर राजा होंगे उनकी महारानी, सीता के नाम से विख्यात होंगी।
उन्हे ऐसी बातें करते देख सीता ने सोचा कि ये दोनों मेरे ही जीवन की कथा कह रहे हैं, इन्हें पकड़ कर सभी बातें पूछूँ यह विचार कर उन्होंने अपनी सखियों से कहा,यह पक्षियों का जोड़ा सुंदर है तुम लोग चुपके से जाकर इसे पकड़ लाओ।
सखियाँ दोनों सुंदर पक्षियों को पकड़ लायीं।
सीता उन पक्षियों से बोलीं बताओ तुम कौन हो और कहाँ से आये हो? राम कौन हैं और सीता कौन हैं? तुम्हें उनकी जानकारी कैसे हुई? सारी बातें बताओ। भय न करो।’
सीता के इस प्रकार पूछने पर दोनों पक्षी बताने लगे देवि! वाल्मीकि नाम से विख्यात एक महर्षि हैं हम उन्हीं के आश्रम में रहते हैं। महर्षि ने रामायण नाम का एक ग्रन्थ बनाया है और उन्होंने शिष्यों को उस रामायण का अध्ययन भी कराया है। रामायण का कलेवर बहुत बड़ा है हम लोगों ने उसे पूरा सुना है।
देवी अब तुम ध्यान देकर सुनो।
महर्षि ऋष्यश्रंग के द्वारा कराये हुए पुत्रेष्टि यज्ञ के प्रभाव से भगवान विष्णु राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न, ये चार शरीर धारण करके प्रकट होंगे।
श्री राम महर्षि विश्वामित्र के साथ भाई लक्ष्मण सहित मिथिला में पधारेंगे और शिव जी के धनुष को तोड़ेंगे और मनोहर रूप वाली सीता को अपनी पत्नी के रूप में ग्रहण करेंगे। फिर उन्हीं के साथ श्री राम अपने विशाल राज्य का पालन करेंगे और भी बहुत सी बातें वहाँ हमारे सुनने में आयी हैं। सुंदरी ! हमने तुम्हें सब कुछ बता दिया अब हम जाना चाहते हैं, हमें छोड़ दो।
सीता ने पुनः उन दोनों से पूछा, ‘राम कहाँ होंगे? वे किसके पुत्र हैं और कैसे वे आकर जानकी को ग्रहण करेंगे? मनुष्यावतार में उनका श्री विग्रह कैसा होगा?’
उनके प्रश्न सुनकर शुकी मन ही मन जान गयी कि ये ही सीता हैं। उन्हें पहचान कर वह सामने आ उनके चरणों पर गिर पड़ी और बोली, श्री रामचन्द्र का मुख कमल की कली के समान सुंदर नेत्र बड़ेबड़े,नासिका ऊँची, पतली और मनोहारिणी होगी।गला शंख के समान होगा वक्षःस्थल उत्तम व चौड़ा उसमें श्रीवत्स का चिन्ह श्री राम ऐसा ही रूप धारण करने वाले हैं मैं उनका क्या वर्णन कर सकती हूँ। जिसके सौ मुख हैं, वह भी उनके गुणों का बखान नहीं कर सकता फिर हमारे जैसे पक्षी की क्या बिसात है। परंतु सुंदरी ! तुम कौन हो?
पक्षियों की बातें सुनकर सीता अपने जन्म की चर्चा करती हुई बोलीं, ‘जिसे तुम लोग जानकी कह रहे हो, वह जनक की पुत्री मैं ही हूँ अब श्रीराम जब यहाँ आकर मुझे स्वीकार करेंगे, तभी मैं तुम दोनों को छोड़ूँगी।
यह सुनकर शुकी ने जानकी से कहा साध्वी! हम वन के पक्षी हैं हमें तुम्हारे घर में सुख नहीं मिल सकता मैं गर्भिणी हूँ, अपने स्थान पर जाकर बच्चे पैदा करूँगी। उसके बाद फिर यहाँ आ जाऊँगी
पर भी सीता ने उसे नहीं छोड़ा। तब उसके पति ने कहा सीता ! मेरी भार्या को छोड़ दो यह गर्भिणी है जब यह बच्चों को जन्म दे लेगी, तब इसे लेकर फिर तुम्हारे पास आ जाऊँगा।तोते के ऐसा कहने पर जानकी ने कहा महामते ! तुम आराम से जा सकते हो, मगर यह मेरा प्रिय करने वाली है मैं इसे अपने पास बड़े सुख से रखूँगी।’
जब सीता ने उस शुकी को छोड़ने से मना कर दिया, तब वह पक्षी अत्यंत दुखी हो गया। उसने करुणायुक्त वाणी में कहा योगी लोग सत्य ही कहते है, किसी से कुछ न कहे, मौन रहे, नहीं तो उन्मत्त प्राणी अपने वचनरूपी दोष के कारण ही बन्धन में पड़ता है यदि हम इस पर्वत के ऊपर बैठकर वार्तालाप न करते होते तो हमारे लिए यह बन्धन कैसे प्राप्त होता इसलिए मौन ही रहना चाहिए।
इतना कहकर पक्षी पुनः बोला, सुन्दरी! मैं अपनी इस भार्या के विना जीवित नहीं रह सकता, इसलिए इसे छोड़ दो। सीता! तुम बहुत अच्छी हो, मेरी प्रार्थना मान लो।
इस तरह उसने बहुत समझाया, किन्तु सीता ने उसकी पत्नी को नहीं छोड़ा, तब उसकी भार्या ने क्रोध और दुख से व्याकुल होकर जानकी को श्राप दिया कि, जिस प्रकार आप मुझे इस समय अपने पति से अलग कर रही है, वैसे ही आप को स्वयं भी गर्भअवस्था में श्री राम से अलग होना पड़ेगा।
यह कहकर पति वियोग के कारण उसके प्राण निकल गये। उसने श्री रामचंद्र जी का स्मरण तथा पुनः पुनः राम नाम का उच्चारण करते हुए प्राण त्याग किया।
भार्या की मृत्यु हो जाने पर पक्षी शोक से आतुर होकर बोला, ‘मैं मनुष्यों से भरी श्री राम की नगरी अयोध्या में जन्म लूँगा तथा मेरे ही वाक्य से इसे पति के वियोग का भारी दुख उठाना पड़ेगा।’
यह कहकर वह चला गया क्रोध और सीता जी का अपमान करने के कारण उसका धोबी की योनि में जन्म हुआ।
उस धोबी के कथन से ही सीता जी निन्दित हुईं और उन्हें पति से वियुक्त होना पड़ा। धोबी के रूप में उत्पन्न हुए उस तोते का श्राप ही सीता का पति से विछोह कराने में कारण हुआ और वे वन में गयीं..!!
🙏🏼🙏🏽🙏🏿जय श्री राम🙏🙏🏻🙏🏾
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जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
आप बेहद भाग्यशाली हैं कि आपका जन्म 14 को हुआ है। ऐसे व्यक्ति अधिकांशत: मितभाषी होते हैं। कवि, कलाकार, तथा अनेक विद्याओं के जानकार होते हैं। आपमें गजब की आकर्षण शक्ति होती है। आपमें लोगों को सहज अपना बना लेने का विशेष गुण होता है। 14 का अंक आपस में मिलकर 5 होता है। 5 का अंक बुध ग्रह का प्रतिनिधि करता है। अनजान व्यक्ति की मदद के लिए भी आप सदैव तैयार रहते हैं। आपमें किसी भी प्रकार का परिवर्तन करना मुश्किल है। अर्थात अगर आप अच्छे स्वभाव के व्यक्ति हैं तो आपको कोई भी बुरी संगत बिगाड़ नहीं सकती। अगर आप खराब आचरण के हैं तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको सुधार नहीं सकती। लेकिन सामान्यत: 14 तारीख को पैदा हुए व्यक्ति सौम्य स्वभाव के ही होते हैं।
शुभ दिनांक : 1, 5, 7, 14, 23
शुभ अंक : 1, 2, 3, 5, 9, 32, 41, 50
शुभ वर्ष : 2030, 2032, 2034, 2050, 2059, 2052
ईष्टदेव : देवी महालक्ष्मी, गणेशजी, मां अम्बे।
शुभ रंग : हरा, गुलाबी जामुनी, क्रीम
जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :
दाम्पत्य जीवन में मधुर वातावरण रहेगा। अविवाहित भी विवाह में बंधने को तैयार रहें। यह वर्ष आपके लिए सफलताओं भरा रहेगा। अभी तक आ रही परेशानियां भी इस वर्ष दूर होती नजर आएंगी। परिवारिक प्रसन्नता रहेगी। संतान पक्ष से खुशखबर आ सकती है। नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए यह वर्ष निश्चय ही सफलताओं भरा रहेगा। व्यापार-व्यवसाय में प्रगति से प्रसन्नता रहेगी।
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन मध्यान से पहले आपको कोई लाभदायक समाचार मिलेगा। धन कोष में भी आकस्मिक वृद्धि होगी। कार्य व्यवसाय से दिन के पहले भाग में अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक लाभ कमा लेंगे इसके बाद का समय उदासीन रहेगा। सरकारी कार्य आज करने से सफलता की संभावनाएं अधिक रहेंगी। परन्तु आज किसी से भी किसी भी प्रकार के उधारी व्यवहार ना करें बाद में पछतावा होगा। धर्म कर्म में रुचि लेंगे पौराणिक धार्मिक स्थल की यात्रा होगी। आज कोई मनोकामना घरेलू कारणों से पूर्ण नही होने पर दुख होगा। दाम्पत्य जीवन का सुख सामान्य रहेगा।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज आप प्रातः काल से ही पूर्व नियोजित कार्य से लाभ की आशा लगा कर रखेंगे परन्तु इसके मध्यान तक पूर्ण ना होने से थोड़े अधीर रहेंगे। क्रोध में आकर आज कोई अनैतिक कार्य भी कर सकते है बाद में इसकी ग्लानि मन को दुखी करेगी। व्यवसायी वर्ग व्यवसाय सामान्य चलने से निश्चिन्त रहेंगे परन्तु धन लाभ में कोई ना कोई अड़चन अवश्य आएगी। नौकरी पेशा जातक स्वयं को बेहतर दिखाने के चक्कर मे कोई बड़ी गलती कर सकते है जिसका दुष्परिणाम शीघ्र देखने को मिलेगा। गृहस्थ जीवन मे आज धैर्य की कमी रहेगी फिर भी वातावरण काम निकालने लायक रहेगा।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज दिन के आरंभ में सेहत सम्बंधित समस्या रहेगी काम करने में उत्साह नही रहेगा घर के सदस्यों से किसी कारण ताने सुनने पड़ेंगे। लेकिन मध्यान के बाद स्थिति में सुधार आएगा विरोध करने वालो को अपनी गलती का अहसास होगा। परन्तु कार्य क्षेत्र पर आज अनमने मन से ही कार्य करेंगे। धन लाभ अल्प मात्रा में एवं आवश्यकता के समय नही होगा जिससे कार्य बाधित हो सकते है। संध्या के आस-पास अपने बुद्धि विवेक से कुछ रुके काम बना लेंगे जिससे निकट भविष्य में आय की संभावना बनेगी। अधिकारी एव परिजनों से आज सतर्क रहें।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन आप अधिक परिश्रम के कारण शारीरिक शिथिलता अनुभव करेंगे लेकिन परिश्रम का सकारात्मक फल मिलने से उत्साहित भी रहेंगे। कार्य व्यवसाय में आज थोड़े व्यवधान रहेंगे फिर भी आवश्यकता अनुसार धन की आमद हो ही जाएगी। आज किसी पारिवारिक सदस्य के विपरीत व्यवहार पर क्रोध आएगा जिससे कुछ समय के लिए वातावरण अशांत रहेगा। उधार दिए धन की वसूली की लिए समय उपयुक्त है परंतु आर्थिक व्यवहारों में आज गरमा गर्मी से बचे उधार आज किसी से ना लें।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन आपकी महात्त्वकांक्षाये बढ़ चढ़ कर रहेंगी दिखावे की प्रवृति रहने के कारण अन्य लोगो को अपने आगे तुच्छ मानेंगे जिससे स्नेहीजन आपसे दूरी बना कर रहेंगे। कार्य व्यवसाय में मनमानी एवं जल्दबाजी करने से हानि हो सकती है। आर्थिक रूप से दिन उठापटक वाला रहेगा। अचानक लाभ होता दिखाई देगा अगले पल निराशा मिलेगी लेकिन फिर भी मध्यान के बाद कही से अकस्मात लाभ होने की संभावना है। पारिवारिक सदस्य आज आपके स्वभाव से परेशान होने की जगह मजाक में लेंगे। सेहत थोड़ी गड़बड़ रहेगी।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आपको आज का दिन मिला-जुला फल देगा दिन के आरंभ में आलस्य एवं किसी बात को लेकर चिड़चिड़े रहेंगे लेकिन अतिआवश्यक एवं धन संबंधित कार्य मध्यान से पहले पूर्ण करने का प्रयास करें इसके बाद प्रत्येक कार्य मे उलझने बढ़ने से अधूरे रह सकते है। कार्य क्षेत्र पर किसी से विवाद होगा सहकर्मियों से भी मनमुटाव के कारण कार्य मे विलम्ब होगा। घरेलू वातावरण भी आज अस्त-व्यस्त ही रहेगा। आपकी बात आज कोई भी जल्दी से नही सुनेगा जिससे क्रोध में भरे रहेंगे। सेहत भी कुछ खास ठीक नही रहेगी।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन आपकी सुख शांति में वृद्धि करेगा परन्तु किसी के उकसावे में आकर कुछ समय के लिए विवेक पर नियंत्रण खो सकते है भ्रामक बातो में ना आये यह सुख शांति के लिए आज आवश्यक है। व्यापार व्यवसाय में आकस्मिक लाभ के सौदे मिलने से भविष्य की योजनाएं गति लेंगी। नौकरी पेशा जातको को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा जिससे सम्मान की प्राप्ति भी होगी। परिवारक दायित्वों की पूर्ति करने में थोड़े असहज रह सकते है लेकिन ले देकर इससे भी पार पा लेंगे। स्वास्थ्य आज सामान्य बना रहेगा।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज दिन का पहला भाग शांति से बिताएंगे लेकिन इस अवधि में लाभ की आशा आलस्य-प्रमाद की भेंट चढ़ेगी। इसके बाद का समय कष्टकारी रहने वाला है। आज आपके स्वभाव में थोड़ी उद्दंडता रहेगी एवं आपको भी अन्य लोगो ऐसे ही व्यवहार का सामना करना पड़ेगा जिससे दिनचार्य खराब होगी। कार्य स्थल पर कोई भी काम मन के अनुसार नही होगा। नौकरी वाले जातक अधिकारी एवं सहकर्मियों के स्वभाव में अचानक परिवर्तन आने से परेशान होंगे। किसी से काम निकालना आज अत्यंत मुश्किल रहेगा। धन लाभ के लिये तरस सकते है।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन का आरंभिक भाग धन लाभ करेगा किसी अधूरे कार्य के पूर्ण होने से धनागम सुनिश्चित होगा परन्तु इसमे विलम्ब हो सकता है। आज आपके सामाजिक व्यवहारों में वृद्धि होगी प्रथम दृष्टया यह झंझट ही लगेगा परन्तु बाद में लाभ दायक सिद्ध होगा। व्यावसायिक अथवा किसी अन्य कार्य को लेकर उच्च प्रतिष्ठित लोगो के साथ भेंट होगी इसका परिणाम आपके पक्ष में परन्तु विलम्ब से आएगा। मध्यान के बाद परिस्थिति प्रतिकूल बनने लगेंगी सेहत के साथ साथ कार्य क्षेत्र पर भी अधिक ध्यान देना पड़ेगा। परिजनों से किसी विषय को लेकर मतभेद होंगे।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज दिन के पूर्वार्ध में आप कार्यो को लेकर आलस्य दिखाएंगे परन्तु इसके बाद का समय पूरी निष्ठा एवं तैयारी के साथ अधूरे कार्य पूर्ण करने में लग जाएंगे सहकर्मियों का सहयोग अपेक्षा से कम ही रहेगा फिर भी धन लाभ में ज्यादा व्यवधान नही आएंगे। व्यवसायी वर्ग नगद व्यवहार को अधिक महत्त्व देंगे जिससे आर्थिक आयोजनों में स्पष्टता रहने के साथ ही ज्यादा मगजमारी नही करनी पड़ेगी। परिवार मे किसी बाहरी व्यक्ति के दखल देने से आपसी विश्वास की कमी रह सकती है। सुखोपभोग की वस्तु खरीदने की योजना बनेगी।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज दिन के पूर्वार्ध में अशुभ समाचार मिलने से बेचैन रह सकते है। मध्यान तक आपसी व्यवहार में विशेष सावधानी रखें किसी से मामूली बात का बतंगड़ बन सकता है हास परिहास भी मर्यादा में रहकर ही करें आपकी बाते किसी को चुभने से माहौल गरम होने की सम्भावना है। मध्यान के बाद का समय परिस्थितियों में धीरे-धीरे सुधार लाएगा। धार्मिक भावनाएं आज बलवती रहेंगी। धर्म के कामो में समय एवं धन व्यय करेंगे। आर्थिक रूप से आज का दिन आपके बौद्धिक एवं शारीरिक परिश्रम पर ज्यादा निर्भर करेगा। आज परिजनों की समस्या का समाधान अवश्य करें।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन आप किसी सरकारी उलझन में पड़ सकते है। दो पक्षो के झगड़े में आपका नाम बेवजह आने से व्यर्थ की भाग-दौड़ करनी पड़ सकती है। लेकिन मध्यान के बाद गलतफहमी दूर होने से राहत की सांस लेंगे। फिर भी मध्यान तक ज्यादा सावधानी रखें। स्वभाव से चंचल रहेंगे किसी की भी बातों को बिना तथ्य जाने सच मान लेंगे जिससे बाद में परेशानी होगी। पुरानी बीमारियों में आज थोड़ा सुधार आएगा फिर भी लापरवाही से बचें। आर्थिक दृष्टिकोण से दिन सामान्य रहेगा। आय-व्यय लगभग समान ही रहेंगे।

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