🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌤️ *दिनांक – 10 अक्टूबर 2025*
🌤️ *दिन – शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत – 1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शरद ऋतु*
🌤️ *मास – कार्तिक (गुजरात-महाराष्ट्र आश्विन*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – चतुर्थी शाम 07:38 तक तत्पश्चात पंचमी*
🌤️ *नक्षत्र – कृत्तिका शाम 05:31 तक तत्पश्चात रोहिणी*
🌤️ *योग – सिद्धि शाम 05:41 तक तत्पश्चात व्यतीपात*
🌤️ *राहुकाल – सुबह 10:57 से दोपहर 12:25 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:33*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:17*
👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – करवा चौथ, करक चतुर्थी, दशरथ चतुर्थी, संकष्ट चतुर्थी, (चन्द्रोदय: रात्रि 08:33 ), व्यतीपात योग)शाम 05:41 से 11 अक्टूबर दोपहर 02:07 तक)*
💥 *विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🕉️~*वैदिक पंचांग* ~🕉️
🌷 *कार्तिक में दीपदान* 🌷
👉🏻 *गताअंक से आगे …..*
🔥 *दीपदान कहाँ करें* 🔥
🙏🏻 *लिंगपुराण के अनुसार*
🌷 *कार्तिके मासि यो दद्याद्धृतदीपं शिवाग्रतः।।*
*संपूज्यमानं वा पश्येद्विधिना परमेश्वरम्।।*
➡ *जो कार्तिक महिने में शिवजी के सामने घृत का दीपक समर्पित करता है अथवा विधान के साथ पूजित होते हुए परमेश्वर का दर्शन श्रद्धापूर्वक करता है, वह ब्रह्मलोक को जाता है।*
🌷 *यो दद्याद्धृतदीपं च सकृल्लिंगस्य चाग्रतः।।*
*स तां गतिमवाप्नोति स्वाश्रमैर्दुर्लभां रिथराम्।।*
➡ *जो शिव के समक्ष एक बार भी घृत का दीपक अर्पित करता है, वह वर्णाश्रमी लोगों के लिये दुर्लभ स्थिर गति प्राप्त करता है।*
🌷 *आयसं ताम्रजं वापि रौप्यं सौवर्णिकं तथा।।*
*शिवाय दीपं यो दद्याद्विधिना वापि भक्तितः।।*
*सूर्यायुतसमैः श्लक्ष्णैर्यानैः शिवपुरं व्रजेत्।।*
➡ *जो विधान के अनुसार भक्तिपूर्वक लोहे, ताँबे, चाँदी अथवा सोने का बना हुआ दीपक शिव को समर्पित है, वह दस हजार सूर्यों के सामान देदीप्यमान विमानों से शिवलोक को जाता है।*
🙏🏻 *अग्निपुराण के 200 वे अध्याय के अनुसार*
🔥 *जो मनुष्य देवमन्दिर अथवा ब्राह्मण के गृह में एक वर्ष दीपदान करता है, वह सब कुछ प्राप्त कर लेता है।*
🔥 *कार्तिक में दीपदान करने वाला स्वर्गलोक को प्राप्त होता है।*
🔥 *दीपदान से बढ़कर न कोई व्रत है, न था और न होगा ही।*
🔥 *दीपदान से आयु और नेत्रज्योति की प्राप्ति होती है।*
🔥 *दीपदान से धन और पुत्रादि की प्राप्ति होती है।*
🔥 *दीपदान करने वाला सौभाग्ययुक्त होकर स्वर्गलोक में देवताओं द्वारा पूजित होता है।*
🙏🏻 *एकादशी को दीपदान करने वाला स्वर्गलोक में विमान पर आरूढ़ होकर प्रमुदित होता है।*
🌷 *दीपदान कैसे करें* 🌷
🔥 *मिट्टी, ताँबा, चाँदी, पीतल अथवा सोने के दीपक लें। उनको अच्छे से साफ़ कर लें। मिटटी के दीपक को कुछ घंटों के लिए पानी में भिगो कर सुखा लें। उसके पश्च्यात प्रदोषकाल में अथवा सूर्यास्त के बाद उचित समय मिलने पर दीपक, तेल, गाय घी, बत्ती, चावल अथवा गेहूँ लेकर मंदिर जाएँ। घी में रुई की बत्ती तथा तेल के दीपक में लाल धागे या कलावा की बत्ती इस्तेमाल कर सकते हैं। दीपक रखने से पहले उसको चावल अथवा गेहूं अथवा सप्तधान्य का आसन दें। दीपक को भूल कर भी सीधा पृथ्वी पर न रखें क्योंकि कालिका पुराण का कथन है ।*
🌷 **दातव्यो न तु भूमौ कदाचन।* *सर्वसहा वसुमती सहते न त्विदं द्वयम्।।*
*अकार्यपादघातं च दीपतापं तथैव च। तस्माद् यथा तु पृथ्वी तापं नाप्नोति वै तथा।।*
➡ *अर्थात सब कुछ सहने वाली पृथ्वी को अकारण किया गया पदाघात और दीपक का ताप सहन नही होता ।*
🔥 *उसके बाद एक तेल का दीपक शिवलिंग के समक्ष रखें और दूसरा गाय के घी का दीपक श्रीहरि नारायण के समक्ष रखें। उसके बाद दीपक मंत्र पढ़ते हुए दोनों दीप प्रज्वलित करें। दीपक को प्रणाम करें। दारिद्रदहन शिवस्तोत्र तथा गजेन्द्रमोक्ष का पाठ करें।*
🌷 *पाँच दिन जरूर जरूर करें दीपदान* 🌷
🙏🏻 *अगर किसी विशेष कारण से कार्तिक में प्रत्येक दिन आप दीपदान करने में असमर्थ हैं तो पांच विशेष दिन जरूर करें।*
🙏🏻 *पद्मपुराण, उत्तरखंड में स्वयं महादेव कार्तिकेय को दीपावली, कार्तिक कृष्णपक्ष के पाँच दिन में दीपदान का विशेष महत्व बताते हैं:*
🌷 *कृष्णपक्षे विशेषेण पुत्र पंचदिनानि च*
*पुण्यानि तेषु यो दत्ते दीपं सोऽक्षयमाप्नुयात्*
➡ *बेटा! विशेषतः कृष्णपक्ष में 5 दिन (रमा एकादशी से दीपावली तक) बड़े पवित्र हैं। उनमें जो भी दान किया जाता है, वह सब अक्षय और सम्पूर्ण कामनाओं को पूर्ण करने वाला होता है।*
🌷 *तस्माद्दीपाः प्रदातव्या रात्रावस्तमते रवौ*
*गृहेषु सर्वगोष्ठेषु सर्वेष्वायतनेषु च*
*देवालयेषु देवानां श्मशानेषु सरस्सु च*
*घृतादिना शुभार्थाय यावत्पंचदिनानि च*
*पापिनः पितरो ये च लुप्तपिंडोदकक्रियाः*
*तेपि यांति परां मुक्तिं दीपदानस्य पुण्यतः*
➡ *रात्रि में सूर्यास्त हो जाने पर घर में, गौशाला में, देववृक्ष के नीचे तथा मन्दिरों में दीपक जलाकर रखना चाहिए। देवताओं के मंदिरों में, शमशान में और नदियों के तट पर भी अपने कल्याण के लिए घृत आदि से पाँच दिनों तक दीप जलाने चाहिए। ऐसा करने से जिनके श्राद्ध और तर्पण नहीं हुए हैं, वे पापी पितर भी दीपदान के पुण्य से परम मोक्ष को प्राप्त होते हैं।*
👉🏻 *समाप्त ….*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *शालिग्राम का दान* 🌷
🙏🏻 *स्कन्दपुराण के अनुसार*
🌷 *सप्तसागरपर्यंतं भूदानाद्यत्फलं भवेत् ।।*
*शालिग्रामशिलादानात्तत्फलं समवाप्नुयात् ।।*
*शालिग्रामशिलादानात्कार्तिके ब्राह्मणी यथा ।।*
➡ *सात समुद्रों तक की पृथ्वी का दान करने से जो फल प्राप्त होता है, शालिग्राम शिला के दान से मनुष्य उसी फल को पा लेता है । अतः कार्तिक मास में स्नान तथा श्रध्दा पूर्वक शालिग्राम शिला का दान अवश्य करना चाहिए।*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
*कार्तिक माहात्म्य*
*सत्यभामा ने कहा:–*
‘हे प्रभो! आप तो सभी काल में व्यापक हैं और सभी काल आपके आगे एक समान हैं फिर यह कार्तिक मास ही सभी मासों में श्रेष्ठ क्यों है ? आप सब तिथियों में एकादशी और सभी मासों में कार्तिक मास को ही अपना प्रिय क्यों कहते हैं ? इसका कारण बताइए।’
*भगवान श्रीकृष्ण ने कहा:–*
‘हे भामिनी! तुमने बहुत अच्छा प्रश्न किया है। मैं तुम्हें इसका उत्तर देता हूँ, ध्यानपूर्वक सुनो।
इसी प्रकार एक बार महाराज बेन के पुत्र राजा पृथु ने प्रश्न के उत्तर में देवर्षि नारद से प्रश्न किया था और जिसका उत्तर देते हुए नारद जी ने उसे कार्तिक मास की महिमा बताते हुए कहा।
*नारदजी ने कहा:–*
‘हे राजन! एक समय शंख नाम का एक राक्षस बहुत बलवान एवं अत्याचारी हो गया था। उसके अत्याचारों से तीनों लोकों में त्राहि-त्राहि मच गई। उस शंखासुर ने स्वर्ग में निवास करने वाले देवताओं पर विजय प्राप्त कर इन्द्रादि देवताओं एवं लोकपालों के अधिकारों को छीन लिया।
उससे भयभीत होकर समस्त देवता अपने परिवार के सदस्यों के साथ सुमेरु पर्वत की गुफाओं में बहुत दिनो तक छिपे रहे। चैन तत्पश्चात वे निश्चिन्त होकर सुमेरु पर्वत की गुफाओं में ही रहने लगे।
उधर जब शंखासुर को इस बात का पता चला कि देवता आनन्द पूर्वक सुमेरु पर्वत की गुफाओं में निवास कर रहे हैं तो उसने सोचा कि ‘ऐसी कोई दिव्य शक्ति अवश्य है जिसके प्रभाव से अधिकारहीन यह देवता अभी भी बलवान हैं।’
सोचते-सोचते वह इस निर्णय पर पहुँचा कि ‘वेदमन्त्रों के बल के कारण ही देवता बलवान हो रहे हैं। यदि इनसे वेद छीन लिये जाएँ तो वे बलहीन हो जायेंगे।‘
ऐसा विचारकर शंखासुर ब्रह्माजी के सत्यलोक से शीघ्र ही वेदों को हर लाया। उसके द्वारा ले जाये जाते हुए भय से उसके चंगुल से निकल भागे और जल में समा गये।
शंखासुर ने वेदमंत्रों तथा बीज मंत्रों को ढूँढते हुए सागर में प्रवेश किया परन्तु न तो उसको वेद मंत्र मिले और ना ही बीज मंत्र।
जब शंखासुर सागर से निराश होकर वापिस लौटा तो उस समय ब्रह्माजी पूजा की सामग्री लेकर सभी देवताओं के साथ भगवान विष्णु की शरण में पहुँचे और भगवान को गहरी निद्रा से जगाने के लिए गाने-बजाने लगे तथा धूप-गन्ध आदि से बारम्बार उनका पूजन करने लगे।
धूप, दीप, नैवेद्य आदि अर्पित किये जाने पर भगवान की निद्रा टूटी और वह देवताओं सहित ब्रह्माजी को अपना पूजन करते हुए देखकर बहुत प्रसन्न हुए तथा कहने लगे।
*भगवान् विष्णु ने कहा:–*
‘मैं आप लोगों के इस कीर्तन एवं मंगलाचरण से बहुत प्रसन्न हूँ। आप अपना अभीष्ट वरदान माँगिए, मैं अवश्य प्रदान करूँगा।
जो मनुष्य आश्विन शुक्ल की एकादशी से देवोत्थान एकादशी तक ब्रह्ममुहूर्त में उठकर मेरी पूजा करेंगे उन्हें तुम्हारी ही भाँति मेरे प्रसन्न होने के कारण सुख की प्राप्ति होगी।
आप लोग जो पाद्य, अर्ध्य, आचमन और जल आदि सामग्री मेरे लिए लाए हैं वे अनन्त गुणों वाली होकर आपका कल्याण करेगी। शंखासुर द्वारा हरे गये सम्पूर्ण वेद जल में स्थित हैं।
मैं सागर पुत्र शंखासुर का वध कर के उन वेदों को अभी लाए देता हूँ। आज से मंत्र-बीज और वेदों सहित मैं प्रतिवर्ष कार्तिक मास में जल में विश्राम किया करूँगा।
अब मैं मत्स्य का रूप धारण करके जल में जाता हूँ। तुम सब देवता भी मुनीश्वरों सहित मेरे साथ जल में आओ।
इस कार्तिक मास में जो श्रेष्ठ मनुष्य प्रात:काल स्नान करते हैं वे सब यज्ञ के अवभृथ-स्नान द्वारा भली-भाँति नहा लेते हैं।
हे देवेन्द्र! कार्तिक मास में व्रत करने वालों को सब प्रकार से धन, पुत्र-पुत्री आदि देते रहना और उनकी सभी आपत्तियों से रक्षा करना।
हे धनपति कुबेर! मेरी आज्ञा के अनुसार तुम उनके धन-धान्य की वृद्धि करना क्योंकि इस प्रकार का आचरण करने वाला मनुष्य मेरा रूप धारण कर के जीवनमुक्त हो जाता है। जो मनुष्य जन्म से लेकर मृत्युपर्यन्त विधिपूर्वक इस उत्तम व्रत को करता है, वह आप लोगों का भी पूजनीय है।
कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को तुम लोगों ने मुझे जगाया है इसलिए यह तिथि मेरे लिए अत्यन्त प्रीतिदायिनी और माननीय है।
हे देवताओ! यह दोनों व्रत नियम पूर्वक करने से मनुष्य मेरा सान्निध्य प्राप्त कर लेते हैं। इन व्रतों को करने से जो फल मिलता है वह अन्य किसी व्रत से नहीं मिलता। अत: प्रत्येक मनुष्य को सुखी और निरोग रहने के लिए कार्तिक माहात्म्य और एकादशी की कथा सुनते हुए उपर्युक्त नियमों का पालन करना चाहिए। जो भी कार्तिक महात्म्य को नित्य नियम पूर्वक पढ़ता है वो इसे लाइक करें और जय श्रीराधे कृष्णा जरूर लिखें🙏
*🚩जय श्रीराधे कृष्णा🚩*
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जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
आपका जन्मदिन: 10 अक्टूबर
दिनांक 10 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 1 होगा। आप राजसी प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। आपको अपने ऊपर किसी का शासन पसंद नहीं है। आप साहसी और जिज्ञासु हैं। आपका मूलांक सूर्य ग्रह के द्वारा संचालित होता है।
आप सौन्दर्यप्रेमी हैं। आपमें सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला आपका आत्मविश्वास है। इसकी वजह से आप सहज ही महफिलों में छा जाते हैं। आप अत्यंत महत्वाकांक्षी हैं। आपकी मानसिक शक्ति प्रबल है। आपको समझ पाना बेहद मुश्किल है। आप आशावादी होने के कारण हर स्थिति का सामना करने में सक्षम होते हैं।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 1, 10, 20, 28
शुभ अंक : 1, 10, 20, 28, 37, 46, 55, 64, 73, 82
शुभ वर्ष : 2026, 2044, 2053, 2062
ईष्टदेव : सूर्य उपासना तथा मां गायत्री
शुभ रंग : लाल, केसरिया, क्रीम,
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा। पारिवारिक मामलों में महत्वपूर्ण कार्य होंगे। अविवाहितों के लिए सुखद स्थिति बन रही है। विवाह के योग बनेंगे। नौकरीपेशा के लिए समय उत्तम हैं। पदोन्नति के योग हैं। बेरोजगारों के लिए भी खुशखबर है इस वर्ष आपकी मनोकामना पूरी होगी। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद रहेगा। अधूरे कार्यों में सफलता मिलेगी।
आज का राशिफल
मेष (Aries)
स्वभाव: उत्साही
राशि स्वामी: मंगल
शुभ रंग: लाल
आज आपको वाहनों का प्रयोग थोड़ा सावधान रहकर करना होगा। आपके काम में यदि कुछ व्यवधान आ रहे थे, तो वह भी दूर होंगे। आप किसी दूसरे के मामले में ना बोले। प्रेम जीवन जी रहे लोगों को अपने साथी के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। आपके घर पूजा-पाठ का आयोजन होने से परिजनों का आना-जाना लगा रहेगा। आपकी सेहत कमजोर रहेगी, जिसके लिए आप अपने खाने-पीने पर पूरा ध्यान दें।
वृषभ (Taurus)
स्वभाव: धैर्यवान
राशि स्वामी: शुक्र
शुभ रंग: हरा
आज का दिन आपके लिए किसी लंबे समय से रुके हुए कामों को पूरा करने के लिए रहेगा। आपको शीघ्रता और भावुकता में कोई भी निर्णय लेने से बचना होगा। आपकी कार्य कुशलता में वृद्धि होगी। आपको अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें। यदि आपका कोई काम अधूरा पड़ा था, तो उसके भी पूरे होने की संभावना है। आपकी सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। आपके कार्यक्षेत्र में कुछ नए विरोधी उत्पन्न हो सकते हैं। आप अपनी कला से लोगों को हैरान करेंगे। सरकारी योजनाओं का आपको पूरा लाभ मिलेगा।
मिथुन (Gemini)
स्वभाव: जिज्ञासु
राशि स्वामी: बुध
शुभ रंग: सफेद
आज का दिन आपके लिए धैर्य और संयम से काम लेने के लिए रहेगा। आप उन्नति के राह पर आगे बढ़ेंगे। दोस्तों के साथ आप किसी मनोरंजन के कार्यक्रम में सम्मिलित हो सकते हैं। आपके अपने बॉस से रिश्ते भी बेहतर रहेंगे, जो आपको खुशी देंगे और आपको किसी सरप्राइज पार्टी के मिलने की संभावना है। आप किसी बात को लेकर अपने पिताजी से सलाह-मशवरा करेंगे, तभी वह मुद्दा सुलझेगा।
कर्क (Cancer)
स्वभाव: भावुक
राशि स्वामी: चंद्र
शुभ रंग: आसमानी
आज का दिन आपके लिए ऊर्जावान रहने वाला है। आपकी नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी। सरकारी नौकरी की तैयारी में लगे लोगों को उनकी मेहनत से अच्छा मुकाम हासिल होगा। आपके व्यक्तित्व में भी निखार आएगा। आपको किसी काम को लेकर जल्दबाजी नहीं दिखानी है। संतान आपसे किसी बात को लेकर नाराज हो सकती है। आपकी पद-प्रतिष्ठा बढ़ने से खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। ननिहाल पक्ष से आपको धन लाभ मिलता दिख रहा है।
सिंह राशि (Leo)
स्वभाव: आत्मविश्वासी
राशि स्वामी: सूर्य
शुभ रंग: ग्रे
आज का दिन आपके लिए कठिनाइयों से भरा रहने वाला है। ससुराल पक्ष के किसी व्यक्ति से आपकी खटपट हो सकती है, इसलिए आप कोई बात बहुत ही सोच समझकर बोलें। आपके मित्रों की संख्या में भी इजाफा होगा और आपको बिजनेस में कोई शुभ सूचना सुनने को मिलेगी। आपकी कोई मन की इच्छा पूरी होने से खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। आपको अपने आसपास रह रहे अनजान लोगों से दूरी बनाकर रखनी होगी।
कन्या (Virgo)
स्वभाव: मेहनती
राशि स्वामी: बुध
शुभ रंग: हरा
आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहने वाला है। व्यवसाय से जुड़े कुछ मुद्दों को आप मिल बैठकर निपटाएं, तो आपके लिए बेहतर रहेगा। सामाजिक कामों में आप बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। आपकी कुछ नया करने की इच्छा जागृत हो सकती है। आपको परिवार में किसी सदस्य की सेहत को लेकर टेंशन रहेगी और भागदौड़ भी अधिक होगी। आपका कोई पुराना मित्र आपसे लंबे समय बाद मिलने आ सकता है।
तुला (Libra)
स्वभाव: संतुलित
राशि स्वामी: शुक्र
शुभ रंग: पीला
आज आपके कारोबार में इनकम बढ़ने से आपका मन काफी खुश रहेगा। आपका बिजनेस पहले से बेहतर चलेगा, जो आपको खुशी देगा। आपकी कोई मन की इच्छा पूरी हो सकती है। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयास बेहतर रहेंगे। आप शीघ्रता और भावुकता में कोई निर्णय न लें। आपको कुछ मनचाहे खर्च भी करने पड़ सकते हैं। आपके घर किसी मांगलिक कार्यक्रम की तैयारी शुरू हो सकती हैं।
वृश्चिक (Scorpio)
स्वभाव: रहस्यमय
राशि स्वामी: मंगल
शुभ रंग: गुलाबी
आज आप अपने कीमती सामानों की सुरक्षा अवश्य करेंगे। आपकी कोई प्रिय वस्तु यदि खो हो गई थी, तो उसके भी आपको मिलने की पूरी संभावना है। आप किसी जरूरतमंद व्यक्ति की मदद के लिए आगे आएंगे। आपको बेवजह किसी बात को लेकर क्रोध करने से बचना होगा। विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा के मार्ग प्रशस्थ होंगे और उन्हें किसी खेलकूद से संबंधित प्रतियोगिता में भी भाग लेने का मौका मिलेगा।
धनु (Sagittarius)
स्वभाव: दयालु
राशि स्वामी: गुरु
शुभ रंग: ग्रे
आज का दिन आपके लिए पार्टनरशिप में किसी काम को करने के लिए रहेगा। आप कोई जोखिम लेने से बचें। आपको काम को लेकर कुछ चुनौतियां घेरे हुए थी, तो वह भी दूर होगी। आपको अपनी वाणी और व्यवहार पर संयम रखना होगा। आपको बाहर की चीजों को खाने-पीने से सावधानी बरतनी होगी। परिवार में छोटे बच्चों के साथ आप कुछ समय मौज-मस्ती करने में व्यतीत करेंगे। आप किसी मनोरंजन के कार्यक्रम में सम्मिलित हो सकते हैं।
मकर (Capricorn)
स्वभाव: अनुशासित
राशि स्वामी: शनि
शुभ रंग: लाल
आज का दिन सामाजिक क्षेत्रों में कार्यरत लोगों के लिए बढ़िया रहने वाला है। आज आप रोमांटिक मूड में रहेंगे और लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेंगे। आपको कोई सम्मान-सम्मान प्राप्त हो सकते हैं। आप अपने किसी बिजनेस से संबंधित काम को लेकर कहीं बाहर भी जा सकते हैं। विद्यार्थी अपनी पढ़ाई-लिखाई में पूरी मेहनत से जुटेंगे, तभी उन्हें परीक्षा में सफलता हासिल होगी। आपको किसी विरोधी की बातों में आने से बचना होगा। आप किसी मनोरंजन के कार्यक्रम में सम्मिलित हो सकते हैं।
कुंभ ( Aquarius)
स्वभाव: मानवतावादी
राशि स्वामी: शनि
शुभ रंग: गोल्डन
आज का दिन रोजगार की तलाश में लोगों के लिए बढ़िया रहने वाला है। संतान पक्ष की ओर से आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती हैं। आपको अपनी किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा। यदि आपने किसी से कोई वादा किया था, तो उसे भी आप पूरा करने के पूरे कोशिश करेंगे। कार्यक्षेत्र में आपको कोई जिम्मेदारी मिलने से घबराने की आवश्यकता नहीं है। आप दिल से लोगों का भला सोचेंगे, लेकिन लोगों इसे आपका स्वार्थ समझ सकते हैं।
मीन (Pisces)
स्वभाव: संवेदनशील
राशि स्वामी: बृहस्पति
शुभ रंग: आसमानी
आज आपको जीवनसाथी से अपने रिश्तों को बेहतर बनाए रखने की कोशिश करनी होगी। यदि कोई समस्या हो, तो उसे मिल बैठकर दूर करने की कोशिश करें। आप किसी नए काम की शुरुआत करने के लिए अपने भाइयों से सलाह मशवरा कर सकते हैं। संतान आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी, जो आपको कुछ समस्याएं लेकर आ सकती हैं। आपको अपनी सेहत के साथ-साथ अपने खर्चों का भी लेखा जोखा रखना होगा, नहीं तो बाद में आपको धन की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

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