Vaidik Panchang 12072025 Importance of Savan Saturday

🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️  *दिनांक – 12 जुलाई 2025*
🌤️ *दिन –  शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास – श्रावण (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार आषाढ)*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – द्वितीया 13 जुलाई रात्रि 01:46 तक तत्पश्चात तृतीया*
🌤️ *नक्षत्र -उत्तराषाढ़ा सुबह 06:36 तक तत्पश्चात श्रवण*
🌤️ *योग – विष्कंभ शाम 07:32 तक तत्पश्चात प्रीति*
🌤️ *राहुकाल –  सुबह 09:24 से सुबह 11:04 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:05*
🌤️ *सूर्यास्त –  07:22*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – जया पार्वती व्रत जागरण (गुजरात)*
💥 *विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा  बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
          🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *श्रावण शनिवार* 🌷
🙏🏻 *भगवान शिव की भक्ति का महीना श्रावण (सावन) (उत्तर भारत हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार) से शुरू हो चुका है। (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार अषाढ़ मास चल रहा है वहां 25 जुलाई, शुक्रवार से श्रावण (सावन) मास आरंभ होगा)*
👉🏻 *बहुत लोगों को श्रावण शनिवार का पूरे वर्ष इंतज़ार रहता है।*
🌷 *स्कन्दपुराण के अनुसार*
*”श्रावणे मासि देवानां त्रयानां पूजनं शनौ। नृसिंहस्य शनैश्चव्य अञ्जनीनन्दनस्य च।।”*
🙏🏻 *श्रावण मास में शनिवार के दिन नृसिंह, शनि तथा अंजनीपुत्र हनुमान इन तीनों देवताओं का पूजन करना चाहिए।*
🌷 *शिवपुराण के अनुसार*
*अपमृत्युहरे मंदे रुद्राद्रींश्च यजेद्बुधः  ॥*
*तिलहोमेन दानेन तिलान्नेन च भोजयेत् ॥ (शिवपुराण, विध्येश्वर संहिता)*
🙏🏻 *शनैश्चर अल्पमृत्यु का निवारण करने वाला है, उस दिन बुद्धिमान पुरुष रुद्र आदि की पूजा करे। तिल के होम के , दान से देवताओं को संतुष्ट करके ब्राह्मणों को तिलमिश्रित अन्न भोजन कराएं।*
🙏🏻 *स्कन्दपुराण के अनुसार श्रावण शनिवार को हनुमान पूजा :*
👉🏻 *1. “शनिवारे श्रावणे च अभिषेकं समाचरेत, रुद्रमंत्रेण तैलेन हनुमत्प्रीणनाय च। तैलमिश्रितसिन्दूरलेपमं तस्य समर्पयेत” रुद्रमंत्र के द्वारा तेल से हनुमान जी का अभिषेक करना चाहिए। तेल में मिश्रित सिन्दूर का लेप उन्हें समर्पित करना चाहिए।*
👉🏻 *2. जपाकुसुम, आक, मंदारपुष्प की मालाओं से , नैवेद्य से उनकी पूजा करनी चाहिए।*
👉🏻 *3. “जपेद्द्वादश नामानि हनुमत्प्रीतये बुधः” हनुमान जी के 12 नामों का जप करना चाहिए।*
🌷 *”हनुमानञ्जनी सूनुर्वायुपुत्रो* *महाबल:। रामेष्ट: फाल्गुनसख: पिङ्गाक्षोमितविक्रम:।।*
*उदधिक्रमणश्चैव सीताशोकविनाशन:।* *लक्ष्मणप्राणदाता च दशग्रीवस्य दर्पहा।।”*
🙏🏻 *जो मनुष्य प्रातःकाल उठकर इन बारहनामों को पढ़ता है, उसका अमंगल नहीं होता और उसे सभी सम्पदा सुलभ हो जाती है।*
👉🏻 *4. हनुमान जी के मंदिर में हनुमत्कवच का पाठ करना चाहिए।*
🌷 *“श्रावणे मंदवारे तु एवमाराध्य वायुजं। वज्रतुल्यशरीरः स्यादरोगो बलवान्नरः।।*
*वेगवान्कार्यकरणे बुद्धिवैभवभूषितः। शत्रु: संक्षयमाप्नोति मित्रवृद्धि: प्रजायते।।*
*वीर्यवान्कीर्तिमांश्चैव प्रसादादंञ्जनीजने।”*
🙏🏻 *इस प्रकार श्रावण में शनिवार के दिन वायुपुत्र हनुमानजी की आराधना करके मनुष्य वज्रतुल्य शरीर वाला, निरोग और बलवान हो जाता है। अंजनीपुत्र की कृपा से वह कार्य करने में वेगवान, तथा बुद्धि वैभव से युक्त हो जाता है, उसके शत्रु नष्ट हो जाते हैं, मित्रों की वृद्धि होती है और वह वीर्यवान तथा कीर्तिमान हो जाता है।*
🙏🏻 *स्कन्दपुराण के अनुसार* *श्रावण शनिवार को शनि पूजा:*
*शनि की प्रसन्नता के लिए एक लंगड़े ब्राह्मण और उसके अभाव में किसी ब्राह्मण के शरीर में तिल का तेल लगाकर उसे उष्ण जल से स्नान कराना चाहिए और श्रद्धायुक्त होकर खिचड़ी उसे खिलाना चाहिए। तत्पश्च्यात तेल, लोहा, काला तिल, काला उडद, काला कंबल, प्रदान करना चाहिए। इसके बाद व्रती यह कहे कि मैंने यह सब शनि की प्रसन्नता के लिए किया है, शनिदेव मुझपर प्रसन्न हों। तदनन्तर तिल के तेल से शनि का अभिषेक कराना चाहिए। उनके पूजन मेजन तिल तथा उड़द के अक्षत प्रशस्त माने गए हैं।*
🌷 *उसके बाद शनि का ध्यान करें:*
*शनैश्चरः कृष्णवर्णो मन्दः काश्यपगोत्रजः।*
*सौराष्ट्रदेशसम्भूतः सूर्यपुत्रो वरप्रदः। दण्डाकृतिर्मण्डले स्यादिन्द्रनीलसमद्युतिः।*
*बाणबाणासनधरः शूलधृग्गृध्रवाहनः।* *यमाधिदैवतश्चैव ब्रह्मप्रत्यधिदैवतः।*
*कस्तूर्यगुरुगन्ध: स्यात्तथा गुग्गुलुधूपकः। कृसरान्नप्रियश्चैव विधिरस्य प्रकीर्तितः।*
🙏🏻 *पूजा में कृष्ण वस्तु (काली वस्तु) का दान करना चाहिये। ब्राह्मण को काले रंग के दो वस्त्र देने चाहिए और काले बछड़े सहित काली गौ प्रदान करनी चाहिए।*
🌷 *शनि पूजन में वैदिक मंत्र:*
*ॐ  शन्नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।*
*शंयोरभिस्र वन्तु न:। ॐ शनैश्चराय नम:।*
🙏🏻 *भगवान् शिव, शनिदेव के गुरु हैं। शिव ने ही शनि को न्यायाधीश का पद सौंपा था जिसके फलस्वरूप शनि देव मनुष्य/देव/पशु सभी को कर्मों के अनुसार फल देते हैं। इसलिए श्रावण के महीने में जो भी भगवान् शिव के साथ साथ शनि की उपासना करता है उसको शनि के शुभ फल प्राप्त होते हैं। भगवान् शिव के अवतार पिप्पलाद, भैरव तथा रुद्रावतार हनुमान जी की पूजा भी शनि के प्रकोप से रक्षा करती है।*


                🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

जुलाई पंचक 2025 तिथि

पंचक आरंभ: जुलाई 13, 2025, रविवार को शाम 06:53 बजे
पंचक अंत: जुलाई 18, 2025, शुक्रवार को तड़के सुबह 03:39 बजे

*अगरबत्ती वैज्ञानिक दृष्टिकोण?*
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शास्त्रो में बांस की लकड़ी को जलाना वर्जित है, किसी भी हवन अथवा पूजन विधि में बांस को नही जलाते हैं। यहां तक कि चिता में भी बांस की लकड़ी का प्रयोग वर्जित है।

अर्थी के लिए बांस की लकड़ी का उपयोग होता है लेकिन उसे भी नही जलाते शास्त्रों के अनुसार बांस जलाने से पित्र दोष लगता है

*क्या इसका कोई वैज्ञानिक कारण है?*

*बांस में लेड व हेवी मेटल प्रचुर मात्रा में होते है*

लेड जलने पर लेड आक्साइड बनाता है जो कि एक खतरनाक नीरो टॉक्सिक है हेवी मेटल भी जलने पर ऑक्साइड्स बनाते है

लेकिन जिस बांस की लकड़ी को जलाना शास्त्रों में वर्जित है यहां तक कि चिता मे भी नही जला सकते, उस बांस की लकड़ी को हमलोग रोज़ अगरबत्ती में जलाते हैं।

अगरबत्ती के जलने से उतपन्न हुई सुगन्ध के प्रसार के लिए फेथलेट नाम के विशिष्ट केमिकल का प्रयोग किया जाता है। यह एक फेथलिक एसिड का ईस्टर होता हैयह भी स्वांस के साथ शरीर मे प्रवेश करता है

इस प्रकार अगरबत्ती की तथाकथित सुगन्ध न्यूरोटॉक्सिक एवम हेप्टोटोक्सिक को भी श्वास के साथ शरीर मे पहुचाती है। इसकी लेश मात्र उपस्थिति केन्सर अथवा मष्तिष्क आघात का कारण बन सकती है। हेप्टो टॉक्सिक की थोड़ी सी मात्रा लीवर को नष्ट करने के लिए पर्याप्त है।

*शास्त्रो में पूजन विधान में कही भी अगरबत्ती का उल्लेख नही मिलता सब जगह धूप ही लिखा है?*

*एक बार एक गाँव में एक साधु रहता था सारा दिन राम-राम जपता रहता है और ढोलकी बजाकर कीर्तन करता?*

उसकी कुटिया के पास जिस व्यक्ति का घर था, वह उससे बहुत परेशान था।


एक दिन वह गुस्से में उस साधु की कुटिया में गया और कहने लगा कि तुम क्या दिन -रात राम- राम रटते रहते हो……..

तुम्हें तो कोई काम धंधा नहीं है हमें तो कमाने जाना पड़ता है तुम्हारी ढोलकी की आवाज से मैं सो नहीं पाता।

साधु कहने लगा, *तुम भी मेरे साथ राम-राम जप के देखो तब तुम्हें पता चलेगा कितना आनंद आता है*।

वह व्यक्ति खीझकर बोला,अगर मैं तुम्हारे साथ राम-राम जपूं तो क्या तुम्हारा राम मुझे खाने के लिए रोटी देगा…..

साधु कहने लगा कि *मुझे तो राम नाम की लगन लगी है मुझे तो राम जी की कृपा से हर रोज भोजन मिल ही जाता है*।

*तुम भी राम- राम जप के देख लो मुझे भरोसा है भगवान तुझे खाने को जरूर देगा*।

वह व्यक्ति उस साधु को चुनौती देता है कि मैं तुम्हारे साथ आज राम-राम का भजन करता हूँ अगर तुम्हारे राम ने आज मुझे रोटी खिला दी तो मैं सारी उम्र राम की भक्ति में लगा दूंगा।

अगर नहीं खिलाई तो, तुम ढोलकी बजाना बंद कर दोगे।

साधू कहता है कि मैंने तो निष्काम भाव से प्रभु राम की भक्ति की है लेकिन फिर भी मुझे तुम्हारी चुनौती मंजूर है।

वह व्यक्ति साधु के साथ बैठकर राम-राम का जाप करता है और मन में निश्चय करता है कि चाहे कुछ हो जाए मैं आज भोजन नहीं करूँगा, देखता हूँ इसका राम मुझे कैसे भोजन कराता है।

राम-राम का भजन करने के बाद वह सोचता है कि अगर अब मैं घर जाता हूँ तो मेरी माँ और पत्नी मुझे खाने को कहेंगे और मुझे रोटी खानी पड़ सकती है , लेकिन मुझे साधु को चुनौती में हराना है इसलिए वह घर जाने की बजाए गाँव के पास जंगल में चला गया।

जंगल में एक पेड़ पर चढ़कर बैठकर सोचने लगा कि मैं सारा दिन पेड़ से उतरूंगा ही नहीं तो अन्न का भी नहीं खाऊंगा। इस तरह मैं साधु को हरा दूंगा और उसका ढोलकी बजाना बंद कर देगा।

कुछ देर बाद उस जंगल से एक बंजारों की टोली गुजरी उन्हें भूख लगी थी तो उनके सरदार ने कहा कि आग जलाकर यहीं भोजन बना लो अब भोजन करके ही आगे बढ़ेंगे।

बंजारे भोजन करने ही वाले होते हैं, सूचना मिलती है कि डाकू आ रहे हैं तो बंजारों का सरदार कहता है कि हमें यहाँ से निकलना चाहिए।डाकू हमारा सब कुछ लूट सकते हैं और वे भोजन वही छोड़ कर चले जाते हैं वह व्यक्ति पेड़ पर से सब देख रहा था।

थोडी देर में डाकू वहाँ पहुंचते हैं और भोजन को देखकर डाकू कहते कि यह भोजन किसने बनाया…..और बनाने के बाद खाया क्यों नहीं, कहीं किसी की चाल तो नहीं हो सकता है इस भोजन में जहर हो, उसी समय डाकुओं के सरदार की नजर उस व्यक्ति पर पड़ी वह उसे नीचे आने का आदेश देता है।

*डाकू उस व्यक्ति से पूछते हैं ,हमें मारने के लिए, क्या भोजन तुमने बनाया है….*।

वह मिन्नते करता रहता है कि मैंने यह भोजन नहीं बनाया ; इसमें जहर नहीं है।

यह भोजन बंजारों ने बनाया है आपके आने की खबर सुनकर वह भाग गए लेकिन डाकूओं के आगे उसकी एक नहीं चली।

डाकू ने उसे कहा कि तुम्हें यह भोजन खाना पड़ेगा क्योंकि हमें लगता है कि इसमें जहर है।

अब तुम ही पहले भोजन करोगे वह जिद्द पर अड़ गया कि मैं भोजन नहीं करुंगा।

डाकूओं का शक ओर गहरा हो गया अब बंदूक की नोक उसके सिर पर रख दी और कहा तुझे भोजन करना पड़ेगा।

वह व्यक्ति भोजन कर रहा है और साधु को याद करते करते आँसू उसकी आँखों से बह रहे थे

उसके भोजन करने के बाद डाकूओं ने से छोड़ दिया।

अब उसे विश्वास हो गया कि बंजारों को और डाकूओं को रामजी ने ही भेजा है।

वह सीधा साधू की कुटिया में चला गया और जा कर उनके चरणों में प्रणाम किया और उन्हें सारा वृतांत सुनाया और अब उसे साधु से भी ज्यादा राम नाम की लगन लग गई उसने अपना पूरा जीवन राम जी को समर्पित कर दिया।

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जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
दिनांक 12 को जन्मे व्यक्तियों का अंक ज्योतिष के अनुसार मूलांक तीन आता है। यह बृहस्पति का प्रतिनिधि अंक है। आप दार्शनिक स्वभाव के होने के बावजूद एक विशेष प्रकार की स्फूर्ति रखते हैं। आपकी शिक्षा के क्षेत्र में पकड़ मजबूत होगी। आप एक सामाजिक प्राणी हैं। आप सदैव परिपूर्णता या कहें कि परफेक्शन की तलाश में रहते हैं यही वजह है कि अकसर अव्यवस्थाओं के कारण तनाव में रहते हैं। ऐसे व्यक्ति निष्कपट, दयालु एवं उच्च तार्किक क्षमता वाले होते हैं। अनुशासनप्रिय होने के कारण कभी-कभी आप तानाशाह भी बन जाते हैं।

शुभ दिनांक : 3, 12, 21, 30

शुभ अंक : 1, 3, 6, 7, 9

शुभ वर्ष : 2028, 2030, 2031, 2034, 2043, 2049, 2052


ईष्टदेव : देवी सरस्वती, देवगुरु बृहस्पति, भगवान विष्णु

शुभ रंग : पीला, सुनहरा और गुलाबी



जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :
घर या परिवार में शुभ कार्य होंगे। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद है। नवीन व्यापार की योजना भी बन सकती है। दांपत्य जीवन में सुखद स्थिति रहेगी। किसी विशेष परीक्षा में सफलता मिल सकती है। नौकरीपेशा के लिए प्रतिभा के बल पर उत्तम सफलता का है। मित्र वर्ग का सहयोग सुखद रहेगा। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे। महत्वपूर्ण कार्य से यात्रा के योग भी है।


मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन आपके लिए शुभ रहेगा लेकिन आज आर्थिक रूप से दिन निराशाजनक ही रहने वाला है। प्रातः काल से किसी कार्य को पूर्ण करने की जल्दी रहेगी। जल्दबाजी के कारण कार्य सफाई से नही कर पाएंगे। धन लाभ में भी विलम्ब होगा जिससे पूर्व में विचारे कार्य अधर में लटक सकते है। घरेलू वातावरण आपकी आलसी अथवा टालमटोल वाली वृति से अस्त-व्यस्त रहेगा फिर भी आज कोई भी आपके सामने शिकायत या आपकी आलोचना नहीं करेगा। प्रेम-प्रसंगों में अधिक भावुकता मन को दुखी करेगी।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन आप आराम से बिताएंगे कुछ दिनों से चल रही उलझने आज थोड़ी शांत होंगी। धार्मिक कार्यो में रुचि रहने से मानसिक शांति मिलेगी। व्यवसायी वर्ग काम को लेकर कुछ दुविधा में रहेंगे फिर भी आवश्यकता अनुसार धन की आमद हो ही जाएगी। आज आप घरेलू कार्यो में टालमटोल करेंगे जिससे परिजन नाराज हो सकते है। मनोरंजन के साथ ही आराम के क्षण भी मिलेंगे। दाम्पत्य जीवन मे सुधार आएगा। अकस्मात यात्रा के प्रसंग बन सकते है। आज सेहत का ध्यान रखें।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन प्रतिकूल फलदायी रहेगा। दिन के आरंभ में किसी से बंधी आशा टूटने से मन दुखी होगा। आर्थिक कारणों से मध्यान तक का समय संघर्ष वाला रहेगा इसके बाद कही से आकस्मिक धन लाभ होने से थोड़ी राहत मिलेगी। आज यात्रा पर्यटन की योजना भी बनेगी परन्तु वाहन से चोट अथवा अन्य आकस्मिक दुर्घटना का भय है सावधान रहें। कार्य क्षेत्र पर प्रतिस्पर्धा अधिक रहने से लाभ में कमी आएगी। परिजन किसी कार्य से आपके ऊपर आश्रित रहेंगे जिसमे उन्हें निराश ही होना पड़ेगा।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन आपको प्रत्येक क्षेत्र में विजय दिलाएगा। आज जिस भी काम मे निवेश करेंगे उसमे दुगना धन मिलने की संभावना रहेगी लेकिन धन की आमद में थोड़ा विलम्ब हो सकता है। व्यवसाय के अतिरिक्त भी आय होने की संभावना है। नौकरी पेशा जातक आज आराम के मूड में रहेंगे लेकिन घरेलू काम बढ़ने से असहजता होगी। पारिवारिक वातावरण में थोड़ा विरोधाभास रहेगा परन्तु महत्त्वपूर्ण विषयो में सभी एकजुट हो जाएंगे। सेहत में सुधार आएगा।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन धन-धान्य वृद्धि कारक रहेगा। घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति पर खर्च होगा। सुख-सुविधा भी बढ़ेगी। कार्य व्यवसाय में मध्यान तक दिन भर का कोटा पूरा कर लेंगे इसके बाद भी लाभ होता रहेगा किन्तु कुछ कमी आएगी। घर अथवा व्यावसायिक स्थल को नया रूप देने के लिये तोड़-फोड़ करा सकते है। नये कार्यानुबन्ध हाथ मे लेना आज शुभ रहेगा। नौकरी पेशा जातक भी कार्य क्षेत्र बदलने का मन बनाएंगे। कही से रुका धन मिलने से प्रसन्नता होगी। घर मे मामूली बहस के बाद भी स्थिति सुखदायी रहेगी।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज आपकी बौद्धिक क्षमता में विकास होगा भले बुरे को परख कर ही कोई भी कार्य करेंगे फिर भी स्वभाव अनुसार छोटी बातों पर अकड़ दिखाना नही जाएगा जिससे कुछ ना कुछ व्यवधान आ सकता है। व्यवसाय में आपके लिके निर्णय लाभदायक सिद्ध होंगे आर्थिक दृष्टिकोण से भी अन्य दिनों की अपेक्षा आज का दिन बेहतर रहेगा। विरोधी आपके आगे नही टिकेंगे लेकिन पीठ पीछे कुछ ना कुछ तिकड़म अवश्य लगाएंगे। हित शत्रुओ से सावधान रहें। पारिवारिक सदस्यों को समय देना पड़ेगा खर्च भी होगा।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन विपरीत परिस्थितियों वाला रहेगा दिन के आरंभ में ही परिवार अथवा आस-पड़ोसियों से कलह हो सकती है इसका प्रभाव भी दिन भर देखने को मिलेगा। कार्य व्यवसाय में उदासीनता दिखाने से होने वाले लाभ में कमी आएगी। लेकिन उधारी के व्यवहार भी आज कम होंगे। आज आपके स्वभाव में रूखापन रहने से स्नेहीजनों को तकलीफ होगी। परिवार अथवा अन्य से किये वादे पूरे नही कर सकेंगे जिसकारण सम्मान हानि हो सकती है। आय की अपेक्षा खर्च अधिक होगा।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन आर्थिक दृष्टिकोण से लाभदायक रहेगा। घर के बुजुर्गों एवं कार्य व्यवसाय से अकस्मात लाभ होगा। लेकिन आज व्यर्थ के खर्च भी बढ़ेंगे। व्यापारी वर्ग को कुछ दिनों से अटके कार्य आज पूर्ण होने से तसल्ली मिलेगी। लेकिन परिवार में आज आर्थिक कारण अथवा किसी अन्य वजह से खींच-तान होने की संभावना है। धन की अपेक्षा संबंधों को अधिक महत्त्व दे अन्यथा वैर-विरोध का सामना करना पड़ेगा। मध्यान के बाद का समय पूरे दिन की अपेक्षा ज्यादा सुखदायी रहेगा। मौज-शौक पर खर्च होगा।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन आपकी मानसिकता बिना परिश्रम किया सुख भोगने वाली रहेगी यह कामना कुछ हद तक पूर्ण भी हो जाएगी परन्तु धन संबंधित योजनाओ को गति देने के लिए आज बौद्धिक एवं शारीरिक परिश्रम अधिक करना पड़ेगा। मध्यान तक किये परिश्रम का फल संध्या तक मिल जाएगा। जोड़-तोड़ कर धन कोष में वृद्धि होगी लेकिन अकस्मात खर्च आने से बचत नही हो पाएगी। पारिवारिक आवश्यकताओं की पूर्ति मजबूरी में करेंगे। बाहर घूमने का आयोजन होगा मनोरंजन पर खर्च बढेगा।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज के दिन आपकी बनाई योजनाए आरम्भ में विफल होती प्रतीत होंगी लेकिन कुछ समय बाद स्वतः ही सभी काम बनते चले जायेंगे। आर्थिक कारणों से आज किसी की खुशामद भी करनी पड़ सकती है। व्यवसाय से धन लाभ संतोषजनक होगा लेकिन आवश्यक के समय ना होकर अकस्मात ही होगा। घर के बुजुर्ग आज आपकी किसी बुरी आदत से दुखी होंगे कुछ समय के लिए स्थिति को संभालना मुश्किल होगा। संध्या के समय घरेलू खर्च के साथ ही मौज शौक पर खर्च होगा।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन आपके लिए हानिकारक रहेगा। कार्य क्षेत्र पर किसी गलत निर्णय के कारण आर्थिक हानि की संभावना है जिसकी भरपाई में समय लगेगा। विरोधी कुछ समय शांत रहकर अगली चाल की योजना बनाएंगे सतर्क रहें। स्वभाव में आज व्यवहारिकता रखना अत्यंत आवश्यक है। सामजिक एवं धार्मिक कार्यो में अरुचि रहने पर भी बेमन से सम्मिलित होने पड़ेगा। कार्य क्षेत्र पर आज सहकर्मी अथवा नौकरो की गतिविधि पर भी नजर रखें। संध्या के समय थोड़ा मनचाहा वातावरण मिलने से मानसिक दुविधा कम होगी।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन आप एक साथ कई क्षेत्रों से लाभ कमा सकते है परंतु आज आलसी प्रकृति भी रहने के कारण कुछ ना कुछ आशा के विपरीत अवश्य होगा। व्यवसायी वर्ग बेहिचक निवेश करें निकट भविष्य के लिए लाभदायी रहेगा। धन लाभ आवश्यकता के समय होने से ज्यादा झंझट में नही पड़ना पड़ेगा। आज आप अपनी व्यवहार कुशलता का परिचय हर क्षेत्र पर देंगे लेकिन परिवार में किसी से रूठना मनाना लगा रहेगा फिर भी माहौल नियंत्रण में ही रहेगा। विशेष कर आज व्यसनों से दूर रहें धन के साथ ही मान एवं शारीरिक हानि हो सकती है।

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Quote of the week

“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”

~ Richie Norton