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“मेरी पीढ़ी की सबसे बड़ी खोज यह है कि मनुष्य अपने दृष्टिकोण को बदलकर अपने जीवन को बदल सकता है।” READ MORE
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“सनातन पंचांग की भाँति, मन भी तिथि-नक्षत्र का खेल है — आज की अमावस्या कल पूर्णिमा बन सकती है, बस… READ MORE
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“जो एक व्यक्ति बन सकता है, उसे बनना ही चाहिए। इस आवश्यकता को हम आत्म-साक्षात्कार (Self-Actualization) कहते हैं।” READ MORE
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सकारात्मकता सिर्फ आपके मन की सामग्री को नहीं बदलती… बल्कि यह उन संभावनाओं की सीमा को भी चौड़ा कर देती… READ MORE
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“आशा जीवन को अर्थपूर्ण बनाती है, क्योंकि यह न केवल सकारात्मक भावनाओं से आगे जाती है, बल्कि कठिन समय में… READ MORE
“Every sunset is an opportunity to reset. Every sunrise begins with new eyes.”
~ Richie Norton
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